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छत्तीसगढ़ में ISIS का डिजिटल जाल: नाबालिगों को गेमिंग, इंस्टाग्राम और डार्क वेब के जरिए ब्रेनवॉश करने का खुलासा

रवि चौहान नवम्बर 22, 2025 0
छत्तीसगढ़ में ISIS का डिजिटल जाल: नाबालिगों को गेमिंग
छत्तीसगढ़ में ISIS का डिजिटल जाल: नाबालिगों को गेमिंग

भूमिका : एक खामोश खतरा जो घरों के भीतर पल रहा था

 

पिछले कुछ वर्षों से भारत में आतंकवादी संगठनों द्वारा डिजिटल माध्यमों से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिशों का खतरा बढ़ता जा रहा है। इंटरनेट की दुनिया जितनी तेज़ी से फैली, उतनी ही तेजी से इसके काले कोने भी सक्रिय होते गए। सोशल मीडिया, गेमिंग प्लेटफॉर्म, इंस्टेंट चैटिंग ऐप और डार्क वेब—ये सब अब सिर्फ तकनीकी शब्द नहीं रह गए, बल्कि अपराधियों और आतंकी संगठनों के लिए हथियार बन चुके हैं।

छत्तीसगढ़ की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने हाल ही में एक ऐसा मामला उजागर किया, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यह सिर्फ एक साइबर क्राइम या फेक अकाउंट का मामला नहीं था, बल्कि दो नाबालिग बच्चों के दिमाग को डिजिटल जिहाद की तरफ मोड़ने की साज़िश थी—एक ऐसी साज़िश, जो पूरी तरह मोबाइल स्क्रीन के अंदर चुपचाप चल रही थी और जिसकी भनक तक परिवारों को नहीं लगी।

ATS ने रायपुर और भिलाई से 2 नाबालिगों को पकड़ा। दोनों स्कूल के साधारण स्टूडेंट थे—10वीं और 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले। एक के पिता CRPF में जवान, दूसरे के पिता ऑटो चलाते हैं। यानी दोनों आम, सरल, मेहनती परिवारों से आने वाले बच्चे। लेकिन इंटरनेट की दुनियों में वे ऐसे नेटवर्क से जुड़ चुके थे जो पाकिस्तान में बैठे ISIS हैंडलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था।

कहानी यहीं से शुरू नहीं होती। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया की एक छोटी-सी रिपोर्ट से होती है और धीरे-धीरे यह उस नेटवर्क तक पहुँचती है, जहाँ ISIS के डिजिटल ट्रेनर्स बच्चों को जिहादी मिशन के लिए तैयार कर रहे थे—वह भी केवल मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करके।

 


पहला अध्याय — एक छोटी-सी शिकायत, और आतंक की एक बड़ी दुनिया खुली

 

ATS के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे मामले की शुरुआत एक बिलकुल साधारण-सी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग शिकायत से हुई। सोशल मीडिया पर एक कंटेंट की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें धार्मिक और हिंसक सामग्री शामिल थी। यह कंटेंट किसने पोस्ट किया था? किस ग्रुप से आया था? शिकायत दर्ज होने पर ATS की साइबर टीम ने सामान्य जांच शुरू की, लेकिन जांच के शुरुआती 48 घंटों में जो सामने आया, उसने उन्हें चौकन्ना कर दिया।

सोशल मीडिया पर एक इंस्टाग्राम ग्रुप बार-बार उनकी निगरानी में दिख रहा था। ग्रुप का नाम और उसका आइकन इस बात का संकेत दे रहा था कि यह ISIS समर्थक किसी फर्जी नेटवर्क से जुड़ा हुआ हो सकता है। गहराई से जब इस ग्रुप के सदस्यों की जांच की गई, तो पता चला—

 

दो भारतीय नाबालिग इस प्रतिबंधित ग्रुप में लगातार एक्टिव थे।

 

वे न सिर्फ ग्रुप में मौजूद थे, बल्कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के साथ अलग-अलग चैट मॉड्यूल में भी बात कर रहे थे। पहली नजर में यह एक साइबर अपराध जैसा लग सकता था, लेकिन जब ATS ने चैट, वीडियो, वॉयस नोट्स और मैप क्लिपिंग्स की जांच शुरू की, मामला बेहद गंभीर हो गया।

ATS टीम ने अगले लगभग डेढ़ साल तक इन दोनों नाबालिगों को चुपचाप मॉनिटर किया।
निगरानी सिर्फ डिजिटल नहीं, बल्कि ह्यूमन सर्विलांस भी थी—यानि ऑफलाइन लाइफ को भी चेक किया गया।

और जितना ज़्यादा देखा गया, उतनी ही गहरी यह साज़िश सामने आती गई।

 


दूसरा अध्याय — इंस्टाग्राम का “सीक्रेट नेटवर्क” और हिंसा का ग्लैमर

 

ISIS का नेटवर्क अब पहले जैसा जमीन-आधारित नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में उसके फिजिकल कैंप लगभग खत्म हो चुके हैं, इसलिए उन्होंने तकनीक का नया रास्ता चुना—डिजिटल ब्रेनवॉशिंग।

ATS की जांच में पता चला कि पाकिस्तान में बैठे ISIS हैंडलर्स इंस्टाग्राम, गेमिंग ग्रुप्स और डार्क वेब के माध्यम से बच्चों तक पहुंच रहे थे। इन नाबालिगों का डिजिटल व्यवहार लगातार ट्रैक हो रहा था। इंस्टाग्राम का एल्गोरिद्म स्वयं हिंसक वीडियो, धार्मिक संघर्ष और युद्ध से जुड़े कंटेंट उन यूजर्स को सुझाव देता है, जो ऐसे विषयों पर अधिक समय बिताते हैं।

इन दोनों बच्चों का ऑनलाइन व्यवहार भी इसी दिशा में झुक रहा था—

  • एक बच्चा गेमिंग में बहुत एक्टिव था।

  • दूसरा इंस्टाग्राम पर धार्मिक बहस और विवादित कंटेंट देखता था।

यहीं से हैंडलर्स ने उन्हें टारगेट करना शुरू किया।

पहले यह सिलसिला शुरू हुआ मोटिवेशनल और धार्मिक पोस्ट से।

धीरे-धीरे इन्हें ऐसी सामग्री भेजी जाने लगी जिसमें युद्ध, हथियार, धमाके और हिंसा के ग्लैमर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था।

फिर एक दिन हैंडलर्स ने दोनों को अलग-अलग चैट रूम में ले लिया।
वे धीरे-धीरे बच्चों को यह विश्वास दिलाने में सफल हो गए कि—

“तुम खास हो…
तुम्हें एक सीक्रेट मिशन के लिए चुना गया है…
तुम्हें जिहाद के लिए तैयार किया जा रहा है…”

यहीं से असल ब्रेनवॉशिंग शुरू हुई।

 


तीसरा अध्याय — गुप्त ग्रुप, फेक अकाउंट्स और हर दिन मिलने वाले “डिजिटल टास्क”

 

दोनों नाबालिगों की चैट हिस्ट्री बेहद डरावनी थी।
ATS की जांच में यह सामने आया कि हैंडलर्स उन्हें हर दिन छोटे-छोटे टास्क देते थे—

  • नया फेक इंस्टाग्राम अकाउंट बनाना

  • ग्रुप में 10–20 नए यूजर्स जोड़ना

  • हिंसक वीडियो को रीपोस्ट करना

  • ऑडियो मैसेज रिकॉर्ड कर भेजना

  • ग्रुप से जुड़े “जिहादी भाषण” को एडिट करके शेयर करना

  • अलग-अलग समय पर VPN बदलने के निर्देश

हैंडलर्स उन्हें इस तरह प्रशिक्षित कर रहे थे जैसे कोई संगठन अपने रिक्रूट को ट्रेनिंग देता है।
ये टास्क धीरे-धीरे बच्चों के दिमाग में यह बैठाने के लिए थे कि—

“हम तुम्हें परख रहे हैं… अगर तुम ये कर सकते हो, तो तुम असली मुजाहिद हो।”

ATS अधिकारियों का कहना है कि कंटेंट का पैटर्न इस तरह तैयार किया जा रहा था कि नाबालिग सिस्टम, समाज और दूसरे समुदाय के खिलाफ नफरत महसूस करने लगें। हैंडलर्स उनकी तारीफ करते—

“तुम बहुत बहादुर हो।”
“तुम सच्चे जांबाज हो।”
“तुम्हें बड़े मिशन के लिए चुना गया है।”

यही डिजिटल मनोवैज्ञानिक तकनीक धीरे-धीरे बच्चों के अवचेतन मन पर असर डालने लगी।

 


चौथा अध्याय — सबसे खतरनाक मोड़: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय एयर स्ट्राइक मैप की मांग

 

मामले का सबसे डराने वाला हिस्सा इससे आगे है।
यह वह समय था जब भारत और पाकिस्तान के बीच मीडिया ब्लैकआउट था।
देश में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा था। दोनों देशों ने एक-दूसरे के न्यूज चैनलों को ब्लॉक कर रखा था।

इसी समय पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मौका देखा।

ATS सूत्रों के मुताबिक:

**हैंडलर्स ने दोनों नाबालिगों को कहा—

“हमें भारत की एयर स्ट्राइक और सैन्य मूवमेंट के मैप की क्लिपिंग भेजो।”**

दोनों बच्चों ने भारतीय न्यूज चैनलों पर चल रहे स्ट्राइक मैप्स की वीडियो रिकॉर्डिंग की और इंस्टाग्राम के सीक्रेट चैट में यह क्लिपिंग भेज दी।

यह देश की सुरक्षा के लिए एक बेहद खतरनाक स्थिति थी।
हैंडलर्स इस जानकारी के आधार पर पाकिस्तान में बैठे अपने नेटवर्क को भारतीय सैन्य गतिविधि के बारे में अपडेट कर सकते थे।

 


पाँचवां अध्याय — गेमिंग चैट: ISIS की नई भर्ती तकनीक

 

इस मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया—गेमिंग चैट

ऑनलाइन शूटिंग और मिशन-बेस्ड मल्टीप्लेयर गेम्स में प्राइवेट चैट रूम बनाए जा सकते हैं।
यहां खिलाड़ी आपस में टेक्स्ट, वॉयस और ग्रुप चैट कर सकते हैं।
हैंडलर्स ने इसी सुविधा का फायदा उठाया।

जब बच्चे ऑनलाइन शूटिंग गेम, वॉर गेम, स्ट्रैटेजिक मिशन गेम खेलते थे, उसी दौरान हैंडलर्स उनसे बात करते—

  • “क्या तुम असली हथियार चलाना चाहोगे?”

  • “क्या तुम मिशन में शामिल होना चाहते हो?”

  • “गेम में जो कर रहे हो, उसे असली दुनिया में भी कर सकते हो…”

गेम में लड़ाई और हथियार पहले से ही नॉर्मल लगते थे, इसलिए बच्चे हैंडलर्स की बातें आसानी से मानते गए।

 


छठा अध्याय — डार्क वेब, TOR, VPN और डिजिटल पहचान छिपाने के तरीके नाबालिगों को सिखाए गए

 

ATS की साइबर जांच में सामने आया कि पाकिस्तान में बैठे ISIS समर्थक इन नाबालिग बच्चों को डिजिटल सुरक्षा और पहचान छिपाने की पूरी ट्रेनिंग दे रहे थे—

  • TOR ब्राउज़र इस्तेमाल करना

  • डार्क वेब से जानकारी लेना

  • VPN बदलना

  • फर्जी IP एड्रेस तैयार करना

  • एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स पर शिफ्ट होना

  • ऑटो-डिलीट होने वाले मैसेज ऐप्स का इस्तेमाल

  • अलग-अलग ‘बर्नर’ अकाउंट बनाना

ये सभी तकनीकें आमतौर पर साइबर अपराधी और आतंकी इस्तेमाल करते हैं ताकि वे किसी भी डिजिटल ट्रेस से बच सकें।

बातचीत के पैटर्न से साफ पता चलता है कि हैंडलर्स बच्चों को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बनाना चाहते थे।

 


सातवां अध्याय — ATS ने परिजनों को दिखाए सबूत और माता-पिता का सदमा

 

जब ATS ने दोनों नाबालिगों के माता-पिता को बुलाया और मोबाइल चैट, फेक अकाउंट्स, हिंसक वीडियो, पाकिस्तान के हैंडलर्स के साथ हुए वॉयस कॉल और मैप क्लिपिंग्स दिखाईं, तो परिवार स्तब्ध रह गया।

वे बिल्कुल नहीं समझ पाए कि उनके बच्चे किस दुनिया में फंस चुके थे।

ATS SP राजश्री मिश्रा ने बताया कि दोनों बच्चों के माता-पिता ने कहा—

“हमें बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि मोबाइल में ये सब चल रहा है…
वो तो हम समझते थे गेम खेल रहे होंगे।”

ATS ने पूरी पूछताछ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के नियमों के अनुसार की।
परिवार की उपस्थिति में ही बच्चों से सवाल किए गए।
दोनों को साइकोलॉजिकल काउंसलिंग दी जा रही है ताकि वे इस मानसिक दबाव से बाहर निकल सकें।

 


आठवां अध्याय — UAPA के तहत FIR, और नेटवर्क की गहरी जांच जारी

 

ATS ने इस मामले में UAPA 1967 के तहत FIR दर्ज की है।
यह आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों के लिए सबसे कड़ा कानून है।

इसके अलावा ATS ने भिलाई के 4 और नाबालिगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
जांच में शुरुआती संकेत मिले हैं कि—

  • कई बच्चे इस नेटवर्क से अलग-अलग स्तर पर जुड़े हुए थे

  • कुछ फेक अकाउंट्स चलाते थे

  • कुछ कंटेंट आगे बढ़ाते थे

  • कुछ गेमिंग चैट में संपर्क में थे

ATS को अब यह पता लगाना है कि—

  • पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स कौन थे?

  • वे किस संगठन से जुड़े हैं?

  • भारत में उनके कितने डिजिटल मॉड्यूल सक्रिय हैं?

जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी या पूछताछ की संभावना है।

 


नौवां अध्याय — निष्कर्ष: आतंकवाद का सबसे खतरनाक चेहरा अब मोबाइल स्क्रीन में छिपा है

 

ISIS जैसे संगठन अब बंदूक के भरोसे नहीं, बल्कि इंटरनेट के भरोसे काम कर रहे हैं।
सोशल मीडिया, गेमिंग प्लेटफॉर्म, शॉर्ट वीडियो ऐप, डार्क वेब, VPN—ये सब उनके नए हथियार हैं।

सबसे डरावनी बात यह है—

बच्चे बिना घर से बाहर निकले, बिना किसी मीटिंग के, सिर्फ मोबाइल और इंटरनेट से ब्रेनवॉश होकर आतंकी मिशन तक पहुंच सकते हैं।

छत्तीसगढ़ का यह मामला सिर्फ दो बच्चों की कहानी नहीं है;
यह चेतावनी है कि डिजिटल आतंकी नेटवर्क कितना खतरनाक हो चुका है।

 


यह पूरी कहानी हमें क्या सिखाती है?

 

  • बच्चों को ऑनलाइन क्या देख रहे हैं, यह जानना अब बेहद जरूरी है

  • इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन नहीं, अपराधियों का बड़ा अड्डा भी है

  • डिजिटल ब्रेनवॉशिंग असल ब्रेनवॉशिंग से कहीं तेज़ है

  • परिवारों को बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को समझना होगा

  • सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे मामलों के लिए नई तकनीकों की जरूरत है

यह मामला साफ दिखाता है कि अब आतंकवाद का सबसे बड़ा रणक्षेत्र डिजिटल दुनिया बन चुकी है—जहाँ हथियार की जगह मोबाइल है, कैंप की जगह चैट ग्रुप है और भर्ती की जगह गेमिंग नेटवर्क।

 

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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

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मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे

Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

पंजाब में लॉ छात्रा की हत्या कर सुसाइड किया

Tarn Taran Law College Shootout: तरनतारन लॉ कॉलेज में मर्डर और सुसाइड; एकतरफा प्यार में संदीप कौर की हत्या; क्लासरूम का CCTV आया सामने।

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला गिरा

सूरजकुंड मेला दुर्घटना 2026: सूरजकुंड मेला में झूला गिरा; पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; डीसी ने दिया विस्तृत जांच आदेश।

मणिपुर- डिप्टी सीएम की हत्या पर ₹20 लाख का इनाम
चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; विधायकों पर इनाम का ऐलान; मणिपुर बंद।

मणिपुर फिर अशांत: डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन; विधायकों को मारने पर 'इनाम' का ऐलान चुराचांदपुर | 6 फरवरी 2026 मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम से शुरू हुई हिंसा शुक्रवार को और भयावह हो गई है। राज्य की नई सरकार में नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के बीच गहरी दरार पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षाबलों पर पथराव किया, बल्कि विधायकों के खिलाफ 'डेथ वारंट' जैसी विवादित घोषणाएं भी की हैं। यहाँ मणिपुर के मौजूदा तनाव की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हिंसक झड़पें और सुरक्षाबलों का पीछे हटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है: सुरक्षाबलों पर हमला: सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरकों में धकेलने की कोशिश की और भारी पत्थरबाजी की। असम राइफल्स की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स को लगाया गया, लेकिन भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए उन्हें अस्थाई रूप से पीछे हटना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है। 2. विधायकों को जान से मारने की धमकी और 'इनाम' हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने चौंकाने वाले ऐलान किए हैं: नेम्चा किप्गेन: डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते: इन विधायकों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। विश्वासघात का आरोप: कुकी संगठनों का आरोप है कि इन विधायकों ने मैतेई-बहुल सरकार का साथ देकर अपने समुदाय के साथ 'गद्दारी' की है। 📊 मणिपुर विधानसभा में कुकी विधायकों की स्थिति कुल कुकी विधायक भाजपा के विधायक हमार जनजाति प्रतिनिधि ताजा विवाद की वजह 10 07 एन सेनाते (NDA हिस्सा) नई सरकार में डिप्टी सीएम पद स्वीकार करना 3. कुकी समुदाय में दो फाड़ सरकार गठन को लेकर कुकी समाज अब दो गुटों में बंट गया है: विरोध करने वाला धड़ा: इनका मानना है कि इंफाल में हुई हत्याओं और संपत्तियों के नुकसान के बाद मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना शहीदों का अपमान है। आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। समर्थन करने वाला धड़ा: विधायकों का कहना है कि वे समुदाय की सुरक्षा, विकास और बातचीत के रास्ते खोलने के लिए सरकार का हिस्सा बने हैं। 4. पहली महिला डिप्टी सीएम पर संकट नेम्चा किप्गेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच चुकी हैं, लेकिन उनके अपने ही गृह जिले चुराचांदपुर में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कुकी वीमेंस ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने उनके पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित

लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर

राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था

पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने

Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

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Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा

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India vs Pakistan U-19 World Cup Live: वेदांत त्रिवेदी की फिफ्टी से संभला भारत; पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-6 में रोमांचक जंग।

रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0