फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला: शादी समारोह में सिर पर तानी रिवॉल्वर; सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से बाल-बाल बचे पूर्व CM, हमलावर गिरफ्तार जम्मू | 12 मार्च 2026 जम्मू-कश्मीर की राजनीति उस समय दहल गई जब नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनके सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर रिवॉल्वर तानकर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि सुरक्षा में तैनात NSG और पुलिसकर्मियों ने बिजली की तेजी दिखाते हुए हमलावर का हाथ ऊपर कर दिया, जिससे गोली हवा में चली गई और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। यहाँ इस सनसनीखेज वारदात, सुरक्षा में चूक और हमलावर के कबूलनामे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वारदात का आंखों देखा हाल: "मुझे लगा पटाखा फूटा है" घटना जम्मू के एक नामी बैंकेट हॉल की है, जहाँ फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी एक शादी समारोह में शिरकत करने पहुँचे थे। अचानक फायरिंग: फारूक अब्दुल्ला जब समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी पीछे से आए एक व्यक्ति ने उन पर निशाना साधा। फारूक अब्दुल्ला का बयान: "ऊपर वाले ने मुझे बचा लिया। मैंने कुछ आवाज सुनी और मुझे लगा कि कोई पटाखा फटा है। बाद में पता चला कि एक शख्स ने मुझ पर दो गोलियां चलाने की कोशिश की थी। सुरक्षाकर्मियों ने उसका हाथ ऊपर कर दिया था।" CCTV फुटेज: घटना के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने पीछे से आकर उनके सिर के पास पिस्टल तानी। सुरक्षाकर्मी ने तुरंत हमलावर की कोहनी पकड़कर हाथ ऊपर की ओर झटका दिया। 2. कौन है हमलावर? 20 साल पुराना 'मकसद' या नशे की सनक? पुलिस ने हमलावर को मौके से ही दबोच लिया। उसकी पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। बदलते बयान: गिरफ्तारी के तुरंत बाद कमल ने दावा किया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था और यही उसकी जिंदगी का मकसद था। हालांकि, अगली सुबह उसने कहा कि "उससे गलती हो गई और उसे पछतावा है।" नशे में था आरोपी: शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर वारदात के समय नशे की हालत में था। वह पेशे से बिजनेसमैन है और उसका लाइसेंसी हथियार पुलिस ने जब्त कर लिया है। रिश्तेदारी का कनेक्शन: चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर कमल सिंह, उस NC कार्यकर्ता (सुरजीत सिंह) का चचेरा भाई है, जिसकी शादी में फारूक अब्दुल्ला आए थे। 📊 फारूक अब्दुल्ला: राजनीतिक कद और सुरक्षा श्रेणी विवरण जानकारी राजनीतिक पद 3 बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री। सुरक्षा श्रेणी Z+ (NSG और स्थानीय पुलिस सुरक्षा) पार्टी जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (अध्यक्ष)। हमले का स्थान रॉयल पार्क, जम्मू (शादी समारोह)। हमलावर की स्थिति 5 दिन की पुलिस रिमांड पर। 3. सुरक्षा पर उठे सवाल: CM उमर अब्दुल्ला ने घेरा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं: सुरक्षा में चूक: उमर ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा— "एक शख्स लोडेड पिस्टल लेकर Z+ सुरक्षा प्राप्त पूर्व CM के इतने करीब कैसे पहुँच गया? यह एक बड़ी सुरक्षा चूक है।" स्थानीय पुलिस की अनुपस्थिति: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर स्थानीय पुलिस का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था, केवल फारूक अब्दुल्ला की निजी सुरक्षा टीम ही सक्रिय थी। 4. राजनीतिक प्रतिक्रिया: अमित शाह ने जाना हाल घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट मोड पर है: अमित शाह का फोन: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने घटना की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इसे "लोकतांत्रिक राजनीति पर हमला" करार दिया। 5. हमलावर के 6 चरणों वाली वारदात (तस्वीरों का सारांश) पीछा करना: कमल सिंह जमवाल भीड़ के बीच फारूक अब्दुल्ला के पीछे-पीछे चल रहा था। निशाना साधना: मौका मिलते ही उसने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से सिर पर रिवॉल्वर तानी। सुरक्षाकर्मी की मुस्तैदी: NSG गार्ड ने गोली चलने से ठीक पहले हमलावर की कोहनी पकड़कर हाथ हवा में कर दिया। काबू पाना: सुरक्षाकर्मियों और भीड़ ने तुरंत आरोपी को जमीन पर गिरा दिया। भीड़ का गुस्सा: मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस के आने से पहले आरोपी की पिटाई भी की। कबूलनामा: आरोपी को थाने ले जाया गया जहाँ उसने मर्जी से गोली चलाने की बात स्वीकार की।
किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।
⚖️ बिहार 'हिजाब विवाद': नीतीश कुमार को इल्तिजा मुफ्ती की चेतावनी, आहत महिला डॉक्टर ने छोड़ी नौकरी 1. 🚩 इल्तिजा मुफ्ती की चेतावनी: "भूलेंगे नहीं ऐसा सबक सिखाएंगे" पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। श्रीनगर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाया: धमकी भरा लहजा: इल्तिजा ने कहा, "नीतीश कुमार को हमारे हिजाब या नकाब को हाथ लगाने का कोई हक नहीं है। अगर अगली बार ऐसी हिमाकत की गई, तो मुसलमान औरतें उन्हें ऐसा सबक सिखाएंगी कि वे ताउम्र भूलेंगे नहीं।" कानूनी कार्रवाई: उन्होंने श्रीनगर के कोठीबाग थाने में नीतीश कुमार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और माफी की मांग की है। हालांकि, अभी तक पुलिस द्वारा FIR की पुष्टि नहीं की गई है। 2. 📹 घटना का बैकग्राउंड: मंच पर क्या हुआ था? यह विवाद 15 दिसंबर को पटना में आयुष डॉक्टरों के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान शुरू हुआ। अचानक उठाया कदम: डॉ. नुसरत परवीन जब मंच पर अपना नियुक्ति पत्र लेने पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्र देने के बाद अचानक उनके हिजाब को खींच दिया। वीडियो में स्पष्ट दिखा कि हिजाब हटने से डॉक्टर का चेहरा पूरी तरह सामने आ गया और वह असहज हो गईं। सोशल मीडिया का आक्रोश: इस घटना का वीडियो वायरल होते ही नीतीश कुमार की 'मर्यादा' और 'व्यवहार' पर सवाल उठने लगे। 3. 💔 डॉ. नुसरत परवीन का फैसला: "बिहार में नौकरी नहीं करूँगी" इस अपमानजनक घटना से डॉ. नुसरत परवीन इतनी मानसिक रूप से आहत हुई हैं कि उन्होंने सरकारी नौकरी ज्वाइन न करने का कठिन फैसला लिया है। बिहार छोड़ कोलकाता लौटीं: घटना के अगले ही दिन नुसरत पटना से कोलकाता अपने घर लौट आईं। उनके परिवार के अनुसार, वे गहरे सदमे में हैं और घर से बाहर नहीं निकल रही हैं। अपमान का घाव: नुसरत ने अपने भाई से रोते हुए कहा कि हालांकि सीएम ने शायद जानबूझकर ऐसा नहीं किया, लेकिन वहां मौजूद लोगों का हंसना उन्हें बहुत चुभा। उन्होंने 20 दिसंबर की जॉइनिंग डेट को ठुकरा दिया है। 4. 🗣️ राजनीतिक वार-पलटवार: उमर अब्दुल्ला बनाम गिरिराज सिंह उमर अब्दुल्ला (CM, जम्मू-कश्मीर): उन्होंने नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, "एक महिला के कपड़ों को छूने या उन्हें उतारने की जरूरत क्या थी? नीतीश को उस डॉक्टर से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा केवल इसलिए समर्थन कर रही है क्योंकि महिला मुसलमान है।" गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री): भाजपा के वरिष्ठ नेता ने नीतीश का बचाव करते हुए विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, "क्या यह इस्लामिक देश है? नियुक्ति पत्र लेते समय चेहरा दिखाना अनिवार्य है। अब वह महिला नौकरी ज्वाइन करे या जहन्नुम में जाए, यह उसकी मर्जी है।" जमा खान (बिहार सरकार): बिहार के अल्पसंख्यक मंत्री ने बचाव में कहा कि मुख्यमंत्री बस यह चाहते थे कि दुनिया एक सफल बेटी का चेहरा देखे।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।