उत्तर प्रदेश

राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह पर मां मंजुला सिंह ने लगाए फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप, 70 दुकानों के किराए की अवैध वसूली

रवि चौहान नवम्बर 24, 2025 0
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह पर मां मंजुला सिंह ने लगाए फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह पर मां मंजुला सिंह ने लगाए फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप

राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह पर मां ने लगाए गंभीर आरोप: फर्जीवाड़ा, अवैध वसूली और पारिवारिक कलह का विस्तृत विश्लेषण

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति के कद्दावर चेहरे और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह एक बार फिर गंभीर कानूनी और पारिवारिक विवादों के केंद्र में आ गई हैं। इस बार उन पर आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनकी खुद की मां मंजुला सिंह ने लगाया है। मंजुला सिंह ने लखनऊ में भानवी सिंह और अपने पूर्व मैनेजर राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ फर्जी किराएनामे के दस्तावेज़ों का उपयोग करके 70 दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है।

यह मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्ती राजघराने की बेटी और भदरी रियासत की बहू के बीच चल रहे तलाक के हाई-प्रोफाइल केस और गहन पारिवारिक कलह की पृष्ठभूमि में एक नया, विस्फोटक मोड़ है। पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।

यह विस्तृत आलेख इस नए विवाद, मां के आरोपों की प्रकृति, फर्जीवाड़े के सबूत, भानवी सिंह का पारिवारिक इतिहास, राजा भैया के साथ उनका तलाक का मुकदमा और पिछले हाई-वोल्टेज ड्रामे को 5000 शब्दों में विश्लेषित करता है।


 

1. नया विवाद: मां मंजुला सिंह के गंभीर आरोप

 

लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भानवी सिंह और उनके पूर्व मैनेजर राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ उनकी मां मंजुला सिंह ने एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली से संबंधित है, जिसका सीधा संबंध 70 दुकानों के किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट से है।

 

1.1. फर्जी किराएनामा और धोखाधड़ी का आरोप

 

मंजुला सिंह ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि कैसे उनके मैनेजर राजेश प्रताप सिंह ने उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर धोखाधड़ी की:

  • झूठा किरायानामा: मंजुला सिंह का आरोप है कि राजेश प्रताप सिंह कई वर्षों से उनके मैनेजर के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान, उसने मंजुला सिंह के नाम पर एक झूठा किरायानामा तैयार किया

  • अनाधिकृत हस्ताक्षर: मां का स्पष्ट आरोप है कि यह किरायानामा तैयार करने से पहले न तो उनकी इजाजत ली गई थी और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर हैं। इससे भी गंभीर बात यह है कि सिक्योरिटी डिपॉजिट वाले पन्ने पर भी उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।

  • अवैध उपयोग: इसके बावजूद, मैनेजर राजेश ने इस फर्जी दस्तावेज़ को वैध दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किया और इसका इस्तेमाल 70 दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलने के लिए किया।

 

1.2. मैनेजर का कबूलनामा और सबूत

 

मंजुला सिंह का दावा है कि फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद उन्होंने मैनेजर राजेश प्रताप सिंह को घर बुलाकर बात की, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो गई:

  • माफी और स्वीकारोक्ति: राजेश प्रताप सिंह ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी।

  • भानवी सिंह का निर्देश: मंजुला सिंह के अनुसार, राजेश ने स्वीकार किया कि उसने यह पूरा अवैध काम उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर किया था।

  • डिजिटल सबूत: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजेश ने अपना मोबाइल फोन भी मंजुला सिंह को सौंपा है, जिसमें फर्जीवाड़े और अवैध वसूली से जुड़े कई रिकॉर्ड और चैट मौजूद हैं।

 

1.3. पुलिस से मांग और कानूनी स्थिति

 

मंजुला सिंह ने राजेश का मोबाइल फोन सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा है और इसे सील कर जांच में शामिल करने की मांग की है।

  • जिम्मेदारी थोपने की कोशिश: मंजुला सिंह ने आरोप लगाया कि दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट की अवैध वसूली मैनेजर ने भानवी के निर्देश पर की, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी मुझ पर थोपने की कोशिश की जा रही है

  • FIR की मांग: मंजुला सिंह ने हजरतगंज पुलिस से भानवी सिंह और राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

  • वर्तमान स्थिति: पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जा रही है


 

2. भानवी सिंह: राजघराना, शादी और तलाक की कहानी

 

भानवी सिंह का जीवन हमेशा से राजशाही और विवादों के बीच रहा है।

 

2.1. बस्ती राजघराने की बेटी

 

  • जन्म और परिवार: भानवी सिंह का जन्म 10 जुलाई, 1974 को हुआ था। वह बस्ती राजघराने के कुंवर रवि प्रताप सिंह की तीसरी बेटी हैं।

  • शिक्षा: उन्होंने बस्ती और लखनऊ में अपनी पढ़ाई पूरी की।

 

2.2. राजा भैया से शादी और वैवाहिक कलह

 

  • शादी: भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप सिंह के बेटे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से उनकी शादी 1995 में हुई थी। शादी के समय राजा भैया करीब 25 साल के थे।

  • संतान: दोनों के 4 बच्चे हैं—दो बेटे (शिवराज प्रताप सिंह, बृजराज प्रताप सिंह) और दो बेटियां (राघवी, बृजेश्वरी सिंह)।

  • संबंधों में दरार: शादी के कुछ साल बाद ही दोनों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई थी।

  • तलाक का केस: भानवी सिंह पिछले कई सालों से पति से अलग दिल्ली में अपने आवास पर रह रही हैं। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था और आरोप लगाया था कि राजा भैया ने घर छोड़ दिया है। भानवी ने कोर्ट में राजा भैया पर मारपीट और अवैध संबंध का भी आरोप लगाया था।

 

2.3. संपत्ति का पहलू

 

भानवी सिंह न केवल राजघराने से आती हैं, बल्कि वह एक सफल व्यवसायी भी हैं।

  • व्यवसाय: भानवी सिंह बिजनेस करती हैं और उनकी संपत्ति राजा भैया से अधिक है।

  • संपत्ति विवरण: 2017 के चुनाव में राजा भैया ने अपने हलफनामे में कुल 14 करोड़ की संपत्ति का जिक्र किया था। इसमें से 7.2 करोड़ की संपत्ति पत्नी भानवी के नाम और 6 करोड़ की संपत्ति खुद के नाम बताई थी। यह वित्तीय स्वतंत्रता उनके हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई को और भी जटिल बनाती है।


 

3. माता-पिता से मिलने का हाई-वोल्टेज ड्रामा

 

नए फर्जीवाड़े के आरोप से पहले, भानवी सिंह जुलाई 2025 में लखनऊ में अपने ही परिवार के साथ एक हाई-वोल्टेज ड्रामा के कारण चर्चा में आई थीं।

 

3.1. सिल्वर ओक अपार्टमेंट की घटना (2 जुलाई, 2025)

 

  • घटना: देर रात भानवी अपने माता-पिता से मिलने हजरतगंज इलाके के सिल्वर ओक अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 201 में पहुंची थीं।

  • हंगामा: परिवार के लोगों ने फ्लैट का गेट नहीं खोला। इसके बाद भानवी सिंह ने अपार्टमेंट के बाहर एक घंटे तक हंगामा किया।

  • पुलिस हस्तक्षेप: मामला बिगड़ता देख भानवी सिंह की बहन साध्वी ने पुलिस को बुला लिया था। रात करीब 12 बजे पुलिस ने समझा-बुझाकर भानवी को शांत कराया और उन्हें वापस भेज दिया गया था।

 

3.2. भानवी सिंह के आरोप

 

भानवी सिंह ने इस दौरान मीडिया से कहा था: "मुझे मेरे माता-पिता से नहीं मिलने दिया गया। मैं अपना पक्ष सबके सामने रखूंगी।"

  • बहन के आरोप: वहीं, भानवी की बहन साध्वी सिंह ने पुलिस को मौखिक रूप से यह आरोप लगाया था कि भानवी सिंह माता-पिता को जबरन ले जाने की कोशिश कर रही थीं।

यह घटना दिखाती है कि भानवी सिंह का अपने माता-पिता के साथ संबंध सामान्य नहीं है, और अब मां मंजुला सिंह का उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाना इस पारिवारिक दरार को और गहरा करता है।


 

4. कानूनी और सामाजिक निहितार्थ

 

यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाज में कई गंभीर सवाल खड़े करता है:

 

4.1. फर्जीवाड़े का कानूनी प्रभाव

 

  • गैर-जमानती अपराध: यदि पुलिस मंजुला सिंह की शिकायत पर FIR दर्ज करती है, तो भानवी सिंह पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लग सकती हैं, जो गैर-जमानती अपराध हैं।

  • सबूतों की अहमियत: मैनेजर का मोबाइल फोन और उसमें मौजूद कथित चैट रिकॉर्ड इस केस में डिजिटल सबूत के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

  • तलाक केस पर असर: इस नए आरोप का सीधा असर दिल्ली के साकेत कोर्ट में चल रहे तलाक के केस पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह भानवी सिंह की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

 

4.2. राजघरानों और राजनीति पर प्रभाव

 

  • वंश का सम्मान: बस्ती राजघराने की बेटी का अपनी ही मां द्वारा आरोपी बनाया जाना और भदरी रियासत के बहू का अपने पति से तलाक का मामला चलना, दोनों राजघरानों के सम्मान और प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • राजा भैया की छवि: हालांकि यह आरोप सीधे राजा भैया पर नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी पर लगा यह गंभीर वित्तीय आरोप अप्रत्यक्ष रूप से उनके राजनीतिक प्रभाव और परिवार की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है।

मंजुला सिंह की शिकायत और भानवी सिंह पर लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोपों ने इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक और कानूनी लड़ाई को एक नए, सनसनीखेज स्तर पर पहुंचा दिया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस 'राजशाही' कलह का अगला अध्याय क्या होगा।

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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

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मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

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मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा
मथुरा: "फरसा वाले बाबा" की मौत पर भारी बवाल; हाईवे जाम, पुलिस पर पथराव के बाद छोड़े गए आंसू गैस के गोले।

मथुरा में तनाव: विख्यात गौरक्षक "फरसा वाले बाबा" की मौत पर बवाल; हाईवे पर पथराव, आंसू गैस के गोले और पुलिस का बड़ा खुलासा मथुरा | 21 मार्च 2026 उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे ब्रज क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। विख्यात गौरक्षक और "फरसा वाले बाबा" के नाम से मशहूर चंद्रशेखर उर्फ चंद्रशेखर बाबा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद गौरक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा, जिससे दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। जहाँ समर्थक इसे एक सोची-समझी हत्या (Lynch/Murder) बता रहे हैं, वहीं पुलिस इसे घने कोहरे के कारण हुआ एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा करार दे रही है। यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और जमीनी हालात की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. घटना का विवरण: सुबह 4 बजे का वह मंजर यह दर्दनाक वाकया कोसी कलां थाना क्षेत्र की कोटवन चौकी के अंतर्गत नवीपुर गांव के पास हुआ। संदेह और कार्रवाई: सुबह करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच, फरसा वाले बाबा ने शक के आधार पर एक वाहन को रुकवाया था। बाबा को अंदेशा था कि वाहन में गोवंश (गाय) तस्करी की जा रही है। हादसा: इसी दौरान, पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने बाबा को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य अंधेरे और कोहरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे। 2. हाईवे पर संग्राम: पुलिस पर पथराव और आंसू गैस बाबा की मौत की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में गौरक्षक और उनके समर्थक दिल्ली-आगरा हाईवे पर जमा हो गए। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हिंसा: आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और देखते ही देखते पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और पुलिस अधिकारियों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। काफी मशक्कत के बाद आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में किया गया। 3. पुलिस का आधिकारिक पक्ष: "यह गोवंश तस्करी नहीं, दुर्घटना है" मथुरा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश की है: "चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा ने संदेह के आधार पर एक कंटेनर को रोका था। घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे तार लदे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था, उसमें किराने का सामान मिला है। यह एक शुद्ध सड़क दुर्घटना है, गोवंश तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है।" 📊 घटनाक्रम: एक नजर में (21 मार्च 2026) समय घटना प्रभाव 03:30 AM बाबा ने नवीपुर के पास वाहन रुकवाया। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी। 04:00 AM पीछे से आए ट्रक ने बाबा को कुचला। मौके पर ही बाबा की मौत। 08:00 AM दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम शुरू। हजारों यात्री बीच रास्ते फंसे। 11:00 AM पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प। पथराव और आंसू गैस का प्रयोग। 02:00 PM पुलिस ने बल प्रयोग कर हाईवे खुलवाया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात। 4. कौन थे "फरसा वाले बाबा"? चंद्रशेखर बाबा ब्रज क्षेत्र के एक प्रखर गौरक्षक थे। वे हमेशा अपने साथ एक फरसा रखते थे, जिसके कारण उन्हें "फरसा वाले बाबा" कहा जाने लगा। गौ-तस्करी रोकने के लिए वे रात-रात भर हाईवे पर गश्त करते थे। स्थानीय लोगों और गौरक्षकों के बीच उनकी जबरदस्त पैठ थी, यही कारण है कि उनकी मौत ने भावनाओं को उद्वेलित कर दिया है।

रवि चौहान मार्च 21, 2026 0
'यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं'

Saharanpur News: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हिंदू रक्षा दल की भड़काऊ करतूत; 'मुसलमानों के लिए सड़क नहीं' लिखने पर विवाद।

शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक

Shankaracharya Avimukteshwaranand Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर लगाई रोक; नार्को टेस्ट की दी चुनौती।

पिता के शव को बाथरूम में काटा, नीले-ड्रम में छिपाया

Lucknow Murder: लखनऊ में नीट (NEET) के दबाव में बेटे ने की पिता की हत्या; आरी से काटकर ड्रम में भरे टुकड़े।

मेरठ में परिवार के 6 लोग घर में जिंदा जले:इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे
Meerut Fire Tragedy: मेरठ में भीषण आग; 6 माह की जुड़वां बच्चियों समेत परिवार के 6 सदस्यों की मौत, पूरे शहर में मातम।

मेरठ अग्निकांड: तीन मंजिला मकान में 6 जिंदगियां राख; जुड़वां बच्चियों समेत 5 बच्चों और मां की मौत, पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर निकाले शव मेरठ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार देर रात एक कपड़ा कारोबारी के तीन मंजिला घर में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 6 महीने की दो जुड़वां बच्चियां और तीन अन्य मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के वक्त घर के पुरुष मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जिससे घर में केवल महिलाएं और बच्चे ही मौजूद थे। यहाँ इस हृदयविदारक घटना, रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ित परिवार की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव? हादसा किदवई नगर की गली नंबर-1 में स्थित इकबाल अहमद के मकान में हुआ। इकबाल और उनके बेटे कपड़ों का कारोबार करते हैं। ग्राउंड फ्लोर बना था गोदाम: घर के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में भारी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा हुआ था। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अचानक यहाँ आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कपड़ों की मौजूदगी के कारण लपटें कुछ ही मिनटों में इतनी विकराल हो गईं कि सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। पुरुषों की अनुपस्थिति: जिस वक्त आग लगी, इकबाल अहमद और उनके चार बेटे पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज में था। घर में 12 लोग (महिलाएं और बच्चे) फंसे रह गए। 2. रेस्क्यू और वो 'घातक' फैसला आग लगते ही मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया: फर्स्ट फ्लोर का रेस्क्यू: पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल (First Floor) की खिड़की से 5 लोगों (तीन महिलाएं और दो बच्चे) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सेकंड फ्लोर पर फंसी मौत: दूसरी मंजिल पर आसिम की पत्नी रुखसार (30) अपने बच्चों के साथ मौजूद थी। जब उसने नीचे आग और धुआं देखा, तो वह बुरी तरह डर गई। बचने के लिए उसने बच्चों समेत खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। यही फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ। दीवार तोड़कर पहुंचे बचावकर्मी: संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई। अंततः पड़ोसी की दीवार तोड़कर दमकलकर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन तब तक कमरे में मौजूद सभी लोग धुएं और तपिश के कारण दम तोड़ चुके थे। 3. मृतकों का विवरण: मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था? मंगलवार सुबह जब एक साथ 6 जनाजे उठे, तो पूरे मेरठ की आंखें नम थीं। हादसे में जान गंवाने वाले सदस्य: नाम आयु / संबंध स्थिति रुखसार 30 वर्ष (आसिम की पत्नी) दम घुटने और जलने से मौत अनाबिया 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित इनायत 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित अकदस 3 वर्ष (बेटा) मृत घोषित महविश 12 वर्ष (भतीजी) मृत घोषित हम्माद 4 वर्ष (भतीजा) मृत घोषित 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच हादसे की सूचना मिलते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे। जांच के आदेश: जिलाधिकारी (DM) ने विद्युत विभाग और फायर सेफ्टी के अफसरों को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। संकरी गलियों की चुनौती: एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इलाका बेहद घना है, जिससे फायर टेंडर को अंदर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर फाइटर्स ने छतों के रास्ते अंदर घुसकर आग पर काबू पाया। गैस लीकेज का एंगल: पुलिस जहाँ शॉर्ट सर्किट को वजह मान रही है, वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि घर में गैस लीकेज की वजह से आग ने इतना विकराल रूप लिया। 5. सिसकते परिजन और अंतिम विदाई मंगलवार सुबह नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में सभी 6 मृतकों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आसिम का विलाप: अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को खो चुके आसिम की हालत देखकर हर कोई रो पड़ा। रिश्तेदारों ने उसे संभाला, लेकिन उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी। दादी की हालत: बच्चों की दादी अमीर बानो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें फिलहाल इस दुखद खबर से दूर रखा गया है कि उनकी बहू और पोते-पोतियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। राजनीतिक संवेदनाएं: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

रवि चौहान फ़रवरी 24, 2026 0
अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप; रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी पहुंचे कोर्ट।

पत्नी के साथ पंखे पर लटके मिले रिटायर्ड दरोगा

मेरठ में रिटायर्ड दरोगा और पत्नी ने की आत्महत्या; एक ही पंखे पर लटके मिले शव, अकेलापन या कोई और राज?

शादाब जकाती बोले- दोषी निकला तो अपना गला काट लूंगा

मेरठ के रील स्टार शादाब जकाती पर बंधक बनाने का केस दर्ज; एसएसपी के आदेश पर हुई कार्रवाई; शादाब ने दी सफाई।

मेरठ के इंफ्लुएंसर शादाब जकाती पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप; बंधक बनाने और शोषण का दावा।
मेरठ के इंफ्लुएंसर शादाब जकाती पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप; बंधक बनाने और शोषण का दावा।

शादाब जकाती पर गंभीर आरोप: '10 वाला बिस्कुट' फेम इंफ्लुएंसर ने महिला को बनाया बंधक; अश्लील कंटेंट और शोषण का दावा मेरठ | 5 फरवरी 2026 '10 वाला बिस्कुट कितने का...' रील से रातों-रात मशहूर हुए मेरठ के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शादाब जकाती बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। झारखंड की रहने वाली एक महिला यूट्यूबर ने उन पर एक साल तक बंधक बनाकर रखने, घरेलू काम कराने और शारीरिक व मानसिक शोषण करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। यहाँ इस पूरे विवाद की मुख्य बातें दी गई हैं: 1. पीड़िता का आरोप: "शादाब ने जिंदगी बर्बाद की" पीड़िता चांदनी उर्फ तबस्सुम (यूट्यूबर) ने मेरठ के इंचौली थाने में तहरीर दी है: बंधक और धमकी: चांदनी का दावा है कि शादाब ने उसे काम देने के बहाने बुलाया और एक साल तक घर में बंधक बनाकर रखा। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। अश्लील कंटेंट: महिला का आरोप है कि शादाब मोटिवेशनल वीडियो के नाम पर अश्लील कंटेंट बनाता है और महिलाओं का शोषण करता है। मारपीट: आरोप है कि 15 जनवरी को शादाब की पत्नी साजिया ने भी चांदनी के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिसके बाद वह सुसाइड करने वाली थी, लेकिन पति के साथ मिलने पर उसने पुलिस की शरण ली। 2. कौन है शादाब जकाती? शादाब जकाती मेरठ के इंचौली क्षेत्र का रहने वाला है और सऊदी अरब में ड्राइवर रह चुका है। फेमस रील: उसका डायलॉग "10 वाला बिस्कुट कितने का है जी..." इतना वायरल हुआ कि इसे बादशाह, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव जैसे दिग्गजों ने कॉपी किया। विवादित इतिहास: शादाब पहले भी एक वीडियो के लिए गिरफ्तार हो चुका है, जिसमें उसने एक बच्ची की मां पर अभद्र कमेंट किए थे और बदले में 'KISS' की मांग की थी। 📊 शादाब जकाती केस: अब तक क्या हुआ? पक्ष विवरण पीड़िता चांदनी (झारखंड), 2017 से मेरठ में निवासी। आरोप बंधक बनाना, अश्लील कंटेंट निर्माण, मारपीट, शोषण। पुलिस कार्रवाई इंचौली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है; अभी FIR दर्ज होना बाकी है। शादाब का पक्ष शादाब की ओर से अभी कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। 3. पुलिस का बयान इंचौली थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी के अनुसार, महिला की तहरीर मिल गई है। आरोप काफी गंभीर हैं, इसलिए मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रवि चौहान फ़रवरी 5, 2026 0
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- सुप्रीम कोर्ट के कंधे पर बंदूक मत रखो

Shankaracharya Avimukteshwaranand vs Prayagraj Administration: माघ मेला प्रशासन ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम; शंकराचार्य पद को लेकर नोटिस चस्पा।

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जेल में पारस सोम का खुलासा; 'रूबी ने दी थी भागने की सलाह, उसी के जूते पहनकर भागा था'; 3 साल की लवस्टोरी का सच।

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रवि चौहान मार्च 12, 2026 0