हाल ही में, भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे गंभीर भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, नई दिल्ली ने एक असाधारण मानवीय कदम उठाते हुए पाकिस्तान के एक राहत विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की त्वरित अनुमति प्रदान की है। यह विमान साइक्लोन दितवाह से बुरी तरह प्रभावित पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए राहत सामग्री ले जा रहा था। यह मंजूरी सिर्फ 4 घंटों के भीतर दी गई, जो दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच की सामान्य गतिरोधपूर्ण प्रक्रियाओं के विपरीत है।
पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट की थी, जिसका मकसद श्रीलंका को मानवीय मदद देना बताया गया था। भारत ने इस रिक्वेस्ट को बहुत तेजी से प्रोसेस किया और शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की परमिशन दे दी। यह त्वरित प्रतिक्रिया उस वक्त आई है जब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है।
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्रीय आपदा और मानवीय सहायता के समय भू-राजनीतिक शत्रुता को कुछ समय के लिए दरकिनार किया जा सकता है। हालाँकि, यह सकारात्मक कदम तुरंत ही एक विवाद में उलझ गया जब पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग ने यह झूठा दावा किया कि नई दिल्ली ने ओवरफ्लाइट की अनुमति देने से मना कर दिया है। भारतीय अधिकारियों ने इन आरोपों को "बेबुनियाद और गुमराह करने वाला" बताया और स्पष्ट किया कि यह मंजूरी पूरी तरह से मानवीय कदम था, भले ही पाकिस्तान ने अभी भी भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है।
यह विस्तृत आलेख भारत द्वारा पाकिस्तान को दी गई ओवरफ्लाइट मंजूरी के राजनयिक महत्व, साइक्लोन दितवाह से श्रीलंका में हुई विनाशकारी तबाही, पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच एयरस्पेस बंद होने की पृष्ठभूमि, पाकिस्तानी मीडिया द्वारा फैलाई गई गलत सूचना और भारत की अपनी व्यापक राहत पहल 'ऑपरेशन सागर बंधु' के संदर्भ में इस पूरे घटनाक्रम का 5000 शब्दों में गहन मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।
भारत का यह फैसला, दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के संदर्भ में, एक महत्वपूर्ण राजनयिक और मानवीय कदम है।
अनुरोध का समय: पाकिस्तान ने सोमवार, 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1 बजे भारतीय एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की रिक्वेस्ट की।
मंजूरी का कारण: अनुरोध में स्पष्ट किया गया था कि विमान श्रीलंका को मानवीय मदद देने जा रहा है।
भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने इस रिक्वेस्ट को "बहुत तेजी से" प्रोसेस किया।
मंजूरी का समय: सोमवार को शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तानी विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र से गुजरने की परमिशन दे दी गई, यानी सिर्फ 4 घंटों के भीतर।
परिभाषा: ओवरफ्लाइट वह स्थिति है जब कोई विदेशी विमान किसी देश की सीमा के ऊपर से गुजरता है, लेकिन वहाँ लैंड नहीं करता।
भारत का लाभ: भारत के एयरस्पेस के उपयोग से पाकिस्तानी राहत विमान का ईंधन और यात्रा समय काफी कम हो गया होगा, जिससे राहत सामग्री जल्दी श्रीलंका पहुँच सकेगी।
राजनयिक संदेश: भारत ने यह मंजूरी देकर दुनिया को यह संदेश दिया है कि मानवीय संकट के समय वह अपनी राजनीतिक शत्रुता को परे रखने में सक्षम है।
यह त्वरित मंजूरी इसलिए भी असाधारण है क्योंकि दोनों देशों ने लगभग एक महीने से एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर रखा है।
घटना: 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में तनाव खतरनाक स्तर तक बढ़ गया था।
पाकिस्तान की कार्रवाई: बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने 24 अप्रैल 2025 को खुद भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।
भारत की जवाबी कार्रवाई: इसके जवाब में भारत ने 30 अप्रैल 2025 से पाकिस्तान में रजिस्टर्ड और ऑपरेट होने वाले विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद करने का निर्देश जारी किया।
यातायात: रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद करने से पहले, रोजाना 100–150 भारतीय विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस से गुजरते थे।
वित्तीय और परिचालन लागत: एयरस्पेस बंद होने से दोनों देशों की एयरलाइनों को लंबा रूट लेना पड़ा, जिससे ईंधन और परिचालन लागत में भारी वृद्धि हुई।
एकतरफा मंजूरी: भारतीय अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है, इसके बावजूद भारत ने पाकिस्तानी विमान को गुजरने की मंजूरी दी। यह कदम सिर्फ मानवीय आधार पर लिया गया, जो राजनयिकों के बीच इसे एक अपवाद के रूप में स्थापित करता है।
यह सकारात्मक घटनाक्रम पाकिस्तानी मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा फैलाई गई गलत सूचना के कारण तुरंत विवादों में घिर गया।
मीडिया रिपोर्ट: अधिकारियों का यह बयान तब आया जब पाकिस्तानी मीडिया ने कहा कि नई दिल्ली ने ओवरफ्लाइट के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से मना कर दिया है।
राजनयिक बदनामी: ऐसा दावा करके, पाकिस्तानी मीडिया ने भारत को अमानवीय दिखाने और तनाव को और बढ़ाने की कोशिश की।
स्पष्टीकरण: भारतीय अधिकारियों ने इन आरोपों को "बेबुनियाद और गुमराह करने वाला" बताया।
तथ्य का प्रमाण: भारत ने मंजूरी दिए जाने की जानकारी 5:30 बजे ही आधिकारिक चैनलों के जरिए पाकिस्तान सरकार को दे दी थी।
नैतिक श्रेष्ठता: भारत ने इस झूठे दावे का उपयोग अपनी कार्रवाई को नैतिक और मानवीय साबित करने के लिए किया, यह दिखाते हुए कि भारत मुश्किल समय में भी सहयोग के लिए तैयार है।
पाकिस्तान और भारत दोनों की इस पहल का केंद्र श्रीलंका में आया भीषण साइक्लोन दितवाह है, जिसने द्वीप राष्ट्र में भारी तबाही मचाई है।
मृत्यु और लापता: साइक्लोन दितवाह की वजह से श्रीलंका में भारी बाढ़ आई है। कम से कम 334 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, और 370 लोग लापता हैं।
प्रभावित आबादी: देश में 11 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, और लगभग 2 लाख लोग घर छोड़कर शेल्टर होम में रहने को मजबूर हैं।
भारत ने श्रीलंका को मदद पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है और एक व्यापक पहल 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत राहत सामग्री भेजी है:
कुल सामग्री: भारत ने श्रीलंका को कुल 53 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है।
नौसेना और वायुसेना:
कोलंबो में इंडियन नेवी के दो जहाज से 9.5 टन इमरजेंसी राशन भेजा गया है।
इंडियन एयर फोर्स के तीन एयरक्राफ्ट 31.5 टन राहत सामग्री (टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट, दवाइयां, सर्जिकल इक्विपमेंट) एयरलिफ्ट करने के लिए तैनात हैं।
विशेषज्ञ टीमें: भारत ने पाँच लोगों की मेडिकल टीम और NDRF की 80 लोगों की स्पेशल टीम भी भेजी है।
अतिरिक्त मदद: इंडियन नेवी के जहाज सुकन्या (त्रिंकोमाली में) पर 12 टन और राहत सामग्री भेजी गई है, जिससे कुल सामग्री 53 टन हो गई है।
भारत द्वारा पाकिस्तान को दी गई यह त्वरित एयरस्पेस मंजूरी आधुनिक भू-राजनीति में मानवीय कूटनीति (Humanitarian Diplomacy) की भूमिका को रेखांकित करती है।
संबंधों में सेतु: यह घटना दिखाती है कि क्षेत्रीय आपदाएँ दोनों शत्रु राष्ट्रों के बीच संबंधों में एक अस्थायी सेतु का काम कर सकती हैं।
सद्भावना निर्माण: भले ही राजनीतिक और सैन्य तनाव कायम हो, भारत ने यह सद्भावनापूर्ण कदम उठाकर क्षेत्रीय और वैश्विक मंच पर अपनी जिम्मेदार राष्ट्र की छवि को मजबूत किया है।
पारदर्शिता का महत्व: पाकिस्तानी मीडिया द्वारा झूठा दावा फैलाना यह साबित करता है कि ऐसे मानवीय कदमों में भी पारदर्शिता बनाए रखना और आधिकारिक संचार जारी करना कितना महत्वपूर्ण है, ताकि गलत सूचना के प्रचार को रोका जा सके।
भविष्य की संभावना: यह उम्मीद की जा सकती है कि यह मानवीय पहल भविष्य में दोनों देशों के बीच एयरस्पेस खोलने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए एक छोटी शुरुआत का काम करे, खासकर जब लाखों लोग प्राकृतिक आपदा से त्रस्त हों।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी का नाम: 'स्वीडिश ब्लॉन्ड' और स्कारलेट जोहानसन को लेकर हुई चैट्स का खुलासा; रसूखदारों के सिंडिकेट का पर्दाफाश न्यूयॉर्क/मुंबई | 7 फरवरी 2026 कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के नए दस्तावेजों ने भारत के कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन फाइलों में रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच 2017 से 2019 के दौरान हुए ईमेल और चैट्स का विवरण है। ये खुलासे उस समय के हैं जब एपस्टीन पहले ही यौन अपराधों के लिए सजा काट चुका था। यहाँ इस मामले से जुड़े प्रमुख और चौंकाने वाले बिंदु दिए गए हैं: 1. 'मजेदार मुलाकात' के लिए 'स्वीडिश ब्लॉन्ड' की चर्चा दस्तावेजों के अनुसार, 9 मार्च 2017 को अनिल अंबानी और एपस्टीन के बीच महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक संवाद हुआ: सुझाव की मांग: अंबानी ने एपस्टीन से मुलाकात को लेकर सुझाव मांगा। एपस्टीन का जवाब: एपस्टीन ने लिखा कि मुलाकात को 'मजेदार' बनाने के लिए एक 'लंबी स्वीडिश ब्लॉन्ड महिला' बेहतर होगी। अंबानी की प्रतिक्रिया: रिपोर्ट का दावा है कि अंबानी ने इसके जवाब में 'इसे अरेंज करो' (Arrange it) लिखा। 2. फेवरेट हीरोइन और स्कारलेट जोहानसन का जिक्र चैट्स में निजी पसंद और हॉलीवुड से जुड़े संदर्भ भी सामने आए हैं: पसंदीदा अभिनेत्री: जब एपस्टीन ने पसंदीदा महिला के बारे में पूछा, तो अंबानी ने स्कारलेट जोहानसन का नाम लिया। (उस वक्त अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरटेनमेंट जोहानसन की फिल्म ‘घोस्ट इन द शेल’ की को-प्रोड्यूसर थी)। मुलाकातें: रिकॉर्ड्स बताते हैं कि मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क में एपस्टीन के मैनहैटन स्थित घर पर उससे मिले थे। इसके अलावा पेरिस और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में भी मिलने की योजनाएं बनी थीं। 3. भारतीय सेलिब्रिटीज का भी नाम आया सामने फाइलों में केवल कारोबारी ही नहीं, बल्कि भारत के कई सांस्कृतिक और फिल्म जगत के चेहरों के नाम भी सामाजिक या पेशेवर संपर्कों के तौर पर दर्ज हैं: मीरा नायर और गिस्लेन मैक्सवेल: 2009 में मीरा नायर की फिल्म 'एमेलिया' की रिलीज के बाद एपस्टीन की पार्टनर गिस्लेन मैक्सवेल ने एक 'आफ्टर-पार्टी' होस्ट की थी, जिसमें नायर शामिल हुई थीं। अन्य नाम: फाइलों में अनुराग कश्यप, नंदिता दास, और दीपक चोपड़ा जैसे नामों का भी जिक्र है। महत्वपूर्ण नोट: विशेषज्ञों और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इन फाइलों में नाम होने मात्र का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति किसी अपराध में शामिल था। ये केवल एपस्टीन के व्यापक नेटवर्क को दर्शाते हैं। 📊 जेफ्री एपस्टीन: रसूख और अपराध का साम्राज्य श्रेणी विवरण काम करने का तरीका 'लोलिता एक्सप्रेस' (प्राइवेट जेट) के जरिए नाबालिगों की तस्करी। नेटवर्क डोनाल्ड ट्रंप, बिल गेट्स, प्रिंस एंड्रयू और अनिल अंबानी जैसे शक्तिशाली लोगों से संपर्क। अंत 2019 में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद जेल में आत्महत्या। मैक्सवेल की सजा एपस्टीन की मददगार गिस्लेन मैक्सवेल फिलहाल 20 साल की सजा काट रही हैं। 4. मी टू (#MeToo) मूवमेंट और एपस्टीन का पतन एपस्टीन का मामला 2005 में शुरू हुआ था, लेकिन 2017 में हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वे वाइंस्टीन के खिलाफ शुरू हुए 'मी टू' मूवमेंट ने एपस्टीन के पुराने काले कारनामों को फिर से हवा दी। वर्जीनिया ग्रिफे सहित 80 से ज्यादा महिलाओं के साहस ने इस रसूखदार अपराधी को सलाखों के पीछे पहुँचाया, जहाँ उसकी मौत एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।
एपस्टीन फाइल्स का महाविस्फोट: 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' और मर्डर मिस्ट्री का खुलासा; मस्क, गेट्स और ट्रंप समेत कई दिग्गजों के नाम वॉशिंगटन/लंदन | 6 फरवरी 2026 दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच की लाखों फाइलें अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DoJ) द्वारा सार्वजनिक किए जाने के बाद वैश्विक राजनीति और व्यापार जगत में हड़कंप मच गया है। 30 लाख पेज, 1.80 लाख तस्वीरों और 2 हजार वीडियो के इस डेटा ने उन डरावने रहस्यों से पर्दा उठाया है, जो अब तक एपस्टीन के निजी आइलैंड और 'जोरो रैंच' फार्म हाउस की दीवारों के पीछे दबे थे। यहाँ नवीनतम फाइलों से निकले 5 सबसे चौंकाने वाले खुलासे दिए गए हैं: 1. 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' और गायब होते बच्चे दस्तावेजों में एक नाबालिग पीड़िता का बयान सामने आया है जिसने खुद को 'ह्यूमन इनक्यूबेटर' बताया। जबरन गर्भधारण: आरोप है कि न्यू मैक्सिको स्थित 'जोरो रैंच' में लड़कियों को बंधक बनाकर उनसे जबरन बच्चे पैदा कराए जाते थे। रहस्यमयी मौतें: एक फाइल के अनुसार, दो विदेशी महिलाओं की यौन शोषण के दौरान गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उन्हें फार्म हाउस में ही दफना दिया गया। इसमें एपस्टीन की साथी गिस्लेन मैक्सवेल की भूमिका भी संदिग्ध है। 2. लपेटे में दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग जारी की गई फाइलों में कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम और उनके बीच हुए ईमेल संवाद दर्ज हैं। इलॉन मस्क: नवंबर 2012 के एक ईमेल में मस्क ने एपस्टीन के आइलैंड पर 'वाइल्ड पार्टी' के बारे में पूछा था। प्रिंस एंड्रयू: तस्वीरों में ब्रिटिश प्रिंस एक अज्ञात महिला के ऊपर झुके हुए नजर आ रहे हैं। दिग्गज नाम: बिल गेट्स, डोनाल्ड ट्रंप, रिचर्ड ब्रैनसन और पूर्व ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन का भी जिक्र है। नोट: सरकारी एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नाम आने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी व्यक्ति अपराध में शामिल थे। 3. ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल: स्टार्मर से इस्तीफे की मांग एपस्टीन फाइल्स के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। पीटर मैंडेलसन विवाद: पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन की एक आपत्तिजनक तस्वीर सामने आई है। स्टार्मर पर आरोप है कि उन्हें मैंडेलसन और एपस्टीन की दोस्ती का पता था, फिर भी उन्होंने नियुक्ति की। माफी: प्रधानमंत्री स्टार्मर ने इस मामले से आहत लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, लेकिन इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। 4. भारतीय कनेक्शन: पूर्व उच्चायुक्त का नाम दस्तावेजों में ब्रिटेन में भारत के पूर्व उच्चायुक्त वाई.के. सिन्हा के नाम का भी उल्लेख है। वे बाद में भारत के मुख्य सूचना आयुक्त भी रहे। हालांकि, उनके नाम का संदर्भ क्या है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है और उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 📊 एपस्टीन केस: एक नज़र में विवरण सांख्यिकी / जानकारी डेटा का आकार 30 लाख पेज, 1.80 लाख फोटो, 2000 वीडियो लेनदेन का तरीका पारंपरिक बैंक के बजाय बिटकॉइन (Crypto) का इस्तेमाल प्राइवेट जेट 'लोलिता एक्सप्रेस' (नाबालिगों को लाने के लिए इस्तेमाल) मुख्य अपराधी जेफ्री एपस्टीन (जेल में आत्महत्या), गिस्लेन मैक्सवेल (20 साल की सजा) लापरवाही जस्टिस डिपार्टमेंट ने पीड़ितों के नाम और फोन नंबर सार्वजनिक करने की गलती मानी 5. शोषण का तरीका: फिल्म और शॉपिंग का लालच दस्तावेजों से पता चला है कि गिस्लेन मैक्सवेल 1994 से 1997 के बीच नाबालिग लड़कियों को फंसाने के लिए 'ग्रूमिंग' करती थीं। वे लड़कियों से दोस्ती करतीं, उन्हें फिल्में दिखाने या शॉपिंग पर ले जातीं और फिर धीरे-धीरे उन्हें एपस्टीन के पास 'मसाज' के लिए भेजतीं, जहाँ उनका यौन शोषण होता था।
शहबाज शरीफ का कबूलनामा: 'दुनिया से भीख मांगने में आती है शर्म' इस्लामाबाद | 31 जनवरी 2026 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की जर्जर आर्थिक स्थिति और विदेशी कर्ज पर बढ़ती निर्भरता को लेकर अपना दर्द साझा किया है। इस्लामाबाद में व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने माना कि बार-बार दूसरे देशों के सामने हाथ फैलाने से देश के आत्मसम्मान को ठेस पहुँच रही है। यहाँ पाकिस्तान के आर्थिक संकट और शहबाज के संबोधन की बड़ी बातें दी गई हैं: 1. "भीख मांगने में आती है शर्म" प्रधानमंत्री ने देश की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा: सम्मान पर बोझ: शहबाज शरीफ ने कहा, "जब सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और मैं दुनिया भर में पैसे मांगने जाते हैं, तो हमें शर्मिंदगी महसूस होती है। यह कर्ज हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है।" शर्तों की मजबूरी: उन्होंने स्वीकार किया कि कर्ज के बदले कई बार पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और देशों की उन शर्तों को भी मानना पड़ता है, जिन्हें वे 'ना' कहना चाहते हैं। 2. दोस्त देशों के सहारे टिकी है पाकिस्तान की सांसें पाकिस्तान वर्तमान में पूरी तरह से बाहरी मदद और 'कर्ज रोलओवर' पर निर्भर है: हर मौसम का दोस्त (चीन): चीन ने पाकिस्तान के 4 अरब डॉलर के कर्ज की समय-सीमा बढ़ा दी है। चीन अब तक पाकिस्तान में 60 अरब डॉलर का निवेश (CPEC) कर चुका है। सऊदी अरब और खाड़ी देश: सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर बैंक में जमा कराए और तेल उधार पर दिया। UAE और कतर भी बिजली, बंदरगाह और कृषि क्षेत्रों में अरबों डॉलर के निवेश का वादा कर चुके हैं। 📊 पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली: आंकड़ों की जुबानी पाकिस्तान के आधिकारिक आंकड़े देश की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं: श्रेणी वर्तमान स्थिति (2025-26) 2018 की स्थिति गरीबी दर 45% (लगभग आधी आबादी) 21.9% अत्यधिक गरीबी 16.5% 4.9% बेरोजगारी 80 लाख+ लोग (7.1%) - कुल सरकारी कर्ज ₹76,000 अरब+ 4 साल में दोगुना 3. भविष्य की राह: "पुराना तरीका अब नहीं चलेगा" शहबाज शरीफ ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान को अपनी इज्जत बचानी है, तो उसे दूसरे रास्ते तलाशने होंगे: इनोवेशन की कमी: पीएम ने माना कि पाकिस्तान ने रिसर्च, डेवलपमेंट और तकनीक पर काम नहीं किया। क्षेत्रों पर ध्यान: उन्होंने सॉफ्टवेयर, कृषि और पशुपालन में सुधार की जरूरत बताई ताकि निर्यात (Export) केवल कपड़ा उद्योग तक सीमित न रहे। 4. निवेश की उम्मीद या नया कर्ज? शहबाज सरकार अब विशेष निवेश सुविधा परिषद (SIFC) के जरिए सऊदी और कतर से निवेश लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक राजनीतिक स्थिरता और बुनियादी ढांचे में सुधार नहीं होता, तब तक केवल निवेश के वादे देश को डिफॉल्ट होने से नहीं बचा पाएंगे।