तेहरान/यरूशलेम/लंदन | 9 मार्च 2026
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध का आज दसवां दिन है। युद्ध अब अपने सबसे विनाशकारी दौर में पहुँच चुका है। इजराइल ने 'ऑपरेशन लियोनस् रोर' के तहत ईरान के पावर सेंटर पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू किया है। इस बीच, ईरान की सत्ता में हुए ऐतिहासिक बदलाव और युद्ध की विभीषिका ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है।
यहाँ दसवें दिन के युद्ध, राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक संकट की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
ईरान में 35 साल पुराने युग का अंत हो गया है। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया है।
सत्ता परिवर्तन: 88 इमामों की काउंसिल ने मुजतबा को ईरान का सर्वोच्च नेता चुना। ईरान के कानून के मुताबिक, इस पद के लिए 'अयातुल्ला' होना अनिवार्य है, जो एक उच्च धार्मिक पदवी है।
मुजतबा घायल: नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद खबर आई कि मुजतबा खामेनेई युद्ध में घायल हो गए हैं। ईरानी सरकारी टीवी ने उन्हें 'जानबाज' (युद्ध में घायल योद्धा) कहकर संबोधित किया। हालांकि, उनके घायल होने की सटीक जगह और स्थिति गोपनीय रखी गई है।
पुतिन की बधाई: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मुजतबा को बधाई देते हुए कहा कि रूस इस कठिन समय में ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है।
इजराइली वायुसेना ने ईरान के सैन्य और आर्थिक ढांचे को पंगु बनाने के लिए एक साथ कई मोर्चों पर हमले किए हैं:
निशाना: राजधानी तेहरान, परमाणु केंद्र इस्फहान और दक्षिणी बंदरगाह इलाकों में IRGC के कमांड सेंटर्स, रॉकेट इंजन फैक्ट्रियों और मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया।
आग की नदी: तेहरान में तेल भंडारण ठिकानों (Oil Storage) पर हमले के बाद सड़कों पर तेल बहने लगा, जिसमें आग लग गई। सोशल मीडिया पर सड़कों के किनारे 'आग की नदी' बहने के दृश्य वायरल हो रहे हैं।
कुवैत बेस पर प्रहार: ईरान ने भी पलटवार करते हुए कुवैत में अमेरिकी अल-अदीरी हेलीकॉप्टर एयरबेस पर ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से हमला किया, जिससे अमेरिकी लॉजिस्टिक ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है।
इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी जंग में मासूम बच्चों की बलि चढ़ रही है:
यूनिसेफ की रिपोर्ट: पिछले 7 दिनों में लेबनान में 83 बच्चों की मौत हो चुकी है और 254 घायल हैं। औसतन हर दिन 10 से ज्यादा बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं।
विस्थापन: करीब 7 लाख लोग बेघर हो चुके हैं, जिनमें 2 लाख बच्चे हैं। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा है कि जनता युद्ध से थक चुकी है, लेकिन इजराइल ने हमलों की तीव्रता कम नहीं की है।
व्हाइट फॉस्फोरस का आरोप: ह्यूमन राइट्स वॉच ने दावा किया है कि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के रिहायशी इलाकों में खतरनाक व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल किया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
| श्रेणी | विवरण | संख्या / स्थिति |
| कुल मौतें (ईरान) | 9 दिनों का आधिकारिक आंकड़ा | 1,255 लोग |
| बच्चों की मौत | मिनाब स्कूल और लेबनान मिलाकर | 250+ बच्चे |
| मिसाइल/ड्रोन | UAE द्वारा रोके गए हमले | 253 मिसाइलें, 1,440 ड्रोन |
| तेल की कीमत | वैश्विक बाजार में कच्चा तेल | $116 प्रति बैरल (25% उछाल) |
| भारतीय हताहत | तेल अवीव में मिसाइल मलबा | 1 घायल (हालत स्थिर) |
युद्ध के कारण दुनिया भर के शेयर बाजार और ऊर्जा बाजार धराशायी हो रहे हैं:
शेयर बाजार में कोहराम: जापान का निक्केई 7% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8% तक गिर गया। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में 9,000 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट देखी गई।
G7 की बैठक: तेल की आसमान छूती कीमतों ($116/बैरल) को नियंत्रित करने के लिए G7 देशों के वित्त मंत्री आज 'आपातकालीन तेल भंडार' (Emergency Oil Reserves) जारी करने पर चर्चा करेंगे।
यूरोपीय संघ का रुख: फ्रांस ने लाल सागर में अपने युद्धपोत भेजने का फैसला किया है, जबकि जर्मनी ने ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि भारत सरकार मिडिल ईस्ट के हालात पर पैनी नजर रखे हुए है:
सुरक्षित वापसी: अब तक 67,000 भारतीय नागरिकों को युद्धग्रस्त इलाकों से वापस लाया जा चुका है।
कूटनीति: भारत ने ईरान और अन्य खाड़ी देशों से शांति की अपील की है, हालांकि तेहरान के नेतृत्व में बदलाव के कारण सीधी बातचीत चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मिडल ईस्ट महाजंग: 12 देश युद्ध की आग में, लेकिन यमन के 'हूती' अब तक चुप क्यों? क्या यह किसी बड़े तूफान से पहले की शांति है? सना/दुबई | 9 मार्च 2026 इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बाद पूरा पश्चिम एशिया (Middle East) बारूद के ढेर पर बैठा है। इस महाजंग में अब तक ईरान, इजराइल, सऊदी अरब, लेबनान और यूएई समेत 12 देश प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल हो चुके हैं। लेकिन एक नाम जो पिछले दो वर्षों से रेड सी (Red Sea) और इजराइल के लिए सिरदर्द बना हुआ था, वह इस बार रहस्यमयी तरीके से शांत है— यमन के हूती विद्रोही। जंग के 9 दिन बीत जाने के बाद भी हूतियों की ओर से केवल बयानबाजी हुई है, कोई बड़ा सैन्य एक्शन नहीं। क्या यह हूतियों की कमजोरी है या किसी बड़ी रणनीतिक साजिश का हिस्सा? आइए समझते हैं इस युद्ध के समीकरण और यमन की चुप्पी के पीछे की विस्तृत रिपोर्ट: 1. हूतियों की चुप्पी: डर या सोची-समझी रणनीति? एक्सपर्ट्स का मानना है कि हूतियों का इस जंग से फिलहाल दूर रहना उनकी 'अस्तित्व बचाने' की रणनीति (Survival Strategy) का हिस्सा है। पिछला जख्म: 28 अगस्त 2025 को इजराइल ने यमन के सना में एक भीषण एयरस्ट्राइक की थी। इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी और आर्मी चीफ मोहम्मद अल-घुमारी समेत 12 टॉप लीडर्स मारे गए थे। सीधी कार्रवाई का डर: मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार लुका नेवोला के अनुसार, हूतियों की प्राथमिकता अब अमेरिका और इजराइल की सीधी जवाबी कार्रवाई से बचना है। उन्हें डर है कि अगर उन्होंने कोई बड़ी मिसाइल दागी, तो उनकी बची-कुची टॉप लीडरशिप और सना के नियंत्रण वाले इलाकों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। इजराइली खुफिया तंत्र का खौफ: हूतियों को आभास है कि इजराइल का खुफिया तंत्र उनके सुरक्षित ठिकानों तक पहुँच चुका है। 2. ईरान का 'प्लान-B': हूतियों को रिजर्व फोर्स के रूप में बचाना? यमनी राजनीतिक विश्लेषक सदाम अल-हुरैबी का तर्क है कि हूतियों की चुप्पी के पीछे खुद तेहरान (ईरान) का हाथ हो सकता है: ताकत को बचाकर रखना: ईरान फिलहाल अपने सभी पत्तों को एक साथ नहीं खोलना चाहता। वह हूतियों को एक 'रिजर्व फोर्स' के रूप में देख रहा है, जिसका इस्तेमाल तब किया जाएगा जब इजराइल या अमेरिका ईरान के भीतर और गहरे घाव देंगे। हथियारों की तस्करी का संकट: अगर ईरान का शासन कमजोर पड़ता है या गिर जाता है, तो यमन तक पहुँचने वाले ईरानी हथियारों की सप्लाई लाइन कट जाएगी। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के मुताबिक, हूतियों के पास मौजूद ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलें रूस, चीन और ईरान की तकनीक से बनी हैं, जो तस्करी के जरिए वहां पहुँचती हैं। 📊 हूती विद्रोहियों का प्रोफाइल: ताकत और चुनौतियां श्रेणी विवरण प्रभाव मुख्य लीडर अब्दुल मलिक अल-हूती ईरान के कट्टर समर्थक और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' के सदस्य। सैन्य क्षमता बैलिस्टिक मिसाइल, सुसाइड ड्रोन रेड सी के व्यापारिक जहाजों और इजराइल के ईलात शहर तक मारक क्षमता। आर्थिक प्रभाव रेड सी (Red Sea) ब्लॉक करना सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर के समुद्री व्यापार को बाधित करने की क्षमता। बड़ा नुकसान अगस्त 2025 का हमला प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की मौत से संगठन को गहरा धक्का। 3. क्या हूती फिर से रेड सी में कोहराम मचाएंगे? साल 2023 से 2025 के बीच हूतियों ने लाल सागर (Red Sea) में जहाजों पर हमले कर वैश्विक व्यापार को हिला दिया था। पिछला रिकॉर्ड: इस दौरान 9 नाविकों की मौत हुई और 4 जहाज डूब गए। संभावित टारगेट: नेवोला के अनुसार, अगर युद्ध लंबा चला, तो हूती केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि अमेरिकी युद्धपोतों, क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेसों और इजराइल के सहयोगियों जैसे UAE और सोमालिलैंड को भी निशाना बना सकते हैं। अब्दुल मलिक की चेतावनी: हूती नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने इस हफ्ते कहा है कि उनके सैनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी समय 'सैन्य कार्रवाई' शुरू की जा सकती है। 4. कौन हैं हूती? (इतिहास और शिया-सुन्नी विवाद) यमन का गृह युद्ध केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि सदियों पुराने शिया-सुन्नी विवाद का आधुनिक रूप है: 2014 की क्रांति: शिया विद्रोहियों (हूतियों) ने तत्कालीन सुन्नी सरकार (अब्दरब्बू मंसूर हादी) के खिलाफ मोर्चा खोला और देश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया। ईरान बनाम सऊदी: इस जंग में हूतियों को शिया बहुल देश ईरान का समर्थन मिला, जबकि यमन की सरकार को सुन्नी बहुल देश सऊदी अरब का साथ मिला। मौजूदा स्थिति: यमन का एक बड़ा हिस्सा, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है, हूतियों के नियंत्रण में है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार निर्वासन में या दक्षिण के कुछ हिस्सों में सिमटी हुई है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध: 'गजब लिल हक' बनाम तालिबान का पलटवार; 300 से ज्यादा मौतें, भारत ने किया अफगानिस्तान का समर्थन इस्लामाबाद/काबुल | 27 फरवरी 2026 दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस वक्त पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। गुरुवार रात से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष शुक्रवार को और भी हिंसक हो गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों—काबुल, कंधार और खोस्त—में भीषण एयरस्ट्राइक की है। वहीं, तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और इस्लामाबाद के पास रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। पाकिस्तान ने इसे 'ऑपरेशन गजब लिल हक' का नाम दिया है। 1. युद्ध की शुरुआत: कैसे भड़की चिंगारी? इस खूनी संघर्ष की नींव 22 फरवरी को पड़ी थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। तालिबान की जवाबी कार्रवाई: अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने 22 फरवरी के हमले का बदला लेने के लिए गुरुवार रात पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तानी सैनिकों की मौत: तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक': अपने सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे से बौखलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमला शुरू किया, जिसे 'गजब लिल हक' नाम दिया गया है। 2. पाकिस्तान का दावा: 274 लड़ाके ढेर, 115 टैंक तबाह पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को हुए नुकसान का विवरण दिया: भारी हताहत: पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं। हथियारों की तबाही: पाक सेना ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपखाने को नष्ट कर दिया है। सैन्य ठिकाने: लगमान प्रांत में तालिबान के एक मुख्य सैन्य कमांड सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया गया है। 3. तालिबान का बड़ा दावा: पाकिस्तान का फाइटर जेट गिराया और न्यूक्लियर सेंटर पर हमला अफगानिस्तान की ओर से आ रही खबरें पाकिस्तान के लिए चिंताजनक हैं: जेट मार गिराया: अफगान मीडिया 'टोलो न्यूज' ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर इसके मलबे के वीडियो वायरल हो रहे हैं (हालांकि स्वतंत्र पुष्टि बाकी है)। ड्रोन स्ट्राइक: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा के अनुसार, तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के नौशेरा कैंट, जमरूद सैन्य बेस और इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर को निशाना बनाया है। सैन्य साजो-सामान: तालिबान का कहना है कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मौजूद हैं, जो उन्होंने चौकियों पर कब्जे के दौरान हासिल किए। 📊 सैन्य शक्ति तुलना: पाकिस्तान बनाम तालिबान विशेषता पाकिस्तान (PAK) अफगान तालिबान ग्लोबल रैंकिंग टॉप 15 शक्तिशाली सेनाएं अनौपचारिक लड़ाकू बल हवाई शक्ति आधुनिक फाइटर जेट्स (F-16, JF-17) सीमित ड्रोन और पुराने हेलिकॉप्टर परमाणु शक्ति संपन्न (Nuclear Armed) नहीं युद्ध का तरीका पारंपरिक सैन्य युद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापामार लड़ाई) हथियारों का स्रोत चीन, अमेरिका और स्वदेशी अमेरिकी अवशेष और ब्लैक मार्केट 4. भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस युद्ध ने वैश्विक शक्तियों को चिंता में डाल दिया है: भारत का रुख: भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए निर्दोष अफगानों, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है। रूस और चीन: दोनों देशों ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि चीन ने दोनों को बातचीत की मेज पर आने को कहा है। अमेरिका: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' (Do Not Travel) एडवाइजरी जारी की है और काबुल स्थित अपने मिशन के जरिए हालात पर नजर रख रहा है। कतर और ईरान: कतर ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम बरतने की अपील की है। 5. पाकिस्तान का भारत पर आरोप तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए भारत पर आरोप लगाया है। सेना प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की योजना और फंडिंग है, जिसके लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन आरोपों को बिना सबूत के खारिज कर दिया है। 6. जमीनी हकीकत: कराची हाई अलर्ट पर युद्ध का असर अब पाकिस्तानी शहरों में भी दिखने लगा है: कराची: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाके: नंगरहार और खोस्त प्रांत के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बमबारी इतनी भीषण है कि लोग अपने बच्चों तक को पीछे छोड़ गए हैं।
नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी; 2 विदेशी नागरिकों समेत 18 की मौत, 25 घायल धादिंग (नेपाल) | 23 फरवरी 2026 नेपाल के धादिंग जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। सोमवार देर रात एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी, जिससे 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए। यहाँ हादसे के कारणों, बचाव कार्य और त्रिशूली नदी के इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मध्यरात्रि का कहर: कैसे हुआ हादसा? नेपाली मीडिया और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बस (नंबर: Ga 1 Kha 1421) पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी। समय और स्थान: हादसा देर रात करीब 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पृथ्वी हाईवे का हिस्सा है, जो नेपाल की लाइफलाइन माना जाता है। अनियंत्रित बस: शुरुआती जांच के मुताबिक, ड्राइवर ने एक मोड़ पर बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर सीधे नीचे बह रही गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी। यात्रियों की संख्या: दुर्घटना के समय बस में कुल 44 लोग सवार थे। 2. हताहतों का विवरण और रेस्क्यू ऑपरेशन आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर रात में ही बचाव कार्य शुरू किया: मृतकों की संख्या: अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। विदेशी नागरिक: मृतकों में एक विदेशी पुरुष और एक विदेशी महिला भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। घायलों की स्थिति: हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को काठमांडू रेफर कर दिया गया है। चुनौतियां: रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कर्मियों ने नदी के ठंडे पानी से लोगों को बाहर निकाला। 📊 नेपाल में हालिया बड़े सड़क हादसे तारीख स्थान कारण हताहत 23 फरवरी 2026 धादिंग (त्रिशूली नदी) नियंत्रण खोना 18 मौत, 25 घायल 5 फरवरी 2026 बैतड़ी जिला ओवरलोडिंग (बारात की बस) 13 मौत, 34 घायल 2024 (मानसून) त्रिशूली नदी लैंडस्लाइड (दो बसें बहीं) 63 लोग (7 भारतीयों समेत) 3. त्रिशूली नदी: आस्था और खतरों का संगम त्रिशूली नदी नेपाल की सबसे प्रसिद्ध लेकिन मानसून और दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता: कहा जाता है कि भगवान शिव ने गोसाइकुंडा में अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा था, जिससे तीन झरने निकले और त्रिशूली नदी का जन्म हुआ। इसी कारण इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। भौगोलिक स्थिति: यह नदी तिब्बत (चीन) से शुरू होती है और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों से होते हुए नारायणी (गंडकी) नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। पर्यटन और व्यापार: यह नदी राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए सैलानियों की पहली पसंद है। इसके किनारे पृथ्वी हाईवे स्थित है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। खतरा: मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानों से होने वाले लैंडस्लाइड और संकरे रास्तों के कारण इस हाईवे पर बसें अक्सर नदी में गिर जाती हैं, जिससे यह 'मौत का हाईवे' भी कहा जाने लगा है। 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की असल वजह का पता लगाने के लिए बस की मैकेनिकल जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी या बस की रफ्तार बहुत तेज थी।