मध्यप्रदेश में शिकारियों को पकड़ने गए तीन पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या‚ आरोपियों के घर चला बुल्डोजर

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात आरोन थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक बदमाशों के छिपे होने की सूचना मिली थी। बदमाश इस इलाके में कथित तौर पर काले हिरण के शिकार के लिए आए थे। सुबह करीब 4 बजे पुलिस का गश्ती वाहन वहां पहुंचा। बदमाशों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
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बदमाशों के घर पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश के गुना जिले में बदमाशों ने एक बड़ी जघन्य घटना को अंजाम देते हुए तीन पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना में पुलिस का वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जघन्यता को देखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलायी है। फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों के शवो को पोस्टमार्टम हाउस में रख दिये है इसके साथ ही अधिकारी जांच में जुट गए हैं।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात आरोन थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक बदमाशों के छिपे होने की सूचना मिली थी। बदमाश इस इलाके में कथित तौर पर काले हिरण के शिकार के लिए आए थे। सुबह करीब 4 बजे पुलिस का गश्ती वाहन वहां पहुंचा। बदमाशों ने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में  उप निरीक्षक राजकुमार जाटव, प्रधान आरक्षक नीरज भार्गव और आरक्षक संतराम मीणा का गोलियां लगने से निधन हो गया। जबकि वाहन चालक लखन गिरी गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तीन पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं घटना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और इस मामले में ऐसी कार्रवाई होगी, जो दूसरे अपराधियों के लिए नजीर बने। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि वह घटना की जानकारी मिलने के बाद से लगातार पुलिस अधीक्षक और डीजीपी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो पुलिस से बच के कहीं नहीं जा सकेगा।

परिजनों को एक-एक करोड़ देने का एलान

गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि गुना की गोलीबारी में बलिदान हुए पुलिस के तीनों अधिकारी/ कर्मचारियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। अंतिम संस्कार में जिलों के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। उन्‍होंने बताया कि पुलिस टीम पर हमले में 07 शिकारी शामिल थे। उनमें से एक शिकारी क्रास फायरिंग में मारा गया। अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करेंगे। मध्य प्रदेश की पुलिस मुस्तैदी से जान की बाजी लगाकर कर्तव्य निर्वहन कर रही है। रात्रि में भी पुलिस पेट्रोलिंग नियमित व निरंतर हो रही है, इसीलिए शिकारियों को घेर पाए।

जंगल में उतरा पुलिस बल

शिकारियों से मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद जिले से भारी पुलिस बल जंगल में भेजा गया है। शिकारियों के संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जानकारी मिल रही है कि पुलिस ने एक शिकारी को मार गिराया है। उसका नाम नौशाद बताया जा रहा है।

बदमाशों के घरों पर चला बुलडोजर


इधर, शिकारियों से मुठभेड़ में पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने भी सख्त तेवर अपनाएं हैं। एक ओर पुलिस ने बदमाशों की पहचान करने के साथ ही गिरफ्तारी की तैयारी की। वहीं दूसरी तरफ बदमाशों के बिदौरिया गांव स्थित घरों पर बुलडोजर भी चलाना शुरू कर दिया है। इसके लिए सुबह से ही पुलिस और प्रशासन की टीमों को सक्रिय कर दिया गया था। साथ ही 150 से 200 की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।