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Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस
दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस

शराब नीति केस: केजरीवाल-सिसोदिया की 'ईमानदारी' पर फिर कानूनी पेंच; दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 आरोपियों को जारी किया नोटिस, ट्रायल कोर्ट की टिप्पणी पर लगाई रोक

नई दिल्ली | 9 मार्च 2026

दिल्ली आबकारी नीति (शराब घोटाला) मामले में 'कट्टर ईमानदारी' और 'राजनीतिक साजिश' की जंग अब एक नए मोड़ पर पहुँच गई है। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ CBI की अपील पर सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण सुनवाई की।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने इस मामले में सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, ट्रायल कोर्ट के उस आदेश और टिप्पणियों पर फिलहाल रोक लगा दी है, जो जांच एजेंसी और उसके अधिकारियों के खिलाफ थे।

यहाँ इस अदालती कार्यवाही, राजनीतिक घमासान और CBI के दावों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:


1. दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: 3 मुख्य निर्देश

हाईकोर्ट ने CBI की 974 पेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निम्नलिखित आदेश दिए:

  • नोटिस जारी: पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर CBI की याचिका पर पक्ष रखने को कहा गया है।

  • ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक: ट्रायल कोर्ट ने CBI अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action) के आदेश दिए थे, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

  • PMLA केस पर असर: हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग (ED) मामले में ट्रायल कोर्ट फिलहाल आगे की सुनवाई टाल दे, ताकि इस केस के नतीजे का उस पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।


2. CBI की दलील: "ट्रायल कोर्ट ने मिनी-ट्रायल जैसा व्यवहार किया"

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने CBI का पक्ष रखते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए:

  • 974 पेज की चुनौती: CBI ने अपनी याचिका में कहा कि निचली अदालत ने चार्ज फ्रेमिंग (आरोप तय करने) के स्तर पर ही पूरे सबूतों की ऐसी जांच की, जैसे अंतिम फैसला सुनाया जा रहा हो।

  • नियमों का उल्लंघन: जांच एजेंसी के मुताबिक, कानूनन इस स्तर पर केवल 'प्रथम दृष्टया' (Prima Facie) सबूत देखे जाते हैं, लेकिन कोर्ट ने गवाहों के बयानों की विस्तार से व्याख्या कर दी।

  • अधिकारियों का बचाव: तुषार मेहता ने कहा कि जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देना गलत था, क्योंकि एजेंसी ने केवल तथ्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी।


3. केजरीवाल का इमोशनल ब्रेकडाउन: "मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई"

27 फरवरी को बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल मीडिया के सामने भावुक हो गए थे। उनके संबोधन की प्रमुख बातें:

  • सत्य की जीत: केजरीवाल ने कहा, "आज ये साबित हो गया कि आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार है। मोदी और शाह ने मिलकर ये सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा था।"

  • आंखों में आंसू: जब उन्होंने मनीष सिसोदिया के 2 साल और अपने 6 महीने के जेल प्रवास का जिक्र किया, तो वे रो पड़े। सिसोदिया ने उन्हें ढाढस बंधाया।

  • पीएम को संदेश: उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि विपक्ष को झूठे केसों में फंसाने के बजाय महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करके सत्ता में आएं।


📊 शराब नीति केस: अब तक का सफरनामा

तारीख घटनाक्रम परिणाम
फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी शिक्षा मंत्री को जेल भेजा गया।
मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी सिटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल ले जाया गया।
27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला सभी 23 आरोपी डिस्चार्ज (बरी) किए गए।
27 फरवरी (शाम) CBI की अपील फैसले के 6 घंटे बाद हाईकोर्ट में याचिका।
9 मार्च 2026 हाईकोर्ट की सुनवाई आरोपियों को नोटिस; ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

4. CBI के संगीन आरोप: ₹100 करोड़ की 'साउथ ग्रुप' डील

CBI की चार्जशीट और दावों के अनुसार, यह केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी:

  • विजय नायर की भूमिका: केजरीवाल के करीबी विजय नायर ने शराब नीति में फायदा पहुँचाने के बदले के. कविता (BRS नेता) के 'साउथ ग्रुप' से ₹100 करोड़ वसूले।

  • गोवा चुनाव कनेक्शन: एजेंसी का दावा है कि इस ₹100 करोड़ में से ₹44.5 करोड़ कैश गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए। गोवा के दो पूर्व विधायकों ने भी पार्टी से कैश मिलने की बात स्वीकार की है।

  • राजस्व का नुकसान: नियमों के उल्लंघन से निजी स्टेकहोल्डर्स को फायदा पहुँचाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी।


5. राजनीतिक पलटवार: प्रियंका कक्कड़ और BJP का 'पोस्टर वॉर'

अदालती कार्यवाही के साथ ही जुबानी जंग भी तेज है:

  • AAP का पक्ष: प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि भाजपा को इस मनगढ़ंत केस के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने ED/CBI के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

  • BJP का पोस्टर: भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर हमला किया— "AAP के पाप अभी धुले नहीं हैं"। भाजपा का तर्क है कि बरी होना अंतिम फैसला नहीं है और उच्च न्यायालय में सच सामने आएगा।

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#ArvindKejriwal-#ManishSisodia-#DelhiLiquorScam-#HighCourt-#CBI-#AAP-#PoliticalNews-#DelhiPolitics-#Justice-#BreakingNewsIndia
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

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मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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दिल्ली शराब नीति केस; केजरीवाल बोले- मोदी-शाह ने साजिश रची
Delhi Liquor Policy Case Verdict: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया CBI केस में बरी; कोर्ट ने जांच एजेंसी को जमकर लताड़ा।

शराब नीति केस: केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी; कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार, कहा- "बिना सबूत के फंसाया गया" नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026 दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित सभी 23 आरोपियों को बरी (Discharge) कर दिया है। कोर्ट ने न केवल आरोपियों को राहत दी, बल्कि जांच एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली और उसकी चार्जशीट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। यहाँ इस ऐतिहासिक फैसले, केजरीवाल के बयानों और केस की पूरी डिटेल दी गई है: 1. राउज एवेन्यू कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: "फर्जी और बेकार केस" स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने करीब 600 पन्नों के अपने आदेश में CBI की जांच की धज्जियां उड़ा दीं। अदालत की फटकार: जज ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी कई चीजें हैं जिनका किसी गवाह या सबूत से कोई लेना-देना नहीं है। भ्रामक बयान: कोर्ट ने पाया कि CBI आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रही है। चार्जशीट में भ्रामक बयान दर्ज किए गए थे जो सबूतों का समर्थन नहीं करते। केजरीवाल पर टिप्पणी: कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस आधार और सबूत के इस केस में फंसाया गया था। 2. केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: "अब कत्ल कराकर ही मुझे रोक सकते हैं" अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में हुंकार भरी। वे मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हुए। मोदी-शाह पर हमला: केजरीवाल ने कहा, "यह पूरा षड्यंत्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने रचा था। वे AAP को चुनाव में हरा नहीं पाए, तो हमें खत्म करने के लिए ED-CBI पीछे छोड़ दी।" इज्जत की कमाई: केजरीवाल ने रोते हुए कहा, "मैंने पूरी जिंदगी सिर्फ इज्जत और ईमानदारी कमाई है। इन्होंने उसी पर चोट करने की कोशिश की। आज कोर्ट ने साबित कर दिया कि हम 'कट्टर ईमानदार' हैं।" चुनाव की चुनौती: पूर्व CM ने चुनौती देते हुए कहा, "आज दिल्ली में चुनाव करा लो, अगर भाजपा की 10 सीटें भी आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" ट्रम्प का जिक्र: केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी विदेशी दबाव (ट्रम्प) के सामने कमजोर पड़ रहे हैं, जबकि घर में विपक्ष को कुचलने में लगे हैं। 📊 केस की पूरी टाइमलाइन: 2022 से 2026 तक वर्ष / तारीख घटनाक्रम अगस्त 2022 CBI ने नई शराब नीति में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। सितंबर 2022 ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और छापेमारी शुरू की। फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए जेल भेजा गया। जुलाई-सितंबर 2024 सुप्रीम कोर्ट से सभी बड़े नेताओं को जमानत मिली। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI केस में सभी 23 आरोपियों को बरी किया। 3. CBI के 5 बड़े दावे जिन्हें कोर्ट ने नकारा CBI ने अपनी चार्जशीट में जो बड़े दावे किए थे, वे अदालती कसौटी पर टिक नहीं पाए: साउथ ग्रुप से डील: CBI का दावा था कि विजय नायर के जरिए के. कविता और 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई। गोवा चुनाव में खर्च: आरोप था कि 44.5 करोड़ रुपये कैश गोवा चुनाव में खर्च किए गए। लाइसेंसिंग में फायदा: दावा किया गया कि शराब निर्माताओं और थोक विक्रेताओं का एक गुट (Cartel) बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया। विजय नायर की भूमिका: नायर को केजरीवाल का 'कैश हैंडलर' बताया गया था। नियमों का उल्लंघन: चार्जशीट में कहा गया था कि प्रॉफिट मार्जिन को जानबूझकर 12% किया गया ताकि भ्रष्टाचार हो सके। 4. कानूनी असर: ED केस का क्या होगा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि CBI केस में बरी होने का सीधा असर ED (प्रवर्तन निदेशालय) के मामले पर पड़ेगा। आधार खत्म: चूंकि ED का मनी लॉन्ड्रिंग केस CBI की FIR (शेड्यूल्ड ऑफेंस) पर आधारित होता है, इसलिए जब मुख्य केस ही गिर गया है, तो ED का मामला भी कमजोर पड़ गया है। अपील की तैयारी: CBI ने कहा है कि वह ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी। 5. समर्थकों का जश्न और भावुक दृश्य कोर्ट के बाहर जैसे ही फैसले की खबर आई, AAP कार्यकर्ताओं ने 'गदा' लहराकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। केजरीवाल अपनी कार की सनरूफ से बाहर निकलकर समर्थकों का अभिवादन करते दिखे। सिसोदिया और केजरीवाल एक-दूसरे के गले लगकर भावुक होते नजर आए।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0
9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत

Nagaur School Tragedy: नागौर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत; 4 महीने पहले भाई की भी ऐसे ही हुई थी जान।

राहुल बोले-मोदी ने अमेरिका से देश बेचने की डील की

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शशि थरूर बोले-बड़े इवेंट्स में गड़बड़ियां हो सकती हैं
शि थरूर ने समिट की तारीफ की, गलगोटिया विवाद को बताया 'बड़े आयोजन की छोटी भूल'; राहुल गांधी ने घेरा।

AI समिट विवाद पर शशि थरूर का संतुलित रुख: 'बड़े आयोजनों में छोटी गड़बड़ियां मुमकिन'; गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद के बीच राहुल गांधी ने सरकार को घेरा नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' अपने समापन की ओर है, लेकिन यह आयोजन तकनीकी नवाचारों से अधिक राजनीतिक विवादों और 'गलगोटिया यूनिवर्सिटी कांड' के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। जहाँ एक ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस समिट को 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर तमाशा' करार दिया है, वहीं कांग्रेस के ही वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने एक संतुलित टिप्पणी करते हुए आयोजन की सराहना की है। यहाँ शशि थरूर के बयान, गलगोटिया विवाद और इस समिट से जुड़ी हर बड़ी जानकारी का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. शशि थरूर की टिप्पणी: "बड़े इवेंट में ऐसी समस्याएं हो सकती हैं" अपनी नई किताब (श्री नारायण गुरु के जीवन पर आधारित) के विमोचन के दौरान थरूर ने समिट और देश की रक्षा नीति पर अपने विचार साझा किए: सकारात्मक पक्ष: थरूर ने कहा कि समिट के पहले कुछ दिन शानदार रहे। दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी एक 'एकीकृत दुनिया' (Integrated World) का मजबूत संदेश देती है। विवाद पर नरम रुख: गलगोटिया विवाद पर उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में कुछ गड़बड़ियां हो सकती हैं, लेकिन मुख्य फोकस भारत की लीडरशिप पर होना चाहिए। रक्षा नीति पर सरकार का समर्थन: थरूर ने 'राफेल' और भारत की रक्षा तैयारियों पर सरकार का बचाव किया। उन्होंने इसे "डिफेंसिव डिफेंस" (Defensive Defense) बताया, जिसका अर्थ है खुद को इतना मजबूत करना कि कोई दूसरा देश हमला करने का दुस्साहस न कर सके। 'केरल स्टोरी 2' का विरोध: थरूर ने आने वाली फिल्म 'केरल स्टोरी 2' को 'नफरत फैलाने वाली' बताया और कहा कि कुछ इक्का-दुक्का मामलों को बड़ी कहानी बनाकर पेश करना गलत है। 2. गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद: चीनी रोबोट को बताया अपना 'आविष्कार' समिट के दौरान उस समय बड़ी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग 'ओरायन' प्रदर्शित किया गया। धोखाधड़ी का आरोप: यूनिवर्सिटी ने दावा किया कि यह उनका स्वदेशी नवाचार है। हालांकि, जल्द ही यह खुलासा हुआ कि यह चीनी कंपनी यूनिट्री (Unitree) का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। इसके अलावा एक रेडीमेड कोरियन ड्रोन को भी अपना बताया गया। आयोजकों की कार्रवाई: विवाद बढ़ते ही यूनिवर्सिटी को एक्सपो से बाहर कर दिया गया। उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और वहां ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी गई। यूनिट्री रोबोट की विशेषता: यूनिट्री का यह रोबोटिक डॉग AI से लैस है जो उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और बाधाओं को पहचानने में सक्षम है। 3. राहुल गांधी और कांग्रेस का कड़ा प्रहार: "देश का मजाक बनवाया" कांग्रेस ने इस घटना को लेकर केंद्र सरकार और विशेषकर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर तीखा हमला बोला है: राहुल गांधी का बयान: नेता विपक्ष ने कहा कि भारत के पास डेटा और टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन सरकार ने इस समिट को केवल एक 'डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल' (अव्यवस्थित प्रचार तमाशा) बनाकर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय छवि: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चीनी मीडिया भारतीय समिट का मजाक उड़ा रही है, क्योंकि हम उनके रोबोट को अपना बताकर पेश कर रहे थे। उन्होंने इसे देश की छवि को अपूरणीय क्षति बताया। 4. गलगोटिया यूनिवर्सिटी की सफाई: "चलता-फिरता क्लासरूम" चौतरफा घिरने के बाद यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अपना पक्ष रखा: दावे का खंडन: यूनिवर्सिटी ने अब मान लिया है कि उन्होंने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी इसे अपना आविष्कार नहीं कहा (हालांकि वायरल वीडियो में स्टाफ इसे अपना प्रोजेक्ट बताते दिखे थे)। सीखने का जरिया: यूनिवर्सिटी का तर्क है कि वे दुनिया की बेहतरीन टेक्नोलॉजी कैंपस में लाते हैं ताकि छात्र उन पर प्रयोग कर सकें और भविष्य में ऐसी मशीनें भारत में बना सकें। उन्होंने इसे छात्रों के लिए एक 'चलता-फिरता क्लासरूम' बताया। 📊 इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: एक नजर में मुख्य बिंदु विवरण उद्घाटन 16 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा। स्थान भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली। उद्देश्य खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में AI के उपयोग को बढ़ावा देना। थीम "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय"। मुख्य आकर्षण स्टार्टअप्स के पवेलियंस और ग्लोबल AI सॉल्यूशंस। प्रमुख विवाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी (चीनी रोबोट कांड) और यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन। 5. समिट का भविष्य और भारत की AI ड्राइव तमाम विवादों के बावजूद, यह समिट भारत के लिए महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जरिए भारत को ग्लोबल AI हब बनाने का विजन रखा है। समिट में यह दिखाया गया है कि कैसे भविष्य में: खेती: एआई के जरिए फसलों की बीमारियों और मौसम का सटीक अनुमान। शिक्षा: छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग टूल्स। स्वास्थ्य: बीमारियों का शुरुआती स्तर पर सटीक डायग्नोसिस।

रवि चौहान फ़रवरी 20, 2026 0
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