नोट- यह इन्वेस्टिगेशन खबर पूरी तहर से दैनिक भास्कर की वैबसाइट से हमने कॉपी की है‚ इसका सारा श्रेय भास्कर टीम को जाता है।

मैं नेताओं का टेस्ट जानती हूं। वह ग्लैमर वाली लड़कियां चाहते हैं। कोई सिंगल तो कोई डबल एंजॉय करता है। कभी-कभी तो एक ही लड़की से दो-दो नेता लग जाते हैं। ऐसे नेता भी हैं, जो पैसा देकर भी सेक्स नहीं करते हैं। इसलिए हम लोग टेस्ट के हिसाब से लड़कियां भेजते हैं।
आप तो कैंडिडेट्स सेट कीजिए हाई प्रोफाइल लड़कियों से ऐश कराने की जिम्मेदारी हमारी होगी। बिहार चुनाव में केंद्रीय नेतृत्व ने बड़ी जिम्मेदारी दी है, इससे काम आसान हो जाएगा।
हर तरफ अपना जलवा है, हर पार्टी में अपने लोग हैं। इसलिए मेरी साइड से आप निश्चिंत रहिए, हमसे कोई सवाल नहीं कर सकता। पार्टी के विधायकों को भी पता है, लेकिन पूछने की हिम्मत किसी में नहीं। आप मुझे सामान्य लीडर मत समझिए, कई बड़े नेता हमारे संपर्क में हैं।
भास्कर के कैमरे पर यह दावा करती बीजेपी लीडर फूल जोशी हैं, जो झारखंड में पार्टी की अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री हैं। केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर वह बिहार विधानसभा चुनाव में ‘जय भाजपा, विजय भाजपा’ अभियान चला रही हैं।
दैनिक भास्कर के ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स में फूल जोशी के साथ उनके नेटवर्क में शामिल नेता और लड़कियां एक्सपोज हुई हैं।
ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स पार्टी- 1 में पढ़िए और देखिए लड़कियों की पूरी सप्लाई चेन...।

नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए हमने चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की थी। गैंग ने हमें 30 से ज्यादा लड़कियों की फोटो दिखाईं और कहा जो पसंद आए बता दीजिए।
HAM पार्टी के नेता के सेक्स स्कैंडल से मिला इनपुट
BJP अनुसूचित जाति मोर्चा की मंत्री फूल जोशी तक भास्कर की टीम बिहार और झारखंड के बड़े नेटवर्क को खंगालने के बाद पहुंची। पहला इनपुट 10 जून 2025 को मिला, जब जीतनराम मांझी की HAM पार्टी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष दिलीप पासवान और उसकी पत्नी किरन को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में गिरफ्तार किया। पति-पत्नी का हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का बड़ा नेटवर्क था।
दैनिक भास्कर की टीम को HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन से जुड़े कुछ अहम सुराग हाथ लगे। भास्कर रिपोर्टर के हाथ जो सबूत लगे, वह पुलिस की जांच में भी सामने आए। दोनों हाई प्रोफाइल लड़कियों की फोटो वॉट्सऐप पर वीआईपी लोगों को भेजते थे। बड़े-बड़े होटलों में लड़कियां भेजी जाती थीं।
इसमें नेता और बिजनेसमैन के साथ कई वीआईपी लोग शामिल थे। विधानसभा चुनाव में नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने की प्लानिंग का भी पता चला। मुजफ्फरपुर से शुरू हुई भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।

10 जून 2025 को मुजफ्फरपुर पुलिस ने सैक्स स्कैंडल में HAM नेता दिलीप और उसकी पत्नी किरन को गिरफ्तार किया था। यहीं से हमें पटना के गर्ल्स हॉस्टल्स का क्लू मिला।
भाजपा नेता के लिए काम करती है गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन
मुजफ्फरपुर से इनपुट मिलने के बाद हमने गर्ल्स हॉस्टल्स को आइडेंटिफाई करना शुरू किया। पटना में 12 से अधिक गर्ल्स हॉस्टल की रेकी करने और आसपास के लोगों से इनपुट जुटाने के बाद 8 अक्टूबर तक हमने पटना के 4 गर्ल्स हॉस्टल को आईडेंटिफाई किया।
AN कॉलेज के पास एक गर्ल्स हॉस्टल का कनेक्शन झारखंड से मिला। यहां धनबाद की रहने वाली मिस्टी वार्डन है, जो भाजपा की महिला नेता फूल जोशी के नेटवर्क की बड़ी कड़ी है। पड़ताल के दौरान मिस्टी का कनेक्शन स्पा सेंटर से मिला।
स्पा सेंटर से मिस्टी तक पहुंचा रिपोर्टर
भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि मिस्टी का कनेक्शन पटना के कई स्पा सेंटर में लड़कियां सप्लाई करने वालों के साथ है। काफी छानबीन के बाद हम टीम पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर चलाने वाले राहुल तक पहुंचे। राहुल ऑन डिमांड मिस्टी से लड़कियां मंगाता था।
भास्कर रिपोर्टर स्पा सेंटर खोलने के लिए एजेंट बनकर राहुल से मिले। राहुल शुरू में टालता रहा, लेकिन 10 से अधिक मुलाकातों के बाद वह मान गया। लड़कियों के लिए राहुल ने उसी मिस्टी का नंबर दिया जिसकी हमें तलाश थी। राहुल ने कॉल कर मिस्टी से हमारी डील कराई, इसके बाद हम मिस्टी के प्लान पर काम करने लगे। राहुल ने बताया कनेक्शन।

राहुल - मैं लड़की का नंबर दे देता हूं, आप बात कर लेना।
रिपोर्टर - बात कर लेगी ना, कोई दिक्कत?
राहुल - मैं बोल दूंगा, वह मैनेज कर देगी।
रिपोर्टर - उसका नेटवर्क है?
राहुल - झारखंड के कई बड़े सप्लायर से उसकी सेटिंग है, वह काम करा देगी।
रिपोर्टर - वह खुद काम नहीं करती है क्या?
राहुल - उससे मिलिए तो वह पूरी खान तक पहुंचा देगी।

अब तक पड़ताल में यह साफ हो चुका था कि लड़कियों की सप्लाई में मिस्टी बड़ी कड़ी है। वह पटना के स्पा सेंटर्स के साथ मिलकर नेता और वीआईपी लोगों को लड़कियां सप्लाई कर रही है। राहुल के जरिए हमने मिस्टी से मिलना शुरू किया।
इस नेटवर्क को एक्सपोज करने के लिए रिपोर्टर को एजेंट बनकर मिस्टी से चुनाव में नेताओं को लड़की सप्लाई की डील करनी पड़ी। मिस्टी से रिपोर्टर की 6 बार मुलाकात हुई। पढ़िए रिपोर्टर से मिस्टी की लड़कियों को लेकर पूरी डील..।
रिपोर्टर - आपका नेटवर्क काफी एक्टिव है, राहुल ने बोला है, आप मदद कर सकती हैं।
मिस्टी - बताइए क्या काम है?
रिपोर्टर - नेता के साथ काम करना है, आप काम की हैं या नहीं?
मिस्टी - हम तो काम करते ही हैं। घर से छिपकर यह पूरा काम करते हैं।
रिपोर्टर - पटना में आप अकेले रहती हैं क्या?
रिपोर्टर - नहीं बहुत लड़कियां हैं, मैं यहां हॉस्टल की वार्डन हूं।
मिस्टी - मेरे पास छत्तीसगढ़, एमपी, बिहार, झारखंड और पटना लोकल की लड़कियां हैं, व्यवस्था कर दूंगी।
रिपोर्टर - ऑफर बड़ा है, समझ गईं ना, बड़ी संख्या में लड़कियां चाहिए।
मिस्टी - अब तो छांटना पड़ेगा, आपको सब मिल जाएगा।
रिपोर्टर - पैसा कितना लगेगा? लड़कियों का रेट क्या होगा?
मिस्टी - मैं बात करके बता दूंगी, मैं धनबाद की हूं, वहीं का नेटवर्क बड़ा है।
रिपोर्टर - वहां से लड़कियां यहां आती हैं क्या?
मिस्टी - यहां झारखंड का पूरा नेटवर्क है। जितना अड्डा है, वहां 99% झारखंड के नेटवर्क से लड़कियां आती हैं।
रिपोर्टर - झारखंड में इतना बड़ा नेटवर्क कौन चलाता होगा?
मिस्टी - हैं, वहां की पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं, वहीं पूरा नेटवर्क चलाती हूं।
रिपोर्टर - सेटिंग कीजिए, झारखंड से ही लड़कियों की डील करा दीजिए।

मिस्टी ने हमें नेताओं को लड़कियां सप्लाई करने का पूरा नेटवर्क समझाया।
बड़ी डील कराने से पहले मिस्टी ने बताया पैकेज
लड़कियों की बड़ी सप्लायर तक पहुंचाने से पहले मिस्टी ने दोबारा रिपोर्टर से डील की। मिस्टी ने लड़कियों की फोटो दिखाई और फिर पैकेज पर पूरी बात की। इस डील में वह रिपोर्टर का बजट और नेताओं में पकड़ जानना चाहती थी। मिस्टी ने भाजपा और कांग्रेस की महिला नेताओं का खुलासा किया, जो लड़कियों की सप्लाई कर रही हैं।
मिस्टी - फोटो दिखाते हुए, यह पसंद है, थोड़ी सी सांवली है, लेकिन खुश कर देगी।
रिपोर्टर - देखिए, इलेक्शन का काम है, इसमें आप अच्छा समझ के ही दीजिए।
मिस्टी - देखिए, सारा फोटो देखिए, सब एक से बढ़कर एक हैं।
रिपोर्टर - इनका बजट क्या होता है?
मिस्टी - 10 दिन का पैकेज होगा, एक दिन का 5 से 10 हजार देना होगा।
रिपोर्टर - रेट कैसे तय होता है?
मिस्टी - लड़की देखकर पैसा तय होता है, जैसी अदा वैसा पैसा। डे और नाइट का अलग-अलग रेट होता है।
रिपोर्टर - देखिए, एक्सपीरियंस वाला चाहिए।
मिस्टी - हम जो भी देंगे, एक्सपीरियंस वाला ही देंगे, ताकि अच्छे से हर किसी को खुश कर सके।
रिपोर्टर - फोटो वाली लड़कियां नेताओं के पास गई हैं या नहीं?
मिस्टी - हां-हां, गई हैं ना, माही है यहां से लेकर भुवनेश्वर तक गई हैं।
रिपोर्टर - तब ठीक है, इसके अलावा भी कुछ है क्या?
मिस्टी - झारखंड में एक दीदी हैं जो भाजपा से जुड़ी हुई हैं, दो दीदी हैं जो कांग्रेस से जुड़ी हैं। वह बड़ा काम करती हैं।
रिपोर्टर – धनबाद में कुछ है क्या?
मिस्टी – हां, धनबाद में बहुत है-विकास है, गुड़िया है, अब उनके ऊपर निर्भर करेगा, लेकिन मैं काम करा दूंगी।
रिपोर्टर - लड़कियां नेताओं के लिए हैं ना?
मिस्टी - हां-हां, मैं काम कराई हूं, उन लोगों से, अच्छा से काम किया था।
रिपोर्टर - आपकी नेता दीदी का काम कैसा है?
मिस्टी - भाजपा और कांग्रेस वाली दीदी सब अच्छा से काम कराती हैं। वह हर कास्ट की लड़कियां रखती हैं। दिल्ली की चलेगी क्या।
रिपोर्टर - हां, चल जाएगी।
मिस्टी - देखते हैं, धनबाद से होता है तो ठीक है, नहीं तो दिल्ली से करवा दूंगी। हमें अमाउंट बता दीजिए, लड़कियों को तय करना होगा।
रिपोर्टर - ठीक है, एकसाथ सभी लोग बैठकर बात कर लेंगे।
मिस्टी - मेरी शादी नहीं हुई है, लेकिन पटना में शादीशुदा की तरह रहना पड़ता है।

हमने जब चुनाव के लिए 50 लड़कियों की डिमांड की तो मिस्टी हमें फूल जोशी से मिलवाने झारखंड के धनबाद लेकर आई।
डील के लिए धनबाद ले गई मिस्टी
अब तक रिपोर्टर पर मिस्टी को पूरा भरोसा हो गया था। वह लड़कियों की सप्लाई के लिए साथ काम करने को तैयार हो गई थी। पूरा सेटअप तैयार करने और लड़कियों की सेटिंग के लिए उसने रिपोर्टर को धनबाद चलने के लिए कहा।
रिपोर्टर से ही ट्रेन की टिकट कराई, किसी तरह का शक नहीं हो इसलिए रिपोर्टर को साथ लेकर गई। धनबाद में मिस्टी ने जिस महिला को बड़े नेटवर्क वाली सप्लायर बताकर मिलाया वह झारखंड भाजपा की बड़ी लीडर निकली।

मिस्टी ने झारखंड के धनबाद में एक रेस्टोरेंट में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री फूल जोशी से हमारी मुलाकात कराई। फूल जोशी ने दावा किया कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में कैंपेन करेंगी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी है।
मिस्टी ने प्लान समझाया तो फूल जोशी लड़कियों की व्यवस्था करने में जुट गईं। थोड़ी ही देर में उन्होंने बिहार, झारखंड ही नहीं देश के अन्य कई राज्यों से लेकर नेपाल तक की लड़कियों को खंगाल लिया।
फूल जोशी ने दावा किया कि वह चुनाव में बाढ़ में एनडीए कैंडिडेट के साथ रहेंगी।
रिपोर्टर से भाजपा लीडर फूल जोशी की पूरी डील...
फूल - आप लोग प्रोफेशनल हैं, या किसी के लिए काम कर रहे हैं।
रिपोर्टर - हम चुनाव के लिए काम कर रहे हैं, 2020 में भी अपना काम हुआ था।
फूल - हम बीजेपी के प्रदेश मंत्री हैं, हमे बाढ़ में कैंपेन की जिम्मेदारी मिली है।
रिपोर्टर - आप बिहार में रहिएगा तो काम आसान होगा।
फूल - बाढ़ में रहेंगे, सब करा देंगे। लड़कियों की सेफ्टी और पेमेंट की कंडीशन तय कर लीजिए।
रिपोर्टर - आपने पार्टी के लिए प्रोवाइड कराई हैं कि नहीं?
फूल - मैं अपनी पार्टी के लिए नहीं कराई हूं।
रिपोर्टर - हमें ऐसी लड़की चाहिए जो नेताओं को पसंद आएं।
फूल - हां, एक से बढ़कर एक होंगी। कैसे ले जाइएगा, 2 दिन के लिए या लंबे समय के लिए।
रिपोर्टर - सिस्टम क्या है, आप तो ज्यादा जानती होंगी।
फूल - देखिए, आप 2 से 4 लड़की ले जाएंगे या और ज्यादा चाहिए।
रिपोर्टर - हमें अधिक चाहिए। आपको तो सब पता होगा, बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची हैं।
फूल - कोई भी घर छोड़कर जाएगा तो उसे उस हिसाब से पैसा चाहिए।
रिपोर्टर - हमें तो पूरी तरह से प्रोफेशनल ही चाहिए।

फूल जोशी ने हमें कहा, कि विधायक और पार्टी के बड़े नेताओं को इस नेटवर्क के बारे में सब पता है, लेकिन कोई कुछ बोल नहीं सकता है।
फूल जोशी बोली - कई राज्यों में भेजती है लड़कियां
भाजपा नेता फूल जोशी ने दावा किया, वह झारखंड बिहार ही नहीं कई राज्यों में लड़कियां भेजती हैं। जैसा पैसा मिलता है, वैसी लड़कियां भेजी जाती हैं।
रिपोर्टर - कहां, कहां भेजती हैं लड़कियां?
फूल - कई राज्यों में भेजती हूं, जयपुर तक भेजी है। स्पेशल डिमांड थी।
रिपोर्टर - कैसी स्पेशल लड़कियां।
फूल - सुंदर सेक्सी वाली, यही नेताओं को भी चाहिए होती है। ऐसी ही डिमांड देवघर में बालू माफिया की थी।
रिपोर्टर - कहां से आई थीं लड़कियां।
फूल - सब अपने नेटवर्क होती हैं, पैसे से मतलब है। मैंने बोल दिया, अच्छा पैसा मिलेगा तो चली गईं।

ये बीजेपी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष का लेटर है जो फूल जोशी ने हमें दिखाया। इसमें उसका नाम 15 नंबर पर है। उसका पद अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश मंत्री है।
एक नेता के लिए एक टाइम पर 2-2 लड़कियों का अरेजमेंट
डील के दौरान रिपोर्टर के सामने ही मिस्टी और फूल की बातचीत ने चौंका दिया। दोनों ने एक नेता के लिए एक साथ एक समय पर 2-2 लड़कियों को भेजी हैं। इतना ही नहीं एक लड़की के साथ 2-2 नेताओं को भी भेज देती हैं। देखिए नेताओं के क्या-क्या शौक हैं।
मिस्टी - दीदी एक नेता के लिए दो लड़की तैयार हो जाएंगी ना।
फूल - हां-यार, तैयार हो जाएंगी, क्यों नहीं होगी। पेमेंट क्या देंगे ये मायने रखता है।
मिस्टी - जिसने बाहर काम किया है, वह सब संभाल लेगी। हमने भी काम किया है, मुझे पता है।
फूल - दो-तीन लेकर चले जाइए, पहले काम कराकर देख लीजिए। अच्छा हुआ तो और लड़की देंगे।
रिपोर्टर - नेता लोग ऐसा ही चाहते हैं क्या।
फूल - हां, यही तो होता है। आप पहले 6 से 7 लड़कियां ले जाइए, फिर चुनाव में जितनी चाहिएगा उतनी देंगे।
रिपोर्टर - अभी शुरुआत ही हम 50 से करना चाहते हैं।
फूल - देखिए, आप दोनों नए हैं, ना हम आपको जानते हैं और ना आप हमें जानते हैं। पहले थोड़ा विश्वास बढ़ जाए।

फूल जोशी ने हमें अपने फेसबुक पर बिहार चुनाव के कैंपेन के दौरान की तस्वीर दिखाई।
मिस्टी बोली हॉस्टल से नेताओं के पास जाएंगीं लड़कियां
फूल जोशी से मिस्टी ने कहा, लड़कियां पटना में गर्ल्स हॉस्टल में मैं रखवा दूंगी। सेफ्टी की तो चिंता ही नहीं है। सब सुरक्षित मेरी निगरानी में रहेंगी। रिपोर्टर ने जब लड़कियों से बात कराने को कहा तो फूल जोशी और मिस्टी ने 12 से ज्यादा लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात करा दी।
दोनों ने बात कराते हुए उनसे यह भी सवाल किया कि नेताओं को खुश करने के लिए जाना है, कैसे काम करोगी बता दो। लड़कियों ने अपना एक्सपीरियंस और काम करने का तरीका भी वीडियो कॉल पर बताया।
फूल जोशी ने झारखंड, यूपी, एमपी, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और नेपाल की लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात कराई। दोनों ने दो से ढाई घंटे का समय मांगा और कहा आपकी चॉइस की लड़कियों को साथ भेज देंगे।
इस दौरान मिस्टी और फूल जोशी ने मोबाइल पर 70 से अधिक लड़कियों की फोटो उनकी प्रोफाइल के साथ दिखाई। बाद में दोनों ने मिलकर लड़कियों की फोटो भी प्रोफाइल के साथ हमें वॉट्सऐप पर भेजीं।
विधायक जानता है, पूछने की हिम्मत नहीं होती
फूल जोशी ने ये स्वीकार किया कि वह लड़कियों की सप्लाई करती है, इसकी जानकारी पार्टी के कई लोगों को है। यहां तक की उसने विधायक के बारे में कहा, वह जानते हैं लेकिन कभी पूछ नहीं पाए। पूछने की हिम्मत नहीं होती है।
मुझसे सवाल पूछने की हिम्मत कोई नहीं करता है। फूल ने बताया, इतने बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क है, अपनी छवि भी तो बचानी रहती है। इसलिए बड़ा अलर्ट होकर सारा काम किया जाता है।
रिपोर्टर - आप पॉलिटिक्स में हैं, आपको तो नेताओं के लिए व्यवस्था करनी पड़ती होगी।
फूल - सब सीक्रेट होता है, सबको पता भी नहीं। विधायक को पता चला, लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं हुई।
रिपोर्टर - आपके बारे में विधायक को पता है?
फूल - हां, बिहार के भी कई नेताओं से अच्छा संबंध है, नेताओं से मुलाकात होती है तो बिहार बुलाते हैं।
रिपोर्टर - आपको पार्टी में लड़कियां देनी पड़ती होंगी, आप इतने बड़े पद पर ऐसे नहीं पहुंची होंगी।
फूल - नहीं मैं पार्टी में नहीं देती हूं, बाहर के लिए सब काम होता है। बहुत वीआईपी लोग हैं, डिमांड करते हैं।
रिपोर्ट - पैकेज क्या होता है, हमारा सिस्टम क्या होगा?
फूल - पैकेज वाला लीजिएगा, 10 दिनों का पैकेज ले लीजिए। दो तरह से काम होता है, आप जैसा चाहिए।
रिपोर्टर - बता दीजिए, हम तैयार रहेंगे।
फूल - रेट और लड़कियों के एक्सपीरियंस के साथ डे व नाइट का अलग-अलग पैकेज होता है।
रिपोर्टर - लड़कियां कहां धनबाद से जाएंगी?
फूल - वहां के लोग लोकल नहीं मांगते हैं। धनबाद से लेकर कई शहरों से भेजा जाता है।
रिपोर्टर - झारखंड पूरा बिहार संभालता है, 99 प्रतिशत धनबाद का एजेंट सप्लाई देता है।

ऑपरेशन डर्टी पॉलिटिक्स के पार्ट-2 में कल देखिए विदेशों से कैसे मंगाई जाती हैं लड़कियां और कैसे चलता है एजेंट्स का पूरा नेटवर्क....
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
संसद में पीएम मोदी का 'रणघोष': पश्चिम एशिया युद्ध को बताया देश की 'सबसे बड़ी परीक्षा'; टीम इंडिया की तरह एकजुट होने की अपील नई दिल्ली | 24 मार्च 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में 21 मिनट का ओजस्वी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने मध्य पूर्व (Middle East) में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। पीएम ने देश को आगाह किया कि यह जंग केवल दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक दुष्परिणाम भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर 'सबसे बड़ी परीक्षा' की तरह आने वाले हैं। यहाँ प्रधानमंत्री के संबोधन, सरकार की रणनीति और राज्यों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. "सबसे बड़ी परीक्षा" और टीम इंडिया का आह्वान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाला समय भारत के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे निपटने का एकमात्र तरीका 'एकजुटता' है: कोविड मॉडल का जिक्र: पीएम ने याद दिलाया कि कैसे कोरोना संकट के समय केंद्र और राज्यों ने 'टीम इंडिया' की भावना से काम किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट भी वैसा ही गंभीर है, जिसके लिए राज्यों का सहयोग अनिवार्य है। विकास की रफ़्तार: उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध के बावजूद भारत की 'फास्टेस्ट ग्रोथ' को बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। 2. होर्मुज स्ट्रेट का संकट: भारतीय क्रू और सप्लाई चेन प्रधानमंत्री ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीयों और जहाजों पर बयान दिया: भारतीयों की सुरक्षा: होर्मुज जलमार्ग में कई व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं जिनमें भारतीय क्रू (चालक दल) सदस्य मौजूद हैं। सरकार उनके संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सप्लाई चैन पर चोट: युद्ध के कारण भारत की ओर आने वाले गैस, तेल और विशेषकर फर्टिलाइजर (खाद) के जहाज प्रभावित हुए हैं, जिसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। 3. पीएम मोदी के भाषण की 8 बड़ी बातें बिंदु विवरण ऊर्जा संकट पश्चिम एशिया की जंग से भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की सप्लाई चेन पर सीधा दबाव है। होर्मुज में फँसे भारतीय फंसे हुए भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सरकार के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय है। शांति और संवाद भारत का स्टैंड साफ है—समाधान युद्ध से नहीं, बातचीत से निकले। कमर्शियल जहाजों पर हमला नामंजूर है। वैश्विक संपर्क भारत लगातार गल्फ देशों, अमेरिका, इजराइल और अन्य पश्चिमी देशों के संपर्क में है। एनर्जी डायवर्सिफिकेशन भारत ने अब 41 देशों से तेल और गैस का आयात शुरू कर दिया है (पहले केवल 27 देश थे)। सक्रिय सरकार सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय 24x7 काम कर रहे हैं। भारतीयों की घर वापसी जंग शुरू होने से अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों और छात्रों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित लाया गया है। दीर्घकालिक असर पीएम ने आगाह किया कि अगर संकट लंबा चला, तो इसके आर्थिक परिणाम अत्यंत गंभीर हो सकते हैं। 4. राज्यों को सख्त निर्देश: कालाबाजारी और जमाखोरी पर एक्शन प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से प्रो-एक्टिव होने का आग्रह किया है: गरीब कल्याण: पीएम ने कहा कि युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर गरीबों और श्रमिकों पर पड़ता है। 'पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना' का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना राज्यों का काम है। बाजार पर नजर: राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि संकट का फायदा उठाकर कोई कालाबाजारी या जमाखोरी न करे। आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। 5. भविष्य की रणनीति: "धीरज और संयम" पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि इस युद्ध के हालात हर पल बदल रहे हैं: "यह संकट अलग प्रकार का है, इसलिए इसके समाधान भी अलग प्रकार के होंगे। हमें धीरज, संयम और शांत मन से इस चुनौती का मुकाबला करना होगा। हर देशवासी को हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।"
संसद में तकरार: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तीखा हमला— "राहुल को देखकर महिलाएं अनकम्फर्टेबल होती हैं"; विपक्ष का पलटवार नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के बीच राजनीतिक सरगर्मी अब व्यक्तिगत आरोपों के नए स्तर पर पहुँच गई है। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा खड़ा हो गया है। कंगना ने राहुल गांधी की तुलना 'टपोरी' से करते हुए कहा कि उनके आचरण से महिलाओं को असहजता महसूस होती है। यह विवाद 12 मार्च को संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और वहां चाय-नाश्ता करने की घटना से जुड़ा है। यहाँ इस पूरे राजनीतिक घमासान की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कंगना रनौत का बयान: "राहुल का व्यवहार टपोरी जैसा" बुधवार को संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा: असहजता का आरोप: "राहुल गांधी को देखकर हम महिलाओं को काफी अनकम्फर्टेबल (असहज) महसूस होता है। वे संसद में जिस तरह से आते हैं, वह किसी नेता जैसा नहीं लगता।" भाषा और आचरण: "वह टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं, तू-तड़ाक करते हैं। इंटरव्यू दे रहे लोगों के बीच में आकर उन्हें परेशान करते हैं और 'आजा... आजा' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्हें अपनी बहन (प्रियंका गांधी) से सीखना चाहिए, जिनका व्यवहार बहुत शालीन है।" 2. विवाद की जड़: 12 मार्च का 'चाय-बिस्कुट' प्रदर्शन यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 12 मार्च को राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ LPG संकट को लेकर संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संसदीय मर्यादा: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने वहां बैठकर चाय और बिस्कुट खाया था। ओपन लेटर: इस घटना की आलोचना करते हुए 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व सैनिक और 4 वकीलों ने एक खुला पत्र लिखकर राहुल गांधी से माफी की मांग की है। उनका तर्क है कि संसद की सीढ़ियों पर पिकनिक जैसा माहौल बनाना लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के खिलाफ है। 3. पूर्व PM देवगौड़ा की सोनिया गांधी को चिट्ठी जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। 16 मार्च को उन्होंने सोनिया गांधी को दो पन्नों का पत्र लिखा: नसीहत: 92 वर्षीय देवगौड़ा ने लिखा, "विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आपको अपने सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी को संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए समझाना चाहिए।" गरिमा का हनन: उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान नारेबाजी, पोस्टर दिखाना और संसद परिसर में बैठकर नाश्ता करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कम करता है। 4. विपक्ष का पलटवार: "कंगना को संसद स्टूडियो लगता है" कंगना के बयान के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उन पर कड़ा प्रहार किया है: नेता दल मुख्य बात ज्योतिमणि कांग्रेस (सांसद) "कंगना की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं। अच्छे कपड़े पहनने से कोई अच्छा इंसान नहीं बनता।" अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष "कंगना को लगता है संसद कोई फिल्म स्टूडियो है। राहुल गांधी वहां एक्टिंग करने नहीं जाते।" प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना (UBT) "मैंने 10 साल राहुल के साथ काम किया है, वे महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं। यह आरोप अजीब है।" 📊 विवाद का टाइमलाइन: मार्च 2026 12 मार्च: राहुल गांधी का संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ता करते हुए LPG कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन। 14-15 मार्च: पूर्व अधिकारियों और सैनिकों द्वारा माफी की मांग वाला ओपन लेटर जारी। 16 मार्च: पूर्व PM एचडी देवगौड़ा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर राहुल के आचरण पर चिंता जताई। 18 मार्च: कंगना रनौत का 'टपोरी' और 'असहजता' वाला बयान, जिस पर सियासी बवाल शुरू हुआ। 5. राहुल गांधी का बचाव और तर्क कांग्रेस समर्थकों और सांसदों का कहना है कि राहुल गांधी एक 'जन-नेता' (People's Leader) हैं और उनका व्यवहार अनौपचारिक (Informal) है, जिसे भाजपा 'अभद्रता' के रूप में पेश कर रही है। प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले स्वयं प्रधानमंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के बारे में 'असहज' होने की बात कही थी, तो अब भाजपा सांसद उसी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।
ऊर्जा संकट पर सरकार का 'महा-मंथन': 60% LPG आयात पर युद्ध की मार; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई चेन ध्वस्त, कालाबाजारी पर सख्त एक्शन की तैयारी नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग ने भारत की रसोई तक अपनी तपिश पहुँचा दी है। देश में गहराते LPG और कच्चे तेल के संकट को लेकर गुरुवार को भारत सरकार के चार प्रमुख मंत्रालयों— विदेश, शिपिंग, पेट्रोलियम और सूचना प्रसारण ने एक ऐतिहासिक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत की 90% गैस सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आती है, जो युद्ध के कारण फिलहाल 'डेड ज़ोन' बन चुका है। यहाँ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातों और मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. पेट्रोलियम मंत्रालय: डिमांड-सप्लाई मैनेजमेंट और पैनिक बुकिंग पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देश को भरोसा दिलाने की कोशिश की: घरेलू उत्पादन में वृद्धि: सरकार ने सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG उत्पादन को अपनी अधिकतम क्षमता तक ले जाएं। इसके परिणामस्वरूप घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। केरोसिन का अतिरिक्त कोटा: ग्रामीण और जरूरतमंद इलाकों के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन जारी किया गया है। पैनिक बुकिंग पर रोक: देश में रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर होते हैं, लेकिन युद्ध के डर से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पैनिक बुकिंग ही किल्लत की असली वजह बन रही है। कमर्शियल सिलेंडर: दिल्ली जैसे महानगरों में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिले। 2. शिपिंग मंत्रालय: समुद्र में फंसे भारतीय और दुखद खबरें शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने पर्शियन गल्फ में फंसे नाविकों का डेटा साझा किया: नाविकों की सुरक्षा: वर्तमान में 28 भारतीय जहाज गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार सैटेलाइट के जरिए हर मिनट उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही है। दुखद हादसे: युद्ध क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक अब भी लापता है। 'स्कायलाइट' और 'एमकेडी व्योम' नाम के जहाजों को निशाना बनाया गया था। 3. विदेश मंत्रालय: सुरक्षित निकासी का 'आर्मेनिया-अजरबैजान' रूट MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान में फंसे 9,000 भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की: वैकल्पिक एग्जिट: क्योंकि ईरान का हवाई क्षेत्र असुरक्षित है, इसलिए भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान की जमीनी सीमा पार करने में दूतावास मदद कर रहा है। वहां से वे कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए भारत आ सकते हैं। दूतावास की मदद: तेहरान में भारतीय दूतावास 24/7 वीजा और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है। 📊 सप्लाई संकट के 2 सबसे बड़े कारण कारण प्रभाव वर्तमान स्थिति होर्मुज स्ट्रैट (167 किमी) 54% LNG इसी रास्ते से आती है। युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद। कतर का प्लांट शटडाउन भारत 40% LNG कतर से लेता है। ईरानी ड्रोन हमलों के डर से कतर ने प्रोडक्शन रोका। 4. कालाबाजारी: ₹900 का सिलेंडर ₹1800 में युद्ध की आड़ में घरेलू स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है। दोगुनी कीमतें: कुछ राज्यों में ₹900 का सिलेंडर ₹1800 तक बिकने की खबरें हैं। सरकार का एक्शन: केंद्र ने राज्यों को Essential Commodities Act (अनिवार्य वस्तु अधिनियम) के तहत कार्रवाई करने और जिला कलेक्टरों को गैस एजेंसियों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। 5. कब तक सुधरेंगे हालात? (भविष्य की रणनीति) इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक के.एम. ठाकुर के अनुसार, सरकार 'प्लान-बी' पर काम कर रही है: वैकल्पिक कार्गो: अमेरिका, अल्जीरिया और रूस से अतिरिक्त तेल और गैस मंगाने के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। G7 देशों की मदद: विकसित देश अपने 'इमरजेंसी ऑयल रिजर्व' से तेल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं ताकि वैश्विक कीमतें स्थिर हो सकें। स्ट्रीमलाइनिंग डिलीवरी: राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे लाभार्थियों की सूची तैयार करें ताकि सिलेंडर की 'राशनिंग' की जा सके और जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।