Live update news
निर्मला सीतारमण ने TMC और राहुल गांधी के आरोपों को धोया; अडाणी, GST और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में भारी बवाल।

संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।

6 घंटे Ago
दिल्ली पुलिस का पेंगुइन इंडिया को नोटिस; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के उन अंशों पर बवाल, जिन्होंने हिलाई मोदी सरकार।

जनरल एमएम नरवणे की 'लीक' किताब पर दिल्ली पुलिस का एक्शन: पेंगुइन इंडिया को नोटिस; राहुल गांधी का बड़ा हमला- 'पीएम मोदी जिम्मेदारी लेने से डरे' नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की संस्मरण पुस्तक ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालती और पुलिसिया कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी कर किताब के लीक होने और प्री-प्रिंट कॉपी सर्कुलेट होने पर जवाब मांगा है। वहीं, इस मुद्दे पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। यहाँ इस पूरे विवाद, किताब के विवादित अंश और चल रही जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: स्पेशल सेल का पेंगुइन को नोटिस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। नोटिस का आधार: सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन न्यूज फोरम पर इस किताब की टाइपसेट PDF कॉपी और कवर इमेज वायरल हो रही थी। पुलिस का मानना है कि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है क्योंकि किताब को अभी रक्षा मंत्रालय से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) नहीं मिला है। पेंगुइन का बचाव: पेंगुइन इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके सभी अधिकार सुरक्षित हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि न तो कोई छपी हुई कॉपी बाजार में है और न ही डिजिटल वर्जन। 2. राहुल गांधी के गंभीर आरोप: "आर्मी चीफ या पेंगुइन, कौन झूठ बोल रहा?" लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि जनरल नरवणे ने खुद सोशल मीडिया पर अपनी किताब उपलब्ध होने की बात कही थी। असुविधाजनक सच: राहुल गांधी ने कहा, "किताब में ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए बहुत असुविधाजनक हैं, इसलिए इसे दबाया जा रहा है।" जिम्मेदारी का सवाल: राहुल ने संसद में किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें लिखा है कि चीन के साथ तनाव के वक्त पीएम मोदी ने जनरल नरवणे से कहा था- "जो उचित समझो, वो करो!" राहुल का तर्क है कि प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण सैन्य फैसले की जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया था। 3. 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' का सबसे बड़ा खुलासा: 31 अगस्त 2020 की रात कांग्रेस द्वारा साझा किए गए किताब के अंशों में लद्दाख के रेचिन ला में भारत-चीन के बीच हुए उस तनाव का जिक्र है, जिसने लगभग युद्ध की स्थिति पैदा कर दी थी: तारीख: 31 अगस्त, 2020 (रात का घटनाक्रम) रात 8:15 बजे: सूचना मिली कि चीनी टैंक भारतीय ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं। रात 8:30 – 10:10 बजे: जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और NSA अजित डोभाल से संपर्क किया और "स्पष्ट निर्देश" मांगे कि क्या चीनी टैंकों पर फायर खोलना चाहिए? असमंजस की स्थिति: सेना प्रमुख को ऊपर से कोई ठोस आदेश नहीं मिल रहा था। नॉर्दर्न कमांड के चीफ योगेश जोशी ने बताया कि टैंक अब केवल 500 मीटर दूर हैं और आर्टिलरी फायर ही एकमात्र रास्ता है। रात 10:30 बजे: राजनाथ सिंह का फोन आया और उन्होंने पीएम मोदी का संदेश दिया- "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का निष्कर्ष: नरवणे ने किताब में लिखा है कि यह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला होने वाला था। उन्हें ब्रीफ किया गया था, लेकिन पीएम ने सीधा फैसला लेने के बजाय पूरी जिम्मेदारी सेना प्रमुख पर डाल दी। 📊 विवाद का टाइमलाइन: 2023 से 2026 तक समय घटनाक्रम 2023 जनरल नरवणे ने किताब का ड्राफ्ट रक्षा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा। 2024 किताब की कुछ कॉपियां अमेजन पर 'प्री-ऑर्डर' के लिए दिखीं, फिर हट गईं। फरवरी 2026 राहुल गांधी ने संसद में किताब के पन्ने लहराए; 8 सांसदों का निलंबन हुआ। 10 फरवरी 2026 पेंगुइन इंडिया ने ट्वीट डिलीट किया और दबाव में होने के आरोप लगे। 11 फरवरी 2026 दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पेंगुइन को नोटिस भेजा। 4. अग्निवीर योजना पर नरवणे का रुख किताब में केवल चीन विवाद ही नहीं, बल्कि मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी 'अग्निवीर योजना' का भी रिव्यू किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नरवणे ने इस योजना के लागू होने के तरीके और इसके दीर्घकालिक प्रभावों पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसे सरकार सार्वजनिक नहीं होने देना चाहती। 5. किरेन रिजिजू का पलटवार केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिकरण कर रहे हैं। सरकार का रुख है कि सेना के आंतरिक दस्तावेजों और संस्मरणों को बिना आधिकारिक मंजूरी के प्रकाशित करना 'ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट' का उल्लंघन हो सकता है।

8 घंटे Ago
सलमान खान, अजय देवगन और सोनू सूद ने की राजपाल यादव की मदद; ₹9 करोड़ के केस में फंसी 'छोटा पंडित' की जान।

राजपाल यादव की आर्थिक तंगी और जेल: सलमान, अजय और सोनू सूद समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री आई साथ; ₹9 करोड़ के चेक बाउंस केस में फंसे 'छोटा पंडित' को बचाने की मुहिम मुंबई/नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। साल 2010 में शुरू हुआ एक कर्ज का विवाद अब उनके लिए तिहाड़ जेल की सलाखों तक पहुंच गया है। ₹9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में सरेंडर करने के बाद राजपाल यादव जेल में बंद हैं, लेकिन उनके इस संकट की घड़ी में बॉलीवुड के 'सुपरस्टार्स' और राजनेता एकजुट होकर उनके साथ खड़े हो गए हैं। यहाँ राजपाल यादव के केस, उनकी जेल यात्रा और फिल्म इंडस्ट्री की ओर से मिल रही महा-मदद का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. इंडस्ट्री का 'मिशन राजपाल': बड़े सितारों ने खोले मदद के हाथ राजपाल यादव के मैनेजर 'गोल्डी' ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि जैसे ही राजपाल की आर्थिक तंगी की खबर फैली, बॉलीवुड के दिग्गजों ने फोन और आर्थिक सहायता भेजनी शुरू कर दी। सलमान खान और अजय देवगन: बॉलीवुड के 'भाईजान' सलमान खान और 'सिंघम' अजय देवगन ने राजपाल यादव के परिवार से संपर्क किया है और बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान की है। धवन परिवार का साथ: प्रसिद्ध निर्देशक डेविड धवन और अभिनेता वरुण धवन ने भी इस मुश्किल समय में हाथ आगे बढ़ाया है। डेविड धवन के साथ राजपाल ने दर्जनों हिट फिल्में दी हैं। सोनू सूद की पहल: सोनू सूद ने सबसे पहले आवाज उठाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह "दान नहीं, बल्कि उनके हुनर का सम्मान" है। उन्होंने राजपाल को अपनी अगली फिल्म के लिए साइनिंग अमाउंट भी भेज दिया है। सोनू का बयान: "कभी-कभी वक्त कठोर हो जाता है, टैलेंट नहीं। राजपाल अकेले नहीं हैं, पूरी इंडस्ट्री उनका परिवार है।" 2. फिल्म फेडरेशन और साथी कलाकारों की अपील पश्चिमी भारत सिने कर्मचारी महासंघ (FWICE) ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर सभी निर्माताओं से मदद की गुहार लगाई है: FWICE की दलील: "राजपाल यादव ने दशकों तक लाखों लोगों को हंसाया है। आज वे जिन हालात में हैं, वह उनके चरित्र की कमी नहीं बल्कि प्रतिकूल परिस्थितियों का परिणाम है। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने साथी को अकेला न छोड़ें।" गुरमीत चौधरी का समर्थन: टीवी और फिल्म एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इमोशनल अपील की। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में वे अपनी क्षमतानुसार हर संभव मदद कर रहे हैं। 3. राजनीति और उद्योग जगत से मिली 'महारहत' केवल फिल्मी सितारे ही नहीं, बल्कि राजनीतिज्ञ और म्यूजिक इंडस्ट्री के बड़े नाम भी इस मिशन में शामिल हो गए हैं: तेज प्रताप यादव की मदद: बिहार के राजनेता तेज प्रताप यादव ने अपने संगठन JJD (जन शक्ति जनता दल) की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपए) की सहायता राशि की घोषणा की है। उन्होंने राजपाल यादव को अपना बड़ा भाई बताया। राव इंद्रजीत सिंह (जेम्स टून म्यूजिक): ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने सबसे बड़ी व्यक्तिगत मदद करते हुए ₹1.11 करोड़ की सहायता दी है। उन्होंने देशवासियों से भी इस कलाकार को बचाने की अपील की। 📊 राजपाल यादव केस: एक नजर में विवाद का इतिहास घटना वर्ष विवरण कर्ज की शुरुआत 2010 फिल्म 'अता पता लापता' के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया। फिल्म का परिणाम 2012 फिल्म फ्लॉप हुई, राजपाल की आर्थिक स्थिति बिगड़ी। कानूनी विवाद 2013-15 चेक बाउंस हुए, मुरली प्रोजेक्ट्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दोषी करार 2018 कड़कड़डूमा कोर्ट ने 6 महीने की सजा सुनाई। वर्तमान स्थिति 2026 ब्याज सहित कुल देनदारी ₹9 करोड़ पहुंची; राजपाल ने तिहाड़ में सरेंडर किया। 4. सरेंडर से पहले राजपाल का दर्द: "कोई दोस्त नहीं, मैं अकेला हूँ" सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने जो बयान दिया, उसने प्रशंसकों की आंखें नम कर दी थीं। उन्होंने कहा था, "मेरे पास पैसे नहीं हैं। कोई उपाय नहीं बचा। यहां हम सब अकेले हैं, कोई दोस्त काम नहीं आता। मुझे खुद ही इसका सामना करना होगा।" हालांकि, जेल जाने के बाद जिस तरह से इंडस्ट्री उनके पीछे खड़ी हुई है, उसने राजपाल की इस बात को गलत साबित कर दिया है कि वे 'अकेले' हैं। 5. जमानत की उम्मीद: कल हो सकते हैं रिहा? मैनेजर गोल्डी ने संकेत दिया है कि राजपाल के वकील सक्रिय हैं और जमानत की अर्जी दाखिल की जा चुकी है: कल होगी सुनवाई: गुरुवार को जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। उम्मीद जताई जा रही है कि वे कल शाम तक बाहर आ जाएंगे। पारिवारिक कार्यक्रम: फरवरी के अंत में राजपाल के घर पर कुछ मांगलिक कार्य तय हैं, जिसके चलते परिवार उन्हें जल्द से जल्द घर देखना चाहता है।

9 घंटे Ago
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप; रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी पहुंचे कोर्ट।

शंकराचार्य बनाम रामभद्राचार्य शिष्य: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप; पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर, 20 फरवरी को अगली सुनवाई प्रयागराज | 11 फरवरी 2026 धर्मनगरी प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ विवाद अब अदालती दहलीज तक पहुंच गया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने अविमुक्तेश्वरानंद के गुरुकुल में बच्चों के यौन शोषण (Child Sexual Abuse) का दावा करते हुए प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला केवल धार्मिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें अब गंभीर आपराधिक आरोप और आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग भी जुड़ गई है। 1. पॉक्सो कोर्ट में याचिका: क्या हैं गंभीर आरोप? आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, जो श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के मुख्य पक्षकार भी हैं, ने 8 फरवरी को कोर्ट में याचिका दायर की। उनके आरोपों का सारांश नीचे दिया गया है: यौन शोषण का दावा: आशुतोष महाराज ने दो नाबालिग बच्चों को साक्ष्य के तौर पर पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुकुल की आड़ में बच्चों का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। गुरु-सेवा के नाम पर कुकर्म: याचिका में आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगी बच्चों को यह कहकर डराते थे कि यह 'गुरु-सेवा' है और इससे आशीर्वाद मिलेगा। बच्चों ने दावा किया कि उन्हें अविमुक्तेश्वरानंद के साथ सोने के लिए मजबूर किया जाता था। समय और स्थान: आरोप है कि यह शोषण पिछले एक साल से चल रहा है। महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान भी मेला क्षेत्र में बच्चों के साथ कुकर्म किया गया। अवैध गतिविधियां: याचिका में यह भी कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद के पास आय से अधिक संपत्ति है और उनके शिविर में अवैध हथियार होने की भी आशंका है। 2. विवाद की पृष्ठभूमि: मौनी अमावस्या और पालकी विवाद इस कानूनी लड़ाई की जड़ें 18 जनवरी 2026 को हुए माघ मेले के विवाद में छिपी हैं: पालकी रोकी गई: मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोक दी थी। पुलिस ने उन्हें पैदल संगम जाने को कहा, जिसे शंकराचार्य के शिष्यों ने अपमान माना। धक्का-मुक्की और हिरासत: पुलिस और शिष्यों के बीच हुई झड़प में पालकी का क्षत्रप टूट गया और कई शिष्यों को हिरासत में लिया गया। इससे नाराज होकर शंकराचार्य बिना स्नान किए ही लौट गए। विवाद के बाद शिकायत: इस घटना के ठीक 6 दिन बाद, 24 जनवरी को आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से पहली शिकायत की। 3. दो धाराओं में शिकायत: फर्जी लेटरपैड का मामला आशुतोष महाराज ने केवल शोषण ही नहीं, बल्कि धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए हैं: शंकराचार्य पद पर सवाल: शिकायत में कहा गया है कि अविमुक्तेश्वरानंद खुद को ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य बताकर फर्जी लेटरपैड का इस्तेमाल कर रहे हैं। भ्रामक दस्तावेज: आरोप है कि प्रशासन को गुमराह करने के लिए "ज्योतिष्पीठ/श्री शंकराचार्य शिविर" के नाम से फर्जी पत्र जारी किए जा रहे हैं, जिनकी कोई कानूनी वैधता नहीं है। 4. रामभद्राचार्य और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच जुबानी जंग इस विवाद ने संतों के दो बड़े गुटों को आमने-सामने ला खड़ा किया है: रामभद्राचार्य का पक्ष: उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि संगम तक पालकी ले जाने का कोई नियम नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद को सही नोटिस दिया गया था। अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: उन्होंने रामभद्राचार्य पर कटाक्ष करते हुए कहा, "उन्हें लोग गंभीरता से नहीं लेते। वे हमारे कुल के नहीं हैं, वरना हमारा दर्द समझते।" 📊 अदालती कार्यवाही और घटनाक्रम तिथि घटनाक्रम 18 जनवरी मौनी अमावस्या पर पालकी विवाद हुआ। 24-27 जनवरी पुलिस कमिश्नर और माघ मेला एसपी को ईमेल/डाक से शिकायत भेजी गई। 8 फरवरी आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर की। 10 फरवरी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने कोर्ट में जवाब दाखिल किया और आरोपों को नकारा। 20 फरवरी दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कोर्ट में अगली बहस और सुनवाई होगी। 5. अविमुक्तेश्वरानंद पक्ष की प्रतिक्रिया जब इन आरोपों पर अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर से संपर्क किया गया, तो उनके शिष्य मुकुलानंद ने बताया कि महाराज जी शाम को संगत में बैठेंगे, तब वे इन प्रश्नों का उत्तर देंगे। फिलहाल उनके वकीलों ने इन सभी आरोपों को निराधार और षड्यंत्र का हिस्सा बताया है।

9 घंटे Ago
सीतारमण बोलीं- पेट्रोल बंगाल में दिल्ली से ₹10 ज्यादा महंगा
देश
निर्मला सीतारमण ने TMC और राहुल गांधी के आरोपों को धोया; अडाणी, GST और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में भारी बवाल।

संसद में बजट संग्राम: निर्मला सीतारमण का TMC को कड़ा जवाब; राहुल गांधी का अडाणी-एपस्टीन पर हमला और विशेषाधिकार हनन का नोटिस नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का बुधवार का दिन आरोपों, तीखी बहसों और कूटनीतिक सवालों के नाम रहा। एक तरफ जहाँ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी दलों, विशेषकर TMC और कांग्रेस के आंकड़ों को 'झूठ' बताकर खारिज किया, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के सामने 'सरेंडर' करने और अडाणी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर दबाव होने का सनसनीखेज आरोप लगाया। सदन की कार्यवाही और गरमागरम बहस के मुख्य बिंदु यहाँ विस्तार से दिए गए हैं: 1. निर्मला सीतारमण का प्रहार: "TMC कट मनी ले रही है और नाम GST का दे रही है" वित्त मंत्री ने बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी: जीएसटी पर स्पष्टीकरण: सीतारमण ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने यह कहकर झूठ फैलाया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक हर चीज पर जीएसटी लग रहा है। उन्होंने सवाल किया— दूध, पढ़ाई, पेंसिल शार्पनर, किताबों और स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी कब लगा? फ्यूनरल और बीमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्येष्टि (Funeral) पर कोई जीएसटी नहीं है और हालिया सुधारों में स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा से भी जीएसटी हटा दिया गया है। कट मनी का तंज: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की बात को दोहराते हुए सीतारमण ने कहा कि बंगाल में उनके लोग 'कट मनी' ले रहे हैं और जनता को यह बता रहे हैं कि यह जीएसटी है। पेट्रोल की कीमतें: वित्त मंत्री ने चुनौती दी कि यदि बंगाल सरकार जनता का बोझ कम करना चाहती है, तो वह पेट्रोल पर अपना टैक्स कम करे, जो दिल्ली से ₹10 महंगा है। 2. राहुल गांधी के आरोप: "प्रधानमंत्री ने भारत माता को बेच दिया" नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में सरकार की विदेश नीति और अडाणी समूह के अमेरिकी केस को लेकर गंभीर हमले किए: अडाणी और मोदी: राहुल ने कहा कि अमेरिका में अडाणी पर जो केस चल रहा है, वह दरअसल पीएम मोदी को नियंत्रित करने का एक तरीका है। उन्होंने दावा किया कि "प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा है।" एपस्टीन फाइल्स: राहुल गांधी ने सदन में 'एपस्टीन फाइल्स' का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें अनिल अंबानी का नाम है। उन्होंने हरदीप सिंह पुरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि "मैं जानता हूं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।" अमेरिका के सामने सरेंडर: राहुल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार ने भारतीय डेटा और किसानों के हितों को अमेरिका को सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हम अमेरिका के नौकर नहीं हैं, बराबरी पर बात होनी चाहिए।" 3. किरेन रिजिजू का पलटवार: राहुल के खिलाफ 'विशेषाधिकार नोटिस' राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया: विशेषाधिकार नोटिस (Privilege Notice): केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह किया है और प्रधानमंत्री व मंत्रियों पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाया जाएगा। बदतमीजी के आरोप: रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की है। 4. बजट चर्चा के अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स अखिलेश यादव को जवाब: निर्मला सीतारमण ने अखिलेश यादव के यूपी में बुलेट ट्रेन न मिलने के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दो हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी से गुजरते हैं और रेलवे बजट में यूपी का हिस्सा बढ़ाया गया है। किसानों के लिए AI: वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े। केरल और कम्युनिस्ट सरकार: सीतारमण ने कहा कि केरल जैसे राज्यों में कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां SC-ST के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं। ओवैसी का 'गोरी चमड़ी' वाला बयान: AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना करते हुए कहा कि "वह 'गोरी चमड़ी' वाला डोनाल्ड ट्रम्प कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।" 📊 संसद में टकराव के प्रमुख मुद्दे नेता मुख्य आरोप / बयान सरकार का जवाब / स्टैंड राहुल गांधी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; अडाणी-एपस्टीन का मुद्दा। रिजिजू बोले- सबूत दें या विशेषाधिकार नोटिस झेलें। अभिषेक बनर्जी जन्म से मृत्यु तक हर चीज पर GST लग रहा है। सीतारमण बोलीं- यह कोरा झूठ है, बंगाल सरकार पेट्रोल के दाम घटाए। अखिलेश यादव यूपी को बजट में कुछ नहीं मिला, बुलेट ट्रेन नहीं दी। सीतारमण बोलीं- डेटा गलत है, यूपी रेलवे बजट में वृद्धि हुई है। असदुद्दीन ओवैसी अमेरिकी टैरिफ हमारी संप्रभुता पर हमला है। सरकार ने कहा- हमने किसानों के हित को ध्यान में रखकर डील की। 5. स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 120 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। नियम के अनुसार, जब तक इस पर चर्चा नहीं हो जाती, ओम बिरला सदन की अध्यक्षता नहीं करेंगे। इस प्रस्ताव पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है।

रवि चौहान फ़रवरी 11, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

Recommended posts

Follow us

Trending

मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

टेक्नालॉजी
खेल
लाइफस्टाइल
बिजनेस
धर्म
मनोरंजन
विदेश
देश
उत्तर प्रदेश