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रणवीर सिंह विवाद: IFFI मंच पर 'कांतारा' की चावुंडी देवी को 'फीमेल घोस्ट' कहकर उड़ाया मजाक, धार्मिक भावनाएं आहत

रवि चौहान नवम्बर 30, 2025 0
रणवीर सिंह पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप
रणवीर सिंह पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप

 

😡 धार्मिक भावनाएं आहत: IIFA मंच पर रणवीर सिंह ने 'कांतारा' की चावुंडी देवी का उड़ाया मज़ाक, 'फीमेल घोस्ट' कहकर मिमिक्री; फैंस का फूटा गुस्सा, ऋषभ शेट्टी भी असहज 

 

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह एक बार फिर बड़े विवादों के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में मंच पर दिए गए उनके एक बयान और अभिनय ने उन्हें धार्मिक भावनाओं को आहत करने के गंभीर आरोपों के घेरे में ला खड़ा किया है। रणवीर सिंह ने मंच पर सुपरहिट कन्नड़ फिल्म 'कांतारा' में दर्शाए गए पूजनीय दैवीय चरित्र चावुंडी (चामुंडा) देवी का उपहास किया और उन्हें 'फीमेल घोस्ट' कहकर संबोधित किया।

यह घटना तब हुई जब रणवीर सिंह मंच पर फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता ऋषभ शेट्टी के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने न केवल इस दैवीय अवतार को भूत (घोस्ट) कहकर उनका अपमान किया, बल्कि स्वयं उस चरित्र की मिमिक्री करते हुए मज़ाक भी उड़ाया। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद रणवीर सिंह की तीखी आलोचना हो रही है, और यूजर्स उन पर धार्मिक संवेदनशीलता की कमी और हिंदू देवी का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं।

यह विवाद इसलिए भी गंभीर है क्योंकि फिल्म 'कांतारा' जिस भूत कोला परंपरा पर आधारित है, उसे कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में दैवीय शक्ति का अवतार माना जाता है। इस दैवीय उपस्थिति का उपहास करना, करोड़ों भक्तों की आस्था पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

यह विस्तृत आलेख IIFA मंच पर हुई घटना का विस्तृत वर्णन, रणवीर सिंह द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान ('फीमेल घोस्ट') का विश्लेषण, मिमिक्री और उपहास की प्रकृति, ऋषभ शेट्टी की असहज प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया पर फैंस और यूजर्स की तीव्र आलोचना (धुरंधर और आदित्य धर का संदर्भ), दैवीय चरित्र और भूत के बीच अंतर न समझने के आरोप, तथा धार्मिक भावनाओं के आहत होने के नैतिक और सामाजिक निहितार्थों पर 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।


 

1. 🎤 IFFI मंच पर हुई अपमानजनक घटना

 

IFFI के मंच पर रणवीर सिंह ने 'कांतारा' के निर्देशक ऋषभ शेट्टी की उपस्थिति में फिल्म के एक अत्यंत संवेदनशील और पूजनीय पहलू का मज़ाक उड़ाया।

 

1.1. 'फीमेल घोस्ट' कहकर उपहास

 

  • संवाद का आरंभ: रणवीर सिंह ने मंच पर ऋषभ शेट्टी से कहा, "ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी..."

  • अपमानजनक शब्द: इसके तुरंत बाद, रणवीर सिंह ने सबसे विवादास्पद टिप्पणी की: "...खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।"

  • धार्मिक संदर्भ: 'कांतारा' फिल्म में अभिनेता ऋषभ शेट्टी जिस चरित्र का निर्वहन करते हैं, वह चावुंडी (चामुंडा) देवी या पनजुरली देव जैसे स्थानीय दैवीय अवतारों का स्वरूप होता है, जिन्हें पूजनीय और शक्तिशाली माना जाता है। उन्हें 'फीमेल घोस्ट' या 'भूत' कहना लाखों भक्तों की आस्था का सीधा अपमान है।

 

1.2. मिमिक्री और उपहास

 

  • अभिनय द्वारा मज़ाक: अपनी टिप्पणी के बाद, रणवीर सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, "क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है।" और फिर खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मज़ाक उड़ाया।

  • मंच से उतरने के बाद भी: एक अन्य वीडियो में यह भी सामने आया है कि मंच से उतरने के बाद भी रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते हुए मज़ाक उड़ाना जारी रखा।

  • ऋषभ शेट्टी की प्रतिक्रिया: वीडियो में यह साफ दिखाई दे रहा है कि फिल्म की संवेदनशीलता को देखते हुए ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर रणवीर सिंह को रोकते नजर आए हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया बताती है कि रणवीर का व्यवहार न केवल अपमानजनक था, बल्कि मेजबान कलाकार को भी असहज कर रहा था।

 

1.3. 'कांतारा 3' का मजाक

 

  • रणवीर सिंह ने इस संवेदनशील माहौल में भी अपने लिए जगह बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।" यह टिप्पणी उनके पूरे व्यवहार को असंवेदनशील और आत्म-केंद्रित बनाती है।


 

2. 😡 सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और धार्मिक आक्रोश

 

फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

 

2.1. 'भगवान' और 'भूत' का अंतर

 

  • प्रमुख आरोप: सबसे तीखी आलोचना इस बात पर है कि रणवीर सिंह को 'भगवान और भूत के बीच अंतर नहीं पता है'। एक यूजर ने लिखा, "प्रिय रणवीर सिंह, आपको भगवान और भूत के बीच अंतर नहीं पता है। चावुंडी एक देवी हैं भूत नहीं। और आप उनका स्टेज पर मजाक उड़ा रहे हैं।"

  • धार्मिक भावनाएं: चावुंडी माता (चामुंडा देवी का स्थानीय रूप) को पूजनीय शक्ति माना जाता है। उनका उपहास और उन्हें 'भूत' कहना सीधे तौर पर हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना गया है।

 

2.2. धुरंधर और डायरेक्टर पर निशाना

 

  • भविष्य की मुश्किलें: एक यूजर ने रणवीर सिंह पर कटाक्ष करते हुए लिखा, "वो धुरंधर के लिए मुश्किल खड़ी करने के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं।" रणवीर सिंह जल्द ही आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' में नजर आने वाले हैं। फैंस का मानना है कि इस तरह के व्यवहार से उनकी आने वाली फिल्मों को बॉयकॉट का सामना करना पड़ सकता है।

  • आदित्य धर की आलोचना: एक अन्य यूजर ने रणवीर की आलोचना करते हुए लिखा, "आदित्य धर (धुरंधर डायरेक्टर) ने अपनी जिंदगी में बहुत सी अच्छी चीजें की हैं, लेकिन रणवीर सिंह को मंच पर आने देना, उनमें से एक नहीं है। उसने चामुंडा देवी का मजाक उड़ाया..."। यह टिप्पणी रणवीर के व्यवहार के कारण उनके सहयोगियों पर भी संभावित नकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।

  • ऋषभ शेट्टी पर शर्म: उसी यूजर ने ऋषभ शेट्टी पर भी निशाना साधा: "...और ऋषभ शेट्टी को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने इसे मंच पर पीटा नहीं।" यह प्रतिक्रिया दर्शाती है कि भक्तों का गुस्सा कितना तीव्र है और वे ऋषभ शेट्टी से भी तुरंत प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे थे।

 

2.3. 'पैसों का नशा' और असंवेदनशीलता

 

  • सोशल मीडिया पर रणवीर सिंह को अहंकारी और असंवेदनशील बताया जा रहा है। यूजर्स का मानना है कि फिल्म 'कांतारा' ने जिस श्रद्धा और संस्कृति को पूरे देश में पहुंचाया, रणवीर सिंह ने उसे हंसी का पात्र बनाकर पूरे प्रयास का अपमान कर दिया।


 

3. 🕉️ कांतारा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

 

रणवीर सिंह ने जिस दैवीय चरित्र का मज़ाक उड़ाया, उसका कर्नाटक की संस्कृति और धर्म में गहरा महत्व है।

 

3.1. भूत कोला और दैवीय अवतार

 

  • भूत कोला: 'कांतारा' फिल्म जिस मुख्य कला रूप को दर्शाती है, वह भूत कोला या दैव आराधना है, जो तटीय कर्नाटक (तुलुनाडु) का एक प्राचीन अनुष्ठान है।

  • दैवीय उपस्थिति: इस अनुष्ठान में प्रदर्शन करने वाला कलाकार स्वयं को किसी दैवीय शक्ति (भूत/दैव) का वाहक मानता है। फिल्म में पनजुरली (वराह रूप) और गुलिगा जैसे चरित्रों को दिखाया गया है। चावुंडी (चामुंडा) देवी भी इसी परंपरा का एक पूजनीय हिस्सा हैं।

  • 'भूत' का अर्थ: इस संदर्भ में 'भूत' शब्द का अर्थ आमतौर पर 'आत्मा' या 'देवता' (दैव) से होता है, न कि 'ईविल घोस्ट' (दुष्ट आत्मा) से। रणवीर सिंह द्वारा 'फीमेल घोस्ट' शब्द का उपयोग करना, इस सांस्कृतिक nuances की घोर अज्ञानता या जानबूझकर उपहास को दर्शाता है।

 

3.2. धार्मिक भावनाएं आहत होने के निहितार्थ

 

  • रणवीर सिंह जैसे मुख्यधारा के बॉलीवुड अभिनेता द्वारा एक प्रतिष्ठित मंच पर ऐसे पूजनीय चरित्र का मजाक उड़ाना, यह संदेश देता है कि पारंपरिक भारतीय संस्कृतियों और अनुष्ठानों का उपहास किया जा सकता है। यह व्यवहार करोड़ों भक्तों के लिए सीधे अपमान का विषय बन जाता है।


 

4. ⚖️ नैतिक और कानूनी निहितार्थ

 

इस घटना के बाद रणवीर सिंह पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग उठना स्वाभाविक है।

 

4.1. भारतीय दंड संहिता (IPC) और आस्था

 

  • भारतीय कानून, विशेष रूप से आईपीसी की धारा 295ए, जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण इरादे से किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए अपमानजनक कृत्य करने पर दंड का प्रावधान करती है। रणवीर सिंह का कार्य इसी दायरे में आ सकता है।

  • सोशल मीडिया साक्ष्य: वीडियो सबूत के रूप में उपलब्ध होने के कारण, किसी भी व्यक्ति या संगठन द्वारा शिकायत दर्ज करने पर रणवीर सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना बन सकती है।

 

4.2. सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी

 

  • रणवीर सिंह जैसे हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटी के लिए, सार्वजनिक मंच पर बोलते समय सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता बनाए रखना अनिवार्य है।

  • कॉपीराइट और सम्मान: भले ही 'कांतारा' एक फिल्म हो, लेकिन यह एक जीवित संस्कृति और विश्वास प्रणाली पर आधारित है। उस विश्वास प्रणाली का उपहास करना, मनोरंजन की सीमाओं से परे जाकर अस्वीकार्य हो जाता है।


 

5. 🔮 निष्कर्ष: बॉलीवुड और सांस्कृतिक अज्ञानता

 

IFFI मंच पर रणवीर सिंह की असंवेदनशील टिप्पणी ने न केवल उन्हें विवादों में डाला है, बल्कि यह बॉलीवुड और क्षेत्रीय भारतीय संस्कृतियों के बीच की गहरी खाई को भी उजागर करती है।

  • अज्ञानता या अहंकार: रणवीर सिंह का व्यवहार सांस्कृतिक अज्ञानता या फिर अति-आत्मविश्वास (अहंकार) का परिणाम हो सकता है। किसी भी स्थिति में, एक राष्ट्रीय मंच पर एक पूजनीय देवी का मज़ाक उड़ाना, उन्हें 'भूत' कहकर संबोधित करना, एक गंभीर गलती है जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ सकती है।

  • टेंशन: यह घटना बॉलीवुड बनाम क्षेत्रीय सिनेमा (खासकर साउथ सिनेमा) के बीच चल रहे सांस्कृतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, जहाँ क्षेत्रीय सिनेमा अपनी जड़ों को गर्व से दिखा रहा है, वहीं बॉलीवुड के सितारे उनका उपहास कर रहे हैं।

  • परिणाम: यदि यह मामला कानूनी रूप लेता है, या बड़े पैमाने पर बॉयकॉट की मांग उठती है, तो इसका सीधा असर उनकी आने वाली फिल्म 'धुरंधर' और उनके ब्रांड एंडोर्समेंट पर पड़ सकता है।

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फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर हटाया गया
नीरज पांडे की फिल्म 'घूसखोर पंडत' पर रोक की मांग; मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी; नेटफ्लिक्स ने हटाया टीजर।

'घूसखोर पंडत' पर बवाल: नेटफ्लिक्स ने हटाया टीजर, प्रोड्यूसर नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी ने दी सफाई; कई राज्यों में FIR दर्ज मुंबई | 6 फरवरी 2026 दिग्गज फिल्ममेकर नीरज पांडे और अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है, जिसके बाद मेकर्स को बैकफुट पर आना पड़ा है। शुक्रवार को नेटफ्लिक्स और मेकर्स ने फिल्म का सारा प्रमोशनल कंटेंट सोशल मीडिया से हटा लिया। यहाँ इस विवाद और अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी दी गई है: 1. मेकर्स की सफाई: "फिल्म पूरी तरह काल्पनिक है" विरोध बढ़ता देख फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पर आधिकारिक बयान जारी किया: किरदार का नाम: नीरज पांडे ने स्पष्ट किया कि ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक पुलिस अधिकारी के उपनाम (निकनेम) के तौर पर किया गया है। इसका किसी जाति या धर्म को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं है। सम्मान का वादा: उन्होंने कहा कि वे भावनाओं का सम्मान करते हुए फिलहाल फिल्म का टीजर और प्रमोशनल मटीरियल हटा रहे हैं। उनका मानना है कि फिल्म को पूरी कहानी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मनोज बाजपेयी का रुख: फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने भी कहा कि यह फिल्म एक खामियों से भरे व्यक्ति की यात्रा है, न कि किसी समुदाय पर टिप्पणी। 2. विवाद की जड़: क्यों हो रहा है विरोध? फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं, जिसे फिल्म में ‘पंडत’ कहा गया है। आपत्ति: प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि 'पंडत' शब्द विद्वानों और ब्राह्मण समाज की पहचान है। इसके साथ 'घूसखोर' शब्द जोड़ना पूरे समुदाय की छवि धूमिल करने की कोशिश है। विरोध प्रदर्शन: भोपाल, लखनऊ और मुंबई समेत कई शहरों में ब्राह्मण समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ⚖️ कानूनी कार्रवाई और कानूनी शिकंजा मामला अब थानों और अदालतों तक पहुँच चुका है: प्राधिकरण / स्थान की गई कार्रवाई लखनऊ (हजरतगंज थाना) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर FIR दर्ज। मुंबई (समता नगर थाना) शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे की शिकायत पर केस दर्ज। दिल्ली हाई कोर्ट फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर। NHRC (मानवाधिकार आयोग) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। फिल्म मेकर्स कंबाइन नीरज पांडे को बिना अनुमति टाइटल इस्तेमाल करने पर नोटिस दिया। 3. नीरज पांडे का ट्रैक रिकॉर्ड नीरज पांडे इंडस्ट्री के उन निर्देशकों में गिने जाते हैं जो यथार्थवादी और गंभीर विषयों पर फिल्में बनाते हैं। उन्होंने इससे पहले 'ए वेडनेसडे!', 'स्पेशल 26', 'बेबी' और 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी सफल फिल्में दी हैं। यही वजह है कि इस फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन टाइटल विवाद ने इसकी रिलीज पर सवालिया निशान लगा दिया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
₹230 करोड़ से ज्यादा हुई बॉर्डर 2 की कमाई

Border 2 Box Office Collection Day 8: सनी देओल की 'बॉर्डर 2' ने 8 दिनों में कमाए 300 करोड़; मनाली में मना सफलता का जश्न।

फिल्म 'हैप्पी पटेल' की स्क्रीनिंग; गर्लफ्रेंड गौरी संग पहुंचे आमिर

आमिर खान-गौरी स्प्रैट और इमरान खान-लेखा वॉशिंगटन ने बटोरी सुर्खियां; सुनील ग्रोवर का 'आमिर अवतार' वायरल।

5 करोड़ की एलिमनी पर माही विज ने तोड़ी चुप्पी

Jay Bhanushali and Mahhi Vij Divorce: 5 करोड़ की एलिमनी और बच्चों की कस्टडी पर माही विज का बड़ा बयान; "हमारा तलाक हो गया है।"

बॉर्डर 2 के गीत घर कब आओगे का लॉन्च कार्यक्रम
Border 2 Song Launch: लोंगेवाला में सनी देओल और वरुण धवन ने लॉन्च किया 'घर कब आओगे'; 23 जनवरी को रिलीज होगी फिल्म।

लोंगेवाला की धरती से 'बॉर्डर 2' का शंखनाद: सनी देओल और वरुण धवन ने जवानों के बीच लॉन्च किया 'घर कब आओगे' 1. लोंगेवाला-तनोट: लॉन्च के लिए ऐतिहासिक स्थान का चयन फिल्म की टीम ने गाने को लॉन्च करने के लिए किसी लग्जरी होटल के बजाय राजस्थान के जैसलमेर में तनोट माता मंदिर और लोंगेवाला पोस्ट को चुना। यह वही स्थान है जहाँ मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी और उनके जवानों ने पाकिस्तान के टैंकों को धूल चटाई थी। BSF की मौजूदगी: कार्यक्रम BSF जवानों और उनके परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। एम्फीथिएटर में लाइव परफॉर्मेंस: तनोट माता मंदिर के पास बने एम्फीथिएटर में सोनू निगम ने जब लाइव गाना शुरू किया, तो पूरा रेगिस्तान देशभक्ति के तरानों से गूँज उठा। 2. मंच पर दिखी पीढ़ियों की विरासत: सनी और अहान इवेंट का सबसे भावुक पल तब आया जब अहान शेट्टी ने मंच पर चढ़ते ही सनी देओल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। विरासत का मेल: अहान के पिता सुनील शेट्टी ने 1997 की 'बॉर्डर' में 'भैरों सिंह' का अमर किरदार निभाया था। अब अहान उसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। सनी देओल की यादें: सनी देओल ने अपने पिता धर्मेंद्र की फिल्म 'हकीकत' को याद करते हुए बताया कि कैसे देशभक्ति फिल्मों के प्रति उनका जुनून जे.पी. दत्ता के साथ 'बॉर्डर' बनाने की वजह बना। 3. वरुण धवन का कड़ा संदेश: "इस बार हम बॉर्डर ही बदल देंगे" फिल्म में मेजर होशियार सिंह दहिया की भूमिका निभा रहे वरुण धवन ने अपने डायलॉग से जवानों में जोश भर दिया। बॉर्डर बदलने का संकल्प: वरुण ने कहा, "इस बार हम बॉर्डर में घुसेंगे ही नहीं, हम बॉर्डर ही बदल देंगे।" * युवाओं को संदेश: उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन अगर कोई आँख उठाकर देखेगा, तो आज का नया भारत जवाब देना जानता है। 4. 'घर कब आओगे' का नया वर्जन: स्वर और संगीत का संगम 1997 का कालजयी गीत 'संदेशे आते हैं/घर कब आओगे' अब एक नए और भव्य स्वरूप में लौटा है। मल्टी-स्टारर सिंगर्स: सोनू निगम और रूप कुमार राठौड़ की मूल आवाजों के साथ अब इसमें अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा का जादू भी शामिल है। संगीत और बोल: मिथुन ने संगीत को आधुनिक टच दिया है, जबकि जावेद अख्तर के मूल शब्दों में मनोज मुंतशिर ने नई पंक्तियाँ जोड़ी हैं। अवधि: नया वर्जन 10 मिनट 34 सेकेंड लंबा है, जो आज के दौर के हिसाब से काफी साहसपूर्ण प्रयोग है। 📊 'बॉर्डर 2' फिल्म: एक नज़र में विशेषता विवरण रिलीज डेट 23 जनवरी 2026 निर्देशक अनुराग सिंह मुख्य कलाकार सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह गीत की लंबाई 10 मिनट 34 सेकेंड लोकेशन तनोट-लोंगेवाला (जैसलमेर)

रवि चौहान जनवरी 3, 2026 0
फिर मुश्किलों में फंसी फरहान अख्तर के निर्देशन की डॉन-3

Don 3 Casting Controversy: क्यों रणवीर सिंह और ऋतिक रोशन ने छोड़ी फरहान अख्तर की डॉन 3? पूरी जानकारी।

मुझे तलाक लेने का कोई पछतावा नहीं-मलाइका अरोड़ा

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पिता की शर्ट पहन इक्कीस की स्क्रीनिंग में पहुंचे बॉबी

Ekkis Special Screening: धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म के लिए इमोशनल हुआ देओल परिवार; पिता की शर्ट पहनकर पहुंचे बॉबी देओल।

सलमान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान पर चीन में नाराजगी
Battle of Galwan Movie: सलमान खान की फिल्म पर चीन ने जताई आपत्ति; ग्लोबल टाइम्स बोला- फिल्म से नहीं बदलता इतिहास।

⚔️ गलवान पर 'महायुद्ध': सलमान खान की फिल्म से बौखलाया चीन; ग्लोबल टाइम्स बोला- "फिल्म इतिहास नहीं बदल सकती" 1. 🇨🇳 चीन की नाराजगी: "ग्लोबल टाइम्स" का हमला चीन के सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक विशेष लेख छापकर फिल्म की आलोचना की है। तथ्यों पर सवाल: अखबार का कहना है कि फिल्म कितनी भी नाटकीय क्यों न हो, वह सीमा की वास्तविकता को नहीं बदल सकती। चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिल्म केवल भारतीय दृष्टिकोण पेश करती है और चीनी विरोधी भावनाओं को भड़काती है। समय पर आपत्ति: मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के अनुसार, जब दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की कोशिश हो रही है, तब ऐसी फिल्म रिलीज करना गलत है। पर्सनल अटैक: चीनी सोशल मीडिया पर सलमान खान के हेयरस्टाइल, वर्दी और ट्रेलर के कुछ सीन्स की तुलना 'गेम ऑफ थ्रोन्स' से करते हुए मजाक उड़ाया जा रहा है। 2. 🛡️ दावों का टकराव: किसने तोड़ा LAC का नियम? ग्लोबल टाइम्स ने एक बार फिर जून 2020 की घटना का दोष भारतीय सेना पर मढ़ा है: चीन का तर्क: चीन का दावा है कि भारतीय सैनिकों ने अवैध रूप से LAC पार की और चीनी पेट्रोलिंग में बाधा डाली। उनके अनुसार, चीनी सैनिकों ने केवल 'जवाबी कार्रवाई' की थी। भारत का रुख: भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि चीनी सैनिकों ने यथास्थिति (Status Quo) बदलने की कोशिश की और भारतीय कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व वाली टीम पर विश्वासघात करते हुए हमला किया। 3. 📉 मारे गए सैनिकों की संख्या पर 'महाझूठ' गलवान झड़प में हुए नुकसान को लेकर चीन हमेशा से दुनिया की नजरों में संदिग्ध रहा है: चीन का आधिकारिक दावा: चीन ने केवल 4 सैनिकों की मौत की बात स्वीकार की है। दुनिया का सच: ऑस्ट्रेलिया की 'द क्लैक्सन' और अमेरिकी 'न्यूज वीक' की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन को भारी नुकसान हुआ था। अनुमान है कि नदी में डूबने और चोटों के कारण 38 से 60 चीनी सैनिक मारे गए थे। चीन ने अपनी जनता के गुस्से से बचने के लिए इन आंकड़ों को कभी सार्वजनिक नहीं किया। 4. 📜 'बैटल ऑफ गलवान' से जुड़े 7 ऐतिहासिक तथ्य तारीख: 15–16 जून 2020 की रात, पूर्वी लद्दाख। 53 साल बाद खूनी संघर्ष: 1967 के बाद पहली बार सीमा पर सैनिकों की जान गई। भारतीय बलिदान: कर्नल बी. संतोष बाबू सहित भारत के 20 जवान शहीद हुए। हथियारों का इस्तेमाल: कोई गोली नहीं चली; केवल लाठी, कंटीले तार और पत्थरों से युद्ध हुआ। नदी का कहर: कई चीनी सैनिक गलवान नदी के बर्फीले पानी में बह गए थे। संबंधों में दरार: इस घटना के बाद भारत ने टिक-टॉक सहित सैकड़ों चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया। सैन्य तैनाती: आज भी दोनों देशों ने LAC पर 50,000 से अधिक सैनिक तैनात कर रखे हैं।

रवि चौहान दिसम्बर 30, 2025 0
सलमान का बर्थडे मनाने धोनी समेत कई सेलिब्रिटी पहुंचे

Salman Khan 60th Birthday: पनवेल में धोनी-संजू बाबा के साथ ग्रैंड पार्टी; बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर 'भाईजान' का जलवा

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रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0