उत्तर प्रदेश

Meerut Fire Tragedy: मेरठ में भीषण आग; 6 माह की जुड़वां बच्चियों समेत परिवार के 6 सदस्यों की मौत, पूरे शहर में मातम।

रवि चौहान फ़रवरी 24, 2026 0
मेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले:इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे
मेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले:इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे

मेरठ अग्निकांड: तीन मंजिला मकान में 6 जिंदगियां राख; जुड़वां बच्चियों समेत 5 बच्चों और मां की मौत, पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर निकाले शव

मेरठ | 24 फरवरी 2026

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार देर रात एक कपड़ा कारोबारी के तीन मंजिला घर में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 6 महीने की दो जुड़वां बच्चियां और तीन अन्य मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के वक्त घर के पुरुष मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जिससे घर में केवल महिलाएं और बच्चे ही मौजूद थे।

यहाँ इस हृदयविदारक घटना, रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ित परिवार की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है:


1. कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव?

हादसा किदवई नगर की गली नंबर-1 में स्थित इकबाल अहमद के मकान में हुआ। इकबाल और उनके बेटे कपड़ों का कारोबार करते हैं।

  • ग्राउंड फ्लोर बना था गोदाम: घर के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में भारी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा हुआ था। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अचानक यहाँ आग लग गई।

  • शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कपड़ों की मौजूदगी के कारण लपटें कुछ ही मिनटों में इतनी विकराल हो गईं कि सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।

  • पुरुषों की अनुपस्थिति: जिस वक्त आग लगी, इकबाल अहमद और उनके चार बेटे पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज में था। घर में 12 लोग (महिलाएं और बच्चे) फंसे रह गए।


2. रेस्क्यू और वो 'घातक' फैसला

आग लगते ही मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया:

  • फर्स्ट फ्लोर का रेस्क्यू: पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल (First Floor) की खिड़की से 5 लोगों (तीन महिलाएं और दो बच्चे) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

  • सेकंड फ्लोर पर फंसी मौत: दूसरी मंजिल पर आसिम की पत्नी रुखसार (30) अपने बच्चों के साथ मौजूद थी। जब उसने नीचे आग और धुआं देखा, तो वह बुरी तरह डर गई। बचने के लिए उसने बच्चों समेत खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। यही फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ।

  • दीवार तोड़कर पहुंचे बचावकर्मी: संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई। अंततः पड़ोसी की दीवार तोड़कर दमकलकर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन तब तक कमरे में मौजूद सभी लोग धुएं और तपिश के कारण दम तोड़ चुके थे।


3. मृतकों का विवरण: मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था?

मंगलवार सुबह जब एक साथ 6 जनाजे उठे, तो पूरे मेरठ की आंखें नम थीं। हादसे में जान गंवाने वाले सदस्य:

नाम आयु / संबंध स्थिति
रुखसार 30 वर्ष (आसिम की पत्नी) दम घुटने और जलने से मौत
अनाबिया 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित
इनायत 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित
अकदस 3 वर्ष (बेटा) मृत घोषित
महविश 12 वर्ष (भतीजी) मृत घोषित
हम्माद 4 वर्ष (भतीजा) मृत घोषित

4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच

हादसे की सूचना मिलते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे।

  • जांच के आदेश: जिलाधिकारी (DM) ने विद्युत विभाग और फायर सेफ्टी के अफसरों को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।

  • संकरी गलियों की चुनौती: एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इलाका बेहद घना है, जिससे फायर टेंडर को अंदर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर फाइटर्स ने छतों के रास्ते अंदर घुसकर आग पर काबू पाया।

  • गैस लीकेज का एंगल: पुलिस जहाँ शॉर्ट सर्किट को वजह मान रही है, वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि घर में गैस लीकेज की वजह से आग ने इतना विकराल रूप लिया।


5. सिसकते परिजन और अंतिम विदाई

मंगलवार सुबह नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में सभी 6 मृतकों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

  • आसिम का विलाप: अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को खो चुके आसिम की हालत देखकर हर कोई रो पड़ा। रिश्तेदारों ने उसे संभाला, लेकिन उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी।

  • दादी की हालत: बच्चों की दादी अमीर बानो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें फिलहाल इस दुखद खबर से दूर रखा गया है कि उनकी बहू और पोते-पोतियां अब इस दुनिया में नहीं हैं।

  • राजनीतिक संवेदनाएं: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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लखनऊ हत्याकांड: नीट (NEET) के दबाव में बेटे ने की पिता की 'तालिबानी' हत्या; आरी से किए शव के टुकड़े, सिर 21 किमी दूर फेंका लखनऊ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में एक ऐसा जघन्य हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह की उनके 21 साल के इकलौते बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या इतनी क्रूर थी कि आरोपी ने पिता के शव को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया और सिर को कार में रखकर शहर से 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। यहाँ इस सनसनीखेज वारदात, हत्या की वजह और पुलिस जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. वारदात का खौफनाक घटनाक्रम यह घटना आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे घर में विवाद शुरू हुआ, जो मौत के तांडव में बदल गया। गोली मारकर हत्या: बहस के दौरान अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उन्हें गोली मार दी। मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। शव के टुकड़े और आरी का इस्तेमाल: हत्या के बाद अक्षत घबराया नहीं, बल्कि उसने बेहद ठंडे दिमाग से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह बाजार से आरी खरीदकर लाया। उसने पिता के शव को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में शिफ्ट किया और वहां शव के टुकड़े किए। सिर और धड़ को अलग किया: आरोपी ने सिर काटकर एक थैले में रखा और अपनी कार से 21 किमी दूर सदरौना (काकोरी) के पास फेंक दिया। बाकी धड़ और अंगों को पॉलीथिन में पैक कर एक नीले ड्रम में भर दिया। साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश: घर में खून की दुर्गंध न फैले, इसके लिए वह लगातार रूम स्प्रे छिड़कता था। बाकी हिस्सों को वह तारपिन के तेल से जलाने की फिराक में था। 2. बहन बनी चश्मदीद: "किसी को बताया तो मार डालूंगा" वारदात के वक्त अक्षत की 17 साल की छोटी बहन कृति (कक्षा 11 की छात्रा) वहीं मौजूद थी। धमकी और बंधक: पिता को मरता देख जब बहन चिल्लाई, तो अक्षत ने उस पर राइफल तान दी। उसने धमकी दी कि "अगर किसी को भी कानो-कान खबर हुई, तो अगला नंबर तुम्हारा होगा।" डर के मारे बहन तीन दिनों तक घर के अंदर कैद रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। 3. हत्या की वजह: करियर का दबाव और 'जनरेशन गैप' पुलिस पूछताछ में जो कारण सामने आया, वह आज के समाज की एक कड़वी सच्चाई है: NEET बनाम बिजनेस: मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा डॉक्टर बने और NEET क्वालीफाई करके MBBS करे। वहीं, बीकॉम कर रहे अक्षत का मन पढ़ाई में नहीं था। होटल खोलने की जिद: अक्षत अपने पिता पर दबाव बना रहा था कि पैथोलॉजी लैब बंद करके वहां एक लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए। उसका मानना था कि इसमें ज्यादा कमाई है। इसी 'करियर क्लैश' ने बेटे को कातिल बना दिया। 📊 वारदात से जुड़ी मुख्य जानकारी विवरण तथ्य मृतक का नाम मानवेंद्र सिंह (पैथोलॉजी लैब मालिक) आरोपी अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष, बेटा) हथियार पिता की लाइसेंसी राइफल और आरी वारदात की तारीख 20 फरवरी 2026 (सुबह 4:30 बजे) खुलासा 23 फरवरी 2026 (गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद) लोकेशन सेक्टर-L, आशियाना, लखनऊ 4. पुलिस को कैसे हुआ शक? वारदात के तीन दिन बाद, सोमवार को अक्षत खुद आशियाना थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने कहानी गढ़ी कि पिता दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और लौटे नहीं। संदिग्ध हाव-भाव: पूछताछ के दौरान अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था और घबरा रहा था। पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन और कार की सफाई पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ: जब पुलिस ने कड़ाई की, तो उसने पहले 'आत्महत्या' की कहानी सुनाई, लेकिन अंत में टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली। 5. पड़ोसी और परिवार: "मेघनाद का रोल करता था अक्षत" पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह बहुत मिलनसार व्यक्ति थे और मोहल्ले की रामलीला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पुराना इतिहास: चार साल पहले भी अक्षत 6 पन्नों का पत्र लिखकर घर से भाग गया था, जिसमें उसने डॉक्टर न बनने की बात लिखी थी। अकेलापन: 9 साल पहले मां की मौत के बाद मानवेंद्र ही बच्चों को पाल रहे थे। उनके भाई यूपी पुलिस में हैं और पिता (आरोपी के दादा) भी रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं। 6. वर्तमान स्थिति: सिर की तलाश जारी देर रात तक फॉरेंसिक टीम और पुलिस घर की जांच करती रही। पुलिस ने ड्रम से धड़ बरामद कर लिया है, लेकिन सिर अब भी गायब है। अक्षत को साथ लेकर पुलिस उन इलाकों में तलाशी ले रही है जहां उसने अवशेष फेंकने का दावा किया है।

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शादाब जकाती बोले- दोषी निकला तो अपना गला काट लूंगा
मेरठ के रील स्टार शादाब जकाती पर बंधक बनाने का केस दर्ज; एसएसपी के आदेश पर हुई कार्रवाई; शादाब ने दी सफाई।

शादाब जकाती पर FIR: '10 वाला बिस्कुट' फेम इन्फ्लुएंसर पर बंधक बनाने और शोषण का केस; एसएसपी की फटकार के बाद जागी मेरठ पुलिस मेरठ | 6 फरवरी 2026 '10 वाला बिस्कुट' रील से देशभर में मशहूर हुए मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती की मुश्किलें अब कानूनी पचड़े में बदल गई हैं। झारखंड की रहने वाली महिला यूट्यूबर चांदनी उर्फ तबस्सुम के गंभीर आरोपों के बाद, मेरठ पुलिस ने शादाब के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़िता ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। यहाँ इस मामले के ताजा अपडेट्स और पूरी कहानी दी गई है: 1. एसएसपी की दखल के बाद दर्ज हुई FIR पीड़िता चांदनी ने आरोप लगाया कि जब वह दो दिन पहले इंचौली थाने गई थी, तो दरोगा ने उसे भगा दिया था और शादाब को 'शरीफ' बताया था। पुलिस को फटकार: शुक्रवार सुबह चांदनी अपने पति और बच्चे के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची। आपबीती सुनने के बाद एसएसपी ने इंचौली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। धमकियों का साया: चांदनी का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं और उसके मकान मालिक ने उसे घर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। 2. संगीन आरोप: बंधक बनाना और अश्लील कंटेंट चांदनी ने शादाब जकाती पर रील बनाने के बहाने शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं: एक साल तक कैद: आरोप है कि शादाब ने महिला को एक साल तक बंधक बनाकर रखा और घर के सारे काम कराए। पत्नी पर मारपीट का आरोप: चांदनी ने बताया कि शादाब की पत्नी साजिया ने 15 जनवरी को उसके साथ मारपीट की और उसे बदनाम करने की धमकी दी। अश्लील कंटेंट का दावा: पीड़िता के अनुसार, शादाब मोटिवेशनल वीडियो की आड़ में अश्लील कंटेंट तैयार करता है और कई महिलाओं का इसी तरह शोषण कर चुका है। 3. शादाब जकाती की सफाई: "गर्दन काट लूंगा" मुकदमा दर्ज होने के बाद शादाब जकाती ने 'X' (ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा: मदद का दावा: शादाब ने कहा कि उन्होंने महिला के बच्चे की स्कूल फीस भरी और उसे किताबें दिलाईं। चुनौती: उन्होंने वीडियो में कहा, "अगर मेरी जरा सी भी गलती निकल आए, तो मैं अपनी गर्दन खुद काट लूंगा।" 📊 शादाब जकाती: विवादों का पुराना नाता घटना विवरण पहचान '10 वाला बिस्कुट कितने का है' रील से ग्लोबल फेम। पिछली गिरफ्तारी एक बच्ची और उसकी मां पर 'Kiss' मांगने और अभद्र कमेंट करने वाले वीडियो के लिए। ताजा केस बंधक बनाना, मारपीट, शोषण और जान से मारने की धमकी (FIR दर्ज)। करियर सऊदी अरब में पूर्व ड्राइवर, अब मेरठ का मशहूर रील स्टार। 4. पुलिस की अगली कार्रवाई इंचौली थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराई गई रील्स और सबूतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब शादाब जकाती और उसके परिवार से पूछताछ की तैयारी कर रही है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
मेरठ के इंफ्लुएंसर शादाब जकाती पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप; बंधक बनाने और शोषण का दावा।

मेरठ के इंफ्लुएंसर शादाब जकाती पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप; बंधक बनाने और शोषण का दावा।

अविमुक्तेश्वरानंद बोले- सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर बंदूक मत रखो

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सोनू हत्याकांड- मेरठ कमिश्नरी पर प्रदर्शन
मेरठ में कश्यप समाज का बड़ा प्रदर्शन; 'जिंदा जलाने' के आरोपी को बचाने का आरोप; बुलडोजर कार्रवाई पर उठे सवाल।

मेरठ का सोनू हत्याकांड: कमिश्नरी पर कश्यप समाज का 'महाआक्रोश'; 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' के आरोपों से गरमाई सियासत; 80 हजार की लूट और जिंदा जलाने की दहला देने वाली कहानी मेरठ (उत्तर प्रदेश) | 16 जनवरी 2026 मेरठ का ज्वालागढ़ क्षेत्र आज एक बार फिर सुलग उठा है। सोनू कश्यप की नृशंस हत्या के विरोध में शुक्रवार को कश्यप और निषाद समाज ने कमिश्नरी पार्क पर धावा बोल दिया। भारी पुलिस बल, PAC की दो कंपनियों और बैरिकेडिंग के बावजूद हजारों की संख्या में लोग 'सोनू को न्याय दो' के नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए हैं। यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि 'OBC बनाम ठाकुर' की राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरोपी मुख्यमंत्री की बिरादरी से है, इसलिए पुलिस उसे बचा रही है। 1. दहला देने वाली वारदात: 80 हजार की लूट और जिंदा जलाया ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, यह हत्याकांड किसी भी रूह को कंपा देने वाला है। आखिरी बातचीत: सोनू की मौसी मदनवती ने बताया कि 5 जनवरी को सोनू ने फोन कर कहा था, "मौसी, मैं 80 हजार रुपए लेकर आ रहा हूं, भैया के साथ मिलकर नई बाइक खरीदेंगे।" * क्रूरता की हद: सोनू को बाइक तो क्या मिली, उसकी जान ले ली गई। पहले उसके सिर पर ईंट से हमला किया गया और फिर साक्ष्य मिटाने या पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर पर तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया। लूट: परिजनों का आरोप है कि सोनू के पास मौजूद 80 हजार रुपए गायब हैं, जिसका पुलिस ने कोई हिसाब नहीं दिया है। 2. प्रदर्शनकारियों की 5 प्रमुख मांगें सोनू के परिजनों और कश्यप समाज ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं: निष्पक्ष जांच: पुलिस केवल एक 'नाबालिग ऑटो ड्राइवर' को पकड़कर पल्ला झाड़ रही है, जबकि परिवार का दावा है कि इसमें कई रसूखदार लोग शामिल हैं। आर्थिक सहायता: गरीब परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद मुआवजे की तत्काल मांग। सरकारी नौकरी: सोनू की बड़ी बहन आरती कश्यप को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए। सुरक्षा: गवाहों और परिवार को जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग। रुपयों की बरामदगी: लूटे गए 80 हजार रुपए बरामद कर परिवार को सौंपे जाएं। 📊 मेरठ लाइव अपडेट: पल-पल की हलचल समय घटनाक्रम और अपडेट 02:02 PM सोनू की बहन आरती कश्यप का रो-रोकर बुरा हाल; कहा- पुलिस हमारे समर्थकों को रोक रही है। 02:30 PM आगरा, मुजफ्फरनगर और शामली से समर्थकों का पहुंचना जारी; पुलिस ने शहर की सीमाओं पर की नाकाबंदी। 03:44 PM सपा MLC किरण पाल को पुलिस ने सराधना पुल पर रोका; वे समर्थकों संग हाईवे पर ही धरने पर बैठे। 04:57 PM VIP पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला- "पिछड़ा वर्ग का आरोपी होता तो अब तक बुलडोजर चल गया होता।" 06:48 PM कमिश्नरी पार्क छावनी में तब्दील; कश्यप समाज ने रात भर धरना देने का किया ऐलान। 3. 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' पर छिड़ी जंग विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और कश्यप समाज के नेताओं ने सरकार की 'बुलडोजर नीति' पर सवाल उठाए हैं। पक्षपात का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर बिरादरी देखकर चलता है। अगर अपराधी ठाकुर समाज का है, तो कानून ढीला हो जाता है। वोट की चोट: "हम सरकार बना सकते हैं तो गिरा भी सकते हैं।" निषाद पार्टी और कश्यप समाज के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आगामी चुनावों में भाजपा को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4. पुलिस का 'हाउस अरेस्ट' और घेराबंदी प्रशासन ने इस महापंचायत को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। नजरबंदी: आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री संजीव पाल समेत कई नेताओं को उनके घरों में ही 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया है। सुरक्षा घेरा: कमिश्नरी पार्क की ओर आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है ताकि भीड़ और न बढ़ सके।

रवि चौहान जनवरी 16, 2026 0
ब्लू ड्रम केस में फरवरी तक हो सकती है सजा

मर्चेंट नेवी ऑफिसर सौरभ राजपूत मर्डर केस में फरवरी में आएगा फैसला; पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल को हो सकती है फांसी।

मेरठ सोनू कश्यप हत्याकांड पर शुरू हुई सियासत

रोनू कश्यप हत्याकांड पर भड़की सियासत; अखिलेश, मायावती और चंद्रशेखर ने की मुआवजे की मांग; 18 को महापंचायत।

बच्चे की तरह भाई से चिपकी कपसाड़ कांड पीड़िता

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