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दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को नहीं दी राहत; कोर्ट बोला- "वादा खिलाफी की वजह से गए जेल"।

राजपाल यादव को हाईकोर्ट से झटका: जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- "आपने अपना वादा पूरा नहीं किया"; सोमवार तक जेल में ही रहेंगे 'छोटा पंडित' नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्टर को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने बार-बार दिए गए मौकों के बावजूद अपना वादा पूरा नहीं किया। यहाँ राजपाल यादव के केस की ताजा स्थिति और बॉलीवुड से मिल रहे समर्थन का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "कानून तो कानून है" सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जाहिर की: सजा पर रोक का आधार: कोर्ट ने पूछा कि जब आपने खुद कर्ज लेने की बात स्वीकार की है और उसे लौटाने का वादा किया था, तो अब सजा रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है? 25-30 मौके दिए: जज ने कहा, "आपको 25 से 30 बार भुगतान के अवसर दिए गए, लेकिन आपने सालों तक कुछ नहीं किया। पिछले आदेशों का पालन न करने की वजह से ही आज आप जेल में हैं।" सहानुभूति बनाम कानून: अदालत ने कहा कि उन्हें राजपाल से व्यक्तिगत सहानुभूति हो सकती है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। 2. बचाव पक्ष की दलील: "हम पैसा चुकाना चाहते हैं" राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा: अब तक का भुगतान: वकील ने दावा किया कि 5 करोड़ के मूल कर्ज में से राजपाल अब तक 3 करोड़ रुपए से ज्यादा चुका चुके हैं। शादी का हवाला: परिवार में शादी होने के कारण जमानत की गुहार लगाई गई थी, साथ ही यह भी कहा गया कि राजपाल बाकी रकम जमा करने के लिए तैयार हैं। 3. राजपाल की पत्नी राधा यादव हुईं भावुक राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ देने वालों का शुक्रिया अदा किया: इंडस्ट्री का शुक्रिया: न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राधा ने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत सपोर्ट किया है। जो भी लोग इस संकट के समय में आगे आकर हमारी मदद कर रहे हैं, उन सबका मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं।" 4. बॉलीवुड का 'महा-सपोर्ट': कौन-कौन आया आगे? राजपाल की आर्थिक तंगी की खबर आने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज एक जुट हो गए हैं: सोनू सूद की पहल: सोनू सूद ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अपनी अगली फिल्म के लिए राजपाल को 'साइनिंग अमाउंट' दिया और कहा कि यह दान नहीं बल्कि उनके टैलेंट का सम्मान है। दिग्गजों की मदद: सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन और वरुण धवन ने भी राजपाल के परिवार से संपर्क कर आर्थिक सहायता पहुंचाई है। मीका सिंह का ऐलान: सिंगर मीका सिंह ने राजपाल के लिए 11 लाख रुपए की मदद की घोषणा की और दूसरों से भी केवल पोस्ट डालने के बजाय जमीन पर मदद करने की अपील की। FWICE की अपील: फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने सभी प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वे इस दिग्गज अभिनेता के करियर और ईमानदारी को बचाने के लिए एकजुट हों। 📊 राजपाल यादव केस: विवाद की पूरी टाइमलाइन वर्ष घटनाक्रम 2010 फिल्म 'अता पता लापता' के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया। 2012 फिल्म फ्लॉप हुई और चेक बाउंस होने का सिलसिला शुरू हुआ। 2018 कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल को दोषी मानकर 6 महीने की सजा सुनाई। 2019-25 उच्च अदालतों में अपील और समझौते के लिए कई बार समय मिला। फरवरी 2026 वादे के मुताबिक भुगतान न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर किया। 5. क्यों फंसे राजपाल यादव? यह पूरा मामला 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' से लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल अपनी फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। कर्ज पर ब्याज बढ़ता गया और राजपाल के चेक बाउंस होते रहे। समझौते के कई दौर चले, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे पूरी रकम नहीं चुका सके, जिसके कारण आज उन्हें तिहाड़ जेल का सामना करना पड़ रहा है।

7 घंटे Ago
राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का प्रस्ताव; निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस को सुनाई खरी-खोटी।

संसद में संग्राम: राहुल गांधी के खिलाफ 'लाइफटाइम बैन' का मोशन; निर्मला सीतारमण का 'मगरमच्छ के आंसू' वाला तंज और चैंबर विवाद पर प्रियंका की सफाई नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के सबसे तनावपूर्ण दिनों में से एक रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'निजी हमलों' और 'संवैधानिक नोटिस' तक पहुंच गई है। जहाँ एक ओर भाजपा ने राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर उन पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर महंगाई के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन': राहुल गांधी पर चौतरफा घेराबंदी भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश कर सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। गंभीर आरोप: दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों (जैसे जॉर्ज सोरोस) के इशारे पर देश को गुमराह कर रहे हैं। बड़ी मांग: उन्होंने मांग की है कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए और उन पर चुनाव लड़ने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। रिकॉर्ड से हटाने का नोटिस: बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के बजट भाषण के उन हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का औपचारिक नोटिस दिया है, जिनके पक्ष में उन्होंने अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं। 2. निर्मला सीतारमण का राज्यसभा में पलटवार: "कांग्रेस के मगरमच्छ के आंसू" वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया: महंगाई और डेटा: वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस महंगाई को लेकर सिर्फ 'मगरमच्छ के आंसू' बहाती है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम किया है और राजकोष का पैसा सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाया है। डिजिटल क्रांति: उन्होंने जानकारी दी कि डीबीटी (DBT) के जरिए ₹48 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों को खत्म किया गया। पैसों का तालाब: सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र के पास पैसों का कोई तालाब नहीं है, बल्कि यह टैक्सपेयर्स का पैसा है जिसका एक-एक पैसा सही जगह इस्तेमाल हो रहा है। 3. चैंबर विवाद और प्रियंका गांधी का बचाव संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में गालियां दीं। इस पर प्रियंका गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की: सफाई: प्रियंका ने कहा, "गालियां देने की बात पूरी तरह झूठी है। कुछ सांसद भड़क गए थे और उन्होंने अपना विरोध जाहिर किया, लेकिन मैंने किसी को नहीं उकसाया। मैं चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" मोदी पर तंज: प्रियंका ने यह भी कहा कि अगर राहुल के खिलाफ प्रस्ताव आ रहा है, तो 56 इंच की छाती नपवाने वाले मोदी जी के खिलाफ भी प्रिविलेज मोशन आना चाहिए। 4. राहुल गांधी का मीडिया पर गुस्सा: "क्या यही आज का कीवर्ड है?" संसद के बाहर जब राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल किया गया, तो उन्होंने मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए: मीडिया को नसीहत: राहुल ने कहा, "क्या आपको भाजपा से कोड वर्ड मिलते हैं? कल 'ऑथेंटिकेट' था, आज 'प्रिविलेज मोशन' है। आप लोग कम से कम थोड़ा ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश करें। आप इस देश के साथ अन्याय कर रहे हैं।" अडानी-अंबानी विवाद: राहुल ने अपनी बात दोहराई कि इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी और अडानी के मामले में सरकार दबाव में है और वे सच बोलते रहेंगे। 5. लेबर कोड पर सदन में बहस और बाहर हड़ताल श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन में 'औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026' पेश किया और इसे पास कराया: मांडविया का पक्ष: उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। जितने लोग हड़ताल पर हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग इस नए कानून का समर्थन कर रहे हैं। सुप्रिया सुले की आपत्ति: सुप्रिया सुले ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "विडंबना देखिए, सदन के अंदर हम श्रम कानूनों पर बहस कर रहे हैं और बाहर देश का श्रमिक हड़ताल पर बैठा है।" 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:00 AM हंगामा विपक्ष ने 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के साथ सदन की कार्यवाही बाधित की। 12:10 PM पीएम की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहाँ सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारेबाजी की। 04:22 PM बिल पास औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक 2026 संसद में पास हुआ। 05:30 PM स्थगन लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित। 6. राहुल गांधी की सदस्यता का संकट: इतिहास और कानून राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे का नोटिस उनकी सदस्यता के लिए दोबारा संकट पैदा कर सकता है: पिछला मामला: मार्च 2023 में 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद बहाल किया गया था। कानूनी पहलू: सब्सटेंसिव मोशन एक स्वतंत्र प्रस्ताव है। यदि स्पीकर इसे स्वीकार करते हैं और सदन में यह पास हो जाता है, तो राहुल गांधी के संसदीय करियर पर गंभीर असर पड़ सकता है।

9 घंटे Ago
ईशान किशन चोटिल, अभिषेक शर्मा बीमार; क्या संजू सैमसन करेंगे ओपनिंग? बुमराह की वापसी तय।

T20 वर्ल्ड कप 2026: नामीबिया मैच से पहले टीम इंडिया को दोहरा झटका; ईशान किशन चोटिल और अभिषेक शर्मा बीमार, संजू सैमसन की हो सकती है एंट्री अहमदाबाद | 12 फरवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में नामीबिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले से पहले भारतीय खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले से पहले टीम इंडिया अपने मुख्य खिलाड़ियों की चोट और खराब सेहत से जूझ रही है। बुधवार शाम प्रैक्टिस सेशन के दौरान सलामी बल्लेबाज ईशान किशन चोटिल हो गए, जबकि दूसरे ओपनर अभिषेक शर्मा पहले से ही बीमार चल रहे हैं। यहाँ टीम इंडिया की फिटनेस और नामीबिया के खिलाफ मैच की रणनीति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ईशान किशन को लगी बुमराह की यॉर्कर: नेट्स में मचा हड़कंप बुधवार शाम जब टीम इंडिया नेट्स पर पसीना बहा रही थी, तब एक अप्रिय घटना घटी: चोट का कारण: ईशान किशन बल्लेबाजी कर रहे थे और उनके सामने दुनिया के नंबर-1 तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह थे। बुमराह की एक सटीक और तेज रफ्तार यॉर्कर सीधे ईशान के बाएं पैर के अंगूठे पर जा लगी। मैदान का नजारा: गेंद लगते ही ईशान दर्द से कराहते हुए जमीन पर गिर पड़े। टीम के फिजियो ने तुरंत नेट्स पर पहुंचकर उनकी जांच की। काफी देर तक चले प्राथमिक उपचार के बाद ईशान लंगड़ाते हुए बाहर गए। वापसी की कोशिश: कुछ देर बाद ईशान ने दोबारा बल्लेबाजी करने का प्रयास किया, लेकिन दर्द के कारण वे अपना सत्र पूरा नहीं कर सके। बीसीसीआई (BCCI) ने अभी तक उनकी चोट की गंभीरता पर कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया है। 2. अभिषेक शर्मा की बीमारी: ओपनिंग जोड़ी पर संकट ईशान की चोट से पहले ही भारत की ओपनिंग जोड़ी संकट में थी: पेट में संक्रमण: युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पेट के गंभीर संक्रमण (Stomach Infection) की चपेट में हैं। वे पिछले दो दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे। फिटनेस अपडेट: बुधवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन शरीर में कमजोरी के कारण उनका नामीबिया के खिलाफ खेलना संदिग्ध है। तिलक वर्मा ने बताया कि अभिषेक की फिटनेस पर अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। 3. संजू सैमसन के पास सुनहरा मौका: नेट्स पर बहाया पसीना अगर ईशान और अभिषेक दोनों अनुपलब्ध रहते हैं, तो संजू सैमसन को मौका मिलना तय है: लंबा प्रैक्टिस सेशन: संजू ने बुधवार को नेट्स पर करीब 30 मिनट तक बल्लेबाजी की। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ सतर्क शुरुआत की, लेकिन बाद में कुछ शानदार शॉट्स लगाए। स्पिन के खिलाफ तैयारी: संजू स्पिन के खिलाफ काफी सहज नजर आए। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि नामीबिया के अनुभवी लेफ्ट आर्म स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज के खिलाफ संजू की तकनीक टीम के काम आ सकती है। टीम का सपोर्ट: कोच रायन टेन डेशकाटे ने स्पष्ट किया है कि संजू को टीम का पूरा समर्थन प्राप्त है और वे 15 सदस्यीय टीम के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। 📊 नामीबिया मैच से पहले टीम इंडिया का फिटनेस स्टेटस खिलाड़ी समस्या वर्तमान स्थिति ईशान किशन पैर के अंगूठे में चोट मैच खेलना संदिग्ध, रिपोर्ट का इंतजार। अभिषेक शर्मा पेट का संक्रमण अस्पताल से डिस्चार्ज, लेकिन खेलने पर संशय। जसप्रीत बुमराह पुरानी चोट से वापसी फिट महसूस कर रहे हैं, मैच खेलने की उम्मीद। संजू सैमसन - प्लेइंग-11 में शामिल होने के सबसे बड़े दावेदार। 4. बुमराह की वापसी: पाकिस्तान मैच से पहले लय हासिल करने का लक्ष्य भारतीय प्रशंसकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह फिट हैं। तिलक वर्मा ने पुष्टि की है कि बुमराह पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं और उन्होंने नेट्स पर न केवल गेंदबाजी की, बल्कि कैचिंग ड्रिल में भी हिस्सा लिया। 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले बड़े मैच से पहले बुमराह नामीबिया के खिलाफ खेलकर अपनी लय (Rhythm) हासिल करना चाहेंगे। 5. नामीबिया मुकाबला: पाकिस्तान मैच की ड्रेस रिहर्सल टीम मैनेजमेंट नामीबिया के खिलाफ इस मुकाबले को केवल एक मैच की तरह नहीं, बल्कि रविवार के हाई-वोल्टेज मुकाबले की तैयारी के रूप में देख रहा है। टीम की प्राथमिकता है कि खिलाड़ी बिना किसी नई चोट के मैदान पर उतरें और जीत के साथ आत्मविश्वास हासिल करें।

9 घंटे Ago
निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी को उम्रभर के लिए बैन करने की मांग; किरेन रिजिजू ने जारी किया 'गाली-गलौज' वाला वीडियो।

संसद में महासंग्राम: राहुल गांधी की सदस्यता पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग; निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' और 'चैंबर हंगामे' के वीडियो पर छिड़ी जंग नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का 12वां दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तीखे टकरावों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जहाँ एक ओर उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए 'सब्सटेंसिव मोशन' पेश किया गया है, वहीं दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक 'लीक' वीडियो के जरिए विपक्ष पर स्पीकर के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। यहाँ आज के घटनाक्रम और संसद के भीतर-बाहर चल रहे घमासान का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. निशिकांत दुबे का बड़ा दांव: राहुल गांधी पर 'लाइफटाइम बैन' की मांग भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक 'सब्सटेंसिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया। आरोप: दुबे का दावा है कि राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस जैसी विदेशी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं और संसद में लगातार झूठ बोल रहे हैं। मांग: उन्होंने मांग की है कि न केवल राहुल की संसद सदस्यता रद्द की जाए, बल्कि उन पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाया जाए। क्या होता है सब्सटेंसिव मोशन? यह एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मामले (जैसे राष्ट्रपति, जज या सांसद के आचरण) पर सदन की राय या फैसला लेने के लिए लाया जाता है। 2. किरेन रिजिजू का वीडियो बम: "स्पीकर के चैंबर में दी गईं गालियां" संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का एक वीडियो साझा किया, जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। दावा: रिजिजू का कहना है कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसे, उन्हें गालियां दीं और प्रधानमंत्री को धमकियां दीं। प्रियंका गांधी पर निशाना: रिजिजू ने आरोप लगाया कि यह सब प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुआ और उन्होंने सांसदों को उकसाया। प्रियंका की सफाई: प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, "गाली देने वाली बात सरासर झूठ है। मैं वहां चुपचाप बैठी थी और अंत में केवल शांति से अपनी बात रखी थी।" 3. ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का राहुल को जवाब राहुल गांधी द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'किसानों के साथ गद्दारी' बताने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मोर्चा संभाला: तथ्यों की सुरक्षा: गोयल ने स्पष्ट किया कि डील में 90-95% कृषि उत्पाद (डेयरी, पोल्ट्री, चावल, गेहूं, मक्का, दालें आदि) पूरी तरह बाहर रखे गए हैं ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो। हमला: गोयल ने कहा, "राहुल गांधी झूठ का पुलिंदा हैं। वे देश को तेजी से आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकते और विकास के खिलाफ हैं।" 4. राहुल गांधी का मीडिया पर पलटवार: "आप भाजपा के लिए काम कर रहे हैं" संसद के बाहर जब मीडिया ने राहुल गांधी से 'प्रिविलेज मोशन' पर सवाल पूछा, तो वे भड़क गए: मीडिया की भूमिका पर सवाल: राहुल ने पत्रकारों से कहा, "क्या आज का कोड वर्ड 'प्रिविलेज मोशन' है? कल 'ऑथेंटिकेट' था। आप लोग पूरी तरह भाजपा के लिए काम कर रहे हैं, थोड़ा तो ऑब्जेक्टिव रहने की कोशिश कीजिए। यह देश के साथ अन्याय है।" अडानी-अंबानी का मुद्दा: राहुल अपनी इस बात पर कायम रहे कि अनिल अंबानी और अडानी के खिलाफ विदेशी फाइलों में सबूत हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचा रही है। 5. केसी वेणुगोपाल और सुप्रिया सुले का पक्ष केसी वेणुगोपाल: कांग्रेस संगठन महासचिव ने कहा कि सरकार राहुल गांधी की आवाज दबाने के लिए चेयर (स्पीकर) पर दबाव डाल रही है। उन्होंने कहा, "पिछली बार सदस्यता छीनी तो जनता ने और ज्यादा वोट दिए, इस बार फांसी देना चाहते हैं तो दे दें, हम सच बोलते रहेंगे।" सुप्रिया सुले: उन्होंने नए श्रम कानूनों (Labour Code) का विरोध करते हुए कहा कि जब देश के श्रमिक सड़कों पर हड़ताल कर रहे हैं, तब सदन में उनके खिलाफ बिल लाना अन्यायपूर्ण है। 📊 संसद डायरी: 12 फरवरी के मुख्य अपडेट्स समय घटना विवरण 11:15 AM सदन स्थगित विपक्ष के भारी हंगामे और 'ट्रेड डील वापस लो' के नारों के बीच लोकसभा 12 बजे तक स्थगित। 12:10 PM पीएम मोदी की एंट्री प्रधानमंत्री मोदी राज्यसभा पहुंचे, भाजपा सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। 01:30 PM राहुल का बयान राहुल गांधी ने मीडिया को 'ऑब्जेक्टिव' रहने की सलाह दी। 02:15 PM मंडाविया का जवाब श्रम मंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड का हड़ताल से ज्यादा समर्थन हो रहा है। 02:30 PM पीएम की तारीफ मोदी ने निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के जवाब की सराहना की। Export to Sheets 6. राहुल गांधी की सदस्यता का कानूनी इतिहास यह पहली बार नहीं है जब राहुल की सदस्यता पर तलवार लटकी है: मार्च 2023: 'मोदी सरनेम' केस में 2 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता रद्द हुई थी। अगस्त 2023: सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद सदस्यता बहाल हुई। नया संकट: निशिकांत दुबे का 'सब्सटेंसिव मोशन' यदि स्वीकार होता है, तो यह राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए अब तक की सबसे बड़ी कानूनी और संवैधानिक चुनौती बन सकता है।

9 घंटे Ago
राजपाल यादव चेक बाउंस केस
मनोरंजन
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को नहीं दी राहत; कोर्ट बोला- "वादा खिलाफी की वजह से गए जेल"।

राजपाल यादव को हाईकोर्ट से झटका: जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- "आपने अपना वादा पूरा नहीं किया"; सोमवार तक जेल में ही रहेंगे 'छोटा पंडित' नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026 चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद मशहूर अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन अदालत ने उन्हें कोई राहत देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक्टर को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने बार-बार दिए गए मौकों के बावजूद अपना वादा पूरा नहीं किया। यहाँ राजपाल यादव के केस की ताजा स्थिति और बॉलीवुड से मिल रहे समर्थन का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कोर्ट की सख्त टिप्पणी: "कानून तो कानून है" सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर नाराजगी जाहिर की: सजा पर रोक का आधार: कोर्ट ने पूछा कि जब आपने खुद कर्ज लेने की बात स्वीकार की है और उसे लौटाने का वादा किया था, तो अब सजा रद्द करने की मांग क्यों की जा रही है? 25-30 मौके दिए: जज ने कहा, "आपको 25 से 30 बार भुगतान के अवसर दिए गए, लेकिन आपने सालों तक कुछ नहीं किया। पिछले आदेशों का पालन न करने की वजह से ही आज आप जेल में हैं।" सहानुभूति बनाम कानून: अदालत ने कहा कि उन्हें राजपाल से व्यक्तिगत सहानुभूति हो सकती है, लेकिन कानून सबके लिए बराबर है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। 2. बचाव पक्ष की दलील: "हम पैसा चुकाना चाहते हैं" राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा: अब तक का भुगतान: वकील ने दावा किया कि 5 करोड़ के मूल कर्ज में से राजपाल अब तक 3 करोड़ रुपए से ज्यादा चुका चुके हैं। शादी का हवाला: परिवार में शादी होने के कारण जमानत की गुहार लगाई गई थी, साथ ही यह भी कहा गया कि राजपाल बाकी रकम जमा करने के लिए तैयार हैं। 3. राजपाल की पत्नी राधा यादव हुईं भावुक राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने इस मुश्किल घड़ी में उनका साथ देने वालों का शुक्रिया अदा किया: इंडस्ट्री का शुक्रिया: न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए राधा ने कहा, "फिल्म इंडस्ट्री ने हमें बहुत सपोर्ट किया है। जो भी लोग इस संकट के समय में आगे आकर हमारी मदद कर रहे हैं, उन सबका मैं दिल से आभार व्यक्त करती हूं।" 4. बॉलीवुड का 'महा-सपोर्ट': कौन-कौन आया आगे? राजपाल की आर्थिक तंगी की खबर आने के बाद बॉलीवुड के दिग्गज एक जुट हो गए हैं: सोनू सूद की पहल: सोनू सूद ने सबसे पहले मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने अपनी अगली फिल्म के लिए राजपाल को 'साइनिंग अमाउंट' दिया और कहा कि यह दान नहीं बल्कि उनके टैलेंट का सम्मान है। दिग्गजों की मदद: सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन और वरुण धवन ने भी राजपाल के परिवार से संपर्क कर आर्थिक सहायता पहुंचाई है। मीका सिंह का ऐलान: सिंगर मीका सिंह ने राजपाल के लिए 11 लाख रुपए की मदद की घोषणा की और दूसरों से भी केवल पोस्ट डालने के बजाय जमीन पर मदद करने की अपील की। FWICE की अपील: फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने सभी प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वे इस दिग्गज अभिनेता के करियर और ईमानदारी को बचाने के लिए एकजुट हों। 📊 राजपाल यादव केस: विवाद की पूरी टाइमलाइन वर्ष घटनाक्रम 2010 फिल्म 'अता पता लापता' के लिए ₹5 करोड़ का लोन लिया। 2012 फिल्म फ्लॉप हुई और चेक बाउंस होने का सिलसिला शुरू हुआ। 2018 कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल को दोषी मानकर 6 महीने की सजा सुनाई। 2019-25 उच्च अदालतों में अपील और समझौते के लिए कई बार समय मिला। फरवरी 2026 वादे के मुताबिक भुगतान न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सरेंडर किया। 5. क्यों फंसे राजपाल यादव? यह पूरा मामला 2010 में 'मुरली प्रोजेक्ट्स' से लिए गए कर्ज से जुड़ा है। राजपाल अपनी फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। कर्ज पर ब्याज बढ़ता गया और राजपाल के चेक बाउंस होते रहे। समझौते के कई दौर चले, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे पूरी रकम नहीं चुका सके, जिसके कारण आज उन्हें तिहाड़ जेल का सामना करना पड़ रहा है।

रवि चौहान फ़रवरी 12, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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