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Israel-Iran War 2026: यमन के हूती विद्रोही अब तक शांत क्यों? जानें इसके पीछे की बड़ी रणनीति और हूतियों की सैन्य क्षमता।

रवि चौहान मार्च 9, 2026 0
ईरान की मदद क्यों नहीं कर रहे हूती विद्रोही
ईरान की मदद क्यों नहीं कर रहे हूती विद्रोही

मिडल ईस्ट महाजंग: 12 देश युद्ध की आग में, लेकिन यमन के 'हूती' अब तक चुप क्यों? क्या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है?

सना/दुबई | 9 मार्च 2026

इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बाद पूरा पश्चिम एशिया (Middle East) बारूद के ढेर पर बैठा है। इस महाजंग में अब तक ईरान, इजराइल, सऊदी अरब, लेबनान और यूएई समेत 12 देश प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हो चुके हैं। लेकिन एक नाम जो पिछले दो वर्षों से रेड सी (Red Sea) और इजराइल के लिए सिरदर्द बना हुआ था, वह इस बार रहस्यमयी तरीके से शांत है— यमन के हूती विद्रोही।

जंग के 9 दिन बीत जाने के बाद भी हूतियों की ओर से केवल बयानबाजी हुई है, कोई बड़ा सैन्य एक्शन नहीं। क्या यह हूतियों की कमजोरी है या किसी बड़ी रणनीतिक साजिश का हिस्सा? आइए समझते हैं इस युद्ध के समीकरण और यमन की चुप्पी के पीछे की विस्तृत रिपोर्ट:


1. हूतियों की चुप्पी: डर या सोची-समझी रणनीति?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि हूतियों का इस जंग से फिलहाल दूर रहना उनकी 'अस्तित्व बचाने' की रणनीति (Survival Strategy) का हिस्सा है।

  • पिछला जख्म: 28 अगस्त 2025 को इजराइल ने यमन के सना में एक भीषण एयरस्ट्राइक की थी। इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और आर्मी चीफ मोहम्मद अल-घुमारी समेत 12 टॉप लीडर्स मारे गए थे।

  • सीधी कार्रवाई का डर: मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार लुका नेवोला के अनुसार, हूतियों की प्राथमिकता अब अमेरिका और इजराइल की सीधी जवाबी कार्रवाई से बचना है। उन्हें डर है कि अगर उन्होंने कोई बड़ी मिसाइल दागी, तो उनकी बची-कुची टॉप लीडरशिप और सना के नियंत्रण वाले इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा।

  • इजराइली खुफिया तंत्र का खौफ: हूतियों को आभास है कि इजराइल का खुफिया तंत्र उनके सुरक्षित ठिकानों तक पहुँच चुका है।


2. ईरान का 'प्लान-B': हूतियों को रिजर्व फोर्स के रूप में बचाना?

यमनी राजनीतिक विश्लेषक सदाम अल-हुरैबी का तर्क है कि हूतियों की चुप्पी के पीछे खुद तेहरान (ईरान) का हाथ हो सकता है:

  • ताकत को बचाकर रखना: ईरान फिलहाल अपने सभी पत्तों को एक साथ नहीं खोलना चाहता। वह हूतियों को एक 'रिजर्व फोर्स' के रूप में देख रहा है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाएगा जब इजराइल या अमेरिका ईरान के भीतर और गहरे घाव देंगे।

  • हथियारों की तस्करी का संकट: अगर ईरान का शासन कमजोर पड़ता है या गिर जाता है, तो यमन तक पहुँचने वाले ईरानी हथियारों की सप्लाई लाइन कट जाएगी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के पास मौजूद ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलें रूस, चीन और ईरान की तकनीक से बनी हैं, जो तस्करी के जरिए वहां पहुँचती हैं।


📊 हूती विद्रोहियों का प्रोफाइल: ताकत और चुनौतियां

श्रेणी विवरण प्रभाव
मुख्य लीडर अब्दुल मलिक अल-हूती ईरान के कट्टर समर्थक और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के सदस्य।
सैन्य क्षमता बैलिस्टिक मिसाइल, सुसाइड ड्रोन रेड सी के व्यापारिक जहाजों और इजराइल के ईलात शहर तक मारक क्षमता।
आर्थिक प्रभाव रेड सी (Red Sea) ब्लॉक करना सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री व्यापार को बाधित करने की क्षमता।
बड़ा नुकसान अगस्त 2025 का हमला प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की मौत से संगठन को गहरा धक्का।

3. क्या हूती फिर से रेड सी में कोहराम मचाएंगे?

साल 2023 से 2025 के बीच हूतियों ने लाल सागर (Red Sea) में जहाजों पर हमले कर वैश्विक व्यापार को हिला दिया था।

  • पिछला रिकॉर्ड: इस दौरान 9 नाविकों की मौत हुई और 4 जहाज डूब गए।

  • संभावित टारगेट: नेवोला के अनुसार, अगर युद्ध लंबा चला, तो हूती केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि अमेरिकी युद्धपोतों, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेसों और इजराइल के सहयोगियों जैसे UAE और सोमालिलैंड को भी निशाना बना सकते हैं।

  • अब्दुल मलिक की चेतावनी: हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस हफ्ते कहा है कि उनके सैनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी समय 'सैन्य कार्रवाई' शुरू की जा सकती है।


4. कौन हैं हूती? (इतिहास और शिया-सुन्नी विवाद)

यमन का गृह युद्ध केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि सदियों पुराने शिया-सुन्नी विवाद का आधुनिक रूप है:

  • 2014 की क्रांति: शिया विद्रोहियों (हूतियों) ने तत्कालीन सुन्नी सरकार (अब्दरब्बू मंसूर हादी) के खिलाफ मोर्चा खोला और देश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया।

  • ईरान बनाम सऊदी: इस जंग में हूतियों को शिया बहुल देश ईरान का समर्थन मिला, जबकि यमन की सरकार को सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब का साथ मिला।

  • मौजूदा स्थिति: यमन का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, हूतियों के नियंत्रण में है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार निर्वासन में या दक्षिण के कुछ हिस्सों में सिमटी हुई है।

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#Yemen-#Houthis-#IsraelIranWar-#RedSea-#MiddleEastCrisis-#Geopolitics-#MilitaryStrategy-#BreakingNews-#Sana-#GlobalTrade
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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

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मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

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मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जंग के हालात
Pakistan-Afghanistan War 2026: पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक; 'गजब लिल हक' ऑपरेशन शुरू, तालिबान ने 55 पाक सैनिक मारने का दावा किया।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध: 'गजब लिल हक' बनाम तालिबान का पलटवार; 300 से ज्यादा मौतें, भारत ने किया अफगानिस्तान का समर्थन इस्लामाबाद/काबुल | 27 फरवरी 2026 दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस वक्त पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। गुरुवार रात से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष शुक्रवार को और भी हिंसक हो गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों—काबुल, कंधार और खोस्त—में भीषण एयरस्ट्राइक की है। वहीं, तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और इस्लामाबाद के पास रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। पाकिस्तान ने इसे 'ऑपरेशन गजब लिल हक' का नाम दिया है। 1. युद्ध की शुरुआत: कैसे भड़की चिंगारी? इस खूनी संघर्ष की नींव 22 फरवरी को पड़ी थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। तालिबान की जवाबी कार्रवाई: अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने 22 फरवरी के हमले का बदला लेने के लिए गुरुवार रात पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तानी सैनिकों की मौत: तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक': अपने सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे से बौखलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमला शुरू किया, जिसे 'गजब लिल हक' नाम दिया गया है। 2. पाकिस्तान का दावा: 274 लड़ाके ढेर, 115 टैंक तबाह पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को हुए नुकसान का विवरण दिया: भारी हताहत: पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं। हथियारों की तबाही: पाक सेना ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपखाने को नष्ट कर दिया है। सैन्य ठिकाने: लगमान प्रांत में तालिबान के एक मुख्य सैन्य कमांड सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया गया है। 3. तालिबान का बड़ा दावा: पाकिस्तान का फाइटर जेट गिराया और न्यूक्लियर सेंटर पर हमला अफगानिस्तान की ओर से आ रही खबरें पाकिस्तान के लिए चिंताजनक हैं: जेट मार गिराया: अफगान मीडिया 'टोलो न्यूज' ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर इसके मलबे के वीडियो वायरल हो रहे हैं (हालांकि स्वतंत्र पुष्टि बाकी है)। ड्रोन स्ट्राइक: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा के अनुसार, तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के नौशेरा कैंट, जमरूद सैन्य बेस और इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर को निशाना बनाया है। सैन्य साजो-सामान: तालिबान का कहना है कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मौजूद हैं, जो उन्होंने चौकियों पर कब्जे के दौरान हासिल किए। 📊 सैन्य शक्ति तुलना: पाकिस्तान बनाम तालिबान विशेषता पाकिस्तान (PAK) अफगान तालिबान ग्लोबल रैंकिंग टॉप 15 शक्तिशाली सेनाएं अनौपचारिक लड़ाकू बल हवाई शक्ति आधुनिक फाइटर जेट्स (F-16, JF-17) सीमित ड्रोन और पुराने हेलिकॉप्टर परमाणु शक्ति संपन्न (Nuclear Armed) नहीं युद्ध का तरीका पारंपरिक सैन्य युद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापामार लड़ाई) हथियारों का स्रोत चीन, अमेरिका और स्वदेशी अमेरिकी अवशेष और ब्लैक मार्केट 4. भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस युद्ध ने वैश्विक शक्तियों को चिंता में डाल दिया है: भारत का रुख: भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए निर्दोष अफगानों, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है। रूस और चीन: दोनों देशों ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि चीन ने दोनों को बातचीत की मेज पर आने को कहा है। अमेरिका: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' (Do Not Travel) एडवाइजरी जारी की है और काबुल स्थित अपने मिशन के जरिए हालात पर नजर रख रहा है। कतर और ईरान: कतर ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम बरतने की अपील की है। 5. पाकिस्तान का भारत पर आरोप तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए भारत पर आरोप लगाया है। सेना प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की योजना और फंडिंग है, जिसके लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन आरोपों को बिना सबूत के खारिज कर दिया है। 6. जमीनी हकीकत: कराची हाई अलर्ट पर युद्ध का असर अब पाकिस्तानी शहरों में भी दिखने लगा है: कराची: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाके: नंगरहार और खोस्त प्रांत के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बमबारी इतनी भीषण है कि लोग अपने बच्चों तक को पीछे छोड़ गए हैं।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0
अमेरिकी संसद में ट्रम्प बोले- भारत-पाकिस्तान जंग रुकवाई

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US Winter Storm: अमेरिका में बर्फीले तूफान 'नॉरईस्टर' का कहर; 11,000 उड़ानें रद्द, 37 इंच बर्फबारी ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड।

मेक्सिको में सेना ने सबसे बड़े ड्रग माफिया को मारा

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नेपाल- बस हाईवे से नदी में गिरी, 18 की मौत:25 घायल, मरने वालों में 2 विदेशी नागरिक; कंट्रोल खोने से हादसा
Nepal Bus Accident: धादिंग में त्रिशूली नदी में गिरी बस; 18 यात्रियों की मौत, 2 विदेशी नागरिक भी शामिल।

नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी; 2 विदेशी नागरिकों समेत 18 की मौत, 25 घायल धादिंग (नेपाल) | 23 फरवरी 2026 नेपाल के धादिंग जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। सोमवार देर रात एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी, जिससे 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए। यहाँ हादसे के कारणों, बचाव कार्य और त्रिशूली नदी के इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मध्यरात्रि का कहर: कैसे हुआ हादसा? नेपाली मीडिया और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बस (नंबर: Ga 1 Kha 1421) पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी। समय और स्थान: हादसा देर रात करीब 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पृथ्वी हाईवे का हिस्सा है, जो नेपाल की लाइफलाइन माना जाता है। अनियंत्रित बस: शुरुआती जांच के मुताबिक, ड्राइवर ने एक मोड़ पर बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर सीधे नीचे बह रही गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी। यात्रियों की संख्या: दुर्घटना के समय बस में कुल 44 लोग सवार थे। 2. हताहतों का विवरण और रेस्क्यू ऑपरेशन आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर रात में ही बचाव कार्य शुरू किया: मृतकों की संख्या: अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। विदेशी नागरिक: मृतकों में एक विदेशी पुरुष और एक विदेशी महिला भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। घायलों की स्थिति: हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को काठमांडू रेफर कर दिया गया है। चुनौतियां: रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कर्मियों ने नदी के ठंडे पानी से लोगों को बाहर निकाला। 📊 नेपाल में हालिया बड़े सड़क हादसे तारीख स्थान कारण हताहत 23 फरवरी 2026 धादिंग (त्रिशूली नदी) नियंत्रण खोना 18 मौत, 25 घायल 5 फरवरी 2026 बैतड़ी जिला ओवरलोडिंग (बारात की बस) 13 मौत, 34 घायल 2024 (मानसून) त्रिशूली नदी लैंडस्लाइड (दो बसें बहीं) 63 लोग (7 भारतीयों समेत) 3. त्रिशूली नदी: आस्था और खतरों का संगम त्रिशूली नदी नेपाल की सबसे प्रसिद्ध लेकिन मानसून और दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता: कहा जाता है कि भगवान शिव ने गोसाइकुंडा में अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा था, जिससे तीन झरने निकले और त्रिशूली नदी का जन्म हुआ। इसी कारण इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। भौगोलिक स्थिति: यह नदी तिब्बत (चीन) से शुरू होती है और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों से होते हुए नारायणी (गंडकी) नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। पर्यटन और व्यापार: यह नदी राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए सैलानियों की पहली पसंद है। इसके किनारे पृथ्वी हाईवे स्थित है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। खतरा: मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानों से होने वाले लैंडस्लाइड और संकरे रास्तों के कारण इस हाईवे पर बसें अक्सर नदी में गिर जाती हैं, जिससे यह 'मौत का हाईवे' भी कहा जाने लगा है। 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की असल वजह का पता लगाने के लिए बस की मैकेनिकल जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी या बस की रफ्तार बहुत तेज थी।

रवि चौहान फ़रवरी 23, 2026 0
तारिक रहमान के पीएम बनते ही बांग्लादेशी सेना में फेरबदल

Bangladesh Army Shuffle: तारिक रहमान ने सेना में किया बड़ा फेरबदल; इंटेलिजेंस और कमांड पदों पर वफादारों की नियुक्ति।

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