बुधवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स के दो जवानों पर हुए जानलेवा हमले ने देश की आंतरिक सुरक्षा और शरणार्थी नीति पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। यह हमला फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जहां 29 वर्षीय अफगान शरणार्थी रहमानुल्लाह लाकनवाल ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में एक महिला गार्ड को सिर और सीने में गोली लगी, जबकि दूसरे गार्ड को भी गंभीर चोटें आईं।
इस घटना के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे तुरंत आतंकी घटना करार दिया है और अफगान शरणार्थियों की इमिग्रेशन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से रोकने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए दावा किया कि संदिग्ध को बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका लाया गया था और यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।
एफबीआई इस मामले की जांच एक आतंकवादी हमले के तौर पर कर रही है। यह विस्तृत आलेख नेशनल गार्ड्स पर हमले के पूरे घटनाक्रम, आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि, ट्रम्प प्रशासन द्वारा इमिग्रेशन प्रक्रिया को रोके जाने के कड़े फैसले, और वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड्स की तैनाती पर चल रहे राजनीतिक विवादों का 5000 शब्दों में गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
बुधवार दोपहर 2:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) के आसपास हुई यह घटना वॉशिंगटन डीसी के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में से एक, फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुई।
हमलावर की पहचान: संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल (29) के तौर पर हुई है।
हमले की जगह: फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास, जो व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
पहला निशाना: न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, लाकनवाल कुछ देर तक इंतजार करता रहा और फिर अचानक उसने गोलीबारी शुरू कर दी। उसने पहले एक महिला गार्ड को सीने में गोली मारी और फिर सिर में।
दूसरा निशाना: इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर फायर किया, जिसका नाम बाद में एंड्रयू वोल्फ बताया गया।
जवाबी फायरिंग: पास ही मौजूद तीसरे गार्ड ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और लाकनवाल पर चार गोलियां चलाईं।
हिरासत: जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर को काबू कर लिया गया और उसे लगभग बिना कपड़ों के एम्बुलेंस में ले जाया गया।
घायलों की स्थिति: घायल जवान एंड्रयू वोल्फ की सर्जरी हो रही है और उनकी हालत गंभीर है। महिला नेशनल गार्ड सदस्य को सीने और सिर में गोली लगी है, लेकिन उनकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जांच: अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट और एफबीआई इस मामले को आतंकवादी हमले के तौर पर जांच रहे हैं।
हमलावर रहमानुल्लाह लाकनवाल की पृष्ठभूमि और अमेरिका में उसके प्रवेश को लेकर अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अफगान पृष्ठभूमि: एनबीसी न्यूज के मुताबिक, लाकनवाल अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पला-बढ़ा था।
सैन्य अनुभव: लाकनवाल के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह अमेरिका आने से पहले 10 साल तक अफगान सेना में काम कर चुका था।
अमेरिकी सहयोग: उसने अपनी मिलिट्री सर्विस के दौरान अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के साथ मिलकर ऑपरेशन भी किए थे। इस दौरान वह कंधार के एक बेस पर तैनात रहा, जहां उसने अमेरिकी सैनिकों की मदद की थी।
प्रवेश: लाकनवाल अगस्त 2021 में 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' प्रोग्राम के तहत अफगानिस्तान से अमेरिका आया था।
आवास: उसे वॉशिंगटन के बेलिंगहैम शहर में बसाया गया था, जहां वह अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था।
शरणार्थी दर्जा: उसने 2024 में शरणार्थी के दर्जे के लिए अप्लाई किया था और उसे अप्रैल 2025 में मंजूरी मिली थी।
वर्तमान रोजगार: रिश्तेदार के मुताबिक, आखिरी बार जब उनकी लाकनवाल से बात हुई थी, तब वह अमेजन के लिए काम कर रहा था।
पुलिस ने फिलहाल यही बताया है कि लाकनवाल ने अकेले ही यह हमला किया और उसके मकसद के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तत्काल कड़े कदम उठाए हैं, जिससे अमेरिका की शरणार्थी नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।
ट्रम्प का बयान: राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस घटना को आतंकी घटना करार दिया और कहा कि इसमें शामिल लोगों को भारी कीमत चुकानी होगी।
सुरक्षा वृद्धि: ट्रम्प ने पेंटागन को निर्देश दिया कि वॉशिंगटन DC में सुरक्षा बढ़ाने के लिए 500 एक्स्ट्रा नेशनल गार्ड्स भेजे जाएं।
संदिग्ध पर टिप्पणी: ट्रम्प ने संदिग्ध लाकनवाल को 'जानवर' कहा है और ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह "पूरे राष्ट्र के खिलाफ अपराध है" और "यह मानवता के खिलाफ अपराध है।"
आदेश: ट्रम्प ने अमेरिका में अफगान शरणार्थियों की तुरंत एंट्री रोकने का ऐलान किया है।
USCIS की घोषणा: अमेरिकी सिटिजन और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने X पर घोषणा की कि अफगान नागरिकों की सभी इमिग्रेशन रिक्वेस्ट को अब अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
कारण: एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा से जुड़ी जांच और वेटिंग सिस्टम की दोबारा समीक्षा की जाएगी, क्योंकि अमेरिकी जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
ट्रम्प ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की शरणार्थी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है:
वीडियो मैसेज: ट्रम्प ने एक वीडियो मैसेज में कहा कि संदिग्ध एक विदेशी है, जो अफगानिस्तान से हमारे देश में आया है जो एक तरह की नरक जैसी जगह है।
जांच की मांग: उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान अमेरिका आए सभी अफगान नागरिकों की दोबारा जांच की जाएगी, क्योंकि बाइडेन प्रशासन ने इनकी ठीक से जांच नहीं की थी।
सुरक्षा खतरा: ट्रम्प ने दावा किया कि बाइडेन के शासन में 2 करोड़ ऐसे विदेशी घुसे, जिनकी ठीक से जांच नहीं हुई, और यह अब देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुका है।
यह हमला एक ऐसे समय में हुआ है जब वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती पहले से ही राजनीतिक और कानूनी विवाद का विषय बनी हुई थी।
कारण: ट्रम्प प्रशासन ने बढ़ते अपराध के हवाले से अगस्त में एक आदेश जारी किया था, जिसमें डीसी पुलिस को फेडरलाइज करते हुए 8 राज्यों और कोलंबिया से नेशनल गार्ड बुलाए गए थे।
विवाद: हालांकि यह आदेश एक महीने बाद खत्म हो गया था, लेकिन सैनिक तैनाती पर बने रहे, जो डेमोक्रेटिक पार्टी और स्थानीय प्रशासन के साथ विवाद का कारण बना।
फैसला: पिछले हफ्ते एक संघीय जज ने वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती खत्म करने का आदेश दिया था।
रोक: हालांकि अपील की गुंजाइश देखते हुए आदेश को 21 दिन के लिए रोक दिया गया था। इसी 21 दिन की अवधि के दौरान यह फायरिंग की घटना सामने आई, जिसने डीसी में सुरक्षा की बहस को और तेज कर दिया है।
व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड्स पर हुआ यह हमला अमेरिका के लिए कई मोर्चों पर संकट पैदा करता है:
आतंकवादी खतरा: एफबीआई और न्याय विभाग द्वारा इसे आतंकी हमला माने जाने के कारण, अमेरिका में घरेलू स्तर पर आतंकवादी खतरा बढ़ गया है।
शरणार्थी नीति: ट्रम्प का इमिग्रेशन प्रोसेस रोकने का फैसला हजारों अफगान नागरिकों के भविष्य को अधर में लटका देगा और मानवाधिकार संगठनों के साथ बड़ा विवाद खड़ा करेगा।
राजनीतिक ध्रुवीकरण: ट्रम्प द्वारा बाइडेन प्रशासन की नीतियों पर सीधा दोष मढ़ने से यह घटना 2028 के चुनाव से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और इमिग्रेशन के मुद्दे पर राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ाएगी।
फिलहाल, जांच का केंद्र लाकनवाल के मकसद पर है। उसके सैन्य प्रशिक्षण और कट्टरपंथ के बीच के संभावित संबंध ही इस हमले के पीछे की पूरी सच्चाई उजागर कर पाएंगे।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी का नाम: 'स्वीडिश ब्लॉन्ड' और स्कारलेट जोहानसन को लेकर हुई चैट्स का खुलासा; रसूखदारों के सिंडिकेट का पर्दाफाश न्यूयॉर्क/मुंबई | 7 फरवरी 2026 कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के नए दस्तावेजों ने भारत के कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन फाइलों में रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुए ईमेल और चैट्स का विवरण है। ये खुलासे उस समय के हैं जब एपस्टीन पहले ही यौन अपराधों के लिए सजा काट चुका था। यहाँ इस मामले से जुड़े प्रमुख और चौंकाने वाले बिंदु दिए गए हैं: 1. 'मजेदार मुलाकात' के लिए 'स्वीडिश ब्लॉन्ड' की चर्चा दस्तावेजों के अनुसार, 9 मार्च 2017 को अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक संवाद हुआ: सुझाव की मांग: अंबानी ने एपस्टीन से मुलाकात को लेकर सुझाव मांगा। एपस्टीन का जवाब: एपस्टीन ने लिखा कि मुलाकात को 'मजेदार' बनाने के लिए एक 'लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला' बेहतर होगी। अंबानी की प्रतिक्रिया: रिपोर्ट का दावा है कि अंबानी ने इसके जवाब में 'इसे अरेंज करो' (Arrange it) लिखा। 2. फेवरेट हीरोइन और स्कारलेट जोहानसन का जिक्र चैट्स में निजी पसंद और हॉलीवुड से जुड़े संदर्भ भी सामने आए हैं: पसंदीदा अभिनेत्री: जब एपस्टीन ने पसंदीदा महिला के बारे में पूछा, तो अंबानी ने स्कारलेट जोहानसन का नाम लिया। (उस वक्त अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट जोहानसन की फिल्म ‘घोस्ट इन द शेल’ की को-प्रोड्यूसर थी)। मुलाकातें: रिकॉर्ड्स बताते हैं कि मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क में एपस्टीन के मैनहैटन स्थित घर पर उससे मिले थे। इसके अलावा पेरिस और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में भी मिलने की योजनाएं बनी थीं। 3. भारतीय सेलिब्रिटीज का भी नाम आया सामने फाइलों में केवल कारोबारी ही नहीं, बल्कि भारत के कई सांस्कृतिक और फिल्म जगत के चेहरों के नाम भी सामाजिक या पेशेवर संपर्कों के तौर पर दर्ज हैं: मीरा नायर और गिस्लेन मैक्सवेल: 2009 में मीरा नायर की फिल्म 'एमेलिया' की रिलीज के बाद एपस्टीन की पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल ने एक 'आफ्टर-पार्टी' होस्ट की थी, जिसमें नायर शामिल हुई थीं। अन्य नाम: फाइलों में अनुराग कश्यप, नंदिता दास, और दीपक चोपड़ा जैसे नामों का भी जिक्र है। महत्वपूर्ण नोट: विशेषज्ञों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इन फाइलों में नाम होने मात्र का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति किसी अपराध में शामिल था। ये केवल एपस्टीन के व्यापक नेटवर्क को दर्शाते हैं। 📊 जेफ्री एपस्टीन: रसूख और अपराध का साम्राज्य श्रेणी विवरण काम करने का तरीका 'लोलिता एक्सप्रेस' (प्राइवेट जेट) के जरिए नाबालिगों की तस्करी। नेटवर्क डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स, प्रिंस एंड्रयू और अनिल अंबानी जैसे शक्तिशाली लोगों से संपर्क। अंत 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद जेल में आत्महत्या। मैक्सवेल की सजा एपस्टीन की मददगार गिस्लेन मैक्सवेल फिलहाल 20 साल की सजा काट रही हैं। 4. मी टू (#MeToo) मूवमेंट और एपस्टीन का पतन एपस्टीन का मामला 2005 में शुरू हुआ था, लेकिन 2017 में हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ शुरू हुए 'मी टू' मूवमेंट ने एपस्टीन के पुराने काले कारनामों को फिर से हवा दी। वर्जीनिया ग्रिफे सहित 80 से ज्यादा महिलाओं के साहस ने इस रसूखदार अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया, जहाँ उसकी मौत एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।
एपस्टीन फाइल्स का महाविस्फोट: 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' और मर्डर मिस्ट्री का खुलासा; मस्क, गेट्स और ट्रंप समेत कई दिग्गजों के नाम वॉशिंगटन/लंदन | 6 फरवरी 2026 दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच की लाखों फाइलें अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DoJ) द्वारा सार्वजनिक किए जाने के बाद वैश्विक राजनीति और व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है। 30 लाख पेज, 1.80 लाख तस्वीरों और 2 हजार वीडियो के इस डेटा ने उन डरावने रहस्यों से पर्दा उठाया है, जो अब तक एपस्टीन के निजी आइलैंड और 'जोरो रैंच' फार्म हाउस की दीवारों के पीछे दबे थे। यहाँ नवीनतम फाइलों से निकले 5 सबसे चौंकाने वाले खुलासे दिए गए हैं: 1. 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' और गायब होते बच्चे दस्तावेजों में एक नाबालिग पीड़िता का बयान सामने आया है जिसने खुद को 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' बताया। जबरन गर्भधारण: आरोप है कि न्यू मैक्सिको स्थित 'जोरो रैंच' में लड़कियों को बंधक बनाकर उनसे जबरन बच्चे पैदा कराए जाते थे। रहस्यमयी मौतें: एक फाइल के अनुसार, दो विदेशी महिलाओं की यौन शोषण के दौरान गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उन्हें फार्म हाउस में ही दफना दिया गया। इसमें एपस्टीन की साथी गिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका भी संदिग्ध है। 2. लपेटे में दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग जारी की गई फाइलों में कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम और उनके बीच हुए ईमेल संवाद दर्ज हैं। इलॉन मस्क: नवंबर 2012 के एक ईमेल में मस्क ने एपस्टीन के आइलैंड पर 'वाइल्ड पार्टी' के बारे में पूछा था। प्रिंस एंड्रयू: तस्वीरों में ब्रिटिश प्रिंस एक अज्ञात महिला के ऊपर झुके हुए नजर आ रहे हैं। दिग्गज नाम: बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप, रिचर्ड ब्रैनसन और पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन का भी जिक्र है। नोट: सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नाम आने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी व्यक्ति अपराध में शामिल थे। 3. ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: स्टार्मर से इस्तीफे की मांग एपस्टीन फाइल्स के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। पीटर मैंडेलसन विवाद: पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन की एक आपत्तिजनक तस्वीर सामने आई है। स्टार्मर पर आरोप है कि उन्हें मैंडेलसन और एपस्टीन की दोस्ती का पता था, फिर भी उन्होंने नियुक्ति की। माफी: प्रधानमंत्री स्टार्मर ने इस मामले से आहत लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, लेकिन इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। 4. भारतीय कनेक्शन: पूर्व उच्चायुक्त का नाम दस्तावेजों में ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त वाई.के. सिन्हा के नाम का भी उल्लेख है। वे बाद में भारत के मुख्य सूचना आयुक्त भी रहे। हालांकि, उनके नाम का संदर्भ क्या है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है और उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 📊 एपस्टीन केस: एक नज़र में विवरण सांख्यिकी / जानकारी डेटा का आकार 30 लाख पेज, 1.80 लाख फोटो, 2000 वीडियो लेनदेन का तरीका पारंपरिक बैंक के बजाय बिटकॉइन (Crypto) का इस्तेमाल प्राइवेट जेट 'लोलिता एक्सप्रेस' (नाबालिगों को लाने के लिए इस्तेमाल) मुख्य अपराधी जेफ्री एपस्टीन (जेल में आत्महत्या), गिस्लेन मैक्सवेल (20 साल की सजा) लापरवाही जस्टिस डिपार्टमेंट ने पीड़ितों के नाम और फोन नंबर सार्वजनिक करने की गलती मानी 5. शोषण का तरीका: फिल्म और शॉपिंग का लालच दस्तावेजों से पता चला है कि गिस्लेन मैक्सवेल 1994 से 1997 के बीच नाबालिग लड़कियों को फंसाने के लिए 'ग्रूमिंग' करती थीं। वे लड़कियों से दोस्ती करतीं, उन्हें फिल्में दिखाने या शॉपिंग पर ले जातीं और फिर धीरे-धीरे उन्हें एपस्टीन के पास 'मसाज' के लिए भेजतीं, जहाँ उनका यौन शोषण होता था।
शहबाज शरीफ का कबूलनामा: 'दुनिया से भीख मांगने में आती है शर्म' इस्लामाबाद | 31 जनवरी 2026 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की जर्जर आर्थिक स्थिति और विदेशी कर्ज पर बढ़ती निर्भरता को लेकर अपना दर्द साझा किया है। इस्लामाबाद में व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने माना कि बार-बार दूसरे देशों के सामने हाथ फैलाने से देश के आत्मसम्मान को ठेस पहुँच रही है। यहाँ पाकिस्तान के आर्थिक संकट और शहबाज के संबोधन की बड़ी बातें दी गई हैं: 1. "भीख मांगने में आती है शर्म" प्रधानमंत्री ने देश की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा: सम्मान पर बोझ: शहबाज शरीफ ने कहा, "जब सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और मैं दुनिया भर में पैसे मांगने जाते हैं, तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है। यह कर्ज हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है।" शर्तों की मजबूरी: उन्होंने स्वीकार किया कि कर्ज के बदले कई बार पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और देशों की उन शर्तों को भी मानना पड़ता है, जिन्हें वे 'ना' कहना चाहते हैं। 2. दोस्त देशों के सहारे टिकी है पाकिस्तान की सांसें पाकिस्तान वर्तमान में पूरी तरह से बाहरी मदद और 'कर्ज रोलओवर' पर निर्भर है: हर मौसम का दोस्त (चीन): चीन ने पाकिस्तान के 4 अरब डॉलर के कर्ज की समय-सीमा बढ़ा दी है। चीन अब तक पाकिस्तान में 60 अरब डॉलर का निवेश (CPEC) कर चुका है। सऊदी अरब और खाड़ी देश: सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर बैंक में जमा कराए और तेल उधार पर दिया। UAE और कतर भी बिजली, बंदरगाह और कृषि क्षेत्रों में अरबों डॉलर के निवेश का वादा कर चुके हैं। 📊 पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली: आंकड़ों की जुबानी पाकिस्तान के आधिकारिक आंकड़े देश की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं: श्रेणी वर्तमान स्थिति (2025-26) 2018 की स्थिति गरीबी दर 45% (लगभग आधी आबादी) 21.9% अत्यधिक गरीबी 16.5% 4.9% बेरोजगारी 80 लाख+ लोग (7.1%) - कुल सरकारी कर्ज ₹76,000 अरब+ 4 साल में दोगुना 3. भविष्य की राह: "पुराना तरीका अब नहीं चलेगा" शहबाज शरीफ ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान को अपनी इज्जत बचानी है, तो उसे दूसरे रास्ते तलाशने होंगे: इनोवेशन की कमी: पीएम ने माना कि पाकिस्तान ने रिसर्च, डेवलपमेंट और तकनीक पर काम नहीं किया। क्षेत्रों पर ध्यान: उन्होंने सॉफ्टवेयर, कृषि और पशुपालन में सुधार की जरूरत बताई ताकि निर्यात (Export) केवल कपड़ा उद्योग तक सीमित न रहे। 4. निवेश की उम्मीद या नया कर्ज? शहबाज सरकार अब विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के जरिए सऊदी और कतर से निवेश लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक राजनीतिक स्थिरता और बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं होता, तब तक केवल निवेश के वादे देश को डिफॉल्ट होने से नहीं बचा पाएंगे।