School Education: इस राज्य में धरने पर बैठे प्राइवेट स्कूल संचालक‚ सरकार से कर रहे हैं ये मांग

राज्य सरकार राइट टू एजुकेशन को लेकर निजी स्कूल संचालकों कई बार आश्वासन दे चुकी है लेकिन अभी तक स्कूल संचालकों की मांग पूरी नहीं है इससे गुस्साए स्कूल संचालकों ने 52 दिन तक लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन करके विरोध जताने का फैसला किया है।
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School Education: इस राज्य में धरने पर बैठे प्राइवेट स्कूल संचालक‚ सरकार से कर रहे हैं ये मांग

MP news: मध्य प्रदेश में निजी स्कूल संचालक और शिक्षा विभाग RET को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। निजी स्कूल संचालक राइट टू एजुकेशन की राशि का भुगतान करने को लेकर मांग कर रहे हैं। साथ ही कोरोना काल में माली हालत खराब होने पर टैक्स में भी सरकार से छूट देने की मांग कर रहे हैं।

राज्य सरकार राइट टू एजुकेशन को लेकर निजी स्कूल संचालकों कई बार आश्वासन दे चुकी है लेकिन अभी तक स्कूल संचालकों की मांग पूरी नहीं है इससे गुस्साए स्कूल संचालकों ने 52 दिन तक लोक शिक्षण संचालनालय के सामने प्रदर्शन करके विरोध जताने का फैसला किया है।

अगले 2 दिनों में वह डीपीआई के सामने धरने पर बैठेंगे। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि पिछले 4 साल से राइट टू एजुकेशन की राशि का भुगतान सरकार ने उन लोगों को नहीं किया है। स्कूल संचालकों ने मांग की है कि सरकार अगले 3 साल के लिए भी स्कूलों को मान्यता मुफ्त में रिन्यू करे। साथ ही नई मान्यता शुल्क को दो के बजाय एक जगह ही जमा कराया जाए।

स्कूल संचालकों कहना है कि कोरोना का हाल के चलते निजी स्कूलों की हालत बेहद खराब हो गई है इसलिए सरकार स्कूलों को राहत दे और टैक्स में छूट दे। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि भोपाल के लोक शिक्षण संचालक एवं प्रदेश भर के प्राइवेट स्कूल संचालक धरना प्रदर्शन कर रहे हैंं इसमें हर रोज सभी स्कूल संचालक शामिल हो रहे। प्रदेश अध्यक्ष का दावा है कि निजी स्कूल संचालक कक्षाओं पर इसका असर नहीं पड़ने देंगे। नियम के मुताबिक सभी स्कूलों में कक्षाएं चल रही है।