ब्लैक फंगस के डर से पति-पत्नी ने किया सुसाइड‚ अंतिम संस्कार के लिए छोड़े 1 लाख रुपये, पुलिस कमिश्नर को भेजा संदेश

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ब्लैक फंगस के डर से पति-पत्नी ने किया सुसाइड‚ अंतिम संस्कार के लिए छोड़े 1 लाख रुपये, पुलिस कमिश्नर को भेजा संदेश

बेंगलुरु: कर्नाटक में ब्लैक फंगस के डर से एक दंपति ने आत्महत्या कर ली. यह वैवाहिक जोड़ा कोरोना पॉजिटिव था। इसलिए उन दोनों ने ब्लैक फंगस होने के डर से सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
सुसाइड नोट में पति का कहना है कि ”मेरी पत्नी को डायबिटीज है. न्यूज चैनलों के मुताबिक, जितने भी डायबिटीज के मरीज कोरोना से संक्रमित हैं, उनमें ब्लैक फंगस का खतरा है.” यह आपके अंगों को खोने का कारण बन सकता है। इसलिए हमने आत्महत्या करने का फैसला किया।”

ब्लैक फंगस के डर से पति-पत्नी ने किया सुसाइड‚ अंतिम संस्कार के लिए छोड़े 1 लाख रुपये, पुलिस कमिश्नर को भेजा संदेश
मृतक दंपति

बताया जा रहा है कि दोनों पति-पत्नी में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के लक्षण दिख रहे थे। जब उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद दंपति ने आत्महत्या करने का फैसला किया। चौंकाने वाली बात यह है कि दंपति ने आत्महत्या करने से पहले अपने संदेश का एक ऑडियो क्लिप शहर के पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार को भेजा था। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें ब्लैक फंगस से डर लगता है और वह आत्महत्या करने जा रहे हैं.

पुलिस द्वारा खोजें
इस दौरान पुलिस आयुक्त ने इन लोगों से कोई घातक कदम नहीं उठाने की अपील की थी. उन्होंने तुरंत दंपत्ति की तलाश शुरू कराई। इतना ही नहीं, उन्होंने मीडिया से भी अपील की और दंपति से संपर्क करने की कोशिश की। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लेकिन तब तक दंपति ने आत्महत्या कर ली थी।

आत्महत्या करने वाले दंपति के नाम रमेश (40) और गुना सुवर्णा (35) था। दोनों मैंगलोर के एक अपार्टमेंट में रह रहे थे। रमेश की पत्नी गुना सुवर्णा मधुमेह से पीड़ित थीं।। बताया जा रहा है कि दोनों की कोई संतान भी नही थी जिसके चलते समाज में उन्हे ताने भी सुनने को मिलते थे। खासकर महिला खुद को शर्मिंदा महसूस करती थी।

अंतिम संस्कार के लिए छोड़े 1 लाख, मकान मालिक से मांगी माफी
पत्नी ने भी उसी सुसाइड नोट में लिखा कि”मैंने और मेरे पति ने तय किया है कि हमारा पारंपरिक अंतिम संस्कार होना चाहिए, जिसके लिए हमने 1 लाख रुपये अलग रखे हैं। इसके लिए पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार, शरण पंपवेल और सत्यजीत सूरथकल हमारे अंतिम संस्कार में सहयोग करें.” इतना ही नहीं, घर का सामान गरीबों का है, हम अपने घर के मालिकों से माफी मांगते हैं।

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