रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज शाम करीब 6:30 बजे भारत दौरे पर पहुँच रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। यह यात्रा न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुतिन करीब 30 घंटे तक भारत में रहेंगे, और उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-रूस के बीच रणनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने का उत्सव मनाना है, जिसकी शुरुआत अक्टूबर 2000 में तत्कालीन रूसी राष्ट्रपति पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर करके की थी।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, के दबाव में रूसी तेल की खरीद कम कर रहा है और पुतिन स्वयं इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के कारण दूसरे देशों की यात्राओं से बच रहे हैं। इसके बावजूद, यह दौरा दोनों देशों के बीच 'स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' की असाधारण मजबूती को दर्शाता है।
इस यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच 9 अहम समझौते होने की संभावना है, जो रक्षा, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्रों को कवर करेंगे। सबसे महत्वपूर्ण रक्षा डील में S-400 मिसाइल के अपडेट वर्जन S-500 और अधिक संख्या में S-400 की खरीद शामिल है। इसके अलावा, करीब 2 अरब डॉलर की परमाणु-संचालित अटैक सबमरीन (पनडुब्बी) लीज पर लेने की डील भी लगभग फाइनल हो गई है। एनर्जी के क्षेत्र में, पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न होने वाली भुगतान समस्याओं को हल करने के लिए नए पेमेंट सिस्टम पर सहमति बनने की उम्मीद है।
यह विस्तृत आलेख पुतिन के भारत दौरे के एजेंडे का गहन भू-राजनीतिक, रक्षा और आर्थिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें रणनीतिक साझेदारी के 25 साल का महत्व, S-500 और Su-57 जैसे अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों पर चर्चा, परमाणु पनडुब्बी लीज डील के सामरिक निहितार्थ, ऊर्जा कूटनीति और आर्कटिक परियोजनाओं में भारतीय निवेश की संभावनाएँ, रुपया-रूबल ट्रेड और नए पेमेंट सिस्टम की आवश्यकता, ICC वारंट के चलते पुतिन की यात्रा का जोखिम, और द्विपक्षीय व्यापार को $60 अरब डॉलर तक बढ़ाने के रोडमैप का 5000 शब्दों में विस्तृत मूल्यांकन किया गया है।
भारत-रूस संबंध की रीढ़ हमेशा से रक्षा सहयोग रही है। पुतिन की यात्रा में रक्षा क्षेत्र में कई गेमचेंजर समझौते होने की संभावना है।
S-400 की सफलता: भारत पहले ही रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीद चुका है, जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई पाकिस्तानी जेट्स को मार गिराकर भारत के लिए गेमचेंजर साबित हुआ था।
S-500 की मांग: भारत अब S-400 के अपडेट वर्जन S-500 को खरीदने की डील कर सकता है। S-500 दुनिया के सबसे उन्नत एंटी-मिसाइल सिस्टम में से एक है।
क्षमता: S-500 लंबी दूरी से आने वाली मिसाइलों और हाइपरसोनिक मिसाइलों को भी रोकने में सक्षम है, जिससे भारत की वायु रक्षा क्षमताएँ अगले स्तर पर पहुँच जाएँगी।
बढ़ावा: यह सौदा ऐसे समय में भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, जब उसे चीन और पाकिस्तान की ओर से हवाई खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
डील फाइनल: पुतिन की यात्रा से ठीक पहले, भारत ने रूस से करीब 2 अरब डॉलर में परमाणु-संचालित अटैक सबमरीन लीज पर लेने की डील लगभग फाइनल कर ली है।
शर्तें और उद्देश्य:
यह सबमरीन भारत को 10 साल की लीज पर मिलेगी।
लीज की शर्तों के मुताबिक, इसे युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय नौसैनिकों को ट्रेनिंग देना और देश की अपनी परमाणु पनडुब्बी क्षमता (INS अरिहंत क्लास) को मजबूत करने में मदद करना है।
सामरिक महत्व: परमाणु पनडुब्बियाँ किसी भी देश की नौसेना को पानी के नीचे लंबी अवधि तक रहने और वैश्विक महासागरों में गश्त करने की अद्वितीय क्षमता प्रदान करती हैं। यह डील हिंद महासागर में भारत की सामरिक उपस्थिति को मजबूत करेगी।
भारत की ज़रूरत: भारतीय एयरफोर्स इस समय फाइटर जेट्स की कमी झेल रही है।
Su-57 पर चर्चा: Su-57 जैसे आधुनिक हथियारों पर बात आगे बढ़ाई जा सकती है।
लाभ: भारतीय एयरफोर्स के पास पहले से ही 200 से ज्यादा रूसी फाइटर जेट हैं, इसलिए नेक्स्ट जेनरेशन के रूसी लड़ाकू विमान को अपनाना उसके लिए परिचालन और लॉजिस्टिक की दृष्टि से आसान होगा।
HAL की भूमिका: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहले से ही रूसी विमानों की मरम्मत और देखभाल करती रही है, जिससे Su-57 जैसे नए जेट की सर्विसिंग भी भारत में आसानी से हो सकेगी।
यूक्रेन युद्ध के बाद लगे पश्चिमी प्रतिबंधों ने भारत-रूस के व्यापार में पेमेंट (भुगतान) को एक बड़ी बाधा बना दिया है, जिस पर इस यात्रा में निर्णायक चर्चा होगी।
समस्या: रूस, भारत को सस्ता क्रूड ऑयल बेच रहा है, लेकिन अमेरिका और यूरोपीय देशों के दबाव के कारण भुगतान में मुश्किलें आती रही हैं।
समाधान: दोनों देश एक नया पेमेंट सिस्टम बनाने पर सहमत हो सकते हैं, जिससे व्यापार बिना रुकावट चलता रहे। इसमें निम्नलिखित विकल्प शामिल हो सकते हैं:
रुपया-रूबल ट्रेड: स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करना, जिससे डॉलर पर निर्भरता खत्म हो।
डिजिटल भुगतान: एक समर्पित डिजिटल भुगतान पुल या प्रणाली का निर्माण।
तीसरे देश के बैंक का इस्तेमाल: किसी ऐसे देश के बैंक का उपयोग करना जो पश्चिमी प्रतिबंधों से प्रभावित न हो।
तेल खरीद की मांग: बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन जंग के बाद भारत की तेल खरीद 2.5% से बढ़कर 35% हो गई थी, लेकिन अमेरिकी 25% टैरिफ के कारण यह खरीद अब कम हो गई है। पुतिन चाहते हैं कि भारत दोबारा बढ़-चढ़कर तेल खरीदे।
आर्कटिक में निवेश: रूस, भारत को आर्कटिक रीजन की एनर्जी परियोजनाओं में निवेश का मौका भी दे सकता है। आर्कटिक में रूस दुनिया के बड़े तेल-गैस भंडार डेवलप कर रहा है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक दीर्घकालिक और रणनीतिक अवसर होगा।
लक्ष्य: दोनों देशों के बीच वर्तमान में करीब $60 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है। इस यात्रा से 2030 के लिए नए आर्थिक रोडमैप को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
पुराना आधार: पुतिन आखिरी बार 2021 में आए थे, तब 28 समझौतों पर दस्तखत हुए थे। इस बार का फोकस रक्षा सौदों से आगे बढ़कर निवेश और व्यापार को बढ़ाना है।
पुतिन का भारत दौरा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक पकड़ और रूस के लिए भारत के महत्व को दर्शाता है।
पुतिन का आइसोलेशन: मार्च 2023 में ICC ने पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद से पुतिन दूसरे देशों की यात्राएं करने से बचते रहे हैं (वे पिछले साल G20 और इस साल ब्राजील में हुई G20 समिट में भी शामिल नहीं हुए)।
भारत का महत्व: भारत, ICC का सदस्य नहीं है, इसलिए पुतिन के लिए यहाँ यात्रा करना सुरक्षित है। यह दौरा दर्शाता है कि रूस के लिए भारत कितना महत्वपूर्ण सहयोगी है जो अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद उसके साथ खड़ा है।
वैश्विक संदेश: यह यात्रा पश्चिमी देशों को एक मजबूत संदेश देती है कि भारत, रूस के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को अमेरिका या यूरोपीय देशों के दबाव में नहीं छोड़ेगा।
आधार: अक्टूबर 2000 में शुरू हुई 'स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' की साझेदारी आज 25 साल पूरे कर रही है।
भविष्य की साझेदारी: यह साझेदारी केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष, नागरिक परमाणु ऊर्जा, और तकनीक में भी सहयोग करती है। यह यात्रा इन सभी क्षेत्रों में भविष्य की साझेदारी को मजबूत करेगी।
पुतिन का यह दौरा उच्च-स्तरीय राजनयिक गतिविधियों से भरा होगा।
आगमन और डिनर: पुतिन आज शाम करीब 6:30 बजे भारत पहुंचेंगे। पीएम मोदी आज शाम उनके सम्मान में एक प्राइवेट डिनर की मेजबानी करेंगे।
पिछला दौरा: पुतिन आखिरी बार 6 दिसंबर 2021 को भारत की यात्रा की थी, तब वे सिर्फ 4 घंटे के लिए आए थे। इस बार वे करीब 30 घंटे तक भारत में रहेंगे।
SCO मुलाकात: दोनों नेताओं के बीच इस साल आखिरी मुलाकात 1 सितम्बर को चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
व्लादिमिर पुतिन का भारत दौरा जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत-रूस संबंधों की अटूट प्रकृति को प्रमाणित करता है। यह दौरा न केवल दोनों देशों के बीच 25 साल की रणनीतिक साझेदारी का जश्न है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि भारत को S-500 जैसे अत्याधुनिक रक्षा उपकरण और परमाणु पनडुब्बी जैसी सामरिक क्षमताएँ मिलती रहें।
सबसे महत्वपूर्ण है नए पेमेंट सिस्टम पर बनने वाली सहमति, जो पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देशों के बीच आर्थिक व्यापार को निर्बाध रूप से जारी रखने का रास्ता खोलेगी। भारत इस यात्रा का उपयोग अपनी गुटनिरपेक्ष और बहु-संरेखित विदेश नीति की मजबूती को प्रदर्शित करने के लिए कर रहा है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
ईद 2026: युद्ध की आग और मिसाइलों के साये में दुनिया; 60 साल बाद अल-अक्सा मस्जिद बंद, रूस में उमड़ा जनसैलाब विशेष वैश्विक रिपोर्ट | 21 मार्च 2026 आज पूरी दुनिया में ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार की ईद खुशियों से ज्यादा खौफ और सन्नाटे की गवाह बनी है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध के 22वें दिन, मजहबी जज्बात और सैन्य तनाव का टकराव साफ देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर यरुशलम में इतिहास दोहराया गया है, वहीं दूसरी ओर रूस और ब्रिटेन जैसे देशों में लाखों की संख्या में नमाज अदा की गई। यहाँ ईद 2026 की विस्तृत वैश्विक कवरेज दी गई है: 1. यरुशलम: 60 साल में पहली बार अल-अक्सा बंद इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के कारण यरुशलम में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व है। ऐतिहासिक पाबंदी: 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार है, जब अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया। सुरक्षा घेरा: यरुशलम के पुराने शहर (Old City) में केवल स्थानीय निवासियों को प्रवेश की अनुमति है। मस्जिद के बाहर इजराइली पुलिस और नमाजियों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं, जहाँ भीड़ 'अल्लाहु अकबर' के नारों के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रही थी। नियम: भीड़ पर सख्त पाबंदी है—मस्जिद के अंदर केवल 100 और बाहर 50 लोगों के इकट्ठा होने की इजाजत दी गई है। 2. ईरान: गम और श्रद्धांजलि की ईद ईरान में शुक्रवार को ईद मनाई गई, लेकिन यहाँ उत्सव के बजाय मातम का माहौल अधिक दिखा। वीरान बाजार: तेहरान के बाजारों में रौनक गायब रही। लोग जश्न मनाने के बजाय उन 170 बच्चों की कब्रों पर श्रद्धांजलि देने पहुँचे, जो पिछले दिनों अमेरिकी-इजराइली स्कूल हमले में मारे गए थे। प्रतीकात्मक नमाज: तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में नमाज के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं ईरान के राष्ट्रीय झंडे में लिपटी नजर आईं, जो युद्ध के समय राष्ट्रवाद और एकजुटता का संदेश दे रही थीं। 3. खाड़ी देश: खुले मैदानों में नमाज पर रोक कतर, यूएई (UAE) और कुवैत जैसे देशों में आज शनिवार को ईद मनाई जा रही है। सुरक्षा अलर्ट: युद्ध की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने 'ईदगाह' या खुले मैदानों में सामूहिक नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। सभी नमाजें केवल मस्जिदों के भीतर कड़ी सुरक्षा में अदा की गईं। यूएई में 4 दिन की छुट्टी: हालांकि अबू धाबी और दुबई के मॉल्स में लाइटिंग की गई है, लेकिन सुरक्षा जांच (Security Checkpoints) के कारण लोगों की आवाजाही कम रही। 4. गाजा और लेबनान: मलबे के ढेर पर इबादत गाजा की तबाही: हमास और इस्लामिक जिहाद के सदस्य तबाही के बीच लोगों को मुबारकबाद देते नजर आए। भुखमरी और आर्थिक संकट के कारण फलों और खिलौनों के दाम आसमान छू रहे हैं। लेबनान का संकट: दक्षिण लेबनान में इजराइली हमलों के कारण हजारों लोग शरणार्थी शिविरों (Shelters) में ईद मनाने को मजबूर हैं। यहाँ अब तक युद्ध में 1,000 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। 5. रूस और तुर्किये: इबादत का बड़ा केंद्र मिडिल ईस्ट के तनाव से दूर रूस में एक अलग तस्वीर देखने को मिली: रूस में रिकॉर्ड भीड़: मॉस्को की 4 प्रमुख मस्जिदों में 2 लाख से ज्यादा लोग नमाज के लिए जुटे। सेंट पीटर्सबर्ग में भी 1 लाख से अधिक लोग शामिल हुए। पुतिन का संदेश: राष्ट्रपति पुतिन ने मुस्लिम समुदाय की तारीफ करते हुए उन्हें 'देशभक्त' बताया और कहा कि कई मुस्लिम सैनिक इस समय मोर्चे पर देश की सुरक्षा कर रहे हैं। तुर्किये: इस्तांबुल की ग्रैंड कैमलिका मस्जिद (तुर्किये की सबसे बड़ी मस्जिद) में हजारों लोगों ने शांति की दुआ मांगी। 📊 वैश्विक ईद 2026: एक नजर में देश / स्थान नमाज की स्थिति विशेष टिप्पणी अल-अक्सा (इजराइल) पूरी तरह बंद 1967 के बाद पहली बार ऐसा हुआ। रूस (मॉस्को) 2 लाख+ नमाजी पुतिन ने मुस्लिम समुदाय को बधाई दी। बर्मिंघम (ब्रिटेन) भारी भीड़ स्मॉल हीथ पार्क में बड़ी नमाज अदा की गई। ईरान सादगी और गम मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। इराक तनावपूर्ण खामेनेई के पोस्टरों के साथ नमाज अदा की गई। 6. कूटनीतिक जीत: पाक-अफगान युद्ध पर 4 दिन का ब्रेक ईद के सम्मान में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। सऊदी अरब, तुर्किये और कतर की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही जंग 4 दिनों के लिए रोक दी गई है। सीजफायर: यह विराम 18 मार्च से 24 मार्च तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि किसी भी आतंकी हमले की स्थिति में ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। 7. हवाई सेवा: ईद स्पेशल फ्लाइट्स भारतीय यात्रियों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जेद्दा (सऊदी अरब) और मस्कट (ओमान) के लिए 16 विशेष उड़ानें संचालित करने का फैसला किया है। युद्ध के कारण कुछ रूट प्रभावित हुए हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाए जा रहे हैं।
ट्रम्प का अगला निशाना क्यूबा: "मैं इसे अपने कब्जे में लूंगा"; तेल की सप्लाई रोकी, अंधेरे में डूबा द्वीप और 65 साल पुराने संघर्ष की पूरी रिपोर्ट वॉशिंगटन/हवाना | 18 मार्च 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर अपनी 'विनाशकारी कूटनीति' से दुनिया को चौंका दिया है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने खुले तौर पर घोषणा की है कि उनका इरादा क्यूबा को अपने नियंत्रण में लेने का है। वेनेजुएला और ईरान के बाद अब ट्रम्प प्रशासन की नजरें कैरेबियाई द्वीप क्यूबा पर टिक गई हैं, जिसे वे एक "असफल देश" मान रहे हैं। यहाँ इस भू-राजनीतिक भूचाल, क्यूबा के जमीनी हालात और दोनों देशों के खूनी इतिहास की विस्तृत और गहन रिपोर्ट दी गई है: 1. ओवल ऑफिस से ट्रम्प की 'खुली चेतावनी' सोमवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने क्यूबा को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उनके बयान के मुख्य अंश: कब्जे का इरादा: "मैं किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा... चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं।" असफल देश का तमगा: "उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है। वे हमसे बात कर रहे हैं। यह एक सुंदर द्वीप है लेकिन वर्तमान में पूरी तरह विफल है।" प्राथमिकता की सूची: ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता ईरान है, और उसके तुरंत बाद वे क्यूबा मामले को पूरी तरह से 'हैंडल' करेंगे। विश्लेषण: न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका के 65 साल के तनावपूर्ण इतिहास में यह पहली बार है जब किसी राष्ट्रपति ने इतनी स्पष्टता से क्यूबा पर कब्जे या सीधे नियंत्रण की बात कही है। 2. क्यूबा की घेराबंदी: तेल की किल्लत और ब्लैकआउट अमेरिका ने क्यूबा को घुटनों पर लाने के लिए 'इकोनॉमिक स्ट्रैंगुलेशन' (आर्थिक गला घोंटना) की रणनीति अपनाई है: तेल पर प्रहार: जनवरी 2026 से अमेरिका ने क्यूबा को होने वाली तेल सप्लाई लगभग ठप कर दी है। हाल ही में अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे एक तेल टैंकर को बीच समुद्र में रोक लिया। महंगाई का तांडव: सप्लाई रुकने से क्यूबा के ब्लैक मार्केट में पेट्रोल की कीमत $35 प्रति गैलन (लगभग ₹3000/लीटर) तक पहुँच गई है। अंधेरे में डूबा देश: सोमवार को पूरे क्यूबा में ब्लैकआउट रहा। राजधानी हवाना का 70% हिस्सा मंगलवार सुबह तक बिना बिजली के था। अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं और खाने-पीने की चीजों का अकाल पड़ गया है। 3. क्यूबा सरकार का 'सरेंडर' मोड और रूस का रुख हालात इतने खराब हैं कि क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल को झुकने पर मजबूर होना पड़ा है: अमेरिका से बातचीत: डियाज-कैनेल ने माना कि वे अमेरिका के साथ डील की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही अपनी अर्थव्यवस्था को खोल सकते हैं। सत्ता परिवर्तन का दबाव: रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन चाहता है कि डियाज-कैनेल पद छोड़ें, ठीक वैसी ही रणनीति जैसी वेनेजुएला में अपनाई गई थी। रूस की एंट्री: इस बीच रूस ने संकेत दिया है कि वह अपने पुराने साथी क्यूबा को अकेला नहीं छोड़ेगा और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद मुहैया कराएगा। 📊 क्यूबा का संकट: एक नजर में (मार्च 2026) समस्या वर्तमान स्थिति प्रभाव तेल सप्लाई 9 जनवरी से लगभग बंद परिवहन और उद्योग ठप। बिजली रोजाना 15-20 घंटे की कटौती सोमवार को राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट। स्वास्थ्य दवाओं की भारी कमी इमरजेंसी सर्जरी रुकीं। अर्थव्यवस्था 1959 के बाद सबसे बुरा दौर रूस और अमेरिका के बीच फंसा देश। 4. ट्रम्प का 'बिजनेस माइंडसेट': क्यूबा में गोल्फ और निवेश ट्रम्प क्यूबा को सिर्फ राजनीतिक दुश्मन नहीं, बल्कि एक रियल एस्टेट अवसर के रूप में देखते हैं: पुराना कनेक्शन: 1998 में ट्रम्प की कंपनी ने गुप्त रूप से क्यूबा का दौरा किया था। 2011-12 में उनके अधिकारियों ने वहां गोल्फ कोर्स बनाने की संभावना तलाशी थी। जमीन की तारीफ: ट्रम्प ने क्यूबा की जमीन और मौसम की तारीफ करते हुए इसे निवेश के लिए बेहतरीन जगह बताया। हालांकि, उन्होंने यह गलत दावा भी किया कि क्यूबा तूफानों (हरिकेन) के क्षेत्र में नहीं आता, जबकि क्यूबा हर साल बड़े तूफानों का सामना करता है। 5. इतिहास के पन्ने: फिदेल कास्त्रो और 600 हत्या की कोशिशें अमेरिका और क्यूबा के बीच की यह दुश्मनी 65 साल पुरानी है: 1959 की क्रांति: फिदेल कास्त्रो ने तानाशाह बतिस्ता को हटाकर सत्ता संभाली और अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त कर ली। कोल्ड वॉर का केंद्र: अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद क्यूबा सोवियत संघ (रूस) के करीब चला गया, जिससे 1962 में 'मिसाइल संकट' पैदा हुआ। हत्या की साजिशें: अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) ने कास्त्रो को मारने के लिए 600 से ज्यादा बार कोशिश की। इसमें 'जहरीले सिगार', 'विस्फोटक शंख' और 'जहरीली कोल्ड क्रीम' जैसे अजीबोगरीब तरीके अपनाए गए, लेकिन कास्त्रो हर बार बच निकले। ओबामा की पहल: 55 साल बाद 2015 में बराक ओबामा क्यूबा जाने वाले पहले राष्ट्रपति बने थे, लेकिन ट्रम्प अब उस सुधार को पूरी तरह पलट रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रैट में बढ़ा खतरा: अमेरिका ने तेल टैंकरों को सुरक्षा देने से किया इनकार; भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर ईरान से 'महा-मंथन' वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग के बीच वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे बड़ी चिंता सामने आई है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल होर्मुज स्ट्रैट (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक तेल टैंकरों को सैन्य सुरक्षा (Escort) प्रदान नहीं करेगा। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन को लेकर डर बढ़ा दिया है। वहीं, भारत के लिए राहत और चिंता दोनों के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपने 9,000 नागरिकों और ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए ईरान के साथ लगातार संपर्क में है। यहाँ इस युद्ध के ताज़ा अपडेट्स और कूटनीतिक हलचलों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. अमेरिका का बड़ा फैसला: "अभी टैंकरों की सुरक्षा नहीं" अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने CNBC को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि अमेरिकी नौसेना अभी टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए तैयार नहीं है। इसके पीछे की मुख्य वजहें: प्राथमिकता में बदलाव: अमेरिका का वर्तमान फोकस तेल टैंकरों को बचाने के बजाय ईरान की आक्रामक सैन्य क्षमताओं और उनके पीछे खड़े उद्योगों को नष्ट करने पर है। समय सीमा: क्रिस राइट के अनुसार, टैंकरों की सुरक्षा का मिशन महीने के अंत (मार्च के आखिर) तक ही शुरू हो सकता है। फिलहाल रक्षा विभाग इस पर केवल चर्चा कर रहा है। रणनीतिक जोखिम: विशेषज्ञों का मानना है कि टैंकरों को एस्कॉर्ट करने का मतलब ईरान के साथ सीधी समुद्री जंग में उतरना होगा, जिसके लिए फिलहाल अमेरिका अपनी पूरी ताकत को बचाकर रखना चाहता है। 2. भारत-ईरान कूटनीति: क्या भारतीय जहाज सुरक्षित हैं? विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की स्थिति स्पष्ट की: लगातार बातचीत: पिछले कुछ दिनों में भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच 3 बार उच्च स्तरीय वार्ता हुई है। मुख्य मुद्दा समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सप्लाई है। जहाजों की आवाजाही: जब पूछा गया कि क्या ईरान ने भारतीय जहाजों को रास्ता देने का वादा किया है, तो MEA ने कहा कि इस पर अभी कुछ भी कहना "जल्दबाजी" होगी। खामेनेई को श्रद्धांजलि: भारत ने कूटनीतिक शिष्टाचार निभाते हुए दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि दी है। विदेश सचिव ने 5 मार्च को शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे। 📊 विदेश मंत्रालय (MEA) के बयान की 4 बड़ी बातें मुख्य बिंदु विवरण वर्तमान स्थिति भारतीयों की संख्या ईरान में कुल भारतीय नागरिक 9,000 (छात्र, नाविक, कारोबारी और तीर्थयात्री) सुरक्षित निकासी वैकल्पिक रास्ते अजरबैजान और आर्मेनिया के जरिए वापसी में सरकार मदद कर रही है। पीएम मोदी की पहल खाड़ी नेताओं से संवाद पीएम ने जल्द शांति के लिए 'संवाद और कूटनीति' (Dialogue & Diplomacy) पर जोर दिया। मानवीय चिंता नागरिकों की सुरक्षा भारत ने युद्ध में आम लोगों को निशाना न बनाने की सख्त अपील की है। 3. युद्ध की विभीषिका: ताज़ा हमले और तस्वीरें जंग का मैदान अब रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल चुका है: दुबई पर हमला: बुधवार देर रात दुबई के आलीशान एड्रेस क्रीक हार्बर होटल पर ड्रोन हमला हुआ। पर्यटन के केंद्र दुबई में इस हमले से विदेशी नागरिकों में दहशत है। ओमान में तबाही: ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद भारी आग लग गई, जिससे खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों पर कामकाज ठप है। फारस की खाड़ी: बुधवार रात एक अज्ञात मिसाइल हमले के बाद एक तेल टैंकर धू-धू कर जल उठा। किसी ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इजराइली एयरस्ट्राइक: इजराइल ने बेरूत (लेबनान) में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे सटीक हमला करने का दावा किया है। 4. ऊर्जा सुरक्षा: भारत के सामने चुनौतियां होर्मुज स्ट्रैट से तेल सप्लाई न मिलने का मतलब भारत के लिए गंभीर आर्थिक संकट हो सकता है: महंगाई का खतरा: अगर तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल पार करती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई की कीमतें बढ़ जाएंगी। LNG सप्लाई: कतर से आने वाली गैस सप्लाई बाधित होने से बिजली और फर्टिलाइजर उत्पादन पर असर पड़ सकता है। वैकल्पिक स्रोत: भारत अब रूस और अफ्रीका से तेल आयात बढ़ाने की संभावनाओं को तलाश रहा है, लेकिन लंबी समुद्री दूरी परिवहन लागत बढ़ा देगी।