धादिंग (नेपाल) | 23 फरवरी 2026
नेपाल के धादिंग जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। सोमवार देर रात एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी, जिससे 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए।
यहाँ हादसे के कारणों, बचाव कार्य और त्रिशूली नदी के इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है:
नेपाली मीडिया और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बस (नंबर: Ga 1 Kha 1421) पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी।
समय और स्थान: हादसा देर रात करीब 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पृथ्वी हाईवे का हिस्सा है, जो नेपाल की लाइफलाइन माना जाता है।
अनियंत्रित बस: शुरुआती जांच के मुताबिक, ड्राइवर ने एक मोड़ पर बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर सीधे नीचे बह रही गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी।
यात्रियों की संख्या: दुर्घटना के समय बस में कुल 44 लोग सवार थे।
आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर रात में ही बचाव कार्य शुरू किया:
मृतकों की संख्या: अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं।
विदेशी नागरिक: मृतकों में एक विदेशी पुरुष और एक विदेशी महिला भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
घायलों की स्थिति: हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को काठमांडू रेफर कर दिया गया है।
चुनौतियां: रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कर्मियों ने नदी के ठंडे पानी से लोगों को बाहर निकाला।
| तारीख | स्थान | कारण | हताहत |
| 23 फरवरी 2026 | धादिंग (त्रिशूली नदी) | नियंत्रण खोना | 18 मौत, 25 घायल |
| 5 फरवरी 2026 | बैतड़ी जिला | ओवरलोडिंग (बारात की बस) | 13 मौत, 34 घायल |
| 2024 (मानसून) | त्रिशूली नदी | लैंडस्लाइड (दो बसें बहीं) | 63 लोग (7 भारतीयों समेत) |
त्रिशूली नदी नेपाल की सबसे प्रसिद्ध लेकिन मानसून और दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता: कहा जाता है कि भगवान शिव ने गोसाइकुंडा में अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा था, जिससे तीन झरने निकले और त्रिशूली नदी का जन्म हुआ। इसी कारण इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।
भौगोलिक स्थिति: यह नदी तिब्बत (चीन) से शुरू होती है और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों से होते हुए नारायणी (गंडकी) नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है।
पर्यटन और व्यापार: यह नदी राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए सैलानियों की पहली पसंद है। इसके किनारे पृथ्वी हाईवे स्थित है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है।
खतरा: मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानों से होने वाले लैंडस्लाइड और संकरे रास्तों के कारण इस हाईवे पर बसें अक्सर नदी में गिर जाती हैं, जिससे यह 'मौत का हाईवे' भी कहा जाने लगा है।
नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की असल वजह का पता लगाने के लिए बस की मैकेनिकल जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी या बस की रफ्तार बहुत तेज थी।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
मेक्सिको में 'ड्रग वॉर' का सबसे खौफनाक अध्याय: सबसे बड़ा सरगना 'एल मेंचो' ढेर; सेना के ऑपरेशन के बाद जल उठा देश, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मेक्सिको सिटी | 23 फरवरी 2026 मेक्सिको की सेना ने रविवार को एक ऐतिहासिक और साहसी सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) के सरगना नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंट्स, जिसे दुनिया 'एल मेंचो' के नाम से जानती है, को मार गिराया है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मेक्सिको हिंसा की आग में झुलस रहा है। मेंचो के समर्थकों ने शहरों को बंधक बना लिया है, हाईवे जाम कर दिए हैं और दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। यहाँ इस सैन्य ऑपरेशन, एल मेंचो के साम्राज्य और मेक्सिको में बिगड़ते हालातों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ऑपरेशन 'एल मेंचो': घायल होने के बाद हुई मौत मेक्सिको सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर तलपला शहर में रविवार को धावा बोला। मुठभेड़: सेना और कार्टेल के गुर्गों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस ऑपरेशन में एल मेंचो के अलावा उसके 9 करीबी शूटर भी मारे गए। मौत का घटनाक्रम: गोलीबारी के दौरान मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अमेरिकी इनाम: मेंचो पर अमेरिकी सरकार ने 136 करोड़ रुपए ($10 Million) का इनाम रखा था। 2. हिंसा की लपटों में मेक्सिको: सड़कों पर तांडव सरगना की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को कार्टेल के गुर्गों ने देश के कई हिस्सों में आतंक मचाना शुरू कर दिया: हाईवे जाम और आगजनी: समर्थकों ने प्रमुख हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। ट्रक, बस और निजी कारों को रोककर उनमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। टूरिस्ट शहर निशाने पर: प्यूर्टो वालार्टा और चापाला जैसे पर्यटन स्थलों पर आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया। एयर कनाडा सहित कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। सुपरमार्केट और पेट्रोल पंप: भीड़ ने सुपरमार्केट में लूटपाट के बाद आग लगा दी। कई पेट्रोल पंपों पर कब्जा कर उन्हें ब्लास्ट करने की कोशिश की गई। 📊 मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स: एक प्राइवेट सेना विशेषता जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) सिनालोआ कार्टेल (प्रतिद्वंद्वी) सैन्य शक्ति टैंक, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर्स से लैस। 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर। नेटवर्क अमेरिका के 50 राज्यों में मौजूदगी। वैश्विक ड्रग तस्करी का गढ़। सालाना कमाई करीब 1 लाख करोड़ रुपए ($12.1 Billion) तस्करी और फिरौती का विशाल नेटवर्क। प्रमुख ड्रग्स फेंटेनाइल, कोकीन और मेथ। हेरोइन और कोकीन। 3. ट्रम्प का दबाव और अमेरिका-मेक्सिको संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से मेक्सिको पर कार्टेल्स के खिलाफ 'युद्ध' छेड़ने का दबाव बना रहे थे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर वे एल मेंचो को नहीं पकड़ते, तो अमेरिका अपनी सेना भेज सकता है। उन्होंने कार्टेल्स को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर रखा है। फेंटेनाइल संकट: अमेरिका में हर साल फेंटेनाइल के कारण लाखों लोगों की मौत होती है। ट्रम्प का मानना है कि इन मौतों के लिए मेक्सिकन कार्टेल्स जिम्मेदार हैं। संव्रभुता बनाम सहयोग: मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने पहले ट्रम्प के बयानों का विरोध किया था, लेकिन इस सफल सैन्य ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी (DEA) और मेक्सिको के बीच बढ़ा हुआ तालमेल साफ दिखाई दे रहा है। 4. इतिहास की पुनरावृत्ति: क्यों डरा हुआ है मेक्सिको? मेक्सिको का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े सरगना को मारा या पकड़ा गया है, देश में 'गृहयुद्ध' जैसी स्थिति बनी है: अल चापो (2016): सिनालोआ कार्टेल के सरगना की गिरफ्तारी के बाद हफ्तों तक खून-खराबा चला था। ओविदियो गुजमान (2019): जब अल चापो के बेटे को पकड़ा गया, तो उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को बंधक बना लिया, जिसके बाद सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। वर्तमान खतरा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 'जलिस्को कार्टेल' के अंदर उत्तराधिकार की जंग छिड़ी, तो मेक्सिको की सड़कों पर लाशों का अंबार लग सकता है। 5. भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी मेक्सिको में जारी हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास ने तत्काल सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं: प्रभावित इलाके: जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन में रह रहे भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। संपर्क सूत्र: किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक +52-55-4847-7539 पर संपर्क कर सकते हैं या स्थानीय आपातकालीन नंबर 911 डायल कर सकते हैं। सावधानी: अनावश्यक यात्रा से बचें और भीड़भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर हाईवे और शॉपिंग सेंटर्स से दूर रहें।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रम्प का बड़ा ऐलान, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी जारी रहेगा समझौता; भारत को मिल सकती है 18% के बजाय 10% टैरिफ की राहत वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 21 फरवरी 2026 वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर शुक्रवार का दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पुराने टैरिफ को रद्द करने के फैसले और उसके तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए नए 10% ग्लोबल टैरिफ के बावजूद, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) पर काले बादल छंट गए हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत के साथ होने जा रहा ऐतिहासिक समझौता अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेगा। यहाँ इस ट्रेड डील, नए टैरिफ नियमों और भारतीय निर्यातकों पर इसके प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. ट्रम्प का 'ग्लोबल टैरिफ' दांव: भारत को फायदा या नुकसान? शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही पुराने टैरिफ रद्द किए, उसके 3 घंटे के भीतर ट्रम्प ने धारा 122 के तहत दुनिया भर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। टैरिफ में कटौती: बीबीसी की रिपोर्ट और व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, भारत जैसे देश जिनके साथ अमेरिका व्यापार समझौते कर रहा है, उन्हें अब पहले से तय 18% टैरिफ के बजाय केवल 10% ग्लोबल टैरिफ का ही सामना करना पड़ेगा। सीधा लाभ: यदि यह दर लागू होती है, तो भारतीय सामान अमेरिका में और भी सस्ता हो जाएगा, जिससे निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि, ट्रम्प ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह 10% अतिरिक्त होगा या कुल (Total)। 2. ट्रेड डील की टाइमलाइन: मार्च में हस्ताक्षर, अप्रैल से लागू केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को इस बहुप्रतीक्षित समझौते का पूरा रोडमैप साझा किया: फरवरी का अंत: 'अंतरिम व्यापार समझौता' (ITA) का ड्राफ्ट फाइनल हो जाएगा। 23 फरवरी की बैठक: भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक अमेरिका में शुरू होगी, जहाँ दर्पण जैन (चीफ नेगोशिएटर) कानूनी ड्राफ्ट को अंतिम रूप देंगे। मार्च 2026: समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे। अप्रैल 2026: यह समझौता पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। 3. भारतीय निर्यातकों के लिए 'गोल्डन अवसर' 7 फरवरी को घोषित इस समझौते के तहत भारत को कई महत्वपूर्ण रियायतें मिली हैं: जीरो टैरिफ: भारतीय कृषि उत्पाद (जैसे चावल, फल, मसाले) अमेरिका में जीरो ड्यूटी पर निर्यात किए जाएंगे। टैक्स में कटौती: कपड़ा, चमड़ा, और जेम्स-ज्वैलरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर लगने वाला टैक्स 25% से घटाकर 18% (या नए नियमों के तहत 10%) किया जा रहा है। रूस-तेल विवाद सुलझा: रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स हटा लिया गया है, जो भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। 📊 भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: मुख्य बिंदु समझौता पहलू विवरण भारतीय खरीदारी अगले 5 साल में अमेरिका से 50,000 करोड़ डॉलर ($500B) के उत्पाद। कृषि नियम भारत में GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फूड को एंट्री नहीं दी जाएगी। नॉन-टैरिफ बाधाएं मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए रजिस्ट्रेशन और मूल्य निर्धारण नियमों को सरल बनाया जाएगा। तीसरा देश नियम सख्त नियम बनाए जाएंगे ताकि चीन जैसे देश इस डील का गलत फायदा न उठा सकें। 4. ब्रिटेन और ओमान के साथ भी 'फ्री ट्रेड' की तैयारी अप्रैल 2026 भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 'सुपर मंथ' होने वाला है: भारत-ब्रिटेन FTA: अप्रैल से लागू होने की उम्मीद है। भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में 'जीरो ड्यूटी' एंट्री मिलेगी। बदले में भारत ब्रिटिश कारों और स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ कम करेगा। भारत-ओमान डील: ओमान ने भारत के 98% से ज्यादा उत्पादों पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है, जिससे खाड़ी देशों के बाजार भारत के लिए खुल जाएंगे। 5. नॉन-टैरिफ बैरियर्स: व्यापार को आसान बनाने की कोशिश सिर्फ टैक्स कम करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि व्यापार की जटिलताओं को दूर करना भी प्राथमिकता है। मेडिकल सेक्टर: अमेरिकी मेडिकल डिवाइस कंपनियों को भारत में रजिस्ट्रेशन की देरी और कीमत तय करने के नियमों से छूट मिलेगी। सप्लाई चेन: दोनों देश मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सप्लाई चेन सुरक्षित रहे और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप से बची रहे।
ब्रिटिश शाही परिवार में हड़कंप: प्रिंस एंड्रयू अपने जन्मदिन पर गिरफ्तार; वर्जीनिया गिफ्रे यौन शोषण मामले में बढ़ीं मुश्किलें लंदन | 19 फरवरी 2026 ब्रिटेन के शाही परिवार के इतिहास में आज का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। किंग चार्ल्स III के छोटे भाई एंड्रयू (65) को गुरुवार सुबह उनके सैंड्रिंघम स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर 'सार्वजनिक पद पर रहते हुए कदाचार' (Misconduct in Public Office) का गंभीर आरोप लगा है। संयोगवश, आज ही एंड्रयू का जन्मदिन भी है। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी, इसके कानूनी आधार और इससे जुड़े विवादों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. गिरफ्तारी का घटनाक्रम: सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस की एक टीम सादे कपड़ों में सैंड्रिंघम पहुंची और एंड्रयू को हिरासत में ले लिया। पहला मामला: एंड्रयू आधुनिक इतिहास में गिरफ्तार होने वाले ब्रिटिश शाही परिवार के पहले सदस्य बन गए हैं। सजा का प्रावधान: 'पब्लिक ऑफिस में कदाचार' एक बेहद गंभीर श्रेणी का अपराध है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। कानूनी पेच: यह मामला तब का है जब एंड्रयू 2001 से 2011 के बीच ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय (व्यापार दूत) के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने इस पद का दुरुपयोग किया और जेफ्री एपस्टीन के साथ मिलकर अनैतिक गतिविधियों में शामिल रहे। 2. वर्जीनिया गिफ्रे और एपस्टीन फाइल्स: विवाद की जड़ यह पूरा मामला अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के नेटवर्क से जुड़ा है। वर्जीनिया गिफ्रे के आरोप: पीड़िता वर्जीनिया ने दावा किया था कि 2001 में जब वह 17 साल की नाबालिग थीं, तब प्रिंस एंड्रयू ने लंदन, न्यूयॉर्क और कैरिबियन आइलैंड में तीन अलग-अलग मौकों पर उनका यौन शोषण किया। पीड़िता की मौत: वर्जीनिया गिफ्रे की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसे आत्महत्या बताया गया। उनकी मृत्यु के बाद जारी किए गए उनके संस्मरण 'नो बॉडीज गर्ल' में एंड्रयू के खिलाफ कई चौंकाने वाले सबूत और दावे किए गए हैं। समझौता: 2021 में वर्जीनिया ने एंड्रयू पर मुकदमा किया था, जिसे 2022 में एंड्रयू ने करीब 125 करोड़ रुपये (12 मिलियन पाउंड) देकर कोर्ट के बाहर सुलझाया था, हालांकि उन्होंने कभी अपना जुर्म नहीं कबूला। 📸 5 विवादित तस्वीरें: जो एंड्रयू के खिलाफ गवाह बनीं अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी दस्तावेजों में एंड्रयू की कई आपत्तिजनक तस्वीरें सामने आई हैं: वर्जीनिया के साथ तस्वीर: 2001 की वह मशहूर फोटो जिसमें एंड्रयू 17 वर्षीय वर्जीनिया की कमर पर हाथ रखे हुए हैं। 5 महिलाओं के साथ एपस्टीन: दिसंबर 2025 में जारी फोटो, जिसमें एपस्टीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है। अनजान महिला के साथ एंड्रयू: 30 जनवरी को जारी फोटो जिसमें एंड्रयू एक महिला के ऊपर झुके हुए दिख रहे हैं। नाबालिगों के साथ मौजूदगी: एक तस्वीर में एंड्रयू एक जमीन पर लेटी लड़की को छूते हुए नजर आ रहे हैं। अनैतिक व्यवहार: एक अन्य फोटो में एंड्रयू एक लड़की का पेट छूते हुए दिख रहे हैं। 3. शाही परिवार की प्रतिक्रिया: "कानून से ऊपर कोई नहीं" इस गिरफ्तारी ने बकिंघम पैलेस की नींव हिला दी है: किंग चार्ल्स III: राजा ने अपने भाई की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि "कानून अपना काम करेगा" और जांच पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र होगी। पीएम कीर स्टार्मर: प्रधानमंत्री ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जानकारी रखने वाले हर व्यक्ति को गवाही देनी चाहिए, क्योंकि कानून के सामने सब समान हैं। उपाधियों का त्याग: किंग चार्ल्स पहले ही एंड्रयू से 'प्रिंस' की उपाधि, 'रॉयल लॉज' और सैन्य सम्मान छीन चुके हैं। अब उन्हें केवल 'एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर' के नाम से जाना जाता है। 📊 प्रिंस एंड्रयू: पतन की टाइमलाइन वर्ष/समय घटनाक्रम 2001 ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय बने और वर्जीनिया से पहली बार मिले। 2011 एपस्टीन विवाद के कारण पद से इस्तीफा दिया। 2019 बीबीसी इंटरव्यू के बाद सभी शाही कर्तव्यों से हटे। 2022 वर्जीनिया गिफ्रे को हर्जाना देकर केस सुलझाया। अक्टूबर 2025 किंग चार्ल्स ने 'प्रिंस' का खिताब वापस लिया। 19 फरवरी 2026 जन्मदिन के दिन सैंड्रिंघम से गिरफ्तार हुए। 4. सिंहासन की दौड़ में स्थान हैरानी की बात यह है कि तमाम विवादों और छीनी गई उपाधियों के बावजूद, एंड्रयू अभी भी उत्तराधिकार के क्रम (Line of Succession) में आठवें नंबर पर हैं। हालांकि, इस गिरफ्तारी के बाद मांग उठ रही है कि उनका नाम इस सूची से भी पूरी तरह हटा दिया जाना चाहिए।