इस्लामाबाद | 11 फरवरी 2026
पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) में बुधवार को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक ऐसा बयान दिया जिसने न केवल पाकिस्तान के इतिहास पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि अमेरिका के साथ उसके दशकों पुराने रिश्तों की कड़वी सच्चाई भी उजागर कर दी। आसिफ ने बेहद तल्ख शब्दों में कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान का इस्तेमाल केवल अपने स्वार्थ के लिए किया और काम निकल जाने के बाद उसे 'टॉयलेट पेपर' की तरह फेंक दिया।
यहाँ ख्वाजा आसिफ के भाषण के प्रमुख बिंदु और पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया गया है:
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की विदेश नीति की विफलता को स्वीकार करते हुए कहा:
मतलब का रिश्ता: अमेरिका ने अपने फायदे के लिए पाकिस्तान को मोहरा बनाया। हमने अफगानिस्तान में दो जंग लड़ीं (सोवियत-अफगान युद्ध और 9/11 के बाद वॉर ऑन टेरर), लेकिन ये पाकिस्तान की नहीं, बल्कि अमेरिका की लड़ाइयां थीं।
तानाशाहों की गलती: आसिफ ने पूर्व सैन्य तानाशाहों जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने वैश्विक ताकतों (अमेरिका) का समर्थन हासिल करने के लिए देश को युद्ध की आग में झोंक दिया।
नरेटिव का खेल: उन्होंने याद दिलाया कि 1979 में सोवियत संघ अफगान सरकार के बुलावे पर आया था, लेकिन अमेरिका ने उसे 'आक्रमण' बताकर पाकिस्तान को अपने पाले में कर लिया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी माना कि आज पाकिस्तान जिस आतंकवाद की आग में जल रहा है, वह उसकी अपनी गलतियों का नतीजा है:
एजुकेशन में बदलाव: जंग को सही ठहराने और 'मुजाहिदीन' तैयार करने के लिए पाकिस्तान के शिक्षा तंत्र (Education System) में जानबूझकर बदलाव किए गए। आसिफ ने कहा कि ये जहरीले बदलाव आज भी सिस्टम में मौजूद हैं।
इतिहास से सबक नहीं: उन्होंने अफसोस जताया कि पाकिस्तान ने कभी अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा। देश छोटे-छोटे फायदों के लिए कभी रूस, कभी ब्रिटेन तो कभी अमेरिका के सामने झुकता रहा।
आसिफ ने साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पाकिस्तान यात्रा का उदाहरण दिया:
अपमानजनक यात्रा: क्लिंटन भारत के लंबे दौरे के बाद केवल कुछ घंटों के लिए पाकिस्तान आए थे। आसिफ के मुताबिक, यह दर्शाता है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान की हैसियत कितनी कम हो गई थी।
सैन्य शासन का दबाव: उस समय देश में नवाज शरीफ का तख्तापलट कर परवेज मुशर्रफ सत्ता में आए थे। अमेरिका ने मुशर्रफ पर परमाणु प्रसार और लोकतंत्र को लेकर भारी दबाव डाला था।
| कालखंड | शासक | घटना / भूमिका |
| 1979 - 1988 | जनरल जिया-उल-हक | सोवियत संघ के खिलाफ अमेरिका का साथ दिया; मुजाहिदीन को ट्रेनिंग दी। |
| 1999 - 2008 | जनरल परवेज मुशर्रफ | 9/11 के बाद 'वॉर ऑन टेरर' में अमेरिका के फ्रंटलाइन पार्टनर बने। |
| वर्तमान स्थिति | शहबाज शरीफ सरकार | आतंकवाद का शिकार; शिया मस्जिदों पर हमले और आंतरिक अस्थिरता। |
ख्वाजा आसिफ का यह बयान उस समय आया जब संसद 6 फरवरी को इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हुए आत्मघाती हमले की निंदा कर रही थी:
भारी क्षति: इस हमले में 31 लोगों की मौत हुई और 169 घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी ISIS (इस्लामिक स्टेट) ने ली है।
एकजुटता का अभाव: आसिफ ने दुख जताया कि आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान में राजनीतिक एकजुटता नहीं है। उन्होंने उन नेताओं की आलोचना की जो राजनीतिक मतभेदों के कारण पीड़ितों के जनाजे में भी शामिल नहीं हुए।
ख्वाजा आसिफ का बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के हालिया बयान की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है। रुबियो ने स्पष्ट कहा था:
भारत प्राथमिकता: अमेरिका पाकिस्तान से रिश्ते चाहता है, लेकिन भारत की कीमत पर नहीं।
डिप्लोमेसी में समझदारी: रुबियो ने कहा कि भारत जानता है कि हमें कई देशों से संबंध रखने पड़ते हैं, लेकिन हमारी और भारत की दोस्ती अटूट है।
लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।” 20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया। वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। क्या कहते हैं डॉक्टर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 🧾 इस तरह हुई मुठभेड़ पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 👮 पुलिस का बयान Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।” ⚖️ कई मामलों में था वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 🛡️ पुलिस की सख्ती जारी एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं। कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।” भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।
भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है। कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा। कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं। 42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है। पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा... पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: व्हाइट हाउस ने बदली फैक्ट शीट की भाषा; दाल पर यू-टर्न और 500 अरब डॉलर की खरीद पर 'नरमी' वाशिंगटन/नई दिल्ली | 11 फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते में एक नया मोड़ आया है। पिछले हफ्ते बड़े तामझाम के साथ घोषित की गई ट्रेड डील के बाद, व्हाइट हाउस ने अपनी आधिकारिक फैक्ट शीट में कुछ महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों से संकेत मिलता है कि दोनों देश कुछ संवेदनशील मुद्दों पर कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यहाँ संशोधित ट्रेड डील और भारत पर इसके प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है: 1. फैक्ट शीट में प्रमुख बदलाव: क्या हटा और क्या बदला? व्हाइट हाउस द्वारा जारी नए दस्तावेज में पहले के कड़े शब्दों को थोड़ा नरम किया गया है। सबसे चौंकाने वाले बदलाव नीचे दिए गए हैं: दाल (Pulses) पर यू-टर्न: शुरुआती घोषणा में कहा गया था कि भारत अमेरिकी दालों पर टैरिफ कम या खत्म करेगा। भारत के घरेलू किसानों के हितों और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए, अब नए दस्तावेज से 'दाल' शब्द को पूरी तरह हटा दिया गया है। 500 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता: पहले फैक्ट शीट में लिखा था कि भारत 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने के लिए 'कमिटेड' (प्रतिबद्ध) है। अब इसकी भाषा बदलकर 'इरादा रखता है' (Intends to) कर दी गई है। यह बदलाव भारत को भविष्य में खरीदारी की मात्रा को लेकर लचीलापन प्रदान करता है। डिजिटल सर्विस टैक्स: पहले अमेरिका ने दावा किया था कि भारत डिजिटल टैक्स हटा देगा। अब संशोधित वर्जन में कहा गया है कि भारत केवल 'डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत' के लिए सहमत हुआ है। 2. रूसी तेल पेनल्टी का रिफंड: 40 हजार करोड़ की राहत इस डील का सबसे सकारात्मक पहलू भारतीय निर्यातकों के लिए रिफंड की घोषणा है: 25% टैरिफ वापसी: रूस से तेल आयात करने के कारण अमेरिका ने भारतीय सामानों पर जो 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगाई थी, उसे वापस लेने का फैसला किया गया है। समय सीमा: यह रिफंड 27 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 के बीच किए गए आयात पर लागू होगा। लाभ: इससे भारतीय कारोबारियों को लगभग ₹40,000 करोड़ वापस मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह राशि पहले अमेरिकी आयातकों को मिलेगी, जो बाद में भारतीय निर्यातकों के साथ साझा करेंगे। 3. 'ट्रम्प टास्क फोर्स': भारत पर रहेगी पैनी नजर राहत के साथ-साथ अमेरिका ने कड़ी निगरानी की व्यवस्था भी की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है जो भारत के तेल आयात पर नजर रखेगी: सदस्य: इस टास्क फोर्स में अमेरिका के वाणिज्य मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल हैं। मकसद: यह सुनिश्चित करना कि भारत दोबारा रूस से बड़े पैमाने पर तेल आयात शुरू न करे। कार्रवाई: यदि टास्क फोर्स को उल्लंघन मिलता है, तो वह राष्ट्रपति को दोबारा 25% पेनल्टी लगाने की सिफारिश कर सकती है। 📊 संशोधित ट्रेड डील: एक नजर में लाभ और शर्तें क्षेत्र मिलने वाले लाभ / प्रावधान अमेरिकी टैरिफ भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 25% से घटकर 18% रह गया है। जीरो टैरिफ उत्पाद जेनेरिक दवाएं, रत्न-आभूषण (Gems & Diamonds) और विमान के पुर्जे। सेक्टर को बढ़ावा टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर और ऑर्गेनिक केमिकल्स के लिए नए अवसर। बाजार पहुंच भारतीय MSME और किसानों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाजार खुला। विमान पार्ट्स सेक्शन 232 के तहत विशेष छूट दी गई है। 4. भारतीय अर्थव्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट शीट में भाषा का बदलाव भारत की 'नेगोशिएशन पावर' को दर्शाता है। कृषि सुरक्षा: दाल का जिक्र हटना भारतीय किसानों के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि अमेरिकी दालों के आने से घरेलू बाजार में कीमतें गिर सकती थीं। रोजगार सृजन: रत्न, आभूषण और टेक्सटाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में टैरिफ कम होने से देश में लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। फार्मास्युटिकल लीडरशिप: जेनेरिक दवाओं पर बेहतर शर्तों और जीरो टैरिफ से भारत की 'दुनिया की फार्मेसी' वाली छवि और मजबूत होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: अमेरिका ने जारी किया भारत का 'अखंड' मैप; PoK और अक्साई चिन को दिखाया भारत का हिस्सा वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 7 फरवरी 2026 भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) के साथ ही एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के साथ भारत का जो नक्शा साझा किया है, उसमें पूरा जम्मू-कश्मीर, PoK और अक्साई चिन को भारत के अभिन्न अंग के रूप में दिखाया गया है। यहाँ इस समझौते और नक्शे से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है: 1. नक्शे का कूटनीतिक संदेश: पाकिस्तान और चीन को झटका अमेरिका द्वारा साझा किया गया यह मैप भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। बदला हुआ रुख: आमतौर पर पश्चिमी देश और अंतरराष्ट्रीय संगठन PoK और अक्साई चिन को 'विवादित' बताते हुए अलग रंग या डॉटेड लाइन्स (Dotted Lines) से दिखाते थे। ट्रंप प्रशासन की मुहर: ट्रंप प्रशासन ने इस नक्शे के जरिए भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को पूरी तरह मान्यता देने का संकेत दिया है। पाकिस्तान को जवाब: यह नक्शा पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के उस बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने की बात कही थी। 2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील: निर्यातकों की 'दिवाली' दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (ITA) के फ्रेमवर्क को मंजूरी दे दी है, जिसके भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए दूरगामी परिणाम होंगे: टैक्स में भारी कटौती: भारतीय सामानों पर लगने वाले अमेरिकी टैक्स को 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूसी तेल पर राहत: रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स हटा लिया गया है। बाजार की पहुंच: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह डील भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का विशाल बाजार खोलेगी। भारत का वादा: भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदेगा। 📊 समझौते के प्रमुख लाभ: किस क्षेत्र को क्या मिला? क्षेत्र (Sector) मिलने वाला लाभ / रियायत फार्मा (Generic Drugs) टैरिफ पूरी तरह खत्म (Zero Tariff) और नियामक नियमों में सुधार। रत्न और आभूषण हीरे और रत्नों के निर्यात पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। MSME और किसान अमेरिकी बाजार में आसान पहुंच, टेक्सटाइल और हस्तशिल्प को बढ़ावा। ऑटो पार्ट्स विशेष 'टैरिफ रेट कोटा' के तहत अमेरिकी बाजार में एंट्री। विमान पार्ट्स सेक्शन 232 के तहत विशेष छूट मिलेगी। 3. ऐतिहासिक विवादों की पृष्ठभूमि PoK विवाद (1947): महाराजा हरि सिंह के विलय पत्र पर हस्ताक्षर के बावजूद पाकिस्तान ने इस क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है। अमेरिका के इस नए नक्शे ने पाकिस्तान के 'आजाद कश्मीर' वाले दावे को खारिज कर दिया है। अक्साई चिन (1962): चीन ने 1962 के युद्ध के बाद लद्दाख के लगभग 38,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर कब्जा किया था। अमेरिकी मैप में इसे भारत का हिस्सा दिखाना चीन के विस्तारवाद के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
इस्लामाबाद में बड़ा आतंकी हमला: जुमे की नमाज के दौरान इमामबाड़े में आत्मघाती धमाका; 24 की मौत, 101 घायल इस्लामाबाद | 6 फरवरी 2026 पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद आज एक भीषण आत्मघाती हमले से दहल उठी। शहजाद टाउन इलाके में स्थित एक शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) को उस समय निशाना बनाया गया जब वहां जुमे की नमाज अदा की जा रही थी। पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट 'डॉन' के मुताबिक, इस आत्मघाती हमले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और 101 से अधिक लोग घायल हैं। यहाँ इस दुखद घटना की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. हमले का घटनाक्रम: नमाज के दौरान मची चीख-पुकार लोकेशन: हमला इस्लामाबाद के बाहरी इलाके शहजाद टाउन में हुआ। समय: दोपहर में जब मस्जिद नमाजियों से खचाखच भरी थी, तभी एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। इमरजेंसी: इस्लामाबाद पुलिस चीफ ने पूरे शहर में हाई अलर्ट और इमरजेंसी घोषित कर दी है। अस्पतालों में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है क्योंकि कई घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। 2. राष्ट्रपति और सरकार की प्रतिक्रिया आसिफ अली जरदारी: राष्ट्रपति ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'इंसानियत के खिलाफ' बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए। मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी: संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा कि ऐसी आतंकी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकतीं और सभी को एकजुट होने की जरूरत है। 📊 पाकिस्तान में बढ़ता आतंकी ग्राफ: एक विश्लेषण पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था लगातार चरमरा रही है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) की हालिया रिपोर्ट चौंकाने वाली है: सूचकांक विवरण GTI 2025 रैंकिंग पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश (बुर्किना फासो के बाद)। हमलों में वृद्धि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों में 90% की बढ़ोतरी। सबसे खतरनाक संगठन TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) - लगातार दूसरे साल। सबसे प्रभावित क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान (90% आतंकी घटनाएं यहीं हुईं)। पिछला हमला 11 नवंबर 2025: कोर्ट के बाहर धमाका (12 मौतें)। 3. 'दहशत का केंद्र' बना पाकिस्तान सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) ने अब ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ इस्लामाबाद जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 2024 में पाकिस्तान चौथे स्थान पर था, लेकिन केवल एक साल में वह दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक है।