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लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; गौरव गोगोई ने लगाए पक्षपात के आरोप, किरेन रिजिजू ने किया पलटवार।

रवि चौहान मार्च 10, 2026 0
स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

लोकसभा में ऐतिहासिक टकराव: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश; विपक्ष का 'पक्षपात' का आरोप बनाम सरकार का 'भागने' का पलटवार

नई दिल्ली | 10 मार्च 2026

भारतीय संसदीय इतिहास में आज एक दुर्लभ और गहमागहमी भरा दिन रहा। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion) पेश किया। सदन में 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद पीठासीन अधिकारी ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिस पर अब 10 घंटे की मैराथन चर्चा होगी।

विपक्ष ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही के दौरान सत्तापक्ष का साथ देने और विपक्षी आवाजों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष के व्यवहार पर ही सवाल खड़े किए हैं।

यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और सदन में हुई तीखी बहस की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:


1. अविश्वास प्रस्ताव: गौरव गोगोई के 3 बड़े प्रहार

प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने स्पीकर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीन प्रमुख बिंदु रखे:

  • भेदभाव का आरोप: गोगोई ने कहा, "बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को 20 बार टोका गया। जब उन्होंने एक लेख का हवाला दिया तो उन्हें रोक दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सांसद सदन में प्रतिबंधित किताबें दिखा रहे थे और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।"

  • माइक बंद करने की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि 9 फरवरी को शशि थरूर का माइक बंद कर दिया गया। जब माइक ही ऑफ हो, तो कोई सदस्य अपनी बात कैसे रख सकता है? यह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।

  • महिला सांसदों का अपमान: गोगोई ने ओम बिरला के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों ने पीएम की चेयर घेर ली थी और उनके साथ "कुछ भी हो सकता था।" गोगोई ने इसे बेहद शर्मनाक और महिला सांसदों की गरिमा के खिलाफ बताया।


2. किरेन रिजिजू का पलटवार: "राहुल गांधी सदन से भाग जाते हैं"

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का बचाव करते हुए विपक्ष और राहुल गांधी पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए:

  • उपस्थिति पर सवाल: रिजिजू ने कहा कि जब सदन का महत्वपूर्ण सत्र चल रहा होता है, तब नेता प्रतिपक्ष विदेश चले जाते हैं। वे अपनी बात कहकर सदन से भाग जाते हैं और दूसरों को नहीं सुनते।

  • मर्यादा का उल्लंघन: उन्होंने राहुल गांधी के पुराने व्यवहार (पीएम को गले लगाना और आंख मारना) का जिक्र करते हुए कहा कि जब नेता ऐसा होगा, तो बाकी सांसदों से क्या उम्मीद की जाए? उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल द्वारा चेयर को 'यार' कहने पर भी आपत्ति जताई।

  • प्रियंका गांधी का जिक्र: रिजिजू ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर प्रियंका गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाता, तो शायद सदन में कुछ अच्छा व्यवहार देखने को मिलता।


3. प्रियंका गांधी का तीखा जवाब: "सच्चाई पचती नहीं है"

सदन में पहली बार आक्रामक अंदाज में दिख रही प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का बचाव किया:

  • निडर नेतृत्व: प्रियंका ने कहा, "इस देश में एक ही व्यक्ति है जो पिछले 12 सालों में इनके (बीजेपी) सामने झुका नहीं है। वह नेता प्रतिपक्ष है।"

  • सच का सामना: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन में खड़ होकर सत्तापक्ष के सामने जो सच बोलते हैं, वह इनसे पचता नहीं है, इसलिए वे उन पर निजी हमले करते हैं।


📊 सदन का समीकरण: अविश्वास प्रस्ताव

मुख्य बिंदु विवरण
प्रस्तावक विपक्ष (गौरव गोगोई द्वारा शुरुआत)
समर्थन 50 से अधिक सांसद (अनिवार्य संख्या)
मुख्य आरोप पक्षपात, माइक बंद करना, विपक्ष को बोलने न देना।
चर्चा का समय 10 घंटे आवंटित
सरकार का तर्क विपक्ष चर्चा से भागता है और स्पीकर का अपमान करता है।


4. बहस के मुख्य मुद्दे: माइक, रूलिंग बुक और गरिमा

सदन में बहस के दौरान कई ऐसे मुद्दे उठे जो पिछले कुछ समय से विवाद का केंद्र रहे हैं:

  1. माइक ऑफ विवाद: विपक्ष का दावा है कि जब भी संवेदनशील मुद्दे (जैसे अडानी या बेरोजगारी) उठाए जाते हैं, तो रणनीतिक रूप से माइक बंद कर दिया जाता है।

  2. पक्षपात: विपक्ष का कहना है कि स्पीकर सत्तापक्ष के मंत्रियों को बिना रोक-टोक बोलने देते हैं, लेकिन विपक्ष के सदस्यों को हर वाक्य पर 'रूल बुक' (नियमों की किताब) दिखाई जाती है।

  3. संसदीय भाषा: सत्तापक्ष ने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद चेयर के प्रति सम्मान नहीं रखते और असंसदीय भाषा का उपयोग करते हैं।

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मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

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आंध्र प्रदेश- पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 20 लोगों की मौत
Andhra Pradesh Firecracker Blast: काकीनाडा की पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 20 की मौत; धान के खेतों में बिखरे मिले शव।

आंध्र प्रदेश: काकीनाडा की पटाखा यूनिट में भीषण धमाका; 20 मजदूरों की मौत, धान के खेतों में बिखरे मिले शवों के चिथड़े काकीनाडा | 28 फरवरी 2026 आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शनिवार दोपहर वेटलापलेम गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई (Firecracker Unit) में जोरदार विस्फोट होने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पूरी फैक्ट्री ताश के पत्तों की तरह ढह गई और वहां काम कर रहे मजदूरों के शवों के टुकड़े कई मीटर दूर खेतों में जाकर गिरे। यहाँ इस भीषण त्रासदी, राहत कार्य और सरकार की प्रतिक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दोपहर 2 बजे का वो भयावह मंजर प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह हादसा शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे हुआ: भीषण आवाज: धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियां चटक गईं और लोग भूकंप की आशंका से घरों से बाहर निकल आए। मलबे का ढेर: विस्फोट के कुछ ही सेकंड के भीतर पूरी यूनिट जलकर राख हो गई। मौके पर केवल काला धुआं और मलबे का ढेर नजर आ रहा था। खेतों में बिखरी लाशें: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्लास्ट के दबाव के कारण मजदूरों के शव उड़कर पास के धान के खेतों में जा गिरे। स्थानीय ग्रामीण खाद की बोरियों से बनी चादरों (बाराकालू) में क्षत-विक्षत शवों को समेटते देखे गए, जो बेहद डरावना मंजर था। 2. राहत एवं बचाव कार्य: ड्रोन से की जा रही तलाश प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है: ड्रोन का उपयोग: खेतों में फसल घनी होने के कारण शवों के हिस्सों और लापता लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद ली है। गंभीर रूप से झुलसे घायल: काकीनाडा गवर्नमेंट हॉस्पिटल के अधीक्षक के अनुसार, अस्पताल लाए गए 6 घायल 90% से 100% तक झुलस चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक है और मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। 📊 हादसे का विवरण: एक नजर में विवरण तथ्य स्थान वेटलापलेम गांव, काकीनाडा जिला (आंध्र प्रदेश) समय शनिवार दोपहर, लगभग 2:00 बजे मृतकों की संख्या 20 (पुष्टि हो चुकी है) घायलों की स्थिति 6 गंभीर (90-100% बर्न इंजरी) धमाके की तीव्रता 5 किमी के दायरे में सुनाई दी मुख्य कारण पटाखा निर्माण के दौरान बारूद में विस्फोट (जांच जारी) 3. मुख्यमंत्री और सरकार की प्रतिक्रिया हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार सक्रिय हो गई है: चंद्रबाबू नायडू का शोक: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय मंत्रियों और जिला कलेक्टर को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने और पीड़ितों के परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री का बयान: राज्य की गृह मंत्री वंगालपुडी अनीता ने कहा कि प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश भी दिए हैं। 4. जांच के घेरे में सुरक्षा मानक प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके के समय यूनिट के भीतर 20 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे। अब जांच इस दिशा में की जा रही है कि: क्या फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था? क्या क्षमता से अधिक विस्फोटक सामग्री वहां जमा की गई थी? क्या निर्माण प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा था?

रवि चौहान फ़रवरी 28, 2026 0
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राहुल बोले-मोदी ने अमेरिका से देश बेचने की डील की

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अमेरिकी टैरिफ डील, राहुल बोले- मोदी ने विश्वासघात किया
US-India Trade Deal Controversy: राहुल गांधी और खड़गे का मोदी सरकार पर हमला; बोले- "टैरिफ डील में किया भारत का आत्मसमर्पण"।

अमेरिकी टैरिफ डील पर 'सियासी रार': विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा; राहुल गांधी बोले- "पीएम का विश्वासघात उजागर", खड़गे ने पूछा- "सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया?" नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 अमेरिकी टैरिफ और भारत-यूएस ट्रेड डील को लेकर भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद, भारतीय विपक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने बिना कानूनी स्थिति स्पष्ट हुए 'जल्दबाजी' में समझौता किया, जिससे भारत के हितों को नुकसान पहुँचा है। यहाँ विपक्ष के आरोपों, अमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रम्प के नए 10% ग्लोबल टैरिफ का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. विपक्ष का प्रहार: "हताशा में किया गया आत्मसमर्पण" कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मोदी सरकार की 'ट्रेड डिप्लोमेसी' पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं: राहुल गांधी: शनिवार को राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी का "विश्वासघात" अब सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि भारत इस व्यापार समझौते में फिर से "आत्मसमर्पण" कर देगा, जिससे देश की आर्थिक स्वायत्तता खतरे में पड़ेगी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इस समझौते को एक 'ट्रैप डील' (Trap Deal) करार दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं किया? क्या सरकार पर किसी तरह का दबाव था? जयराम रमेश: उन्होंने कहा कि यदि सरकार महज 18 दिन और रुक जाती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की बेहतर रक्षा की जा सकती थी। 2. दिग्गज नेताओं की 4 बड़ी टिप्पणियां विपक्ष के प्रमुख चेहरों ने सरकार की रणनीति को 'असंतुलित' बताया है: नेता मुख्य आरोप / टिप्पणी मल्लिकार्जुन खड़गे क्या यह 'एप्सटीन फाइल्स' का दबाव था? सरकार 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रही। जयराम रमेश प्रधानमंत्री की हताशा के कारण यह समझौता भारत पर थोपा जा रहा है। 18 दिन का इंतजार भारी पड़ता। मनीष तिवारी यह फैसला लोकतंत्र के लिए जरूरी है। न्यायपालिका को कार्यपालिका की 'तानाशाही' वाली ज्यादती रोकनी ही चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी भारतीय निर्यात पर 10% टैरिफ और अमेरिकी आयात पर लगभग जीरो; यह डील पूरी तरह असंतुलित और एकतरफा है। 3. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का 'ऐतिहासिक' फैसला शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति ट्रम्प के ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट का तर्क: संविधान के अनुसार, टैक्स या टैरिफ लगाने का अधिकार केवल संसद (कांग्रेस) को है। राष्ट्रपति 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का बहाना बनाकर संसद की शक्तियों को नहीं छीन सकते। भारत पर असर: इस फैसले के बाद भारत पर लगा 18% रेसिप्रोकल टैरिफ कानूनी तौर पर अवैध हो गया था। विपक्ष का तर्क यही है कि यदि भारत रुकता, तो उसे कोई भी टैरिफ देने की जरूरत नहीं पड़ती। 4. ट्रम्प का जवाबी दांव: 10% नया ग्लोबल टैरिफ कोर्ट के फैसले के मात्र 3 घंटे के भीतर डोनाल्ड ट्रम्प ने नया दांव खेल दिया: नया कानून (Section-122): ट्रम्प ने 'ट्रेड एक्ट 1974' की धारा 122 का उपयोग करते हुए दुनिया भर पर 10% टैरिफ लगा दिया। लागू होने की तारीख: यह नया टैरिफ 24 फरवरी 2026 की आधी रात से लागू होगा। भारत की स्थिति: बीबीसी के अनुसार, अब भारत पर टैरिफ 18% से घटकर 10% रह जाएगा। ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना "अच्छा दोस्त" बताते हुए कहा कि ट्रेड डील जारी रहेगी। 5. व्यापार समझौते का वर्तमान स्टेटस वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, विवादों के बावजूद प्रक्रिया जारी है: फरवरी अंत: अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल हो जाएगा। मार्च: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे। अप्रैल: डील पूरी तरह लागू हो जाएगी। भारत की रियायत: भारत ने अगले 5 साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने पर सहमति जताई है।

रवि चौहान फ़रवरी 21, 2026 0
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रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0