लखनऊ हत्याकांड: नीट (NEET) के दबाव में बेटे ने की पिता की 'तालिबानी' हत्या; आरी से किए शव के टुकड़े, सिर 21 किमी दूर फेंका लखनऊ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में एक ऐसा जघन्य हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह की उनके 21 साल के इकलौते बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या इतनी क्रूर थी कि आरोपी ने पिता के शव को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया और सिर को कार में रखकर शहर से 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। यहाँ इस सनसनीखेज वारदात, हत्या की वजह और पुलिस जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. वारदात का खौफनाक घटनाक्रम यह घटना आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे घर में विवाद शुरू हुआ, जो मौत के तांडव में बदल गया। गोली मारकर हत्या: बहस के दौरान अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उन्हें गोली मार दी। मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। शव के टुकड़े और आरी का इस्तेमाल: हत्या के बाद अक्षत घबराया नहीं, बल्कि उसने बेहद ठंडे दिमाग से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह बाजार से आरी खरीदकर लाया। उसने पिता के शव को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में शिफ्ट किया और वहां शव के टुकड़े किए। सिर और धड़ को अलग किया: आरोपी ने सिर काटकर एक थैले में रखा और अपनी कार से 21 किमी दूर सदरौना (काकोरी) के पास फेंक दिया। बाकी धड़ और अंगों को पॉलीथिन में पैक कर एक नीले ड्रम में भर दिया। साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश: घर में खून की दुर्गंध न फैले, इसके लिए वह लगातार रूम स्प्रे छिड़कता था। बाकी हिस्सों को वह तारपिन के तेल से जलाने की फिराक में था। 2. बहन बनी चश्मदीद: "किसी को बताया तो मार डालूंगा" वारदात के वक्त अक्षत की 17 साल की छोटी बहन कृति (कक्षा 11 की छात्रा) वहीं मौजूद थी। धमकी और बंधक: पिता को मरता देख जब बहन चिल्लाई, तो अक्षत ने उस पर राइफल तान दी। उसने धमकी दी कि "अगर किसी को भी कानो-कान खबर हुई, तो अगला नंबर तुम्हारा होगा।" डर के मारे बहन तीन दिनों तक घर के अंदर कैद रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। 3. हत्या की वजह: करियर का दबाव और 'जनरेशन गैप' पुलिस पूछताछ में जो कारण सामने आया, वह आज के समाज की एक कड़वी सच्चाई है: NEET बनाम बिजनेस: मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा डॉक्टर बने और NEET क्वालीफाई करके MBBS करे। वहीं, बीकॉम कर रहे अक्षत का मन पढ़ाई में नहीं था। होटल खोलने की जिद: अक्षत अपने पिता पर दबाव बना रहा था कि पैथोलॉजी लैब बंद करके वहां एक लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए। उसका मानना था कि इसमें ज्यादा कमाई है। इसी 'करियर क्लैश' ने बेटे को कातिल बना दिया। 📊 वारदात से जुड़ी मुख्य जानकारी विवरण तथ्य मृतक का नाम मानवेंद्र सिंह (पैथोलॉजी लैब मालिक) आरोपी अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष, बेटा) हथियार पिता की लाइसेंसी राइफल और आरी वारदात की तारीख 20 फरवरी 2026 (सुबह 4:30 बजे) खुलासा 23 फरवरी 2026 (गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद) लोकेशन सेक्टर-L, आशियाना, लखनऊ 4. पुलिस को कैसे हुआ शक? वारदात के तीन दिन बाद, सोमवार को अक्षत खुद आशियाना थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने कहानी गढ़ी कि पिता दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और लौटे नहीं। संदिग्ध हाव-भाव: पूछताछ के दौरान अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था और घबरा रहा था। पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन और कार की सफाई पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ: जब पुलिस ने कड़ाई की, तो उसने पहले 'आत्महत्या' की कहानी सुनाई, लेकिन अंत में टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली। 5. पड़ोसी और परिवार: "मेघनाद का रोल करता था अक्षत" पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह बहुत मिलनसार व्यक्ति थे और मोहल्ले की रामलीला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पुराना इतिहास: चार साल पहले भी अक्षत 6 पन्नों का पत्र लिखकर घर से भाग गया था, जिसमें उसने डॉक्टर न बनने की बात लिखी थी। अकेलापन: 9 साल पहले मां की मौत के बाद मानवेंद्र ही बच्चों को पाल रहे थे। उनके भाई यूपी पुलिस में हैं और पिता (आरोपी के दादा) भी रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं। 6. वर्तमान स्थिति: सिर की तलाश जारी देर रात तक फॉरेंसिक टीम और पुलिस घर की जांच करती रही। पुलिस ने ड्रम से धड़ बरामद कर लिया है, लेकिन सिर अब भी गायब है। अक्षत को साथ लेकर पुलिस उन इलाकों में तलाशी ले रही है जहां उसने अवशेष फेंकने का दावा किया है।
मेरठ अग्निकांड: तीन मंजिला मकान में 6 जिंदगियां राख; जुड़वां बच्चियों समेत 5 बच्चों और मां की मौत, पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर निकाले शव मेरठ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार देर रात एक कपड़ा कारोबारी के तीन मंजिला घर में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें 6 महीने की दो जुड़वां बच्चियां और तीन अन्य मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के वक्त घर के पुरुष मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जिससे घर में केवल महिलाएं और बच्चे ही मौजूद थे। यहाँ इस हृदयविदारक घटना, रेस्क्यू ऑपरेशन और पीड़ित परिवार की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव? हादसा किदवई नगर की गली नंबर-1 में स्थित इकबाल अहमद के मकान में हुआ। इकबाल और उनके बेटे कपड़ों का कारोबार करते हैं। ग्राउंड फ्लोर बना था गोदाम: घर के निचले हिस्से (ग्राउंड फ्लोर) में भारी मात्रा में कपड़ों का स्टॉक रखा हुआ था। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच अचानक यहाँ आग लग गई। शॉर्ट सर्किट की आशंका: शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कपड़ों की मौजूदगी के कारण लपटें कुछ ही मिनटों में इतनी विकराल हो गईं कि सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। पुरुषों की अनुपस्थिति: जिस वक्त आग लगी, इकबाल अहमद और उनके चार बेटे पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे, जबकि एक बेटा प्रयागराज में था। घर में 12 लोग (महिलाएं और बच्चे) फंसे रह गए। 2. रेस्क्यू और वो 'घातक' फैसला आग लगते ही मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए बचाव कार्य शुरू किया: फर्स्ट फ्लोर का रेस्क्यू: पड़ोसियों ने सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल (First Floor) की खिड़की से 5 लोगों (तीन महिलाएं और दो बच्चे) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सेकंड फ्लोर पर फंसी मौत: दूसरी मंजिल पर आसिम की पत्नी रुखसार (30) अपने बच्चों के साथ मौजूद थी। जब उसने नीचे आग और धुआं देखा, तो वह बुरी तरह डर गई। बचने के लिए उसने बच्चों समेत खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया। यही फैसला उनके लिए घातक साबित हुआ। दीवार तोड़कर पहुंचे बचावकर्मी: संकरी गलियों के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में देरी हुई। अंततः पड़ोसी की दीवार तोड़कर दमकलकर्मी अंदर पहुंचे, लेकिन तब तक कमरे में मौजूद सभी लोग धुएं और तपिश के कारण दम तोड़ चुके थे। 3. मृतकों का विवरण: मासूमों ने किसी का क्या बिगाड़ा था? मंगलवार सुबह जब एक साथ 6 जनाजे उठे, तो पूरे मेरठ की आंखें नम थीं। हादसे में जान गंवाने वाले सदस्य: नाम आयु / संबंध स्थिति रुखसार 30 वर्ष (आसिम की पत्नी) दम घुटने और जलने से मौत अनाबिया 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित इनायत 6 माह (जुड़वां बेटी) मृत घोषित अकदस 3 वर्ष (बेटा) मृत घोषित महविश 12 वर्ष (भतीजी) मृत घोषित हम्माद 4 वर्ष (भतीजा) मृत घोषित 4. प्रशासन की कार्रवाई और जांच हादसे की सूचना मिलते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी मौके पर पहुंचे। जांच के आदेश: जिलाधिकारी (DM) ने विद्युत विभाग और फायर सेफ्टी के अफसरों को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। संकरी गलियों की चुनौती: एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इलाका बेहद घना है, जिससे फायर टेंडर को अंदर ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। फायर फाइटर्स ने छतों के रास्ते अंदर घुसकर आग पर काबू पाया। गैस लीकेज का एंगल: पुलिस जहाँ शॉर्ट सर्किट को वजह मान रही है, वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि घर में गैस लीकेज की वजह से आग ने इतना विकराल रूप लिया। 5. सिसकते परिजन और अंतिम विदाई मंगलवार सुबह नौचंदी स्थित बाले मियां कब्रिस्तान में सभी 6 मृतकों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। आसिम का विलाप: अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों को खो चुके आसिम की हालत देखकर हर कोई रो पड़ा। रिश्तेदारों ने उसे संभाला, लेकिन उसकी दुनिया उजड़ चुकी थी। दादी की हालत: बच्चों की दादी अमीर बानो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें फिलहाल इस दुखद खबर से दूर रखा गया है कि उनकी बहू और पोते-पोतियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। राजनीतिक संवेदनाएं: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भोपाल में कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल': राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा- "अडाणी और एपस्टीन केस के दबाव में देश का डेटा और किसानों को अमेरिका के हाथों बेचा" भोपाल | 24 फरवरी 2026 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज कांग्रेस की 'किसान महाचौपाल' के दौरान राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने इस समझौते को 'डील' नहीं बल्कि देश के किसानों और डेटा का 'आत्मसमर्पण' करार दिया। यहाँ राहुल गांधी के भाषण, खड़गे के प्रहार और इस महाचौपाल की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. राहुल गांधी का आरोप: "दबाव और धमकी में हुई ट्रेड डील" राहुल गांधी ने भोपाल के मंच से प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि यह समझौता किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और राजनीतिक बचाव के लिए किया गया है। अडाणी और एपस्टीन कनेक्शन: राहुल ने दावा किया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहे क्रिमिनल केस और 'एपस्टीन फाइल्स' (Epstein Files) में कुछ नामों के होने के डर से सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। एक तरफ अडाणी का केस है, दूसरी तरफ एपस्टीन की फाइल्स।" डेटा की चोरी: राहुल ने कहा कि 21वीं सदी का सबसे कीमती संसाधन 'डेटा' है। अमेरिका को चीन का मुकाबला करने के लिए भारत के डेटा की जरूरत है और पीएम मोदी ने इस डील की एक छोटी सी स्क्रिप्ट में पूरा डेटा अमेरिका के हवाले कर दिया। किसानों का नुकसान: राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका से सोया, कपास और भुट्टा (कॉर्न) को जीरो टैक्स पर भारत लाने की छूट दी जा रही है, जिससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। 2. खड़गे का कटाक्ष: "नरेंद्र मोदी अब 'सरेंडर मोदी' हैं" कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर कड़े शब्दों में प्रहार किया: नाम बदलने की राजनीति: खड़गे ने कहा, "मोदी जी का काम सिर्फ योजनाओं और रास्तों के नाम बदलना है। चूंकि उनका जन्म कांग्रेस शासनकाल में हुआ था, तो उन्हें अपना नाम भी बदल लेना चाहिए।" कमजोर नेतृत्व: खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने "यस सर" (Yes Sir) कहने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। उन्होंने दावा किया कि भारत जो पहले व्यापार में लाभ कमाता था, अब वह भारी घाटे की ओर बढ़ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: खड़गे ने आरोप लगाया कि ट्रंप के कहने पर मोदी जी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' रोककर बड़ी गलती की और देश के स्वाभिमान से समझौता किया। 3. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे और चीनी घुसपैठ का मुद्दा राहुल गांधी ने संसद में खुद को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का जिक्र किया। अकेला छोड़ा गया: राहुल ने कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब रक्षा मंत्री, एनएसए और विदेश मंत्री ने हाथ खड़े कर दिए थे। नरवणे ने लिखा है कि सरकार ने उस वक्त सेना को अकेला छोड़ दिया था। संसद में सेंसरशिप: राहुल ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने यह मुद्दा लोकसभा में उठाना चाहा, तो अमित शाह और पीएम मोदी के इशारे पर उन्हें बोलने नहीं दिया गया। 📊 ट्रेड डील के खिलाफ कांग्रेस के 5 प्रमुख तर्क मुद्दा कांग्रेस का दावा / आरोप प्रक्रिया बिना कैबिनेट और मंत्रियों (नितिन गडकरी, शिवराज सिंह) से पूछे डील फाइनल की गई। टैक्स भारत को अमेरिका से आने वाले माल पर टैक्स कम करना होगा, जबकि भारत को कोई विशेष छूट नहीं मिली। इंडस्ट्री कपास और टेक्सटाइल सेक्टर बर्बाद हो जाएगा क्योंकि सस्ता अमेरिकी कपास बाजार में भर जाएगा। डेटा सुरक्षा भारत का विशाल डेटा अमेरिका के तकनीकी दिग्गजों को सौंप दिया गया है। दबाव अडाणी पर अमेरिकी कार्रवाई रोकने के बदले यह 'देश बेचने' की डील की गई। 4. बीजेपी का पलटवार: "राहुल का बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में" मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और सीएम डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राष्ट्रद्रोह: विश्वास सारंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि खराब करना राहुल की आदत है। उनके बयान राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आते हैं। कृषि ज्ञान पर सवाल: सीएम मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह भी नहीं पता कि रबी और खरीफ की फसलें क्या होती हैं। कांग्रेस ने दशकों तक किसानों के साथ अन्याय किया है। 5. महाचौपाल की झलकियां: हल भेंट और धक्का-मुक्की हल भेंट: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने राहुल और खड़गे को 'हल' भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं का जोश: भारी भीड़ के कारण पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बिजली के खंभों और रेलिंग पर चढ़कर झंडे लहराते नजर आए। घायल कार्यकर्ता: राहुल गांधी ने मंच पर एक कार्यकर्ता से मुलाकात की जिसे पुलिसिया कार्रवाई के दौरान चोटें आई थीं।
मेक्सिको में 'ड्रग वॉर' का सबसे खौफनाक अध्याय: सबसे बड़ा सरगना 'एल मेंचो' ढेर; सेना के ऑपरेशन के बाद जल उठा देश, भारतीय दूतावास की एडवाइजरी मेक्सिको सिटी | 23 फरवरी 2026 मेक्सिको की सेना ने रविवार को एक ऐतिहासिक और साहसी सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) के सरगना नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंट्स, जिसे दुनिया 'एल मेंचो' के नाम से जानती है, को मार गिराया है। इस कार्रवाई के बाद पूरा मेक्सिको हिंसा की आग में झुलस रहा है। मेंचो के समर्थकों ने शहरों को बंधक बना लिया है, हाईवे जाम कर दिए हैं और दर्जनों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है। यहाँ इस सैन्य ऑपरेशन, एल मेंचो के साम्राज्य और मेक्सिको में बिगड़ते हालातों का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. ऑपरेशन 'एल मेंचो': घायल होने के बाद हुई मौत मेक्सिको सेना ने खुफिया जानकारी के आधार पर तलपला शहर में रविवार को धावा बोला। मुठभेड़: सेना और कार्टेल के गुर्गों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस ऑपरेशन में एल मेंचो के अलावा उसके 9 करीबी शूटर भी मारे गए। मौत का घटनाक्रम: गोलीबारी के दौरान मेंचो गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। अमेरिकी इनाम: मेंचो पर अमेरिकी सरकार ने 136 करोड़ रुपए ($10 Million) का इनाम रखा था। 2. हिंसा की लपटों में मेक्सिको: सड़कों पर तांडव सरगना की मौत की खबर फैलते ही जलिस्को कार्टेल के गुर्गों ने देश के कई हिस्सों में आतंक मचाना शुरू कर दिया: हाईवे जाम और आगजनी: समर्थकों ने प्रमुख हाईवे को अवरुद्ध कर दिया। ट्रक, बस और निजी कारों को रोककर उनमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। टूरिस्ट शहर निशाने पर: प्यूर्टो वालार्टा और चापाला जैसे पर्यटन स्थलों पर आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया। एयर कनाडा सहित कई विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। सुपरमार्केट और पेट्रोल पंप: भीड़ ने सुपरमार्केट में लूटपाट के बाद आग लगा दी। कई पेट्रोल पंपों पर कब्जा कर उन्हें ब्लास्ट करने की कोशिश की गई। 📊 मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स: एक प्राइवेट सेना विशेषता जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) सिनालोआ कार्टेल (प्रतिद्वंद्वी) सैन्य शक्ति टैंक, ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर्स से लैस। 600 से ज्यादा विमान और हेलिकॉप्टर। नेटवर्क अमेरिका के 50 राज्यों में मौजूदगी। वैश्विक ड्रग तस्करी का गढ़। सालाना कमाई करीब 1 लाख करोड़ रुपए ($12.1 Billion) तस्करी और फिरौती का विशाल नेटवर्क। प्रमुख ड्रग्स फेंटेनाइल, कोकीन और मेथ। हेरोइन और कोकीन। 3. ट्रम्प का दबाव और अमेरिका-मेक्सिको संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से मेक्सिको पर कार्टेल्स के खिलाफ 'युद्ध' छेड़ने का दबाव बना रहे थे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने मेक्सिको को चेतावनी दी थी कि अगर वे एल मेंचो को नहीं पकड़ते, तो अमेरिका अपनी सेना भेज सकता है। उन्होंने कार्टेल्स को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर रखा है। फेंटेनाइल संकट: अमेरिका में हर साल फेंटेनाइल के कारण लाखों लोगों की मौत होती है। ट्रम्प का मानना है कि इन मौतों के लिए मेक्सिकन कार्टेल्स जिम्मेदार हैं। संव्रभुता बनाम सहयोग: मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबॉम ने पहले ट्रम्प के बयानों का विरोध किया था, लेकिन इस सफल सैन्य ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी (DEA) और मेक्सिको के बीच बढ़ा हुआ तालमेल साफ दिखाई दे रहा है। 4. इतिहास की पुनरावृत्ति: क्यों डरा हुआ है मेक्सिको? मेक्सिको का इतिहास गवाह है कि जब भी किसी बड़े सरगना को मारा या पकड़ा गया है, देश में 'गृहयुद्ध' जैसी स्थिति बनी है: अल चापो (2016): सिनालोआ कार्टेल के सरगना की गिरफ्तारी के बाद हफ्तों तक खून-खराबा चला था। ओविदियो गुजमान (2019): जब अल चापो के बेटे को पकड़ा गया, तो उसके गुर्गों ने कुलियाकान शहर को बंधक बना लिया, जिसके बाद सरकार को उसे छोड़ना पड़ा था। वर्तमान खतरा: एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर 'जलिस्को कार्टेल' के अंदर उत्तराधिकार की जंग छिड़ी, तो मेक्सिको की सड़कों पर लाशों का अंबार लग सकता है। 5. भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी मेक्सिको में जारी हिंसा को देखते हुए भारतीय दूतावास ने तत्काल सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं: प्रभावित इलाके: जलिस्को, तमाउलिपास, मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन में रह रहे भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। संपर्क सूत्र: किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक +52-55-4847-7539 पर संपर्क कर सकते हैं या स्थानीय आपातकालीन नंबर 911 डायल कर सकते हैं। सावधानी: अनावश्यक यात्रा से बचें और भीड़भाड़ वाले इलाकों, विशेषकर हाईवे और शॉपिंग सेंटर्स से दूर रहें।
लखनऊ हत्याकांड: नीट (NEET) के दबाव में बेटे ने की पिता की 'तालिबानी' हत्या; आरी से किए शव के टुकड़े, सिर 21 किमी दूर फेंका लखनऊ | 24 फरवरी 2026 उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना में एक ऐसा जघन्य हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। वर्धमान पैथोलॉजी लैब के मालिक मानवेंद्र सिंह की उनके 21 साल के इकलौते बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या इतनी क्रूर थी कि आरोपी ने पिता के शव को आरी से काटकर टुकड़ों में बांट दिया और सिर को कार में रखकर शहर से 21 किलोमीटर दूर फेंक आया। यहाँ इस सनसनीखेज वारदात, हत्या की वजह और पुलिस जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है: 1. वारदात का खौफनाक घटनाक्रम यह घटना आशियाना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर-L की है। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे घर में विवाद शुरू हुआ, जो मौत के तांडव में बदल गया। गोली मारकर हत्या: बहस के दौरान अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उन्हें गोली मार दी। मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। शव के टुकड़े और आरी का इस्तेमाल: हत्या के बाद अक्षत घबराया नहीं, बल्कि उसने बेहद ठंडे दिमाग से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। वह बाजार से आरी खरीदकर लाया। उसने पिता के शव को तीसरे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में शिफ्ट किया और वहां शव के टुकड़े किए। सिर और धड़ को अलग किया: आरोपी ने सिर काटकर एक थैले में रखा और अपनी कार से 21 किमी दूर सदरौना (काकोरी) के पास फेंक दिया। बाकी धड़ और अंगों को पॉलीथिन में पैक कर एक नीले ड्रम में भर दिया। साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश: घर में खून की दुर्गंध न फैले, इसके लिए वह लगातार रूम स्प्रे छिड़कता था। बाकी हिस्सों को वह तारपिन के तेल से जलाने की फिराक में था। 2. बहन बनी चश्मदीद: "किसी को बताया तो मार डालूंगा" वारदात के वक्त अक्षत की 17 साल की छोटी बहन कृति (कक्षा 11 की छात्रा) वहीं मौजूद थी। धमकी और बंधक: पिता को मरता देख जब बहन चिल्लाई, तो अक्षत ने उस पर राइफल तान दी। उसने धमकी दी कि "अगर किसी को भी कानो-कान खबर हुई, तो अगला नंबर तुम्हारा होगा।" डर के मारे बहन तीन दिनों तक घर के अंदर कैद रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। 3. हत्या की वजह: करियर का दबाव और 'जनरेशन गैप' पुलिस पूछताछ में जो कारण सामने आया, वह आज के समाज की एक कड़वी सच्चाई है: NEET बनाम बिजनेस: मानवेंद्र सिंह चाहते थे कि उनका इकलौता बेटा डॉक्टर बने और NEET क्वालीफाई करके MBBS करे। वहीं, बीकॉम कर रहे अक्षत का मन पढ़ाई में नहीं था। होटल खोलने की जिद: अक्षत अपने पिता पर दबाव बना रहा था कि पैथोलॉजी लैब बंद करके वहां एक लॉन या रेस्टोरेंट खोला जाए। उसका मानना था कि इसमें ज्यादा कमाई है। इसी 'करियर क्लैश' ने बेटे को कातिल बना दिया। 📊 वारदात से जुड़ी मुख्य जानकारी विवरण तथ्य मृतक का नाम मानवेंद्र सिंह (पैथोलॉजी लैब मालिक) आरोपी अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष, बेटा) हथियार पिता की लाइसेंसी राइफल और आरी वारदात की तारीख 20 फरवरी 2026 (सुबह 4:30 बजे) खुलासा 23 फरवरी 2026 (गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद) लोकेशन सेक्टर-L, आशियाना, लखनऊ 4. पुलिस को कैसे हुआ शक? वारदात के तीन दिन बाद, सोमवार को अक्षत खुद आशियाना थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने कहानी गढ़ी कि पिता दिल्ली जाने की बात कहकर निकले थे और लौटे नहीं। संदिग्ध हाव-भाव: पूछताछ के दौरान अक्षत बार-बार बयान बदल रहा था और घबरा रहा था। पुलिस को उसके मोबाइल की लोकेशन और कार की सफाई पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ: जब पुलिस ने कड़ाई की, तो उसने पहले 'आत्महत्या' की कहानी सुनाई, लेकिन अंत में टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली। 5. पड़ोसी और परिवार: "मेघनाद का रोल करता था अक्षत" पड़ोसियों के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह बहुत मिलनसार व्यक्ति थे और मोहल्ले की रामलीला में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। पुराना इतिहास: चार साल पहले भी अक्षत 6 पन्नों का पत्र लिखकर घर से भाग गया था, जिसमें उसने डॉक्टर न बनने की बात लिखी थी। अकेलापन: 9 साल पहले मां की मौत के बाद मानवेंद्र ही बच्चों को पाल रहे थे। उनके भाई यूपी पुलिस में हैं और पिता (आरोपी के दादा) भी रिटायर्ड पुलिसकर्मी हैं। 6. वर्तमान स्थिति: सिर की तलाश जारी देर रात तक फॉरेंसिक टीम और पुलिस घर की जांच करती रही। पुलिस ने ड्रम से धड़ बरामद कर लिया है, लेकिन सिर अब भी गायब है। अक्षत को साथ लेकर पुलिस उन इलाकों में तलाशी ले रही है जहां उसने अवशेष फेंकने का दावा किया है।
नई दिल्ली, 2025 – 2025 के त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक पहले जैसी तो है, लेकिन खरीदारी करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। उपभोक्ता अब वैल्यू फॉर मनी, लॉन्ग टर्म यूटिलिटी और फाइनेंशियल प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। चाहे फैशन हो, इलेक्ट्रॉनिक्स या होम डेकोर — हर क्षेत्र में यह ट्रेंड साफ दिख रहा है कि खरीदार अब जागरूक और जिम्मेदार हो गए हैं। खरीदारी पहले से शुरू भारतीय उपभोक्ताओं ने इस बार अपनी खरीदारी साल के पहले ही शुरू कर दी, जो पारंपरिक आखिरी मिनट की खरीदारी से अलग है। रिटेलर्स और ब्रांड्स अब लंबी एंगेजमेंट विंडो देख रहे हैं, जिससे खरीदार आराम से उत्पाद देख, तुलना कर और खरीद सकते हैं। खरीदारी अब सामूहिक अनुभव बन गई है; परिवार के सदस्य चर्चा और निर्णय में शामिल होते हैं। फेस्टिव शॉपिंग में कौन से सेक्टर हैं आगे अपैरल (वस्त्र) लगभग 63% खरीदार नए कपड़े खरीद रहे हैं। एथनिक वियर, समकालीन फ़्यूज़न स्टाइल और हस्तनिर्मित वस्त्र सबसे अधिक पसंद किए जा रहे हैं। ब्यूटी और वेलनेस कुल खरीदारी का 42% हिस्सा ब्यूटी और वेलनेस का है। प्राकृतिक स्किनकेयर, आयुर्वेदिक वेलनेस और प्रीमियम पर्सनल केयर ब्रांड विशेष रूप से लोकप्रिय। होम डेकोर लगभग 40% खरीदार घर में त्योहारी माहौल बनाने के लिए होम डेकोर पर फोकस कर रहे हैं। मोबाइल और ऑनलाइन शॉपिंग का बढ़ता रुझान 43% उपभोक्ता साप्ताहिक रूप से मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं। 64% खरीदार पूरी त्योहारी खरीदारी ऑनलाइन करते हैं, भौतिक दुकानों से बचते हैं। AI का इस्तेमाल और पर्सनलाइजेशन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उपभोक्ताओं को व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव दे रहा है। ब्रांड्स खरीदारों को उनकी प्राथमिकताओं, ब्राउज़िंग इतिहास और ट्रेंड्स के आधार पर अनुकूलित सुझाव दे रहे हैं। पारंपरिक ब्राउज़िंग अब आकर्षक और सहज यात्रा में बदल चुकी है। परंपरा और इनोवेशन का संगम भारतीय त्योहारी खरीदारी अब सिर्फ वस्तुओं तक सीमित नहीं; यह अनुभव, जुड़ाव और सांस्कृतिक पहचान का माध्यम बन गई है। आधुनिकता और परंपरा का संतुलित मिश्रण उपभोक्ताओं को भावनात्मक रूप से जुड़ने और खरीदारी का आनंद लेने की प्रेरणा देता है।
राजस्थान। Jaisalmer से Jodhpur जा रही एक प्राइवेट बस में मंगलवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में 21 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। मरने वालों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हादसा Jaisalmer–Jodhpur Highway पर हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस मोडिफाइड थी और उसकी बॉडी में एक्स्ट्रा क्लोथिंग व फाइबर लगाए गए थे, जो अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री है। यही कारण था कि आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई और यात्रियों को भागने का मौका तक नहीं मिल पाया। 🔥 दरवाजे नहीं खुले, कई यात्री बाहर नहीं निकल सके बस में कोई अतिरिक्त दरवाजा नहीं था। आग लगने के बाद दरवाजा नहीं खुला और यात्री अंदर फंस गए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की और अपनी जान बचाई। बाद में राहतकर्मियों ने जेसीबी की मदद से बस का दरवाजा तोड़ा। 💥 डिग्गी में पटाखे रखे होने का शक खबरों के मुताबिक बस की डिग्गी में पटाखे रखे होने की आशंका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस में आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। 🏥 ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीजों को जोधपुर भेजा गया जैसलमेर में बर्न आईसीयू न होने के कारण घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर रेफर किया गया। 16 गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को इलाज के लिए जोधपुर भेजा गया। स्थानीय लोगों, सेना के जवानों और राहतकर्मियों ने मिलकर बचाव कार्य किया। 🕯️ 21 यात्रियों की दर्दनाक मौत पोकरण से भाजपा विधायक प्रताप पुरी ने बताया कि हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और एक यात्री ने जोधपुर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह हादसा बस के रवाना होने के लगभग 10 मिनट बाद ही हुआ। 🚒 सीएम पहुंचे घटनास्थल पर हादसे की जानकारी मिलते ही Bhajanlal Sharma मंगलवार रात ही जैसलमेर पहुंचे। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और चिकित्सा सुविधाओं के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया। बस अग्निकांड हादसे में सरकार ने एक्शन लिया है। हादसे का शिकार हुई बस की बॉडी को चित्तौड़गढ़ में परिवहन विभाग ने अप्रूव किया था। बस बॉडी को अप्रूव करने वाले चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को सस्पेंड कर दिया है। इधर, मंगलवार देर रात पहली FIR दर्ज हुई। हादसे का शिकार हुए पत्रकार राजेंद्र चौहान के भाई ने बस मालिक और ड्राइवर के खिलाफ जैसलमेर के सदर थाने में केस दर्ज कराया। इधर अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 हो गई है। हादसे में झुलसे 10 साल के यूनुस ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महात्मा गांधी हॉस्पिटल के अनुसार 4 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
नई दिल्ली, 26 सितंबर 2025 – भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ कारोबार बंद किया। हफ्ते के आखिरी दिन बीएसई सेंसेक्स 733.22 अंकों (0.90%) की गिरावट के साथ 80,426.46 अंक पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी 50 भी 236.15 अंकों (0.95%) की गिरावट के साथ 24,654.70 अंक पर बंद हुआ। बाजार पर दबाव का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 अक्टूबर, 2025 से ब्रांडेड और पेटेंट दवाओं के इंपोर्ट पर 100% तक के टैरिफ की घोषणा की है। इसके असर से आज फार्मा सेक्टर सहित कई अन्य सेक्टर्स में बिकवाली हुई और बाजार में भारी दबाव देखा गया। सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ 4 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी 25 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में रहे। निफ्टी 50 में भी सिर्फ 6 कंपनियों के शेयर बढ़त में, जबकि 44 कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। आज सेंसेक्स में एलएंडटी का शेयर सबसे अधिक 2.38% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर सबसे ज्यादा 3.62% गिरा। पॉजिटिव मूव के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर टाटा मोटर्स: 1.32% बढ़त आईटीसी: 1.21% बढ़त रिलायंस इंडस्ट्रीज: 0.39% बढ़त गिरावट के साथ बंद हुए प्रमुख शेयर एटरनल: 3.39% गिरावट टाटा स्टील: 2.81% गिरावट बजाज फाइनेंस: 2.75% गिरावट एशियन पेंट्स: 2.62% गिरावट सनफार्मा: 2.55% गिरावट टेक महिंद्रा: 2.51% गिरावट इंफोसिस: 2.43% गिरावट टीसीएस: 2.04% गिरावट एचसीएल टेक: 2.00% गिरावट बीईएल: 1.87% गिरावट और अन्य प्रमुख शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। निष्कर्ष आज के कारोबार में वैश्विक और घरेलू घटनाओं ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाला। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ का असर और त्योहारी सीजन की खरीदारी के बीच निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू नीति निर्णयों पर निर्भर करेगी।
⚖️ 'न्याय व्यवस्था ने मुझे मार दिया': एसिड अटैक पीड़िता शाहीन मलिक की 16 साल लंबी जंग और सिस्टम की हार 1. 🥀 एक पल में राख हो गई दुनिया: 2009 का वो काला दिन 2009 में शाहीन मलिक महज़ 26 साल की थीं। वे दिल्ली के एक रूढ़िवादी परिवार की बंदिशों को तोड़कर हरियाणा के पानीपत पहुंची थीं। वहां वे एमबीए कर रही थीं और एक कॉलेज में स्टूडेंट काउंसलर के रूप में काम कर रही थीं। उनके सपने बड़े थे, लेकिन उनके सहकर्मियों की ईर्ष्या ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। ऑफिस के बाहर उन पर तेजाब फेंका गया। शाहीन को आज भी उस लिक्विड का रंग याद है—उन्हें लगा शायद कोई मज़ाक है, लेकिन कुछ ही पलों में उठने वाली असहनीय जलन ने उनके चेहरे, आंखों और भविष्य को झुलसा दिया। 2. 🏥 25 सर्जरी और एक आंख की रोशनी: दर्द का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला हमले के बाद शाहीन की पूरी उम्र अस्पतालों और सर्जरी के नाम हो गई। चेहरे को दोबारा जोड़ने की कोशिश में उन्होंने 25 से ज्यादा बड़ी सर्जरी करवाईं। उनकी एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। लेकिन इस शारीरिक दर्द से ज्यादा उन्हें जो शक्ति दे रही थी, वह थी न्याय की उम्मीद। शाहीन का मानना था कि भले ही उनका चेहरा बदल गया हो, लेकिन जिस दिन कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगा, उस दिन वे फिर से जी उठेंगी। 3. 🏛️ रोहिणी कोर्ट का झटका: 16 साल बाद आरोपी बरी बुधवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट (अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जगमोहन सिंह) ने 2009 के इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों—यशविंदर, बाला और मनदीप मान को 'सबूतों के अभाव' में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि घटना दुखद है, लेकिन साजिश रचने के ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। इस फैसले ने शाहीन को तोड़ दिया। 42 साल की शाहीन ने सिसकते हुए कहा, "मैं हार गई, इसलिए नहीं कि मुझ पर हमला हुआ, बल्कि इसलिए कि सिस्टम न्याय नहीं दे सका।" 4. 🕯️ दूसरों की रोशनी बनीं शाहीन: 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' शाहीन ने अपने दर्द को अपनी ताकत बनाया। 2021 में उन्होंने 'ब्रेव सोल्स फाउंडेशन' की शुरुआत की और ‘अपना घर’ नाम का शेल्टर होम बनाया। इसके जरिए उन्होंने 300 से ज्यादा एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद की। उन्हें मुआवजा दिलाया, उनकी सर्जरी कराई और उन्हें जीना सिखाया। लेकिन आज वही सर्वाइवर्स उनसे पूछ रही हैं—"दीदी, अगर आपको 16 साल बाद भी न्याय नहीं मिला, तो हमारी क्या उम्मीद है?" शाहीन के पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है। 5. ✊ हिम्मत अभी बाकी है: हाई कोर्ट में अपील की तैयारी शाहीन कहती हैं कि जो लोग इस दर्द को कभी नहीं झेलते, वे फाइलों के आधार पर हमारे जीवन का फैसला कर देते हैं। न्याय व्यवस्था की इस संवेदनहीनता के बावजूद, शाहीन ने हार नहीं मानी है। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस फैसले के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील करेंगी। वह टूटे हुए दिल के साथ एक बार फिर से 'सच' और 'सिस्टम' के बीच की जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 — दिवाली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन होती है। इस दिन शुभता, समृद्धि और मां लक्ष्मी की कृपा की कामना की जाती है। आमतौर पर धनतेरस पर कई वस्तुएँ खरीदी जाती हैं — जैसे कि कौड़ी, कमलगट्टा, धनिया, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, सोना-चांदी, और झाड़ू। लेकिन इस वर्ष का दिन विशेष राजनीति ग्रहों के संयोग के कारण कुछ वस्तुओं की खरीदारी को अनुकूल नहीं माना गया है। क्यों न करें आज झाड़ू और सरसों का तेल की खरीदारी? शनिवार का दिन इस वर्ष धनतेरस का दिन शनिवार को है। ज्योतिषीय मतानुसार शनिवार को झाड़ू खरीदना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसे देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। यदि इसे ऐसे दिन खरीदा जाए, तो कहा जाता है कि लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित हो सकती है। सरसों का तेल सरसों का तेल शनि ( शनिदेव ) का प्रतीक माना जाता है। इस दिन इसे खरीदने का दृष्टिकोण नकारात्मक माना गया है — इसके बजाय कहा गया है कि यदि तेल की आवश्यकता हो, तो दान किया जाए। प्रदोष व्रत का महत्व इस दिन के साथ शनि प्रदोष व्रत भी है। इस दिन शाम को शनिदेव को दीप अर्पित करना शुभ माना गया है। साथ ही, महादेव की पूजा अर्चना करते समय काले तिल अर्पित करने से शनिदोष कम होता है। अन्य सुझाव व उपाय धनतेरस की खरीदारी को 午दोपहर 12:18 बजे से शुरू मानते हुए 19 अक्टूबर की दोपहर 1:51 बजे तक खरीदी करना उपयुक्त माना गया है। लेकिन इस अवधि में भी झाड़ू और सरसों का तेल खरीदने से बचना चाहिए। जिन लोगों पर शनिदोष हो, वे इस दिन विशेष पूजा करें। यदि आज स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो या कर्ज का बोझ हो, तो इस व्रत से लाभ मिलने की मान्यता है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”