नई दिल्ली

राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे
Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

संसद में घमासान: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है विपक्ष; राहुल गांधी को बोलने न देने पर लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026 बजट सत्र के 9वें दिन संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने और स्पीकर द्वारा महिला सांसदों पर लगाए गए आरोपों के विरोध में सदन की कार्यवाही मात्र 13 मिनट ही चल पाई। अब खबरें आ रही हैं कि विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A.) लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है: 1. राहुल गांधी बनाम सरकार: "बोलने देंगे या नहीं?" दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तो राहुल गांधी और आसंदी (स्पीकर की चेयर) पर बैठीं संध्या राय के बीच तीखी बहस हुई: राहुल का दावा: राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर ने एक घंटे पहले केबिन में उनसे वादा किया था कि बजट चर्चा से पहले उन्हें बोलने का मौका दिया जाएगा। उन्होंने सीधे सवाल किया— "क्या आप मुझे बोलने देंगी या नहीं?" सरकार का पलटवार: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे भी केबिन में थे और ऐसा कोई 'कमिटमेंट' नहीं हुआ था। नतीजा: हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। 2. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। नियम: इस प्रस्ताव को लाने के लिए कम से कम 50 सांसदों का लिखित समर्थन और 14 दिन का नोटिस जरूरी है। वजह: कांग्रेस की महिला सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर दुख जताया है कि उन्होंने सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्ष की महिला सांसदों पर 'झूठे और अपमानजनक' आरोप लगाए हैं। 3. प्रियंका गांधी का हमला: "मोदी जी में सदन आने की हिम्मत नहीं" कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा: "नरेंद्र मोदी जी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की, इसलिए स्पीकर से सफाई दिलवा रहे हैं। स्पीकर पर इतना प्रेशर है कि उन्हें खुद बयान देना पड़ रहा है। महिला सांसदों का अपमान किया गया है।" 📊 सदन के भीतर क्या है विवाद के मुख्य मुद्दे? मुद्दा विपक्ष का आरोप सरकार/स्पीकर का पक्ष जनरल नरवणे की किताब सरकार चर्चा से डर रही है और बोलने नहीं दे रही। रक्षा मंत्री के अनुसार किताब अभी छपी ही नहीं है। महिला सांसद विवाद स्पीकर ने महिला सांसदों पर झूठे आरोप लगाए। सत्ता पक्ष का दावा है कि विपक्षी सदस्य मर्यादा लांघ रहे हैं। बजट और US डील किसानों पर असर और US डील पर चर्चा नहीं हो रही। विपक्ष बिना नोटिस दिए किसी भी मुद्दे पर बोलना चाहता है। 4. राहुल गांधी के 3 बड़े सवाल सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाए: सरकार बहस से क्यों डर रही है? खासकर बजट और अमेरिकी सौदों (US Deals) पर। गलत जानकारी: रक्षा मंत्री ने सदन में झूठ क्यों बोला कि नरवणे की किताब छपी नहीं है, जबकि वह बाजार में है? झूठे आरोप: यह झूठ फैलाया गया कि विपक्ष पीएम को धमकी दे रहा है। अगर ऐसा है, तो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार क्यों नहीं करते?

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित
लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

संसद में घमासान: लोकसभा 9 फरवरी तक स्थगित; राहुल गांधी को बिट्टू की 'पाठशाला' वाली सलाह और 'ट्रैप डील' पर बवाल नई दिल्ली | 6 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का पहला चरण हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का भारी शोर-शराबा जारी रहा। सुरक्षा आशंकाओं और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बीच लोकसभा की कार्यवाही महज 10 मिनट (3 मिनट और 7 मिनट के दो सत्र) ही चल सकी, जिसके बाद इसे सोमवार 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यहाँ आज की संसदीय गहमागहमी की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. "पीएम की पाठशाला में जाएं राहुल": रवनीत बिट्टू का तंज केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राहुल गांधी के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। बालक और पाठशाला: बिट्टू ने राहुल पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कल सबने उन्हें बालक कहा। आज पीएम की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना सिखाया गया। अगर राहुल भी वहां चले जाएं, तो शायद जीवन में कामयाब हो जाएं।" माफी की मांग: बीजेपी सांसद शशांक मणि ने मांग की कि राहुल गांधी को बिट्टू के खिलाफ 'गद्दार' शब्द इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए। 2. नेहरू-गांधी परिवार पर निशाना और 'लाइब्रेरी' का दांव बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने देश की वर्तमान समस्याओं के लिए सीधे तौर पर नेहरू-गांधी परिवार को जिम्मेदार ठहराया। रिसर्च सेंटर: दुबे ने घोषणा की कि वे एक ऐसी लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर बनाएंगे जहां जनता को यह बताया जाएगा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश के साथ क्या किया है। उन्होंने लोगों से इस हेतु पुरानी किताबें दान करने का आग्रह किया। विपक्ष का पलटवार: सपा सांसद राजीव राय और शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी ने इंदिरा गांधी और नेहरू के खिलाफ की गई टिप्पणियों को 'निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। 3. '56 इंच का सीना और सुरक्षा ड्रामा': विपक्ष के सवाल स्पीकर ओम बिरला द्वारा पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मणिकम टैगोर: "हमारे पीएम 56 इंच के सीने वाले हैं, फिर वे ऐसा ड्रामा क्यों कर रहे हैं? क्या वे अपने ही सांसदों से डरे हुए हैं?" प्रमोद तिवारी: उन्होंने कहा कि खुद को असुरक्षित बताकर पीएम ने सदन के सभी सांसदों को असुरक्षित महसूस कराया है। 📊 संसद डायरी: आज क्या हुआ? घटना विवरण लोकसभा स्थगन हंगामे के कारण सोमवार 9 फरवरी सुबह 11 बजे तक स्थगित। राज्यसभा प्राइवेट मेंबर बिल पेश हुए, लेकिन खड़गे और पीएम के भाषण पर बहस के बाद सोमवार तक स्थगित। सस्पेंडेड सांसदों का प्रदर्शन 8 निलंबित सांसदों ने 'ट्रेड डील' को 'ट्रैप डील' बताते हुए संसद के बाहर नारेबाजी की। ऐतिहासिक रिकॉर्ड 2004 के बाद पहली बार राष्ट्रपति का धन्यवाद प्रस्ताव बिना पीएम के भाषण के लोकसभा में पास हुआ। 4. बजट सत्र का अगला पड़ाव बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। सरकार की योजना विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 और प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 जैसे महत्वपूर्ण बिलों को पास कराने की है। हालांकि, विपक्ष 'भारत-अमेरिका ट्रेड डील' और 'आर्मी चीफ की किताब' के मुद्दों पर झुकने को तैयार नहीं है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर
राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

राजपाल यादव ने किया जेल में सरेंडर: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट का सख्त रुख; 9 करोड़ का बकाया, 25 लाख का चेक लेकर पहुंचे थे एक्टर नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद राजपाल यादव ने गुरुवार को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। यह मामला 16 साल पुराने 5 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है, जो ब्याज समेत अब करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। यहाँ इस पूरे कानूनी मामले और आज की अदालती कार्यवाही की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. कोर्ट की फटकार: "राहत से पहले सरेंडर जरूरी" राजपाल यादव गुरुवार को सरेंडर करने के बाद व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट के सामने पेश हुए और राहत की गुहार लगाई। अधूरा भुगतान: राजपाल यादव कोर्ट में 25 लाख रुपये का चेक लेकर आए थे और बाकी रकम जल्द चुकाने का भरोसा दिया। कोर्ट का रुख: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि पहले दी गई राहत बार-बार दिए गए झूठे आश्वासनों के आधार पर थी, जिन्हें एक्टर ने कभी पूरा नहीं किया। 2. मामला क्या है? (2010 से अब तक) यह विवाद राजपाल यादव की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' से शुरू हुआ था। कर्ज की शुरुआत: फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। चेक बाउंस: 2012 में फिल्म फ्लॉप हो गई, जिसके बाद कर्ज लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। सजा: 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद वे लगातार ऊपरी अदालतों में अपील और समझौते का झांसा देकर समय मांगते रहे। 📊 राजपाल यादव केस: मुख्य आंकड़े विवरण सांख्यिकी / जानकारी मूल कर्ज (2010) ₹5 करोड़ वर्तमान बकाया (ब्याज सहित) ₹9 करोड़ कोर्ट में आज पेश किया गया चेक ₹25 लाख सजा की अवधि 6 महीने (ट्रायल कोर्ट द्वारा) मुख्य फिल्म अता पता लापता (2012) 3. टाइपिंग मिस्टेक के बहाने खारिज हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की उन दलीलों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट में 'तकनीकी या टाइपिंग गलती' का हवाला देकर समय मांगा था। कोर्ट ने कहा कि ये दलीलें अब भरोसे के लायक नहीं हैं। रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम को तुरंत शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश दिया गया है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था
पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

संसद में सुरक्षा अलर्ट: 'पीएम मोदी पर हमले की थी साजिश'; स्पीकर बोले- इसी डर से टाला प्रधानमंत्री का भाषण नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार को एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई 'अप्रत्याशित घटना' (हमला या शारीरिक क्षति) हो सकती थी। इसी सुरक्षा आशंका के चलते प्रधानमंत्री का बुधवार शाम 5 बजे होने वाला संबोधन टालना पड़ा और सदन को स्थगित करना पड़ा। यहाँ संसद में मचे इस अभूतपूर्व हंगामे की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. स्पीकर का सनसनीखेज दावा: "हमले की थी आशंका" लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की गरिमा और सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की: सुरक्षा जोखिम: स्पीकर ने कहा, "कल अध्यक्ष कार्यालय में जो हुआ, वह इतिहास में कभी नहीं हुआ। आशंका थी कि जब पीएम जवाब देने आएंगे, तो विपक्षी सांसद उनकी सीट के पास पहुंचकर कोई बड़ी घटना कर सकते हैं।" महिला सांसदों का घेराव: बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह महिला सांसदों ने पीएम की कुर्सी को घेरा और पोस्टर लहराए, वह देश ने देखा। इसी वजह से मैंने खुद पीएम से सदन में न आने का आग्रह किया था। 2. 'एजेंट' के तौर पर महिला सांसद? सूत्रों का बड़ा दावा न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं: हमले की योजना: दावा किया गया है कि कांग्रेस प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बना रही थी। महिलाएं बनीं ढाल: योजना के तहत महिला सांसदों को आगे किया गया था ताकि सुरक्षाकर्मी (मार्शल) उन पर कड़ा बल प्रयोग न कर सकें। बैनर और घेराव: बुधवार शाम महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेरकर "जो सही है, वो करो" (Do what is right) के बैनर लहराए थे, जो 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में था। 📊 संसदीय इतिहास में पहली बार (2004 के बाद) घटना विवरण धन्यवाद प्रस्ताव गुरुवार को हंगामे के बीच पास कर दिया गया। पीएम का भाषण 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पास हुआ। सस्पेंशन विवाद 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन पर विपक्ष अड़ा रहा। किताब विवाद राहुल गांधी जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक लेकर अड़े रहे। 3. राहुल गांधी की 'चुनौती' और नरवणे की किताब विपक्ष के हंगामे की एक बड़ी वजह पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की वह अप्रकाशित किताब है, जिसे राहुल गांधी ने सदन में सार्वजनिक करने की जिद पकड़ रखी है। राहुल का दावा: राहुल ने किताब का पेज दिखाते हुए कहा कि पीएम ने चीन विवाद पर आर्मी चीफ से कहा था, "जो उचित समझो वह करो।" सीधी चुनौती: राहुल ने कहा कि पीएम में सदन में आने की हिम्मत नहीं है, अगर वे आते तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करता। 4. स्पीकर के ऑफिस में तीखी बहस सदन के भीतर ही नहीं, स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में भी बीजेपी और विपक्षी सांसदों के बीच जुबानी जंग हुई। वायरल वीडियो में महिला सांसद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ बहस करती नजर आ रही हैं। हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी है।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने
Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

इलॉन मस्क का धमाका: $850 बिलियन की नेटवर्थ के साथ रचा इतिहास; बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति न्यूयॉर्क | 4 फरवरी 2026 दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन इलॉन मस्क ने अपनी संपत्ति में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया है। मस्क की कुल नेटवर्थ अब $850 बिलियन (करीब 77 लाख करोड़ रुपए) को पार कर गई है। यह कारनामा उनकी दो बड़ी कंपनियों, स्पेसएक्स (SpaceX) और xAI, के विलय (Merger) के बाद हुआ है। मस्क अब आधिकारिक तौर पर इतिहास के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। यहाँ मस्क की इस गगनचुंबी सफलता की 5 बड़ी बातें दी गई हैं: 1. एक दिन में 7 लाख करोड़ का मुनाफा स्पेसएक्स और xAI के विलय की खबर के बाद मस्क की संपत्ति में एक ही दिन में $84 बिलियन (करीब 7 लाख करोड़ रुपए) का इजाफा हुआ। मर्जर की वैल्यू: नई बनी संयुक्त कंपनी की कुल वैल्यू $1.25 ट्रिलियन (करीब 104 लाख करोड़ रुपए) आंकी गई है। मस्क की हिस्सेदारी: इस नई जाइंट कंपनी में मस्क की 43% हिस्सेदारी है, जिसकी अकेले की कीमत $542 बिलियन है। 2. पड़ोसी देशों की GDP से भी अमीर मस्क की दौलत अब इतनी अधिक हो गई है कि वह कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से बड़े हो चुके हैं: देशों की तुलना: मस्क की नेटवर्थ अब पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल की संयुक्त GDP से भी ज्यादा है। भारतीय अमीरों से तुलना: यह भारत के टॉप 40 सबसे अमीर व्यक्तियों की कुल संपत्ति से भी अधिक है। 3. सिर्फ 4 महीने में बनाया रिकॉर्ड मस्क की दौलत पिछले 4 महीनों में 70% की रफ्तार से बढ़ी है: अक्टूबर 2025: $500 बिलियन का आंकड़ा छूने वाले पहले इंसान बने। दिसंबर 2025: टेस्ला स्टॉक ऑप्शंस और स्पेसएक्स की वैल्यू बढ़ने से $700 बिलियन क्लब में पहुंचे। फरवरी 2026: $850 बिलियन के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। 📊 मस्क बनाम दुनिया के अन्य रईस रैंक नाम नेटवर्थ (बिलियन डॉलर) स्रोत 1 इलॉन मस्क $852.5 B Tesla, SpaceX, xAI 2 लैरी पेज $281 B Google 3 सर्गेई ब्रिन $255 B Google 4 जेफ बेजोस $250 B Amazon मस्क दूसरे नंबर के लैरी पेज से करीब $571 बिलियन ज्यादा अमीर हैं। 4. मस्क की सफलता के तीन बड़े स्तंभ टेस्ला (Tesla): इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति की शुरुआत। मस्क के पास इसके स्टॉक और ऑप्शंस का बड़ा हिस्सा है। स्पेसएक्स (SpaceX): मंगल पर बस्ती बसाने का सपना। अब xAI के साथ मिलकर यह मस्क की सबसे मूल्यवान संपत्ति बन गई है। न्यूरालिंक (Neuralink): इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से जोड़ने वाली चिप। भविष्य की सबसे क्रांतिकारी तकनीक।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
लोकसभा में राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा
Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

संसद में महासंग्राम: राहुल की स्पीच पर लगातार दूसरे दिन हंगामा; 8 विपक्षी सांसद पूरे सत्र के लिए निलंबित नई दिल्ली | 3 फरवरी 2026 लोकसभा में आज भारी शोर-शराबा और धक्का-मुक्की देखने को मिली। कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व आर्मी चीफ की एक 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) के आर्टिकल को सदन में पेश करने की कोशिश के बाद सदन अखाड़े में तब्दील हो गया। हंगामे के चलते पीठासीन अधिकारी ने विपक्ष के 8 सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। 1. 14 मिनट का संघर्ष: राहुल ने फिर घेरा राहुल गांधी ने मंगलवार दोपहर 2 बजे सदन में बोलने की कोशिश की, लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के कारण वे अपनी बात पूरी नहीं कर सके। पूर्व आर्मी चीफ का मुद्दा: राहुल ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब का हवाला देते हुए कुछ गंभीर आरोप लगाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मुझे बोलने दिया जाए, यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।" NDA का विरोध: जैसे ही राहुल ने बोलना शुरू किया, एनडीए सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। राहुल करीब 14 मिनट तक खड़े रहे, लेकिन शोर के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। 2. विपक्ष की एकजुटता: बोलने से किया इनकार जब स्पीकर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राहुल को रोककर अन्य दलों के सांसदों को बोलने का मौका दिया, तो विपक्ष ने अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई: सहयोगियों का साथ: सपा के नरेश उत्तम पटेल, TMC की शताब्दी रॉय और DMK के कातिर आनंद ने राहुल के समर्थन में बोलने से साफ इनकार कर दिया। नारेबाजी और पेपर स्प्रे: विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और नारेबाजी की। कुछ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की चेयर की तरफ कागज के गोले बनाकर उछाले। 3. 'नियम 374' के तहत 8 सांसदों पर गिरी गाज हंगामे और आसन की अवमानना को देखते हुए पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने कड़ा रुख अपनाया: निलंबन: सदन की कार्यवाही में जानबूझकर बाधा डालने और मर्यादा तोड़ने के आरोप में 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। संसद परिसर में प्रदर्शन: निलंबन के तुरंत बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 🔍 क्या है नियम 374 और 374A? (जिसके तहत हुई कार्रवाई) नियम प्रावधान नियम 374 स्पीकर उस सांसद को सस्पेंड कर सकते हैं जो जानबूझकर सदन की कार्यवाही रोकता है। यह निलंबन अधिकतम सत्र के अंत तक हो सकता है। नियम 374A 2001 में जोड़ा गया यह नियम स्पीकर को अधिकार देता है कि वेल में आने या नारे लगाने वाले सांसद को तुरंत (बिना प्रस्ताव के) सस्पेंड कर सकें। वेतन और भत्ते सस्पेंशन के दौरान भी सांसदों को पूरी सैलरी मिलती है। 'काम नहीं, वेतन नहीं' की नीति अभी तक लागू नहीं हुई है। 4. संसद में हंगामे की मुख्य वजहें विपक्ष ने हाल ही में हुई भारत-अमेरिका ट्रेड डील और लद्दाख बॉर्डर पर चीनी टैंकों की कथित मौजूदगी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। राहुल गांधी का आरोप है कि सरकार इन संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष की आवाज दबा रही है और उनका माइक बंद किया जा रहा है।

रवि चौहान फ़रवरी 3, 2026 0
अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा
India-US Trade Deal Conflict: राहुल गांधी का आरोप- मोदी ने देश बेच दिया; पीयूष गोयल बोले- किसानों के हित सुरक्षित; टैरिफ घटकर हुआ 18%।

ट्रेड डील पर संग्राम: 'मोदी ने देश बेच दिया' बनाम 'ऐतिहासिक समझौता'; राहुल गांधी के आरोपों पर पीयूष गोयल का तीखा पलटवार नई दिल्ली | 3 फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे भारत के लिए बड़ी जीत बता रहे हैं, वहीं नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर 'देश के हितों का सौदा' करने का गंभीर आरोप लगाया है। 1. राहुल गांधी का हमला: "मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री पर तीखे प्रहार किए: सौदा करने का आरोप: राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री ने अमेरिकी ट्रेड डील में देश और आपकी मेहनत को बेच दिया है। वे डरे हुए हैं क्योंकि अमेरिका में अडानी पर केस असल में मोदी पर केस है।" प्रेशर पॉइंट्स: राहुल ने दावा किया कि अडानी केस और एपस्टीन फाइल्स (जिसके कुछ हिस्से अभी रिलीज नहीं हुए हैं) की वजह से पीएम दबाव में हैं और इसी दबाव में उन्होंने यह डील की है। इमेज का टूटना: राहुल के मुताबिक, जिन ताकतों ने मोदी की इमेज बनाई थी, वही अब इसे तोड़ रहे हैं। 2. पीयूष गोयल का जवाब: "राहुल देश को गुमराह कर रहे हैं" वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शाम को सरकार का पक्ष रखा और राहुल के आरोपों को 'ओछी सोच' बताया: कृषि-डेयरी सुरक्षित: गोयल ने साफ किया कि इस डील में भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। अर्थव्यवस्था को लाभ: उन्होंने कहा कि टैरिफ में कटौती (50% से 18%) से भारतीय एक्सपोर्टर्स, युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साझा बयान: इस डील पर दोनों देश जल्द ही एक विस्तृत साझा बयान जारी करेंगे। 3. 'मोगैम्बो खुश हुआ': कांग्रेस के गंभीर सवाल कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पार्टी के आधिकारिक हैंडल से सरकार को घेरा गया: अमेरिकी किसानों का फायदा: कांग्रेस ने अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस डील से अमेरिकी किसानों का माल भारत में बिकेगा। भारतीय किसानों को नुकसान: विपक्ष का आरोप है कि अब भारतीय किसानों को अपने ही बाजार में अमेरिकी उत्पादों से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी, जो उनके हितों पर चोट है। 📊 भारत-अमेरिका ट्रेड डील: मुख्य बिंदु पक्ष ट्रम्प का दावा / घोषणा भारत का पक्ष टैरिफ (Import Duty) भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया। भारतीय उत्पादों (Made in India) के लिए बड़ी जीत। तेल आयात भारत रूस से तेल लेना बंद करेगा, अमेरिका/वेनेजुएला से खरीदेगा। ऊर्जा सुरक्षा के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर फोकस। व्यापार प्रतिबद्धता भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा। तकनीक, ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में बड़ा निवेश। क्षेत्र (Sectors) ऊर्जा, तकनीक, कृषि और कोयला। संवेदनशील सेक्टर (डेयरी) को सुरक्षित रखने का दावा। 4. ट्रम्प और मोदी की 'जुगलबंदी' ट्रम्प का पोस्ट: राष्ट्रपति ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि मोदी के साथ बातचीत शानदार रही। मोदी ने 'बाय अमेरिकन' नीति के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। मोदी का धन्यवाद: पीएम मोदी ने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से ट्रम्प का आभार जताते हुए कहा कि टैरिफ में कटौती एक ऐतिहासिक कदम है।

रवि चौहान फ़रवरी 3, 2026 0
ईरान से लौटे भारतीय, दिल्ली एयरपोर्ट पर फूट-फूटकर रोए
ईरान में गृहयुद्ध के बीच वतन लौटे भारतीय छात्र; दिल्ली एयरपोर्ट पर छलक उठे आंसू; MEA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी।

ईरान संकट: मौत के साये से वतन लौटे भारतीय; दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनों से लिपटकर रोए छात्र; 'रियाल' के पतन और 3000 मौतों के बीच डरावनी दास्तां नई दिल्ली | 17 जनवरी 2026 ईरान में जारी भीषण गृहयुद्ध और सरकार विरोधी हिंसा के बीच फंसे भारतीय नागरिकों की वतन वापसी शुरू हो गई है। शुक्रवार देर रात दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एक भावुक नजारा देखने को मिला, जब 'मौत के मुहाने' से निकलकर दर्जनों छात्र और पेशेवर भारतीय धरती पर पहुंचे। ईरान द्वारा अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) खोलने के बाद, भारत सरकार की एडवाइजरी का पालन करते हुए ये नागरिक निजी और विशेष विमानों से वापस लौटे हैं। 1. दिल्ली एयरपोर्ट पर भावुक मंजर: "गाड़ियों के सामने आ जाते थे प्रदर्शनकारी" एयरपोर्ट के अराइवल टर्मिनल पर जैसे ही छात्र बाहर आए, वहां पहले से मौजूद उनके परिवार वाले उन्हें गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। छात्रों की जुबानी: मेडिकल स्टूडेंट अर्श दहरा ने बताया कि हालात अब बेकाबू हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में था, लेकिन डर इतना था कि हम जल्द से जल्द वहां से निकलना चाहते थे।" एक महीने का नरक: जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि पिछले एक महीने से वे घरों में कैद थे। अगर गलती से बाहर निकलते, तो प्रदर्शनकारी गाड़ियों के सामने आ जाते थे। पूरे शहर में गोलियों की आवाजें सुनाई देती हैं। 2. 31 प्रांतों में आग और 3000 से ज्यादा मौतें ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक पूर्ण विद्रोह का रूप ले चुका है। मौत का आंकड़ा: स्थानीय और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों की 'लाइव फायरिंग' में अब तक 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। कारण: मुख्य वजह है ईरानी मुद्रा 'रियाल' का ऐतिहासिक पतन ($1 = ~14.5 लाख रियाल) और 70% से ज्यादा महंगाई। लोग ब्रेड और चाय जैसी बुनियादी चीजों के लिए मोहताज हैं। डिजिटल ब्लैकआउट: ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद है, जिससे वहां फंसे भारतीयों को अपने परिवार से बात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 📊 ईरान में भारतीय: वर्तमान स्थिति और हेल्पलाइन श्रेणी विवरण और डेटा ईरान में कुल भारतीय लगभग 9,000 (अधिकांश छात्र और व्यापारी)। एडवाइजरी विदेश मंत्रालय ने 'उपलब्ध साधनों' से तुरंत देश छोड़ने को कहा है। मुख्य हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 आधिकारिक ईमेल cons.tehran@mea.gov.in ट्रम्प का रुख अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों की हत्या न रुकने पर 'सैन्य कार्रवाई' की धमकी दी है। 3. विदेश मंत्रालय (MEA) की रणनीति प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: सरकार ने ईरान में रह रहे शेष भारतीयों को निर्देश दिया है कि वे अपने पासपोर्ट और वीजा हमेशा तैयार रखें ताकि इमरजेंसी इवैक्यूएशन (निकासी) के समय देरी न हो। एयरस्पेस का मुद्दा: 14 जनवरी को ईरान ने हवाई क्षेत्र बंद किया था, जिससे भारतीय विमान फंस गए थे। 15 जनवरी को इसे फिर से खोला गया, जिसके बाद एयर इंडिया और अन्य निजी एयरलाइंस ने भारतीयों को लाना शुरू किया। 4. विद्रोह की आग के पीछे के 5 बड़े कारण आर्थिक तबाही: रियाल की कीमत शून्य की ओर बढ़ रही है, जिससे मिडिल क्लास पूरी तरह खत्म हो गया है। व्यापारियों की हड़ताल: तेहरान के ऐतिहासिक बाजार 'बाजार-ए-बुजुर्ग' के बंद होने से पूरी सप्लाई चेन टूट गई है। शासन के खिलाफ गुस्सा: लोग अब अयातुल्ला खामेनेई के पोस्टर जला रहे हैं और पुरानी राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं। इंटरनेट बैन: 180 घंटे से ज्यादा के डिजिटल ब्लैकआउट ने जनता के गुस्से को सड़कों पर और बढ़ा दिया है। वैश्विक दबाव: ट्रम्प प्रशासन के कड़े रुख ने प्रदर्शनकारियों को यह उम्मीद दी है कि उन्हें बाहरी मदद मिल सकती है।

रवि चौहान जनवरी 17, 2026 0
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ी अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का एक्शन
140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा टेरर लिंक; चेयरमैन पर चार्जशीट।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन: 140 करोड़ की संपत्ति अटैच; दिल्ली ब्लास्ट और 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं तार प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (16 जनवरी 2026) को फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी फंडिंग की जांच के तहत, एजेंसी ने यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क (Attach) कर दी हैं। इसके साथ ही अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट भी दाखिल की गई है। 1. ED की कार्रवाई: क्या-क्या हुआ अटैच? ED ने यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को 'अपराध की आय' (Proceeds of Crime) मानते हुए PMLA एक्ट के तहत ज़ब्त किया है। अचल संपत्ति: फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में फैली 54 एकड़ जमीन। इमारतें: यूनिवर्सिटी का मुख्य कैंपस, स्कूल बिल्डिंग, विभिन्न विभागों की इमारतें और छात्रों के हॉस्टल। चेयरमैन की गिरफ्तारी: ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को 18 नवंबर को 12 घंटे की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। 2. दिल्ली ब्लास्ट और 'डॉक्टर' आतंकी का कनेक्शन अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम तब सुर्खियों में आया जब इसके एक डॉक्टर ने आतंकी हमले को अंजाम दिया। लाल किला ब्लास्ट: 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक चलती कार में धमाका हुआ था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले का मुख्य आरोपी यूनिवर्सिटी का डॉ. उमर उन नबी था। व्हाइट-कॉलर टेरर: जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी 'व्हाइट-कॉलर आतंकी मॉड्यूल' का केंद्र बनी हुई थी। NIA और पुलिस ने यहाँ से डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन सईद समेत 10 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। विस्फोटकों का जखीरा: आरोपियों के पास से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे घातक विस्फोटक बरामद हुए थे। 📊 अल-फलाह यूनिवर्सिटी: जांच में हुए बड़े खुलासे श्रेणी विवरण और अनियमितताएं वित्तीय धोखाधड़ी झूठी मान्यता के दावे कर छात्रों से 415.10 करोड़ रुपये वसूले गए। शेल कंपनियां एक ही पते पर 9 फर्जी (शेल) कंपनियां रजिस्टर्ड पाई गईं। डेटा विसंगति कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर दर्ज मिला और EPFO का कोई रिकॉर्ड नहीं था। आतंकी जुड़ाव प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के मॉड्यूल को पनाह देने का आरोप। 3. 'व्हाइट-कॉलर' मॉड्यूल का श्रीनगर से फरीदाबाद कनेक्शन अक्टूबर 2025 में श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे थे, जिसमें सुरक्षा बलों पर हमले की धमकी दी गई थी। श्रीनगर पुलिस और SSP जीवी सुंदीप चक्रवर्ती की जांच जब आगे बढ़ी, तो तार फरीदाबाद की इस यूनिवर्सिटी से जुड़े। यह भारत में अपनी तरह का पहला मामला है जहाँ पढ़े-लिखे पेशेवर (डॉक्टर) सीधे तौर पर बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा पाए गए। 4. हरियाणा सरकार का सख्त कदम: प्रशासन भंग करने की तैयारी हरियाणा की सैनी सरकार इस यूनिवर्सिटी पर पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण लेने की तैयारी में है। नया विधेयक: 22 दिसंबर 2025 को विधानसभा में 'हरियाणा निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक' पास किया गया है। अधिकार: यदि किसी यूनिवर्सिटी से राष्ट्रीय सुरक्षा या अखंडता को खतरा होता है, तो सरकार उसका प्रशासन भंग कर वहां अपना अधिकारी (Administrator) नियुक्त कर सकती है। छात्रों का भविष्य: ED ने कोर्ट से कहा है कि कानूनी कार्रवाई के बीच छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सरकार जल्द ही प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं
बंगाल में I-PAC पर छापा; दिल्ली, झारखंड और महाराष्ट्र का पैटर्न; क्या विपक्ष का आरोप सही है?

चुनावी मौसम में ED का 'एक्शन' मोड: बंगाल से तमिलनाडु तक पुराने केसों की खुली फाइलें; विपक्षी दलों ने टाइमिंग पर उठाए सवाल भारत में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सक्रियता ने एक बार फिर देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल में I-PAC से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी हो या तमिलनाडु में पुरानी फाइलों का खुलना, विपक्षी दलों का आरोप है कि ED की कार्रवाई का सीधा संबंध 'चुनावी टाइमिंग' से है। 1. पश्चिम बंगाल: 5 साल पुराने केस में चुनाव से ठीक पहले छापा मई 2026 से पहले पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ठीक इससे पहले 8 जनवरी को ED ने कोलकाता में I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की। केस की पृष्ठभूमि: यह मामला 2,742 करोड़ रुपये की कोयला तस्करी से जुड़ा है। CBI ने नवंबर 2020 में FIR की थी और ED ने उसी समय जांच शुरू की थी। विवाद की वजह: मामला 5 साल पुराना है, लेकिन बड़ी कार्रवाई चुनाव से ठीक 2-3 महीने पहले हुई। आरोप: ममता बनर्जी ने इसे चुनावी लाभ के लिए 'एजेंसी का दुरुपयोग' बताया है, जबकि ED का दावा है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक पहुँचे हैं। 📊 ED की कार्रवाई का 'चुनावी पैटर्न': 4 राज्यों का विश्लेषण राज्य केस का समय कार्रवाई की टाइमिंग राजनीतिक परिणाम दिल्ली 2022 (शराब नीति) फरवरी 2025 चुनाव से पहले 2024 में CM अरेस्ट। भाजपा सत्ता में आई। झारखंड 2023 (जमीन घोटाला) नवंबर 2024 चुनाव से 10 महीने पहले सोरेन अरेस्ट। हेमंत सोरेन फिर से CM बने। महाराष्ट्र 2021 (मनी लॉन्ड्रिंग) नवंबर 2024 चुनाव से मात्र 6 दिन पहले छापेमारी। भाजपा गठबंधन की जीत। पश्चिम बंगाल 2020 (कोयला तस्करी) मार्च-अप्रैल 2026 चुनाव से 2 महीने पहले कार्रवाई। नतीजे प्रतीक्षित 2. आगामी चुनावों वाले राज्यों में ED की सक्रियता साल 2026 में बंगाल के अलावा चार अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव हैं, जहाँ ED ने अपनी फाइलें तेज कर दी हैं: तमिलनाडु: सत्ताधारी DMK के लिए शराब घोटाले, रियल एस्टेट और शेल कंपनियों से जुड़े पुराने मामले सिरदर्द बन रहे हैं। केरल: सोना तस्करी (Gold Smuggling) और सहकारी बैंक घोटालों में सत्ताधारी LDF सरकार घिरी हुई है। असम: यहाँ भाजपा की सरकार है, लेकिन विपक्षी कांग्रेस और AIUDF नेताओं पर कार्रवाई ने उनके चुनावी फंड और नेटवर्क को प्रभावित किया है। पुडुचेरी: कारोबारियों और राजनेताओं के पुराने गठजोड़ पर एजेंसी की पैनी नजर है। 3. 'एजेंसी' बनाम 'विपक्ष': आरोप और सफाई विपक्षी दलों (जैसे TMC, AAP, JMM, और शिवसेना-UBT) का एक साझा आरोप है कि ED का उपयोग 'चुनावी फंडिंग' रोकने और विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के लिए किया जाता है। विपक्ष का तर्क: कार्रवाई केवल चुनाव से पहले क्यों तेज होती है? चार्जशीट दाखिल करने में सालों क्यों लग जाते हैं? ED की सफाई: एजेंसी का कहना है कि जांच एक निरंतर प्रक्रिया है। सबूतों के आधार पर और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गिरफ्तारियां या छापेमारी की जाती है, जिसका राजनीति या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
आर्मी चीफ बोले- पाकिस्तान बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव
ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है; बॉर्डर पर 8 आतंकी कैंप एक्टिव; पाकिस्तान को आर्मी चीफ की सीधी चेतावनी।

आर्मी चीफ की चेतावनी: ऑपरेशन सिंदूर जारी; बॉर्डर पार 8 आतंकी कैंप सक्रिय, दुस्साहस किया तो पाकिस्तान को मिलेगा 'करारा जवाब' भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान और चीन को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी समाप्त नहीं हुआ है और भारतीय सेना किसी भी आतंकी या सैन्य दुस्साहस का जवाब देने के लिए पूरी ताकत के साथ तैयार है। यहाँ आर्मी चीफ के संबोधन और सीमा की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ऑपरेशन सिंदूर: रणनीतिक जीत और पाक को बड़ा झटका जनरल द्विवेदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण बताया। बड़ा नुकसान: इस ऑपरेशन के दौरान 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा। 88 घंटे का अभियान: 7 मई को शुरू हुई 22 मिनट की शुरुआती स्ट्राइक और उसके बाद 88 घंटे चले समन्वित हमले ने पाकिस्तान की 'परमाणु धमकी' (Nuclear Blackmail) की रणनीति को पूरी तरह कमजोर कर दिया। लक्ष्य: सेना ने 9 में से 7 चिन्हित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। 2. सीमा पर 'ड्रोन' और आतंकी कैंपों की हलचल बॉर्डर पर हाल ही में देखे गए ड्रोनों को लेकर आर्मी चीफ ने स्थिति साफ की। रक्षात्मक ड्रोन: 10 से 12 जनवरी के बीच सीमा पर जो छोटे ड्रोन देखे गए, वे पाकिस्तान द्वारा यह जांचने के लिए भेजे गए थे कि भारतीय सेना कहीं ढिलाई तो नहीं बरत रही। 8 सक्रिय कैंप: आर्मी चीफ ने खुलासा किया कि LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं, जहाँ ट्रेनिंग चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक भी गलती होने पर सेना तुरंत एक्शन लेगी। 📊 भारतीय सेना की उपलब्धियां और रणनीतिक रुख (2025-26) श्रेणी विवरण और आंकड़े आतंकी सफाया 2025 में 31 आतंकी ढेर (ज्यादातर पाकिस्तानी)। ऑपरेशन महादेव पहलगाम हमले के आतंकियों का खात्मा। पर्यटन में सुधार अमरनाथ यात्रा में 4 लाख+ श्रद्धालु (5 साल का रिकॉर्ड)। रणनीतिक रुख पाकिस्तान-चीन का 1963 समझौता 'अवैध' घोषित। 3. चीन-पाक गठजोड़ पर सख्त प्रहार जनरल द्विवेदी ने 1963 के पाक-चीन समझौते को पूरी तरह अवैध करार दिया। शक्सगाम घाटी: पाकिस्तान द्वारा शक्सगाम घाटी का क्षेत्र चीन को सौंपना भारत स्वीकार नहीं करता। CPEC का विरोध: सेना प्रमुख ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है और हम इसे दोनों देशों की अवैध कार्रवाई मानते हैं। 4. कश्मीर में बदलाव की बयार सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर की बदलती तस्वीर पर खुशी जताई। आतंक से पर्यटन की ओर: अब घाटी में विकास के काम तेज हुए हैं और पर्यटन लौट रहा है। शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है।

रवि चौहान जनवरी 13, 2026 0
ममता बोलीं– मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव
ममता बनर्जी बनाम अमित शाह: "मेरे पास पेन ड्राइव है"; ED रेड पर TMC का महा-विरोध; कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई टली।

ममता बनाम शाह: बंगाल में संवैधानिक 'महा-संग्राम'; 'पेन ड्राइव' से 'पॉलिटिकल डेटा' तक छिड़ी कानूनी जंग पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद शुरू हुआ विवाद अब एक पूर्ण संवैधानिक संकट और सड़कों पर महा-संग्राम का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है, वहीं दिल्ली में टीएमसी सांसदों और कोलकाता की सड़कों पर हजारों कार्यकर्ताओं ने 'एजेंसी राज' के खिलाफ हुंकार भरी है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम, राजनीतिक आरोपों और कानूनी पेचों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. "मेरे पास पेन ड्राइव है": ममता बनर्जी का अमित शाह पर बड़ा हमला कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभूतपूर्व दावे किए। कोयला घोटाले का पलटवार: ममता ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की असली रकम बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और खुद गृह मंत्री अमित शाह तक पहुँचती है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके पुख्ता सबूत 'पेन ड्राइव' में मौजूद हैं। सुवेंदु अधिकारी पर आरोप: उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी इस पैसे के लेन-देन में शामिल हैं। डेटा चोरी का डर: ममता का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ED ने कोयला घोटाले के बहाने I-PAC से टीएमसी का चुनावी डेटा, रणनीति और उम्मीदवारों की लिस्ट चुराने की कोशिश की है। 2. दिल्ली से कोलकाता तक विरोध की आग तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए 'दिल्ली चलो' का नारा दिया। दिल्ली में धक्का-मुक्की: गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी सांसदों (डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा) को दिल्ली पुलिस ने घसीटकर हिरासत में लिया। महुआ मोइत्रा ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया। कोलकाता मार्च: कोलकाता में ममता बनर्जी के साथ जनसैलाब उमड़ा। उन्होंने कहा कि "अगर कोई मुझे छेड़ता है, तो मैं छोड़ती नहीं हूँ।" संवैधानिक संस्थानों पर सवाल: सीएम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में शाह के पुराने सहयोगियों को बिठाया गया है ताकि बंगाल में 'जनादेश' को प्रभावित किया जा सके। 📊 विवाद के मुख्य केंद्र: आंकड़े और आरोप मुद्दा टीएमसी (TMC) का पक्ष भाजपा/ED का पक्ष ED रेड का कारण राजनीतिक प्रतिशोध और डेटा चोरी। 2020 का कोयला तस्करी और हवाला मामला। हस्तक्षेप मुख्यमंत्री का अपने कार्यकर्ताओं की रक्षा करना। सीएम ने जांच में बाधा डाली और फाइलें जब्त कीं। I-PAC की भूमिका एक प्रोफेशनल चुनावी रणनीतिकार फर्म। हवाला धन प्राप्त करने वाली एक संदिग्ध इकाई। कानूनी स्थिति ED पर 2 FIR दर्ज कराई गईं। हाईकोर्ट में सीएम के खिलाफ याचिका दायर। 3. कलकत्ता हाईकोर्ट: हंगामे की भेंट चढ़ी सुनवाई ED ने ममता बनर्जी द्वारा जांच में बाधा डालने और फाइलें ले जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट में अराजकता: कोर्ट परिसर में वकीलों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ और हंगामे के कारण जस्टिस सुवरा घोष की बेंच ने सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है। प्रतिवादी: ED ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी के अलावा डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को भी पक्षकार बनाया है। 4. बीजेपी और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया रविशंकर प्रसाद (BJP): "आजाद भारत में ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक सीएम खुद जाकर रेड रुकवाए। यह दिखाता है कि ममता को राज खुलने का डर है।" मोहन यादव (CM, MP): उन्होंने ममता की हरकत को 'हल्की हरकत' करार दिया और कहा कि संवैधानिक शपथ का उल्लंघन हुआ है। अधीर रंजन चौधरी (Congress): उन्होंने टीएमसी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी मजदूरों पर हमले पर चुप रहती है। 5. I-PAC: वह संस्था जिसके लिए 'आर-पार' की जंग छिड़ी I-PAC (Indian Political Action Committee) कोई साधारण कंपनी नहीं रह गई है। प्रतीक जैन इसके वर्तमान सर्वेसर्वा हैं। महत्व: ममता के लिए रणनीति बनाना, डेटा एनालिसिस और वोटर आउटरीच का पूरा जिम्मा इसी संस्था पर है। यही कारण है कि ममता बनर्जी ने इसे अपनी पार्टी का 'अंग' मानकर खुद रेड स्थल पर मोर्चा संभाला।

रवि चौहान जनवरी 9, 2026 0
सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते इंसानी डर पहचानते हैं, इसलिए काटते हैं:
Supreme Court Stray Dog Hearing 2026: "Dogs can sense fear"; जस्टिस नाथ के व्यक्तिगत अनुभव और चूहों की आबादी वाला विवाद।

⚖️ सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर 'महा-सुनवाई': "कुत्ते डर भांप लेते हैं"; जजों के पर्सनल अनुभव और चूहों की आबादी वाला अजीब तर्क 1. जस्टिस नाथ का व्यक्तिगत अनुभव: "अपना सिर मत हिलाइए" सुनवाई के दौरान एक बड़ा पल तब आया जब जस्टिस नाथ ने कुत्तों के व्यवहार (Animal Behavior) पर टिप्पणी की। जज का तर्क: जस्टिस नाथ ने कहा कि "कुत्ते इंसानों के डर को पहचान लेते हैं। जब उन्हें लगता है कि सामने वाला डर रहा है, तो वे अक्सर हमला कर देते हैं।" टकराव: जब कुत्तों के समर्थकों (Animal Lovers) की तरफ से पेश वकील ने इस बात पर असहमति जताते हुए अपना सिर हिलाया, तो जस्टिस नाथ ने कड़े शब्दों में कहा, "अपना सिर मत हिलाइए, मैं यह बात अपने व्यक्तिगत अनुभव से कह रहा हूँ।" 2. इंफ्रास्ट्रक्चर का संकट: देश में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर! याचिकाकर्ता के वकील ने देश में कुत्तों के प्रबंधन को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया: शेल्टर होम की कमी: पूरे भारत में सिर्फ 5 सरकारी शेल्टर होम बताए गए, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता मात्र 100 कुत्तों की है। लापरवाही: राज्यों ने जो डेटा दिया है, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि नगर पालिकाएं कितने शेल्टर चला रही हैं। वकील ने तर्क दिया कि जब तक पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं होगा, कुत्तों को सड़कों से हटाकर रखा कहाँ जाएगा? 📊 सुनवाई की 6 सबसे बड़ी बातें और कानूनी दलीलें मुख्य बिंदु दलील और कोर्ट का रुख मालिक कौन? पालतू कुत्ते का मालिक होता है, लेकिन आवारा कुत्ते का कोई नहीं। क्या यह राज्य की जिम्मेदारी नहीं है? सुरक्षित रास्ता ABC (Animal Birth Control) नियम ऐसे होने चाहिए कि नागरिक के घर तक का रास्ता सुरक्षित रहे। रिहायशी इलाके आदेश सिर्फ स्कूलों या अस्पतालों तक सीमित न हो, बल्कि रिहायशी कॉलोनियों पर भी लागू हो। डॉग लवर्स पर शर्त NGO को याचिका लगाने के लिए फीस देनी होती है। कोर्ट ने कहा- "शर्त न होती तो यहाँ पंडाल लगाना पड़ता।" अधूरे आंकड़े कुत्तों की आखिरी गणना 2009 में हुई थी। बिना सही संख्या जाने प्रबंधन नामुमकिन है। इकोलॉजिकल बैलेंस क्या कुत्तों को हटाने से चूहों और बंदरों का आतंक बढ़ जाएगा? 3. 'कुत्ते बनाम चूहे' का विवाद: "तो क्या बिल्लियां ले आएं?" एनिमल वेलफेयर की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने एक ऐसा तर्क दिया जिस पर कोर्ट ने चुटकी ली। तर्क: वकील ने कहा कि "अगर कुत्तों को सड़कों से हटा दिया गया, तो चूहों की आबादी अनियंत्रित रूप से बढ़ जाएगी, जो बीमारियां फैलाएंगे। कुत्ते पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखते हैं।" कोर्ट का कटाक्ष: इस पर जस्टिस मेहता ने मजाकिया लहजे में कहा, "यह कैसा संबंध है? तो क्या हमें और बिल्लियां ले आनी चाहिए?" कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हर कुत्ते को हटाने का आदेश नहीं दिया, बल्कि केवल नियमों के अनुसार उनके प्रबंधन की बात की है। 4. पिछले 7 महीनों का लेखा-जोखा इस संवेदनशील मुद्दे पर पिछले 7 महीनों में 6 बार सुनवाई हो चुकी है। नवंबर 2025 का आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही आदेश दिया था कि स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए और उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए। अधिकारों का संतुलन: कोर्ट अब एक ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रहा है जहां पशु अधिकार (Animal Rights) और नागरिकों की सुरक्षा (Right to Safe Environment) के बीच संतुलन बनाया जा सके।

रवि चौहान जनवरी 8, 2026 0
दिल्ली में आधी रात पुलिस-MCD टीम पर पथराव
Delhi Ramlila Maidan Violence 2026: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पथराव; 5 पुलिसकर्मी घायल; जानें क्या है अतिक्रमण विवाद का सच?

दिल्ली हिंसा विश्लेषण: रामलीला मैदान में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर पथराव; मस्जिद की अफवाह से भड़की भीड़, 5 पुलिसकर्मी घायल 1. घटनाक्रम: शांतिपूर्ण अभियान से हिंसक झड़प तक मंगलवार की शाम दिल्ली नगर निगम (MCD) के 17 बुलडोजर तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान इलाके में पहुंचे। लक्ष्य था—हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध ढांचों को हटाना। हिंसा का ट्रिगर: जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, सोशल मीडिया (विशेषकर फेसबुक और व्हाट्सएप) पर खालिद मलिक नामक व्यक्ति द्वारा एक भ्रामक पोस्ट डाली गई। इसमें दावा किया गया कि 'मस्जिद को गिराया जा रहा है'। भीड़ का हमला: इस वीडियो के वायरल होते ही चंद मिनटों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों को निशाना बनाकर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस की कार्रवाई: अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस संघर्ष में 5 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 2. प्रशासनिक स्पष्टीकरण: क्या तोड़ा गया और क्या नहीं? एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर विवेक कुमार ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को खरोंच तक नहीं आई है। क्या तोड़ा गया: कोर्ट के आदेशानुसार एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर, एक बैंक्वेट हॉल (बारात घर) और कुछ अवैध दुकानों को ध्वस्त किया गया। कानूनी आधार: यह कार्रवाई 12 नवंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए उस निर्देश का हिस्सा थी, जिसमें 38,940 वर्ग फुट सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। 📊 विवादित जमीन और कानूनी स्थिति: एक नजर में पक्ष दलील / स्थिति MCD 0.195 एकड़ जमीन पर कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। यह पूरी तरह अतिक्रमण है। मस्जिद समिति यह जमीन वक्फ संपत्ति है और वे इसका लीज किराया देते हैं। हाईकोर्ट (6 जन) मामले को सुनवाई योग्य माना और सभी पक्षों को नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक जवाब मांगा। मुख्य विवाद बारात घर और दुकानों पर आपत्ति नहीं, लेकिन कब्रिस्तान की जमीन को लेकर चिंता है। 3. गिरफ्तारियां और कानूनी कार्रवाई पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज और खालिद मलिक के सोशल मीडिया हैंडल की जांच के आधार पर कार्रवाई की है: गिरफ्तार उपद्रवी: मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद हामिद। नाबालिग की संलिप्तता: एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है, जो पत्थरबाजी में शामिल था। खालिद मलिक: पुलिस भड़काऊ पोस्ट डालने वाले मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है, जिसने 'मस्जिद' का नाम लेकर भीड़ को उकसाया। 4. हाईकोर्ट का रुख: अगली सुनवाई 22 अप्रैल दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन हिंसा हुई (6 जनवरी), उसी दिन दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बंसल ने इस मामले में नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार, शहरी विकास मंत्रालय, डीडीए और वक्फ बोर्ड से इस जमीन की मिल्कियत पर स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 22 अप्रैल 2026 तय की है, लेकिन तब तक अतिक्रमण हटाने पर कोई औपचारिक स्टे (STAY) नहीं दिया गया था।

रवि चौहान जनवरी 7, 2026 0
सऊदी से ज्यादा तेल फिर भी दाने-दाने को मोहताज वेनेजुएला
Venezuela Crisis Inside Story: वेनेजुएला की बर्बादी और भारत पर असर; क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदला समीकरण।

वेनेजुएला की बर्बादी से भारत के फायदे तक: तेल का खेल और 'हाइपरइन्फ्लेशन' की खौफनाक दास्तान 1. स्वर्णिम युग: जब वेनेजुएला दुनिया का 'दुबई' था 1950 से 1970 के दशक तक वेनेजुएला की गिनती दुनिया के सबसे अमीर देशों में होती थी। चौथा सबसे अमीर देश: 1952 में वेनेजुएला की प्रति व्यक्ति आय कई यूरोपीय देशों से अधिक थी। OPEC की नींव: वेनेजुएला ने ही दुनिया को सिखाया कि तेल को हथियार कैसे बनाया जाए। 1960 में ओपेक (OPEC) के गठन में इसकी केंद्रीय भूमिका थी। विलासिता का दौर: कराकस के लोग वीकेंड शॉपिंग के लिए मियामी जाते थे और वेनेजुएला दुनिया में स्कॉच व्हिस्की का सबसे बड़ा आयातक था। 2. डच डिजीज और विनाश का ब्लूप्रिंट अर्थशास्त्र में 'डच डिजीज' (Dutch Disease) उस स्थिति को कहते हैं जब कोई देश केवल एक संसाधन (यहाँ तेल) पर इतना निर्भर हो जाए कि उसकी खेती और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग खत्म हो जाएं। मुफ्तखोरी की राजनीति: 1999 के बाद ह्यूगो शावेज और बाद में मादुरो ने लोकलुभावन योजनाओं (Populist schemes) में तेल का सारा पैसा खर्च कर दिया। तकनीकी पतन: सरकारी कंपनी PDVSA से अनुभवी इंजीनियरों को निकालकर पार्टी कार्यकर्ताओं को भर दिया गया, जिससे तेल निकालने की क्षमता 35 लाख बैरल से गिरकर 8 लाख बैरल पर आ गई। 📊 वेनेजुएला का आर्थिक पतन: आंकड़ों की जुबानी वर्ष GDP (अरब डॉलर में) स्थिति 2012 $372.59 शिखर पर (Highest Level) 2020 $43.79 पतन की पराकाष्ठा 2026 $101 (अनुमानित) मामूली सुधार, लेकिन अस्थिर 3. 'हाइपरइन्फ्लेशन': जब नोटों की गड्डियों से खरीदा जाने लगा सामान वेनेजुएला की महंगाई का आलम ऐसा था कि वहां नोटों की गिनती नहीं, बल्कि तौल की जाती थी। महंगाई दर: 1,30,000% के पार। एक दर्जन अंडों की कीमत करोड़ों बोलिवर (स्थानीय मुद्रा) तक पहुँच गई। मानवीय संकट: लोग कुपोषण के शिकार हुए और 60 लाख से ज्यादा लोग देश छोड़कर पड़ोसी देशों में शरणार्थी बन गए। 4. भारत के लिए अवसर: सस्ता तेल और राहत की उम्मीद वेनेजुएला में हुए इस सत्ता परिवर्तन का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आपकी जेब पर पड़ सकता है। A. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट संभव भारत अपनी तेल जरूरतों का 85% आयात करता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत वेनेजुएला से तेल नहीं ले पा रहा था। रूस जैसा डिस्काउंट: यदि अमेरिका समर्थित सरकार आती है और प्रतिबंध हटते हैं, तो भारत को वेनेजुएला से भारी छूट पर कच्चा तेल मिल सकता है। आपूर्ति में वृद्धि: ग्लोबल मार्केट में वेनेजुएला के तेल की वापसी से वैश्विक तेल कीमतें गिरेंगी, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल सस्ता हो सकता है। B. रिलायंस और ONGC की चांदी रिलायंस इंडस्ट्रीज: जामनगर रिफ़ाइनरी दुनिया की उन चुनिंदा रिफ़ाइनरियों में से है जो वेनेजुएला के 'भारी' (Heavy) क्रूड को प्रोसेस कर सकती है। रिलायंस के लिए यह कच्चे माल का सबसे सस्ता स्रोत बनेगा। ONGC विदेश: वेनेजुएला के तेल कुओं में ONGC का करोड़ों डॉलर का निवेश फंसा हुआ है। नई सरकार आने से यह निवेश फिर से सक्रिय हो जाएगा और भारत को डिविडेंड मिलना शुरू होगा।

रवि चौहान जनवरी 4, 2026 0
IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने पर शाहरुख का विरोध
जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बयान: उन्होंने शाहरुख खान को 'चरित्रहीन' और 'गद्दार' बताते हुए कहा कि वह हीरो कहलाने के लायक नहीं हैं।

🚩 "शाहरुख खान हीरो नहीं, गद्दार हैं": बांग्लादेशी क्रिकेटर की IPL एंट्री पर भड़के रामभद्राचार्य और देवकीनंदन ठाकुर 1. जगद्गुरु रामभद्राचार्य का कड़ा प्रहार: "चरित्रहीनता का परिचय" पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान की आलोचना करते हुए बेहद तल्ख टिप्पणी की है। चरित्र पर सवाल: उन्होंने कहा, "शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उनका कोई चरित्र नहीं है। वे गद्दारों जैसा आचरण कर रहे हैं।" * विरोध का कारण: जगद्गुरु का तर्क है कि जिस समय पड़ोसी देश में हिंदुओं का खून बह रहा है, उस समय वहां के खिलाड़ी को करोड़ों में खरीदना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। 2. देवकीनंदन ठाकुर की भावुक अपील: "9.2 करोड़ पीड़ितों को दें" प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख खान को 'पत्थर दिल' करार दिया है। क्रूरता का आरोप: उन्होंने पूछा कि कोई इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता है कि उन लोगों के देश से क्रिकेटर लाए जहां हमारी बहनों-बेटियों का सम्मान सुरक्षित नहीं है। प्रायश्चित का सुझाव: देवकीनंदन ठाकुर ने मांग की है कि KKR मुस्तफिजुर रहमान को टीम से तुरंत बाहर करे और उन्हें दी जाने वाली 9.2 करोड़ रुपए की राशि बांग्लादेश में पीड़ित हिंदू परिवारों को दान की जाए। 3. संगीत सोम का 'गद्दारी' वाला वार भाजपा नेता संगीत सोम ने इस विवाद को राष्ट्रवाद से जोड़ दिया है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का कनेक्शन: सोम ने आरोप लगाया कि शाहरुख खान जैसे लोग कभी पाकिस्तान का तो कभी बांग्लादेश का समर्थन करते हैं। चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट कहा, "जब पाकिस्तान के खिलाड़ी भारत में नहीं खेल सकते, तो बांग्लादेशी कैसे खेलेंगे? हम उन्हें खेलने नहीं देंगे।" 📊 मुस्तफिजुर रहमान: 9.2 करोड़ की 'विवादित' डील विवरण जानकारी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान (बाएं हाथ के तेज गेंदबाज) फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) कीमत 9.20 करोड़ रुपए (मिनी ऑक्शन, अबुधाबी) विवाद का कारण बांग्लादेश में 12 दिन में 3 हिंदुओं की हत्या और व्यापक हिंसा

रवि चौहान जनवरी 2, 2026 0
कर्नाटक सरकार के सर्वे में दावा-91% ने माना चुनाव निष्पक्ष
EVM पर विश्वास: राज्य के 83.61% उत्तरदाताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को पूरी तरह भरोसेमंद बताया है।

🗳️ कर्नाटक का 'जनादेश': 91% नागरिकों को EVM और चुनावी निष्पक्षता पर अटूट भरोसा; सरकारी रिपोर्ट ने पलटी सियासत 1. सर्वे की पृष्ठभूमि: कांग्रेस सरकार की एजेंसी का बड़ा खुलासा कर्नाटक मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अथॉरिटी (KMEA) ने अगस्त 2025 में एक विस्तृत अध्ययन पूरा किया, जिसकी रिपोर्ट हाल ही में सार्वजनिक हुई है। इस स्टडी का शीर्षक है— 'लोकसभा चुनाव 2024: नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार (KAP) का एंडलाइन सर्वे'। यह सर्वे चुनाव आयोग के SVEEP (सिस्टेमैटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए किया गया था। चूँकि कर्नाटक में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार है, इसलिए इस रिपोर्ट के निष्कर्षों ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह राहुल गांधी के उन आरोपों को कमजोर करता है जिसमें वे अक्सर ईवीएम पर संदेह जताते हैं। 2. डेटा का गहराई से विश्लेषण: कहाँ कितना भरोसा? सर्वे ने कर्नाटक के 34 चुनावी जिलों के 102 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। इसमें 5,100 मतदाताओं की राय ली गई, जिसमें पुरुष और महिलाओं की भागीदारी लगभग बराबर (50-50%) थी। A. चुनाव की निष्पक्षता पर राय: राज्य के 91.31% लोगों का स्पष्ट मानना है कि भारत में चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं। कलबुर्गी डिवीजन: यहाँ सबसे अधिक भरोसा देखा गया। 84.67% सहमत और 10.19% पूरी तरह सहमत थे। राहुल गांधी ने इसी क्षेत्र में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया था, लेकिन यहाँ की जनता का भरोसा सबसे मजबूत निकला। बेंगलुरु डिवीजन: यहाँ अन्य क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा संदेह दिखा। 9.67% लोगों ने असहमति जताई और 3.56% ने पूरी असहमति। B. EVM की सटीकता: ईवीएम पर भरोसे को लेकर आंकड़े चौंकाने वाले हैं: 83.61% उत्तरदाताओं ने माना कि EVM सटीक नतीजे देती है (इसमें 69.39% सहमत और 14.22% पूरी तरह सहमत हैं)। न्यूट्रल राय: करीब 6.76% लोग ऐसे थे जिन्होंने न तो सहमति जताई और न ही असहमति। क्षेत्रीय अंतर: कलबुर्गी में EVM पर भरोसा 94.48% (सहमति + पूर्ण सहमति) के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि बेंगलुरु में पूर्ण सहमति का स्तर सबसे कम (9.28%) था। 3. चुनावी भ्रष्टाचार और प्रलोभन: एक कड़वी हकीकत भले ही लोग EVM पर भरोसा करते हों, लेकिन रिपोर्ट ने चुनावों में धनबल के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई है: पैसे का प्रभाव: 49.55% लोगों का मानना है कि चुनावों में पैसे का गलत इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। प्रलोभन का अनुभव: 16.33% मतदाताओं (करीब 833 लोगों) ने स्वीकार किया कि उन्हें वोट के बदले लालच देने की कोशिश की गई। लालच के प्रकार: सरकारी योजनाओं का लाभ: 42.26% मामलों में वोट के बदले सरकारी लाभ का वादा किया गया। नौकरी का वादा: 34.09% मामलों में रोजगार दिलाने का प्रलोभन दिया गया। 4. सामाजिक दृष्टिकोण: मतदान में महिलाओं की स्वायत्तता रिपोर्ट में महिलाओं की मतदान प्रक्रिया में भागीदारी पर भी सवाल किए गए: पुरुषों की सलाह: 37.71% लोगों का मानना है कि महिलाओं को वोट देने से पहले परिवार के पुरुषों या बुजुर्गों से सलाह लेनी चाहिए। विरोध: हालांकि, इसके विरोध में बड़ा वर्ग खड़ा दिखा। 51.64% (37.86% असहमत और 13.78% पूरी तरह असहमत) लोगों का मानना है कि महिलाओं को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेना चाहिए। 5. राजनीतिक प्रतिक्रिया: भाजपा का राहुल गांधी पर वार जैसे ही यह रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, भाजपा ने इसे राहुल गांधी के खिलाफ एक कूटनीतिक हथियार बना लिया। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इसे "कांग्रेस के मुंह पर करारा तमाचा" करार दिया। भाजपा का तर्क है कि जब कांग्रेस की अपनी सरकार की एजेंसी कह रही है कि 91% लोग चुनाव प्रक्रिया और EVM पर भरोसा करते हैं, तो राहुल गांधी विदेशी धरती या रैलियों में लोकतंत्र पर सवाल उठाकर देश का अपमान कर रहे हैं।

रवि चौहान जनवरी 2, 2026 0
उन्नाव रेप केस- कुलदीप सेंगर की जमानत पर रोक
Unnao Rape Case: कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक; CJI सूर्यकांत ने पूछा- विधायक लोक सेवक क्यों नहीं?

उन्नाव केस: कुलदीप सेंगर की आजादी पर सुप्रीम कोर्ट का 'ब्रेक'; CJI ने पूछा- विधायक पब्लिक सर्वेंट क्यों नहीं? 1. 🛑 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: जमानत पर रोक दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2025 को कुलदीप सेंगर की सजा को सस्पेंड करते हुए उसे जमानत दी थी। लेकिन सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। CJI की टिप्पणी: चीफ जस्टिस ने कहा, "हाई कोर्ट के जज बेहतरीन हैं, लेकिन गलती किसी से भी हो सकती है। चूंकि आरोपी पहले से दूसरे मामले में दोषी है, इसलिए उसे बिना सुने रिहा रहने देना सही नहीं होगा।" अगली सुनवाई: कोर्ट ने सेंगर को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्ते बाद इस पर विस्तार से सुनवाई होगी। 2. 🏛️ कोर्ट रूम ड्रामा: लोक सेवक (Public Servant) की परिभाषा पर छिड़ी बहस सुनवाई के दौरान एक अहम कानूनी सवाल उठा कि क्या एक विधायक को POCSO कानून के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' माना जाना चाहिए? अदालत की हैरानी: CJI ने सवाल उठाया कि जब एक पुलिस कांस्टेबल को लोक सेवक माना जाता है, तो जनता द्वारा चुने गए विधायक या सांसद को इस दायरे से बाहर क्यों रखा जाए? आडवाणी केस (1997) का जिक्र: CBI ने 1997 के ऐतिहासिक 'आडवाणी बनाम CBI' मामले का हवाला दिया। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चुने हुए प्रतिनिधि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 'सरकारी कर्मचारी' की श्रेणी में आते हैं। CBI की दलील है कि अगर भ्रष्टाचार के लिए विधायक लोक सेवक हैं, तो यौन अपराधों के लिए भी वही नियम लागू होना चाहिए। 3. 😭 पीड़िता के आंसू और जीत की उम्मीद सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही पीड़िता कोर्ट परिसर में फूट-फूटकर रोने लगी। यह आंसू 8 साल के उस लंबे संघर्ष के थे जिसमें उसने अपने पिता, मौसी और चाची को खो दिया। पीड़िता का बयान: "मैं इस फैसले से बहुत खुश हूं। मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। मैं उसे फांसी की सजा दिलाने तक यह लड़ाई जारी रखूंगी।" 4. 📜 फ्लैशबैक: उन्नाव से दिल्ली तक लहूलुहान संघर्ष 2017-18: 4 जून 2017 को सेंगर ने नाबालिग से रेप किया। सुनवाई न होने पर पीड़िता ने 2018 में मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की। इसके बाद उसके पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। 2019 का एक्सीडेंट: रायबरेली में पीड़िता की कार को ट्रक ने टक्कर मारी, जिसमें उसके परिवार की दो महिलाओं की मौत हो गई। इसे सेंगर की साजिश बताया गया। सजा: तत्कालीन CJI रंजन गोगोई के हस्तक्षेप के बाद केस दिल्ली शिफ्ट हुआ और दिसंबर 2019 में सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

रवि चौहान दिसम्बर 29, 2025 0
ललित मोदी ने वायरल वीडियो पर माफी मांगी
Lalit Modi Apology: विजय माल्या के साथ वीडियो शेयर करने पर ललित मोदी ने भारत सरकार से मांगी माफी; बॉम्बे HC ने पूछा- भारत कब लौटोगे?

भगोड़े ललित मोदी के बदले सुर: माल्या के साथ वीडियो पर मांगी माफी; बॉम्बे हाई कोर्ट की सख्ती के बाद आया बयान 1. 📲 क्या था वो वीडियो, जिस पर मचा बवाल? 22 दिसंबर 2025 को आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने विजय माल्या के जन्मदिन के मौके पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो ने इंटरनेट पर आग लगा दी क्योंकि: तंज और रसूख: वीडियो में ललित मोदी खुद को और माल्या को "भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े" कहते हुए मजाक उड़ा रहे थे। चुनौतीपूर्ण लहजा: उन्होंने कैप्शन में लिखा था, "चलो इंटरनेट हिला देता हूं, खासकर मीडिया वालों के लिए... जलन के साथ देखते रहिए।" उपस्थिति: वीडियो में माल्या अपनी पार्टनर पिंकी लालवानी के साथ लंदन की विलासिता का आनंद लेते नजर आ रहे थे। 2. 🙏 9 दिन बाद 'माफीनामा' क्यों? वीडियो वायरल होने के 9 दिन बाद सोमवार को ललित मोदी ने अपने X अकाउंट पर एक माफीनामा जारी किया। उन्होंने लिखा: "मेरे बयान से यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों, खासकर भारत सरकार की, तो मैं इसके लिए माफी चाहता हूं। बयान का आशय वैसा नहीं था, जैसा उसे समझा गया। किसी भी गलतफहमी के लिए फिर से माफी मांगता हूं।" जानकारों का मानना है कि यह माफीनामा बॉम्बे हाई कोर्ट में विजय माल्या के खिलाफ चल रही सख्त सुनवाई और प्रत्यर्पण की बढ़ती प्रक्रिया के दबाव का नतीजा हो सकता है। 3. 🏛️ बॉम्बे हाई कोर्ट की दो टूक: "भारत कब लौटोगे?" 23 दिसंबर को विजय माल्या की उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें उसने खुद को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित करने के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत का रुख: चीफ जस्टिस की बेंच ने साफ कहा कि माल्या भारतीय अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर बैठकर कानून को चुनौती नहीं दे सकते। ED की दलील: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बैंकों का पैसा वसूल होने का मतलब यह नहीं कि आपराधिक जिम्मेदारी खत्म हो गई। अब अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। 4. 📜 फ्लैशबैक: क्यों और कैसे भागे ये 'महारथी'? दोनों ही आरोपी एक दशक से अधिक समय से लंदन में शरण लिए हुए हैं: ललित मोदी (2010 से फरार): IPL के फाउंडर ललित मोदी पर 2010 में मनी लॉन्ड्रिंग और आईपीएल नीलामी में 125 करोड़ के कमीशनखोरी के आरोप लगे। अंडरवर्ल्ड की धमकी का बहाना बनाकर वे लंदन चले गए। उन पर 'ब्लू कॉर्नर' नोटिस जारी है। विजय माल्या (2016 से फरार): किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर बैंकों का हजारों करोड़ रुपये डकारने वाले माल्या 2016 में देश छोड़कर भाग गए। 2019 में उन्हें आधिकारिक तौर पर 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित किया गया।

रवि चौहान दिसम्बर 29, 2025 0
AAP सांसद राघव चड्ढा ने डिलीवरी बॉय को घर बुलाया
Raghav Chadha with Delivery Agent: राघव चड्ढा ने वायरल डिलीवरी बॉय के साथ किया लंच; संसद में उठाई '10 मिनट डिलीवरी' कल्चर के खिलाफ आवाज

राघव चड्ढा की 'लंच डिप्लोमेसी': डिलीवरी एजेंट के दर्द को दी आवाज़; ई-कॉमर्स कंपनियों की 10 मिनट डिलीवरी पर उठाए सवाल 1. 📲 वायरल वीडियो से लंच तक का सफर कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक डिलीवरी एजेंट का वीडियो काफी चर्चा में रहा था। उस वीडियो में एजेंट ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया था कि 15 घंटे की कड़ी मेहनत और 28 डिलीवरी पूरी करने के बाद उसके हाथ में केवल ₹ 763 आए। राघव की पहल: वीडियो देखते ही राघव चड्ढा ने अपनी टीम के जरिए उस युवा एजेंट से संपर्क किया और उसे अपने घर बुलाया। संवाद: लंच के दौरान राघव ने उसके काम की चुनौतियों, कम कमाई और सुरक्षा के अभाव पर लंबी चर्चा की। राघव ने कहा, "इन मेहनतकश युवाओं की छाती पर चढ़कर कंपनियां अरबों की वैल्यूएशन बना रही हैं, लेकिन इन वर्कर्स को बुनियादी सम्मान तक नहीं मिलता।" 2. 🏛️ संसद में गिग वर्कर्स की गूंज राघव चड्ढा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान इस "साइलेंट वर्कफोर्स" के लिए मजबूती से अपनी बात रखी थी। उनके मुख्य बिंदु थे: दिहाड़ी मजदूरों से बदतर स्थिति: उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में डिलीवरी बॉय, राइडर और ड्राइवर की हालत पुराने समय के दिहाड़ी मजदूरों से भी खराब है। वे न तो कर्मचारी की श्रेणी में आते हैं और न ही उन्हें सामाजिक सुरक्षा (बीमा, पीएफ) मिलती है। 10 मिनट डिलीवरी कल्चर का विरोध: राघव ने मांग की कि 'क्विक कॉमर्स' (10 मिनट में सामान पहुँचाना) के इस जानलेवा कल्चर को खत्म किया जाना चाहिए। इस दबाव में डिलीवरी एजेंट ट्रैफिक नियमों को तोड़ते हैं और अपनी जान जोखिम में डालते हैं। 3. 📉 अरबों की कंपनियां बनाम खाली हाथ वर्कर्स राघव चड्ढा ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां यूनिकॉर्न (Unicorn) बन चुकी हैं, उनकी वैल्यूएशन बिलियन डॉलर में है। लेकिन जो लोग धूप, बारिश और ठंड में सड़कों पर दौड़कर इन कंपनियों को बड़ा बना रहे हैं, उनके पास न तो फिक्स सैलरी है और न ही भविष्य की कोई गारंटी। 4. ✊ भविष्य की राह: सम्मान और सुरक्षा की मांग मुलाकात के बाद राघव ने वादा किया कि वे इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि गिग वर्कर्स को भी अन्य कर्मचारियों की तरह न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य बीमा और कार्यस्थल पर सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल डिलीवरी बॉय नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

रवि चौहान दिसम्बर 27, 2025 0
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0