बेगूसराय/शेखपुरा | 14 मार्च 2026
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के तहत शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। हालांकि, यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा में चूक, मंच पर नोक-झोंक और 'निशांत कुमार' के समर्थन में लगे नारों ने इस दौरे को काफी चर्चा में ला दिया है।
यहाँ मुख्यमंत्री के बेगूसराय और शेखपुरा दौरे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
मुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले बेगूसराय के हेलीपैड पर अफरा-तफरी मच गई:
पुलिसवालों को दौड़ाया: एक आवारा बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलीपैड के अंदर घुस गया। बैल इतना आक्रामक था कि उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया।
फायर ब्रिगेड पर चढ़े जवान: बैल के हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी को जान बचाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बैल को परिसर से बाहर खदेड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ।
सभा के दौरान एक अजीब स्थिति पैदा हो गई जब संबोधन के बीच ही कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे टोकते हुए कहा:
तल्ख तेवर: "अरे कहां भाग रही हो? हम बोलना बंद कर दें क्या? कोई पीछे भाग रहा है, कोई आगे। बैठिए अभी, हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं? अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो? चुपचाप बैठिए और सुनिए।"
कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा) की मौजूदगी में भीड़ से नारे लगने लगे— "बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।" > निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं। इन नारों ने भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।
नीतीश कुमार ने अपने भाषण में लालू यादव की पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला और अपनी उपलब्धियां गिनाईं:
हिंदू-मुस्लिम शांति: CM ने कहा, "पहले आए दिन झगड़े होते थे। हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी की और मंदिरों की बाउंड्री बनवाई। आज सब जगह शांति है।"
शिक्षा और स्वास्थ्य: 2005 से पहले बिहार की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, जिसे हमने मेडिकल कॉलेज खुलवाकर और शिक्षकों की भर्ती कर सुधारा।
मुफ्त बिजली और सोलर: "गांव-गांव बिजली पहुँचाने के बाद अब हम सोलर पैनल लगा रहे हैं। आपकी छत पर सोलर लगेगा और खर्चा सरकार उठाएगी।"
रोजगार का लक्ष्य: CM ने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है और अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य है।
| जिला | योजनाओं की संख्या | कुल लागत (करोड़ में) | मुख्य आकर्षण |
| बेगूसराय | 402 योजनाएं | ₹330 करोड़ | कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला, बियाडा कैंपस। |
| शेखपुरा | 100+ योजनाएं | ₹300 करोड़+ | सर्वा पंचायत का विकास, समीक्षा बैठक। |
| जीविका दीदियां | 9,715 समूह | ₹578.09 करोड़ | बैंक ऋण और चेक वितरण। |
मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया। उन्होंने दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कई बार 'थैंक्यू' और 'बधाई हो' कहा।
चेक वितरण: 578 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ऋण चेक वितरित किया गया।
अधिकार केंद्र: दीदियों को 'अधिकार केंद्र' की चाबियां सौंपी गईं, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र बनेंगे।
बेगूसराय के बाद CM शेखपुरा के बरबीघा पहुंचे। यहाँ सर्वा गांव में उन्होंने 300 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। दोपहर 2:55 बजे वे पटना के लिए रवाना हो गए।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा': बेगूसराय में 330 करोड़ की योजनाओं की सौगात; मंच से महिलाओं को टोका— "कहां भाग रही हो", हेलीपैड पर बैल ने मचाया तांडव बेगूसराय/शेखपुरा | 14 मार्च 2026 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी 'समृद्धि यात्रा' के तहत शनिवार को बेगूसराय पहुंचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। हालांकि, यह यात्रा केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि सुरक्षा में चूक, मंच पर नोक-झोंक और 'निशांत कुमार' के समर्थन में लगे नारों ने इस दौरे को काफी चर्चा में ला दिया है। यहाँ मुख्यमंत्री के बेगूसराय और शेखपुरा दौरे की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. सुरक्षा में बड़ी चूक: हेलीपैड पर बैल का 'आतंक' मुख्यमंत्री के आने से कुछ समय पहले बेगूसराय के हेलीपैड पर अफरा-तफरी मच गई: पुलिसवालों को दौड़ाया: एक आवारा बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर हेलीपैड के अंदर घुस गया। बैल इतना आक्रामक था कि उसने वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। फायर ब्रिगेड पर चढ़े जवान: बैल के हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी को जान बचाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के ऊपर चढ़ना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद बैल को परिसर से बाहर खदेड़ा गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर लैंड हुआ। 2. मंच से महिलाओं को टोका: "बैठिए और चुपचाप सुनिए" सभा के दौरान एक अजीब स्थिति पैदा हो गई जब संबोधन के बीच ही कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें सीधे टोकते हुए कहा: तल्ख तेवर: "अरे कहां भाग रही हो? हम बोलना बंद कर दें क्या? कोई पीछे भाग रहा है, कोई आगे। बैठिए अभी, हाथ उठाकर बताइए हम बोलें या नहीं? अब तो सब कुछ कर ही रहे हैं, फिर क्यों भाग रही हो? चुपचाप बैठिए और सुनिए।" 3. 'निशांत कुमार' के नारे और सियासी हलचल कार्यक्रम के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात तब हुई जब मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा) की मौजूदगी में भीड़ से नारे लगने लगे— "बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।" > निशांत कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं, जो आमतौर पर राजनीति से दूर रहते हैं। इन नारों ने भविष्य के उत्तराधिकार को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। 4. संबोधन की मुख्य बातें: 'जंगलराज' बनाम 'कानून का राज' नीतीश कुमार ने अपने भाषण में लालू यादव की पुरानी सरकार पर जमकर हमला बोला और अपनी उपलब्धियां गिनाईं: हिंदू-मुस्लिम शांति: CM ने कहा, "पहले आए दिन झगड़े होते थे। हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी की और मंदिरों की बाउंड्री बनवाई। आज सब जगह शांति है।" शिक्षा और स्वास्थ्य: 2005 से पहले बिहार की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, जिसे हमने मेडिकल कॉलेज खुलवाकर और शिक्षकों की भर्ती कर सुधारा। मुफ्त बिजली और सोलर: "गांव-गांव बिजली पहुँचाने के बाद अब हम सोलर पैनल लगा रहे हैं। आपकी छत पर सोलर लगेगा और खर्चा सरकार उठाएगी।" रोजगार का लक्ष्य: CM ने दावा किया कि अब तक 50 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है और अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य है। 📊 बेगूसराय और शेखपुरा: विकास का लेखा-जोखा जिला योजनाओं की संख्या कुल लागत (करोड़ में) मुख्य आकर्षण बेगूसराय 402 योजनाएं ₹330 करोड़ कैंपा कोला फैक्ट्री की आधारशिला, बियाडा कैंपस। शेखपुरा 100+ योजनाएं ₹300 करोड़+ सर्वा पंचायत का विकास, समीक्षा बैठक। जीविका दीदियां 9,715 समूह ₹578.09 करोड़ बैंक ऋण और चेक वितरण। 5. जीविका दीदियों को 'थैंक्यू' और सम्मान मुख्यमंत्री ने बेगूसराय में जीविका दीदियों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का जायजा लिया। उन्होंने दीदियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कई बार 'थैंक्यू' और 'बधाई हो' कहा। चेक वितरण: 578 करोड़ रुपये का बैंक ऋण ऋण चेक वितरित किया गया। अधिकार केंद्र: दीदियों को 'अधिकार केंद्र' की चाबियां सौंपी गईं, जो ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण का केंद्र बनेंगे। 6. शेखपुरा का दौरा: 2 घंटे 5 मिनट का प्रवास बेगूसराय के बाद CM शेखपुरा के बरबीघा पहुंचे। यहाँ सर्वा गांव में उन्होंने 300 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। दोपहर 2:55 बजे वे पटना के लिए रवाना हो गए।
लोकसभा में LPG संकट पर महासंग्राम: राहुल गांधी बोले— "अभी तो दर्द की शुरुआत है"; एपस्टीन-अदाणी मुद्दे पर पीएम मोदी को घेरा, सदन में भारी हंगामा नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र का गुरुवार का दिन गैस और 'ग्लैमर' के विवादों के नाम रहा। देश में गहराते LPG (रसोई गैस) संकट को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सदन के बाहर जहां विपक्ष ने "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब" के नारे लगाए, वहीं सदन के भीतर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय दबाव को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। यहाँ लोकसभा की कार्यवाही और इस विवाद से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का प्रहार: "ऊर्जा सुरक्षा से समझौता हुआ" LPG संकट पर चर्चा के लिए दिए गए नोटिस पर बोलते हुए राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति और मिडिल ईस्ट युद्ध के असर पर चिंता जताई: आम आदमी पर मार: "अभी तो दर्द की शुरुआत हुई है। गैस की किल्लत से रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वाले प्रभावित हैं और आम जनता में घबराहट है।" पहेली और समझौता: राहुल ने रूस-यूक्रेन और ईरान युद्ध के संदर्भ में कहा कि भारत तेल और गैस किससे खरीदेगा, यह अमेरिका तय कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या भारत की ऊर्जा सुरक्षा किसी अंतरराष्ट्रीय समझौते की भेंट चढ़ गई है?" विवादास्पद टिप्पणी: राहुल ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि वे "एपस्टीन के दोस्त" हैं, जिसके बाद सदन में अभूतपूर्व हंगामा शुरू हो गया। 2. सदन में हंगामा और स्पीकर की दखल जैसे ही राहुल गांधी ने 'एपस्टीन' और 'अदाणी' का नाम लिया, सत्तापक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया: ओम बिरला की वापसी: अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद पहली बार चेयर पर बैठे स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोकते हुए कहा, "जिस विषय पर नोटिस दिया है, उसी पर बोलिए। अनर्गल आरोपों के लिए अलग से नोटिस दीजिए।" नारेबाजी: जब पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी जवाब देने के लिए खड़े हुए, तो विपक्षी सांसदों ने "एपस्टीन-एपस्टीन" के नारे लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। 3. "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब": विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने संसद परिसर में मोर्चा खोल दिया था: सीढ़ियों पर चाय-बिस्किट: नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और 50 से अधिक विपक्षी सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर बैठकर चाय और बिस्किट खाए। यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि गैस की कमी के कारण घरों में चूल्हे नहीं जल रहे हैं। पीएम पर कटाक्ष: राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, लेकिन वे खुद पैनिक में हैं। कल उनकी कुर्सी खाली थी क्योंकि वे 'एपस्टीन-अदाणी' केस की वजह से परेशान हैं। उन्होंने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है।" 📊 LPG संकट और सदन की स्थिति: मुख्य बिंदु मुद्दा स्थिति / विवरण LPG आपूर्ति मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण कतर और ईरान से सप्लाई बाधित। विपक्ष का नारा "नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब" संसदीय स्थिति स्पीकर ओम बिरला की वापसी, अविश्वास प्रस्ताव खारिज। प्रमुख आरोप भारत की ऊर्जा नीति पर अमेरिकी दबाव और निजी हित। प्रभावित वर्ग घरेलू उपभोक्ता, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारी। 4. हरदीप सिंह पुरी का पक्ष और सरकार का तर्क हालांकि हंगामे के कारण पेट्रोलियम मंत्री पूरी बात नहीं रख पाए, लेकिन सरकार का रुख स्पष्ट है: युद्ध का असर: सरकार का मानना है कि रूस-ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन टूटी है, जिससे गैस की किल्लत हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था: पेट्रोलियम मंत्रालय रूस और अन्य अफ्रीकी देशों से जल्द गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहा है। विपक्ष पर पलटवार: सत्तापक्ष ने राहुल गांधी के आरोपों को "बेबुनियाद" और "विदेशी साजिश का हिस्सा" करार दिया।
सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक: कर्नाटक 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर बैन लगाने वाला पहला राज्य; आंध्र प्रदेश में भी तैयारी बेंगलुरु | 6 मार्च 2026 भारत में डिजिटल सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा की है कि राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसी राह पर चलते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए समान प्रतिबंध की तैयारी शुरू कर दी है। यहाँ इस बड़े फैसले, इसके लागू होने की प्रक्रिया और वैश्विक संदर्भों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बजट भाषण: "बच्चों का भविष्य प्राथमिकता" कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए इस कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर दिया: गलत प्रभाव की चिंता: सीएम ने कहा कि बच्चों में मोबाइल और सोशल मीडिया की लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे उनके मानसिक विकास और व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। नियमों की तैयारी: इस बैन को तकनीकी रूप से कैसे लागू किया जाएगा, इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों की टीम नियम तैयार कर रही है। नशे के खिलाफ जंग: सरकार ने केवल डिजिटल ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में नशे (Drugs) की समस्या को खत्म करने के लिए सख्त निगरानी और काउंसलिंग केंद्र खोले जाएंगे। 2. कैसे लागू होगा यह बैन? (एज वेरिफिकेशन और DPDP एक्ट) सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अब बच्चों की उम्र छिपाना आसान नहीं होगा। यह प्रस्ताव भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 (DPDP) और 2025 के नियमों के साथ एकीकृत किया जाएगा: पैरेंटल कंसेंट (माता-पिता की अनुमति): किसी भी नाबालिग का अकाउंट बनाने से पहले माता-पिता की डिजिटल सहमति अनिवार्य होगी। डिजिटल लॉकर और पहचान: उम्र के सत्यापन (Age Verification) के लिए सरकारी पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर का उपयोग किया जाएगा। कंपनियों की जिम्मेदारी: फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स को सख्त निर्देश दिए जाएंगे कि वे नाबालिगों के अकाउंट्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करें। 3. आंध्र प्रदेश की तैयारी: 13 साल की डेडलाइन कर्नाटक के फैसले के कुछ ही घंटों बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंधित करने जा रही है। नायडू ने इसे "भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करने वाला कदम" बताया। 📊 सोशल मीडिया बैन: भारत बनाम दुनिया देश / राज्य उम्र सीमा कानून / स्थिति कर्नाटक (भारत) 16 साल से कम बजट 2026 में घोषणा; देश का पहला राज्य। ऑस्ट्रेलिया 16 साल से कम 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल' (नवंबर 2024) लागू। आंध्र प्रदेश (भारत) 13 साल से कम विधानसभा में प्रस्ताव पेश। अमेरिका (कुछ राज्य) 14-16 साल कई राज्यों में पैरेंटल कंट्रोल कानून लागू। 4. टीनएजर्स और सोशल मीडिया: आकर्षण और जोखिम मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था (Teenage) में सोशल मीडिया के प्रति झुकाव के गहरे कारण हैं: सोशल वैलिडेशन: टीनएजर्स के लिए लाइक्स, कमेंट्स और व्यूज केवल संख्या नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास का जरिया हैं। इंस्टेंट रिएक्शन उन्हें यह महसूस कराता है कि वे समाज में मायने रखते हैं। वर्चुअल आइडेंटिटी: बच्चे अक्सर अपनी असल जिंदगी से ज्यादा अपनी वर्चुअल पहचान (Profile) को संवारने में समय बिताते हैं, जिससे वे वास्तविक सामाजिक कौशल (Social Skills) खो देते हैं। साइबर जोखिम: कम उम्र में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से साइबर बुलिंग, प्राइवेसी ब्रीच और हानिकारक कंटेंट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। 5. ऑस्ट्रेलिया मॉडल से प्रेरणा कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट बिल 2024' से प्रेरित माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी टेक कंपनियों पर यह जिम्मेदारी डाली है कि वे उम्र की सख्त जांच करें। वहां इस कानून के उल्लंघन पर कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।