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भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप के दौरान पत्नियों को साथ नहीं रख सकेंगे; नियम तोड़ा तो IPL से होंगे बाहर।

T20 वर्ल्ड कप 2026: बीसीसीआई का कड़ा फैसला; वर्ल्ड कप के दौरान फैमिली साथ नहीं रख सकेंगे खिलाड़ी, नियम तोड़ने पर IPL और कॉन्ट्रैक्ट से धोना पड़ सकता है हाथ नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुशासन को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें खिलाड़ियों की पत्नियों और मंगेतरों (WAGs) को टूर्नामेंट के दौरान टीम होटल में साथ रहने की अनुमति मांगी गई थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार और खिलाड़ियों की एकाग्रता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों का पूरा ध्यान केवल खेल पर होना चाहिए। 1. बीसीसीआई का आदेश: होटल में साथ नहीं ठहरेंगे परिवार इंडियन एक्सप्रेस की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लिए नई 'फैमिली पॉलिसी' जारी की है: नो फैमिली रूम: टूर्नामेंट के दौरान किसी भी खिलाड़ी की पत्नी, मंगेतर या परिवार के सदस्य को आधिकारिक टीम होटल में खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खुद का इंतजाम: यदि कोई खिलाड़ी चाहता है कि उसका परिवार मैच देखने आए, तो उसे होटल में अलग से कमरे की व्यवस्था खुद के खर्च पर करनी होगी। बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं: बीसीसीआई परिवार के ठहरने, यात्रा या लॉजिस्टिक्स का कोई भी जिम्मा नहीं उठाएगा। खिलाड़ियों को अपने परिवार से मिलने के लिए भी बोर्ड द्वारा तय समय और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। 2. नियम बदलने की पीछे की बड़ी वजह: BGT 2024-25 की हार भारतीय क्रिकेट में 'फैमिली कल्चर' को लेकर बीसीसीआई का यह यू-टर्न हालिया प्रदर्शनों का परिणाम माना जा रहा है: ऑस्ट्रेलिया दौरे का सबक: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारतीय टीम को 1-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना था कि लंबे विदेशी दौरों पर परिवार की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है। 45 दिन वाला नियम: पुरानी नीति के अनुसार, 45 दिनों से अधिक लंबे दौरों पर परिवार को 14 दिन साथ रहने की अनुमति थी। लेकिन बीसीसीआई ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यह नियम ICC टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी) या मल्टीनेशन इवेंट्स पर लागू नहीं होगा। कोविड काल का अंत: कोरोना महामारी के दौरान 'बायो-बबल' की थकान कम करने के लिए पूरे दौरे पर परिवार को साथ रखने की छूट दी गई थी, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह खत्म कर दिया है। 3. गाइडलाइंस न मानने पर 'कैरियर' पर खतरा बोर्ड ने इस बार केवल सलाह नहीं दी है, बल्कि इसे एक सख्त अनुशासन नियमावली बना दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर निम्नलिखित कार्रवाई हो सकती है: सस्पेंशन: खिलाड़ी को बीच टूर्नामेंट या आगामी सीरीज से बाहर किया जा सकता है। IPL पर बैन: बीसीसीआई नियमों की अवहेलना करने पर खिलाड़ी को IPL में खेलने से भी रोक सकता है, जो किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा। कॉन्ट्रैक्ट और सैलरी: बोर्ड खिलाड़ी का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर सकता है या उसकी मैच फीस/सैलरी में कटौती कर सकता है। विशेष अनुमति: केवल अत्यंत आपातकालीन स्थिति में ही चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच की पूर्व अनुमति से ही नियमों में ढील दी जाएगी। 📊 बीसीसीआई की नई फैमिली पॉलिसी: एक नजर में श्रेणी पुरानी नीति (कोविड के बाद) नई नीति (T20 वर्ल्ड कप 2026) ठहरने की व्यवस्था टीम होटल में साथ रहने की अनुमति थी। टीम होटल में साथ रहने पर पूर्ण प्रतिबंध। खर्च कुछ दौरों पर बोर्ड उठाता था। पूरी तरह खिलाड़ी को खुद उठाना होगा। अवधि पूरे दौरे के लिए अनुमति थी। वर्ल्ड कप के दौरान शून्य (0) दिन। दंडात्मक कार्रवाई केवल चेतावनी दी जाती थी। IPL बैन, कॉन्ट्रैक्ट रद्दीकरण और सस्पेंशन। 4. श्रीलंका दौरा और बीसीसीआई का तर्क चूँकि भारत टी-20 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान (Co-host) है, इसलिए बोर्ड का तर्क है कि खिलाड़ियों को विदेश में लंबे समय तक नहीं रहना है। छोटा दौरा: भारतीय टीम को केवल पाकिस्तान के खिलाफ मैच और कुछ अन्य मुकाबलों के लिए श्रीलंका जाना है। बाकी मैच भारत में ही होने हैं। होम एडवांटेज: बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी घर में खेलते समय अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को पूरी तरह अलग रखें ताकि खिताब जीतने की संभावना बढ़ सके।

9 घंटे Ago
विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ पेश किया नोटिस; राहुल गांधी का जनरल नरवणे की किताब पर बड़ा दावा; अखिलेश बोले- बजट दिशाहीन।

संसद में महासंग्राम: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ऐतिहासिक कदम; 'नरवणे बुक' और बजट पर घमासान नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 भारतीय संसदीय इतिहास में आज का दिन बेहद उथल-पुथल भरा रहा। बजट सत्र के 10वें दिन विपक्ष ने एक बड़ा संवैधानिक दांव खेलते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) का नोटिस पेश कर दिया। उधर, सदन के बाहर पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच 'जुबानी जंग' तेज हो गई है। यहाँ आज की संसदीय कार्यवाही और विवादों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है: 1. स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: मुख्य वजह और प्रक्रिया विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को दोपहर 1:14 बजे आधिकारिक नोटिस सौंपा। इस कदम के पीछे की कूटनीति और नियम निम्नलिखित हैं: आरोप: प्रस्ताव में कहा गया है कि स्पीकर ओम बिरला खुलेआम 'एकतरफा' तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें महत्वपूर्ण मुद्दों (जैसे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव) पर बोलने नहीं दिया गया और विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए 8 सांसदों को मनमाने ढंग से सस्पेंड किया गया। नोटिस पर हस्ताक्षर: कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कांग्रेस, सपा, डीएमके और वामपंथी दल शामिल हैं। TMC का रुख: दिलचस्प बात यह है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने फिलहाल इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वे प्रस्ताव का समर्थन करते हैं लेकिन स्पीकर को जवाब देने के लिए 1-2 दिन का समय दिया जाना चाहिए था। राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं: सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने खुद इस नोटिस पर साइन नहीं किए हैं, जो एक सोची-समझी रणनीतिक दूरी हो सकती है। संवैधानिक प्रावधान: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत दिया गया है। स्पीकर ने सेक्रेटरी जनरल को इस नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया है। 2. सदन की कार्यवाही: हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल मंगलवार को लोकसभा में कामकाज के नाम पर केवल शोर-शराबा ही देखने को मिला: 11:00 AM: सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए। महज 1 मिनट में कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विशेष बात यह थी कि आज स्पीकर की कुर्सी पर ओम बिरला नहीं, बल्कि पीसी मोहन बैठे थे। 12:00 PM: दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने 'वी वॉन्ट जस्टिस' के नारे जारी रखे। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने हाथ जोड़कर विपक्ष से बजट पर चर्चा करने की विनती की, लेकिन शोर नहीं थमा और सदन 2 बजे तक स्थगित हो गया। 02:00 PM: तीसरी बार कार्यवाही शुरू होने पर केपी तेनेट्टी ने चेयर संभाली। हंगामे के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। 3. 'नरवणे बुक' कॉन्ट्रोवर्सी: राहुल गांधी का बड़ा बयान सदन के बाहर राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर सरकार को घेरा: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन (पब्लिशर)। नरवणे ने खुद X पर पोस्ट किया था कि किताब उपलब्ध है। मैं पेंगुइन के बजाय एक पूर्व आर्मी चीफ की बात पर विश्वास करना चुनूंगा। सरकार इस किताब से डरी हुई है क्योंकि इसमें अग्निवीर, चीन विवाद और इंडो-US ट्रेड डील से जुड़ी असुविधाजनक बातें हैं।" उधर, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब पब्लिशर कह रहा है कि किताब छपी ही नहीं, तो राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। 📊 बजट चर्चा: शशि थरूर और अखिलेश यादव के प्रहार जब 2 बजे बजट पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार के आर्थिक दावों की धज्जियां उड़ाईं: नेता मुख्य आरोप / बिंदु शशि थरूर सरकार केवल 'हेडलाइन मैनेजमेंट' करती है। जल जीवन और SC विकास योजनाओं का पैसा खर्च ही नहीं हुआ। आम जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। अखिलेश यादव यह बजट 'दिशाहीन' है। 11 साल से बजट आ रहा है लेकिन लोगों की आय नहीं बढ़ी। सरकार बताए कि '0' बड़ा है या '18' (टैक्स कटौती का संदर्भ)। अखिलेश यादव यूपी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है। यूएस डील के बाद विदेशी माल आएगा, तो हमारे किसान क्या उगाएंगे? 4. सत्ता पक्ष का बचाव और जवाबी हमला किरेन रिजिजू का वीडियो: रिजिजू ने 4 फरवरी के हंगामे का वीडियो शेयर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गुंडागर्दी कर रहे थे और पीएम की सीट तक पहुंच गए थे। गिरिराज सिंह का प्रहार: उन्होंने नेहरू पर कश्मीर को गिरवी रखने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए। संख्या बल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के पास नंबर नहीं हैं, इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव के जरिए स्पीकर को हटा नहीं पाएंगे, वे केवल ड्रामा कर रहे हैं।

12 घंटे Ago
राहुल गांधी बनाम पेंगुइन इंडिया; 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के लीक होने पर दिल्ली पुलिस की FIR।

जनरल नरवणे की किताब पर 'महा-महाभारत': राहुल गांधी बोले- पेंगुइन या पूर्व आर्मी चीफ, कोई एक झूठ बोल रहा है; FIR के बाद विवाद गहराया नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम.एम. नरवणे की अनपब्लिश्ड आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर देश की राजनीति और पब्लिशिंग जगत में भूचाल आ गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा किताब के प्रकाशित न होने के दावे और राहुल गांधी द्वारा सेना प्रमुख की 'सच्चाई' पर दिए गए बयान ने इस विवाद को अब सीधे 'भरोसे की जंग' बना दिया है। यहाँ इस पूरे विवाद के प्रमुख बिंदु और किताब के विवादित अंश दिए गए हैं: 1. राहुल गांधी का हमला: "किस पर करें भरोसा?" मंगलवार को लोकसभा के बाहर राहुल गांधी ने पेंगुइन इंडिया की सफाई पर तीखा पलटवार किया: विवादित ट्वीट: राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने खुद 'X' पर पोस्ट कर अपनी किताब का लिंक साझा किया था। सीधा सवाल: "या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन कंपनी। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना है। क्या आप एक जनरल के बजाय पब्लिशिंग कंपनी पर यकीन करेंगे?" दबाव का आरोप: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया कि भारी सरकारी दबाव के कारण पेंगुइन ने अपना पुराना ट्वीट और लिंक डिलीट किया है, जबकि किताब 2024 में अमेजन पर उपलब्ध थी। 2. पेंगुइन और दिल्ली पुलिस की सफाई पब्लिशर का स्टैंड: पेंगुइन रैंडम हाउस ने आधिकारिक तौर पर कहा कि किताब अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसका कोई भी हिस्सा सार्वजनिक नहीं किया गया है। FIR दर्ज: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किताब की PDF कॉपी ऑनलाइन लीक होने के मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि रक्षा मंत्रालय से अभी तक पब्लिकेशन के लिए आवश्यक मंजूरी (Clearance) नहीं मिली है। 3. 'अग्निवीर' और 'चीनी घुसपैठ' के खुलासे किताब की जो कथित कॉपी चर्चा में है, उसमें लद्दाख संकट (31 अगस्त 2020) के दौरान प्रधानमंत्री के एक निर्देश का जिक्र है, जो सरकार के लिए असहज करने वाला है: समय (31 अगस्त 2020) घटनाक्रम (अनपब्लिश्ड बुक के अनुसार) रात 8:15 बजे चीनी टैंक पूर्वी लद्दाख में रेचिन ला की ओर भारतीय पोस्ट के करीब बढ़ रहे थे। रात 9:25 बजे जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से 'स्पष्ट निर्देश' मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रात 10:10 बजे चीनी टैंक चोटी से महज 500 मीटर दूर थे। आर्टिलरी फायर खोलने की स्थिति बनी। रात 10:30 बजे राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी से बात कर निर्देश दिया— "जो उचित समझो, वो करो।" नरवणे का कथित बयान: "पूरी जिम्मेदारी मुझ पर डाल दी गई थी। पीएम ने ब्रीफिंग ली, लेकिन फैसला लेने से मना कर दिया था।" 4. संसद में गतिरोध और सस्पेंशन राहुल की कोशिश: राहुल गांधी संसद में इस किताब के अंश पढ़ना चाहते थे और किताब की कॉपी लेकर सदन में पहुंचे थे। सस्पेंशन: इस मुद्दे पर हंगामे के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 8 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया था। सरकार का तर्क है कि जिस किताब का अस्तित्व ही नहीं है, उस पर चर्चा कैसे हो सकती है? 📊 जनरल एम.एम. नरवणे: करियर प्रोफाइल पद: 27वें थल सेना प्रमुख (2019-2022)। चुनौतियां: उनके कार्यकाल में गलवान हिंसा और चीन के साथ सबसे बड़ा सैन्य तनाव रहा। किताब की स्थिति: एक साल से अधिक समय से रक्षा मंत्रालय (MoD) के पास रिव्यू के लिए लंबित।

12 घंटे Ago
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

एक दिन Ago
टी-20 वर्ल्डकप- भारतीय खिलाड़ी परिवार के साथ नहीं रहेंगे
खेल
भारतीय क्रिकेटर वर्ल्ड कप के दौरान पत्नियों को साथ नहीं रख सकेंगे; नियम तोड़ा तो IPL से होंगे बाहर।

T20 वर्ल्ड कप 2026: बीसीसीआई का कड़ा फैसला; वर्ल्ड कप के दौरान फैमिली साथ नहीं रख सकेंगे खिलाड़ी, नियम तोड़ने पर IPL और कॉन्ट्रैक्ट से धोना पड़ सकता है हाथ नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुशासन को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें खिलाड़ियों की पत्नियों और मंगेतरों (WAGs) को टूर्नामेंट के दौरान टीम होटल में साथ रहने की अनुमति मांगी गई थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार और खिलाड़ियों की एकाग्रता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों का पूरा ध्यान केवल खेल पर होना चाहिए। 1. बीसीसीआई का आदेश: होटल में साथ नहीं ठहरेंगे परिवार इंडियन एक्सप्रेस की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लिए नई 'फैमिली पॉलिसी' जारी की है: नो फैमिली रूम: टूर्नामेंट के दौरान किसी भी खिलाड़ी की पत्नी, मंगेतर या परिवार के सदस्य को आधिकारिक टीम होटल में खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खुद का इंतजाम: यदि कोई खिलाड़ी चाहता है कि उसका परिवार मैच देखने आए, तो उसे होटल में अलग से कमरे की व्यवस्था खुद के खर्च पर करनी होगी। बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं: बीसीसीआई परिवार के ठहरने, यात्रा या लॉजिस्टिक्स का कोई भी जिम्मा नहीं उठाएगा। खिलाड़ियों को अपने परिवार से मिलने के लिए भी बोर्ड द्वारा तय समय और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। 2. नियम बदलने की पीछे की बड़ी वजह: BGT 2024-25 की हार भारतीय क्रिकेट में 'फैमिली कल्चर' को लेकर बीसीसीआई का यह यू-टर्न हालिया प्रदर्शनों का परिणाम माना जा रहा है: ऑस्ट्रेलिया दौरे का सबक: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारतीय टीम को 1-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना था कि लंबे विदेशी दौरों पर परिवार की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है। 45 दिन वाला नियम: पुरानी नीति के अनुसार, 45 दिनों से अधिक लंबे दौरों पर परिवार को 14 दिन साथ रहने की अनुमति थी। लेकिन बीसीसीआई ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यह नियम ICC टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी) या मल्टीनेशन इवेंट्स पर लागू नहीं होगा। कोविड काल का अंत: कोरोना महामारी के दौरान 'बायो-बबल' की थकान कम करने के लिए पूरे दौरे पर परिवार को साथ रखने की छूट दी गई थी, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह खत्म कर दिया है। 3. गाइडलाइंस न मानने पर 'कैरियर' पर खतरा बोर्ड ने इस बार केवल सलाह नहीं दी है, बल्कि इसे एक सख्त अनुशासन नियमावली बना दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर निम्नलिखित कार्रवाई हो सकती है: सस्पेंशन: खिलाड़ी को बीच टूर्नामेंट या आगामी सीरीज से बाहर किया जा सकता है। IPL पर बैन: बीसीसीआई नियमों की अवहेलना करने पर खिलाड़ी को IPL में खेलने से भी रोक सकता है, जो किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा। कॉन्ट्रैक्ट और सैलरी: बोर्ड खिलाड़ी का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर सकता है या उसकी मैच फीस/सैलरी में कटौती कर सकता है। विशेष अनुमति: केवल अत्यंत आपातकालीन स्थिति में ही चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच की पूर्व अनुमति से ही नियमों में ढील दी जाएगी। 📊 बीसीसीआई की नई फैमिली पॉलिसी: एक नजर में श्रेणी पुरानी नीति (कोविड के बाद) नई नीति (T20 वर्ल्ड कप 2026) ठहरने की व्यवस्था टीम होटल में साथ रहने की अनुमति थी। टीम होटल में साथ रहने पर पूर्ण प्रतिबंध। खर्च कुछ दौरों पर बोर्ड उठाता था। पूरी तरह खिलाड़ी को खुद उठाना होगा। अवधि पूरे दौरे के लिए अनुमति थी। वर्ल्ड कप के दौरान शून्य (0) दिन। दंडात्मक कार्रवाई केवल चेतावनी दी जाती थी। IPL बैन, कॉन्ट्रैक्ट रद्दीकरण और सस्पेंशन। 4. श्रीलंका दौरा और बीसीसीआई का तर्क चूँकि भारत टी-20 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान (Co-host) है, इसलिए बोर्ड का तर्क है कि खिलाड़ियों को विदेश में लंबे समय तक नहीं रहना है। छोटा दौरा: भारतीय टीम को केवल पाकिस्तान के खिलाफ मैच और कुछ अन्य मुकाबलों के लिए श्रीलंका जाना है। बाकी मैच भारत में ही होने हैं। होम एडवांटेज: बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी घर में खेलते समय अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को पूरी तरह अलग रखें ताकि खिताब जीतने की संभावना बढ़ सके।

रवि चौहान फ़रवरी 10, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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