नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुशासन को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें खिलाड़ियों की पत्नियों और मंगेतरों (WAGs) को टूर्नामेंट के दौरान टीम होटल में साथ रहने की अनुमति मांगी गई थी।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार और खिलाड़ियों की एकाग्रता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों का पूरा ध्यान केवल खेल पर होना चाहिए।
इंडियन एक्सप्रेस की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लिए नई 'फैमिली पॉलिसी' जारी की है:
नो फैमिली रूम: टूर्नामेंट के दौरान किसी भी खिलाड़ी की पत्नी, मंगेतर या परिवार के सदस्य को आधिकारिक टीम होटल में खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
खुद का इंतजाम: यदि कोई खिलाड़ी चाहता है कि उसका परिवार मैच देखने आए, तो उसे होटल में अलग से कमरे की व्यवस्था खुद के खर्च पर करनी होगी।
बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं: बीसीसीआई परिवार के ठहरने, यात्रा या लॉजिस्टिक्स का कोई भी जिम्मा नहीं उठाएगा। खिलाड़ियों को अपने परिवार से मिलने के लिए भी बोर्ड द्वारा तय समय और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
भारतीय क्रिकेट में 'फैमिली कल्चर' को लेकर बीसीसीआई का यह यू-टर्न हालिया प्रदर्शनों का परिणाम माना जा रहा है:
ऑस्ट्रेलिया दौरे का सबक: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारतीय टीम को 1-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना था कि लंबे विदेशी दौरों पर परिवार की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है।
45 दिन वाला नियम: पुरानी नीति के अनुसार, 45 दिनों से अधिक लंबे दौरों पर परिवार को 14 दिन साथ रहने की अनुमति थी। लेकिन बीसीसीआई ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यह नियम ICC टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी) या मल्टीनेशन इवेंट्स पर लागू नहीं होगा।
कोविड काल का अंत: कोरोना महामारी के दौरान 'बायो-बबल' की थकान कम करने के लिए पूरे दौरे पर परिवार को साथ रखने की छूट दी गई थी, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह खत्म कर दिया है।
बोर्ड ने इस बार केवल सलाह नहीं दी है, बल्कि इसे एक सख्त अनुशासन नियमावली बना दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर निम्नलिखित कार्रवाई हो सकती है:
सस्पेंशन: खिलाड़ी को बीच टूर्नामेंट या आगामी सीरीज से बाहर किया जा सकता है।
IPL पर बैन: बीसीसीआई नियमों की अवहेलना करने पर खिलाड़ी को IPL में खेलने से भी रोक सकता है, जो किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा।
कॉन्ट्रैक्ट और सैलरी: बोर्ड खिलाड़ी का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर सकता है या उसकी मैच फीस/सैलरी में कटौती कर सकता है।
विशेष अनुमति: केवल अत्यंत आपातकालीन स्थिति में ही चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच की पूर्व अनुमति से ही नियमों में ढील दी जाएगी।
| श्रेणी | पुरानी नीति (कोविड के बाद) | नई नीति (T20 वर्ल्ड कप 2026) |
| ठहरने की व्यवस्था | टीम होटल में साथ रहने की अनुमति थी। | टीम होटल में साथ रहने पर पूर्ण प्रतिबंध। |
| खर्च | कुछ दौरों पर बोर्ड उठाता था। | पूरी तरह खिलाड़ी को खुद उठाना होगा। |
| अवधि | पूरे दौरे के लिए अनुमति थी। | वर्ल्ड कप के दौरान शून्य (0) दिन। |
| दंडात्मक कार्रवाई | केवल चेतावनी दी जाती थी। | IPL बैन, कॉन्ट्रैक्ट रद्दीकरण और सस्पेंशन। |
चूँकि भारत टी-20 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान (Co-host) है, इसलिए बोर्ड का तर्क है कि खिलाड़ियों को विदेश में लंबे समय तक नहीं रहना है।
छोटा दौरा: भारतीय टीम को केवल पाकिस्तान के खिलाफ मैच और कुछ अन्य मुकाबलों के लिए श्रीलंका जाना है। बाकी मैच भारत में ही होने हैं।
होम एडवांटेज: बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी घर में खेलते समय अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को पूरी तरह अलग रखें ताकि खिताब जीतने की संभावना बढ़ सके।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
T20 वर्ल्ड कप 2026: बीसीसीआई का कड़ा फैसला; वर्ल्ड कप के दौरान फैमिली साथ नहीं रख सकेंगे खिलाड़ी, नियम तोड़ने पर IPL और कॉन्ट्रैक्ट से धोना पड़ सकता है हाथ नई दिल्ली | 10 फरवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अनुशासन को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। बीसीसीआई ने टीम मैनेजमेंट की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें खिलाड़ियों की पत्नियों और मंगेतरों (WAGs) को टूर्नामेंट के दौरान टीम होटल में साथ रहने की अनुमति मांगी गई थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली हार और खिलाड़ियों की एकाग्रता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों का पूरा ध्यान केवल खेल पर होना चाहिए। 1. बीसीसीआई का आदेश: होटल में साथ नहीं ठहरेंगे परिवार इंडियन एक्सप्रेस की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लिए नई 'फैमिली पॉलिसी' जारी की है: नो फैमिली रूम: टूर्नामेंट के दौरान किसी भी खिलाड़ी की पत्नी, मंगेतर या परिवार के सदस्य को आधिकारिक टीम होटल में खिलाड़ियों के साथ रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। खुद का इंतजाम: यदि कोई खिलाड़ी चाहता है कि उसका परिवार मैच देखने आए, तो उसे होटल में अलग से कमरे की व्यवस्था खुद के खर्च पर करनी होगी। बोर्ड की जिम्मेदारी नहीं: बीसीसीआई परिवार के ठहरने, यात्रा या लॉजिस्टिक्स का कोई भी जिम्मा नहीं उठाएगा। खिलाड़ियों को अपने परिवार से मिलने के लिए भी बोर्ड द्वारा तय समय और प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। 2. नियम बदलने की पीछे की बड़ी वजह: BGT 2024-25 की हार भारतीय क्रिकेट में 'फैमिली कल्चर' को लेकर बीसीसीआई का यह यू-टर्न हालिया प्रदर्शनों का परिणाम माना जा रहा है: ऑस्ट्रेलिया दौरे का सबक: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2024-25 में भारतीय टीम को 1-3 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना था कि लंबे विदेशी दौरों पर परिवार की मौजूदगी से खिलाड़ियों का ध्यान भटक रहा है। 45 दिन वाला नियम: पुरानी नीति के अनुसार, 45 दिनों से अधिक लंबे दौरों पर परिवार को 14 दिन साथ रहने की अनुमति थी। लेकिन बीसीसीआई ने अब स्पष्ट कर दिया है कि यह नियम ICC टूर्नामेंट (वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी) या मल्टीनेशन इवेंट्स पर लागू नहीं होगा। कोविड काल का अंत: कोरोना महामारी के दौरान 'बायो-बबल' की थकान कम करने के लिए पूरे दौरे पर परिवार को साथ रखने की छूट दी गई थी, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह खत्म कर दिया है। 3. गाइडलाइंस न मानने पर 'कैरियर' पर खतरा बोर्ड ने इस बार केवल सलाह नहीं दी है, बल्कि इसे एक सख्त अनुशासन नियमावली बना दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों पर निम्नलिखित कार्रवाई हो सकती है: सस्पेंशन: खिलाड़ी को बीच टूर्नामेंट या आगामी सीरीज से बाहर किया जा सकता है। IPL पर बैन: बीसीसीआई नियमों की अवहेलना करने पर खिलाड़ी को IPL में खेलने से भी रोक सकता है, जो किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए बड़ा वित्तीय झटका होगा। कॉन्ट्रैक्ट और सैलरी: बोर्ड खिलाड़ी का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर सकता है या उसकी मैच फीस/सैलरी में कटौती कर सकता है। विशेष अनुमति: केवल अत्यंत आपातकालीन स्थिति में ही चयन समिति के अध्यक्ष और मुख्य कोच की पूर्व अनुमति से ही नियमों में ढील दी जाएगी। 📊 बीसीसीआई की नई फैमिली पॉलिसी: एक नजर में श्रेणी पुरानी नीति (कोविड के बाद) नई नीति (T20 वर्ल्ड कप 2026) ठहरने की व्यवस्था टीम होटल में साथ रहने की अनुमति थी। टीम होटल में साथ रहने पर पूर्ण प्रतिबंध। खर्च कुछ दौरों पर बोर्ड उठाता था। पूरी तरह खिलाड़ी को खुद उठाना होगा। अवधि पूरे दौरे के लिए अनुमति थी। वर्ल्ड कप के दौरान शून्य (0) दिन। दंडात्मक कार्रवाई केवल चेतावनी दी जाती थी। IPL बैन, कॉन्ट्रैक्ट रद्दीकरण और सस्पेंशन। 4. श्रीलंका दौरा और बीसीसीआई का तर्क चूँकि भारत टी-20 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान (Co-host) है, इसलिए बोर्ड का तर्क है कि खिलाड़ियों को विदेश में लंबे समय तक नहीं रहना है। छोटा दौरा: भारतीय टीम को केवल पाकिस्तान के खिलाफ मैच और कुछ अन्य मुकाबलों के लिए श्रीलंका जाना है। बाकी मैच भारत में ही होने हैं। होम एडवांटेज: बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी घर में खेलते समय अपनी प्रोफेशनल लाइफ और पर्सनल लाइफ को पूरी तरह अलग रखें ताकि खिताब जीतने की संभावना बढ़ सके।
U-19 वर्ल्ड कप फाइनल: भारत ने रचा इतिहास; वैभव सूर्यवंशी का 'विराट' प्रहार, इंग्लैंड के सामने 412 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य हरारे | 6 फरवरी 2026 हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय युवा टीम ने इतिहास रच दिया है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रन बनाए। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। यहाँ इस ऐतिहासिक पारी और जारी मैच की मुख्य जानकारी दी गई है: 1. वैभव सूर्यवंशी का तूफान: 80 गेंद, 175 रन भारतीय ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल के मंच पर ऐसी पारी खेली जो दशकों तक याद रखी जाएगी। तूफानी बल्लेबाजी: वैभव ने महज 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। वर्ल्ड रिकॉर्ड: वैभव अब अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के (एक सीजन में 20+) लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने डेवाल्ड ब्रेविस (18 छक्के) का रिकॉर्ड तोड़ा। शतक: उन्होंने अपना शतक सिर्फ 55 गेंदों में पूरा किया। 2. ऐतिहासिक स्कोरकार्ड: 411/9 भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 253 रनों के पुराने रिकॉर्ड (2024 फाइनल) को ध्वस्त कर दिया है। कप्तान की पारी: आयुष म्हात्रे ने 53 रनों का योगदान दिया और वैभव के साथ 142 रनों की साझेदारी की। अन्य योगदान: अभिज्ञान कुंडू (40), कनिष्क चौहान (37*), वेदांत त्रिवेदी (32) और विहान मल्होत्रा (30) ने स्कोर को 400 के पार पहुँचाने में मदद की। इंग्लैंड की गेंदबाजी: जेम्स मीटो ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन को 2 सफलताएं मिलीं। 📊 अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल: तुलनात्मक आंकड़े विवरण पिछला रिकॉर्ड (2024) नया रिकॉर्ड (2026) उच्चतम स्कोर 253/7 (ऑस्ट्रेलिया बनाम भारत) 411/9 (भारत बनाम इंग्लैंड) हाईएस्ट इंडिविजुअल स्कोर 104* (उन्मुक्त चंद, 2012) 175 (वैभव सूर्यवंशी) छक्कों की संख्या (पारी) - 15 (वैभव सूर्यवंशी) 3. इंग्लैंड की जवाबी पारी: बैकफुट पर इंग्लिश टीम 412 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह असहाय नजर आ रही है। ताजा स्थिति: 22 ओवर के बाद इंग्लैंड का स्कोर 177/7 है। दीपेश देवेन्द्रन का कहर: दीपेश ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। प्रमुख विकेट: बेन डॉकिन्स (66) और बेन मेयस (45) ने संघर्ष किया, लेकिन कप्तान थॉमस रेव (31) के आउट होने के बाद पारी लड़खड़ा गई।
T20 वर्ल्ड कप: ICC का बांग्लादेश को 'अंतिम अल्टीमेटम'; भारत में ही खेलने होंगे सभी मैच, 22 जनवरी को होगा फैसला; पाकिस्तान को छोड़ बाकी 14 देश BCB के खिलाफ दुबई/ढाका | 21 जनवरी 2026 टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी और वेन्यू को लेकर चल रहा विवाद अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की वेन्यू बदलने या ग्रुप बदलने की किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बुधवार को हुई हाई-प्रोफाइल मीटिंग में ICC ने कड़ा रुख अपनाते हुए बांग्लादेश को अपना फैसला बदलने के लिए 24 घंटे का आखिरी समय दिया है। यहाँ ICC की बैठक और इस विवाद से जुड़ी 5 बड़ी बातें दी गई हैं: 1. ICC में बांग्लादेश अलग-थलग: 14 बनाम 1 का मुकाबला ICC बोर्ड की बैठक में बांग्लादेश की मांग पर वोटिंग हुई, जिसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए: विरोध में भारी मत: कुल 16 सदस्य देशों में से 14 ने BCB की मांग के खिलाफ वोट किया। इन देशों का मानना है कि शेड्यूल में अंतिम समय पर बदलाव करना संभव नहीं है। अकेला समर्थक: केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। पाकिस्तान पहले ही धमकी दे चुका है कि यदि बांग्लादेश हटा, तो वह भी टूर्नामेंट छोड़ सकता है। रिप्लेसमेंट प्लान: ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 22 जनवरी तक बांग्लादेश तैयार नहीं होता है, तो उसकी जगह रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को ग्रुप-C में शामिल कर लिया जाएगा। 2. सुरक्षा रिपोर्ट: "भारत में कोई खतरा नहीं" BCB लगातार अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर भारत में खेलने से बच रहा है, लेकिन ICC की जांच रिपोर्ट कुछ और ही कहती है: क्लीन चिट: ICC के सिक्योरिटी असेसमेंट में पाया गया है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों, प्रशंसकों और मीडियाकर्मियों को भारत में कोई खतरा नहीं है। राजनीतिक दबाव: ICC ने माना कि यह मामला सुरक्षा से ज्यादा मुस्तफिजुर रहमान को IPL से हटाए जाने और बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के बाद उपजे राजनीतिक तनाव से जुड़ा है। 3. लिटन दास का बयान: "हम खुद सस्पेंस में हैं" बांग्लादेशी कप्तान लिटन दास ने मौजूदा स्थिति पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा, "वर्ल्ड कप अभी दूर है और हमें खुद नहीं पता कि हम भारत जाएंगे या नहीं। पूरा देश सस्पेंस में है और बोर्ड ने अभी हमसे इस पर कोई सीधी बात नहीं की है।" यह बयान टीम के भीतर चल रही मानसिक उथल-पुथल को दर्शाता है। 📊 अगर बांग्लादेश हटता है, तो क्या बदलेगा? श्रेणी वर्तमान स्थिति (बांग्लादेश) संभावित बदलाव (स्कॉटलैंड) ग्रुप ग्रुप-C (कोलकाता/मुंबई) स्कॉटलैंड इसी ग्रुप में शामिल होगा। पहला मैच 07 फरवरी बनाम वेस्टइंडीज स्कॉटलैंड 07 फरवरी को कोलकाता में खेलेगा। अन्य विरोधी इटली, इंग्लैंड, नेपाल स्कॉटलैंड इन सभी टीमों से भिड़ेगा। वजह सुरक्षा और IPL विवाद (मुस्तफिजुर)। यूरोपियन क्वालिफायर में नंबर-3 होने का लाभ। 4. "झुकेंगे नहीं": बांग्लादेश सरकार का सख्त रुख बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बार फिर दोहराया है कि वे ICC की 'अनुचित शर्तें' नहीं मानेंगे। BCCI पर आरोप: नजरुल का कहना है कि ICC भारतीय बोर्ड के इशारों पर काम कर रहा है। विवाद की जड़: मुस्तफिजुर रहमान को KKR (9.20 करोड़ की डील) से रिलीज किए जाने को बांग्लादेश ने अपना 'राष्ट्रीय अपमान' मान लिया है, जिसके बाद से ही भारत में न खेलने की जिद शुरू हुई। 5. शेड्यूल में बदलाव की मांग खारिज BCB ने एक 'बीच का रास्ता' निकालने के लिए अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी: ग्रुप-B बनाम ग्रुप-C: बांग्लादेश चाहता था कि उसे ग्रुप-B में डाल दिया जाए, जिसके मैच श्रीलंका में होने हैं। शेड्यूल की जटिलता: ICC ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया कि इससे ब्रॉडकास्टिंग, लॉजिस्टिक्स और टिकटों की बिक्री पर बुरा असर पड़ेगा। अब बांग्लादेश को या तो कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलना होगा या टूर्नामेंट से बाहर बैठना होगा।