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Saharanpur News: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हिंदू रक्षा दल की भड़काऊ करतूत; 'मुसलमानों के लिए सड़क नहीं' लिखने पर विवाद।

सहारनपुर हाईवे पर भड़काऊ करतूत: 'हिंदू रक्षा दल' की महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लिखी नफरत की इबारत; पिंकी चौधरी ने ली जिम्मेदारी सहारनपुर | 27 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (NH-72A) पर हिंदू रक्षा दल की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक संपत्ति पर मुस्लिम विरोधी भड़काऊ नारे लिखने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यहाँ इस पूरे मामले, संगठन के विवादित इतिहास और वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. घटना का विवरण: हाईवे पर नफरत का 'स्प्रे' यह शर्मनाक घटना सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डाट मंदिर और मोहण्ड के पास एलिवेटेड रोड की है। भड़काऊ संदेश: गुरुवार देर शाम दो युवतियां, जिन्होंने गले में भगवा गमछा डाला हुआ था, हाईवे किनारे सीमेंटेड ब्लॉक्स और रेलिंग पर स्प्रे पेंट से लिखती नजर आईं। उन्होंने अंग्रेजी में लिखा— "This road is not allowed for Muslims" और हिंदी में लिखा— "यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है।" वीडियो और नारेबाजी: संदेश लिखने के बाद युवतियों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। इस पूरी घटना का एक युवक वीडियो बना रहा था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पहचान का सुराग: वीडियो के अंत में उत्तराखंड नंबर की एक लाल रंग की स्विफ्ट कार दिखाई दे रही है, जिसका इस्तेमाल आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद वहां से भागने के लिए कर रहे थे। 2. पिंकी चौधरी का बयान: "हां, हमने ही लिखा है" हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी ने इस कृत्य की जिम्मेदारी लेते हुए एक विवादित बयान दिया है। तर्क: पिंकी चौधरी ने दावा किया कि यह उनकी महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य है। उन्होंने तर्क दिया कि "जब मुसलमान सड़क पर चलने का टैक्स नहीं देते, तो वे सड़क पर क्यों चलते हैं?" संगठन के इस खुले समर्थन ने पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना और भी आसान बना दिया है, हालांकि यह सामाजिक तनाव को बढ़ावा देने वाला बयान माना जा रहा है। 3. हिंदू रक्षा दल: विवादों और गिरफ्तारियों का लंबा इतिहास यह संगठन और इसके अध्यक्ष पिंकी चौधरी लंबे समय से विवादों के केंद्र में रहे हैं। इनका कार्य करने का तरीका अक्सर कानून की सीमाओं को पार करता रहा है: घटना की अवधि स्थान विवरण सितंबर 2025 गाजियाबाद "सुरक्षा" के नाम पर घरों में तलवारें और फरसे बांटे। पिंकी चौधरी और उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2024 गाजियाबाद झुग्गी बस्ती में रहने वालों को "बांग्लादेशी" बताकर मारपीट की और तोड़फोड़ की। पुलिस ने जेल भेजा था। मई 2024 देहरादून कश्मीरी मुसलमानों को शहर से बाहर निकालने की धमकी दी और "इलाज" करने की बात कही। अगस्त 2021 जंतर-मंतर, दिल्ली मुस्लिम विरोधी नारेबाजी और भड़काऊ भाषण के आरोप में पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। 4. पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया है: जांच शुरू: बिहारीगढ़ पुलिस ने वीडियो फुटेज और कार के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। धाराएं: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने (Hate Speech) की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। अलर्ट: सहारनपुर बॉर्डर और हाईवे पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दिया जा सके। 5. सामाजिक और कानूनी प्रभाव हाईवे जैसी सार्वजनिक संपत्तियां देश के प्रत्येक नागरिक के लिए समान रूप से उपलब्ध हैं। संविधान के अनुच्छेद 15 और 19 के तहत धर्म के आधार पर सार्वजनिक स्थानों के उपयोग पर रोक लगाना गैर-कानूनी है। हिंदू रक्षा दल की यह करतूत न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह दिल्ली-देहरादून जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती है।

5 घंटे Ago
Pakistan-Afghanistan War 2026: पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक; 'गजब लिल हक' ऑपरेशन शुरू, तालिबान ने 55 पाक सैनिक मारने का दावा किया।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध: 'गजब लिल हक' बनाम तालिबान का पलटवार; 300 से ज्यादा मौतें, भारत ने किया अफगानिस्तान का समर्थन इस्लामाबाद/काबुल | 27 फरवरी 2026 दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान इस वक्त पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की कगार पर खड़े हैं। गुरुवार रात से शुरू हुआ सैन्य संघर्ष शुक्रवार को और भी हिंसक हो गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के भीतरी इलाकों—काबुल, कंधार और खोस्त—में भीषण एयरस्ट्राइक की है। वहीं, तालिबान ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर सैन्य ठिकानों पर कब्जा करने और इस्लामाबाद के पास रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इस संघर्ष में अब तक दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। पाकिस्तान ने इसे 'ऑपरेशन गजब लिल हक' का नाम दिया है। 1. युद्ध की शुरुआत: कैसे भड़की चिंगारी? इस खूनी संघर्ष की नींव 22 फरवरी को पड़ी थी, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में संदिग्ध आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। तालिबान की जवाबी कार्रवाई: अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने 22 फरवरी के हमले का बदला लेने के लिए गुरुवार रात पाकिस्तान की 19 अग्रिम चौकियों और एक सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तानी सैनिकों की मौत: तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, अफगान बलों ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक': अपने सैनिकों की मौत और चौकियों पर कब्जे से बौखलाए पाकिस्तान ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर हवाई और जमीनी हमला शुरू किया, जिसे 'गजब लिल हक' नाम दिया गया है। 2. पाकिस्तान का दावा: 274 लड़ाके ढेर, 115 टैंक तबाह पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग (ISPR) के महानिदेशक अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तालिबान को हुए नुकसान का विवरण दिया: भारी हताहत: पाकिस्तान का दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में 274 अफगान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से अधिक घायल हैं। हथियारों की तबाही: पाक सेना ने दावा किया कि उन्होंने अफगानिस्तान के 115 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और तोपखाने को नष्ट कर दिया है। सैन्य ठिकाने: लगमान प्रांत में तालिबान के एक मुख्य सैन्य कमांड सेंटर को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया गया है। 3. तालिबान का बड़ा दावा: पाकिस्तान का फाइटर जेट गिराया और न्यूक्लियर सेंटर पर हमला अफगानिस्तान की ओर से आ रही खबरें पाकिस्तान के लिए चिंताजनक हैं: जेट मार गिराया: अफगान मीडिया 'टोलो न्यूज' ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराया है। सोशल मीडिया पर इसके मलबे के वीडियो वायरल हो रहे हैं (हालांकि स्वतंत्र पुष्टि बाकी है)। ड्रोन स्ट्राइक: पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा के अनुसार, तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के नौशेरा कैंट, जमरूद सैन्य बेस और इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर को निशाना बनाया है। सैन्य साजो-सामान: तालिबान का कहना है कि उनके पास 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव और भारी मात्रा में आधुनिक हथियार मौजूद हैं, जो उन्होंने चौकियों पर कब्जे के दौरान हासिल किए। 📊 सैन्य शक्ति तुलना: पाकिस्तान बनाम तालिबान विशेषता पाकिस्तान (PAK) अफगान तालिबान ग्लोबल रैंकिंग टॉप 15 शक्तिशाली सेनाएं अनौपचारिक लड़ाकू बल हवाई शक्ति आधुनिक फाइटर जेट्स (F-16, JF-17) सीमित ड्रोन और पुराने हेलिकॉप्टर परमाणु शक्ति संपन्न (Nuclear Armed) नहीं युद्ध का तरीका पारंपरिक सैन्य युद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापामार लड़ाई) हथियारों का स्रोत चीन, अमेरिका और स्वदेशी अमेरिकी अवशेष और ब्लैक मार्केट 4. भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया इस युद्ध ने वैश्विक शक्तियों को चिंता में डाल दिया है: भारत का रुख: भारत ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने आंतरिक संकटों से ध्यान हटाने के लिए निर्दोष अफगानों, महिलाओं और बच्चों को मार रहा है। भारत ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है। रूस और चीन: दोनों देशों ने तुरंत युद्धविराम की अपील की है। रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि चीन ने दोनों को बातचीत की मेज पर आने को कहा है। अमेरिका: अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए 'लेवल 4' (Do Not Travel) एडवाइजरी जारी की है और काबुल स्थित अपने मिशन के जरिए हालात पर नजर रख रहा है। कतर और ईरान: कतर ने शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान ने रमजान के महीने का हवाला देते हुए संयम बरतने की अपील की है। 5. पाकिस्तान का भारत पर आरोप तनाव के बीच पाकिस्तान ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाते हुए भारत पर आरोप लगाया है। सेना प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की योजना और फंडिंग है, जिसके लिए अफगान जमीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इन आरोपों को बिना सबूत के खारिज कर दिया है। 6. जमीनी हकीकत: कराची हाई अलर्ट पर युद्ध का असर अब पाकिस्तानी शहरों में भी दिखने लगा है: कराची: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाके: नंगरहार और खोस्त प्रांत के लोग घर छोड़कर भाग रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बमबारी इतनी भीषण है कि लोग अपने बच्चों तक को पीछे छोड़ गए हैं।

5 घंटे Ago
Delhi Liquor Policy Case Verdict: अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया CBI केस में बरी; कोर्ट ने जांच एजेंसी को जमकर लताड़ा।

शराब नीति केस: केजरीवाल और सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपी बरी; कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार, कहा- "बिना सबूत के फंसाया गया" नई दिल्ली | 27 फरवरी 2026 दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े CBI केस में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह सहित सभी 23 आरोपियों को बरी (Discharge) कर दिया है। कोर्ट ने न केवल आरोपियों को राहत दी, बल्कि जांच एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली और उसकी चार्जशीट पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। यहाँ इस ऐतिहासिक फैसले, केजरीवाल के बयानों और केस की पूरी डिटेल दी गई है: 1. राउज एवेन्यू कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: "फर्जी और बेकार केस" स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने करीब 600 पन्नों के अपने आदेश में CBI की जांच की धज्जियां उड़ा दीं। अदालत की फटकार: जज ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में ऐसी कई चीजें हैं जिनका किसी गवाह या सबूत से कोई लेना-देना नहीं है। भ्रामक बयान: कोर्ट ने पाया कि CBI आरोप साबित करने में पूरी तरह विफल रही है। चार्जशीट में भ्रामक बयान दर्ज किए गए थे जो सबूतों का समर्थन नहीं करते। केजरीवाल पर टिप्पणी: कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अरविंद केजरीवाल को बिना किसी ठोस आधार और सबूत के इस केस में फंसाया गया था। 2. केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: "अब कत्ल कराकर ही मुझे रोक सकते हैं" अदालत के फैसले के बाद केजरीवाल ने पार्टी दफ्तर में हुंकार भरी। वे मीडिया से बात करते हुए भावुक भी हुए। मोदी-शाह पर हमला: केजरीवाल ने कहा, "यह पूरा षड्यंत्र नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने रचा था। वे AAP को चुनाव में हरा नहीं पाए, तो हमें खत्म करने के लिए ED-CBI पीछे छोड़ दी।" इज्जत की कमाई: केजरीवाल ने रोते हुए कहा, "मैंने पूरी जिंदगी सिर्फ इज्जत और ईमानदारी कमाई है। इन्होंने उसी पर चोट करने की कोशिश की। आज कोर्ट ने साबित कर दिया कि हम 'कट्टर ईमानदार' हैं।" चुनाव की चुनौती: पूर्व CM ने चुनौती देते हुए कहा, "आज दिल्ली में चुनाव करा लो, अगर भाजपा की 10 सीटें भी आ जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।" ट्रम्प का जिक्र: केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी विदेशी दबाव (ट्रम्प) के सामने कमजोर पड़ रहे हैं, जबकि घर में विपक्ष को कुचलने में लगे हैं। 📊 केस की पूरी टाइमलाइन: 2022 से 2026 तक वर्ष / तारीख घटनाक्रम अगस्त 2022 CBI ने नई शराब नीति में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की। सितंबर 2022 ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और छापेमारी शुरू की। फरवरी 2023 मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2024 अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री रहते हुए जेल भेजा गया। जुलाई-सितंबर 2024 सुप्रीम कोर्ट से सभी बड़े नेताओं को जमानत मिली। 27 फरवरी 2026 राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI केस में सभी 23 आरोपियों को बरी किया। 3. CBI के 5 बड़े दावे जिन्हें कोर्ट ने नकारा CBI ने अपनी चार्जशीट में जो बड़े दावे किए थे, वे अदालती कसौटी पर टिक नहीं पाए: साउथ ग्रुप से डील: CBI का दावा था कि विजय नायर के जरिए के. कविता और 'साउथ ग्रुप' से 100 करोड़ की रिश्वत ली गई। गोवा चुनाव में खर्च: आरोप था कि 44.5 करोड़ रुपये कैश गोवा चुनाव में खर्च किए गए। लाइसेंसिंग में फायदा: दावा किया गया कि शराब निर्माताओं और थोक विक्रेताओं का एक गुट (Cartel) बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया। विजय नायर की भूमिका: नायर को केजरीवाल का 'कैश हैंडलर' बताया गया था। नियमों का उल्लंघन: चार्जशीट में कहा गया था कि प्रॉफिट मार्जिन को जानबूझकर 12% किया गया ताकि भ्रष्टाचार हो सके। 4. कानूनी असर: ED केस का क्या होगा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि CBI केस में बरी होने का सीधा असर ED (प्रवर्तन निदेशालय) के मामले पर पड़ेगा। आधार खत्म: चूंकि ED का मनी लॉन्ड्रिंग केस CBI की FIR (शेड्यूल्ड ऑफेंस) पर आधारित होता है, इसलिए जब मुख्य केस ही गिर गया है, तो ED का मामला भी कमजोर पड़ गया है। अपील की तैयारी: CBI ने कहा है कि वह ट्रायल कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील करेगी। 5. समर्थकों का जश्न और भावुक दृश्य कोर्ट के बाहर जैसे ही फैसले की खबर आई, AAP कार्यकर्ताओं ने 'गदा' लहराकर और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। केजरीवाल अपनी कार की सनरूफ से बाहर निकलकर समर्थकों का अभिवादन करते दिखे। सिसोदिया और केजरीवाल एक-दूसरे के गले लगकर भावुक होते नजर आए।

5 घंटे Ago
Shankaracharya Avimukteshwaranand Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर लगाई रोक; नार्को टेस्ट की दी चुनौती।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक; बोले- "झूठे मुकदमे से सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश हुई" प्रयागराज/वाराणसी | 27 फरवरी 2026 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को एक बड़ी अंतरिम राहत दी है। न्यायमूर्ति जितेन्द्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यहाँ इस अदालती कार्यवाही, शंकराचार्य के बयान और इस पूरे विवाद की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. हाईकोर्ट की सुनवाई: "जांच में सहयोग करें, गिरफ्तारी नहीं होगी" हाईकोर्ट में गुरुवार को लंबी बहस हुई। शंकराचार्य का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने रखा, जबकि सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए। कोर्ट का आदेश: अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक अग्रिम जमानत पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, पुलिस शंकराचार्य को गिरफ्तार नहीं कर सकती। हालांकि, उन्हें पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई: इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में तय की गई है। शिकायतकर्ता का रुख: आशुतोष महाराज की वकील रीना सिंह ने कोर्ट में मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत बरकरार रखी है। 2. शंकराचार्य का पलटवार: "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं" गिरफ्तारी पर रोक लगने के बाद शंकराचार्य ने काशी में मीडिया से बात की। उनके चेहरे पर संतोष था और उन्होंने इसे धर्म की जीत बताया। बदनाम करने की साजिश: शंकराचार्य ने कहा, "शंकराचार्य जैसी सर्वोच्च संस्था को कीचड़ में घसीटने की कोशिश की गई। पूरे देश का हिंदू समाज आशंकित था कि उनके गुरु ने क्या किया है। लेकिन यह मुकदमा पूरी तरह झूठ की बुनियाद पर खड़ा है।" बटुकों पर दावा: उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बच्चों (बटुकों) के शोषण का दावा किया जा रहा है, वे कभी उनके आश्रम में रहे ही नहीं। नार्को टेस्ट की चुनौती: शंकराचार्य ने कहा कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने मांग की कि सच सामने लाने के लिए उनका नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि साजिशकर्ताओं के चेहरे बेनकाब हों। 📊 केस की टाइमलाइन: विवाद की शुरुआत से हाईकोर्ट तक तारीख घटनाक्रम 18 जनवरी 2026 प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। 24 जनवरी 2026 आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से बच्चों के यौन शोषण की शिकायत की। 8 फरवरी 2026 पुलिस कार्रवाई न होने पर पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 21 फरवरी 2026 पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में FIR दर्ज हुई। 24 फरवरी 2026 शंकराचार्य ने पुलिस अधिकारियों पर साजिश का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। 26 फरवरी 2026 मेडिकल रिपोर्ट में कुकर्म की पुष्टि होने का पुलिसिया दावा सामने आया। 27 फरवरी 2026 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई। 3. साजिश और धमकियों का दौर इस हाई-प्रोफाइल मामले में केवल आरोप-प्रत्यारोप ही नहीं, बल्कि जानलेवा धमकियां भी शामिल हो गई हैं: वकील को धमकी: शंकराचार्य के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने 20 घंटे के भीतर आरोपी अजीत कुमार सरोज को गिरफ्तार कर लिया। वह कानून का छात्र है। उसने कबूल किया कि उसने अपने पड़ोसी को फंसाने के लिए वकील को धमकी भरा मैसेज भेजा था। 4. क्या है 'कुकर्म' का पूरा मामला? शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी (जो जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं) का आरोप है कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान आश्रम में रहने वाले बच्चों का यौन शोषण किया गया। पीड़ित का दावा: 'आज तक' को दिए साक्षात्कार में एक पीड़ित बटुक ने कहा कि वह पढ़ाई के लिए आश्रम गया था, लेकिन वहां उसका शोषण हुआ। मेडिकल रिपोर्ट: पुलिस सूत्रों का कहना है कि बच्चों के मेडिकल परीक्षण में 'पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट' की पुष्टि हुई है। हालांकि, बचाव पक्ष इसे फर्जी बता रहा है। 5. विद्यामठ में जश्न और रंगभरी एकादशी हाईकोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी स्थित शंकराचार्य के विद्यामठ में दिवाली जैसा माहौल दिखा। शिष्यों ने "धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो" के नारे लगाए। मठ में रंगभरी एकादशी और होली की तैयारियां और तेज हो गई हैं। अनुयायियों का मानना है कि यह शंकराचार्य को फंसाने की राजनीतिक और धार्मिक साजिश है।

5 घंटे Ago
'यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं'
उत्तर प्रदेश
Saharanpur News: दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हिंदू रक्षा दल की भड़काऊ करतूत; 'मुसलमानों के लिए सड़क नहीं' लिखने पर विवाद।

सहारनपुर हाईवे पर भड़काऊ करतूत: 'हिंदू रक्षा दल' की महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लिखी नफरत की इबारत; पिंकी चौधरी ने ली जिम्मेदारी सहारनपुर | 27 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (NH-72A) पर हिंदू रक्षा दल की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक संपत्ति पर मुस्लिम विरोधी भड़काऊ नारे लिखने का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। यहाँ इस पूरे मामले, संगठन के विवादित इतिहास और वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. घटना का विवरण: हाईवे पर नफरत का 'स्प्रे' यह शर्मनाक घटना सहारनपुर के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डाट मंदिर और मोहण्ड के पास एलिवेटेड रोड की है। भड़काऊ संदेश: गुरुवार देर शाम दो युवतियां, जिन्होंने गले में भगवा गमछा डाला हुआ था, हाईवे किनारे सीमेंटेड ब्लॉक्स और रेलिंग पर स्प्रे पेंट से लिखती नजर आईं। उन्होंने अंग्रेजी में लिखा— "This road is not allowed for Muslims" और हिंदी में लिखा— "यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है।" वीडियो और नारेबाजी: संदेश लिखने के बाद युवतियों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। इस पूरी घटना का एक युवक वीडियो बना रहा था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पहचान का सुराग: वीडियो के अंत में उत्तराखंड नंबर की एक लाल रंग की स्विफ्ट कार दिखाई दे रही है, जिसका इस्तेमाल आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद वहां से भागने के लिए कर रहे थे। 2. पिंकी चौधरी का बयान: "हां, हमने ही लिखा है" हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी ने इस कृत्य की जिम्मेदारी लेते हुए एक विवादित बयान दिया है। तर्क: पिंकी चौधरी ने दावा किया कि यह उनकी महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य है। उन्होंने तर्क दिया कि "जब मुसलमान सड़क पर चलने का टैक्स नहीं देते, तो वे सड़क पर क्यों चलते हैं?" संगठन के इस खुले समर्थन ने पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना और भी आसान बना दिया है, हालांकि यह सामाजिक तनाव को बढ़ावा देने वाला बयान माना जा रहा है। 3. हिंदू रक्षा दल: विवादों और गिरफ्तारियों का लंबा इतिहास यह संगठन और इसके अध्यक्ष पिंकी चौधरी लंबे समय से विवादों के केंद्र में रहे हैं। इनका कार्य करने का तरीका अक्सर कानून की सीमाओं को पार करता रहा है: घटना की अवधि स्थान विवरण सितंबर 2025 गाजियाबाद "सुरक्षा" के नाम पर घरों में तलवारें और फरसे बांटे। पिंकी चौधरी और उनके बेटे को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2024 गाजियाबाद झुग्गी बस्ती में रहने वालों को "बांग्लादेशी" बताकर मारपीट की और तोड़फोड़ की। पुलिस ने जेल भेजा था। मई 2024 देहरादून कश्मीरी मुसलमानों को शहर से बाहर निकालने की धमकी दी और "इलाज" करने की बात कही। अगस्त 2021 जंतर-मंतर, दिल्ली मुस्लिम विरोधी नारेबाजी और भड़काऊ भाषण के आरोप में पिंकी चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। 4. पुलिस की कार्रवाई और कानूनी स्थिति सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया है: जांच शुरू: बिहारीगढ़ पुलिस ने वीडियो फुटेज और कार के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। धाराएं: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने (Hate Speech) की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। अलर्ट: सहारनपुर बॉर्डर और हाईवे पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दिया जा सके। 5. सामाजिक और कानूनी प्रभाव हाईवे जैसी सार्वजनिक संपत्तियां देश के प्रत्येक नागरिक के लिए समान रूप से उपलब्ध हैं। संविधान के अनुच्छेद 15 और 19 के तहत धर्म के आधार पर सार्वजनिक स्थानों के उपयोग पर रोक लगाना गैर-कानूनी है। हिंदू रक्षा दल की यह करतूत न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह दिल्ली-देहरादून जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती है।

रवि चौहान फ़रवरी 27, 2026 0
Photo:PIXABAY
Festive Shopping 2025: भारतीय उपभोक्ता बदलते अंदाज़ में कर रहे खरीदारी

नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।

जैसलमेर में बड़ा हादसा ( फोटो क्रेडिट NDTV )
जैसलमेर में बड़ा हादसाǃ स्लीपर बस में लगी आग‚ दरवाजा नही खुलने से जिंदा जले 21 यात्री

राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया।   🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके   बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा।   💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक   खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।   🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया   जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया।   🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत   पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ।   🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर   हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। 

शेयर मार्केट डाउन
Share Market Closing 26 September 2025: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, सिर्फ कुछ कंपनियों के शेयर बढ़त में

नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।

Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई
Shaheen Malik Case: 16 साल का इंतज़ार, 25 सर्जरी और अंत में आरोपियों की रिहाई; शाहीन मलिक ने कहा- 'सिस्टम ने मुझे तोड़ दिया'

⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।

मां लक्ष्मी
धनतेरस आजǃ भूलकर भी ना खरीदें ये चीज़ें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां लक्ष्मी

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है।    क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी?   शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है।  सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए।  प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है।    अन्य सुझाव व उपाय   धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए।  जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।

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मेहराज और उसकी पत्नी नसीमन
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

अक्टूबर 11, 2025

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