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दिल्ली कार ब्लास्ट की इनसाइड स्टोरी: 40 लाख की फंडिंग, जमात का नेटवर्क और सुसाइड बॉम्बर्स की खतरनाक लड़ाई

रवि चौहान नवम्बर 23, 2025 0
दिल्ली ब्लास्ट- उमर को जमात से 40 लाख मिले थे
दिल्ली ब्लास्ट- उमर को जमात से 40 लाख मिले थे

दिल्ली कार ब्लास्ट: 40 लाख की फंडिंग, आंतरिक कलह, जमात का नेटवर्क – 10 नवंबर के सबसे बड़े आतंकी हमले की इनसाइड स्टोरी

 

दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। यह सिर्फ एक धमाका नहीं था—ये एक संगठित, फंडेड, प्लान्ड और टेक्निकल तरीके से अंजाम दिया गया आतंकी हमला था, जिसमें अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है
लेकिन इस हमले के पीछे की असल कहानी सिर्फ विस्फोटक लगाने और टाइम सेट करने तक सीमित नहीं थी। इस ब्लास्ट के पीछे 40 लाख रुपए की भारी फंडिंग, जमात के जरिए बना नेटवर्क, और आतंकी संगठन के भीतर हुई आर्थिक हेरफेर जैसी कई परतें सामने आई हैं।

जैसे-जैसे NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस एजेंसियां जांच में गहराई तक पहुँचीं, इस पूरे मॉड्यूल की अंदरूनी चालें सामने आने लगीं। इस हमले में शामिल दो मुख्य सुसाइड बॉम्बर—डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल—के बीच पैसों को लेकर हुआ विवाद इस हमले की टाइमलाइन को बदलने वाला बड़ा कारण बना।

 


फंडिंग का 40 लाख वाला खेल – हमले की जड़ में पैसों की राजनीति

 

जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेज़ों और पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन के लिए लगभग 40 लाख रुपए की फंडिंग की गई थी।
यह पैसा सीधे-सीधे एक कट्टरपंथी जमात की तरफ से भेजा गया था, जिसका काम भारत के भीतर मौजूद नेटवर्क को मजबूत करना, कट्टरपंथ फैलाने के लिए ग्राउंड तैयार करना और जरूरत पड़ने पर आतंकी गतिविधियों के लिए सपोर्ट देना बताया जा रहा है।

इस फंडिंग का इस्तेमाल कई कामों में होना था—

  • विस्फोटक सामग्री की खरीद

  • कार की व्यवस्था

  • मोबाइल सिम और डिजिटल सर्विसेज

  • ब्लास्ट ट्रिगरिंग डिवाइस

  • कॉन्सपिरेसी मीटिंग्स

  • लोकल सपोर्ट

  • भागने के रास्तों की तैयारी

लेकिन हर जगह की तरह यहां भी पैसों से बड़ी कोई दुश्मनी नहीं होती। 40 लाख की राशि का उपयोग कैसे होना है, किस तरह खर्च होना है और कौन कितना हिस्सा कंट्रोल करेगा—इसी को लेकर उमर और मुजम्मिल के बीच गहरी दरार उत्पन्न हो गई।

 


उमर और मुजम्मिल का टकराव – आतंकियों की टीम के अंदर की फूट

 

जांच के दौरान सामने आया कि डॉ. मुजम्मिल इस ऑपरेशन का टेक्निकल लीड था।
वहीं डॉ. उमर को फील्ड एग्जीक्यूशन और लॉजिस्टिक की जिम्मेदारी मिली थी।

लेकिन विस्फोटकों को खरीदने, सुरक्षित ठिकानों पर रखने और कार में लगाने से पहले ही दोनों के बीच पैसे की पारदर्शिता को लेकर विवाद बढ़ गया।
उमर को लगा कि मुजम्मिल फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा खुद रख रहा है, जबकि मुजम्मिल का आरोप था कि उमर जरूरत से ज्यादा खर्च दिखा रहा है।

सूत्र बताते हैं कि पैसों को लेकर यह तनाव कई हफ्तों से चलता आ रहा था।
कुछ मीटिंग्स में दोनों के बीच इतनी बहस हुई कि लोकल मॉड्यूल को लगा— हमले की टाइमिंग को आगे बढ़ाना पड़ेगा।

लेकिन सीनियर मॉड्यूल ने आदेश दिया कि
"चाहे जो हो, 10 नवंबर की तारीख फाइनल है।"

इसके बाद दोनों ने भीतर ही भीतर खींचतान के बावजूद ऑपरेशन को आगे बढ़ाया—और अंत में हमले की रात दोनों कार के पास साथ थे।

 


मौलवी इश्तियाक – फंडिंग का मुख्य कलेक्टर

 

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब NIA टीम ने यूनिवर्सिटी के पास की मस्जिद के मौलवी इश्तियाक को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि:

  • फंडिंग का पहला चरण इश्तियाक के जरिए पहुँचाया गया

  • जमात के नेटवर्क का वह महत्वपूर्ण हिस्सा था

  • उसके बैंक अकाउंट और डिजिटल लेन-देन में संदिग्ध रकम मिली

  • मस्जिद के नाम पर आने वाली विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग हुआ

  • आतंकियों की कई गोपनीय मीटिंग वहीं हुईं

इश्तियाक की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को वह कड़ी दिखा दी, जिसकी वजह से फंडिंग से लेकर साजिश तक सभी हिस्से जुड़े।

 


मुजम्मिल ने सामान खरीदा, लेकिन हिसाब नहीं दिया – विवाद और गहरा

 

जांच में यह भी निकला कि ज्यादातर विस्फोटक सामग्री—

  • RDX

  • जिलेटिन रॉड

  • बैटरी सेल

  • सर्किट सेट

  • टाइमिंग डिवाइस

  • वायरिंग

इन सबका इंतजाम मुजम्मिल ने किया था।
इसके लिए उसे इश्तियाक के जरिए लाखों रुपए दिए गए थे

लेकिन उमर का आरोप था कि मुजम्मिल ने बाजार में नकली बिल दिखाकर कई गुना ज्यादा खर्च बताया।
इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार बढ़ गई और टीम में दो गुट बन गए।

 


फरीदाबाद में 4 थाना क्षेत्रों में बड़ा सर्च ऑपरेशन

 

दिल्ली ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद पुलिस भी अलर्ट मोड में आ गई।
शनिवार को धौज गांव समेत चार थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सर्च अभियान चलाया गया।

पुलिस ने दिनभर—

  • मस्जिदों

  • खेतों के किनारे बने कमरों

  • दुकानों

  • छोटे होटलों

  • किराए के मकानों

  • कबाड़ और गोदामों

में चेकिंग की।
नागरिकों के आधार कार्ड, किराए के एग्रीमेंट और कई मोबाइल फोन भी चेक किए गए।

सूत्रों के अनुसार, कुछ ऐसे लोग सामने आए हैं जिन्होंने पिछले दो महीनों में किराए पर कमरा लिया लेकिन असली पहचान छिपाई थी।

 


10 नवंबर की शाम – 6:52 बजे मौत का धमाका

 

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग में लगे CCTV में 6:52 बजे एक तेज चमक दिखाई देती है।
अगले ही सेकंड कार आग के गोले में बदल जाती है।
धमाके में पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियां जल गईं, मेट्रो स्टेशन में अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही मिनटों में ब्लास्ट साइट पर धुआं फैल गया।

इस ब्लास्ट में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अभी भी अस्पताल में हैं।

 


NIA को मिली कार्बनाइज्ड बॉडीज का DNA – दो सुसाइड बॉम्बर की पुष्टि

 

धमाके में दो शव इतने जल चुके थे कि उनकी पहचान मौके पर नहीं हो सकी।
लेकिन DNA रिपोर्ट ने साफ किया कि वे दोनों—
डॉ. उमर और
डॉ. मुजम्मिल
ही थे।

यानी दोनों का झगड़ा भले कितना भी बढ़ गया हो, लेकिन दोनों ने इस ऑपरेशन को साथ अंजाम दिया।

 


जमात का नेटवर्क – कौन देता था आदेश?

 

जांच में कई कोड वर्ड सामने आए—

  • “दावा” = फंडिंग

  • “मंसूबा” = प्लान

  • “मेहमान” = नया भर्ती किया सदस्य

  • “मजलिस” = ऑपरेशन मीटिंग

पूरी टीम वॉयस कॉल नहीं करती थी, सिर्फ मैसेजिंग ऐप्स और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल होता था।

NIA को पता चला कि इस मॉड्यूल को आदेश देने वाला शख्स देश से बाहर बैठा है, जिसकी पहचान अभी खुफिया तौर पर रखी गई है।

 


हमले का असली मकसद – दिल्ली को दहशत में डालना

 

जांच में शुरुआत में शक था कि यह कोई गैंगवार या व्यक्तिगत दुश्मनी हो सकती है,
लेकिन जब विस्फोटक और फंडिंग की जानकारी सामने आई, तब स्पष्ट हो गया कि यह सुनियोजित आतंकी हमला था।

हमला ऐसे दिन चुना गया, जब—

  • लाल किले के आसपास भीड़ रहती है

  • दिल्ली में त्योहारों का माहौल था

  • सुरक्षा एजेंसियां कई जगहों पर व्यस्त थीं

इसी वजह से यह हमला बड़ा नुकसान करने में सफल हुआ।

 

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दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

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मणिपुर- डिप्टी सीएम की हत्या पर ₹20 लाख का इनाम
चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन; विधायकों पर इनाम का ऐलान; मणिपुर बंद।

मणिपुर फिर अशांत: डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन के खिलाफ चुराचांदपुर में हिंसक प्रदर्शन; विधायकों को मारने पर 'इनाम' का ऐलान चुराचांदपुर | 6 फरवरी 2026 मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में गुरुवार शाम से शुरू हुई हिंसा शुक्रवार को और भयावह हो गई है। राज्य की नई सरकार में नेम्चा किप्गेन को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के बीच गहरी दरार पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सुरक्षाबलों पर पथराव किया, बल्कि विधायकों के खिलाफ 'डेथ वारंट' जैसी विवादित घोषणाएं भी की हैं। यहाँ मणिपुर के मौजूदा तनाव की पूरी रिपोर्ट दी गई है: 1. हिंसक झड़पें और सुरक्षाबलों का पीछे हटना चुराचांदपुर के तुइबोंग मेन मार्केट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है: सुरक्षाबलों पर हमला: सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों को बैरकों में धकेलने की कोशिश की और भारी पत्थरबाजी की। असम राइफल्स की तैनाती: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए असम राइफल्स को लगाया गया, लेकिन भीड़ के हिंसक रुख को देखते हुए उन्हें अस्थाई रूप से पीछे हटना पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए हैं। चक्का जाम: प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया है। 2. विधायकों को जान से मारने की धमकी और 'इनाम' हिंसा के बीच कुछ कट्टरपंथी संगठनों ने चौंकाने वाले ऐलान किए हैं: नेम्चा किप्गेन: डिप्टी सीएम को मारने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की बात कही गई है। विधायक एलएम खाउते और एन सेनाते: इन विधायकों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। विश्वासघात का आरोप: कुकी संगठनों का आरोप है कि इन विधायकों ने मैतेई-बहुल सरकार का साथ देकर अपने समुदाय के साथ 'गद्दारी' की है। 📊 मणिपुर विधानसभा में कुकी विधायकों की स्थिति कुल कुकी विधायक भाजपा के विधायक हमार जनजाति प्रतिनिधि ताजा विवाद की वजह 10 07 एन सेनाते (NDA हिस्सा) नई सरकार में डिप्टी सीएम पद स्वीकार करना 3. कुकी समुदाय में दो फाड़ सरकार गठन को लेकर कुकी समाज अब दो गुटों में बंट गया है: विरोध करने वाला धड़ा: इनका मानना है कि इंफाल में हुई हत्याओं और संपत्तियों के नुकसान के बाद मैतेई नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होना शहीदों का अपमान है। आदिवासी संगठन 'जॉइंट फोरम ऑफ सेवन' ने आज 12 घंटे का बंद बुलाया है। समर्थन करने वाला धड़ा: विधायकों का कहना है कि वे समुदाय की सुरक्षा, विकास और बातचीत के रास्ते खोलने के लिए सरकार का हिस्सा बने हैं। 4. पहली महिला डिप्टी सीएम पर संकट नेम्चा किप्गेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रच चुकी हैं, लेकिन उनके अपने ही गृह जिले चुराचांदपुर में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कुकी वीमेंस ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन ने उनके पुतले फूंककर विरोध प्रदर्शन किया है।

रवि चौहान फ़रवरी 6, 2026 0
नारेबाजी के बाद लोकसभा सोमवार तक स्थगित

लोकसभा सोमवार तक स्थगित; राहुल गांधी बनाम रवनीत बिट्टू; निशिकांत दुबे बनाएंगे नेहरू-गांधी परिवार पर 'रिसर्च सेंटर'।

एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर

राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर किया सरेंडर; चेक बाउंस मामले में 9 करोड़ का बकाया; 25 लाख का चेक भी नहीं आया काम।

स्पीकर बोले-कल पीएम के साथ कुछ भी हो सकता था

पीएम मोदी पर हमले की साजिश की धमकी; स्पीकर ओम बिरला ने तौला संबोधित; कांग्रेस पर गंभीर आरोप।

राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- पीएम को दूंगा
Parliament Ruckus 2026: नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचे राहुल गांधी; रवनीत बिट्टू को कहा 'गद्दार'; क्या है 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' विवाद?

संसद में 'किताब' पर रार: नरवणे की बुक लेकर पहुंचे राहुल गांधी; बिट्टू को कहा 'गद्दार दोस्त', मिला करारा जवाब नई दिल्ली | 4 फरवरी 2026 संसद के बजट सत्र का छठा दिन भी भारी हंगामे और व्यक्तिगत छींटाकशी की भेंट चढ़ गया। पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की 'अनपब्लिश्ड बुक' (अप्रकाशित किताब) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राहुल गांधी बनाम केंद्र सरकार की सीधी लड़ाई में बदल गया है। वहीं, संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यहाँ आज की कार्यवाही और विवादों की बड़ी रिपोर्ट दी गई है: 1. "ये रही किताब": राहुल गांधी की पीएम को चुनौती राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की उस किताब की कॉपी लेकर संसद पहुंचे, जिसके अस्तित्व से सरकार इनकार कर रही है। विवादित पेज: राहुल ने मीडिया को किताब का वह हिस्सा दिखाया जिसमें कथित तौर पर लिखा है कि प्रधानमंत्री ने लद्दाख गतिरोध के दौरान आर्मी चीफ से कहा था— "जो उचित समझो वह करो!" पीएम को ऑफर: राहुल ने कहा, "रक्षा मंत्री कह रहे हैं कि ऐसी कोई किताब नहीं है। मैं आज यह किताब लेकर आया हूँ। अगर प्रधानमंत्री में हिम्मत है और वे सदन में आते हैं, तो मैं खुद उन्हें यह किताब भेंट करूँगा ताकि वे इसे पढ़ें।" सदन में अड़ंगा: राहुल इस किताब के अंश लोकसभा में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन स्पीकर ने इसकी अनुमति नहीं दी है। 2. राहुल vs बिट्टू: "गद्दार दोस्त" और "नंबर वन टेररिस्ट" संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई बहस ने सबका ध्यान खींचा: राहुल का तंज: बिट्टू को देखकर राहुल ने हंसते हुए कहा, "देखो एक गद्दार आ रहा है... हैलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त! चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में ही आओगे।" बिट्टू का पलटवार: केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने राहुल से हाथ नहीं मिलाया और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मेरा देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है।" इतिहास की कड़वाहट: गौरतलब है कि बिट्टू पहले कांग्रेस में ही थे और राहुल के करीबी माने जाते थे। 2024 चुनाव से पहले वे बीजेपी में शामिल हुए। बिट्टू ने पूर्व में राहुल गांधी को "देश का नंबर वन टेररिस्ट" भी कहा था। 📊 रवनीत सिंह बिट्टू: कांग्रेस से बीजेपी तक का सफर विवरण जानकारी कांग्रेस कार्यकाल 2009, 2014 और 2019 में कांग्रेस सांसद रहे। बीजेपी एंट्री 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले। 2024 चुनाव परिणाम लुधियाना से चुनाव हारे (कांग्रेस के राजा वारिंग से)। वर्तमान पद राज्यसभा सांसद और रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री। 3. नरवणे की किताब का क्या है विवाद? पूर्व आर्मी चीफ एम.एम. नरवणे की संस्मरण (Memoirs) 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है। आरोप: विपक्ष का दावा है कि इस किताब में अग्निपथ योजना और लद्दाख में चीन के साथ हुए तनाव को लेकर ऐसी बातें हैं जो सरकार की छवि बिगाड़ सकती हैं। सरकार का पक्ष: रक्षा मंत्रालय और बीजेपी सांसदों का कहना है कि यह किताब अभी आधिकारिक तौर पर आई ही नहीं है, इसलिए इसके किसी भी आर्टिकल या अंश को सदन के रिकॉर्ड पर नहीं लिया जा सकता।

रवि चौहान फ़रवरी 4, 2026 0
मस्क $850 बिलियन संपत्ति वाले दुनिया के पहले इंसान बने

Elon Musk Net Worth 2026: इलॉन मस्क बने दुनिया के पहले $850 बिलियन वाले शख्स; स्पेसएक्स-xAI मर्जर ने बनाया इतिहास।

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Parliament Session 2026: लोकसभा में राहुल गांधी की स्पीच पर भारी हंगामा; 8 विपक्षी सांसद सस्पेंड; जानें क्या है नियम 374।

अमेरिकी ट्रेड डील पर राहुल बोले- मोदी ने देश बेचा

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रवि चौहान फ़रवरी 1, 2026 0