देश

फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे
Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

संसद में घमासान: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष; राहुल गांधी को बोलने न देने पर लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026 बजट सत्र के 9वें दिन संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने और स्पीकर द्वारा महिला सांसदों पर लगाए गए आरोपों के विरोध में सदन की कार्यवाही मात्र 13 मिनट ही चल पाई। अब खबरें आ रही हैं कि विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है: 1. राहुल गांधी बनाम सरकार: "बोलने देंगे या नहीं?" दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो राहुल गांधी और आसंदी (स्पीकर की चेयर) पर बैठीं संध्या राय के बीच तीखी बहस हुई: राहुल का दावा: राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर ने एक घंटे पहले केबिन में उनसे वादा किया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने सीधे सवाल किया— "क्या आप मुझे बोलने देंगी या नहीं?" सरकार का पलटवार: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे भी केबिन में थे और ऐसा कोई 'कमिटमेंट' नहीं हुआ था। नतीजा: हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। नियम: इस प्रस्ताव को लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों का लिखित समर्थन और 14 दिन का नोटिस जरूरी है। वजह: कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर दुख जताया है कि उन्होंने सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्ष की महिला सांसदों पर 'झूठे और अपमानजनक' आरोप लगाए हैं। 3. प्रियंका गांधी का हमला: "मोदी जी में सदन आने की हिम्मत नहीं" कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा: "नरेंद्र मोदी जी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की, इसलिए स्पीकर से सफाई दिलवा रहे हैं। स्पीकर पर इतना प्रेशर है कि उन्हें खुद बयान देना पड़ रहा है। महिला सांसदों का अपमान किया गया है।" 📊 सदन के भीतर क्या है विवाद के मुख्य मुद्दे? मुद्दा विपक्ष का आरोप सरकार/स्पीकर का पक्ष जनरल नरवणे की किताब सरकार चर्चा से डर रही है और बोलने नहीं दे रही। रक्षा मंत्री के अनुसार किताब अभी छपी ही नहीं है। महिला सांसद विवाद स्पीकर ने महिला सांसदों पर झूठे आरोप लगाए। सत्ता पक्ष का दावा है कि विपक्षी सदस्य मर्यादा लांघ रहे हैं। बजट और US डील किसानों पर असर और US डील पर चर्चा नहीं हो रही। विपक्ष बिना नोटिस दिए किसी भी मुद्दे पर बोलना चाहता है। 4. राहुल गांधी के 3 बड़े सवाल सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाए: सरकार बहस से क्यों डर रही है? खासकर बजट और अमेरिकी सौदों (US Deals) पर। गलत जानकारी: रक्षा मंत्री ने सदन में झूठ क्यों बोला कि नरवणे की किताब छपी नहीं है, जबकि वह बाजार में है? झूठे आरोप: यह झूठ फैलाया गया कि विपक्ष पीएम को धमकी दे रहा है। अगर ऐसा है, तो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार क्यों नहीं करते?

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
पंजाब में लॉ छात्रा की हत्या कर सुसाइड किया
Tarn Taran Law College Shootout: तरनतारन लॉ कॉलेज में मर्डर और सुसाइड; एकतरफा प्यार में संदीप कौर की हत्या; क्लासरूम का CCTV आया सामने।

तरनतारन लॉ कॉलेज में खूनी खेल: एकतरफा प्यार में छात्र ने छात्रा को सिर में मारी गोली, फिर खुद को भी उड़ाया; 6 बहनों की इकलौती उम्मीद खत्म तरनतारन | 9 फरवरी 2026 पंजाब के तरनतारन स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक छात्र ने भरी क्लास में अपनी सहपाठी छात्रा की हत्या कर खुदकुशी कर ली। 'वेलेंटाइन वीक' के दौरान हुए इस दिल दहला देने वाले कांड की वजह एकतरफा प्यार और छात्रा द्वारा शादी के प्रस्ताव को ठुकराना बताया जा रहा है। यहाँ इस वारदात की पूरी टाइमलाइन और विवरण दिया गया है: 1. सीसीटीवी में कैद मौत का मंजर कॉलेज के क्लासरूम से आए फुटेज के अनुसार, सुबह 9:16 बजे खौफनाक वारदात हुई: बातचीत और हत्या: आरोपी प्रिंसराज सिंह क्लास में संदीप कौर (20) के पास जाकर बैठा। कुछ देर बात करने के बाद उसने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और संदीप के सिर से सटाकर गोली मार दी। खुदकुशी: संदीप के गिरते ही प्रिंसराज ने तुरंत पिस्टल दोबारा लोड की और खुद की कनपटी पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पॉइंट ब्लैंक रेंज: हमला इतनी करीब से था कि संदीप का ब्रेन फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 2. हत्या की वजह: एकतरफा प्यार और दबाव पुलिस जांच के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार: सगाई बन गई दुश्मन: मृतक छात्रा संदीप कौर की हाल ही में सगाई हुई थी। प्रिंसराज उस पर सगाई तोड़ने और उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। रिजेक्शन का बदला: माना जा रहा है कि 8 फरवरी (प्रपोज डे) को प्रिंसराज ने उसे प्रपोज किया था, लेकिन संदीप के इनकार के बाद उसने कत्ल की साजिश रची। 3. परिवार का दर्द: "टीचर ने कहा- चोट लगी है" संदीप की मां हरजिंदर कौर ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं: गुमराह करने का आरोप: मां ने बताया कि कॉलेज से फोन आया कि बेटी का झगड़ा हुआ है और उसे मामूली चोट लगी है। जब वे कॉलेज पहुंचे, तो वहां उनकी बेटी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। इकलौता सहारा: संदीप के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह 6 बहनों और एक छोटे भाई के परिवार में बड़ी उम्मीद थी। 📊 केस फाइल: मुख्य बिंदु विवरण जानकारी मृतक छात्रा संदीप कौर (लॉ फर्स्ट ईयर) आरोपी छात्र प्रिंसराज सिंह (तरनतारन निवासी) हथियार अवैध पिस्टल (पुलिस जांच जारी) सुरक्षा चूक कॉलेज गेट पर चेकिंग न होना, बैग में पिस्टल ले जाना 4. कॉलेज प्रबंधन पर उठते सवाल वारदात के बाद गुस्साए परिजनों ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। किसी ने यह चेक नहीं किया कि छात्र बैग में हथियार लेकर क्लासरूम तक कैसे पहुंच गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि प्रिंसराज के पास पिस्टल कहाँ से आया। एसीपी जगबीर के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार उसके पिता का लाइसेंसी था या उसने अवैध रूप से खरीदा था।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला गिरा
सूरजकुंड मेला दुर्घटना 2026: सूरजकुंड मेला में झूला गिरा; पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; डीसी ने दिया विस्तृत जांच आदेश।

सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा: झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; मेला ग्राउंड खाली कराकर जांच के आदेश फरीदाबाद | 7 फरवरी 2026 हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार को खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। मेले के एम्यूजमेंट पार्क में एक बड़ा झूला अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई, जबकि 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यहाँ हादसे से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है: 1. कैसे हुआ हादसा? शनिवार की भीड़ के दौरान मेले में लगा एक बड़ा झूला (Giant Swing) हवा में था, तभी तकनीकी खराबी के कारण वह अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा। इंस्पेक्टर की मौत: हादसे की चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। वे मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात थे। चीख-पुकार: झूले पर उस वक्त 18 लोग सवार थे। झूला गिरते ही मेले में भगदड़ मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, झूला पहले रेलिंग में अटका और फिर अचानक धड़ाम से नीचे आ गिरा। 2. प्रशासन की कार्रवाई: मेला ग्राउंड खाली हादसे के तुरंत बाद फरीदाबाद के डिप्टी कमिश्नर (DC) आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। ग्राउंड खाली: सुरक्षा और जांच के मद्देनजर मेला ग्राउंड को तुरंत खाली करा दिया गया। घायलों का उपचार: कुल 13 घायलों में से 9 को निजी अस्पताल और 3 को बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के आदेश: DC सिन्हा ने कहा कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच होगी। टूरिज्म विभाग की डेली इंस्पेक्शन रिपोर्ट की भी समीक्षा की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज की जाएगी। 3. गेट गिरने की दूसरी घटना झूला गिरने से पहले शनिवार शाम को ही गेट नंबर-2 के पास बना एक डिजाइनर गेट भी अचानक गिर गया था। यह गेट पहले से ही झुका हुआ था। इसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने मलबा हटाया। 📊 सूरजकुंड मेला 2026: एक नज़र में विवरण जानकारी अवधि 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक प्रतिभागी 30 राज्यों के 1150 कलाकार और 46 देश उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा हादसे का शिकार इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (SHO, चांदहट) कुल घायल 13 व्यक्ति 4. चश्मदीद की जुबानी दुकानदार राघव ने बताया, "झूला गिरते ही लोग चिल्लाने लगे। मैंने अपनी जान जोखिम में डालकर झूले पर चढ़कर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा। तभी अचानक झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा और रेलिंग मेरे कंधे पर लगी। वहां खड़े इंस्पेक्टर साहब बुरी तरह घायल हो गए थे।"

रवि चौहान फ़रवरी 7, 2026 0
मणिपुर- डिप्टी सीएम की हत्या पर ₹20 लाख का इनाम
चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; विधायकों पर इनाम का ऐलान; मणिपुर बंद।

मणिपुर फिर अशांत: डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन; विधायकों को मारने पर 'इनाम' का ऐलान चुराचांदपुर | 6 फरवरी 2026 मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम से शुरू हुई हिंसा शुक्रवार को और भयावह हो गई है। राज्य की नई सरकार में नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के बीच गहरी दरार पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षाबलों पर पथराव किया, बल्कि विधायकों के खिलाफ 'डेथ वारंट' जैसी विवादित घोषणाएं भी की हैं। यहाँ मणिपुर के मौजूदा तनाव की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हिंसक झड़पें और सुरक्षाबलों का पीछे हटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है: सुरक्षाबलों पर हमला: सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरकों में धकेलने की कोशिश की और भारी पत्थरबाजी की। असम राइफल्स की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स को लगाया गया, लेकिन भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए उन्हें अस्थाई रूप से पीछे हटना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है। 2. विधायकों को जान से मारने की धमकी और 'इनाम' हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने चौंकाने वाले ऐलान किए हैं: नेम्चा किप्गेन: डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते: इन विधायकों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। विश्वासघात का आरोप: कुकी संगठनों का आरोप है कि इन विधायकों ने मैतेई-बहुल सरकार का साथ देकर अपने समुदाय के साथ 'गद्दारी' की है। 📊 मणिपुर विधानसभा में कुकी विधायकों की स्थिति कुल कुकी विधायक भाजपा के विधायक हमार जनजाति प्रतिनिधि ताजा विवाद की वजह 10 07 एन सेनाते (NDA हिस्सा) नई सरकार में डिप्टी सीएम पद स्वीकार करना 3. कुकी समुदाय में दो फाड़ सरकार गठन को लेकर कुकी समाज अब दो गुटों में बंट गया है: विरोध करने वाला धड़ा: इनका मानना है कि इंफाल में हुई हत्याओं और संपत्तियों के नुकसान के बाद मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना शहीदों का अपमान है। आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। समर्थन करने वाला धड़ा: विधायकों का कहना है कि वे समुदाय की सुरक्षा, विकास और बातचीत के रास्ते खोलने के लिए सरकार का हिस्सा बने हैं। 4. पहली महिला डिप्टी सीएम पर संकट नेम्चा किप्गेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच चुकी हैं, लेकिन उनके अपने ही गृह जिले चुराचांदपुर में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कुकी वीमेंस ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने उनके पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित
लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

संसद में घमासान: लोकसभा 9 फरवरी तक स्थगित; राहुल गांधी को बिट्टू की 'पाठशाला' वाली सलाह और 'ट्रैप डील' पर बवाल नई दिल्ली | 6 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का भारी शोर-शराबा जारी रहा। सुरक्षा आशंकाओं और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज 10 मिनट (3 मिनट और 7 मिनट के दो सत्र) ही चल सकी, जिसके बाद इसे सोमवार 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यहाँ आज की संसदीय गहमागहमी की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. "पीएम की पाठशाला में जाएं राहुल": रवनीत बिट्टू का तंज केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। बालक और पाठशाला: बिट्टू ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कल सबने उन्हें बालक कहा। आज पीएम की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना सिखाया गया। अगर राहुल भी वहां चले जाएं, तो शायद जीवन में कामयाब हो जाएं।" माफी की मांग: बीजेपी सांसद शशांक मणि ने मांग की कि राहुल गांधी को बिट्टू के खिलाफ 'गद्दार' शब्द इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। 2. नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना और 'लाइब्रेरी' का दांव बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश की वर्तमान समस्याओं के लिए सीधे तौर पर नेहरू-गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया। रिसर्च सेंटर: दुबे ने घोषणा की कि वे एक ऐसी लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर बनाएंगे जहां जनता को यह बताया जाएगा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश के साथ क्या किया है। उन्होंने लोगों से इस हेतु पुरानी किताबें दान करने का आग्रह किया। विपक्ष का पलटवार: सपा सांसद राजीव राय और शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने इंदिरा गांधी और नेहरू के खिलाफ की गई टिप्पणियों को 'निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। 3. '56 इंच का सीना और सुरक्षा ड्रामा': विपक्ष के सवाल स्पीकर ओम बिरला द्वारा पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मणिकम टैगोर: "हमारे पीएम 56 इंच के सीने वाले हैं, फिर वे ऐसा ड्रामा क्यों कर रहे हैं? क्या वे अपने ही सांसदों से डरे हुए हैं?" प्रमोद तिवारी: उन्होंने कहा कि खुद को असुरक्षित बताकर पीएम ने सदन के सभी सांसदों को असुरक्षित महसूस कराया है। 📊 संसद डायरी: आज क्या हुआ? घटना विवरण लोकसभा स्थगन हंगामे के कारण सोमवार 9 फरवरी सुबह 11 बजे तक स्थगित। राज्यसभा प्राइवेट मेंबर बिल पेश हुए, लेकिन खड़गे और पीएम के भाषण पर बहस के बाद सोमवार तक स्थगित। सस्पेंडेड सांसदों का प्रदर्शन 8 निलंबित सांसदों ने 'ट्रेड डील' को 'ट्रैप डील' बताते हुए संसद के बाहर नारेबाजी की। ऐतिहासिक रिकॉर्ड 2004 के बाद पहली बार राष्ट्रपति का धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम के भाषण के लोकसभा में पास हुआ। 4. बजट सत्र का अगला पड़ाव बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। सरकार की योजना विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 और प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 जैसे महत्वपूर्ण बिलों को पास कराने की है। हालांकि, विपक्ष 'भारत-अमेरिका ट्रेड डील' और 'आर्मी चीफ की किताब' के मुद्दों पर झुकने को तैयार नहीं है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर
राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

राजपाल यादव ने किया जेल में सरेंडर: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट का सख्त रुख; 9 करोड़ का बकाया, 25 लाख का चेक लेकर पहुंचे थे एक्टर नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद राजपाल यादव ने गुरुवार को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। यह मामला 16 साल पुराने 5 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है, जो ब्याज समेत अब करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। यहाँ इस पूरे कानूनी मामले और आज की अदालती कार्यवाही की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. कोर्ट की फटकार: "राहत से पहले सरेंडर जरूरी" राजपाल यादव गुरुवार को सरेंडर करने के बाद व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट के सामने पेश हुए और राहत की गुहार लगाई। अधूरा भुगतान: राजपाल यादव कोर्ट में 25 लाख रुपये का चेक लेकर आए थे और बाकी रकम जल्द चुकाने का भरोसा दिया। कोर्ट का रुख: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि पहले दी गई राहत बार-बार दिए गए झूठे आश्वासनों के आधार पर थी, जिन्हें एक्टर ने कभी पूरा नहीं किया। 2. मामला क्या है? (2010 से अब तक) यह विवाद राजपाल यादव की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' से शुरू हुआ था। कर्ज की शुरुआत: फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। चेक बाउंस: 2012 में फिल्म फ्लॉप हो गई, जिसके बाद कर्ज लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। सजा: 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद वे लगातार ऊपरी अदालतों में अपील और समझौते का झांसा देकर समय मांगते रहे। 📊 राजपाल यादव केस: मुख्य आंकड़े विवरण सांख्यिकी / जानकारी मूल कर्ज (2010) ₹5 करोड़ वर्तमान बकाया (ब्याज सहित) ₹9 करोड़ कोर्ट में आज पेश किया गया चेक ₹25 लाख सजा की अवधि 6 महीने (ट्रायल कोर्ट द्वारा) मुख्य फिल्म अता पता लापता (2012) 3. टाइपिंग मिस्टेक के बहाने खारिज हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की उन दलीलों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट में 'तकनीकी या टाइपिंग गलती' का हवाला देकर समय मांगा था। कोर्ट ने कहा कि ये दलीलें अब भरोसे के लायक नहीं हैं। रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम को तुरंत शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश दिया गया है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था
पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

संसद में सुरक्षा अलर्ट: 'पीएम मोदी पर हमले की थी साजिश'; स्पीकर बोले- इसी डर से टाला प्रधानमंत्री का भाषण नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार को एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई 'अप्रत्याशित घटना' (हमला या शारीरिक क्षति) हो सकती थी। इसी सुरक्षा आशंका के चलते प्रधानमंत्री का बुधवार शाम 5 बजे होने वाला संबोधन टालना पड़ा और सदन को स्थगित करना पड़ा। यहाँ संसद में मचे इस अभूतपूर्व हंगामे की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. स्पीकर का सनसनीखेज दावा: "हमले की थी आशंका" लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की गरिमा और सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की: सुरक्षा जोखिम: स्पीकर ने कहा, "कल अध्यक्ष कार्यालय में जो हुआ, वह इतिहास में कभी नहीं हुआ। आशंका थी कि जब पीएम जवाब देने आएंगे, तो विपक्षी सांसद उनकी सीट के पास पहुंचकर कोई बड़ी घटना कर सकते हैं।" महिला सांसदों का घेराव: बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेरा और पोस्टर लहराए, वह देश ने देखा। इसी वजह से मैंने खुद पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया था। 2. 'एजेंट' के तौर पर महिला सांसद? सूत्रों का बड़ा दावा न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं: हमले की योजना: दावा किया गया है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बना रही थी। महिलाएं बनीं ढाल: योजना के तहत महिला सांसदों को आगे किया गया था ताकि सुरक्षाकर्मी (मार्शल) उन पर कड़ा बल प्रयोग न कर सकें। बैनर और घेराव: बुधवार शाम महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेरकर "जो सही है, वो करो" (Do what is right) के बैनर लहराए थे, जो 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में था। 📊 संसदीय इतिहास में पहली बार (2004 के बाद) घटना विवरण धन्यवाद प्रस्ताव गुरुवार को हंगामे के बीच पास कर दिया गया। पीएम का भाषण 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हुआ। सस्पेंशन विवाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर विपक्ष अड़ा रहा। किताब विवाद राहुल गांधी जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर अड़े रहे। 3. राहुल गांधी की 'चुनौती' और नरवणे की किताब विपक्ष के हंगामे की एक बड़ी वजह पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की वह अप्रकाशित किताब है, जिसे राहुल गांधी ने सदन में सार्वजनिक करने की जिद पकड़ रखी है। राहुल का दावा: राहुल ने किताब का पेज दिखाते हुए कहा कि पीएम ने चीन विवाद पर आर्मी चीफ से कहा था, "जो उचित समझो वह करो।" सीधी चुनौती: राहुल ने कहा कि पीएम में सदन में आने की हिम्मत नहीं है, अगर वे आते तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करता। 4. स्पीकर के ऑफिस में तीखी बहस सदन के भीतर ही नहीं, स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में भी बीजेपी और विपक्षी सांसदों के बीच जुबानी जंग हुई। वायरल वीडियो में महिला सांसद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ बहस करती नजर आ रही हैं। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने
Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

इलॉन मस्क का धमाका: $850 बिलियन की नेटवर्थ के साथ रचा इतिहास; बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति न्यूयॉर्क | 4 फरवरी 2026 दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन इलॉन मस्क ने अपनी संपत्ति में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया है। मस्क की कुल नेटवर्थ अब $850 बिलियन (करीब 77 लाख करोड़ रुपए) को पार कर गई है। यह कारनामा उनकी दो बड़ी कंपनियों, स्पेसएक्स (SpaceX) और xAI, के विलय (Merger) के बाद हुआ है। मस्क अब आधिकारिक तौर पर इतिहास के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। यहाँ मस्क की इस गगनचुंबी सफलता की 5 बड़ी बातें दी गई हैं: 1. एक दिन में 7 लाख करोड़ का मुनाफा स्पेसएक्स और xAI के विलय की खबर के बाद मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में $84 बिलियन (करीब 7 लाख करोड़ रुपए) का इजाफा हुआ। मर्जर की वैल्यू: नई बनी संयुक्त कंपनी की कुल वैल्यू $1.25 ट्रिलियन (करीब 104 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। मस्क की हिस्सेदारी: इस नई जाइंट कंपनी में मस्क की 43% हिस्सेदारी है, जिसकी अकेले की कीमत $542 बिलियन है। 2. पड़ोसी देशों की GDP से भी अमीर मस्क की दौलत अब इतनी अधिक हो गई है कि वह कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से बड़े हो चुके हैं: देशों की तुलना: मस्क की नेटवर्थ अब पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल की संयुक्त GDP से भी ज्यादा है। भारतीय अमीरों से तुलना: यह भारत के टॉप 40 सबसे अमीर व्यक्तियों की कुल संपत्ति से भी अधिक है। 3. सिर्फ 4 महीने में बनाया रिकॉर्ड मस्क की दौलत पिछले 4 महीनों में 70% की रफ्तार से बढ़ी है: अक्टूबर 2025: $500 बिलियन का आंकड़ा छूने वाले पहले इंसान बने। दिसंबर 2025: टेस्ला स्टॉक ऑप्शंस और स्पेसएक्स की वैल्यू बढ़ने से $700 बिलियन क्लब में पहुंचे। फरवरी 2026: $850 बिलियन के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। 📊 मस्क बनाम दुनिया के अन्य रईस रैंक नाम नेटवर्थ (बिलियन डॉलर) स्रोत 1 इलॉन मस्क $852.5 B Tesla, SpaceX, xAI 2 लैरी पेज $281 B Google 3 सर्गेई ब्रिन $255 B Google 4 जेफ बेजोस $250 B Amazon मस्क दूसरे नंबर के लैरी पेज से करीब $571 बिलियन ज्यादा अमीर हैं। 4. मस्क की सफलता के तीन बड़े स्तंभ टेस्ला (Tesla): इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति की शुरुआत। मस्क के पास इसके स्टॉक और ऑप्शंस का बड़ा हिस्सा है। स्पेसएक्स (SpaceX): मंगल पर बस्ती बसाने का सपना। अब xAI के साथ मिलकर यह मस्क की सबसे मूल्यवान संपत्ति बन गई है। न्यूरालिंक (Neuralink): इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से जोड़ने वाली चिप। भविष्य की सबसे क्रांतिकारी तकनीक।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
लोकसभा में राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा
Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

संसद में महासंग्राम: राहुल की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन हंगामा; 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित नई दिल्ली | 3 फरवरी 2026 लोकसभा में आज भारी शोर-शराबा और धक्का-मुक्की देखने को मिली। कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व आर्मी चीफ की एक 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) के आर्टिकल को सदन में पेश करने की कोशिश के बाद सदन अखाड़े में तब्दील हो गया। हंगामे के चलते पीठासीन अधिकारी ने विपक्ष के 8 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। 1. 14 मिनट का संघर्ष: राहुल ने फिर घेरा राहुल गांधी ने मंगलवार दोपहर 2 बजे सदन में बोलने की कोशिश की, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के कारण वे अपनी बात पूरी नहीं कर सके। पूर्व आर्मी चीफ का मुद्दा: राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब का हवाला देते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मुझे बोलने दिया जाए, यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।" NDA का विरोध: जैसे ही राहुल ने बोलना शुरू किया, एनडीए सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राहुल करीब 14 मिनट तक खड़े रहे, लेकिन शोर के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। 2. विपक्ष की एकजुटता: बोलने से किया इनकार जब स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोककर अन्य दलों के सांसदों को बोलने का मौका दिया, तो विपक्ष ने अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई: सहयोगियों का साथ: सपा के नरेश उत्तम पटेल, TMC की शताब्दी रॉय और DMK के कातिर आनंद ने राहुल के समर्थन में बोलने से साफ इनकार कर दिया। नारेबाजी और पेपर स्प्रे: विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। कुछ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की चेयर की तरफ कागज के गोले बनाकर उछाले। 3. 'नियम 374' के तहत 8 सांसदों पर गिरी गाज हंगामे और आसन की अवमानना को देखते हुए पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कड़ा रुख अपनाया: निलंबन: सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने और मर्यादा तोड़ने के आरोप में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। संसद परिसर में प्रदर्शन: निलंबन के तुरंत बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 🔍 क्या है नियम 374 और 374A? (जिसके तहत हुई कार्रवाई) नियम प्रावधान नियम 374 स्पीकर उस सांसद को सस्पेंड कर सकते हैं जो जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकता है। यह निलंबन अधिकतम सत्र के अंत तक हो सकता है। नियम 374A 2001 में जोड़ा गया यह नियम स्पीकर को अधिकार देता है कि वेल में आने या नारे लगाने वाले सांसद को तुरंत (बिना प्रस्ताव के) सस्पेंड कर सकें। वेतन और भत्ते सस्पेंशन के दौरान भी सांसदों को पूरी सैलरी मिलती है। 'काम नहीं, वेतन नहीं' की नीति अभी तक लागू नहीं हुई है। 4. संसद में हंगामे की मुख्य वजहें विपक्ष ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील और लद्दाख बॉर्डर पर चीनी टैंकों की कथित मौजूदगी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार इन संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष की आवाज दबा रही है और उनका माइक बंद किया जा रहा है।

रवि चौहान फ़रवरी 3, 2026 0
अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा
India-US Trade Deal Conflict: राहुल गांधी का आरोप- मोदी ने देश बेच दिया; पीयूष गोयल बोले- किसानों के हित सुरक्षित; टैरिफ घटकर हुआ 18%।

ट्रेड डील पर संग्राम: 'मोदी ने देश बेच दिया' बनाम 'ऐतिहासिक समझौता'; राहुल गांधी के आरोपों पर पीयूष गोयल का तीखा पलटवार नई दिल्ली | 3 फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे भारत के लिए बड़ी जीत बता रहे हैं, वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर 'देश के हितों का सौदा' करने का गंभीर आरोप लगाया है। 1. राहुल गांधी का हमला: "मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री पर तीखे प्रहार किए: सौदा करने का आरोप: राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश और आपकी मेहनत को बेच दिया है। वे डरे हुए हैं क्योंकि अमेरिका में अडानी पर केस असल में मोदी पर केस है।" प्रेशर पॉइंट्स: राहुल ने दावा किया कि अडानी केस और एपस्टीन फाइल्स (जिसके कुछ हिस्से अभी रिलीज नहीं हुए हैं) की वजह से पीएम दबाव में हैं और इसी दबाव में उन्होंने यह डील की है। इमेज का टूटना: राहुल के मुताबिक, जिन ताकतों ने मोदी की इमेज बनाई थी, वही अब इसे तोड़ रहे हैं। 2. पीयूष गोयल का जवाब: "राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं" वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शाम को सरकार का पक्ष रखा और राहुल के आरोपों को 'ओछी सोच' बताया: कृषि-डेयरी सुरक्षित: गोयल ने साफ किया कि इस डील में भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। अर्थव्यवस्था को लाभ: उन्होंने कहा कि टैरिफ में कटौती (50% से 18%) से भारतीय एक्सपोर्टर्स, युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साझा बयान: इस डील पर दोनों देश जल्द ही एक विस्तृत साझा बयान जारी करेंगे। 3. 'मोगैम्बो खुश हुआ': कांग्रेस के गंभीर सवाल कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पार्टी के आधिकारिक हैंडल से सरकार को घेरा गया: अमेरिकी किसानों का फायदा: कांग्रेस ने अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस डील से अमेरिकी किसानों का माल भारत में बिकेगा। भारतीय किसानों को नुकसान: विपक्ष का आरोप है कि अब भारतीय किसानों को अपने ही बाजार में अमेरिकी उत्पादों से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी, जो उनके हितों पर चोट है। 📊 भारत-अमेरिका ट्रेड डील: मुख्य बिंदु पक्ष ट्रम्प का दावा / घोषणा भारत का पक्ष टैरिफ (Import Duty) भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया। भारतीय उत्पादों (Made in India) के लिए बड़ी जीत। तेल आयात भारत रूस से तेल लेना बंद करेगा, अमेरिका/वेनेजुएला से खरीदेगा। ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर फोकस। व्यापार प्रतिबद्धता भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा। तकनीक, ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में बड़ा निवेश। क्षेत्र (Sectors) ऊर्जा, तकनीक, कृषि और कोयला। संवेदनशील सेक्टर (डेयरी) को सुरक्षित रखने का दावा। 4. ट्रम्प और मोदी की 'जुगलबंदी' ट्रम्प का पोस्ट: राष्ट्रपति ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि मोदी के साथ बातचीत शानदार रही। मोदी ने 'बाय अमेरिकन' नीति के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। मोदी का धन्यवाद: पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से ट्रम्प का आभार जताते हुए कहा कि टैरिफ में कटौती एक ऐतिहासिक कदम है।

रवि चौहान फ़रवरी 3, 2026 0
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी CM बनेंगी
अजित पवार के निधन के बाद बड़ा फैसला; सुनेत्रा पवार बनेंगी डिप्टी CM

महाराष्ट्र में 'सुनेत्रा युग' की शुरुआत: सुनेत्रा पवार होंगी राज्य की पहली महिला डिप्टी CM; अजित पवार के निधन के बाद NCP और महायुति का बड़ा फैसला मुंबई | 30 जनवरी 2026 महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। हाल ही में एक दुखद प्लेन क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य का नया उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया है। वे महाराष्ट्र के इतिहास में इस पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी। सूत्रों के अनुसार, शनिवार (31 जनवरी) को NCP विधायक दल की बैठक के बाद उनके नाम का आधिकारिक ऐलान होगा और शाम तक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो सकता है। 1. शनिवार का घटनाक्रम: शपथ और शक्ति प्रदर्शन अजित पवार के उत्तराधिकार को लेकर दिन भर चली बैठकों के बाद सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति बन गई है। विधायक दल की बैठक: शनिवार सुबह 11 बजे NCP विधायकों की बैठक बुलाई गई है। आधिकारिक घोषणा: दोपहर 2 बजे पार्टी उनके नाम का ऐलान करेगी। शपथ ग्रहण: शाम 5 बजे राजभवन में सुनेत्रा पवार पद और गोपनीयता की शपथ ले सकती हैं। 2. विभागों का बंटवारा: फडणवीस संभालेंगे खजाना अजित पवार के पास वित्त, आबकारी और खेल जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। उनके निधन के बाद कैबिनेट के समीकरण बदल गए हैं: वित्त मंत्रालय: सूत्रों का दावा है कि 'राज्य का खजाना' यानी वित्त विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने पास ही रखेंगे। 23 फरवरी को आने वाला बजट भी फडणवीस ही पेश कर सकते हैं। वर्षा बंगले पर मंथन: शुक्रवार सुबह प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे ने सीएम फडणवीस से मुलाकात की, जहां विभागों के हस्तांतरण पर चर्चा हुई। 3. NCP विलय: शरद पवार के हाथ में आखिरी फैसला अजित पवार की मृत्यु से पहले NCP के दोनों गुटों (अजित और शरद पवार) के एक होने की खबरें काफी तेज थीं। अब यह पूरी तरह शरद पवार के निर्णय पर टिका है। मर्जर का रोडमैप: अजित पवार के करीबी किरण गुजर और एकनाथ खड़से ने पुष्टि की है कि विलय की प्रक्रिया 100% तय हो चुकी थी। रणनीतिक मजबूती: यदि विलय होता है, तो एकीकृत NCP के पास 51 विधायक और 9 लोकसभा सांसद होंगे। यह गुट पश्चिमी महाराष्ट्र के 'शुगर बाउल' (चीनी बेल्ट) पर फिर से अपना दबदबा कायम कर सकता है। रणनीतिकार की एंट्री: सुनेत्रा पवार ने अजित दादा के रणनीतिकार नरेश अरोड़ा (डिजाइनबॉक्स) को बारामती बुलाकर भविष्य की राजनीतिक जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है। 📊 महाराष्ट्र कैबिनेट: क्या बदलेगा? पद / विभाग पहले (अजित पवार) अब (संभावित) उपमुख्यमंत्री अजित पवार सुनेत्रा पवार (पहली महिला डिप्टी CM) वित्त मंत्रालय अजित पवार देवेंद्र फडणवीस (CM के पास रहेगा) आबकारी व खेल अजित पवार अन्य NCP मंत्रियों को मिल सकता है। बजट 2026 अजित पवार (पेश करने वाले थे) देवेंद्र फडणवीस (पेश करेंगे) 4. सुनेत्रा पवार की राजनीतिक यात्रा सुनेत्रा पवार अब तक मुख्य रूप से बारामती में सामाजिक कार्यों और 'एजुकेशन हब' के प्रबंधन में सक्रिय रही हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चर्चा में आई थीं। अब अजित दादा की विरासत को संभालने और पार्टी को बिखरने से बचाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।

रवि चौहान जनवरी 30, 2026 0
जम्मू–कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ में घायल जवान शहीद
हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; किश्तवाड़ के जंगलों में जैश आतंकियों की तलाश जारी; जम्मू में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा।

किश्तवाड़ एनकाउंटर: हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 'ऑपरेशन त्राशी-1' के दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन जारी, खौर सेक्टर में मिला पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़/जम्मू | 19 जनवरी 2026 जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ जारी जंग में भारत ने अपना एक और वीर सपूत खो दिया है। रविवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में घायल हुए हवलदार गजेंद्र सिंह ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सेना ने अब इलाके में आतंकियों को घेरने के लिए 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत घेराबंदी और कड़ी कर दी है। 1. शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को अंतिम विदाई रविवार शाम को किश्तवाड़ के सोनार गांव के जंगलों में हुई मुठभेड़ के दौरान 8 जवान घायल हुए थे। शहादत: हवलदार गजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आई थीं। सेना के अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुठभेड़ का घटनाक्रम: रविवार शाम करीब 5:46 बजे तक आतंकियों और जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी। सेना की 'वाइट नाइट कॉर्प्स' (White Knight Corps) के जवान अब अपने शहीद साथी का बदला लेने के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 2. 'ऑपरेशन त्राशी-1': जंगलों में छिपे हैं जैश के आतंकी सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली है कि किश्तवाड़ के ऊपरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के 2 से 3 खूंखार आतंकी छिपे हुए हैं। घेराबंदी: सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने डोडा, किश्तवाड़ और कठुआ को जोड़ने वाले घने जंगली रास्तों को चारों तरफ से सील कर दिया है। हाई-टेक सर्च: आतंकियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन कैमरों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। घने कोहरे और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। 3. खौर सेक्टर में मिला 'PIA' लिखा पाकिस्तानी गुब्बारा किश्तवाड़ में तनाव के बीच जम्मू के खौर सेक्टर (कचरियाल गांव) में एक संदिग्ध गुब्बारा मिलने से सनसनी फैल गई। दिखावट: यह गुब्बारा सफेद और हरे रंग का है और इसका आकार एक विमान (Aeroplane) जैसा है। संदिग्ध संकेत: गुब्बारे पर 'PIA' (Pakistan International Airlines) लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल हवा के साथ आया है या इसके पीछे कोई जासूसी या उकसावे की साजिश है। 📊 जम्मू क्षेत्र में आतंकी घटनाएं: जनवरी 2026 तारीख स्थान विवरण 07 जनवरी कठुआ (बिलावर) सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच पहली मुठभेड़। 13 जनवरी कठुआ (नजोत जंगल) आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन और झड़प। 18-19 जनवरी किश्तवाड़ हवलदार गजेंद्र सिंह शहीद; 7 अन्य जवान घायल। 19 जनवरी खौर सेक्टर पाकिस्तानी प्लेन के आकार का गुब्बारा बरामद। 4. गणतंत्र दिवस को लेकर हाई अलर्ट 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के मद्देनजर पूरे जम्मू संभाग में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आतंकी साजिश: खुफिया इनपुट मिले हैं कि सीमा पार बैठे हैंडलर गणतंत्र दिवस के दौरान बड़ी गड़बड़ी करने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहे हैं। एंटी-टेरर मिशन: सेना ने दिसंबर से ही जम्मू के जंगलों में छिपे करीब 35-40 आतंकियों को खत्म करने के लिए बड़ा अभियान चला रखा है।

रवि चौहान जनवरी 19, 2026 0
ईरान से लौटे भारतीय, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए
ईरान में गृहयुद्ध के बीच वतन लौटे भारतीय छात्र; दिल्ली एयरपोर्ट पर छलक उठे आंसू; MEA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी।

ईरान संकट: मौत के साये से वतन लौटे भारतीय; दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनों से लिपटकर रोए छात्र; 'रियाल' के पतन और 3000 मौतों के बीच डरावनी दास्तां नई दिल्ली | 17 जनवरी 2026 ईरान में जारी भीषण गृहयुद्ध और सरकार विरोधी हिंसा के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी शुरू हो गई है। शुक्रवार देर रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब 'मौत के मुहाने' से निकलकर दर्जनों छात्र और पेशेवर भारतीय धरती पर पहुंचे। ईरान द्वारा अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) खोलने के बाद, भारत सरकार की एडवाइजरी का पालन करते हुए ये नागरिक निजी और विशेष विमानों से वापस लौटे हैं। 1. दिल्ली एयरपोर्ट पर भावुक मंजर: "गाड़ियों के सामने आ जाते थे प्रदर्शनकारी" एयरपोर्ट के अराइवल टर्मिनल पर जैसे ही छात्र बाहर आए, वहां पहले से मौजूद उनके परिवार वाले उन्हें गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। छात्रों की जुबानी: मेडिकल स्टूडेंट अर्श दहरा ने बताया कि हालात अब बेकाबू हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में था, लेकिन डर इतना था कि हम जल्द से जल्द वहां से निकलना चाहते थे।" एक महीने का नरक: जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पिछले एक महीने से वे घरों में कैद थे। अगर गलती से बाहर निकलते, तो प्रदर्शनकारी गाड़ियों के सामने आ जाते थे। पूरे शहर में गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं। 2. 31 प्रांतों में आग और 3000 से ज्यादा मौतें ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण विद्रोह का रूप ले चुका है। मौत का आंकड़ा: स्थानीय और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की 'लाइव फायरिंग' में अब तक 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कारण: मुख्य वजह है ईरानी मुद्रा 'रियाल' का ऐतिहासिक पतन ($1 = ~14.5 लाख रियाल) और 70% से ज्यादा महंगाई। लोग ब्रेड और चाय जैसी बुनियादी चीजों के लिए मोहताज हैं। डिजिटल ब्लैकआउट: ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जिससे वहां फंसे भारतीयों को अपने परिवार से बात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 📊 ईरान में भारतीय: वर्तमान स्थिति और हेल्पलाइन श्रेणी विवरण और डेटा ईरान में कुल भारतीय लगभग 9,000 (अधिकांश छात्र और व्यापारी)। एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने 'उपलब्ध साधनों' से तुरंत देश छोड़ने को कहा है। मुख्य हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 आधिकारिक ईमेल cons.tehran@mea.gov.in ट्रम्प का रुख अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की हत्या न रुकने पर 'सैन्य कार्रवाई' की धमकी दी है। 3. विदेश मंत्रालय (MEA) की रणनीति प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: सरकार ने ईरान में रह रहे शेष भारतीयों को निर्देश दिया है कि वे अपने पासपोर्ट और वीजा हमेशा तैयार रखें ताकि इमरजेंसी इवैक्यूएशन (निकासी) के समय देरी न हो। एयरस्पेस का मुद्दा: 14 जनवरी को ईरान ने हवाई क्षेत्र बंद किया था, जिससे भारतीय विमान फंस गए थे। 15 जनवरी को इसे फिर से खोला गया, जिसके बाद एयर इंडिया और अन्य निजी एयरलाइंस ने भारतीयों को लाना शुरू किया। 4. विद्रोह की आग के पीछे के 5 बड़े कारण आर्थिक तबाही: रियाल की कीमत शून्य की ओर बढ़ रही है, जिससे मिडिल क्लास पूरी तरह खत्म हो गया है। व्यापारियों की हड़ताल: तेहरान के ऐतिहासिक बाजार 'बाजार-ए-बुजुर्ग' के बंद होने से पूरी सप्लाई चेन टूट गई है। शासन के खिलाफ गुस्सा: लोग अब अयातुल्ला खामेनेई के पोस्टर जला रहे हैं और पुरानी राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं। इंटरनेट बैन: 180 घंटे से ज्यादा के डिजिटल ब्लैकआउट ने जनता के गुस्से को सड़कों पर और बढ़ा दिया है। वैश्विक दबाव: ट्रम्प प्रशासन के कड़े रुख ने प्रदर्शनकारियों को यह उम्मीद दी है कि उन्हें बाहरी मदद मिल सकती है।

रवि चौहान जनवरी 17, 2026 0
बंगाल के मुर्शिदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोंकी,हाईवे जाम किया
झारखंड में मजदूर की मौत पर बेलडांगा में भारी हिंसा; रेल और NH-12 जाम; सुवेंदु अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप।

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में भारी बवाल: झारखंड में मजदूर की मौत पर रेल-सड़क जाम; पत्रकार से मारपीट और सुवेंदु अधिकारी के 'पत्थरबाजी' के आरोप पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का बेलडांगा शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को सुलग उठा। झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 और बेलडांगा रेलवे स्टेशन पर कब्जा कर लिया। इस प्रदर्शन ने उग्र रूप धारण कर लिया, जिससे न केवल उत्तर और दक्षिण बंगाल का संपर्क कट गया, बल्कि हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। 1. घटना की जड़: झारखंड में अलाउद्दीन शेख की मौत विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर अलाउद्दीन शेख की मौत है। मृतक की प्रोफाइल: अलाउद्दीन बेलडांगा की सुजापुर कुम्हारपुर पंचायत का निवासी था और झारखंड में फेरी लगाकर अपना गुजारा करता था। संदिग्ध मौत: गुरुवार को झारखंड में उसके कमरे से उसका शव फंदे से लटका मिला। हत्या का आरोप: परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उनका आरोप है कि अलाउद्दीन की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर मामले को आत्महत्या दिखाने के लिए शव लटका दिया गया। 2. प्रदर्शन बना हिंसक: रेल और सड़क संपर्क ठप शुक्रवार सुबह से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, जिससे बंगाल की लाइफलाइन प्रभावित हुई: NH-12 जाम: प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर रास्ता बंद कर दिया। रेलवे ट्रैक बाधित: घंटों तक रेलवे ट्रैक पर बैठने के कारण सियालदह-लालगोला सेक्शन की ट्रेन सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं। पत्रकार पर हमला: कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ प्रदर्शनकारियों ने मारपीट की, जिससे प्रेस जगत में भारी आक्रोश है। भारी बल तैनात: स्थिति को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। 📊 बेलडांगा तनाव: मुख्य अपडेट क्षेत्र वर्तमान स्थिति परिवहन NH-12 और रेल रूट बाधित; हजारों यात्री फंसे हुए हैं। हिंसा पत्थरबाजी और पत्रकार के साथ मारपीट की खबरें। मृतक का नाम अलाउद्दीन शेख (30 वर्ष)। प्रमुख मांग झारखंड में हत्या की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी। 3. राजनीतिक घमासान: ममता बनाम सुवेंदु इस घटना ने बंगाल की राजनीति में फिर से उबाल ला दिया है: ममता बनर्जी (CM): मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, "अल्पसंख्यकों का गुस्सा जायज है।" उन्होंने प्रवासी मजदूरों पर अत्याचार की निंदा की और पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा दिया। सुवेंदु अधिकारी (LoP): विपक्ष के नेता ने ममता सरकार पर 'तुष्टिकरण' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है जबकि "असामाजिक तत्वों" ने पत्थरबाजी कर पूरे इलाके को बंधक बना लिया है। उन्होंने फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का एक्शन
140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा टेरर लिंक; चेयरमैन पर चार्जशीट।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन: 140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं तार प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी फंडिंग की जांच के तहत, एजेंसी ने यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (Attach) कर दी हैं। इसके साथ ही अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट भी दाखिल की गई है। 1. ED की कार्रवाई: क्या-क्या हुआ अटैच? ED ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) मानते हुए PMLA एक्ट के तहत ज़ब्त किया है। अचल संपत्ति: फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में फैली 54 एकड़ जमीन। इमारतें: यूनिवर्सिटी का मुख्य कैंपस, स्कूल बिल्डिंग, विभिन्न विभागों की इमारतें और छात्रों के हॉस्टल। चेयरमैन की गिरफ्तारी: ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को 18 नवंबर को 12 घंटे की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। 2. दिल्ली ब्लास्ट और 'डॉक्टर' आतंकी का कनेक्शन अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम तब सुर्खियों में आया जब इसके एक डॉक्टर ने आतंकी हमले को अंजाम दिया। लाल किला ब्लास्ट: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक चलती कार में धमाका हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले का मुख्य आरोपी यूनिवर्सिटी का डॉ. उमर उन नबी था। व्हाइट-कॉलर टेरर: जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी 'व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल' का केंद्र बनी हुई थी। NIA और पुलिस ने यहाँ से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद समेत 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। विस्फोटकों का जखीरा: आरोपियों के पास से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे घातक विस्फोटक बरामद हुए थे। 📊 अल-फलाह यूनिवर्सिटी: जांच में हुए बड़े खुलासे श्रेणी विवरण और अनियमितताएं वित्तीय धोखाधड़ी झूठी मान्यता के दावे कर छात्रों से 415.10 करोड़ रुपये वसूले गए। शेल कंपनियां एक ही पते पर 9 फर्जी (शेल) कंपनियां रजिस्टर्ड पाई गईं। डेटा विसंगति कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिला और EPFO का कोई रिकॉर्ड नहीं था। आतंकी जुड़ाव प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मॉड्यूल को पनाह देने का आरोप। 3. 'व्हाइट-कॉलर' मॉड्यूल का श्रीनगर से फरीदाबाद कनेक्शन अक्टूबर 2025 में श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे थे, जिसमें सुरक्षा बलों पर हमले की धमकी दी गई थी। श्रीनगर पुलिस और SSP जीवी सुंदीप चक्रवर्ती की जांच जब आगे बढ़ी, तो तार फरीदाबाद की इस यूनिवर्सिटी से जुड़े। यह भारत में अपनी तरह का पहला मामला है जहाँ पढ़े-लिखे पेशेवर (डॉक्टर) सीधे तौर पर बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा पाए गए। 4. हरियाणा सरकार का सख्त कदम: प्रशासन भंग करने की तैयारी हरियाणा की सैनी सरकार इस यूनिवर्सिटी पर पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण लेने की तैयारी में है। नया विधेयक: 22 दिसंबर 2025 को विधानसभा में 'हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक' पास किया गया है। अधिकार: यदि किसी यूनिवर्सिटी से राष्ट्रीय सुरक्षा या अखंडता को खतरा होता है, तो सरकार उसका प्रशासन भंग कर वहां अपना अधिकारी (Administrator) नियुक्त कर सकती है। छात्रों का भविष्य: ED ने कोर्ट से कहा है कि कानूनी कार्रवाई के बीच छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सरकार जल्द ही प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
BMC चुनाव में वोट करने बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे
अक्षय कुमार ने युवती को दिया मदद का भरोसा; सचिन तेंदुलकर, आमिर खान और हेमा मालिनी ने डाला वोट।

BMC चुनाव 2026: मतदान केंद्रों पर उमड़ा बॉलीवुड; अक्षय कुमार से मदद मांगने पर युवती ने छुए पैर, सचिन ने परिवार संग डाला वोट महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए आज, 15 जनवरी 2026 को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है। मुंबई के 'पावरफुल' बीएमसी (BMC) चुनावों में सुबह से ही बॉलीवुड सितारों और खेल जगत की हस्तियों का जमावड़ा लगा हुआ है। अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर और आमिर खान जैसे दिग्गजों ने न केवल अपना वोट डाला, बल्कि मुंबईवासियों से 'असली हीरो' बनने की अपील भी की। 1. अक्षय कुमार: "रिमोट कंट्रोल हमारे हाथ में है" बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना के साथ जुहू के एक पोलिंग बूथ पर सबसे पहले वोट डालने वालों में शामिल रहे। अपील: अक्षय ने वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए कहा, "आज का दिन वह है जब रिमोट कंट्रोल हमारे हाथों में होता है। अगर मुंबई का असली हीरो बनना है, तो सिर्फ डायलॉग नहीं, वोट डालना जरूरी है।" मदद का भाव: पोलिंग बूथ के बाहर एक युवती ने अक्षय को रोककर बताया कि उसके पिता भारी कर्ज में हैं। भावुक होकर युवती ने अक्षय के पैर छूने की कोशिश की, जिस पर अक्षय ने उसे रोकते हुए कहा, "बेटा ऐसा मत कर।" उन्होंने तुरंत अपने स्टाफ को युवती का नंबर नोट करने का निर्देश दिया और मदद का आश्वासन दिया। ट्विंकल का नजरिया: ट्विंकल खन्ना ने कहा कि वोट देना हमें अपनी कहानी तय करने की ताकत और नियंत्रण देता है। 2. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सपरिवार किया मतदान क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ बांद्रा के एक मतदान केंद्र पर पहुँचे। संदेश: सचिन ने मतदान को एक विशेषाधिकार बताया और कहा कि यह हमारी राय व्यक्त करने का सबसे बड़ा जरिया है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में बाहर आने का आग्रह किया। 3. आमिर खान का परिवार और अन्य दिग्गज सितारे मुंबई के अलग-अलग इलाकों में सितारों की चमक देखने को मिली: आमिर खान: एक्टर आमिर खान ने भी अपना वोट डाला। उनके साथ उनके बेटे जुनैद खान, बेटी इरा खान और पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव भी अलग-अलग समय पर मतदान केंद्रों पर नजर आए। अनुभवी कलाकार: 91 वर्षीय दिग्गज गीतकार गुलजार, हेमा मालिनी, राकेश रोशन और सुनील शेट्टी ने भी सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हेमा मालिनी की मांग: हेमा मालिनी ने कहा, "अगर हमें गड्ढा मुक्त सड़कें, सुरक्षा और स्वच्छ हवा चाहिए, तो जिम्मेदारी लेनी होगी और वोट देना होगा।" 📊 मतदान करने पहुंचे प्रमुख सितारों की सूची सेलिब्रिटी विशेष टिप्पणी अक्षय कुमार & ट्विंकल सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले सितारों में से एक। सचिन तेंदुलकर पत्नी अंजलि और बेटी सारा के साथ बांद्रा में मतदान किया। हेमा मालिनी सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के मुद्दे पर वोट की अपील की। जॉन अब्राहम अपने वृद्ध माता-पिता के साथ मतदान करने पहुंचे। श्रद्धा कपूर प्रशंसकों के बीच घिरीं, वोट डालकर युवाओं को प्रेरित किया। तमन्ना भाटिया मुंबई की प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। नाना पाटेकर पुणे से 4 घंटे का सफर तय कर वोट डालने दादर आए। 4. मतदान की ताज़ा स्थिति (दोपहर 2:30 बजे तक) वोटिंग प्रतिशत: महाराष्ट्र में दोपहर 1:30 बजे तक औसत मतदान लगभग 25-30% के आसपास दर्ज किया गया है। कोल्हापुर में सबसे अधिक (37%) और पुणे में मतदान थोड़ा धीमा रहा। सुरक्षा: मुंबई में 25,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्याही मिटाने का प्रयास अपराध माना जाएगा।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
महाराष्ट्र की 29 नगर-निगम में वोटिंग जारी
स्याही विवाद पर राज ठाकरे के आरोप; BMC चुनाव में दिग्गजों ने डाला वोट; कल आएंगे नतीजे।

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव: स्याही मिटने के दावों पर राज ठाकरे का हमला; BMC ने किया खंडन; मुंबई में 227 सीटों पर वोटिंग जारी महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए आज (15 जनवरी 2026) मतदान हो रहा है। सुबह 7:30 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 5:30 बजे तक चलेगी, जिसके नतीजे कल शुक्रवार, 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में सबसे बड़ी जंग बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की 227 सीटों के लिए है, जहाँ 4 साल के लंबे अंतराल के बाद चुनाव हो रहे हैं। 1. 'न मिटने वाली स्याही' पर बड़ा बवाल वोटिंग शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद 'इंडेलिबल इंक' (न मिटने वाली स्याही) को लेकर विवाद छिड़ गया। राज ठाकरे और उद्धव का दावा: मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने वोट डालने के बाद दावा किया कि नई स्याही 'एसीटोन' या सैनिटाइजर लगाने से आसानी से मिट रही है। उन्होंने इसे सरकार की धांधली बताते हुए कहा, "सत्ता पाने के लिए सरकार कुछ भी कर सकती है।" उद्धव ठाकरे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और सरकार के बीच 'मिलीभगत' का आरोप लगाया। आयोग की सफाई: राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने स्पष्ट किया कि केवल स्याही मिटाने से कोई दोबारा वोट नहीं डाल सकता। मतदाता का रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज होता है। आयोग ने चेतावनी दी कि यदि कोई स्याही मिटाकर दोबारा वोट करने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। BMC का पक्ष: बीएमसी ने इन दावों को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताया है। 2. BMC चुनाव: त्रिकोणीय मुकाबला और समीकरण मुंबई की 227 सीटों पर इस बार समीकरण काफी दिलचस्प हैं: महायुति (Mahayuti): भाजपा 137 और एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। MVA + MNS: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) 163 सीटों पर है, जबकि उन्होंने राज ठाकरे की मनसे (MNS) के साथ गठबंधन किया है जिसे 52 सीटें मिली हैं। तीसरा मोर्चा: कांग्रेस (143 सीटें) ने प्रकाश अंबेडकर की VBA (46 सीटें) के साथ हाथ मिलाया है। अजित पवार की NCP 94 सीटों पर अकेले मैदान में है। 📊 पोलिंग अपडेट और प्रमुख चेहरे विवरण ताज़ा स्थिति वोटर टर्नआउट (11:30 am) BMC: 17.73%, नवी मुंबई: 19.68%, ठाणे: 19%। दिग्गज मतदाता सीएम देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, मोहन भागवत, सचिन तेंदुलकर। बॉलीवुड की उपस्थिति श्रद्धा कपूर, ईशा कोप्पिकर, पद्मिनी कोल्हापुरे और सलीम खान ने वोट डाला। वोटिंग का नियम मुंबई में 1 वोट, लेकिन पुणे और अन्य शहरों में 3-4 वोट (मल्टी-मेम्बर वार्ड सिस्टम)। 3. अव्यवस्था: पोलिंग बूथ बदलने से मतदाता परेशान कई हाई-प्रोफाइल मतदाताओं और आम लोगों ने पोलिंग बूथ बदलने की शिकायत की: गणेश नाइक और प्रियंका चतुर्वेदी: महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक और शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पोलिंग बूथ बदल गए हैं, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। EVM में खराबी: पुणे और नासिक के कुछ केंद्रों पर शुरुआती घंटों में EVM खराब होने की खबरें आईं, जिससे मतदान कुछ समय के लिए बाधित हुआ।

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
रांची ED ऑफिस में जांच करने पहुंची झारखंड पुलिस
पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोप में ED दफ्तर पहुंची पुलिस; कैशियर संतोष कुमार ने दर्ज कराई FIR।

रांची में ED बनाम पुलिस: मारपीट के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंची झारखंड पुलिस; 20 करोड़ के घोटाले का आरोपी बना 'पीड़ित' झारखंड की राजधानी रांची में एक बार फिर केंद्रीय एजेंसी (ED) और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। पेयजल विभाग के एक कैशियर की शिकायत पर झारखंड पुलिस जांच के लिए रांची स्थित ED दफ्तर पहुंच गई है। आरोप है कि पूछताछ के दौरान ED के अधिकारियों ने आरोपी के साथ मारपीट की, जिससे उसके सिर में 6 टांके आए हैं। 1. क्या है पूरा मामला? (पेयजल विभाग के कैशियर का आरोप) रांची के संतोष कुमार, जो पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कैशियर हैं, ने ED के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कराई है। पूछताछ और मारपीट: संतोष के अनुसार, उन्हें 12 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि बयान दर्ज करने के दौरान उन पर अपराध स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। मना करने पर अधिकारियों ने डंडे से हमला किया, जिससे उनका सिर फट गया। सबूत मिटाने का दावा: FIR में आरोप है कि सिर फटने के बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया (6 टांके लगे), जहाँ उन्हें सच न बताने की धमकी दी गई। वापस लाने पर उनकी खून से सनी टी-शर्ट उतरवाकर नई टी-शर्ट पहनाई गई ताकि सबूत मिटाया जा सके। बंधक बनाना: पीड़ित का दावा है कि उन्हें रात 10:45 बजे तक दफ्तर में रोके रखा गया और जबरन कोरे कागजों पर दस्तखत कराए गए। 2. कौन है संतोष कुमार? (गबन का इतिहास) शिकायतकर्ता संतोष कुमार खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं: 20 करोड़ का गबन: उन पर शहरी जलापूर्ति योजना की राशि में से 20 करोड़ रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। फर्जी बिल घोटाला: दिसंबर 2023 में दर्ज FIR के अनुसार, संतोष ने L&T कंपनी के नाम पर फर्जी बिल बनाकर 2.17 करोड़ रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर किए थे। ED की जांच: इसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ED ने उन्हें समन किया था। संतोष फिलहाल जेल से जमानत पर बाहर हैं। 📊 घटनाक्रम और सुरक्षा की स्थिति विवरण वर्तमान स्थिति पुलिस की कार्रवाई सदर DSP और एयरपोर्ट थाना प्रभारी ED दफ्तर के अंदर जांच कर रहे हैं। ED की सुरक्षा राज्य पुलिस की एंट्री के बाद ED ने सुरक्षा के लिए सेंट्रल पुलिस फोर्सेस (CRPF) को तैनात किया है। आरोपी अधिकारी असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतीक और असिस्टेंट शुभम। राजनीतिक प्रतिक्रिया भाजपा ने इसे जांच रोकने की साजिश करार दिया है। 3. 'झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे': बाबूलाल मरांडी का हमला इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। स्वतंत्र जांच में बाधा: मरांडी ने कहा कि बंगाल की तर्ज पर झारखंड में भी केंद्रीय एजेंसियों को डराने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने का खेल शुरू हो गया है। चेतावनी: उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हेमंत जी, कान खोलकर सुन लीजिए... झारखंड को बंगाल नहीं बनने देंगे। भ्रष्टाचार की सजा आपको मिलकर रहेगी।"

रवि चौहान जनवरी 15, 2026 0
जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं
बंगाल में I-PAC पर छापा; दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र का पैटर्न; क्या विपक्ष का आरोप सही है?

चुनावी मौसम में ED का 'एक्शन' मोड: बंगाल से तमिलनाडु तक पुराने केसों की खुली फाइलें; विपक्षी दलों ने टाइमिंग पर उठाए सवाल भारत में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता ने एक बार फिर देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी हो या तमिलनाडु में पुरानी फाइलों का खुलना, विपक्षी दलों का आरोप है कि ED की कार्रवाई का सीधा संबंध 'चुनावी टाइमिंग' से है। 1. पश्चिम बंगाल: 5 साल पुराने केस में चुनाव से ठीक पहले छापा मई 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ठीक इससे पहले 8 जनवरी को ED ने कोलकाता में I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। केस की पृष्ठभूमि: यह मामला 2,742 करोड़ रुपये की कोयला तस्करी से जुड़ा है। CBI ने नवंबर 2020 में FIR की थी और ED ने उसी समय जांच शुरू की थी। विवाद की वजह: मामला 5 साल पुराना है, लेकिन बड़ी कार्रवाई चुनाव से ठीक 2-3 महीने पहले हुई। आरोप: ममता बनर्जी ने इसे चुनावी लाभ के लिए 'एजेंसी का दुरुपयोग' बताया है, जबकि ED का दावा है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक पहुँचे हैं। 📊 ED की कार्रवाई का 'चुनावी पैटर्न': 4 राज्यों का विश्लेषण राज्य केस का समय कार्रवाई की टाइमिंग राजनीतिक परिणाम दिल्ली 2022 (शराब नीति) फरवरी 2025 चुनाव से पहले 2024 में CM अरेस्ट। भाजपा सत्ता में आई। झारखंड 2023 (जमीन घोटाला) नवंबर 2024 चुनाव से 10 महीने पहले सोरेन अरेस्ट। हेमंत सोरेन फिर से CM बने। महाराष्ट्र 2021 (मनी लॉन्ड्रिंग) नवंबर 2024 चुनाव से मात्र 6 दिन पहले छापेमारी। भाजपा गठबंधन की जीत। पश्चिम बंगाल 2020 (कोयला तस्करी) मार्च-अप्रैल 2026 चुनाव से 2 महीने पहले कार्रवाई। नतीजे प्रतीक्षित 2. आगामी चुनावों वाले राज्यों में ED की सक्रियता साल 2026 में बंगाल के अलावा चार अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव हैं, जहाँ ED ने अपनी फाइलें तेज कर दी हैं: तमिलनाडु: सत्ताधारी DMK के लिए शराब घोटाले, रियल एस्टेट और शेल कंपनियों से जुड़े पुराने मामले सिरदर्द बन रहे हैं। केरल: सोना तस्करी (Gold Smuggling) और सहकारी बैंक घोटालों में सत्ताधारी LDF सरकार घिरी हुई है। असम: यहाँ भाजपा की सरकार है, लेकिन विपक्षी कांग्रेस और AIUDF नेताओं पर कार्रवाई ने उनके चुनावी फंड और नेटवर्क को प्रभावित किया है। पुडुचेरी: कारोबारियों और राजनेताओं के पुराने गठजोड़ पर एजेंसी की पैनी नजर है। 3. 'एजेंसी' बनाम 'विपक्ष': आरोप और सफाई विपक्षी दलों (जैसे TMC, AAP, JMM, और शिवसेना-UBT) का एक साझा आरोप है कि ED का उपयोग 'चुनावी फंडिंग' रोकने और विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए किया जाता है। विपक्ष का तर्क: कार्रवाई केवल चुनाव से पहले क्यों तेज होती है? चार्जशीट दाखिल करने में सालों क्यों लग जाते हैं? ED की सफाई: एजेंसी का कहना है कि जांच एक निरंतर प्रक्रिया है। सबूतों के आधार पर और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गिरफ्तारियां या छापेमारी की जाती है, जिसका राजनीति या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

Top week

अंडर-19 वर्ल्डकप- भारत का 200 रन पर सातवां विकेट गिरा:
खेल

India vs Pakistan U-19 World Cup Live: वेदांत त्रिवेदी की फिफ्टी से संभला भारत; पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-6 में रोमांचक जंग।

रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0