देश

मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे
पीएम मोदी का राज्यसभा में संबोधन: "आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा"; होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीयों पर जताई चिंता।

संसद में पीएम मोदी का 'रणघोष': पश्चिम एशिया युद्ध को बताया देश की 'सबसे बड़ी परीक्षा'; टीम इंडिया की तरह एकजुट होने की अपील नई दिल्ली | 24 मार्च 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में 21 मिनट का ओजस्वी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने मध्य पूर्व (Middle East) में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। पीएम ने देश को आगाह किया कि यह जंग केवल दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक दुष्परिणाम भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर 'सबसे बड़ी परीक्षा' की तरह आने वाले हैं। यहाँ प्रधानमंत्री के संबोधन, सरकार की रणनीति और राज्यों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. "सबसे बड़ी परीक्षा" और टीम इंडिया का आह्वान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाला समय भारत के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे निपटने का एकमात्र तरीका 'एकजुटता' है: कोविड मॉडल का जिक्र: पीएम ने याद दिलाया कि कैसे कोरोना संकट के समय केंद्र और राज्यों ने 'टीम इंडिया' की भावना से काम किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट भी वैसा ही गंभीर है, जिसके लिए राज्यों का सहयोग अनिवार्य है। विकास की रफ़्तार: उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध के बावजूद भारत की 'फास्टेस्ट ग्रोथ' को बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। 2. होर्मुज स्ट्रेट का संकट: भारतीय क्रू और सप्लाई चेन प्रधानमंत्री ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीयों और जहाजों पर बयान दिया: भारतीयों की सुरक्षा: होर्मुज जलमार्ग में कई व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं जिनमें भारतीय क्रू (चालक दल) सदस्य मौजूद हैं। सरकार उनके संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सप्लाई चैन पर चोट: युद्ध के कारण भारत की ओर आने वाले गैस, तेल और विशेषकर फर्टिलाइजर (खाद) के जहाज प्रभावित हुए हैं, जिसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। 3. पीएम मोदी के भाषण की 8 बड़ी बातें बिंदु विवरण ऊर्जा संकट पश्चिम एशिया की जंग से भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की सप्लाई चेन पर सीधा दबाव है। होर्मुज में फँसे भारतीय फंसे हुए भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सरकार के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय है। शांति और संवाद भारत का स्टैंड साफ है—समाधान युद्ध से नहीं, बातचीत से निकले। कमर्शियल जहाजों पर हमला नामंजूर है। वैश्विक संपर्क भारत लगातार गल्फ देशों, अमेरिका, इजराइल और अन्य पश्चिमी देशों के संपर्क में है। एनर्जी डायवर्सिफिकेशन भारत ने अब 41 देशों से तेल और गैस का आयात शुरू कर दिया है (पहले केवल 27 देश थे)। सक्रिय सरकार सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय 24x7 काम कर रहे हैं। भारतीयों की घर वापसी जंग शुरू होने से अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों और छात्रों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित लाया गया है। दीर्घकालिक असर पीएम ने आगाह किया कि अगर संकट लंबा चला, तो इसके आर्थिक परिणाम अत्यंत गंभीर हो सकते हैं। 4. राज्यों को सख्त निर्देश: कालाबाजारी और जमाखोरी पर एक्शन प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से प्रो-एक्टिव होने का आग्रह किया है: गरीब कल्याण: पीएम ने कहा कि युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर गरीबों और श्रमिकों पर पड़ता है। 'पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना' का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना राज्यों का काम है। बाजार पर नजर: राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि संकट का फायदा उठाकर कोई कालाबाजारी या जमाखोरी न करे। आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। 5. भविष्य की रणनीति: "धीरज और संयम" पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि इस युद्ध के हालात हर पल बदल रहे हैं: "यह संकट अलग प्रकार का है, इसलिए इसके समाधान भी अलग प्रकार के होंगे। हमें धीरज, संयम और शांत मन से इस चुनौती का मुकाबला करना होगा। हर देशवासी को हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।"

रवि चौहान मार्च 24, 2026 0
राहुल वडोदरा में बोले-मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं:
राहुल गांधी का वडोदरा में वार: "मोदी ट्रम्प के दबाव में, अडाणी केस के जरिए अमेरिका दे रहा है धमकी"; आदिवासी अधिकारों पर बीजेपी को घेरा।

Gemini said राहुल गांधी का वडोदरा में बड़ा हमला: "मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं; अडाणी केस असल में प्रधानमंत्री को धमकाने के लिए है" वडोदरा | 23 मार्च 2026 कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित 'आदिवासी अधिकार संवाद' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल ने वैश्विक भू-राजनीति से लेकर स्थानीय आदिवासी अधिकारों तक के मुद्दों पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि भारत की विदेश नीति और आर्थिक फैसले अब वाशिंगटन (अमेरिका) से तय हो रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में हैं। यहाँ राहुल गांधी के भाषण की विस्तृत रिपोर्ट और मुख्य बिंदु दिए गए हैं: 1. ट्रम्प-मोदी और अडाणी कनेक्शन: "कम्प्रोमाइज्ड हैं प्रधानमंत्री" राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में अमेरिका या ट्रम्प के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पा रहे हैं: ट्रम्प का कंट्रोल: राहुल ने कहा, "मोदी जी ने लोकसभा में 25 मिनट भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ चुप रहे। वे 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं और संसद में डिबेट नहीं कर सकते क्योंकि वे कम्प्रोमाइज्ड (समझौतावादी) हैं।" अडाणी केस का सच: राहुल के मुताबिक, अमेरिका में अडाणी पर चल रहा कानूनी केस असल में पीएम मोदी को संदेश देने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि ट्रम्प का सीधा मैसेज है— "ज्यादा ऊटपटांग हरकत की तो समझ लेना, मैं तुम्हारा करियर खत्म कर सकता हूं।" तेल और गैस पर सरेंडर: राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने ट्रम्प को आश्वासन दिया है कि भारत रूस, ईरान या वेनेजुएला से तेल खरीदने से पहले अमेरिका से पूछेगा। "आप जो हुक्म करेंगे, हम वही करेंगे"—यह आज की विदेश नीति बन गई है। 2. आदिवासी बनाम वनवासी: "जल-जंगल-जमीन" की लड़ाई राहुल गांधी ने आदिवासियों की पहचान और अधिकारों पर RSS-BJP की विचारधारा पर सवाल उठाए: असली मालिक: राहुल ने कहा कि 'आदिवासी' का मतलब है इस देश के असली मालिक, जिनकी इस जमीन पर पहली दावेदारी है। शब्दों का खेल: उन्होंने आरोप लगाया कि RSS 'वनवासी' शब्द का इस्तेमाल करके आदिवासियों को केवल जंगल का निवासी बताना चाहती है, ताकि उनसे उनके जल, जंगल और जमीन के अधिकार छीने जा सकें। बिरसा मुंडा का अपमान: राहुल ने कहा कि बीजेपी बिरसा मुंडा की मूर्ति के सामने हाथ तो जोड़ती है, लेकिन उनके उन विचारों पर हमला करती है जिनके लिए वे शहीद हुए थे। 3. ट्रेड डील और किसानों का संकट राहुल ने हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर चिंता जताते हुए कहा कि मोदी सरकार ने भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कॉर्पोरेट्स के लिए खोल दिया है: असमान मुकाबला: भारत में छोटे किसान (1-5 एकड़) हाथ से मेहनत करते हैं, जबकि अमेरिका में 10,000 एकड़ के खेतों में मशीनों से खेती होती है। नुकसान: अगर दाल, सोयाबीन, फल और कपास जैसे अमेरिकी उत्पाद बिना शुल्क के भारत आए, तो हमारे किसानों की कमर टूट जाएगी। पहले सरकार इस पर राजी नहीं थी, लेकिन अब ट्रम्प के दबाव में इसे लागू किया जा रहा है। 📊 राहुल गांधी के भाषण की 6 बड़ी बातें मुद्दा राहुल गांधी का बयान युद्ध का दावा ट्रम्प बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया, यह हमारी सेना का अपमान है और मोदी चुप हैं। अडाणी का ढांचा मोदी और बीजेपी का पूरा फाइनेंशियल स्ट्रक्चर अडाणी है। सारा इन्फ्रास्ट्रक्चर उन्हें सौंप दिया गया है। प्रतिनिधित्व अडाणी की कंपनी, निजी अस्पतालों या यूनिवर्सिटी के मालिकों में एक भी आदिवासी नहीं मिलेगा। निजीकरण पब्लिक सेक्टर खत्म किए जा रहे हैं ताकि दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का रिजर्वेशन खत्म हो जाए। संविधान पर हमला जब आदिवासियों की जमीन बिना मुआवजे के छीनी जाती है, तो वह सीधे संविधान पर हमला है। जातिगत जनगणना जब भी मैं इसकी बात करता हूं, RSS-BJP मुझ पर आक्रमण करती है क्योंकि वे सच से डरते हैं। Export to Sheets 4. गुजरात निकाय चुनाव: मिशन 2026 राहुल गांधी का यह दौरा गुजरात में होने वाले आगामी स्थानीय निकाय (नगर निगम और जिला पंचायत) चुनावों के मद्देनजर बेहद अहम माना जा रहा है: चुनावों का ऐलान: गुजरात विधानसभा का सत्र 25 मार्च को खत्म हो रहा है। इसके ठीक बाद 26 मार्च को राज्य चुनाव आयोग चुनावों के शेड्यूल की घोषणा कर सकता है। कांग्रेस की सक्रियता: राहुल के इस दौरे के बाद कांग्रेस के अन्य केंद्रीय नेताओं के भी गुजरात आने की संभावना है। कांग्रेस आदिवासियों और किसानों के मुद्दों के सहारे राज्य में अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है।

रवि चौहान मार्च 23, 2026 0
अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट
ट्रम्प प्रशासन का बड़ा दांव: ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट; 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आने से क्रूड की कीमतों में आएगी गिरावट!

ट्रम्प प्रशासन का बड़ा फैसला: ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में 30 दिन की छूट; $110 के पार पहुँचे क्रूड को काबू करने की कोशिश, भारत को मिलेगी राहत? वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 21 मार्च 2026 ईरान-इजराइल जंग के 22वें दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था को 'ऑयल शॉक' से बचाने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक दांव खेला है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी कच्चे तेल की खरीद पर लगे कड़े प्रतिबंधों में 30 दिनों की अस्थायी छूट (Sextions Waiver) देने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल को छूने लगी थीं। यहाँ इस ऐतिहासिक फैसले, इसके पीछे की रणनीति और भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ने वाले असर की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. क्या है अमेरिकी ट्रेजरी का 'सेंक्शंस वेवर'? अमेरिकी ट्रेजरी मिनिस्टर स्कॉट बेसेंट द्वारा घोषित यह छूट एक विशेष श्रेणी के लिए है: समय सीमा: यह छूट 20 मार्च 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी। शर्त: यह छूट केवल उन तेल टैंकरों के लिए है जो पहले से ही समुद्र में मौजूद (In-transit) हैं। नया तेल लोड करने की अनुमति फिलहाल नहीं दी गई है। उद्देश्य: ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ाकर बेकाबू होती कीमतों को नीचे लाना। 2. रूसी तेल पर भी दूसरी बार हटी पाबंदी ट्रम्प प्रशासन ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि रूस के प्रति भी लचीला रुख अपनाया है: नया जनरल लाइसेंस: उन रूसी टैंकरों को तेल बेचने की इजाजत दी गई है जो 12 मार्च तक लोड हो चुके थे। वैधता: यह छूट 11 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी। अपवाद: अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उत्तर कोरिया, क्यूबा और क्रीमिया जैसे क्षेत्रों को इस व्यापारिक छूट से बाहर रखा गया है। 3. 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की नाकेबंदी और महंगाई का गणित जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल $70 के आसपास था, जो अब $112-$114 पर बना हुआ है। इसकी मुख्य वजह दुनिया की 'ऊर्जा गर्दन' यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। 20% पेट्रोलियम का रास्ता: दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल इसी 167 किमी लंबे जलमार्ग से गुजरता है। भारत का संकट: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है। युद्ध के कारण टैंकरों ने इस रूट का इस्तेमाल बंद कर दिया है, जिससे सप्लाई चेन ठप हो गई है। 🔍 सवाल-जवाब: फैसले की गहराई और भविष्य के संकेत प्रश्न 1: अमेरिका ने अचानक प्रतिबंधों में ढील क्यों दी? उत्तर: युद्ध के तीन हफ्तों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को तोड़ दिया है। तेल की कीमतें 3.5 साल के उच्चतम स्तर पर हैं। अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान को तबाह करने की कीमत अमेरिकी और वैश्विक जनता महंगाई के रूप में चुकाए। प्रश्न 2: क्या यह ईरान के प्रति नरम रुख है? उत्तर: नहीं। स्कॉट बेसेंट के अनुसार, यह "ईरान के खिलाफ ईरानी बैरल" का इस्तेमाल करने की रणनीति है। अमेरिका चाहता है कि यह तेल चीन को ब्लैक मार्केट में सस्ते दाम पर मिलने के बजाय वियतनाम या थाईलैंड जैसे अमेरिकी सहयोगियों को मिले ताकि बाजार संतुलित रहे। प्रश्न 3: 14 करोड़ बैरल तेल क्या दुनिया के लिए काफी है? उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, 14 करोड़ बैरल तेल पूरी दुनिया की केवल डेढ़ दिन की खपत के बराबर है। यह एक 'बैंड-एड' (अस्थायी मरहम) जैसा है। इसके खत्म होने के बाद अमेरिका को या तो होर्मुज खुलवाना होगा या प्रतिबंध पूरी तरह हटाने पड़ेंगे। 4. 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और तेल का खेल डोनाल्ड ट्रम्प का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' केवल मिसाइलें दागने तक सीमित नहीं है। सैन्य चोट: अमेरिका ने 100 घंटों में ईरान के 2,000 ठिकाने और 17 जहाज तबाह किए हैं। आर्थिक ढाल: ट्रम्प चाहते हैं कि सैन्य कार्रवाई के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था न चरमराए। इसीलिए तेल की सप्लाई सुनिश्चित करना इस ऑपरेशन का एक अनिवार्य हिस्सा है। 📊 ईरान पर प्रतिबंधों का इतिहास: 1979 से 2026 तक वर्ष घटना प्रभाव 1979 अमेरिकी दूतावास संकट पहली बार कड़े प्रतिबंध लगाए गए। 2015 परमाणु समझौता (JCPOA) ओबामा प्रशासन ने तेल निर्यात से पाबंदियां हटाईं। 2018 ट्रम्प का बाहर निकलना ईरान की तेल कमाई 'जीरो' करने के लिए कड़े बैन लगाए। 2026 ईरान-इजराइल युद्ध ऊर्जा संकट टालने के लिए 30 दिन का 'सेंक्शंस वेवर'। 🇮🇳 भारत पर असर: राहत की उम्मीद भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है। कीमतों में स्थिरता: ग्लोबल मार्केट में 14 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल आने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में होने वाली संभावित ₹10-15 की बढ़ोत्तरी रुक सकती है। सप्लाई सुरक्षा: भारतीय रिफाइनरियां अब उन टैंकरों को क्लीयरेंस दे सकेंगी जो समुद्र में फंसे हुए थे।

रवि चौहान मार्च 21, 2026 0
दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें
दिल्ली पालम आग हादसा: साध नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग जली, 9 की मौत (3 बच्चे शामिल); PM ने किया मुआवजे का ऐलान।

दिल्ली के पालम में भीषण अग्निकांड: 4 मंजिला इमारत में आग से 9 की मौत; 3 मासूम बच्चियों ने भी गंवाई जान, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 देश की राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार सुबह चीख-पुकार से दहल उठा। पालम स्थित साध नगर की एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में सुबह करीब 7 बजे भीषण आग लग गई। इस हृदय विदारक हादसे में 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिनमें तीन नाबालिग लड़कियां (उम्र 15, 6 और 3 साल) शामिल हैं। आग इतनी भयानक थी कि जान बचाने के लिए दो लोगों ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यहाँ इस भीषण हादसे, रेस्क्यू ऑपरेशन और हताहतों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. घटना का विवरण: सुबह 7 बजे काल बनकर आई आग साध नगर की गली नंबर-4 में स्थित इस बिल्डिंग में जब आग लगी, तब अधिकांश लोग सो रहे थे। शॉर्ट सर्किट की आशंका: स्थानीय निवासियों के अनुसार, आग लगने का प्राथमिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। धुएं का गुबार: पालम मेट्रो स्टेशन के पास स्थित इस इमारत से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा रहा था। कूदकर बचाई जान: आग की लपटों से घिरे दो युवकों ने बचने का कोई रास्ता न देख ऊंची मंजिल से छलांग लगा दी। उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और फिलहाल वे अस्पताल में जीवन-मौत की जंग लड़ रहे हैं। 2. बिल्डिंग की बनावट: रिहायशी इलाके में 'मौत का गोदाम' न्यूज एजेंसी IANS और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, इस बिल्डिंग का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था: बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर: यहाँ बड़े पैमाने पर कपड़े और कॉस्मेटिक सामान का स्टोरेज (गोदाम) किया गया था। कॉस्मेटिक सामान (जैसे परफ्यूम, स्प्रे) ने आग में घी का काम किया। सेकेंड और थर्ड फ्लोर: यहाँ परिवार रहते थे। आग नीचे से लगी थी, जिससे सीढ़ियों का रास्ता बंद हो गया और लोग ऊपर ही फंस गए। चौथा फ्लोर: यहाँ एक टिन शेड बना था, जो आग की गर्मी से पूरी तरह डैमेज हो गया। 3. रेस्क्यू ऑपरेशन: कुल्हाड़ी से दीवारें तोड़कर घुसे दमकलकर्मी दिल्ली फायर सर्विस (DFS) और NDRF की टीमों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू शुरू किया: 30 फायर ब्रिगेड: मौके पर दमकल की 30 गाड़ियां तैनात की गईं। सीढ़ियों के जरिए फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की गई। दीवारें तोड़ी गईं: बिल्डिंग के अंदर पानी डालने और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए कुल्हाड़ी से दीवारों और खिड़कियों के हिस्सों को तोड़ा गया। 10 लोगों का रेस्क्यू: दमकलकर्मियों ने 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से 3 बुरी तरह झुलसे हुए थे। फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन जारी है ताकि मलबे के नीचे किसी और की तलाश की जा सके। 📊 हताहतों और घायलों का विवरण नाम / श्रेणी उम्र स्थिति अस्पताल प्रवेश, कमल, आशु 33, 39, 35 मृत मणिपाल अस्पताल लाडो, हिमांशी, दीपिका 70, 22, 28 मृत मणिपाल/IGI अस्पताल 3 नाबालिग लड़कियां 15, 6, 3 साल मृत मणिपाल अस्पताल सचिन 29 साल 25% झुलसे सफदरजंग अस्पताल अनिल व 2 साल की बच्ची 32, 2 साल घायल IGI अस्पताल 4. मुआवजे का ऐलान और राजनीतिक शोक हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल सहायता की घोषणा की है: PM मोदी का ऐलान: प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है। पीएम ने ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। प्रियंका गांधी की अपील: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और दिल्ली के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पीड़ितों और उनके परिवारों की हर संभव मदद करने को कहा। 5. अधिकारियों का बयान: "अंदर ऑक्सीजन कम और धुआं ज्यादा था" एस. के. दुआ (DFS अधिकारी): "जब हमारी टीम पहुंची, तो पूरी बिल्डिंग धुएं के चैंबर में बदल चुकी थी। नीचे लपटें थीं और ऊपर फंसे लोग चिल्ला रहे थे। सबसे बड़ी चुनौती धुएं के कारण विजिबिलिटी और सांस लेने में आ रही दिक्कत थी।" विक्की रांगा (NDRF): "बिल्डिंग अंदर से बुरी तरह डैमेज हो चुकी है। लोहे के गाटर और छतें कमजोर हो गई हैं, इसलिए रेस्क्यू बहुत सावधानी से करना पड़ रहा है। एहतियात के तौर पर बगल वाली बिल्डिंग को भी खाली कराया गया है।"

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
कंगना बोलीं- राहुल टपोरी की तरह संसद आते हैं
कंगना रनौत vs राहुल गांधी: "टपोरी जैसा व्यवहार, महिलाएं होती हैं अनकम्फर्टेबल"— भाजपा सांसद के बयान पर मचा बवाल।

संसद में तकरार: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तीखा हमला— "राहुल को देखकर महिलाएं अनकम्फर्टेबल होती हैं"; विपक्ष का पलटवार नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के बीच राजनीतिक सरगर्मी अब व्यक्तिगत आरोपों के नए स्तर पर पहुँच गई है। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा खड़ा हो गया है। कंगना ने राहुल गांधी की तुलना 'टपोरी' से करते हुए कहा कि उनके आचरण से महिलाओं को असहजता महसूस होती है। यह विवाद 12 मार्च को संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और वहां चाय-नाश्ता करने की घटना से जुड़ा है। यहाँ इस पूरे राजनीतिक घमासान की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कंगना रनौत का बयान: "राहुल का व्यवहार टपोरी जैसा" बुधवार को संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा: असहजता का आरोप: "राहुल गांधी को देखकर हम महिलाओं को काफी अनकम्फर्टेबल (असहज) महसूस होता है। वे संसद में जिस तरह से आते हैं, वह किसी नेता जैसा नहीं लगता।" भाषा और आचरण: "वह टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं, तू-तड़ाक करते हैं। इंटरव्यू दे रहे लोगों के बीच में आकर उन्हें परेशान करते हैं और 'आजा... आजा' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्हें अपनी बहन (प्रियंका गांधी) से सीखना चाहिए, जिनका व्यवहार बहुत शालीन है।" 2. विवाद की जड़: 12 मार्च का 'चाय-बिस्कुट' प्रदर्शन यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 12 मार्च को राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ LPG संकट को लेकर संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संसदीय मर्यादा: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने वहां बैठकर चाय और बिस्कुट खाया था। ओपन लेटर: इस घटना की आलोचना करते हुए 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व सैनिक और 4 वकीलों ने एक खुला पत्र लिखकर राहुल गांधी से माफी की मांग की है। उनका तर्क है कि संसद की सीढ़ियों पर पिकनिक जैसा माहौल बनाना लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के खिलाफ है। 3. पूर्व PM देवगौड़ा की सोनिया गांधी को चिट्ठी जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। 16 मार्च को उन्होंने सोनिया गांधी को दो पन्नों का पत्र लिखा: नसीहत: 92 वर्षीय देवगौड़ा ने लिखा, "विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आपको अपने सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी को संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए समझाना चाहिए।" गरिमा का हनन: उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान नारेबाजी, पोस्टर दिखाना और संसद परिसर में बैठकर नाश्ता करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कम करता है। 4. विपक्ष का पलटवार: "कंगना को संसद स्टूडियो लगता है" कंगना के बयान के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उन पर कड़ा प्रहार किया है: नेता दल मुख्य बात ज्योतिमणि कांग्रेस (सांसद) "कंगना की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं। अच्छे कपड़े पहनने से कोई अच्छा इंसान नहीं बनता।" अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष "कंगना को लगता है संसद कोई फिल्म स्टूडियो है। राहुल गांधी वहां एक्टिंग करने नहीं जाते।" प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना (UBT) "मैंने 10 साल राहुल के साथ काम किया है, वे महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं। यह आरोप अजीब है।" 📊 विवाद का टाइमलाइन: मार्च 2026 12 मार्च: राहुल गांधी का संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ता करते हुए LPG कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन। 14-15 मार्च: पूर्व अधिकारियों और सैनिकों द्वारा माफी की मांग वाला ओपन लेटर जारी। 16 मार्च: पूर्व PM एचडी देवगौड़ा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर राहुल के आचरण पर चिंता जताई। 18 मार्च: कंगना रनौत का 'टपोरी' और 'असहजता' वाला बयान, जिस पर सियासी बवाल शुरू हुआ। 5. राहुल गांधी का बचाव और तर्क कांग्रेस समर्थकों और सांसदों का कहना है कि राहुल गांधी एक 'जन-नेता' (People's Leader) हैं और उनका व्यवहार अनौपचारिक (Informal) है, जिसे भाजपा 'अभद्रता' के रूप में पेश कर रही है। प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले स्वयं प्रधानमंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के बारे में 'असहज' होने की बात कही थी, तो अब भाजपा सांसद उसी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
बेगूसराय में CM नीतीश की सुरक्षा में चूक
नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा: बेगूसराय में बैल ने पुलिस को दौड़ाया; मंच से महिलाओं पर बिफरे CM, 'निशांत कुमार' के नारों से मची हलचल।

नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा': बेगूसराय में 330 करोड़ की योजनाओं की सौगात; मंच से महिलाओं को टोका— "कहां भाग रही हो", हेलीपैड पर बैल ने मचाया तांडव बेगूसराय/शेखपुरा | 14 मार्च 2026 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के तहत शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। हालांकि, यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा में चूक, मंच पर नोक-झोंक और 'निशांत कुमार' के समर्थन में लगे नारों ने इस दौरे को काफी चर्चा में ला दिया है। यहाँ मुख्यमंत्री के बेगूसराय और शेखपुरा दौरे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सुरक्षा में बड़ी चूक: हेलीपैड पर बैल का 'आतंक' मुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले बेगूसराय के हेलीपैड पर अफरा-तफरी मच गई: पुलिसवालों को दौड़ाया: एक आवारा बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलीपैड के अंदर घुस गया। बैल इतना आक्रामक था कि उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। फायर ब्रिगेड पर चढ़े जवान: बैल के हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी को जान बचाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बैल को परिसर से बाहर खदेड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ। 2. मंच से महिलाओं को टोका: "बैठिए और चुपचाप सुनिए" सभा के दौरान एक अजीब स्थिति पैदा हो गई जब संबोधन के बीच ही कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे टोकते हुए कहा: तल्ख तेवर: "अरे कहां भाग रही हो? हम बोलना बंद कर दें क्या? कोई पीछे भाग रहा है, कोई आगे। बैठिए अभी, हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं? अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो? चुपचाप बैठिए और सुनिए।" 3. 'निशांत कुमार' के नारे और सियासी हलचल कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा) की मौजूदगी में भीड़ से नारे लगने लगे— "बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।" > निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं। इन नारों ने भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। 4. संबोधन की मुख्य बातें: 'जंगलराज' बनाम 'कानून का राज' नीतीश कुमार ने अपने भाषण में लालू यादव की पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला और अपनी उपलब्धियां गिनाईं: हिंदू-मुस्लिम शांति: CM ने कहा, "पहले आए दिन झगड़े होते थे। हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी की और मंदिरों की बाउंड्री बनवाई। आज सब जगह शांति है।" शिक्षा और स्वास्थ्य: 2005 से पहले बिहार की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, जिसे हमने मेडिकल कॉलेज खुलवाकर और शिक्षकों की भर्ती कर सुधारा। मुफ्त बिजली और सोलर: "गांव-गांव बिजली पहुँचाने के बाद अब हम सोलर पैनल लगा रहे हैं। आपकी छत पर सोलर लगेगा और खर्चा सरकार उठाएगी।" रोजगार का लक्ष्य: CM ने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है और अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य है। 📊 बेगूसराय और शेखपुरा: विकास का लेखा-जोखा जिला योजनाओं की संख्या कुल लागत (करोड़ में) मुख्य आकर्षण बेगूसराय 402 योजनाएं ₹330 करोड़ कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला, बियाडा कैंपस। शेखपुरा 100+ योजनाएं ₹300 करोड़+ सर्वा पंचायत का विकास, समीक्षा बैठक। जीविका दीदियां 9,715 समूह ₹578.09 करोड़ बैंक ऋण और चेक वितरण। 5. जीविका दीदियों को 'थैंक्यू' और सम्मान मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया। उन्होंने दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कई बार 'थैंक्यू' और 'बधाई हो' कहा। चेक वितरण: 578 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ऋण चेक वितरित किया गया। अधिकार केंद्र: दीदियों को 'अधिकार केंद्र' की चाबियां सौंपी गईं, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र बनेंगे। 6. शेखपुरा का दौरा: 2 घंटे 5 मिनट का प्रवास बेगूसराय के बाद CM शेखपुरा के बरबीघा पहुंचे। यहाँ सर्वा गांव में उन्होंने 300 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। दोपहर 2:55 बजे वे पटना के लिए रवाना हो गए।

रवि चौहान मार्च 14, 2026 0
5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू
LPG Crisis Update: 5 दिन बाद कमर्शियल सिलेंडर से हटी रोक; दिल्ली के होटलों में होगा कचरे से बनी गैस (RDF) का इस्तेमाल, यूपी-कर्नाटक में भारी छापेमारी।

LPG संकट में बड़ी राहत: 5 दिन बाद कमर्शियल सिलेंडर पर रोक हटी; कचरे से बने ईंधन का होगा इस्तेमाल, कालाबाजारी पर देशव्यापी सर्जिकल स्ट्राइक नई दिल्ली | 15 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण भारत में उपजे ऊर्जा आपातकाल के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। पिछले 5 दिनों से कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सप्लाई पर लगी रोक को शनिवार को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण फिर से शुरू हो गया है। हालांकि, यह राहत कड़ी शर्तों और निगरानी के साथ आई है। एक ओर जहां सप्लाई बहाल हुई है, वहीं दूसरी ओर घरेलू सिलेंडरों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए देशभर में छापेमारी तेज कर दी है। यहाँ गैस संकट की वर्तमान स्थिति और सरकार के कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कमर्शियल सिलेंडर: रोक हटी, पर 'विकल्प' की तलाश जारी सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सप्लाई इसलिए रोकी थी ताकि घरेलू उपभोक्ताओं (रसोई गैस) को प्राथमिकता दी जा सके। अब स्थिति को संतुलित करने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं: RDF पेलेट्स का इस्तेमाल: पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने एक क्रांतिकारी घोषणा की। अब दिल्ली-NCR के होटलों, रेस्टोरेंट्स और उद्योगों को नेचुरल गैस की जगह 'कचरे से बनी गैस' (RDF पेलेट्स) के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई है। क्या है RDF? रिफ्यूज-डिराइव्ड फ्यूल (Refuse-Derived Fuel) असल में प्लास्टिक, कागज और लकड़ी जैसे सूखे कचरे को प्रोसेस करके बनाई गई छोटी गोलियां (पेलेट्स) होती हैं। यह कोयले और गैस का सस्ता व प्रदूषण मुक्त विकल्प है। 2. कालाबाजारी पर 'हथौड़ा': राज्यों की एक्शन रिपोर्ट सप्लाई की कमी का फायदा उठाने वाले जमाखोरों के खिलाफ शनिवार को देशभर में बड़ी कार्रवाई हुई: उत्तर प्रदेश: यूपी में प्रशासन ने 1400 ठिकानों पर सरप्राइज चेकिंग की। इस दौरान 20 एफआईआर दर्ज की गईं और 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कर्नाटक: यहां खाद्य विभाग ने एक ही दिन में 316 घरेलू सिलेंडर जब्त किए, जिनका इस्तेमाल अवैध रूप से कमर्शियल कामों के लिए हो रहा था। बेंगलुरु और दावणगेरे में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। ऑयल कंपनियों की जांच: सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने देशभर में अपने 1300 डिस्ट्रीब्यूटरों की औचक जांच की है ताकि वितरण में पारदर्शिता बनी रहे। 📊 राज्यों में LPG संकट का जमीनी हाल राज्य स्थिति मुख्य प्रभाव छत्तीसगढ़ गंभीर किल्लत होटलों में 10% सरचार्ज; लकड़ी के चूल्हों पर बन रहा खाना। उत्तर प्रदेश पैनिक और एक्शन फर्रुखाबाद में लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत; भारी पुलिस बल तैनात। दिल्ली-NCR वैकल्पिक ईंधन होटलों को RDF पेलेट्स (कचरे का ईंधन) इस्तेमाल करने का आदेश। गुजरात राहत की उम्मीद 92,700 टन गैस लेकर दो जहाज मुंद्रा और कांडला पोर्ट पहुँच रहे हैं। 3. मानवीय त्रासदी: लाइन में लगा आम आदमी गैस की किल्लत अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ 76 वर्षीय मोहम्मद मुख्तियार शुक्रवार सुबह 6:30 बजे से गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगे थे। घंटों खड़े रहने के बाद अचानक उन्हें हार्टअटैक आया और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। यह घटना दर्शाती है कि गैस के लिए मची अफरातफरी किस हद तक बढ़ चुकी है। 4. रेस्टोरेंट्स का 'देसी जुगाड़' और सरचार्ज छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में गैस की कमी ने होटल उद्योग की कमर तोड़ दी है: लकड़ी के चूल्हे: रायपुर और जगदलपुर जैसे शहरों में बड़े होटलों के बाहर लकड़ी के चूल्हे दहक रहे हैं। मेन्यू में कटौती: कई ढाबों और रेस्टोरेंट्स ने उन व्यंजनों को मेन्यू से हटा दिया है जिन्हें बनाने में ज्यादा गैस लगती है। महंगाई: होटल संचालकों ने परिचालन लागत बढ़ने का हवाला देते हुए बिल पर 10% अतिरिक्त सरचार्ज वसूलना शुरू कर दिया है। 5. राहत की किरण: समुद्र से आ रही है 'संजीवनी' शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने पुष्टि की है कि भारतीय जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रैट पार कर चुके हैं। 16-17 मार्च का इंतजार: ये जहाज करीब 1 लाख टन गैस लेकर आ रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन जहाजों के लंगर डालते ही बाजारों में सिलेंडरों की किल्लत में 30% तक की कमी आएगी।

रवि चौहान मार्च 14, 2026 0
फारूक अब्दुल्ला बोले- ऊपर वाले ने बचाया
जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला; सिर पर तानी रिवॉल्वर, बाल-बाल बचे। हमलावर कमल सिंह 5 दिन की रिमांड पर।

फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला: शादी समारोह में सिर पर तानी रिवॉल्वर; सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से बाल-बाल बचे पूर्व CM, हमलावर गिरफ्तार जम्मू | 12 मार्च 2026 जम्मू-कश्मीर की राजनीति उस समय दहल गई जब नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने उनके सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर रिवॉल्वर तानकर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि सुरक्षा में तैनात NSG और पुलिसकर्मियों ने बिजली की तेजी दिखाते हुए हमलावर का हाथ ऊपर कर दिया, जिससे गोली हवा में चली गई और फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए। यहाँ इस सनसनीखेज वारदात, सुरक्षा में चूक और हमलावर के कबूलनामे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. वारदात का आंखों देखा हाल: "मुझे लगा पटाखा फूटा है" घटना जम्मू के एक नामी बैंकेट हॉल की है, जहाँ फारूक अब्दुल्ला और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी एक शादी समारोह में शिरकत करने पहुँचे थे। अचानक फायरिंग: फारूक अब्दुल्ला जब समारोह से बाहर निकल रहे थे, तभी पीछे से आए एक व्यक्ति ने उन पर निशाना साधा। फारूक अब्दुल्ला का बयान: "ऊपर वाले ने मुझे बचा लिया। मैंने कुछ आवाज सुनी और मुझे लगा कि कोई पटाखा फटा है। बाद में पता चला कि एक शख्स ने मुझ पर दो गोलियां चलाने की कोशिश की थी। सुरक्षाकर्मियों ने उसका हाथ ऊपर कर दिया था।" CCTV फुटेज: घटना के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने पीछे से आकर उनके सिर के पास पिस्टल तानी। सुरक्षाकर्मी ने तुरंत हमलावर की कोहनी पकड़कर हाथ ऊपर की ओर झटका दिया। 2. कौन है हमलावर? 20 साल पुराना 'मकसद' या नशे की सनक? पुलिस ने हमलावर को मौके से ही दबोच लिया। उसकी पहचान कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई है। बदलते बयान: गिरफ्तारी के तुरंत बाद कमल ने दावा किया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था और यही उसकी जिंदगी का मकसद था। हालांकि, अगली सुबह उसने कहा कि "उससे गलती हो गई और उसे पछतावा है।" नशे में था आरोपी: शुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर वारदात के समय नशे की हालत में था। वह पेशे से बिजनेसमैन है और उसका लाइसेंसी हथियार पुलिस ने जब्त कर लिया है। रिश्तेदारी का कनेक्शन: चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर कमल सिंह, उस NC कार्यकर्ता (सुरजीत सिंह) का चचेरा भाई है, जिसकी शादी में फारूक अब्दुल्ला आए थे। 📊 फारूक अब्दुल्ला: राजनीतिक कद और सुरक्षा श्रेणी विवरण जानकारी राजनीतिक पद 3 बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री। सुरक्षा श्रेणी Z+ (NSG और स्थानीय पुलिस सुरक्षा) पार्टी जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (अध्यक्ष)। हमले का स्थान रॉयल पार्क, जम्मू (शादी समारोह)। हमलावर की स्थिति 5 दिन की पुलिस रिमांड पर। 3. सुरक्षा पर उठे सवाल: CM उमर अब्दुल्ला ने घेरा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं: सुरक्षा में चूक: उमर ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा— "एक शख्स लोडेड पिस्टल लेकर Z+ सुरक्षा प्राप्त पूर्व CM के इतने करीब कैसे पहुँच गया? यह एक बड़ी सुरक्षा चूक है।" स्थानीय पुलिस की अनुपस्थिति: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर स्थानीय पुलिस का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था, केवल फारूक अब्दुल्ला की निजी सुरक्षा टीम ही सक्रिय थी। 4. राजनीतिक प्रतिक्रिया: अमित शाह ने जाना हाल घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार भी अलर्ट मोड पर है: अमित शाह का फोन: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने घटना की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इसे "लोकतांत्रिक राजनीति पर हमला" करार दिया। 5. हमलावर के 6 चरणों वाली वारदात (तस्वीरों का सारांश) पीछा करना: कमल सिंह जमवाल भीड़ के बीच फारूक अब्दुल्ला के पीछे-पीछे चल रहा था। निशाना साधना: मौका मिलते ही उसने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से सिर पर रिवॉल्वर तानी। सुरक्षाकर्मी की मुस्तैदी: NSG गार्ड ने गोली चलने से ठीक पहले हमलावर की कोहनी पकड़कर हाथ हवा में कर दिया। काबू पाना: सुरक्षाकर्मियों और भीड़ ने तुरंत आरोपी को जमीन पर गिरा दिया। भीड़ का गुस्सा: मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस के आने से पहले आरोपी की पिटाई भी की। कबूलनामा: आरोपी को थाने ले जाया गया जहाँ उसने मर्जी से गोली चलाने की बात स्वीकार की।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0
सरकार बोली- जरूरत की 60% LPG आयात करते हैं
LPG Crisis India: सरकार की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस; होर्मुज स्ट्रैट से 90% सप्लाई बाधित, पैनिक बुकिंग न करने की अपील।

ऊर्जा संकट पर सरकार का 'महा-मंथन': 60% LPG आयात पर युद्ध की मार; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई चेन ध्वस्त, कालाबाजारी पर सख्त एक्शन की तैयारी नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग ने भारत की रसोई तक अपनी तपिश पहुँचा दी है। देश में गहराते LPG और कच्चे तेल के संकट को लेकर गुरुवार को भारत सरकार के चार प्रमुख मंत्रालयों— विदेश, शिपिंग, पेट्रोलियम और सूचना प्रसारण ने एक ऐतिहासिक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत की 90% गैस सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आती है, जो युद्ध के कारण फिलहाल 'डेड ज़ोन' बन चुका है। यहाँ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातों और मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. पेट्रोलियम मंत्रालय: डिमांड-सप्लाई मैनेजमेंट और पैनिक बुकिंग पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देश को भरोसा दिलाने की कोशिश की: घरेलू उत्पादन में वृद्धि: सरकार ने सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG उत्पादन को अपनी अधिकतम क्षमता तक ले जाएं। इसके परिणामस्वरूप घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। केरोसिन का अतिरिक्त कोटा: ग्रामीण और जरूरतमंद इलाकों के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन जारी किया गया है। पैनिक बुकिंग पर रोक: देश में रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर होते हैं, लेकिन युद्ध के डर से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पैनिक बुकिंग ही किल्लत की असली वजह बन रही है। कमर्शियल सिलेंडर: दिल्ली जैसे महानगरों में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिले। 2. शिपिंग मंत्रालय: समुद्र में फंसे भारतीय और दुखद खबरें शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने पर्शियन गल्फ में फंसे नाविकों का डेटा साझा किया: नाविकों की सुरक्षा: वर्तमान में 28 भारतीय जहाज गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार सैटेलाइट के जरिए हर मिनट उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही है। दुखद हादसे: युद्ध क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक अब भी लापता है। 'स्कायलाइट' और 'एमकेडी व्योम' नाम के जहाजों को निशाना बनाया गया था। 3. विदेश मंत्रालय: सुरक्षित निकासी का 'आर्मेनिया-अजरबैजान' रूट MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान में फंसे 9,000 भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की: वैकल्पिक एग्जिट: क्योंकि ईरान का हवाई क्षेत्र असुरक्षित है, इसलिए भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान की जमीनी सीमा पार करने में दूतावास मदद कर रहा है। वहां से वे कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए भारत आ सकते हैं। दूतावास की मदद: तेहरान में भारतीय दूतावास 24/7 वीजा और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है। 📊 सप्लाई संकट के 2 सबसे बड़े कारण कारण प्रभाव वर्तमान स्थिति होर्मुज स्ट्रैट (167 किमी) 54% LNG इसी रास्ते से आती है। युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद। कतर का प्लांट शटडाउन भारत 40% LNG कतर से लेता है। ईरानी ड्रोन हमलों के डर से कतर ने प्रोडक्शन रोका। 4. कालाबाजारी: ₹900 का सिलेंडर ₹1800 में युद्ध की आड़ में घरेलू स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है। दोगुनी कीमतें: कुछ राज्यों में ₹900 का सिलेंडर ₹1800 तक बिकने की खबरें हैं। सरकार का एक्शन: केंद्र ने राज्यों को Essential Commodities Act (अनिवार्य वस्तु अधिनियम) के तहत कार्रवाई करने और जिला कलेक्टरों को गैस एजेंसियों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। 5. कब तक सुधरेंगे हालात? (भविष्य की रणनीति) इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक के.एम. ठाकुर के अनुसार, सरकार 'प्लान-बी' पर काम कर रही है: वैकल्पिक कार्गो: अमेरिका, अल्जीरिया और रूस से अतिरिक्त तेल और गैस मंगाने के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। G7 देशों की मदद: विकसित देश अपने 'इमरजेंसी ऑयल रिजर्व' से तेल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं ताकि वैश्विक कीमतें स्थिर हो सकें। स्ट्रीमलाइनिंग डिलीवरी: राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे लाभार्थियों की सूची तैयार करें ताकि सिलेंडर की 'राशनिंग' की जा सके और जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0
राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था
LPG Crisis Lok Sabha: राहुल गांधी का सरकार पर हमला; बोले— "एपस्टीन-अदाणी केस से घबराए हैं पीएम मोदी", सदन में भारी हंगामा।

लोकसभा में LPG संकट पर महासंग्राम: राहुल गांधी बोले— "अभी तो दर्द की शुरुआत है"; एपस्टीन-अदाणी मुद्दे पर पीएम मोदी को घेरा, सदन में भारी हंगामा नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र का गुरुवार का दिन गैस और 'ग्लैमर' के विवादों के नाम रहा। देश में गहराते LPG (रसोई गैस) संकट को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सदन के बाहर जहां विपक्ष ने "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब" के नारे लगाए, वहीं सदन के भीतर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। यहाँ लोकसभा की कार्यवाही और इस विवाद से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का प्रहार: "ऊर्जा सुरक्षा से समझौता हुआ" LPG संकट पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस पर बोलते हुए राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति और मिडिल ईस्ट युद्ध के असर पर चिंता जताई: आम आदमी पर मार: "अभी तो दर्द की शुरुआत हुई है। गैस की किल्लत से रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वाले प्रभावित हैं और आम जनता में घबराहट है।" पहेली और समझौता: राहुल ने रूस-यूक्रेन और ईरान युद्ध के संदर्भ में कहा कि भारत तेल और गैस किससे खरीदेगा, यह अमेरिका तय कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या भारत की ऊर्जा सुरक्षा किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते की भेंट चढ़ गई है?" विवादास्पद टिप्पणी: राहुल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि वे "एपस्टीन के दोस्त" हैं, जिसके बाद सदन में अभूतपूर्व हंगामा शुरू हो गया। 2. सदन में हंगामा और स्पीकर की दखल जैसे ही राहुल गांधी ने 'एपस्टीन' और 'अदाणी' का नाम लिया, सत्तापक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया: ओम बिरला की वापसी: अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद पहली बार चेयर पर बैठे स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोकते हुए कहा, "जिस विषय पर नोटिस दिया है, उसी पर बोलिए। अनर्गल आरोपों के लिए अलग से नोटिस दीजिए।" नारेबाजी: जब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो विपक्षी सांसदों ने "एपस्टीन-एपस्टीन" के नारे लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। 3. "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब": विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने संसद परिसर में मोर्चा खोल दिया था: सीढ़ियों पर चाय-बिस्किट: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और 50 से अधिक विपक्षी सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्किट खाए। यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि गैस की कमी के कारण घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। पीएम पर कटाक्ष: राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, लेकिन वे खुद पैनिक में हैं। कल उनकी कुर्सी खाली थी क्योंकि वे 'एपस्टीन-अदाणी' केस की वजह से परेशान हैं। उन्होंने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है।" 📊 LPG संकट और सदन की स्थिति: मुख्य बिंदु मुद्दा स्थिति / विवरण LPG आपूर्ति मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण कतर और ईरान से सप्लाई बाधित। विपक्ष का नारा "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब" संसदीय स्थिति स्पीकर ओम बिरला की वापसी, अविश्वास प्रस्ताव खारिज। प्रमुख आरोप भारत की ऊर्जा नीति पर अमेरिकी दबाव और निजी हित। प्रभावित वर्ग घरेलू उपभोक्ता, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारी। 4. हरदीप सिंह पुरी का पक्ष और सरकार का तर्क हालांकि हंगामे के कारण पेट्रोलियम मंत्री पूरी बात नहीं रख पाए, लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट है: युद्ध का असर: सरकार का मानना है कि रूस-ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन टूटी है, जिससे गैस की किल्लत हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था: पेट्रोलियम मंत्रालय रूस और अन्य अफ्रीकी देशों से जल्द गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहा है। विपक्ष पर पलटवार: सत्तापक्ष ने राहुल गांधी के आरोपों को "बेबुनियाद" और "विदेशी साजिश का हिस्सा" करार दिया।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0
स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; गौरव गोगोई ने लगाए पक्षपात के आरोप, किरेन रिजिजू ने किया पलटवार।

लोकसभा में ऐतिहासिक टकराव: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश; विपक्ष का 'पक्षपात' का आरोप बनाम सरकार का 'भागने' का पलटवार नई दिल्ली | 10 मार्च 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक दुर्लभ और गहमागहमी भरा दिन रहा। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया। सदन में 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद पीठासीन अधिकारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिस पर अब 10 घंटे की मैराथन चर्चा होगी। विपक्ष ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष का साथ देने और विपक्षी आवाजों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष के व्यवहार पर ही सवाल खड़े किए हैं। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और सदन में हुई तीखी बहस की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. अविश्वास प्रस्ताव: गौरव गोगोई के 3 बड़े प्रहार प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन प्रमुख बिंदु रखे: भेदभाव का आरोप: गोगोई ने कहा, "बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया। जब उन्होंने एक लेख का हवाला दिया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सांसद सदन में प्रतिबंधित किताबें दिखा रहे थे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।" माइक बंद करने की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि 9 फरवरी को शशि थरूर का माइक बंद कर दिया गया। जब माइक ही ऑफ हो, तो कोई सदस्य अपनी बात कैसे रख सकता है? यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। महिला सांसदों का अपमान: गोगोई ने ओम बिरला के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली थी और उनके साथ "कुछ भी हो सकता था।" गोगोई ने इसे बेहद शर्मनाक और महिला सांसदों की गरिमा के खिलाफ बताया। 2. किरेन रिजिजू का पलटवार: "राहुल गांधी सदन से भाग जाते हैं" संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष और राहुल गांधी पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए: उपस्थिति पर सवाल: रिजिजू ने कहा कि जब सदन का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा होता है, तब नेता प्रतिपक्ष विदेश चले जाते हैं। वे अपनी बात कहकर सदन से भाग जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते। मर्यादा का उल्लंघन: उन्होंने राहुल गांधी के पुराने व्यवहार (पीएम को गले लगाना और आंख मारना) का जिक्र करते हुए कहा कि जब नेता ऐसा होगा, तो बाकी सांसदों से क्या उम्मीद की जाए? उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल द्वारा चेयर को 'यार' कहने पर भी आपत्ति जताई। प्रियंका गांधी का जिक्र: रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर प्रियंका गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता, तो शायद सदन में कुछ अच्छा व्यवहार देखने को मिलता। 3. प्रियंका गांधी का तीखा जवाब: "सच्चाई पचती नहीं है" सदन में पहली बार आक्रामक अंदाज में दिख रही प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बचाव किया: निडर नेतृत्व: प्रियंका ने कहा, "इस देश में एक ही व्यक्ति है जो पिछले 12 सालों में इनके (बीजेपी) सामने झुका नहीं है। वह नेता प्रतिपक्ष है।" सच का सामना: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में खड़ होकर सत्तापक्ष के सामने जो सच बोलते हैं, वह इनसे पचता नहीं है, इसलिए वे उन पर निजी हमले करते हैं। 📊 सदन का समीकरण: अविश्वास प्रस्ताव मुख्य बिंदु विवरण प्रस्तावक विपक्ष (गौरव गोगोई द्वारा शुरुआत) समर्थन 50 से अधिक सांसद (अनिवार्य संख्या) मुख्य आरोप पक्षपात, माइक बंद करना, विपक्ष को बोलने न देना। चर्चा का समय 10 घंटे आवंटित सरकार का तर्क विपक्ष चर्चा से भागता है और स्पीकर का अपमान करता है। Export to Sheets 4. बहस के मुख्य मुद्दे: माइक, रूलिंग बुक और गरिमा सदन में बहस के दौरान कई ऐसे मुद्दे उठे जो पिछले कुछ समय से विवाद का केंद्र रहे हैं: माइक ऑफ विवाद: विपक्ष का दावा है कि जब भी संवेदनशील मुद्दे (जैसे अडानी या बेरोजगारी) उठाए जाते हैं, तो रणनीतिक रूप से माइक बंद कर दिया जाता है। पक्षपात: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सत्तापक्ष के मंत्रियों को बिना रोक-टोक बोलने देते हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्यों को हर वाक्य पर 'रूल बुक' (नियमों की किताब) दिखाई जाती है। संसदीय भाषा: सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के प्रति सम्मान नहीं रखते और असंसदीय भाषा का उपयोग करते हैं।

रवि चौहान मार्च 10, 2026 0
दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस
Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया की 'ईमानदारी' पर फिर कानूनी पेंच; दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 आरोपियों को जारी किया नोटिस, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई रोक नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में 'कट्टर ईमानदारी' और 'राजनीतिक साजिश' की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI की अपील पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट के उस आदेश और टिप्पणियों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ थे। यहाँ इस अदालती कार्यवाही, राजनीतिक घमासान और CBI के दावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 3 मुख्य निर्देश हाईकोर्ट ने CBI की 974 पेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित आदेश दिए: नोटिस जारी: पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर CBI की याचिका पर पक्ष रखने को कहा गया है। ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक: ट्रायल कोर्ट ने CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action) के आदेश दिए थे, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। PMLA केस पर असर: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (ED) मामले में ट्रायल कोर्ट फिलहाल आगे की सुनवाई टाल दे, ताकि इस केस के नतीजे का उस पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 2. CBI की दलील: "ट्रायल कोर्ट ने मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया" सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CBI का पक्ष रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए: 974 पेज की चुनौती: CBI ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) के स्तर पर ही पूरे सबूतों की ऐसी जांच की, जैसे अंतिम फैसला सुनाया जा रहा हो। नियमों का उल्लंघन: जांच एजेंसी के मुताबिक, कानूनन इस स्तर पर केवल 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) सबूत देखे जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने गवाहों के बयानों की विस्तार से व्याख्या कर दी। अधिकारियों का बचाव: तुषार मेहता ने कहा कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देना गलत था, क्योंकि एजेंसी ने केवल तथ्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। 3. केजरीवाल का इमोशनल ब्रेकडाउन: "मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई" 27 फरवरी को बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उनके संबोधन की प्रमुख बातें: सत्य की जीत: केजरीवाल ने कहा, "आज ये साबित हो गया कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मोदी और शाह ने मिलकर ये सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था।" आंखों में आंसू: जब उन्होंने मनीष सिसोदिया के 2 साल और अपने 6 महीने के जेल प्रवास का जिक्र किया, तो वे रो पड़े। सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया। पीएम को संदेश: उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को झूठे केसों में फंसाने के बजाय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करके सत्ता में आएं। 📊 शराब नीति केस: अब तक का सफरनामा तारीख घटनाक्रम परिणाम फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी शिक्षा मंत्री को जेल भेजा गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल ले जाया गया। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला सभी 23 आरोपी डिस्चार्ज (बरी) किए गए। 27 फरवरी (शाम) CBI की अपील फैसले के 6 घंटे बाद हाईकोर्ट में याचिका। 9 मार्च 2026 हाईकोर्ट की सुनवाई आरोपियों को नोटिस; ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक। 4. CBI के संगीन आरोप: ₹100 करोड़ की 'साउथ ग्रुप' डील CBI की चार्जशीट और दावों के अनुसार, यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी: विजय नायर की भूमिका: केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा पहुँचाने के बदले के. कविता (BRS नेता) के 'साउथ ग्रुप' से ₹100 करोड़ वसूले। गोवा चुनाव कनेक्शन: एजेंसी का दावा है कि इस ₹100 करोड़ में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए। गोवा के दो पूर्व विधायकों ने भी पार्टी से कैश मिलने की बात स्वीकार की है। राजस्व का नुकसान: नियमों के उल्लंघन से निजी स्टेकहोल्डर्स को फायदा पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी। 5. राजनीतिक पलटवार: प्रियंका कक्कड़ और BJP का 'पोस्टर वॉर' अदालती कार्यवाही के साथ ही जुबानी जंग भी तेज है: AAP का पक्ष: प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को इस मनगढ़ंत केस के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने ED/CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाया। BJP का पोस्टर: भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर हमला किया— "AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं"। भाजपा का तर्क है कि बरी होना अंतिम फैसला नहीं है और उच्च न्यायालय में सच सामने आएगा।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
ईरान जंग पर विपक्ष का दोनों सदनों में हंगामा
Budget Session 2026: लोकसभा में ईरान-इजराइल जंग पर हंगामा; 67,000 भारतीयों की वापसी पर बोले एस. जयशंकर।

संसद में गूंजी 'महाजंग': अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध पर लोकसभा में भारी हंगामा; विदेश मंत्री बोले— "67,000 भारतीयों की वतन वापसी, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार की पैनी नजर" नई दिल्ली | 9 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भीषण युद्ध का साया भारतीय संसद पर साफ दिखाई दिया। विपक्ष ने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग के भारत पर पड़ने वाले सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर सदन में जमकर नारेबाजी की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में सरकार का पक्ष रखा और युद्धग्रस्त क्षेत्रों से भारतीयों को निकालने के लिए जारी 'महा-अभियान' का विवरण दिया। यहाँ संसद की कार्यवाही और विदेश मंत्री के संबोधन की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सदन की कार्यवाही: नो कॉन्फिडेंस मोशन बनाम युद्ध पर चर्चा लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्ष की मांग: विपक्षी दल पश्चिम एशिया के हालातों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आ रही रुकावटों पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सदन में "We Want Discussion" के नारे गूंजते रहे। सरकार का रुख: संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ लाए गए 'अविश्वास प्रस्ताव' (No Confidence Motion) पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष अन्य मुद्दों पर सदन को बाधित कर रहा है। सदन स्थगित: हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 2. विदेश मंत्री एस. जयशंकर का संबोधन: 67,000 भारतीयों की सुरक्षित वापसी राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान डॉ. जयशंकर ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति साझा की। उन्होंने 6 मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला: 1. खाड़ी देशों का महत्व: वेस्ट एशिया में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं। इस क्षेत्र में स्थिरता भारत के राष्ट्रीय हित के लिए अनिवार्य है। 2. ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security): यह इलाका भारत के लिए तेल और गैस का सबसे बड़ा सप्लायर है। सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की अस्थिरता भारत की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। 3. भारतीयों की वापसी: 8 मार्च 2026 तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर सुरक्षित क्षेत्रों या भारत की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। 4. मर्चेंट नेवी का नुकसान: विदेश मंत्री ने दुख जताया कि इस युद्ध में हमने दो भारतीय नाविकों को खो दिया है, जबकि एक अब भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट ने सभी नाविकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। 5. ईरान में नेतृत्व संकट: जयशंकर ने स्वीकार किया कि ईरान के टॉप लीडरशिप लेवल पर कई लोगों के मारे जाने के कारण वर्तमान में वहां के नेतृत्व से संपर्क करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया है। 6. भारत-ईरान सहयोग: उन्होंने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री ने भारतीय पोर्ट (कोच्चि) पर ईरानी वॉरशिप 'लावन' को डॉक करने की अनुमति देने के लिए भारत का आभार व्यक्त किया है। 📊 संसद और युद्ध: मुख्य आंकड़े श्रेणी विवरण डेटा / स्थिति भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में कुल संख्या 1 करोड़ (लगभग) वतन वापसी अब तक सुरक्षित निकले नागरिक 67,000 हताहत (भारतीय) मर्चेंट नेवी के कर्मचारी 2 मृत, 1 लापता ऊर्जा संकट कच्चे तेल की स्थिति सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा संसदीय स्थिति लोकसभा मंगलवार 11 बजे तक स्थगित 3. 'वॉरशिप लावन' और भारत की कूटनीतिक भूमिका ईरान और इजराइल के बीच जारी सीधी जंग के बीच भारत एक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है: कोच्चि पोर्ट डॉकिंग: ईरान के युद्धपोत 'लावन' को कोच्चि में जगह देना भारत के मानवीय और कूटनीतिक सहयोग का हिस्सा है। शांति की अपील: जयशंकर ने दोहराया कि भारत किसी भी पक्ष का समर्थन करने के बजाय 'शांति और बातचीत' (Dialogue and Diplomacy) के पक्ष में है। 4. विपक्ष का वॉकआउट और नारेबाजी जब विदेश मंत्री राज्यसभा में अपना बयान दे रहे थे, तब विपक्ष ने असंतोष जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। लोकसभा में भी जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तो विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर हंगामा किया। विपक्ष का तर्क है कि सरकार युद्ध के कारण होने वाली महंगाई और तेल की कीमतों पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
कर्नाटक बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाएगा
Social Media Ban in Karnataka: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध; कर्नाटक बना देश का पहला राज्य।

सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक: कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने वाला पहला राज्य; आंध्र प्रदेश में भी तैयारी बेंगलुरु | 6 मार्च 2026 भारत में डिजिटल सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा की है कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसी राह पर चलते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए समान प्रतिबंध की तैयारी शुरू कर दी है। यहाँ इस बड़े फैसले, इसके लागू होने की प्रक्रिया और वैश्विक संदर्भों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बजट भाषण: "बच्चों का भविष्य प्राथमिकता" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए इस कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर दिया: गलत प्रभाव की चिंता: सीएम ने कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनके मानसिक विकास और व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। नियमों की तैयारी: इस बैन को तकनीकी रूप से कैसे लागू किया जाएगा, इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों की टीम नियम तैयार कर रही है। नशे के खिलाफ जंग: सरकार ने केवल डिजिटल ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में नशे (Drugs) की समस्या को खत्म करने के लिए सख्त निगरानी और काउंसलिंग केंद्र खोले जाएंगे। 2. कैसे लागू होगा यह बैन? (एज वेरिफिकेशन और DPDP एक्ट) सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अब बच्चों की उम्र छिपाना आसान नहीं होगा। यह प्रस्ताव भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और 2025 के नियमों के साथ एकीकृत किया जाएगा: पैरेंटल कंसेंट (माता-पिता की अनुमति): किसी भी नाबालिग का अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की डिजिटल सहमति अनिवार्य होगी। डिजिटल लॉकर और पहचान: उम्र के सत्यापन (Age Verification) के लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर का उपयोग किया जाएगा। कंपनियों की जिम्मेदारी: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे नाबालिगों के अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करें। 3. आंध्र प्रदेश की तैयारी: 13 साल की डेडलाइन कर्नाटक के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित करने जा रही है। नायडू ने इसे "भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने वाला कदम" बताया। 📊 सोशल मीडिया बैन: भारत बनाम दुनिया देश / राज्य उम्र सीमा कानून / स्थिति कर्नाटक (भारत) 16 साल से कम बजट 2026 में घोषणा; देश का पहला राज्य। ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल' (नवंबर 2024) लागू। आंध्र प्रदेश (भारत) 13 साल से कम विधानसभा में प्रस्ताव पेश। अमेरिका (कुछ राज्य) 14-16 साल कई राज्यों में पैरेंटल कंट्रोल कानून लागू। 4. टीनएजर्स और सोशल मीडिया: आकर्षण और जोखिम मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था (Teenage) में सोशल मीडिया के प्रति झुकाव के गहरे कारण हैं: सोशल वैलिडेशन: टीनएजर्स के लिए लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास का जरिया हैं। इंस्टेंट रिएक्शन उन्हें यह महसूस कराता है कि वे समाज में मायने रखते हैं। वर्चुअल आइडेंटिटी: बच्चे अक्सर अपनी असल जिंदगी से ज्यादा अपनी वर्चुअल पहचान (Profile) को संवारने में समय बिताते हैं, जिससे वे वास्तविक सामाजिक कौशल (Social Skills) खो देते हैं। साइबर जोखिम: कम उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से साइबर बुलिंग, प्राइवेसी ब्रीच और हानिकारक कंटेंट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 5. ऑस्ट्रेलिया मॉडल से प्रेरणा कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल 2024' से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी टेक कंपनियों पर यह जिम्मेदारी डाली है कि वे उम्र की सख्त जांच करें। वहां इस कानून के उल्लंघन पर कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

रवि चौहान मार्च 6, 2026 0
आंध्र प्रदेश- पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 20 लोगों की मौत
Andhra Pradesh Firecracker Blast: काकीनाडा की पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 20 की मौत; धान के खेतों में बिखरे मिले शव।

आंध्र प्रदेश: काकीनाडा की पटाखा यूनिट में भीषण धमाका; 20 मजदूरों की मौत, धान के खेतों में बिखरे मिले शवों के चिथड़े काकीनाडा | 28 फरवरी 2026 आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार दोपहर वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (Firecracker Unit) में जोरदार विस्फोट होने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूरों के शवों के टुकड़े कई मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। यहाँ इस भीषण त्रासदी, राहत कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दोपहर 2 बजे का वो भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे हुआ: भीषण आवाज: धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियां चटक गईं और लोग भूकंप की आशंका से घरों से बाहर निकल आए। मलबे का ढेर: विस्फोट के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी यूनिट जलकर राख हो गई। मौके पर केवल काला धुआं और मलबे का ढेर नजर आ रहा था। खेतों में बिखरी लाशें: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के दबाव के कारण मजदूरों के शव उड़कर पास के धान के खेतों में जा गिरे। स्थानीय ग्रामीण खाद की बोरियों से बनी चादरों (बाराकालू) में क्षत-विक्षत शवों को समेटते देखे गए, जो बेहद डरावना मंजर था। 2. राहत एवं बचाव कार्य: ड्रोन से की जा रही तलाश प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है: ड्रोन का उपयोग: खेतों में फसल घनी होने के कारण शवों के हिस्सों और लापता लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद ली है। गंभीर रूप से झुलसे घायल: काकीनाडा गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अधीक्षक के अनुसार, अस्पताल लाए गए 6 घायल 90% से 100% तक झुलस चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। 📊 हादसे का विवरण: एक नजर में विवरण तथ्य स्थान वेटलापलेम गांव, काकीनाडा जिला (आंध्र प्रदेश) समय शनिवार दोपहर, लगभग 2:00 बजे मृतकों की संख्या 20 (पुष्टि हो चुकी है) घायलों की स्थिति 6 गंभीर (90-100% बर्न इंजरी) धमाके की तीव्रता 5 किमी के दायरे में सुनाई दी मुख्य कारण पटाखा निर्माण के दौरान बारूद में विस्फोट (जांच जारी) 3. मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई है: चंद्रबाबू नायडू का शोक: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय मंत्रियों और जिला कलेक्टर को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और पीड़ितों के परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री का बयान: राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने कहा कि प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश भी दिए हैं। 4. जांच के घेरे में सुरक्षा मानक प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके के समय यूनिट के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। अब जांच इस दिशा में की जा रही है कि: क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था? क्या क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री वहां जमा की गई थी? क्या निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?

रवि चौहान फ़रवरी 28, 2026 0
दिल्ली शराब नीति केस; केजरीवाल बोले- मोदी-शाह ने साजिश रची
Delhi Liquor Policy Case Verdict: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया CBI केस में बरी; कोर्ट ने जांच एजेंसी को जमकर लताड़ा।

शराब नीति केस: केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी; कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार, कहा- "बिना सबूत के फंसाया गया" नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026 दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित सभी 23 आरोपियों को बरी (Discharge) कर दिया है। कोर्ट ने न केवल आरोपियों को राहत दी, बल्कि जांच एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली और उसकी चार्जशीट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। यहाँ इस ऐतिहासिक फैसले, केजरीवाल के बयानों और केस की पूरी डिटेल दी गई है: 1. राउज एवेन्यू कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: "फर्जी और बेकार केस" स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने करीब 600 पन्नों के अपने आदेश में CBI की जांच की धज्जियां उड़ा दीं। अदालत की फटकार: जज ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी कई चीजें हैं जिनका किसी गवाह या सबूत से कोई लेना-देना नहीं है। भ्रामक बयान: कोर्ट ने पाया कि CBI आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रही है। चार्जशीट में भ्रामक बयान दर्ज किए गए थे जो सबूतों का समर्थन नहीं करते। केजरीवाल पर टिप्पणी: कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस आधार और सबूत के इस केस में फंसाया गया था। 2. केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: "अब कत्ल कराकर ही मुझे रोक सकते हैं" अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में हुंकार भरी। वे मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हुए। मोदी-शाह पर हमला: केजरीवाल ने कहा, "यह पूरा षड्यंत्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने रचा था। वे AAP को चुनाव में हरा नहीं पाए, तो हमें खत्म करने के लिए ED-CBI पीछे छोड़ दी।" इज्जत की कमाई: केजरीवाल ने रोते हुए कहा, "मैंने पूरी जिंदगी सिर्फ इज्जत और ईमानदारी कमाई है। इन्होंने उसी पर चोट करने की कोशिश की। आज कोर्ट ने साबित कर दिया कि हम 'कट्टर ईमानदार' हैं।" चुनाव की चुनौती: पूर्व CM ने चुनौती देते हुए कहा, "आज दिल्ली में चुनाव करा लो, अगर भाजपा की 10 सीटें भी आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" ट्रम्प का जिक्र: केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी विदेशी दबाव (ट्रम्प) के सामने कमजोर पड़ रहे हैं, जबकि घर में विपक्ष को कुचलने में लगे हैं। 📊 केस की पूरी टाइमलाइन: 2022 से 2026 तक वर्ष / तारीख घटनाक्रम अगस्त 2022 CBI ने नई शराब नीति में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। सितंबर 2022 ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और छापेमारी शुरू की। फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए जेल भेजा गया। जुलाई-सितंबर 2024 सुप्रीम कोर्ट से सभी बड़े नेताओं को जमानत मिली। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI केस में सभी 23 आरोपियों को बरी किया। 3. CBI के 5 बड़े दावे जिन्हें कोर्ट ने नकारा CBI ने अपनी चार्जशीट में जो बड़े दावे किए थे, वे अदालती कसौटी पर टिक नहीं पाए: साउथ ग्रुप से डील: CBI का दावा था कि विजय नायर के जरिए के. कविता और 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई। गोवा चुनाव में खर्च: आरोप था कि 44.5 करोड़ रुपये कैश गोवा चुनाव में खर्च किए गए। लाइसेंसिंग में फायदा: दावा किया गया कि शराब निर्माताओं और थोक विक्रेताओं का एक गुट (Cartel) बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया। विजय नायर की भूमिका: नायर को केजरीवाल का 'कैश हैंडलर' बताया गया था। नियमों का उल्लंघन: चार्जशीट में कहा गया था कि प्रॉफिट मार्जिन को जानबूझकर 12% किया गया ताकि भ्रष्टाचार हो सके। 4. कानूनी असर: ED केस का क्या होगा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि CBI केस में बरी होने का सीधा असर ED (प्रवर्तन निदेशालय) के मामले पर पड़ेगा। आधार खत्म: चूंकि ED का मनी लॉन्ड्रिंग केस CBI की FIR (शेड्यूल्ड ऑफेंस) पर आधारित होता है, इसलिए जब मुख्य केस ही गिर गया है, तो ED का मामला भी कमजोर पड़ गया है। अपील की तैयारी: CBI ने कहा है कि वह ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी। 5. समर्थकों का जश्न और भावुक दृश्य कोर्ट के बाहर जैसे ही फैसले की खबर आई, AAP कार्यकर्ताओं ने 'गदा' लहराकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। केजरीवाल अपनी कार की सनरूफ से बाहर निकलकर समर्थकों का अभिवादन करते दिखे। सिसोदिया और केजरीवाल एक-दूसरे के गले लगकर भावुक होते नजर आए।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0
9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत
Nagaur School Tragedy: नागौर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत; 4 महीने पहले भाई की भी ऐसे ही हुई थी जान।

राजस्थान के नागौर में मासूम पर कुदरत का कहर: 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत; 4 महीने पहले भाई ने भी इसी तरह तोड़ा था दम नागौर (गोटन) | 26 फरवरी 2026 राजस्थान के नागौर जिले के गोटन कस्बे से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने न केवल चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गोटन इंटरनेशनल स्कूल में 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय मासूम दिव्या की स्कूल ग्राउंड में खेलते समय अचानक हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) से मौत हो गई। सबसे दुखद पहलू यह है कि ठीक 4 महीने पहले दिव्या के सगे भाई की भी इसी तरह अचानक मौत हो गई थी। गुरुवार को इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। यहाँ इस दुखद घटना, पारिवारिक पृष्ठभूमि और विशेषज्ञों की राय का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. स्कूल में खेल रही थी, अचानक लड़खड़ाकर गिरी घटना 23 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:48 बजे की है। स्कूल डायरेक्टर रामकुंवार ओला के अनुसार: सामान्य सुबह: तालनपुर निवासी राजेंद्र बापेडिया की बेटी दिव्या रोज की तरह स्कूल आई थी। सुबह की प्रार्थना (प्रेयर) शुरू होने में अभी कुछ समय बाकी था। खेलते-खेलते मौत: दिव्या ग्राउंड में अपने सहपाठियों के साथ खेल रही थी। सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि दौड़ते-दौड़ते दिव्या अचानक लड़खड़ाई और मुंह के बल जमीन पर गिर पड़ी। अस्पताल में मृत घोषित: स्कूल स्टाफ तुरंत उसे गोटन के राजकीय अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। 2. एक ही परिवार में दो मासूमों का जाना: भाई की भी हुई थी ऐसी ही मौत यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार के लिए दोहरी त्रासदी है। दिव्या के परिजनों ने बताया कि यह उनके घर में दूसरी ऐसी मौत है: अभिषेक की मौत: दिव्या के बड़े भाई अभिषेक की मौत भी महज 4 महीने पहले 9 सितंबर 2025 को हुई थी। समान लक्षण: अभिषेक भी घर पर खेल रहा था और अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे भी अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। जेनेटिक संदेह: एक ही परिवार के दो बच्चों की इस तरह अचानक मौत ने डॉक्टरों को किसी 'जेनेटिक हार्ट कंडिशन' (अनुवांशिक हृदय रोग) की ओर इशारा करने पर मजबूर कर दिया है। 📊 घटनाक्रम: एक नजर में विवरण तथ्य छात्रा का नाम दिव्या (9 वर्ष), कक्षा 5 स्थान गोटन इंटरनेशनल स्कूल, नागौर (राजस्थान) तारीख और समय 23 फरवरी 2026, सुबह 7:48 बजे भाई की मौत 9 सितंबर 2025 (4 महीने पहले) प्रारंभिक कारण कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) 3. मेडिकल जांच और परिजनों का निर्णय अस्पताल के डॉक्टरों ने दिव्या के शरीर की प्राथमिक जांच की: कोई चोट नहीं: दिव्या के शरीर पर गिरने से लगी मामूली खरोंच के अलावा कोई आंतरिक या गंभीर बाहरी चोट के निशान नहीं थे। पोस्टमॉर्टम से इनकार: भाई को खोने के बाद अब इकलौती बेटी को खो चुके माता-पिता पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने दिव्या का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। 4. विशेषज्ञों की चेतावनी: बच्चों में बढ़ता साइलेंट हार्ट अटैक पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में युवाओं और बच्चों में अचानक हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसके कई कारण हो सकते हैं: हाइपरट्रोफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM): यह एक जेनेटिक बीमारी है जिसमें दिल की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं, जिससे अचानक धड़कन रुक सकती है। जन्मजात हृदय दोष: कई बार बच्चों के दिल में जन्म से ही कुछ छेद या नसों की गड़बड़ी होती है जो सामान्य जांच में पकड़ में नहीं आती। पोस्ट-कोविड प्रभाव: कुछ डॉक्टर इसे कोविड-19 के बाद शरीर में आए सूक्ष्म बदलावों से भी जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इस पर अभी शोध जारी है।

रवि चौहान फ़रवरी 26, 2026 0
राहुल बोले-मोदी ने अमेरिका से देश बेचने की डील की
Rahul Gandhi Bhopal Kisan Chaupal: "मोदी ने दबाव में देश बेचा"; राहुल गांधी का अडाणी और एपस्टीन फाइल्स पर बड़ा धमाका।

भोपाल में कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल': राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा- "अडाणी और एपस्टीन केस के दबाव में देश का डेटा और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचा" भोपाल | 24 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल' के दौरान राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस समझौते को 'डील' नहीं बल्कि देश के किसानों और डेटा का 'आत्मसमर्पण' करार दिया। यहाँ राहुल गांधी के भाषण, खड़गे के प्रहार और इस महाचौपाल की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का आरोप: "दबाव और धमकी में हुई ट्रेड डील" राहुल गांधी ने भोपाल के मंच से प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह समझौता किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक बचाव के लिए किया गया है। अडाणी और एपस्टीन कनेक्शन: राहुल ने दावा किया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहे क्रिमिनल केस और 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) में कुछ नामों के होने के डर से सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। एक तरफ अडाणी का केस है, दूसरी तरफ एपस्टीन की फाइल्स।" डेटा की चोरी: राहुल ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे कीमती संसाधन 'डेटा' है। अमेरिका को चीन का मुकाबला करने के लिए भारत के डेटा की जरूरत है और पीएम मोदी ने इस डील की एक छोटी सी स्क्रिप्ट में पूरा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया। किसानों का नुकसान: राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका से सोया, कपास और भुट्टा (कॉर्न) को जीरो टैक्स पर भारत लाने की छूट दी जा रही है, जिससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। 2. खड़गे का कटाक्ष: "नरेंद्र मोदी अब 'सरेंडर मोदी' हैं" कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर कड़े शब्दों में प्रहार किया: नाम बदलने की राजनीति: खड़गे ने कहा, "मोदी जी का काम सिर्फ योजनाओं और रास्तों के नाम बदलना है। चूंकि उनका जन्म कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।" कमजोर नेतृत्व: खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने "यस सर" (Yes Sir) कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि भारत जो पहले व्यापार में लाभ कमाता था, अब वह भारी घाटे की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: खड़गे ने आरोप लगाया कि ट्रंप के कहने पर मोदी जी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' रोककर बड़ी गलती की और देश के स्वाभिमान से समझौता किया। 3. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे और चीनी घुसपैठ का मुद्दा राहुल गांधी ने संसद में खुद को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का जिक्र किया। अकेला छोड़ा गया: राहुल ने कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री ने हाथ खड़े कर दिए थे। नरवणे ने लिखा है कि सरकार ने उस वक्त सेना को अकेला छोड़ दिया था। संसद में सेंसरशिप: राहुल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने यह मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहा, तो अमित शाह और पीएम मोदी के इशारे पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया। 📊 ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस के 5 प्रमुख तर्क मुद्दा कांग्रेस का दावा / आरोप प्रक्रिया बिना कैबिनेट और मंत्रियों (नितिन गडकरी, शिवराज सिंह) से पूछे डील फाइनल की गई। टैक्स भारत को अमेरिका से आने वाले माल पर टैक्स कम करना होगा, जबकि भारत को कोई विशेष छूट नहीं मिली। इंडस्ट्री कपास और टेक्सटाइल सेक्टर बर्बाद हो जाएगा क्योंकि सस्ता अमेरिकी कपास बाजार में भर जाएगा। डेटा सुरक्षा भारत का विशाल डेटा अमेरिका के तकनीकी दिग्गजों को सौंप दिया गया है। दबाव अडाणी पर अमेरिकी कार्रवाई रोकने के बदले यह 'देश बेचने' की डील की गई। 4. बीजेपी का पलटवार: "राहुल का बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में" मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रद्रोह: विश्वास सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि खराब करना राहुल की आदत है। उनके बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आते हैं। कृषि ज्ञान पर सवाल: सीएम मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि रबी और खरीफ की फसलें क्या होती हैं। कांग्रेस ने दशकों तक किसानों के साथ अन्याय किया है। 5. महाचौपाल की झलकियां: हल भेंट और धक्का-मुक्की हल भेंट: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने राहुल और खड़गे को 'हल' भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का जोश: भारी भीड़ के कारण पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बिजली के खंभों और रेलिंग पर चढ़कर झंडे लहराते नजर आए। घायल कार्यकर्ता: राहुल गांधी ने मंच पर एक कार्यकर्ता से मुलाकात की जिसे पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चोटें आई थीं।

रवि चौहान फ़रवरी 24, 2026 0
अमेरिकी टैरिफ डील, राहुल बोले- मोदी ने विश्वासघात किया
US-India Trade Deal Controversy: राहुल गांधी और खड़गे का मोदी सरकार पर हमला; बोले- "टैरिफ डील में किया भारत का आत्मसमर्पण"।

अमेरिकी टैरिफ डील पर 'सियासी रार': विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "पीएम का विश्वासघात उजागर", खड़गे ने पूछा- "सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?" नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 अमेरिकी टैरिफ और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, भारतीय विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना कानूनी स्थिति स्पष्ट हुए 'जल्दबाजी' में समझौता किया, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ विपक्ष के आरोपों, अमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. विपक्ष का प्रहार: "हताशा में किया गया आत्मसमर्पण" कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की 'ट्रेड डिप्लोमेसी' पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं: राहुल गांधी: शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का "विश्वासघात" अब सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि भारत इस व्यापार समझौते में फिर से "आत्मसमर्पण" कर देगा, जिससे देश की आर्थिक स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इस समझौते को एक 'ट्रैप डील' (Trap Deal) करार दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? क्या सरकार पर किसी तरह का दबाव था? जयराम रमेश: उन्होंने कहा कि यदि सरकार महज 18 दिन और रुक जाती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर रक्षा की जा सकती थी। 2. दिग्गज नेताओं की 4 बड़ी टिप्पणियां विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सरकार की रणनीति को 'असंतुलित' बताया है: नेता मुख्य आरोप / टिप्पणी मल्लिकार्जुन खड़गे क्या यह 'एप्सटीन फाइल्स' का दबाव था? सरकार 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रही। जयराम रमेश प्रधानमंत्री की हताशा के कारण यह समझौता भारत पर थोपा जा रहा है। 18 दिन का इंतजार भारी पड़ता। मनीष तिवारी यह फैसला लोकतंत्र के लिए जरूरी है। न्यायपालिका को कार्यपालिका की 'तानाशाही' वाली ज्यादती रोकनी ही चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ और अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो; यह डील पूरी तरह असंतुलित और एकतरफा है। 3. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 'ऐतिहासिक' फैसला शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट का तर्क: संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) को है। राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का बहाना बनाकर संसद की शक्तियों को नहीं छीन सकते। भारत पर असर: इस फैसले के बाद भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ कानूनी तौर पर अवैध हो गया था। विपक्ष का तर्क यही है कि यदि भारत रुकता, तो उसे कोई भी टैरिफ देने की जरूरत नहीं पड़ती। 4. ट्रम्प का जवाबी दांव: 10% नया ग्लोबल टैरिफ कोर्ट के फैसले के मात्र 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रम्प ने नया दांव खेल दिया: नया कानून (Section-122): ट्रम्प ने 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 का उपयोग करते हुए दुनिया भर पर 10% टैरिफ लगा दिया। लागू होने की तारीख: यह नया टैरिफ 24 फरवरी 2026 की आधी रात से लागू होगा। भारत की स्थिति: बीबीसी के अनुसार, अब भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि ट्रेड डील जारी रहेगी। 5. व्यापार समझौते का वर्तमान स्टेटस वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, विवादों के बावजूद प्रक्रिया जारी है: फरवरी अंत: अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा। मार्च: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे। अप्रैल: डील पूरी तरह लागू हो जाएगी। भारत की रियायत: भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमति जताई है।

रवि चौहान फ़रवरी 21, 2026 0
शशि थरूर बोले-बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं
शि थरूर ने समिट की तारीफ की, गलगोटिया विवाद को बताया 'बड़े आयोजन की छोटी भूल'; राहुल गांधी ने घेरा।

AI समिट विवाद पर शशि थरूर का संतुलित रुख: 'बड़े आयोजनों में छोटी गड़बड़ियां मुमकिन'; गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद के बीच राहुल गांधी ने सरकार को घेरा नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' अपने समापन की ओर है, लेकिन यह आयोजन तकनीकी नवाचारों से अधिक राजनीतिक विवादों और 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड' के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर तमाशा' करार दिया है, वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक संतुलित टिप्पणी करते हुए आयोजन की सराहना की है। यहाँ शशि थरूर के बयान, गलगोटिया विवाद और इस समिट से जुड़ी हर बड़ी जानकारी का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. शशि थरूर की टिप्पणी: "बड़े इवेंट में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं" अपनी नई किताब (श्री नारायण गुरु के जीवन पर आधारित) के विमोचन के दौरान थरूर ने समिट और देश की रक्षा नीति पर अपने विचार साझा किए: सकारात्मक पक्ष: थरूर ने कहा कि समिट के पहले कुछ दिन शानदार रहे। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी एक 'एकीकृत दुनिया' (Integrated World) का मजबूत संदेश देती है। विवाद पर नरम रुख: गलगोटिया विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मुख्य फोकस भारत की लीडरशिप पर होना चाहिए। रक्षा नीति पर सरकार का समर्थन: थरूर ने 'राफेल' और भारत की रक्षा तैयारियों पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने इसे "डिफेंसिव डिफेंस" (Defensive Defense) बताया, जिसका अर्थ है खुद को इतना मजबूत करना कि कोई दूसरा देश हमला करने का दुस्साहस न कर सके। 'केरल स्टोरी 2' का विरोध: थरूर ने आने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को 'नफरत फैलाने वाली' बताया और कहा कि कुछ इक्का-दुक्का मामलों को बड़ी कहानी बनाकर पेश करना गलत है। 2. गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद: चीनी रोबोट को बताया अपना 'आविष्कार' समिट के दौरान उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया गया। धोखाधड़ी का आरोप: यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि यह उनका स्वदेशी नवाचार है। हालांकि, जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री (Unitree) का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा एक रेडीमेड कोरियन ड्रोन को भी अपना बताया गया। आयोजकों की कार्रवाई: विवाद बढ़ते ही यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया। उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और वहां ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। यूनिट्री रोबोट की विशेषता: यूनिट्री का यह रोबोटिक डॉग AI से लैस है जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और बाधाओं को पहचानने में सक्षम है। 3. राहुल गांधी और कांग्रेस का कड़ा प्रहार: "देश का मजाक बनवाया" कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा हमला बोला है: राहुल गांधी का बयान: नेता विपक्ष ने कहा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस समिट को केवल एक 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल' (अव्यवस्थित प्रचार तमाशा) बनाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय छवि: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीनी मीडिया भारतीय समिट का मजाक उड़ा रही है, क्योंकि हम उनके रोबोट को अपना बताकर पेश कर रहे थे। उन्होंने इसे देश की छवि को अपूरणीय क्षति बताया। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी की सफाई: "चलता-फिरता क्लासरूम" चौतरफा घिरने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा: दावे का खंडन: यूनिवर्सिटी ने अब मान लिया है कि उन्होंने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं कहा (हालांकि वायरल वीडियो में स्टाफ इसे अपना प्रोजेक्ट बताते दिखे थे)। सीखने का जरिया: यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वे दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कैंपस में लाते हैं ताकि छात्र उन पर प्रयोग कर सकें और भविष्य में ऐसी मशीनें भारत में बना सकें। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक 'चलता-फिरता क्लासरूम' बताया। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु विवरण उद्घाटन 16 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। स्थान भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। उद्देश्य खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा देना। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"। मुख्य आकर्षण स्टार्टअप्स के पवेलियंस और ग्लोबल AI सॉल्यूशंस। प्रमुख विवाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी (चीनी रोबोट कांड) और यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन। 5. समिट का भविष्य और भारत की AI ड्राइव तमाम विवादों के बावजूद, यह समिट भारत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जरिए भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का विजन रखा है। समिट में यह दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में: खेती: एआई के जरिए फसलों की बीमारियों और मौसम का सटीक अनुमान। शिक्षा: छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स। स्वास्थ्य: बीमारियों का शुरुआती स्तर पर सटीक डायग्नोसिस।

रवि चौहान फ़रवरी 20, 2026 0
AI समिट में यूथ कांग्रेस का टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन
AI Summit 2026 Protest: भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस का हंगामा; 'PM is Compromised' के टी-शर्ट दिखाए, भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा।

भारत मंडपम में हंगामा: AI समिट 2026 में यूथ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन; 'PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड' के लगाए नारे, भाजपा ने बताया 'एंटी-इंडिया' प्रयोग नई दिल्ली | 20 फरवरी 2026 राजधानी के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के अंतिम चरणों के बीच शुक्रवार को भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और कॉरपोरेट हितों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस प्रदर्शन ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग को भी तेज कर दिया है। यहाँ इस घटनाक्रम, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और समिट से जुड़े विवादों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. प्रदर्शन का घटनाक्रम: जैकेट के नीचे छिपाकर लाए टी-शर्ट यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे हॉल नंबर 5 के पास हुई, जहाँ AI के वैश्विक भविष्य पर चर्चा चल रही थी। विरोध का तरीका: करीब 15-20 कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए एंट्री की थी। उन्होंने सुरक्षा घेरे को चकमा देने के लिए जैकेट और स्वेटर के नीचे विरोध वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। नारेबाजी: समिट हॉल के भीतर पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने अपनी जैकेट उतार दी और सफेद टी-शर्ट लहराने लगे। टी-शर्ट पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो के साथ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ (प्रधानमंत्री ने समझौता कर लिया है) लिखा था। हिरासत: दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 से 5 मुख्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, बाकी प्रदर्शनकारियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के जरिए की जा रही है। 2. भाजपा का तीखा हमला: "कांग्रेस का मतलब एंटी-इंडिया" भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश बताया है। संबित पात्रा का आरोप: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दावा किया कि यह कोई अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था। इसकी योजना राहुल गांधी के आवास पर सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा की मौजूदगी में बनाई गई थी। उन्होंने इसे "संयोग नहीं, प्रयोग" करार दिया। पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राहुल गांधी की हताशा का प्रतीक है, जहाँ वे सरकार को निशाना बनाने के लिए देश के गौरव का अपमान कर रहे हैं। शहजाद पूनावाला: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए AI का मतलब 'एंटी-इंडिया' है और वे भारत की उपलब्धियों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। 3. यूथ कांग्रेस का पक्ष: "देशहित से समझौता मंजूर नहीं" इंडियन यूथ कांग्रेस ने इस विरोध को 'कर्तव्य' बताया है। उदय भानु चिब (अध्यक्ष, IYC): उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ता "राहुल गांधी के सिपाही" हैं और वे डरेंगे नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति में 'नरमी' और कॉरपोरेट घरानों के प्रति 'झुकाव' साफ नजर आ रहा है। तर्क: कांग्रेस का दावा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश के युवाओं और किसानों के हितों की अनदेखी की गई है, जिसके खिलाफ आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: मुख्य तथ्य विवरण जानकारी उद्घाटन 16 फरवरी 2026 (पीएम मोदी द्वारा)। अवधि 16 से 21 फरवरी 2026 (भीड़ के कारण एक दिन बढ़ाया गया)। प्रतिभागी 100+ देश, 20+ राष्ट्राध्यक्ष, 60+ मंत्री और 45+ टेक दिग्गज। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सभी का कल्याण)। विवाद का केंद्र गलगोटिया यूनिवर्सिटी का रोबोटिक डॉग 'ओरायन'। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी और 'चीनी रोबोट' विवाद समिट के शुरुआती दिनों में ही एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिसे राहुल गांधी ने "PR तमाशा" बताया था: नकली इनोवेशन: उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया और इसे अपना आविष्कार बताया। सच्चाई का खुलासा: टेक एक्सपर्ट्स ने जल्द ही पहचान लिया कि यह चीनी कंपनी 'Unitree' का 'Go2' मॉडल है। इसी तरह एक ड्रोन भी रेडीमेड निकला। शर्मिंदगी: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इस 'झूठ' को प्रमोट कर रहे थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख गिरी। बाद में सरकार ने यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर कर दिया और यूनिवर्सिटी ने भी स्वीकार किया कि वह डॉग उन्होंने नहीं बनाया था। 5. विपक्ष की मिली-जुली प्रतिक्रिया जहाँ यूथ कांग्रेस आक्रामक रही, वहीं विपक्षी गठबंधन के कुछ अन्य नेताओं ने समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन को लेकर असहमति जताई। RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि यद्यपि देश में आक्रोश है, लेकिन इस तरह के वैश्विक कार्यक्रमों में प्रदर्शन करना उचित नहीं था।

रवि चौहान फ़रवरी 20, 2026 0
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

Top week

गिल को क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड देगा BCCI
खेल

BCCI Awards 2026: शुभमन गिल बनेंगे क्रिकेटर ऑफ द ईयर; राहुल द्रविड़ और मिताली राज को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0