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इमरान खान ज़िंदा हैं? बेटे कासिम ने माँगा सबूत, CM पर हमला; जेल में 'डेथ सेल' और मौत की अफवाहों से पाकिस्तान में तनाव

रवि चौहान नवम्बर 28, 2025 0
इमरान खान ज़िंदा हैं? बेटे कासिम ने माँगा सबूत,
इमरान खान ज़िंदा हैं? बेटे कासिम ने माँगा सबूत,

🇵🇰 'क्या इमरान खान ज़िंदा हैं?' जेल में पिता की सुरक्षा पर बेटे कासिम ने माँगा सबूत; CM पर हमला, मौत की अफवाहों से पाकिस्तान में तनाव 

 

पाकिस्तान के राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व तनाव और अनिश्चितता का माहौल छा गया है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार को इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सीधे तौर पर यह मांग करके सनसनी फैला दी कि किसी को भी नहीं पता है कि उनके पिता जिंदा हैं या नहीं, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से उनके जिंदा होने का सबूत माँगा।

कासिम खान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' में अकेले रखा गया है और परिवार, वकीलों या पार्टी के नेताओं—किसी को भी उनसे मिलने या संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह सब इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा बार-बार मुलाकात की मंजूरी दिए जाने के बावजूद हो रहा है।

इस बीच, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों का आक्रोश अपने चरम पर है। रावलपिंडी जेल पहुंचे खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी को पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। PTI ने इस घटना को सेना के आदेश पर किया गया अलोकतांत्रिक हमला बताया है। यह घटनाक्रम पाकिस्तान में मानवाधिकारों, राजनीतिक स्वतंत्रता और सेना-समर्थक सरकार के रवैये पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

यह विस्तृत आलेख इमरान खान की जेल की स्थिति, बेटे कासिम का भावनात्मक और राजनीतिक आरोप, मुख्यमंत्री अफरीदी पर हमले का विवरण, सोशल मीडिया पर मौत की अफवाहों का कारण, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के भ्रामक दावे, और इमरान खान पर चल रहे अल-कादिर ट्रस्ट सहित अन्य भ्रष्टाचार मामलों का 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।


 

1. 💔 बेटे कासिम खान का दर्द: 'पिता ज़िंदा हैं या नहीं, कोई नहीं जानता'

 

इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और राजनीतिक पोस्ट साझा कर दुनिया का ध्यान अपने पिता की असुरक्षित स्थिति की ओर खींचा।

 

1.1. 845 दिन की अवैध हिरासत

 

  • गिरफ्तारी की अवधि: कासिम खान ने X पर लिखा कि उनके पिता को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।

  • अकेलापन: उन्होंने खुलासा किया कि पिछले 6 हफ्तों से इमरान खान को एक 'डेथ सेल' (Death Cell) में अकेले रखा गया है।

  • संपर्क विच्छेद: इस दौरान न तो किसी को उनसे मिलने दिया गया है, न ही कोई फोन कॉल या मैसेज उन तक पहुँचाया गया है।

  • परिवार का दर्द: कासिम ने कहा कि उनकी बुआओं (इमरान की बहनें) को भी अपने भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

  • जानबूझकर कार्रवाई: उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब किसी सुरक्षा नियम की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की जा रही कार्रवाई है।

  • असली हालत छिपाना: कासिम का सबसे बड़ा और खतरनाक आरोप यह था कि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है और इसीलिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पिता के जिंदा होने का सबूत माँगा

 

1.2. बहन नोरेन नियाजी का डर

 

इमरान खान की बहन नोरेन नियाजी ने भी मीडिया को बताया कि परिवार को बिल्कुल भी जानकारी नहीं है कि इमरान खान कैसे हैं, क्योंकि जेल प्रशासन पूरी तरह चुप है

  • मुलाकात रद्द: पार्टी के नेताओं की जेल में मुलाकात पहले से तय थी, लेकिन उन्हें भी अंदर जाने नहीं दिया गया।

  • अंतर्राष्ट्रीय अफवाह: नोरेन ने बताया कि भारत में यह खबर फैल गई कि इमरान खान को मार दिया गया है, जिससे परिवार और ज्यादा डर गया।

  • पुलिस का बर्ताव: उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ जैसा चाहें वैसा बर्ताव करें। उन्होंने पाकिस्तान में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ हो रहे इस दुर्व्यवहार की निंदा की।


 

2. 👊 खैबर-पख्तूनख्वा CM पर हमला: लोकतंत्र पर हमला

 

इमरान खान के समर्थन में और उनसे मुलाकात के लिए खैबर-पख्तूनख्वा (KP) राज्य के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी गुरुवार को रावलपिंडी की अडियाला जेल पहुंचे, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए।

 

2.1. हमले का घटनाक्रम

 

  • सुरक्षा और भीड़: CM अफरीदी जब जेल पहुंचे, वहाँ भारी सुरक्षा तैनात थी और PTI समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी।

  • पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने उन्हें और उनके साथ आए नेताओं को आगे बढ़ने से रोका। धक्का-मुक्की के दौरान पुलिसकर्मियों ने CM को लात-घूंसे मारे और जमीन पर गिरा दिया

  • सेना का आदेश: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CM अफरीदी पर हमले की कार्रवाई सेना के आदेश पर की गई।

  • PTI की प्रतिक्रिया: PTI ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।

 

2.2. अफरीदी की चेतावनी

 

हमले के बाद भी CM सोहेल अफरीदी ने सरकार को गंभीर चेतावनी दी:

  • सवालों का जवाब: अफरीदी ने कहा कि सरकार को इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर उठे सभी सवालों के सही जवाब देने होंगे।

  • सड़क पर उतरना: उन्होंने धमकी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

  • सेना प्रमुख पर तंज: अफरीदी ने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर तंज कसते हुए कहा कि देश के बिगड़ते हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं

  • नतीजे की जिम्मेदारी: उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कुछ हुआ तो इसके नतीजे की जिम्मेदारी पूरी तरह मौजूदा सरकार पर होगी


 

3. 👻 इमरान की मौत की अफवाहें: कारण और प्रतिक्रिया

 

इमरान खान की खराब सेहत और उनसे मुलाकात पर रोक लगने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें तेज हो गईं।

 

3.1. अफवाहों की शुरुआत

 

  • मुलाकात पर रोक: अडियाला जेल में हर मंगलवार को कैदियों से मुलाकात की इजाजत मिलती है। इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं को कई हफ्तों से उनसे मुलाकात करने नहीं दी गई।

  • जनता की चिंता: बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में PTI कार्यकर्ता जेल पहुंचे, लेकिन जेल प्रशासन ने किसी को भी मिलने नहीं दिया, जिससे चिंता बढ़ गई

  • सोशल मीडिया ट्रेंड: इसके बाद मंगलवार रात सोशल मीडिया पर ‘इमरान खान कहां हैं’ ट्रेंड करने लगा। इसके परिणामस्वरूप बुधवार को अडियाला जेल के बाहर भारी संख्या में PTI समर्थक जुटे।

  • विदेशी अकाउंट्स का आरोप: PTI ने आरोप लगाया है कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से इमरान की मौत तक की खबरें फैलाई जा रही हैं।

 

3.2. प्रशासन और PTI की प्रतिक्रिया

 

  • जेल प्रशासन का दावा: तनाव बढ़ने के बाद जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि इमरान खान की तबीयत बिल्कुल ठीक है

  • PTI की चेतावनी: PTI ने सरकार से अफवाहों पर स्पष्टीकरण मांगा है। पार्टी ने सख्त चेतावनी दी है कि इमरान खान की सुरक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी सीधे सरकार पर है, और अगर कोई अनहोनी हुई तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

  • मानवाधिकार उल्लंघन: PTI ने अफवाहों को राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।


 

4. 🛏️ जेल सुविधाओं पर विवाद: 'मखमली बिस्तर' का दावा

 

जहां एक तरफ PTI इमरान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, वहीं रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उनकी जेल सुविधाओं पर विवादित दावा किया।

 

4.1. आसिफ के आरोप

 

  • शाही सुविधाएँ: रक्षा मंत्री आसिफ ने बुधवार को दावा किया कि इमरान खान के पास जेल में टीवी है, बाहर से खाना आता है, और जिम इक्विपमेंट भी मौजूद है

  • मखमली बिस्तर: आसिफ ने कहा कि इमरान के पास डबल बेड और मखमली बिस्तर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उनकी देखभाल करते हैं।

  • आत्म-तुलना: आसिफ ने अपनी पिछली जेल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह बंद थे, तो उनके पास सिर्फ दो कंबल होते थे, वे ठंडे फर्श पर सोते थे, जेल का खाना खाते थे, और उन्हें गर्म पानी भी नहीं मिलता था।

  • झूठ बोलने का आरोप: आसिफ ने इमरान के समर्थकों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और उन्हें खुदा से डरने को कहा।

 

4.2. अदालती आदेशों की अवहेलना

 

आसिफ के दावों के विपरीत, जेल प्रशासन इमरान खान को साधारण कानूनी अधिकार भी नहीं दे रहा है:

  • हाईकोर्ट की मंजूरी: मार्च 2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात की मंजूरी दी थी।

  • पुनः निर्देश: अक्टूबर 2025 में अदालत ने दोबारा मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दिया था।

  • अवहेलना: इन दोनों आदेशों के बावजूद, जेल प्रशासन इसका पालन नहीं कर रहा है और उनकी बहनों को अब तक एक भी बार मुलाकात नहीं कराई गई है।


 

5. ⚖️ अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम: इमरान खान पर लगे आरोप

 

इमरान खान 100 से ज्यादा केसों का सामना कर रहे हैं और अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ सबसे गंभीर मामलों में से एक अल-कादिर ट्रस्ट स्कैम है।

 

5.1. भ्रष्टाचार के मामले

 

  • सजा: भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं।

  • अल-कादिर ट्रस्ट: इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन को सस्ते में बेच दिया था।

 

5.2. ₹50 अरब का स्कैम

 

  • मुख्य किरदार: इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी, अरबपति लैंड माफिया मलिक रियाज और बुशरा की दोस्त फराह गोगी

  • आरोप: सरकार का आरोप है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद खान ने मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। ब्रिटेन में रियाज की अरबों रुपए की प्रॉपर्टी जब्त हुई, और 40 अरब पाकिस्तानी रुपए बरामद हुए।

  • डील: आरोप है कि डील के तहत ब्रिटेन सरकार ने रियाज के गुर्गे से बरामद पैसा पाकिस्तान सरकार को लौटा दिया। इमरान ने कैबिनेट को इसकी जानकारी नहीं दी।

  • ट्रस्ट का गठन: अल-कादिर नाम से एक ट्रस्ट बनाकर मजहबी तालीम देने के लिए एक यूनिवर्सिटी शुरू की गई। इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में इमरान खान, बुशरा बीबी और फराह गोगी थे।

  • रियाज का फायदा: FIR के मुताबिक, इसके लिए अरबों रुपए की जमीन मलिक रियाज ने दी और बुशरा बीबी को डायमंड रिंग भी गिफ्ट की। बदले में रियाज के तमाम केस खत्म कर दिए गए।

  • घूस का आरोप: पाकिस्तान के होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा स्कैम बताया, जिसमें सरकारी खजाने को कम से कम 50 अरब रुपए की चपत लगी।

  • अंतिम आरोप: जियो न्यूज के मुताबिक, इमरान खान और उनकी पत्नी पर 1 हजार 955 करोड़ रुपए की घूस लेने का आरोप दर्ज किया गया है।


 

6. 🌐 निष्कर्ष: पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता

 

इमरान खान के बेटे कासिम खान का यह सार्वजनिक सवाल कि 'क्या उनके पिता ज़िंदा हैं', पाकिस्तान की राजनीतिक और मानवाधिकार स्थिति की भयावहता को दर्शाता है। एक तरफ़ कानूनी फैसलों की अवहेलना है, दूसरी तरफ़ सत्तारूढ़ दल के नेताओं द्वारा हमले और झूठे दावों का दौर। यह सब देश में एक बड़े राजनीतिक संकट और जन-असंतोष की ओर इशारा करता है, जिसका खामियाजा अंततः देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

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60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद में बंद
ईद 2026: युद्ध के बीच मिसाइलों के साये में नमाज; यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद 60 साल बाद बंद, रूस में 2 लाख लोग जुटे।

ईद 2026: युद्ध की आग और मिसाइलों के साये में दुनिया; 60 साल बाद अल-अक्सा मस्जिद बंद, रूस में उमड़ा जनसैलाब विशेष वैश्विक रिपोर्ट | 21 मार्च 2026 आज पूरी दुनिया में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार की ईद खुशियों से ज्यादा खौफ और सन्नाटे की गवाह बनी है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के 22वें दिन, मजहबी जज्बात और सैन्य तनाव का टकराव साफ देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर यरुशलम में इतिहास दोहराया गया है, वहीं दूसरी ओर रूस और ब्रिटेन जैसे देशों में लाखों की संख्या में नमाज अदा की गई। यहाँ ईद 2026 की विस्तृत वैश्विक कवरेज दी गई है: 1. यरुशलम: 60 साल में पहली बार अल-अक्सा बंद इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के कारण यरुशलम में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व है। ऐतिहासिक पाबंदी: 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार है, जब अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। सुरक्षा घेरा: यरुशलम के पुराने शहर (Old City) में केवल स्थानीय निवासियों को प्रवेश की अनुमति है। मस्जिद के बाहर इजराइली पुलिस और नमाजियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं, जहाँ भीड़ 'अल्लाहु अकबर' के नारों के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रही थी। नियम: भीड़ पर सख्त पाबंदी है—मस्जिद के अंदर केवल 100 और बाहर 50 लोगों के इकट्ठा होने की इजाजत दी गई है। 2. ईरान: गम और श्रद्धांजलि की ईद ईरान में शुक्रवार को ईद मनाई गई, लेकिन यहाँ उत्सव के बजाय मातम का माहौल अधिक दिखा। वीरान बाजार: तेहरान के बाजारों में रौनक गायब रही। लोग जश्न मनाने के बजाय उन 170 बच्चों की कब्रों पर श्रद्धांजलि देने पहुँचे, जो पिछले दिनों अमेरिकी-इजराइली स्कूल हमले में मारे गए थे। प्रतीकात्मक नमाज: तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में नमाज के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं ईरान के राष्ट्रीय झंडे में लिपटी नजर आईं, जो युद्ध के समय राष्ट्रवाद और एकजुटता का संदेश दे रही थीं। 3. खाड़ी देश: खुले मैदानों में नमाज पर रोक कतर, यूएई (UAE) और कुवैत जैसे देशों में आज शनिवार को ईद मनाई जा रही है। सुरक्षा अलर्ट: युद्ध की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने 'ईदगाह' या खुले मैदानों में सामूहिक नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। सभी नमाजें केवल मस्जिदों के भीतर कड़ी सुरक्षा में अदा की गईं। यूएई में 4 दिन की छुट्टी: हालांकि अबू धाबी और दुबई के मॉल्स में लाइटिंग की गई है, लेकिन सुरक्षा जांच (Security Checkpoints) के कारण लोगों की आवाजाही कम रही। 4. गाजा और लेबनान: मलबे के ढेर पर इबादत गाजा की तबाही: हमास और इस्लामिक जिहाद के सदस्य तबाही के बीच लोगों को मुबारकबाद देते नजर आए। भुखमरी और आर्थिक संकट के कारण फलों और खिलौनों के दाम आसमान छू रहे हैं। लेबनान का संकट: दक्षिण लेबनान में इजराइली हमलों के कारण हजारों लोग शरणार्थी शिविरों (Shelters) में ईद मनाने को मजबूर हैं। यहाँ अब तक युद्ध में 1,000 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। 5. रूस और तुर्किये: इबादत का बड़ा केंद्र मिडिल ईस्ट के तनाव से दूर रूस में एक अलग तस्वीर देखने को मिली: रूस में रिकॉर्ड भीड़: मॉस्को की 4 प्रमुख मस्जिदों में 2 लाख से ज्यादा लोग नमाज के लिए जुटे। सेंट पीटर्सबर्ग में भी 1 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। पुतिन का संदेश: राष्ट्रपति पुतिन ने मुस्लिम समुदाय की तारीफ करते हुए उन्हें 'देशभक्त' बताया और कहा कि कई मुस्लिम सैनिक इस समय मोर्चे पर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। तुर्किये: इस्तांबुल की ग्रैंड कैमलिका मस्जिद (तुर्किये की सबसे बड़ी मस्जिद) में हजारों लोगों ने शांति की दुआ मांगी। 📊 वैश्विक ईद 2026: एक नजर में देश / स्थान नमाज की स्थिति विशेष टिप्पणी अल-अक्सा (इजराइल) पूरी तरह बंद 1967 के बाद पहली बार ऐसा हुआ। रूस (मॉस्को) 2 लाख+ नमाजी पुतिन ने मुस्लिम समुदाय को बधाई दी। बर्मिंघम (ब्रिटेन) भारी भीड़ स्मॉल हीथ पार्क में बड़ी नमाज अदा की गई। ईरान सादगी और गम मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। इराक तनावपूर्ण खामेनेई के पोस्टरों के साथ नमाज अदा की गई। 6. कूटनीतिक जीत: पाक-अफगान युद्ध पर 4 दिन का ब्रेक ईद के सम्मान में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। सऊदी अरब, तुर्किये और कतर की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही जंग 4 दिनों के लिए रोक दी गई है। सीजफायर: यह विराम 18 मार्च से 24 मार्च तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि किसी भी आतंकी हमले की स्थिति में ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। 7. हवाई सेवा: ईद स्पेशल फ्लाइट्स भारतीय यात्रियों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा (सऊदी अरब) और मस्कट (ओमान) के लिए 16 विशेष उड़ानें संचालित करने का फैसला किया है। युद्ध के कारण कुछ रूट प्रभावित हुए हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाए जा रहे हैं।

रवि चौहान मार्च 21, 2026 0
आसिम मुनीर की शिया धर्मगुरुओं को धमकी

पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर का विवादित बयान: "ईरान प्रेमी पाकिस्तान छोड़ दें"; शिया समुदाय और फौज के बीच टकराव बढ़ा।

ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर हमला

ईरान-इजराइल युद्ध डे-22: नतांज परमाणु केंद्र पर हवाई हमला; हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया बेस पर मिसाइलें, क्या अब शुरू होगा 'न्यूक्लियर वॉर'?

पाकिस्तान को सस्ता तेल देने को तैयार रूस

पाकिस्तान में हाहाकार: सिर्फ 11 दिन का तेल बचा; रूस ने दी 'सस्ते तेल' की लाइफलाइन, क्या शहबाज सरकार बचा पाएगी देश?

वेनेजुएला-ईरान के बाद क्यूबा पर हमला कर सकता है अमेरिका
Trump's Cuba Threat: "मैं क्यूबा पर कब्जा करूंगा"; तेल की सप्लाई बंद होने से अंधेरे में डूबा देश, अस्पतालों में हाहाकार।

ट्रम्प का अगला निशाना क्यूबा: "मैं इसे अपने कब्जे में लूंगा"; तेल की सप्लाई रोकी, अंधेरे में डूबा द्वीप और 65 साल पुराने संघर्ष की पूरी रिपोर्ट वॉशिंगटन/हवाना | 18 मार्च 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी 'विनाशकारी कूटनीति' से दुनिया को चौंका दिया है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने खुले तौर पर घोषणा की है कि उनका इरादा क्यूबा को अपने नियंत्रण में लेने का है। वेनेजुएला और ईरान के बाद अब ट्रम्प प्रशासन की नजरें कैरेबियाई द्वीप क्यूबा पर टिक गई हैं, जिसे वे एक "असफल देश" मान रहे हैं। यहाँ इस भू-राजनीतिक भूचाल, क्यूबा के जमीनी हालात और दोनों देशों के खूनी इतिहास की विस्तृत और गहन रिपोर्ट दी गई है: 1. ओवल ऑफिस से ट्रम्प की 'खुली चेतावनी' सोमवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्यूबा को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उनके बयान के मुख्य अंश: कब्जे का इरादा: "मैं किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा... चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं।" असफल देश का तमगा: "उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है। वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक सुंदर द्वीप है लेकिन वर्तमान में पूरी तरह विफल है।" प्राथमिकता की सूची: ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता ईरान है, और उसके तुरंत बाद वे क्यूबा मामले को पूरी तरह से 'हैंडल' करेंगे। विश्लेषण: न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका के 65 साल के तनावपूर्ण इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति ने इतनी स्पष्टता से क्यूबा पर कब्जे या सीधे नियंत्रण की बात कही है। 2. क्यूबा की घेराबंदी: तेल की किल्लत और ब्लैकआउट अमेरिका ने क्यूबा को घुटनों पर लाने के लिए 'इकोनॉमिक स्ट्रैंगुलेशन' (आर्थिक गला घोंटना) की रणनीति अपनाई है: तेल पर प्रहार: जनवरी 2026 से अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई लगभग ठप कर दी है। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को बीच समुद्र में रोक लिया। महंगाई का तांडव: सप्लाई रुकने से क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल की कीमत $35 प्रति गैलन (लगभग ₹3000/लीटर) तक पहुँच गई है। अंधेरे में डूबा देश: सोमवार को पूरे क्यूबा में ब्लैकआउट रहा। राजधानी हवाना का 70% हिस्सा मंगलवार सुबह तक बिना बिजली के था। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं और खाने-पीने की चीजों का अकाल पड़ गया है। 3. क्यूबा सरकार का 'सरेंडर' मोड और रूस का रुख हालात इतने खराब हैं कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल को झुकने पर मजबूर होना पड़ा है: अमेरिका से बातचीत: डियाज-कैनेल ने माना कि वे अमेरिका के साथ डील की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही अपनी अर्थव्यवस्था को खोल सकते हैं। सत्ता परिवर्तन का दबाव: रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन चाहता है कि डियाज-कैनेल पद छोड़ें, ठीक वैसी ही रणनीति जैसी वेनेजुएला में अपनाई गई थी। रूस की एंट्री: इस बीच रूस ने संकेत दिया है कि वह अपने पुराने साथी क्यूबा को अकेला नहीं छोड़ेगा और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद मुहैया कराएगा। 📊 क्यूबा का संकट: एक नजर में (मार्च 2026) समस्या वर्तमान स्थिति प्रभाव तेल सप्लाई 9 जनवरी से लगभग बंद परिवहन और उद्योग ठप। बिजली रोजाना 15-20 घंटे की कटौती सोमवार को राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट। स्वास्थ्य दवाओं की भारी कमी इमरजेंसी सर्जरी रुकीं। अर्थव्यवस्था 1959 के बाद सबसे बुरा दौर रूस और अमेरिका के बीच फंसा देश। 4. ट्रम्प का 'बिजनेस माइंडसेट': क्यूबा में गोल्फ और निवेश ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक दुश्मन नहीं, बल्कि एक रियल एस्टेट अवसर के रूप में देखते हैं: पुराना कनेक्शन: 1998 में ट्रम्प की कंपनी ने गुप्त रूप से क्यूबा का दौरा किया था। 2011-12 में उनके अधिकारियों ने वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावना तलाशी थी। जमीन की तारीफ: ट्रम्प ने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ करते हुए इसे निवेश के लिए बेहतरीन जगह बताया। हालांकि, उन्होंने यह गलत दावा भी किया कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि क्यूबा हर साल बड़े तूफानों का सामना करता है। 5. इतिहास के पन्ने: फिदेल कास्त्रो और 600 हत्या की कोशिशें अमेरिका और क्यूबा के बीच की यह दुश्मनी 65 साल पुरानी है: 1959 की क्रांति: फिदेल कास्त्रो ने तानाशाह बतिस्ता को हटाकर सत्ता संभाली और अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली। कोल्ड वॉर का केंद्र: अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद क्यूबा सोवियत संघ (रूस) के करीब चला गया, जिससे 1962 में 'मिसाइल संकट' पैदा हुआ। हत्या की साजिशें: अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) ने कास्त्रो को मारने के लिए 600 से ज्यादा बार कोशिश की। इसमें 'जहरीले सिगार', 'विस्फोटक शंख' और 'जहरीली कोल्ड क्रीम' जैसे अजीबोगरीब तरीके अपनाए गए, लेकिन कास्त्रो हर बार बच निकले। ओबामा की पहल: 55 साल बाद 2015 में बराक ओबामा क्यूबा जाने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे, लेकिन ट्रम्प अब उस सुधार को पूरी तरह पलट रहे हैं।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
अमेरिका-इजराइल का ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर हमला

Middle East War Day 18: भारत ने ईरान को भेजी दवाओं की खेप; इजराइल का दावा- मार गिराए ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब।

LPG ला रहे 2 भारतीय जहाजों ने होर्मुज पार किया

Middle East War Day 15: भारत के 2 LPG जहाज होर्मुज स्ट्रैट से सुरक्षित निकले; ट्रम्प का खार्ग आइलैंड पर बड़ा हमला, जानें युद्ध के ताजा हालात।

भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका

ट्रम्प का 'सेक्शन 301' प्रहार: भारत समेत 16 देशों पर टैरिफ का खतरा और वैश्विक व्यापार युद्ध

अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों को सुरक्षा नहीं देगा
Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका नहीं देगा तेल टैंकरों को सुरक्षा; ईरान में फंसे 9,000 भारतीयों पर MEA का बड़ा बयान।

होर्मुज स्ट्रैट में बढ़ा खतरा: अमेरिका ने तेल टैंकरों को सुरक्षा देने से किया इनकार; भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर ईरान से 'महा-मंथन' वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे बड़ी चिंता सामने आई है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल होर्मुज स्ट्रैट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक तेल टैंकरों को सैन्य सुरक्षा (Escort) प्रदान नहीं करेगा। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन को लेकर डर बढ़ा दिया है। वहीं, भारत के लिए राहत और चिंता दोनों के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपने 9,000 नागरिकों और ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए ईरान के साथ लगातार संपर्क में है। यहाँ इस युद्ध के ताज़ा अपडेट्स और कूटनीतिक हलचलों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. अमेरिका का बड़ा फैसला: "अभी टैंकरों की सुरक्षा नहीं" अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने CNBC को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना अभी टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार नहीं है। इसके पीछे की मुख्य वजहें: प्राथमिकता में बदलाव: अमेरिका का वर्तमान फोकस तेल टैंकरों को बचाने के बजाय ईरान की आक्रामक सैन्य क्षमताओं और उनके पीछे खड़े उद्योगों को नष्ट करने पर है। समय सीमा: क्रिस राइट के अनुसार, टैंकरों की सुरक्षा का मिशन महीने के अंत (मार्च के आखिर) तक ही शुरू हो सकता है। फिलहाल रक्षा विभाग इस पर केवल चर्चा कर रहा है। रणनीतिक जोखिम: विशेषज्ञों का मानना है कि टैंकरों को एस्कॉर्ट करने का मतलब ईरान के साथ सीधी समुद्री जंग में उतरना होगा, जिसके लिए फिलहाल अमेरिका अपनी पूरी ताकत को बचाकर रखना चाहता है। 2. भारत-ईरान कूटनीति: क्या भारतीय जहाज सुरक्षित हैं? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की स्थिति स्पष्ट की: लगातार बातचीत: पिछले कुछ दिनों में भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच 3 बार उच्च स्तरीय वार्ता हुई है। मुख्य मुद्दा समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सप्लाई है। जहाजों की आवाजाही: जब पूछा गया कि क्या ईरान ने भारतीय जहाजों को रास्ता देने का वादा किया है, तो MEA ने कहा कि इस पर अभी कुछ भी कहना "जल्दबाजी" होगी। खामेनेई को श्रद्धांजलि: भारत ने कूटनीतिक शिष्टाचार निभाते हुए दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी है। विदेश सचिव ने 5 मार्च को शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे। 📊 विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान की 4 बड़ी बातें मुख्य बिंदु विवरण वर्तमान स्थिति भारतीयों की संख्या ईरान में कुल भारतीय नागरिक 9,000 (छात्र, नाविक, कारोबारी और तीर्थयात्री) सुरक्षित निकासी वैकल्पिक रास्ते अजरबैजान और आर्मेनिया के जरिए वापसी में सरकार मदद कर रही है। पीएम मोदी की पहल खाड़ी नेताओं से संवाद पीएम ने जल्द शांति के लिए 'संवाद और कूटनीति' (Dialogue & Diplomacy) पर जोर दिया। मानवीय चिंता नागरिकों की सुरक्षा भारत ने युद्ध में आम लोगों को निशाना न बनाने की सख्त अपील की है। 3. युद्ध की विभीषिका: ताज़ा हमले और तस्वीरें जंग का मैदान अब रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल चुका है: दुबई पर हमला: बुधवार देर रात दुबई के आलीशान एड्रेस क्रीक हार्बर होटल पर ड्रोन हमला हुआ। पर्यटन के केंद्र दुबई में इस हमले से विदेशी नागरिकों में दहशत है। ओमान में तबाही: ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद भारी आग लग गई, जिससे खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों पर कामकाज ठप है। फारस की खाड़ी: बुधवार रात एक अज्ञात मिसाइल हमले के बाद एक तेल टैंकर धू-धू कर जल उठा। किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इजराइली एयरस्ट्राइक: इजराइल ने बेरूत (लेबनान) में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे सटीक हमला करने का दावा किया है। 4. ऊर्जा सुरक्षा: भारत के सामने चुनौतियां होर्मुज स्ट्रैट से तेल सप्लाई न मिलने का मतलब भारत के लिए गंभीर आर्थिक संकट हो सकता है: महंगाई का खतरा: अगर तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल पार करती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई की कीमतें बढ़ जाएंगी। LNG सप्लाई: कतर से आने वाली गैस सप्लाई बाधित होने से बिजली और फर्टिलाइजर उत्पादन पर असर पड़ सकता है। वैकल्पिक स्रोत: भारत अब रूस और अफ्रीका से तेल आयात बढ़ाने की संभावनाओं को तलाश रहा है, लेकिन लंबी समुद्री दूरी परिवहन लागत बढ़ा देगी।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0
दावा- ट्रम्प ईरान के खार्ग आइलैंड पर कब्जा चाहते हैं

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रवि चौहान मार्च 12, 2026 0