उत्तर प्रदेश की राजनीति के कद्दावर चेहरे और कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह एक बार फिर गंभीर कानूनी और पारिवारिक विवादों के केंद्र में आ गई हैं। इस बार उन पर आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनकी खुद की मां मंजुला सिंह ने लगाया है। मंजुला सिंह ने लखनऊ में भानवी सिंह और अपने पूर्व मैनेजर राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ फर्जी किराएनामे के दस्तावेज़ों का उपयोग करके 70 दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलने का गंभीर आरोप लगाया है।
यह मामला केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्ती राजघराने की बेटी और भदरी रियासत की बहू के बीच चल रहे तलाक के हाई-प्रोफाइल केस और गहन पारिवारिक कलह की पृष्ठभूमि में एक नया, विस्फोटक मोड़ है। पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की जांच जारी है।
यह विस्तृत आलेख इस नए विवाद, मां के आरोपों की प्रकृति, फर्जीवाड़े के सबूत, भानवी सिंह का पारिवारिक इतिहास, राजा भैया के साथ उनका तलाक का मुकदमा और पिछले हाई-वोल्टेज ड्रामे को 5000 शब्दों में विश्लेषित करता है।
लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भानवी सिंह और उनके पूर्व मैनेजर राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ उनकी मां मंजुला सिंह ने एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली से संबंधित है, जिसका सीधा संबंध 70 दुकानों के किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट से है।
मंजुला सिंह ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया है कि कैसे उनके मैनेजर राजेश प्रताप सिंह ने उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर धोखाधड़ी की:
झूठा किरायानामा: मंजुला सिंह का आरोप है कि राजेश प्रताप सिंह कई वर्षों से उनके मैनेजर के रूप में कार्यरत था। इसी दौरान, उसने मंजुला सिंह के नाम पर एक झूठा किरायानामा तैयार किया।
अनाधिकृत हस्ताक्षर: मां का स्पष्ट आरोप है कि यह किरायानामा तैयार करने से पहले न तो उनकी इजाजत ली गई थी और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर हैं। इससे भी गंभीर बात यह है कि सिक्योरिटी डिपॉजिट वाले पन्ने पर भी उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।
अवैध उपयोग: इसके बावजूद, मैनेजर राजेश ने इस फर्जी दस्तावेज़ को वैध दस्तावेज की तरह इस्तेमाल किया और इसका इस्तेमाल 70 दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट वसूलने के लिए किया।
मंजुला सिंह का दावा है कि फर्जीवाड़े का पता चलने के बाद उन्होंने मैनेजर राजेश प्रताप सिंह को घर बुलाकर बात की, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो गई:
माफी और स्वीकारोक्ति: राजेश प्रताप सिंह ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी।
भानवी सिंह का निर्देश: मंजुला सिंह के अनुसार, राजेश ने स्वीकार किया कि उसने यह पूरा अवैध काम उनकी बेटी भानवी सिंह के निर्देश पर किया था।
डिजिटल सबूत: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजेश ने अपना मोबाइल फोन भी मंजुला सिंह को सौंपा है, जिसमें फर्जीवाड़े और अवैध वसूली से जुड़े कई रिकॉर्ड और चैट मौजूद हैं।
मंजुला सिंह ने राजेश का मोबाइल फोन सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा है और इसे सील कर जांच में शामिल करने की मांग की है।
जिम्मेदारी थोपने की कोशिश: मंजुला सिंह ने आरोप लगाया कि दुकानों का किराया और सिक्योरिटी डिपॉजिट की अवैध वसूली मैनेजर ने भानवी के निर्देश पर की, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी मुझ पर थोपने की कोशिश की जा रही है।
FIR की मांग: मंजुला सिंह ने हजरतगंज पुलिस से भानवी सिंह और राजेश प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
वर्तमान स्थिति: पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की जा रही है।
भानवी सिंह का जीवन हमेशा से राजशाही और विवादों के बीच रहा है।
जन्म और परिवार: भानवी सिंह का जन्म 10 जुलाई, 1974 को हुआ था। वह बस्ती राजघराने के कुंवर रवि प्रताप सिंह की तीसरी बेटी हैं।
शिक्षा: उन्होंने बस्ती और लखनऊ में अपनी पढ़ाई पूरी की।
शादी: भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप सिंह के बेटे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से उनकी शादी 1995 में हुई थी। शादी के समय राजा भैया करीब 25 साल के थे।
संतान: दोनों के 4 बच्चे हैं—दो बेटे (शिवराज प्रताप सिंह, बृजराज प्रताप सिंह) और दो बेटियां (राघवी, बृजेश्वरी सिंह)।
संबंधों में दरार: शादी के कुछ साल बाद ही दोनों के रिश्तों में दरार आनी शुरू हो गई थी।
तलाक का केस: भानवी सिंह पिछले कई सालों से पति से अलग दिल्ली में अपने आवास पर रह रही हैं। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था और आरोप लगाया था कि राजा भैया ने घर छोड़ दिया है। भानवी ने कोर्ट में राजा भैया पर मारपीट और अवैध संबंध का भी आरोप लगाया था।
भानवी सिंह न केवल राजघराने से आती हैं, बल्कि वह एक सफल व्यवसायी भी हैं।
व्यवसाय: भानवी सिंह बिजनेस करती हैं और उनकी संपत्ति राजा भैया से अधिक है।
संपत्ति विवरण: 2017 के चुनाव में राजा भैया ने अपने हलफनामे में कुल 14 करोड़ की संपत्ति का जिक्र किया था। इसमें से 7.2 करोड़ की संपत्ति पत्नी भानवी के नाम और 6 करोड़ की संपत्ति खुद के नाम बताई थी। यह वित्तीय स्वतंत्रता उनके हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई को और भी जटिल बनाती है।
नए फर्जीवाड़े के आरोप से पहले, भानवी सिंह जुलाई 2025 में लखनऊ में अपने ही परिवार के साथ एक हाई-वोल्टेज ड्रामा के कारण चर्चा में आई थीं।
घटना: देर रात भानवी अपने माता-पिता से मिलने हजरतगंज इलाके के सिल्वर ओक अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 201 में पहुंची थीं।
हंगामा: परिवार के लोगों ने फ्लैट का गेट नहीं खोला। इसके बाद भानवी सिंह ने अपार्टमेंट के बाहर एक घंटे तक हंगामा किया।
पुलिस हस्तक्षेप: मामला बिगड़ता देख भानवी सिंह की बहन साध्वी ने पुलिस को बुला लिया था। रात करीब 12 बजे पुलिस ने समझा-बुझाकर भानवी को शांत कराया और उन्हें वापस भेज दिया गया था।
भानवी सिंह ने इस दौरान मीडिया से कहा था: "मुझे मेरे माता-पिता से नहीं मिलने दिया गया। मैं अपना पक्ष सबके सामने रखूंगी।"
बहन के आरोप: वहीं, भानवी की बहन साध्वी सिंह ने पुलिस को मौखिक रूप से यह आरोप लगाया था कि भानवी सिंह माता-पिता को जबरन ले जाने की कोशिश कर रही थीं।
यह घटना दिखाती है कि भानवी सिंह का अपने माता-पिता के साथ संबंध सामान्य नहीं है, और अब मां मंजुला सिंह का उन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाना इस पारिवारिक दरार को और गहरा करता है।
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाज में कई गंभीर सवाल खड़े करता है:
गैर-जमानती अपराध: यदि पुलिस मंजुला सिंह की शिकायत पर FIR दर्ज करती है, तो भानवी सिंह पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं लग सकती हैं, जो गैर-जमानती अपराध हैं।
सबूतों की अहमियत: मैनेजर का मोबाइल फोन और उसमें मौजूद कथित चैट रिकॉर्ड इस केस में डिजिटल सबूत के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
तलाक केस पर असर: इस नए आरोप का सीधा असर दिल्ली के साकेत कोर्ट में चल रहे तलाक के केस पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह भानवी सिंह की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
वंश का सम्मान: बस्ती राजघराने की बेटी का अपनी ही मां द्वारा आरोपी बनाया जाना और भदरी रियासत के बहू का अपने पति से तलाक का मामला चलना, दोनों राजघरानों के सम्मान और प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजा भैया की छवि: हालांकि यह आरोप सीधे राजा भैया पर नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी पर लगा यह गंभीर वित्तीय आरोप अप्रत्यक्ष रूप से उनके राजनीतिक प्रभाव और परिवार की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है।
मंजुला सिंह की शिकायत और भानवी सिंह पर लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोपों ने इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक और कानूनी लड़ाई को एक नए, सनसनीखेज स्तर पर पहुंचा दिया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस 'राजशाही' कलह का अगला अध्याय क्या होगा।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
शादाब जकाती पर FIR: '10 वाला बिस्कुट' फेम इन्फ्लुएंसर पर बंधक बनाने और शोषण का केस; एसएसपी की फटकार के बाद जागी मेरठ पुलिस मेरठ | 6 फरवरी 2026 '10 वाला बिस्कुट' रील से देशभर में मशहूर हुए मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती की मुश्किलें अब कानूनी पचड़े में बदल गई हैं। झारखंड की रहने वाली महिला यूट्यूबर चांदनी उर्फ तबस्सुम के गंभीर आरोपों के बाद, मेरठ पुलिस ने शादाब के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई तब हुई जब पीड़िता ने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। यहाँ इस मामले के ताजा अपडेट्स और पूरी कहानी दी गई है: 1. एसएसपी की दखल के बाद दर्ज हुई FIR पीड़िता चांदनी ने आरोप लगाया कि जब वह दो दिन पहले इंचौली थाने गई थी, तो दरोगा ने उसे भगा दिया था और शादाब को 'शरीफ' बताया था। पुलिस को फटकार: शुक्रवार सुबह चांदनी अपने पति और बच्चे के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची। आपबीती सुनने के बाद एसएसपी ने इंचौली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। धमकियों का साया: चांदनी का कहना है कि केस दर्ज होने के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं और उसके मकान मालिक ने उसे घर खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। 2. संगीन आरोप: बंधक बनाना और अश्लील कंटेंट चांदनी ने शादाब जकाती पर रील बनाने के बहाने शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं: एक साल तक कैद: आरोप है कि शादाब ने महिला को एक साल तक बंधक बनाकर रखा और घर के सारे काम कराए। पत्नी पर मारपीट का आरोप: चांदनी ने बताया कि शादाब की पत्नी साजिया ने 15 जनवरी को उसके साथ मारपीट की और उसे बदनाम करने की धमकी दी। अश्लील कंटेंट का दावा: पीड़िता के अनुसार, शादाब मोटिवेशनल वीडियो की आड़ में अश्लील कंटेंट तैयार करता है और कई महिलाओं का इसी तरह शोषण कर चुका है। 3. शादाब जकाती की सफाई: "गर्दन काट लूंगा" मुकदमा दर्ज होने के बाद शादाब जकाती ने 'X' (ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा: मदद का दावा: शादाब ने कहा कि उन्होंने महिला के बच्चे की स्कूल फीस भरी और उसे किताबें दिलाईं। चुनौती: उन्होंने वीडियो में कहा, "अगर मेरी जरा सी भी गलती निकल आए, तो मैं अपनी गर्दन खुद काट लूंगा।" 📊 शादाब जकाती: विवादों का पुराना नाता घटना विवरण पहचान '10 वाला बिस्कुट कितने का है' रील से ग्लोबल फेम। पिछली गिरफ्तारी एक बच्ची और उसकी मां पर 'Kiss' मांगने और अभद्र कमेंट करने वाले वीडियो के लिए। ताजा केस बंधक बनाना, मारपीट, शोषण और जान से मारने की धमकी (FIR दर्ज)। करियर सऊदी अरब में पूर्व ड्राइवर, अब मेरठ का मशहूर रील स्टार। 4. पुलिस की अगली कार्रवाई इंचौली थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने पुष्टि की है कि पीड़िता द्वारा उपलब्ध कराई गई रील्स और सबूतों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब शादाब जकाती और उसके परिवार से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
मेरठ का सोनू हत्याकांड: कमिश्नरी पर कश्यप समाज का 'महाआक्रोश'; 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' के आरोपों से गरमाई सियासत; 80 हजार की लूट और जिंदा जलाने की दहला देने वाली कहानी मेरठ (उत्तर प्रदेश) | 16 जनवरी 2026 मेरठ का ज्वालागढ़ क्षेत्र आज एक बार फिर सुलग उठा है। सोनू कश्यप की नृशंस हत्या के विरोध में शुक्रवार को कश्यप और निषाद समाज ने कमिश्नरी पार्क पर धावा बोल दिया। भारी पुलिस बल, PAC की दो कंपनियों और बैरिकेडिंग के बावजूद हजारों की संख्या में लोग 'सोनू को न्याय दो' के नारे लगाते हुए धरने पर बैठ गए हैं। यह मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि 'OBC बनाम ठाकुर' की राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आरोपी मुख्यमंत्री की बिरादरी से है, इसलिए पुलिस उसे बचा रही है। 1. दहला देने वाली वारदात: 80 हजार की लूट और जिंदा जलाया ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, यह हत्याकांड किसी भी रूह को कंपा देने वाला है। आखिरी बातचीत: सोनू की मौसी मदनवती ने बताया कि 5 जनवरी को सोनू ने फोन कर कहा था, "मौसी, मैं 80 हजार रुपए लेकर आ रहा हूं, भैया के साथ मिलकर नई बाइक खरीदेंगे।" * क्रूरता की हद: सोनू को बाइक तो क्या मिली, उसकी जान ले ली गई। पहले उसके सिर पर ईंट से हमला किया गया और फिर साक्ष्य मिटाने या पहचान छिपाने के लिए उसके शरीर पर तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया। लूट: परिजनों का आरोप है कि सोनू के पास मौजूद 80 हजार रुपए गायब हैं, जिसका पुलिस ने कोई हिसाब नहीं दिया है। 2. प्रदर्शनकारियों की 5 प्रमुख मांगें सोनू के परिजनों और कश्यप समाज ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित शर्तें रखी हैं: निष्पक्ष जांच: पुलिस केवल एक 'नाबालिग ऑटो ड्राइवर' को पकड़कर पल्ला झाड़ रही है, जबकि परिवार का दावा है कि इसमें कई रसूखदार लोग शामिल हैं। आर्थिक सहायता: गरीब परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद मुआवजे की तत्काल मांग। सरकारी नौकरी: सोनू की बड़ी बहन आरती कश्यप को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाए। सुरक्षा: गवाहों और परिवार को जान का खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग। रुपयों की बरामदगी: लूटे गए 80 हजार रुपए बरामद कर परिवार को सौंपे जाएं। 📊 मेरठ लाइव अपडेट: पल-पल की हलचल समय घटनाक्रम और अपडेट 02:02 PM सोनू की बहन आरती कश्यप का रो-रोकर बुरा हाल; कहा- पुलिस हमारे समर्थकों को रोक रही है। 02:30 PM आगरा, मुजफ्फरनगर और शामली से समर्थकों का पहुंचना जारी; पुलिस ने शहर की सीमाओं पर की नाकाबंदी। 03:44 PM सपा MLC किरण पाल को पुलिस ने सराधना पुल पर रोका; वे समर्थकों संग हाईवे पर ही धरने पर बैठे। 04:57 PM VIP पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला- "पिछड़ा वर्ग का आरोपी होता तो अब तक बुलडोजर चल गया होता।" 06:48 PM कमिश्नरी पार्क छावनी में तब्दील; कश्यप समाज ने रात भर धरना देने का किया ऐलान। 3. 'बुलडोजर' और 'जातिवाद' पर छिड़ी जंग विकासशील इंसान पार्टी (VIP) और कश्यप समाज के नेताओं ने सरकार की 'बुलडोजर नीति' पर सवाल उठाए हैं। पक्षपात का आरोप: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर बिरादरी देखकर चलता है। अगर अपराधी ठाकुर समाज का है, तो कानून ढीला हो जाता है। वोट की चोट: "हम सरकार बना सकते हैं तो गिरा भी सकते हैं।" निषाद पार्टी और कश्यप समाज के कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो आगामी चुनावों में भाजपा को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4. पुलिस का 'हाउस अरेस्ट' और घेराबंदी प्रशासन ने इस महापंचायत को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। नजरबंदी: आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री संजीव पाल समेत कई नेताओं को उनके घरों में ही 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया है। सुरक्षा घेरा: कमिश्नरी पार्क की ओर आने वाले सभी रास्तों को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है ताकि भीड़ और न बढ़ सके।
मेरठ हत्याकांड: "जज साहब! मैं निर्दोष हूं, हमारा रिश्ता सच्चा है" — कोर्ट में पारस की गुहार; 14 दिन की जेल, रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा मेरठ के कपसाड़ गांव में मां की हत्या और बेटी के कथित अपहरण मामले में नया मोड़ आ गया है। मुख्य आरोपी पारस सोम ने मेरठ की कोर्ट में खुद को बेगुनाह बताते हुए इस पूरी घटना को 'प्रेम प्रसंग' का नाम दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पारस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है, जबकि रूबी को काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। यहाँ इस पूरे कानूनी ड्रामे और पुलिस की जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट रूम ड्रामा: पारस सोम की दलील विशेष सीजेएम विकास सावन की कोर्ट में पेशी के दौरान पारस सोम ने भावुक होकर जज के सामने अपनी बात रखी। बयान: "जज साहब! मैं निर्दोष हूं। मेरा और रूबी का रिश्ता 3 साल पुराना और सच्चा है। कोई किडनैपिंग नहीं हुई, वह अपनी मर्जी से मेरे साथ आई थी।" बचाव पक्ष का दावा: पारस के वकील बलराम सोम का कहना है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है और वे जेल में मिलकर पूरी सच्चाई सामने लाएंगे। न्यायिक आदेश: कोर्ट ने पारस को जेल भेज दिया है। दूसरी ओर, रूबी को एसीजेएम-2 नम्रता की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे काउंसलिंग के लिए भेजा गया है। 📍 फरारी की पूरी टाइमलाइन (60 घंटे का घटनाक्रम) तारीख समय स्थान और गतिविधि 8 जनवरी दोपहर कपसाड़ में हत्या के बाद पारस और रूबी खतौली पहुँचे। 8 जनवरी रात दिल्ली के एक होटल में रुके। यहाँ रूबी को मां की मौत की खबर मिली। 9 जनवरी दिन गुरुग्राम में दोस्त के यहाँ रुके; मीडिया के जरिए गांव के हालात देखे। 9 जनवरी रात गुरुग्राम से ट्रेन पकड़कर सहारनपुर (टपरी गांव) अपनी बहन के घर पहुँचे। 10 जनवरी शाम हरिद्वार जाते समय रुड़की रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने दोनों को दबोचा। 2. एसएसपी मेरठ का बयान: "4 राज्यों के 7 जिलों में दबिश" एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया: पुलिस की तत्परता: 10 से ज्यादा टीमें गठित की गई थीं। 60 घंटों के भीतर आरोपी को अरेस्ट और युवती को सकुशल बरामद किया गया। ट्रैकिंग: मैनुअल मुखबिरी, इंटेलिजेंस और सर्विलांस के जरिए पुलिस ने इनका पीछा किया। 4 राज्यों के 7 जिलों में पुलिस ने छापे मारे थे। मेडिकल और बयान: युवती का मेडिकल कराया गया है और कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। इन्हीं बयानों के आधार पर मुकदमे में आगे की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। 3. सियासत और गांव का तनाव यह मामला दलित बनाम राजपूत होने के कारण राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील हो गया है। चंद्रशेखर और अतुल प्रधान: सांसद चंद्रशेखर आजाद और सपा विधायक अतुल प्रधान के हस्तक्षेप के बाद गांव में भारी पुलिस बल और आरएएफ (RAF) तैनात है। अंतिम संस्कार: वारदात के 30 घंटे बाद और प्रशासन द्वारा 10 लाख की मदद के आश्वासन के बाद ही मृतका का अंतिम संस्कार हो सका था।