इस्लामाबाद/काबुल | 27 फरवरी 2026
दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस वक्त पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। गुरुवार रात से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष शुक्रवार को और भी हिंसक हो गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों—काबुल, कंधार और खोस्त—में भीषण एयरस्ट्राइक की है। वहीं, तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और इस्लामाबाद के पास रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है।
इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। पाकिस्तान ने इसे 'ऑपरेशन गजब लिल हक' का नाम दिया है।
इस खूनी संघर्ष की नींव 22 फरवरी को पड़ी थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।
तालिबान की जवाबी कार्रवाई: अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने 22 फरवरी के हमले का बदला लेने के लिए गुरुवार रात पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया।
पाकिस्तानी सैनिकों की मौत: तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है।
पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक': अपने सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे से बौखलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमला शुरू किया, जिसे 'गजब लिल हक' नाम दिया गया है।
पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को हुए नुकसान का विवरण दिया:
भारी हताहत: पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं।
हथियारों की तबाही: पाक सेना ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपखाने को नष्ट कर दिया है।
सैन्य ठिकाने: लगमान प्रांत में तालिबान के एक मुख्य सैन्य कमांड सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया गया है।
अफगानिस्तान की ओर से आ रही खबरें पाकिस्तान के लिए चिंताजनक हैं:
जेट मार गिराया: अफगान मीडिया 'टोलो न्यूज' ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर इसके मलबे के वीडियो वायरल हो रहे हैं (हालांकि स्वतंत्र पुष्टि बाकी है)।
ड्रोन स्ट्राइक: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा के अनुसार, तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के नौशेरा कैंट, जमरूद सैन्य बेस और इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर को निशाना बनाया है।
सैन्य साजो-सामान: तालिबान का कहना है कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मौजूद हैं, जो उन्होंने चौकियों पर कब्जे के दौरान हासिल किए।
| विशेषता | पाकिस्तान (PAK) | अफगान तालिबान |
| ग्लोबल रैंकिंग | टॉप 15 शक्तिशाली सेनाएं | अनौपचारिक लड़ाकू बल |
| हवाई शक्ति | आधुनिक फाइटर जेट्स (F-16, JF-17) | सीमित ड्रोन और पुराने हेलिकॉप्टर |
| परमाणु शक्ति | संपन्न (Nuclear Armed) | नहीं |
| युद्ध का तरीका | पारंपरिक सैन्य युद्ध | गुरिल्ला युद्ध (छापामार लड़ाई) |
| हथियारों का स्रोत | चीन, अमेरिका और स्वदेशी | अमेरिकी अवशेष और ब्लैक मार्केट |
इस युद्ध ने वैश्विक शक्तियों को चिंता में डाल दिया है:
भारत का रुख: भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए निर्दोष अफगानों, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है।
रूस और चीन: दोनों देशों ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि चीन ने दोनों को बातचीत की मेज पर आने को कहा है।
अमेरिका: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' (Do Not Travel) एडवाइजरी जारी की है और काबुल स्थित अपने मिशन के जरिए हालात पर नजर रख रहा है।
कतर और ईरान: कतर ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम बरतने की अपील की है।
तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए भारत पर आरोप लगाया है। सेना प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की योजना और फंडिंग है, जिसके लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन आरोपों को बिना सबूत के खारिज कर दिया है।
युद्ध का असर अब पाकिस्तानी शहरों में भी दिखने लगा है:
कराची: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सीमावर्ती इलाके: नंगरहार और खोस्त प्रांत के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बमबारी इतनी भीषण है कि लोग अपने बच्चों तक को पीछे छोड़ गए हैं।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध: 'गजब लिल हक' बनाम तालिबान का पलटवार; 300 से ज्यादा मौतें, भारत ने किया अफगानिस्तान का समर्थन इस्लामाबाद/काबुल | 27 फरवरी 2026 दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस वक्त पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। गुरुवार रात से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष शुक्रवार को और भी हिंसक हो गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों—काबुल, कंधार और खोस्त—में भीषण एयरस्ट्राइक की है। वहीं, तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और इस्लामाबाद के पास रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। पाकिस्तान ने इसे 'ऑपरेशन गजब लिल हक' का नाम दिया है। 1. युद्ध की शुरुआत: कैसे भड़की चिंगारी? इस खूनी संघर्ष की नींव 22 फरवरी को पड़ी थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। तालिबान की जवाबी कार्रवाई: अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने 22 फरवरी के हमले का बदला लेने के लिए गुरुवार रात पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तानी सैनिकों की मौत: तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक': अपने सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे से बौखलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमला शुरू किया, जिसे 'गजब लिल हक' नाम दिया गया है। 2. पाकिस्तान का दावा: 274 लड़ाके ढेर, 115 टैंक तबाह पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को हुए नुकसान का विवरण दिया: भारी हताहत: पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं। हथियारों की तबाही: पाक सेना ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपखाने को नष्ट कर दिया है। सैन्य ठिकाने: लगमान प्रांत में तालिबान के एक मुख्य सैन्य कमांड सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया गया है। 3. तालिबान का बड़ा दावा: पाकिस्तान का फाइटर जेट गिराया और न्यूक्लियर सेंटर पर हमला अफगानिस्तान की ओर से आ रही खबरें पाकिस्तान के लिए चिंताजनक हैं: जेट मार गिराया: अफगान मीडिया 'टोलो न्यूज' ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर इसके मलबे के वीडियो वायरल हो रहे हैं (हालांकि स्वतंत्र पुष्टि बाकी है)। ड्रोन स्ट्राइक: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा के अनुसार, तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के नौशेरा कैंट, जमरूद सैन्य बेस और इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर को निशाना बनाया है। सैन्य साजो-सामान: तालिबान का कहना है कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मौजूद हैं, जो उन्होंने चौकियों पर कब्जे के दौरान हासिल किए। 📊 सैन्य शक्ति तुलना: पाकिस्तान बनाम तालिबान विशेषता पाकिस्तान (PAK) अफगान तालिबान ग्लोबल रैंकिंग टॉप 15 शक्तिशाली सेनाएं अनौपचारिक लड़ाकू बल हवाई शक्ति आधुनिक फाइटर जेट्स (F-16, JF-17) सीमित ड्रोन और पुराने हेलिकॉप्टर परमाणु शक्ति संपन्न (Nuclear Armed) नहीं युद्ध का तरीका पारंपरिक सैन्य युद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापामार लड़ाई) हथियारों का स्रोत चीन, अमेरिका और स्वदेशी अमेरिकी अवशेष और ब्लैक मार्केट 4. भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस युद्ध ने वैश्विक शक्तियों को चिंता में डाल दिया है: भारत का रुख: भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए निर्दोष अफगानों, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है। रूस और चीन: दोनों देशों ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि चीन ने दोनों को बातचीत की मेज पर आने को कहा है। अमेरिका: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' (Do Not Travel) एडवाइजरी जारी की है और काबुल स्थित अपने मिशन के जरिए हालात पर नजर रख रहा है। कतर और ईरान: कतर ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम बरतने की अपील की है। 5. पाकिस्तान का भारत पर आरोप तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए भारत पर आरोप लगाया है। सेना प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की योजना और फंडिंग है, जिसके लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन आरोपों को बिना सबूत के खारिज कर दिया है। 6. जमीनी हकीकत: कराची हाई अलर्ट पर युद्ध का असर अब पाकिस्तानी शहरों में भी दिखने लगा है: कराची: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाके: नंगरहार और खोस्त प्रांत के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बमबारी इतनी भीषण है कि लोग अपने बच्चों तक को पीछे छोड़ गए हैं।
नेपाल में भीषण सड़क हादसा: पोखरा से काठमांडू जा रही बस त्रिशूली नदी में गिरी; 2 विदेशी नागरिकों समेत 18 की मौत, 25 घायल धादिंग (नेपाल) | 23 फरवरी 2026 नेपाल के धादिंग जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। सोमवार देर रात एक यात्री बस अनियंत्रित होकर त्रिशूली नदी में जा गिरी, जिससे 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी रास्तों पर रात के अंधेरे में हुआ यह हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए। यहाँ हादसे के कारणों, बचाव कार्य और त्रिशूली नदी के इतिहास का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. मध्यरात्रि का कहर: कैसे हुआ हादसा? नेपाली मीडिया और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बस (नंबर: Ga 1 Kha 1421) पोखरा से राजधानी काठमांडू की ओर जा रही थी। समय और स्थान: हादसा देर रात करीब 1:30 बजे धादिंग जिले के बेनिघाट रोरांग इलाके में हुआ। यह क्षेत्र पृथ्वी हाईवे का हिस्सा है, जो नेपाल की लाइफलाइन माना जाता है। अनियंत्रित बस: शुरुआती जांच के मुताबिक, ड्राइवर ने एक मोड़ पर बस से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस सड़क से फिसलकर सीधे नीचे बह रही गहरी त्रिशूली नदी में जा गिरी। यात्रियों की संख्या: दुर्घटना के समय बस में कुल 44 लोग सवार थे। 2. हताहतों का विवरण और रेस्क्यू ऑपरेशन आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और स्थानीय निवासियों ने मिलकर रात में ही बचाव कार्य शुरू किया: मृतकों की संख्या: अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। विदेशी नागरिक: मृतकों में एक विदेशी पुरुष और एक विदेशी महिला भी शामिल हैं। हालांकि, उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। घायलों की स्थिति: हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल यात्रियों को काठमांडू रेफर कर दिया गया है। चुनौतियां: रात का समय और नदी का तेज बहाव रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा बना। टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में बचाव कर्मियों ने नदी के ठंडे पानी से लोगों को बाहर निकाला। 📊 नेपाल में हालिया बड़े सड़क हादसे तारीख स्थान कारण हताहत 23 फरवरी 2026 धादिंग (त्रिशूली नदी) नियंत्रण खोना 18 मौत, 25 घायल 5 फरवरी 2026 बैतड़ी जिला ओवरलोडिंग (बारात की बस) 13 मौत, 34 घायल 2024 (मानसून) त्रिशूली नदी लैंडस्लाइड (दो बसें बहीं) 63 लोग (7 भारतीयों समेत) 3. त्रिशूली नदी: आस्था और खतरों का संगम त्रिशूली नदी नेपाल की सबसे प्रसिद्ध लेकिन मानसून और दुर्घटनाओं के लिहाज से सबसे खतरनाक नदियों में से एक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता: कहा जाता है कि भगवान शिव ने गोसाइकुंडा में अपना त्रिशूल जमीन में गाड़ा था, जिससे तीन झरने निकले और त्रिशूली नदी का जन्म हुआ। इसी कारण इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है। भौगोलिक स्थिति: यह नदी तिब्बत (चीन) से शुरू होती है और नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जैसे जिलों से होते हुए नारायणी (गंडकी) नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 200 किलोमीटर है। पर्यटन और व्यापार: यह नदी राफ्टिंग और ट्रेकिंग के लिए सैलानियों की पहली पसंद है। इसके किनारे पृथ्वी हाईवे स्थित है, जो व्यापारिक दृष्टिकोण से काठमांडू और पोखरा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। खतरा: मानसून के दौरान पहाड़ी ढलानों से होने वाले लैंडस्लाइड और संकरे रास्तों के कारण इस हाईवे पर बसें अक्सर नदी में गिर जाती हैं, जिससे यह 'मौत का हाईवे' भी कहा जाने लगा है। 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की टीम दुर्घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे की असल वजह का पता लगाने के लिए बस की मैकेनिकल जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या ड्राइवर को नींद की झपकी आई थी या बस की रफ्तार बहुत तेज थी।
ट्रम्प का नया दावा: '200% टैरिफ' की धमकी देकर रुकवाया भारत-पाक युद्ध; शहबाज शरीफ को सभा में खड़ा कर बोले- इन्होंने मुझे 'रक्षक' माना वॉशिंगटन | 20 फरवरी 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। वॉशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) की पहली ऐतिहासिक बैठक में ट्रम्प ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक भीषण युद्ध को अपनी सख्त 'टैरिफ कूटनीति' के जरिए रोका। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्हें "दक्षिण एशिया का रक्षक" बताए जाने का जिक्र भी किया। यहाँ ट्रम्प के दावों, 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक और भारत के रुख का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. "200% टैरिफ की धमकी और फोन कॉल": ट्रम्प का दावा ट्रम्प ने कार्यक्रम में बताया कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष चरम पर था, तब उन्होंने हस्तक्षेप किया: सख्त चेतावनी: ट्रम्प के अनुसार, उन्होंने पीएम मोदी और शहबाज शरीफ दोनों को फोन किया और साफ कहा कि अगर संघर्ष नहीं रुका, तो अमेरिका दोनों देशों पर 200% आयात शुल्क (Tariff) लगा देगा और कोई भी ट्रेड डील नहीं करेगा। विमानों का गिरना: ट्रम्प ने दावा किया कि उस दौरान 11 फाइटर जेट्स गिराए जा चुके थे। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये विमान किस देश के थे या यह घटना किस विशेष तारीख की है। 2.5 करोड़ जानों का खतरा: राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी मध्यस्थता न होती तो इस युद्ध में ढाई करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। 2. शहबाज शरीफ को सभा में खड़ा किया: वीडियो वायरल बैठक के दौरान एक अजीबोगरीब वाकया तब हुआ जब ट्रम्प ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ का जिक्र किया: सार्वजनिक प्रशंसा: ट्रम्प ने कहा कि शहबाज शरीफ ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने स्वीकार किया कि ट्रम्प की वजह से युद्ध टला। खड़े होने का आदेश: ट्रम्प ने भाषण के बीच में शहबाज शरीफ से खड़े होने को कहा, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शरीफ ने ट्रम्प को 'दक्षिण एशिया का रक्षक' (Protector of South Asia) करार दिया। 3. क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace)? यह ट्रम्प का एक नया वैश्विक कूटनीतिक मंच है, जिसे संयुक्त राष्ट्र (UN) के विकल्प या पूरक के तौर पर देखा जा रहा है: उद्देश्य: इसकी शुरुआत सितंबर 2025 में गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए हुई थी, लेकिन अब यह दुनिया भर के संघर्षों को सुलझाने का दावा करता है। सदस्यता की शर्त: बोर्ड का चार्टर कहता है कि जो देश 3 साल से अधिक समय तक सदस्य रहना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रुपये) का योगदान देना होगा। गाजा राहत पैकेज: बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये ($17 बिलियन) के पैकेज का ऐलान हुआ। इसमें से अमेरिका खुद 10 अरब डॉलर देगा। 4. भारत का रुख: 'ऑब्जर्वर' के तौर पर मौजूदगी भारत ने इस बैठक में हिस्सा तो लिया, लेकिन बेहद संभलकर कदम बढ़ा रहा है: सीनियर अधिकारी की भागीदारी: भारत की ओर से चार्ज द’अफेयर्स नमग्या सी खम्पा ने 'ऑब्जर्वर' (पर्यवेक्षक) देश के तौर पर हिस्सा लिया। पूर्ण सदस्यता पर संशय: भारत ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह 1 अरब डॉलर देकर इसका फुल-टाइम सदस्य बनेगा या नहीं। भारत हमेशा से 'तीसरे पक्ष की मध्यस्थता' (Third-party mediation) का विरोध करता आया है। 5. चीन दौरा और शी जिनपिंग पर चुटकी ट्रम्प ने घोषणा की कि वे अप्रैल 2026 में चीन के दौरे पर जाएंगे। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने संबंधों को 'बेहतरीन' बताया, लेकिन चीनी सैनिकों के अनुशासन पर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिकों का कद और अनुशासन इतना सटीक था कि उनके सिर पर बिलियर्ड खेला जा सकता था। 📊 'बोर्ड ऑफ पीस' की पहली बैठक: मुख्य बिंदु विवरण जानकारी अध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति) कुल न्योता ~60 देशों को भेजा गया गाजा पैकेज 1.5 लाख करोड़ रुपये ($17 Billion) भारत की भूमिका ऑब्जर्वर (Observer State) अगला बड़ा मिशन रूस-यूक्रेन और भारत-पाक शांति मध्यस्थता