आज संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन भारतीय राजनीति में 'विदेशी मेहमानों से मुलाकात की परंपरा', देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति (डॉलर के मुकाबले रुपए का गिरना), और दिल्ली-NCR में प्रदूषण के गंभीर स्वास्थ्य संकट जैसे तीन प्रमुख मुद्दों के टकराव का गवाह बना। सत्र की शुरुआत विपक्षी सांसदों के गैस मास्क पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन से हुई, जिसने राजधानी के गंभीर वायु प्रदूषण संकट को केंद्र में ला दिया। हालाँकि, दिन का सबसे विस्फोटक बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से आया, जिन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भारत दौरे के संदर्भ में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए 'इनसिक्योरिटी' का आरोप लगाया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के भारत दौरे के बीच, रूस के पहले डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटुरोव के संसद पहुँचने पर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति और संसदीय परंपराओं पर सवाल खड़े किए।
राहुल का दावा: राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि आमतौर पर यह परंपरा रही है कि भारत आने वाला कोई भी विदेशी राष्ट्र प्रमुख या उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 'लीडर ऑफ ऑपोजिशन' से मिलता है।
ऐतिहासिक संदर्भ: उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह की सरकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह परंपरा पहले नियमित रूप से निभाई जाती थी।
वर्तमान आरोप: राहुल ने कहा कि जब भी कोई विदेशी मेहमान भारत आता है या जब वह (राहुल गांधी) स्वयं विदेश जाते हैं, तो केंद्र सरकार उन्हें विदेशी मेहमान से न मिलने की सलाह देती है।
'इनसिक्योरिटी' का लेबल: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के इस व्यवहार को उनकी "इनसिक्योरिटी" बताया, यानी असुरक्षा की भावना।
विपक्ष भी भारत का प्रतिनिधि: राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि "हम भी भारत को रिप्रेजेंट करते हैं। यह सिर्फ सरकार नहीं करती है।" उन्होंने तर्क दिया कि विपक्ष, विशेष रूप से 'लीडर ऑफ ऑपोजिशन', विदेशी मेहमानों के सामने "एक अलग नजरिया" प्रस्तुत करता है, जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस का समर्थन: कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने "हमारी डेमोक्रेसी की परंपराओं को ताक पर रख दिया है।" उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि BJP सरकार ने इस परंपरा को कमजोर किया है, जो देश की प्रतिष्ठा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
शशि थरूर का समर्थन: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। थरूर ने भारत के रूस, चीन और US के साथ जरूरी बाइलेटरल रिलेशन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, लेकिन साथ ही जोर दिया कि देश में आने वाले बड़े विदेशी मेहमानों को सभी से मिलना चाहिए।
महत्वपूर्ण विजिट: रूस के पहले डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटुरोव का संसद पहुँचना इस बात का संकेत है कि रूस-भारत के संबंध, विशेष रूप से रक्षा और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में, अभी भी काफी महत्वपूर्ण हैं।
द्विपक्षीय संबंधों का महत्व: थरूर ने सही कहा कि भारत को यह नहीं मानना चाहिए कि एक रिश्ते की प्रकृति दूसरे रिश्ते से तय होनी चाहिए। भारत की विदेश नीति हमेशा से गुटनिरपेक्ष और बहु-संरेखित (Multi-aligned) रही है।
शीतकालीन सत्र के चौथे दिन की शुरुआत संसद भवन के मकर द्वार पर हुए एक नाटकीय विरोध प्रदर्शन से हुई, जिसने देश के सबसे बड़े पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट को केंद्र में ला दिया।
विरोध का तरीका: सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले, विपक्षी सांसदों ने दिल्ली एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रतीकात्मकता: कई विपक्षी सांसद गैस मास्क पहनकर संसद पहुँचे, जो दिल्ली की वायु की गुणवत्ता की भयावह स्थिति का एक शक्तिशाली प्रतीक था।
प्रियंका गांधी वाड्रा की अपील: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदूषण को एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बताया। उन्होंने कहा कि "बाहर के हालात तो देखो... बच्चे सांस नहीं ले पा रहे हैं। उन्हें अस्थमा है और सीनियर सिटिजन को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।" उन्होंने यह भी चिंता जताई कि हालात साल दर साल खराब होते जा रहे हैं।
मनीष तिवारी का नोटिस: कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने दिल्ली के एयर पॉल्यूशन पर चर्चा की मांग करते हुए सस्पेंशन ऑफ बिजनेस का नोटिस दिया। उन्होंने इसे "बहुत बड़ा हेल्थ क्राइसिस" बताया।
समस्या की जड़: भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने स्वीकार किया कि प्रदूषण एक गंभीर समस्या है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह "आज या कुछ दिनों का नहीं है... कई सालों से चल रहा है।"
लगातार कोशिशें: उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी समस्या को एक बार में हल नहीं किया जा सकता, इसके लिए लगातार कोशिशों की जरूरत होगी।
पंजाब पर निशाना: रेखा शर्मा ने पंजाब (जहाँ कांग्रेस/AAP की सरकार है) में पराली जलने को लगातार जारी रहने का मुद्दा उठाया, जबकि हरियाणा में इसमें 90% कमी आने का दावा किया। यह बयान स्पष्ट रूप से प्रदूषण के मुद्दे पर राजनीतिक दोषारोपण को दर्शाता है।
उम्मीद: उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले साल तक प्रदूषण में कुछ ठोस कमी आ सकती है, लेकिन साथ ही विपक्ष के त्वरित समाधान की मांग को खारिज करते हुए कहा कि "हर चीज में समय लगता है।"
सदन के भीतर और बाहर, विपक्ष ने डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के लगातार कमजोर होने के मुद्दे को उठाया, इसे देश की गिरती आर्थिक स्थिति का संकेत बताया।
रुपया 90 पार: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि जब मनमोहन सिंह के समय रुपया डॉलर के मुकाबले कुछ बढ़ा था, तब BJP ने इसे मुद्दा बनाया था। अब रुपया 90 के पार है, तो इस पर उनका क्या जवाब है।
आर्थिक हालत पर सवाल: कांग्रेस चीफ मल्लिकार्जुन खड़गे ने रुपए की कीमत में गिरावट पर कहा: "रुपए की कीमत कम हो रही है, इसका मतलब है कि इस देश की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है।" उन्होंने सरकार के 'डेवलप कर रहे हैं' के दावे पर प्रश्नचिह्न लगाया।
व्हाइट पेपर की मांग: कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने रुपए का 90 पार जाना चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इससे इम्पोर्ट महंगा होगा और आर्थिक दबाव बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की, ताकि यह पता चल सके कि राष्ट्रीय मुद्रा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मनीष तिवारी का व्यंग्य: कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने रुपए की कीमत पर BJP के पुराने बयानों पर व्यंग्य करते हुए कहा: "अब रुपया 90 पर पहुंच गया है, अब यह किस जमाने से मुकाबला कर रहा है।"
आर्थिक निहितार्थ: रुपए का कमजोर होना भारत की आयात-निर्भरता (विशेषकर तेल) को बढ़ाता है, जिससे महंगाई में वृद्धि होती है और व्यापार घाटा बढ़ता है। विपक्ष इन आर्थिक चुनौतियों का इस्तेमाल सरकार को घेरने के लिए कर रहा है।
शीतकालीन सत्र के चौथे दिन कुछ अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी और कानूनी मुद्दे भी सदन में उठाए गए।
अश्विनी वैष्णव का बयान: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा था कि फेक न्यूज और AI डीपफेक लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं।
कड़े नियम: सरकार फर्जी सूचना पर कार्रवाई के लिए नए कड़े नियम बना रही है।
टेकडाउन नियम: मंत्री ने 36 घंटे में कंटेंट 'टेकडाउन' के नए नियम को लागू करने का उल्लेख किया और कहा कि संसदीय समिति की सिफारिशों के आधार पर नियमों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि फ्रीडम ऑफ स्पीच और लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन रखा जा सके।
जांच समिति: सदन के एक अपडेट में बताया गया कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग के तहत जाँच के लिए स्पीकर ने 3 सदस्यीय कमेटी का ऐलान किया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के जज और एक कानूनविद शामिल थे।
रिपोर्ट: शीतकालीन सत्र में यह जाँच समिति अपनी रिपोर्ट रखेगी।
प्रक्रिया: अगर जस्टिस वर्मा पर आरोप साबित होते हैं, तो संसद में वोटिंग के लिए महाभियोग प्रस्ताव पेश होगा। दो तिहाई बहुमत से पास होने पर प्रस्ताव राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए जाएगा।
इस्तीफे की आशंका: हालाँकि, आशंका जताई जा रही है कि आरोप तय होने पर जस्टिस वर्मा खुद इस्तीफा दे सकते हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन एक साथ कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर राजनीतिक और राष्ट्रीय चुनौतियों को उजागर करता है।
डिप्लोमेसी पर राजनीति: राहुल गांधी द्वारा विदेशी मेहमानों से विपक्ष को न मिलने देने का मुद्दा उठाना, भारत की विदेश नीति के प्रोटोकॉल और लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
जीवन का संकट: प्रदूषण पर गैस मास्क पहनकर विरोध करना, सरकार को यह याद दिलाता है कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दे को तत्काल और राष्ट्रीय प्राथमिकता पर हल करना आवश्यक है।
आर्थिक दबाव: रुपए की गिरावट और विपक्षी सांसदों की व्हाइट पेपर की मांग, देश की आर्थिक स्थिरता और सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर दबाव को दर्शाती है।
कुल मिलाकर, सत्र का चौथा दिन भारतीय राजनीति की बहु-आयामी जटिलताओं को सामने लाता है, जहाँ विदेश नीति की परंपराएँ, नागरिकों का स्वास्थ्य और देश की आर्थिक सेहत—सभी एक ही मंच पर चर्चा और विवाद का विषय बन रहे हैं।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ऐतिहासिक कदम; 'नरवणे बुक' और बजट पर घमासान नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष ने एक बड़ा संवैधानिक दांव खेलते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस पेश कर दिया। उधर, सदन के बाहर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच 'जुबानी जंग' तेज हो गई है। यहाँ आज की संसदीय कार्यवाही और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: मुख्य वजह और प्रक्रिया विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को दोपहर 1:14 बजे आधिकारिक नोटिस सौंपा। इस कदम के पीछे की कूटनीति और नियम निम्नलिखित हैं: आरोप: प्रस्ताव में कहा गया है कि स्पीकर ओम बिरला खुलेआम 'एकतरफा' तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों (जैसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव) पर बोलने नहीं दिया गया और विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए 8 सांसदों को मनमाने ढंग से सस्पेंड किया गया। नोटिस पर हस्ताक्षर: कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, सपा, डीएमके और वामपंथी दल शामिल हैं। TMC का रुख: दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिलहाल इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे प्रस्ताव का समर्थन करते हैं लेकिन स्पीकर को जवाब देने के लिए 1-2 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं: सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं, जो एक सोची-समझी रणनीतिक दूरी हो सकती है। संवैधानिक प्रावधान: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत दिया गया है। स्पीकर ने सेक्रेटरी जनरल को इस नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया है। 2. सदन की कार्यवाही: हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल मंगलवार को लोकसभा में कामकाज के नाम पर केवल शोर-शराबा ही देखने को मिला: 11:00 AM: सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए। महज 1 मिनट में कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विशेष बात यह थी कि आज स्पीकर की कुर्सी पर ओम बिरला नहीं, बल्कि पीसी मोहन बैठे थे। 12:00 PM: दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे जारी रखे। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से बजट पर चर्चा करने की विनती की, लेकिन शोर नहीं थमा और सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। 02:00 PM: तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर केपी तेनेट्टी ने चेयर संभाली। हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। 3. 'नरवणे बुक' कॉन्ट्रोवर्सी: राहुल गांधी का बड़ा बयान सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर सरकार को घेरा: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन (पब्लिशर)। नरवणे ने खुद X पर पोस्ट किया था कि किताब उपलब्ध है। मैं पेंगुइन के बजाय एक पूर्व आर्मी चीफ की बात पर विश्वास करना चुनूंगा। सरकार इस किताब से डरी हुई है क्योंकि इसमें अग्निवीर, चीन विवाद और इंडो-US ट्रेड डील से जुड़ी असुविधाजनक बातें हैं।" उधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब पब्लिशर कह रहा है कि किताब छपी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। 📊 बजट चर्चा: शशि थरूर और अखिलेश यादव के प्रहार जब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार के आर्थिक दावों की धज्जियां उड़ाईं: नेता मुख्य आरोप / बिंदु शशि थरूर सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' करती है। जल जीवन और SC विकास योजनाओं का पैसा खर्च ही नहीं हुआ। आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। अखिलेश यादव यह बजट 'दिशाहीन' है। 11 साल से बजट आ रहा है लेकिन लोगों की आय नहीं बढ़ी। सरकार बताए कि '0' बड़ा है या '18' (टैक्स कटौती का संदर्भ)। अखिलेश यादव यूपी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। यूएस डील के बाद विदेशी माल आएगा, तो हमारे किसान क्या उगाएंगे? 4. सत्ता पक्ष का बचाव और जवाबी हमला किरेन रिजिजू का वीडियो: रिजिजू ने 4 फरवरी के हंगामे का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गुंडागर्दी कर रहे थे और पीएम की सीट तक पहुंच गए थे। गिरिराज सिंह का प्रहार: उन्होंने नेहरू पर कश्मीर को गिरवी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। संख्या बल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास नंबर नहीं हैं, इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए स्पीकर को हटा नहीं पाएंगे, वे केवल ड्रामा कर रहे हैं।
तरनतारन लॉ कॉलेज में खूनी खेल: एकतरफा प्यार में छात्र ने छात्रा को सिर में मारी गोली, फिर खुद को भी उड़ाया; 6 बहनों की इकलौती उम्मीद खत्म तरनतारन | 9 फरवरी 2026 पंजाब के तरनतारन स्थित एक लॉ कॉलेज में सोमवार सुबह उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक छात्र ने भरी क्लास में अपनी सहपाठी छात्रा की हत्या कर खुदकुशी कर ली। 'वेलेंटाइन वीक' के दौरान हुए इस दिल दहला देने वाले कांड की वजह एकतरफा प्यार और छात्रा द्वारा शादी के प्रस्ताव को ठुकराना बताया जा रहा है। यहाँ इस वारदात की पूरी टाइमलाइन और विवरण दिया गया है: 1. सीसीटीवी में कैद मौत का मंजर कॉलेज के क्लासरूम से आए फुटेज के अनुसार, सुबह 9:16 बजे खौफनाक वारदात हुई: बातचीत और हत्या: आरोपी प्रिंसराज सिंह क्लास में संदीप कौर (20) के पास जाकर बैठा। कुछ देर बात करने के बाद उसने अचानक बैग से पिस्टल निकाली और संदीप के सिर से सटाकर गोली मार दी। खुदकुशी: संदीप के गिरते ही प्रिंसराज ने तुरंत पिस्टल दोबारा लोड की और खुद की कनपटी पर गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पॉइंट ब्लैंक रेंज: हमला इतनी करीब से था कि संदीप का ब्रेन फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 2. हत्या की वजह: एकतरफा प्यार और दबाव पुलिस जांच के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार: सगाई बन गई दुश्मन: मृतक छात्रा संदीप कौर की हाल ही में सगाई हुई थी। प्रिंसराज उस पर सगाई तोड़ने और उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। रिजेक्शन का बदला: माना जा रहा है कि 8 फरवरी (प्रपोज डे) को प्रिंसराज ने उसे प्रपोज किया था, लेकिन संदीप के इनकार के बाद उसने कत्ल की साजिश रची। 3. परिवार का दर्द: "टीचर ने कहा- चोट लगी है" संदीप की मां हरजिंदर कौर ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं: गुमराह करने का आरोप: मां ने बताया कि कॉलेज से फोन आया कि बेटी का झगड़ा हुआ है और उसे मामूली चोट लगी है। जब वे कॉलेज पहुंचे, तो वहां उनकी बेटी की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। इकलौता सहारा: संदीप के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह 6 बहनों और एक छोटे भाई के परिवार में बड़ी उम्मीद थी। 📊 केस फाइल: मुख्य बिंदु विवरण जानकारी मृतक छात्रा संदीप कौर (लॉ फर्स्ट ईयर) आरोपी छात्र प्रिंसराज सिंह (तरनतारन निवासी) हथियार अवैध पिस्टल (पुलिस जांच जारी) सुरक्षा चूक कॉलेज गेट पर चेकिंग न होना, बैग में पिस्टल ले जाना 4. कॉलेज प्रबंधन पर उठते सवाल वारदात के बाद गुस्साए परिजनों ने कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। किसी ने यह चेक नहीं किया कि छात्र बैग में हथियार लेकर क्लासरूम तक कैसे पहुंच गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि प्रिंसराज के पास पिस्टल कहाँ से आया। एसीपी जगबीर के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार उसके पिता का लाइसेंसी था या उसने अवैध रूप से खरीदा था।
राजपाल यादव ने किया जेल में सरेंडर: चेक बाउंस मामले में हाई कोर्ट का सख्त रुख; 9 करोड़ का बकाया, 25 लाख का चेक लेकर पहुंचे थे एक्टर नई दिल्ली | 5 फरवरी 2026 मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद राजपाल यादव ने गुरुवार को जेल अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। यह मामला 16 साल पुराने 5 करोड़ रुपये के कर्ज और चेक बाउंस से जुड़ा है, जो ब्याज समेत अब करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है। यहाँ इस पूरे कानूनी मामले और आज की अदालती कार्यवाही की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. कोर्ट की फटकार: "राहत से पहले सरेंडर जरूरी" राजपाल यादव गुरुवार को सरेंडर करने के बाद व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट के सामने पेश हुए और राहत की गुहार लगाई। अधूरा भुगतान: राजपाल यादव कोर्ट में 25 लाख रुपये का चेक लेकर आए थे और बाकी रकम जल्द चुकाने का भरोसा दिया। कोर्ट का रुख: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर की प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा कि पहले दी गई राहत बार-बार दिए गए झूठे आश्वासनों के आधार पर थी, जिन्हें एक्टर ने कभी पूरा नहीं किया। 2. मामला क्या है? (2010 से अब तक) यह विवाद राजपाल यादव की बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' से शुरू हुआ था। कर्ज की शुरुआत: फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' नामक कंपनी से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। चेक बाउंस: 2012 में फिल्म फ्लॉप हो गई, जिसके बाद कर्ज लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए। सजा: 2018 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद वे लगातार ऊपरी अदालतों में अपील और समझौते का झांसा देकर समय मांगते रहे। 📊 राजपाल यादव केस: मुख्य आंकड़े विवरण सांख्यिकी / जानकारी मूल कर्ज (2010) ₹5 करोड़ वर्तमान बकाया (ब्याज सहित) ₹9 करोड़ कोर्ट में आज पेश किया गया चेक ₹25 लाख सजा की अवधि 6 महीने (ट्रायल कोर्ट द्वारा) मुख्य फिल्म अता पता लापता (2012) 3. टाइपिंग मिस्टेक के बहाने खारिज हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की उन दलीलों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट में 'तकनीकी या टाइपिंग गलती' का हवाला देकर समय मांगा था। कोर्ट ने कहा कि ये दलीलें अब भरोसे के लायक नहीं हैं। रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम को तुरंत शिकायतकर्ता कंपनी को सौंपने का आदेश दिया गया है।