नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' अपने समापन की ओर है, लेकिन यह आयोजन तकनीकी नवाचारों से अधिक राजनीतिक विवादों और 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड' के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर तमाशा' करार दिया है, वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक संतुलित टिप्पणी करते हुए आयोजन की सराहना की है।
यहाँ शशि थरूर के बयान, गलगोटिया विवाद और इस समिट से जुड़ी हर बड़ी जानकारी का विस्तृत विवरण दिया गया है:
अपनी नई किताब (श्री नारायण गुरु के जीवन पर आधारित) के विमोचन के दौरान थरूर ने समिट और देश की रक्षा नीति पर अपने विचार साझा किए:
सकारात्मक पक्ष: थरूर ने कहा कि समिट के पहले कुछ दिन शानदार रहे। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी एक 'एकीकृत दुनिया' (Integrated World) का मजबूत संदेश देती है।
विवाद पर नरम रुख: गलगोटिया विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मुख्य फोकस भारत की लीडरशिप पर होना चाहिए।
रक्षा नीति पर सरकार का समर्थन: थरूर ने 'राफेल' और भारत की रक्षा तैयारियों पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने इसे "डिफेंसिव डिफेंस" (Defensive Defense) बताया, जिसका अर्थ है खुद को इतना मजबूत करना कि कोई दूसरा देश हमला करने का दुस्साहस न कर सके।
'केरल स्टोरी 2' का विरोध: थरूर ने आने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को 'नफरत फैलाने वाली' बताया और कहा कि कुछ इक्का-दुक्का मामलों को बड़ी कहानी बनाकर पेश करना गलत है।
समिट के दौरान उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया गया।
धोखाधड़ी का आरोप: यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि यह उनका स्वदेशी नवाचार है। हालांकि, जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री (Unitree) का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा एक रेडीमेड कोरियन ड्रोन को भी अपना बताया गया।
आयोजकों की कार्रवाई: विवाद बढ़ते ही यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया। उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और वहां ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई।
यूनिट्री रोबोट की विशेषता: यूनिट्री का यह रोबोटिक डॉग AI से लैस है जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और बाधाओं को पहचानने में सक्षम है।
कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा हमला बोला है:
राहुल गांधी का बयान: नेता विपक्ष ने कहा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस समिट को केवल एक 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल' (अव्यवस्थित प्रचार तमाशा) बनाकर रख दिया है।
अंतरराष्ट्रीय छवि: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीनी मीडिया भारतीय समिट का मजाक उड़ा रही है, क्योंकि हम उनके रोबोट को अपना बताकर पेश कर रहे थे। उन्होंने इसे देश की छवि को अपूरणीय क्षति बताया।
चौतरफा घिरने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा:
दावे का खंडन: यूनिवर्सिटी ने अब मान लिया है कि उन्होंने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं कहा (हालांकि वायरल वीडियो में स्टाफ इसे अपना प्रोजेक्ट बताते दिखे थे)।
सीखने का जरिया: यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वे दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कैंपस में लाते हैं ताकि छात्र उन पर प्रयोग कर सकें और भविष्य में ऐसी मशीनें भारत में बना सकें। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक 'चलता-फिरता क्लासरूम' बताया।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| उद्घाटन | 16 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। |
| स्थान | भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। |
| उद्देश्य | खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा देना। |
| थीम | "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"। |
| मुख्य आकर्षण | स्टार्टअप्स के पवेलियंस और ग्लोबल AI सॉल्यूशंस। |
| प्रमुख विवाद | गलगोटिया यूनिवर्सिटी (चीनी रोबोट कांड) और यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन। |
तमाम विवादों के बावजूद, यह समिट भारत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जरिए भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का विजन रखा है। समिट में यह दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में:
खेती: एआई के जरिए फसलों की बीमारियों और मौसम का सटीक अनुमान।
शिक्षा: छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स।
स्वास्थ्य: बीमारियों का शुरुआती स्तर पर सटीक डायग्नोसिस।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
AI समिट विवाद पर शशि थरूर का संतुलित रुख: 'बड़े आयोजनों में छोटी गड़बड़ियां मुमकिन'; गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद के बीच राहुल गांधी ने सरकार को घेरा नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' अपने समापन की ओर है, लेकिन यह आयोजन तकनीकी नवाचारों से अधिक राजनीतिक विवादों और 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड' के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर तमाशा' करार दिया है, वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक संतुलित टिप्पणी करते हुए आयोजन की सराहना की है। यहाँ शशि थरूर के बयान, गलगोटिया विवाद और इस समिट से जुड़ी हर बड़ी जानकारी का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. शशि थरूर की टिप्पणी: "बड़े इवेंट में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं" अपनी नई किताब (श्री नारायण गुरु के जीवन पर आधारित) के विमोचन के दौरान थरूर ने समिट और देश की रक्षा नीति पर अपने विचार साझा किए: सकारात्मक पक्ष: थरूर ने कहा कि समिट के पहले कुछ दिन शानदार रहे। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी एक 'एकीकृत दुनिया' (Integrated World) का मजबूत संदेश देती है। विवाद पर नरम रुख: गलगोटिया विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मुख्य फोकस भारत की लीडरशिप पर होना चाहिए। रक्षा नीति पर सरकार का समर्थन: थरूर ने 'राफेल' और भारत की रक्षा तैयारियों पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने इसे "डिफेंसिव डिफेंस" (Defensive Defense) बताया, जिसका अर्थ है खुद को इतना मजबूत करना कि कोई दूसरा देश हमला करने का दुस्साहस न कर सके। 'केरल स्टोरी 2' का विरोध: थरूर ने आने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को 'नफरत फैलाने वाली' बताया और कहा कि कुछ इक्का-दुक्का मामलों को बड़ी कहानी बनाकर पेश करना गलत है। 2. गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद: चीनी रोबोट को बताया अपना 'आविष्कार' समिट के दौरान उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया गया। धोखाधड़ी का आरोप: यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि यह उनका स्वदेशी नवाचार है। हालांकि, जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री (Unitree) का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा एक रेडीमेड कोरियन ड्रोन को भी अपना बताया गया। आयोजकों की कार्रवाई: विवाद बढ़ते ही यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया। उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और वहां ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। यूनिट्री रोबोट की विशेषता: यूनिट्री का यह रोबोटिक डॉग AI से लैस है जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और बाधाओं को पहचानने में सक्षम है। 3. राहुल गांधी और कांग्रेस का कड़ा प्रहार: "देश का मजाक बनवाया" कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा हमला बोला है: राहुल गांधी का बयान: नेता विपक्ष ने कहा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस समिट को केवल एक 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल' (अव्यवस्थित प्रचार तमाशा) बनाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय छवि: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीनी मीडिया भारतीय समिट का मजाक उड़ा रही है, क्योंकि हम उनके रोबोट को अपना बताकर पेश कर रहे थे। उन्होंने इसे देश की छवि को अपूरणीय क्षति बताया। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी की सफाई: "चलता-फिरता क्लासरूम" चौतरफा घिरने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा: दावे का खंडन: यूनिवर्सिटी ने अब मान लिया है कि उन्होंने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं कहा (हालांकि वायरल वीडियो में स्टाफ इसे अपना प्रोजेक्ट बताते दिखे थे)। सीखने का जरिया: यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वे दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कैंपस में लाते हैं ताकि छात्र उन पर प्रयोग कर सकें और भविष्य में ऐसी मशीनें भारत में बना सकें। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक 'चलता-फिरता क्लासरूम' बताया। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु विवरण उद्घाटन 16 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। स्थान भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। उद्देश्य खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा देना। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"। मुख्य आकर्षण स्टार्टअप्स के पवेलियंस और ग्लोबल AI सॉल्यूशंस। प्रमुख विवाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी (चीनी रोबोट कांड) और यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन। 5. समिट का भविष्य और भारत की AI ड्राइव तमाम विवादों के बावजूद, यह समिट भारत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जरिए भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का विजन रखा है। समिट में यह दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में: खेती: एआई के जरिए फसलों की बीमारियों और मौसम का सटीक अनुमान। शिक्षा: छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स। स्वास्थ्य: बीमारियों का शुरुआती स्तर पर सटीक डायग्नोसिस।
संसद में घमासान: बजट सत्र का पहला चरण खत्म; राहुल गांधी पर 'देश के बंटवारे' की साजिश का आरोप, 9 मार्च तक सदन स्थगित नई दिल्ली | 13 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे और तीखे आरोपों की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग और सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलने के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। लोकसभा अब 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का गंभीर आरोप: "सत्ता के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे राहुल" बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर प्रहार: दुबे ने X पर लिखा कि राहुल गांधी सोरोस, फोर्ड फाउंडेशन और टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ मिलकर सत्ता पाने के लिए भारत के बंटवारे की योजना बना रहे हैं। सब्सटेंसिव मोशन: निशिकांत दुबे पहले ही राहुल गांधी के खिलाफ 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने राहुल की सदस्यता रद्द करने और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पीकर से इस मुद्दे पर विशेष बहस की अनुमति मांगी है। 2. सरकार का रुख: "राहुल ने तोड़े नियम, हाउस तय करेगा सजा" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है: किताब और बजट भाषण: रिजिजू ने कहा कि राहुल ने एक 'अनपब्लिश्ड' किताब का गैर-कानूनी जिक्र किया और बजट भाषण में प्रधानमंत्री के लिए "बकवास" बातें कहीं। रणनीति में बदलाव: रिजिजू ने बताया कि चूंकि निशिकांत दुबे पहले ही सब्सटेंसिव मोशन ला चुके हैं, इसलिए सरकार अपना अलग नोटिस नहीं लाएगी। अब स्पीकर तय करेंगे कि इस मामले को प्रिविलेज कमेटी (विशेषाधिकार समिति) को भेजना है या सीधे सदन में चर्चा करानी है। 3. संसद के भीतर और बाहर संग्राम: "हरदीप पुरी इस्तीफा दो" शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया: एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा: कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने पहले आरोप लगाया था कि पुरी का नाम 'एपस्टीन फाइल्स' में है। आरजेडी का प्रदर्शन: आरजेडी सांसदों ने बिहार में आरक्षण कोटा 65% करने और इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की और पीएम मोदी व नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। कार्यवाही स्थगित: लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन में मात्र 10 मिनट ही चल पाई और हंगामे के चलते इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। 4. कृषि मुद्दों पर बहस: शिवराज बनाम दिग्विजय और राजीव शुक्ला राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई: MSP का सवाल: कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने पूछा कि एमएसपी को कानूनी दर्जा कब मिलेगा? शिवराज ने जवाब दिया कि मोदी सरकार ने लागत पर 50% लाभ जोड़कर एमएसपी तय की है, जो कांग्रेस सरकार में नहीं था। मूंग की फसल पर चुटकी: दिग्विजय सिंह के सवाल पर शिवराज ने मुस्कुराते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि पूर्व मुख्यमंत्री को मेरे संसदीय क्षेत्र (सीहोर) की इतनी चिंता है। हमने ही मूंग की पैदावार बढ़ाई है।" 📊 बजट सत्र 2026: एक नज़र में (पहला चरण) विवरण तिथि / स्थिति प्रारंभ 28 जनवरी 2026 प्रथम चरण का समापन 13 फरवरी 2026 सदन का ब्रेक 14 फरवरी से 8 मार्च (23 दिन) दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल 2025 प्रमुख टकराव US ट्रेड डील, एमएम नरवणे की किताब, अडानी-एपस्टीन फाइल्स और राहुल की सदस्यता। 5. कांग्रेस का पलटवार: "राहुल चुप नहीं रहेंगे" कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि राहुल गांधी किसानों और देश के हितों के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, "चाहे उनकी मेंबरशिप चली जाए या राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश हो, राहुल गांधी संसद में अपना मुंह बंद नहीं करेंगे। वे ट्रेड डील और किसानों के मुद्दे उठाते रहेंगे।"
संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।