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पूर्व CM येदियुरप्पा पर POCSO केस: नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप, 2 दिसंबर को कोर्ट में पेशी; CID ने 750 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

रवि चौहान दिसम्बर 1, 2025 0
पूर्व CM येदियुरप्पा पर POCSO के
पूर्व CM येदियुरप्पा पर POCSO के

कर्नाटक POCSO विवाद: क्या 82 वर्षीय पूर्व CM बीएस येदियुरप्पा जेल जाएँगे? – नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप, 750 पन्नों की CID चार्जशीट और राजनीतिक षड्यंत्र का बड़ा सवाल 

 

कर्नाटक की राजनीति में भूचाल ला देने वाला पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ यौन शोषण का हाई-प्रोफाइल मामला अब निर्णायक मोड़ पर आ चुका है। 17 वर्षीय रेप विक्टिम लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में येदियुरप्पा के खिलाफ POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच कर रही कर्नाटक CID ने 82 वर्षीय दिग्गज नेता समेत 4 आरोपियों के खिलाफ 750 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें यौन उत्पीड़न, सबूत नष्ट करने और मामला दबाने के गंभीर आरोप शामिल हैं।

यह मामला तब और अधिक भावनात्मक हो गया जब मुख्य शिकायतकर्ता और विक्टिम की मां की 26 मई 2024 को लंग कैंसर के इलाज के दौरान मौत हो गई। अब विक्टिम का 26 वर्षीय भाई अपनी नाबालिग बहन को न्याय दिलाने के लिए यह लड़ाई लड़ रहा है।

बीते 13 नवंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने येदियुरप्पा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे POCSO मामले को रद्द करने की मांग की थी। अब, 2 दिसंबर को बेंगलुरु कोर्ट ने येदियुरप्पा समेत सभी चारों आरोपियों को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। इस आदेश ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कर्नाटक के राजनीतिक इतिहास के सबसे बड़े दिग्गजों में से एक, 82 साल के येदियुरप्पा अब जेल जाएँगे?

यह विस्तृत आलेख विक्टिम की मां द्वारा लगाए गए सनसनीखेज आरोप और उनकी मौत, CID की 750 पन्नों की चार्जशीट में लगे आरोपों (छेड़छाड़, सबूत नष्ट करना), 2 फरवरी 2024 को येदियुरप्पा के आवास पर हुई घटना का विवरण, सीक्रेट वीडियो, CCTV फुटेज और ₹35,000 नकद जैसे सबूतों का विश्लेषण, हाईकोर्ट के याचिका खारिज करने का कानूनी निहितार्थ, POCSO मामले में येदियुरप्पा की अब तक गिरफ्तारी न होने (हैबिचुअल कंप्लेनर का तर्क और कोर्ट की टिप्पणी), और इस केस पर कांग्रेस तथा भाजपा के राजनीतिक रुख का 5000 शब्दों में गहन मूल्यांकन प्रस्तुत करता है।


 

1. 🩸 घटनाक्रम और आरोप: रेप विक्टिम को न्याय दिलाने पहुँची माँ-बेटी के साथ क्या हुआ?

 

POCSO मामले की शुरुआत 14 मार्च 2024 को हुई, जब विक्टिम की मां ने पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई।

 

1.1. 2 फरवरी 2024: येदियुरप्पा के आवास पर घटना

 

CID की चार्जशीट के अनुसार, घटना इस प्रकार हुई:

  • समय और स्थान: 2 फरवरी 2024 को सुबह 11:25 बजे, 17 साल की विक्टिम अपनी मां के साथ बेंगलुरु के डॉलर कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास पर पहुँची।

  • उद्देश्य: माँ-बेटी एक पूर्व रेप केस में इंसाफ की आस लिए येदियुरप्पा से मदद मांगने गई थीं।

  • पहला संवाद: विक्टिम की मां ने पहले बच्ची के साथ हुई घटना के बारे में बताया।

  • छेड़छाड़ का आरोप: इसके बाद पूर्व सीएम बच्ची को एक अलग कमरे में ले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। कमरे में उन्होंने विक्टिम से उसके यौन शोषण करने वालों के चेहरे याद हैं या नहीं, यह पूछा। CID का आरोप है कि इस दौरान येदियुरप्पा ने विक्टिम से छेड़छाड़ करने की कोशिश की।

  • विक्टिम की प्रतिक्रिया: डरी हुई बच्ची ने हाथ छुड़ाया और दरवाजा खोलने को कहा।

  • पैसे और इनकार: बच्ची की बात सुनकर येदियुरप्पा ने दरवाजा खोला, जेब से कुछ रुपए निकालकर उसके हाथ में रख दिए, और कहा कि वे इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकते। उन्होंने विक्टिम की मां को भी कुछ पैसे दिए।

 

1.2. मां का सनसनीखेज बयान

 

शिकायत दर्ज कराते समय विक्टिम की मां ने स्पष्ट आरोप लगाया था:

  • विश्वासघात: "मैं बीएस येदियुरप्पा को अच्छा इंसान मानती थी, लेकिन उन्होंने मेरी बच्ची के साथ गलत किया।"

  • डर और न्याय की मांग: "बेटी किसी तरह उनसे पीछा छुड़ाकर मेरे पास आई। वो डर से कांप रही थी। मैं चाहती हूँ कि येदियुरप्पा और इस हरकत में उनका साथ देने वाले लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।"

 

1.3. वीडियो और सबूत नष्ट करने का प्रयास

 

  • वीडियो अपलोड: इस घटना के बाद 20 फरवरी को महिला ने घटना से जुड़ा एक वीडियो फेसबुक पेज पर अपलोड कर दिया।

  • सहयोगियों का दबाव: CID को दिए बयान में विक्टिम की मां ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद येदियुरप्पा के सहयोगी अरुण वाइएम, रुद्रेश और मरीस्वामी उसके घर आए थे।

  • सबूत नष्ट करना: महिला ने बताया कि अरुण ने उससे फेसबुक और फोन से वीडियो डिलीट करने को कहा। तीनों ने बड़ी रकम की पेशकश की और दबाव डाला कि महिला किसी भी तरीके से वीडियो डिलीट कर दे।

  • चार्जशीट का आरोप: 750 पेज की चार्जशीट में साफ लिखा गया है कि तीनों आरोपी महिला और उसकी बच्ची को फिर से येदियुरप्पा के पास ले जाना चाहते थे, जो यौन उत्पीड़न के आरोपों को दबाने का प्रयास था।


 

2. 💔 शिकायतकर्ता की मौत और बेटे की लड़ाई

 

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने 26 मई 2024 को एक मार्मिक मोड़ लिया जब मुख्य शिकायतकर्ता की मौत हो गई।

 

2.1. मां का निधन

 

  • मृत्यु का कारण: विक्टिम की मां की लंग कैंसर के ट्रीटमेंट के दौरान मौत हो गई।

  • कानूनी स्थिति: शिकायतकर्ता की मौत के बावजूद, POCSO जैसे आपराधिक मामले में केस चलता रहता है, और विक्टिम तथा अन्य गवाहों के बयान पर कार्रवाई जारी रहती है।

 

2.2. न्याय की लड़ाई

 

  • शिकायतकर्ता 2: अब विक्टिम का 26 साल का बेटा (यानी विक्टिम का भाई) यह केस लड़ रहा है। वह हाईकोर्ट का रुख कर चुका है और CID ​​को पूरा सहयोग दे रहा है।

  • डिजिटल सबूत: विक्टिम के भाई ने जांच एजेंसी को मामले से जुड़े CCTV फुटेज, फोन का मेमोरी कार्ड, हार्ड डिस्क जैसी सभी डिजिटल सामग्री इकट्ठा करके सौंपी है।

  • सोशल मीडिया पर अपील: उसने need4justice नाम का एक सोशल मीडिया पेज बनाया है और CM सिद्धारमैया तथा डिप्टी CM डीके शिवकुमार से अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए अच्छे सीनियर एडवोकेट हायर करने की गुजारिश की है।


 

3. 📝 CID चार्जशीट: सबूत और आरोप

 

कर्नाटक कांग्रेस सरकार ने इस हाईप्रोफाइल केस की जांच CID को सौंपी, जिसने कड़ी मेहनत के बाद 750 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।

 

3.1. चार्जशीट के मुख्य साक्ष्य

 

CID के सीनियर अफसर ने जांच में जुटाए गए महत्वपूर्ण सबूतों का खुलासा किया है:

  • वीडियो साक्ष्य: विक्टिम के रिकॉर्डेड सीक्रेट वीडियो और येदियुरप्पा के घर के पास के CCTV फुटेज

  • डिजिटल फोरेंसिक: सभी डिजिटल-फोरेंसिक रिकॉर्ड।

  • बरामद सामग्री: विक्टिम और उसकी मां को आरोपियों की तरफ से दिए गए ₹35,000 नकद, एक कैश बैग और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, जो सबूत नष्ट करने के प्रयास को साबित करते हैं।

  • दो और वीडियो: CID को दो और वीडियो मिले, जिन्हें विक्टिम ने खुद बनाया था। पहले वीडियो में मां येदियुरप्पा को 'अप्पा जी' कह रही हैं और शिमोगा से आने तथा संपत्ति केस में मदद की गुहार लगा रही हैं। दूसरे वीडियो में महिला घर में घुसती दिख रही है और येदियुरप्पा के बगल में बैठकर उनका हाथ पकड़े हुए नजर आ रही है। CID ने इन वीडियोज को सबूत के तौर पर शामिल किया है।

 

3.2. आरोपियों पर लगाई गईं धाराएं

 

CID ने येदियुरप्पा समेत चारों आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया है:

  • POCSO की धारा (यौन उत्पीड़न)

  • IPC की धारा 204: सबूतों को नष्ट करवाना।

  • IPC की धारा 214: अपराध की जांच के लिए उपहार या संपत्ति की पेशकश।

  • आपराधिक साजिश से जुड़ी अन्य धाराएं।


 

4. 🏛️ कानूनी स्थिति और येदियुरप्पा का भविष्य

 

2 दिसंबर को बेंगलुरु कोर्ट के समक्ष येदियुरप्पा की पेशी का आदेश, उनके कानूनी भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

 

4.1. हाईकोर्ट से झटका

 

  • याचिका खारिज: 13 नवंबर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने येदियुरप्पा की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने POCSO मामले को रद्द करने की मांग की थी।

  • सरकारी वकील की दलील: सरकारी वकील प्रोफेसर रविवर्मा कुमार ने दलील दी कि CID की जांच और विक्टिम की बातों को गंभीरता से सुना गया है, और अदालत का आदेश तर्कसंगत और न्यायिक लिहाज से सही है, इसलिए इसे रद्द करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

 

4.2. 2 दिसंबर की पेशी

 

  • कोर्ट का आदेश: बेंगलुरु कोर्ट ने येदियुरप्पा समेत चारों आरोपियों को 2 दिसंबर को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

  • गिरफ्तारी का खतरा: चूंकि POCSO एक गैर-जमानती अपराध है, इसलिए यदि कोर्ट येदियुरप्पा की गिरफ्तारी पर लगी अस्थायी रोक हटाता है या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश देता है, तो 82 साल के येदियुरप्पा को जेल जाना पड़ सकता है।


 

5. 🤔 विवाद और खामियां: क्यों नहीं हुई अब तक गिरफ्तारी?

 

कर्नाटक के सीनियर जर्नलिस्ट डॉ. बसवराज इटनाल इस केस की शुरुआत से ही कई खामियां बता रहे हैं, जो येदियुरप्पा के मजबूत पक्ष को दर्शाती हैं।

 

5.1. हैबिचुअल कंप्लेनर का मुद्दा

 

  • अनेक शिकायतें: पुलिस ने खुलासा किया था कि पीड़ित की मां 'हैबिचुअल कंप्लेनर' थी। उसने पहले भी बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार समेत 50 लोगों के खिलाफ ऐसी ही शिकायतें दर्ज करवाई थीं।

  • राजनीतिक आरोप: महिला ने 18 जनवरी, 2022 को BJP नेता भास्कर राव पर भी साजिश रचने का आरोप लगाया था।

  • निष्पक्ष जांच की जरूरत: डॉ. बसवराज का मानना है कि ऐसे में महिला के बयानों और सबूतों की सख्त जांच होनी चाहिए थी ताकि मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।

 

5.2. POCSO के बावजूद गिरफ्तारी पर रोक

 

  • कोर्ट का रुख: डॉ. बसवराज का दूसरा पॉइंट यह है कि POCSO एक गैर-जमानती अपराध है, लेकिन हाईकोर्ट ने येदियुरप्पा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

  • न्यायिक टिप्पणी: हाईकोर्ट ने साफतौर पर कहा कि "एक 80 साल का बुजुर्ग, जो राज्य का बड़ा सामाजिक चेहरा है, उन पर जल्दबाजी में किसी भी तरह सख्त कार्रवाई करना ठीक नहीं है।"

  • सबूतों की कमी?: यह कोर्ट का रुख यह संकेत देता है कि शायद पुलिस को अभी तक वो ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जिससे BJP नेता का अपराध बिना किसी संदेह के साबित हो सके।


 

6. 🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: कांग्रेस बनाम भाजपा

 

यह केस कर्नाटक और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बना हुआ है।

 

6.1. कांग्रेस का हमला

 

  • नेशनल स्पोक्सपर्सन वैभव शुक्ला: उन्होंने कहा कि किसी मुख्यमंत्री के खिलाफ POCSO का मामला आना मामूली बात नहीं है। उन्होंने BJP पर गंभीर अपराधों में शामिल नेताओं को बचाने का आरोप लगाया, उदाहरण के तौर पर ब्रजभूषण शरण सिंह और कुलदीप सिंह सेंगर का नाम लिया।

  • 'बेटी-बचाओ' पर सवाल: शुक्ला ने कहा कि कर्नाटक BJP की चुप्पी यह बताती है कि वह अपनी 'बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की नीति पर खुद यकीन नहीं रखती।

 

6.2. भाजपा का बचाव और राजनीतिक षड्यंत्र का दावा

 

  • बीवाई विजयेंद्र (कर्नाटक BJP अध्यक्ष): येदियुरप्पा के बेटे ने कहा कि यह सब राजनीतिक षड्यंत्र है। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा बिना दिल छोटा किए न्याय के रास्ते पर चलते रहेंगे।

  • बसवराज केलागर (कर्नाटक BJP स्टेट वाइस प्रेसिडेंट): उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा पार्टी के दिग्गज चेहरा हैं, और सबको पता है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है।

  • लिंगायत समर्थन: यहदियुरप्पा कर्नाटक के प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं, जो उनके साथ खड़ा हुआ है।


 

7. 🔮 निष्कर्ष: 2 दिसंबर का महत्व

 

बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ POCSO मामला कर्नाटक की न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी परीक्षा है।

  • न्यायपालिका पर निर्भरता: अब सारी निगाहें 2 दिसंबर को बेंगलुरु कोर्ट के आदेश पर टिकी हैं। अदालत को यह तय करना होगा कि क्या CID की 750 पन्नों की चार्जशीट, सीक्रेट वीडियो और अन्य सबूत POCSO जैसे गंभीर अपराध में 'हैबिचुअल कंप्लेनर' के अतीत से ऊपर उठकर अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।

  • राजनीतिक परिणाम: यदि येदियुरप्पा को जेल जाना पड़ता है, तो यह कर्नाटक में भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका होगा, खासकर उनके लिंगायत समर्थन आधार के बीच। कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से संसद तक ले जाने की बात कह चुकी है।

  • कानून की कसौटी: अंततः, यह मामला साबित करेगा कि कानून की नजर में राजनीतिक कद और उम्र मायने रखती है या नहीं, जब मामला एक नाबालिग विक्टिम को न्याय दिलाने का हो। विक्टिम का भाई अपनी मृत मां की इच्छा पूरी करने और बहन को न्याय दिलाने के लिए संघर्षरत है।

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“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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फरीदाबाद जेल में आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या
राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी की हत्या; कैदी अब्बू जट ने नीमका जेल में मार डाला।

राम मंदिर उड़ाने की साजिश रचने वाले आतंकी का जेल में मर्डर: फरीदाबाद की नीमका जेल में खूंखार कैदी 'अब्बू जट' ने नुकीली चीज से उतारा मौत के घाट फरीदाबाद | 9 फरवरी 2026 हरियाणा की हाई-सिक्योरिटी वाली फरीदाबाद (नीमका) जेल से सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी अलकायदा (AQIS) के आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई है। इस वारदात को मर्डर केस में बंद खूंखार कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने अंजाम दिया। यहाँ इस हाई-प्रोफाइल मर्डर से जुड़ी पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हाई-सिक्योरिटी सेल में खूनी संघर्ष घटना रविवार देर रात की है, जब नीमका जेल की अति विशेष सुरक्षा सेल (High Security Cell) में बंद दोनों कैदियों के बीच विवाद हुआ। नुकीली चीज से हमला: अरुण चौधरी ने किसी नुकीली चीज से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ वार किए। आतंकी अब्दुल लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मर्डर का समय: जेल प्रशासन को देर रात वारदात का पता चला, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान अस्पताल भिजवाया गया। 2. कौन था आतंकी अब्दुल रहमान? यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था: राम मंदिर की साजिश: उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गुजरात ATS और हरियाणा STF ने पकड़ा था। उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। आतंकी कनेक्शन: वह अलकायदा (AQIS) के हैंडलर अबू सूफियान के संपर्क में था और उसे 4 अप्रैल को अयोध्या में धमाका करने का निर्देश मिला था। सोशल मीडिया से भर्ती: पेशे से ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल भड़काऊ वीडियो के जरिए आतंकियों के रडार पर आया था। जांच एजेंसियां हैरान थीं कि एक गरीब रिक्शा चालक के पास महंगा मोबाइल और हथियार कहाँ से आए। 3. कातिल अरुण चौधरी: जम्मू का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट भी अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है: अक्षय शर्मा हत्याकांड: अरुण जम्मू के सांबा में हुए चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस का मुख्य आरोपी है। कठुआ जेल से ट्रांसफर: 2024 में उसने इंस्टाग्राम लाइव आकर कठुआ जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उसे फरीदाबाद की नीमका जेल शिफ्ट किया गया था। 📊 जेल सुरक्षा पर सवाल: एक साथ क्यों थे दोनों? कैदी का नाम श्रेणी केस / आरोप अब्दुल रहमान आतंकी (AQIS) राम मंदिर उड़ाने की साजिश, विस्फोटक अधिनियम अरुण चौधरी गैंगस्टर हत्या, रंगदारी और जेल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप विवाद का विषय: सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि एक कट्टरपंथी आतंकी और एक खूंखार गैंगस्टर को एक ही हाई-सिक्योरिटी सेल में क्यों रखा गया था? 4. जांच और सुरक्षा ऑडिट जेल सूत्रों के मुताबिक, अरुण चौधरी को सुरक्षा कारणों से 'अति विशेष सेल' में रखा गया था, जहाँ अब्दुल रहमान भी बंद था। हत्या में इस्तेमाल की गई 'नुकीली चीज' जेल के भीतर कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए DC और जेल महानिदेशक ने सख्त आदेश दिए हैं। डबुआ थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

रवि चौहान फ़रवरी 9, 2026 0
राहुल बोले- स्पीकर ने कमिट किया, क्या आप बोलने देंगे

Lok Sabha Adjourned: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी; राहुल गांधी बोले- सरकार बहस से डर रही है।

पंजाब में लॉ छात्रा की हत्या कर सुसाइड किया

Tarn Taran Law College Shootout: तरनतारन लॉ कॉलेज में मर्डर और सुसाइड; एकतरफा प्यार में संदीप कौर की हत्या; क्लासरूम का CCTV आया सामने।

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में झूला गिरा

सूरजकुंड मेला दुर्घटना 2026: सूरजकुंड मेला में झूला गिरा; पुलिस इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल; डीसी ने दिया विस्तृत जांच आदेश।

मणिपुर- डिप्टी सीएम की हत्या पर ₹20 लाख का इनाम
चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; विधायकों पर इनाम का ऐलान; मणिपुर बंद।

मणिपुर फिर अशांत: डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन; विधायकों को मारने पर 'इनाम' का ऐलान चुराचांदपुर | 6 फरवरी 2026 मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम से शुरू हुई हिंसा शुक्रवार को और भयावह हो गई है। राज्य की नई सरकार में नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के बीच गहरी दरार पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षाबलों पर पथराव किया, बल्कि विधायकों के खिलाफ 'डेथ वारंट' जैसी विवादित घोषणाएं भी की हैं। यहाँ मणिपुर के मौजूदा तनाव की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हिंसक झड़पें और सुरक्षाबलों का पीछे हटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है: सुरक्षाबलों पर हमला: सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरकों में धकेलने की कोशिश की और भारी पत्थरबाजी की। असम राइफल्स की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स को लगाया गया, लेकिन भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए उन्हें अस्थाई रूप से पीछे हटना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है। 2. विधायकों को जान से मारने की धमकी और 'इनाम' हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने चौंकाने वाले ऐलान किए हैं: नेम्चा किप्गेन: डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते: इन विधायकों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। विश्वासघात का आरोप: कुकी संगठनों का आरोप है कि इन विधायकों ने मैतेई-बहुल सरकार का साथ देकर अपने समुदाय के साथ 'गद्दारी' की है। 📊 मणिपुर विधानसभा में कुकी विधायकों की स्थिति कुल कुकी विधायक भाजपा के विधायक हमार जनजाति प्रतिनिधि ताजा विवाद की वजह 10 07 एन सेनाते (NDA हिस्सा) नई सरकार में डिप्टी सीएम पद स्वीकार करना 3. कुकी समुदाय में दो फाड़ सरकार गठन को लेकर कुकी समाज अब दो गुटों में बंट गया है: विरोध करने वाला धड़ा: इनका मानना है कि इंफाल में हुई हत्याओं और संपत्तियों के नुकसान के बाद मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना शहीदों का अपमान है। आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। समर्थन करने वाला धड़ा: विधायकों का कहना है कि वे समुदाय की सुरक्षा, विकास और बातचीत के रास्ते खोलने के लिए सरकार का हिस्सा बने हैं। 4. पहली महिला डिप्टी सीएम पर संकट नेम्चा किप्गेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच चुकी हैं, लेकिन उनके अपने ही गृह जिले चुराचांदपुर में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कुकी वीमेंस ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने उनके पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित

लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर

राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था

पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने

Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

लोकसभा में राहुल के भाषण पर लगातार दूसरे दिन हंगामा

Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा

India-US Trade Deal Conflict: राहुल गांधी का आरोप- मोदी ने देश बेच दिया; पीयूष गोयल बोले- किसानों के हित सुरक्षित; टैरिफ घटकर हुआ 18%।

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अंडर-19 वर्ल्डकप- भारत का 200 रन पर सातवां विकेट गिरा:
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India vs Pakistan U-19 World Cup Live: वेदांत त्रिवेदी की फिफ्टी से संभला भारत; पाकिस्तान के खिलाफ सुपर-6 में रोमांचक जंग।

रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0