गठबंधन में जाटों को टिकट न मिलने से बढ़ी नाराजगी, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

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गठबंधन में जाटों को टिकट न मिलने से बढ़ी नाराजगी, रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

Meerut News- सपा- रालोद गठबंधन में जाटों को टिकट न मिलने से रालोद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मेरठ में रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल देव ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण नेतृत्व द्वारा टिकट वितरण में लिए जा रहे फैसलों से नाराजगी बताई है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष का कहना है कि तीन पीढ़ियों से हमारा परिवार रालोद की सेवा कर रहा है लेकिन गठबंधन में जाटों को टिकट न मिलना गलत है। रालोद की सबसे अहम सीट सिवालखास जाटों को न मिलने से जाटों में नाराजगी है।

गुलाम मोहम्मद को टिकट मिलना गलत

राहुल देव ने कहा कि सिवालखास जैसी अहम जाट बाहुल्य सीट पर भी रालोद का प्रतयाशी नहीं उतारा गया। मुस्लिम को ही टिकट देना था तो वहां वसीम राजा, नदीम चौहान सहित तमाम ऐसे रालोद नेता हैं जो टिकट की दावेदारी में थे। लंबे समय से क्षेत्र में काम कर रहे हैं पैसा खर्च कर रहे हैं। उन्हें भी टिकट दिया जा सकता था। सीट और प्रत्याशियों का चयन किस आधार पर किया गया। लोकदल की सीट है वहां रालोद से टिकट होना था। कहा कि जयंत चौधरी पार्टी के विचार के विपरीत बार बार लखनऊ गए, जबकि बड़े चौधरी से मिलने लोग खुद आते थे।

जयंत जी बताएं क्या मजबूरी है

पूर्व जिलाध्यक्ष का कहना है कि पूरी जाट बिरादरी जयंत चौधरी के इस फैसले से नाखुश है। हम भी जल्दी निर्णय लेंगे। ऐसी क्या मजबूरी थी कि गठबंधन में सीटें डिक्लेयर नहीं हुई और साझा रैली हो गई। नामांकन करने का आखिरी दिन आ गया रालोद की सीटें नहीं बताई गई। मांट, सिवालखास, मुजफ्फरनगर में हमारी कोई सीट नहीं दी गई। कैंट में भी साथ मे ंपार्टी ज्वाइन कराई गई और फिर टिकट दिया गया। कैंट में भी आखिरी समय पर जाट को टिकट दिया है। जाट वोटों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। बसपा, कांग्रेस, भाजपा से हमारे गठबंधन की बात थी लेकिन जयंत जी ने लास्ट वक्त पर अपने वीटो का प्रयोग करके सपा से गठबंधन कर लिया, लेकिन सीटों पर तो बात होनी थी। राहुल देव रालोद से सरधना सीट पर टिकट के लिए दावेदारी जता रहे थे।