देश

अल-फलाह यूनिवर्सिटी: आतंकी लिंक के बाद छात्रों ने माँगा नाम बदलना और फीस वापसी | मान्यता खतरे में?

रवि चौहान नवम्बर 23, 2025 0
अल-फलाह यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

दिल्ली कार ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में: छात्रों और अभिभावकों का भविष्य दांव पर

 

दिल्ली में हुए कार बम विस्फोट के बाद से हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) लगातार सुर्खियों में है और गहन जांच के दायरे में आ गई है। यूनिवर्सिटी से कथित आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों के लिंक सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रबंधन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसने परिसर में भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।

 

😟 छात्र और अभिभावक मांग रहे हैं नाम बदलने और फीस वापसी

 

यूनिवर्सिटी के विवादों में घिरने के बाद अब यहां पढ़ने वाले छात्र और उनके अभिभावक गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। वे यूनिवर्सिटी से नाम बदलने और फीस वापस करने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि आतंकी लिंक के कारण उनके बच्चों के भविष्य और डिग्री की साख खतरे में पड़ गई है।

 

🎙️ वीसी और एमबीबीएस छात्रों के बीच तीखी बहस: 40 मिनट का ऑडियो वायरल

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर (VC), भूपिंदर कौर आनंद, एमबीबीएस कर रहे छात्रों को समझाने के लिए खुद क्लास में पहुंचीं। हालांकि, यह बातचीत छात्रों और वीसी के बीच तीखी बहस में बदल गई। इस नोकझोंक का लगभग 40 मिनट का एक ऑडियो रिकॉर्डिंग छात्रों द्वारा वायरल किया गया है।

कुछ छात्रों ने दावा किया कि वीसी ने उन्हें धमकाने के अंदाज में वीडियो रिकॉर्ड करने से रोक दिया था। यह घटना यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूदा तनाव और प्रशासन तथा छात्रों के बीच अविश्वास के माहौल को दर्शाती है।

 

🔗 यूनिवर्सिटी बनी आतंकी मॉड्यूल का केंद्र?

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी की चर्चा का मुख्य कारण यहां के कुछ फैकल्टी सदस्यों का कथित रूप से आतंकी गतिविधियों से जुड़ा होना है:

  • डॉ. शाहीन सईद: यूनिवर्सिटी की फार्माकोलॉजिस्ट।

  • डॉ. मुजम्मिल शकील: सर्जन।

  • डॉ. उमर नबी: मेडिसिन डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर, जो दिल्ली में सुसाइड बॉम्बर बने थे।

इन हाई-प्रोफाइल फैकल्टी सदस्यों के आतंकी मॉड्यूल से कथित जुड़ाव के कारण यूनिवर्सिटी अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत अन्य जांच एजेंसियों के रडार पर है। इन एजेंसियों का यूनिवर्सिटी में लगातार आना-जाना लगा हुआ है।

 

😨 भय का माहौल और पलायन

 

यूनिवर्सिटी से आतंकियों के लिंक सामने आने के बाद, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स में गहरा भय व्याप्त हो गया है। कई अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य की चिंता में उन्हें यूनिवर्सिटी से लेकर जा रहे हैं, जिससे परिसर में एक तरह का पलायन देखने को मिल रहा है।

शनिवार को 25 से अधिक पेरेंट्स ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर अपने बच्चों के करियर पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता जताई।

 

🗣️ वीसी का आश्वासन: "सब फेयर होगा"

 

बढ़ते विरोध और चिंताओं के बीच, वीसी भूपिंदर कौर आनंद खुद छात्रों और अभिभावकों को समझा रही हैं।

  • वीसी ने छात्रों को आश्वस्त किया कि "अभी माहौल अलग है" और जब तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक चिंता की कोई बात नहीं है

  • उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां लगी हुई हैं और जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह "फेयर ही होगा"

हालांकि, छात्रों को मीडिया से दूरी बनाए रखने के लिए सख्त हिदायत दी गई है, जिससे यह संदेश जाता है कि प्रबंधन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।

 

❓ छात्रों ने उठाया स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर सवाल

 

छात्रों ने यूनिवर्सिटी के बारे में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए एक बयान को लेकर भी सवाल उठाया। छात्रों ने पूरे बयान को क्लास में प्ले करके सुना और वीसी से यह मांग की कि यूनिवर्सिटी को खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।


 

🎤 वीसी और छात्रों के बीच हुई बहस के तीखे अंश

 

वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में वीसी और छात्रों के बीच हुई बातचीत यूनिवर्सिटी के भीतर के तनावपूर्ण माहौल को स्पष्ट रूप से दर्शाती है:

 

📱 फोन रिकॉर्डिंग पर वीसी का गुस्सा

 

वीसी ने क्लास में प्रवेश करते ही छात्रों के हाथ में फोन देखकर नाराजगी व्यक्त की:

वीसी: "ये फोन बंद करो, कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला इससे। आप डॉक्टर्स हैं, क्या कर रहे हैं? आपको एड्रेस करने आई हूं। मैं कभी इमेजिन नहीं कर सकती कि आप लोग फोन उठा के वीडियो बना रहे हो। इतनी हिम्मत है आप में? आपका दिमाग तो बहुत तेज चल रहा है।"

वीसी का यह आक्रामक रुख छात्रों को वीडियो रिकॉर्डिंग से रोकने की कोशिश के रूप में देखा गया।

 

🏫 कॉलेज की पुरानी साख और मौजूदा जांच

 

वीसी ने कॉलेज की पिछली प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए वर्तमान स्थिति को संबोधित किया:

वीसी: "ये बहुत ही रेअर इस्टेब्लिस्ड कॉलेज है... हमारी यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी भी थी, लेकिन ये चीजें हमारे पकड़ में नहीं आई कि ये सब हो रहा है। अभी कॉलेज को लेकर जांच की जा रही है। मैं नहीं जानती क्या होने वाला है, लेकिन यूनिवर्सिटी में इतनी ज्यादा स्ट्रेंथ है कि कोई और इसकी जिम्मेदारी लेने में असमर्थ होगा। ये घटना इतनी बड़ी है कि मेरी कहानियां नहीं काम आएंगी। इसमें हायर अथॉरिटी से अलग ही फेयर डिसीजन लिया जाएगा।"

 

🛡️ सुरक्षा और हॉस्टल चेकिंग पर सवाल

 

छात्रों ने अपनी सुरक्षा और हॉस्टल में चेकिंग को लेकर तीखे सवाल पूछे:

स्टूडेंट्स: "मैम हमारी सिक्योरिटी का क्या होगा... बॉयज हॉस्टल की चेकिंग हो गई, गर्ल्स की क्यों नहीं हुई?"

वीसी: "क्या गर्ल्स हॉस्टल में चेकिंग नहीं हुई?"

 

📜 NAAC शोकॉज नोटिस पर गोलमोल जवाब

 

छात्रों ने NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) से यूनिवर्सिटी को मिले एक शोकॉज नोटिस के संबंध में भी सवाल किया:

स्टूडेंट्स: "मैम लास्ट थर्सडे को NAAC से एक शोकॉज नोटिस आया था और उसमें 7 पॉइंट्स दिए थे कॉलेज को और एक सप्ताह का समय दिया था। क्या आपने उसका आंसर दिया था?"

वीसी: "हम ऐसे नोटिस को भूल जाते हैं... NAAC जो है, वो कुछ समय पहले एक्सपायर हो गया था... हम ट्राई कर रहे हैं। NAAC का मेडिकल पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा, यूनिवर्सिटी पर असर पड़ेगा।"

वीसी ने नोटिस के जवाब को स्पष्ट रूप से टाल दिया और विस्तृत जानकारी से बचने की कोशिश की। जब छात्रों ने नोटिस का तीसरा पॉइंट पढ़कर सुनाया, तो वीसी ने उनकी बात को अनदेखा कर दिया और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर चर्चा शुरू कर दी।

 

🎓 AIU की सदस्यता और आतंकी गतिविधि का प्रभाव

 

छात्रों ने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन (AIU) की सदस्यता समाप्त होने पर भी सवाल उठाया।

वीसी: "हमारे पास AIU की मेंबरशिप नहीं है। यूनिवर्सिटी से टेररिज्म एक्टीविटी से जुड़े लोग पकड़े गए हैं, जिसका असर हमारी सपोर्ट पर पड़ेगा, लेकिन हम अभी ठीक स्थान पर हैं, सब ठीक चल रहा है और जांच में सब फेयर ही होगा।"

 

🏷️ नाम बदलने की मांग

 

शुरुआत में वीसी ने पूछा कि क्या 'अल-फलाह' नाम से कोई समस्या थी, जिस पर छात्रों ने हाँ में जवाब दिया।

वीसी: "वैसे यहां ये सब नहीं होता तो भी क्या अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम थी?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम हमें कोई प्रॉब्लम नहीं थी।"

लेकिन अब आतंकी लिंक सामने आने के बाद छात्रों की राय बदल गई है:

वीसी: "(एग्रेसिव होते हुए) क्या कभी किसी ने एड्रेस डाला हो और पाकिस्तान का एड्रेस आ गया हो?" स्टूडेंट्स: "नहीं मैम, एड्रेस में फरीदाबाद ही आता है।"

वीसी: "अल फलाह के नाम से कोई प्रॉब्लम नहीं है।" स्टूडेंट्स: "अब फर्क पड़ रहा है। अल फलाह के नाम से प्रॉब्लम है। अल फलाह का नाम बदलना चाहिए।"

यह बातचीत स्पष्ट करती है कि छात्र अब यूनिवर्सिटी के नाम से जुड़े नकारात्मक जुड़ाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और इसे अपने भविष्य के लिए खतरा मान रहे हैं।


 

👨‍👩‍👧‍👦 अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल और तीखे सवाल

 

22 नवंबर को यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों का एक प्रतिनिधिमंडल यूनिवर्सिटी प्रबंधन से मिला। उन्होंने एक मांग पत्र सौंपा और प्रबंधन से कड़े सवाल पूछे।

  • अभिभावकों का सवाल: प्रबंधन ने ऐसे डॉक्टरों की नियुक्ति क्यों की, जिसने उनके छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया?

  • सबसे बड़ी चिंता: अगर यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द कर दी गई, तो उनके बच्चों का क्या होगा? उन्होंने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए मोटी रकम खर्च की है।

अभिभावकों की यह चिंता स्वाभाविक है, क्योंकि एमबीबीएस जैसी डिग्री के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं और अगर डिग्री देने वाली संस्था की साख खत्म हो जाती है, तो उनके बच्चों का करियर चौपट हो सकता है।

 

🛡️ प्रबंधन का दावा: मान्यता पर कोई खतरा नहीं

 

यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करने की कोशिश की है:

  • प्रबंधन का दावा: यूनिवर्सिटी की मान्यता को कोई खतरा नहीं है

  • उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद हरियाणा सरकार के कुछ लोगों ने यूनिवर्सिटी का दौरा किया था और कुछ कागजात लिए थे, लेकिन अभी तक उन्होंने कोई रिपोर्ट नहीं दी है

  • प्रबंधन का तर्क है कि अगर मान्यता को लेकर कोई बुरी खबर होती, तो वह अब तक आ जाती

 

⚖️ अल्पसंख्यक दर्जा खत्म होने को लेकर नोटिस जारी

 

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है।

  • नोटिस का कारण: दिल्ली ब्लास्ट में आतंकवादियों का सीधा संबंध सामने आने के बाद आयोग ने यूनिवर्सिटी से पूछा है कि क्यों न यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द कर दिया जाए।

  • सुनवाई की तारीख: इस मामले पर 4 दिसंबर को सुनवाई होगी, जिसमें यूनिवर्सिटी को अपना पक्ष रखना होगा।

यदि यूनिवर्सिटी का अल्पसंख्यक दर्जा रद्द होता है, तो इसके संचालन, प्रवेश प्रक्रिया और फंडिंग पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे यूनिवर्सिटी की वित्तीय और प्रशासनिक स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

 

🏥 25 से अधिक डॉक्टर छुट्टी पर गए

 

शनिवार को यूनिवर्सिटी से 25 से ज़्यादा डॉक्टर छुट्टी लेकर अपने घर चले गए। उन्होंने कहा कि वे सब सोमवार को वापस आ जाएंगे, लेकिन इस घटना ने भी परिसर में तनाव और अटकलों को बढ़ा दिया है। यह भी बताया गया है कि यूनिवर्सिटी में कश्मीरी डॉक्टरों की संख्या अच्छी खासी है, और इन डॉक्टर्स का एक साथ छुट्टी पर जाना मौजूदा जांच के माहौल में कई सवाल खड़े करता है।


 

🔮 भविष्य की अनिश्चितता

 

अल-फलाह यूनिवर्सिटी अब दोहरी लड़ाई लड़ रही है: एक ओर जांच एजेंसियों के साथ अपनी साख बचाने की, और दूसरी ओर अपने छात्रों और अभिभावकों के बढ़ते अविश्वास और विरोध का सामना करने की।

विश्वविद्यालय के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वह 4 दिसंबर को NCMEI की सुनवाई में अपना पक्ष मजबूती से रखे और जांच में पूरा सहयोग दे, ताकि छात्रों के भविष्य को बचाया जा सके। हालांकि, जिस तरह से नाम बदलने, फीस वापसी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यूनिवर्सिटी को अपनी छवि सुधारने और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए कड़े और पारदर्शी कदम उठाने होंगे।

फिलहाल, हजारों छात्रों का भविष्य, जिन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, इस विवादित यूनिवर्सिटी के भविष्य पर निर्भर करता है, जिस पर देश की सुरक्षा एजेंसियां कड़ी नजर रखे हुए हैं।


क्या आप चाहेंगे कि मैं आपको इस विषय से जुड़ी NIA की जांच या NCMEI के नोटिस के बारे में कोई विशिष्ट जानकारी ढूंढ कर दूं?

Tags

#AlFalahUniversity #अलफलाहयूनिवर्सिटी #DelhiBlast #TerrorLink #फरीदाबाद #HaryanaNews #StudentsFuture #VCStudentClash #NCMEI #ब्रेकिंगन्यूज़
Popular post
“रात में पत्नी बन जाती है नागिन,” युवक ने लगाई प्रशासन से गुहार

लखनऊ। “रात में मेरी पत्नी का रूप बदल जाता है, वह नागिन बन जाती है,” — यह कहना है सीतापुर जिले के महमूदाबाद तहसील के लोधासा गांव निवासी मेराज का। उनका कहना है, “जैसे ही अंधेरा होता है, वह पहले अपने शरीर को अजीब तरीके से हिलाने लगती है, फिर अचानक नागिन का रूप ले लेती है और मेरे ऊपर आकर डसने लगती है। मैं डर से कांप उठता हूं, मदद के लिए चिल्लाता हूं, लेकिन वह रुकती नहीं।”   20 साल पहले पिता ने मार दिया था नाग   मेराज का आरोप है कि उसकी पत्नी नसीमन के पिता ने करीब 20 साल पहले एक नाग को मार डाला था। उसी घटना के बाद नागिन ने बदला लेने के लिए जन्म लिया और अब वह अपने साथी नाग की मौत का हिसाब चाहती है। मेराज का कहना है कि शादी के शुरुआती दिनों में उसे पत्नी के बारे में ऐसी कोई बात मालूम नहीं थी, लेकिन वक्त के साथ उसे शक होने लगा। रिश्तेदारों के कहने पर वह उसे लेकर बांसा भी गया।   वहां जैसे ही दरखास्त लिखने के दौरान उसने मेराज की उंगली पकड़ी, वह अजीब हरकतें करने लगी। गोल-गोल घूमते हुए उसने कहा कि उसके पिता ने नाग को मारा था और जब उसकी मां गर्भवती थी, उसी दौरान नागिन उसके गर्भ में आ गई। उसने 20 साल इंतजार किया और अब अपने सुहाग का बदला लेगी। मेराज ने बताया कि उसने पहले घरवालों को इसकी जानकारी दी, फिर झाड़-फूंक भी करवाई, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। आखिरकार उसने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।   क्या कहते हैं डॉक्टर   मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार तनाव और मानसिक दबाव में इंसान अपनी पहचान को लेकर भ्रम में आ जाता है। King George's Medical University के मानसिक रोग विभाग के डॉक्टर आदर्श त्रिपाठी बताते हैं, “जब किसी पर बहुत ज्यादा तनाव हावी होता है तो वह खुद को किसी और रूप में महसूस करने लगता है और उसी के अनुसार व्यवहार करने लगता है।” उनका कहना है कि मेराज और नसीमन की मानसिक जांच और काउंसलिंग जरूरी है। वहीं, KGMU के मनोचिकित्सा विभाग के एडिशनल प्रोफेसर और Stanford University की ग्लोबल टॉप 2% सूची में शामिल डॉक्टर सुजीत कर का कहना है, “यह किसी गंभीर मानसिक विकार का संकेत हो सकता है। कई मामलों में ये परेशानी दिन में दबे रूप में रहती है और रात में इसका असर ज्यादा दिखता है। यदि समय पर इलाज न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

75 साल के बुजुर्ग ने की 35 साल की महिला से शादी‚ सुहागरात की अगली सुबह हुई मौत

जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की महिला मनभावती से शादी की। शादी के अगले ही दिन उनकी अचानक मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पत्नी की एक साल पहले हो चुकी थी मौत   गांव के लोगों के मुताबिक, संगरू राम की पत्नी की करीब एक साल पहले मृत्यु हो गई थी। उनके कोई संतान नहीं थी और वे अकेले ही खेती-बाड़ी करते थे। संगरू राम के भाई और भतीजे दिल्ली में कारोबार करते हैं।   कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी   संगरू राम ने जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय मनभावती से कोर्ट मैरिज की और बाद में मंदिर में शादी रचाई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उसके पहले पति से तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। मनभावती ने बताया कि, “शादी के बाद हम देर रात तक बातें करते रहे। सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।”   भतीजों ने जताई शंका, रोका अंतिम संस्कार   घटना के बाद संगरू राम के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवा दिया है। उनका कहना है कि जब तक वे दिल्ली से नहीं पहुंचते, अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने मामले को संदिग्ध मानते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या निकलता है।

मेरठ में एनकाउंटर: गैंगरेप का 25 हजार का इनामी आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर

  Meerut: मेरठ पुलिस ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगरेप के आरोपी और 25 हजार के इनामी अपराधी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ Sarurpur थाना क्षेत्र के जंगलों के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान शहजाद उर्फ निक्की (34) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ और चोरी जैसे 7 संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।   🧾 इस तरह हुई मुठभेड़   पुलिस को सोमवार सुबह सूचना मिली कि शहजाद जंगलों की तरफ देखा गया है। सूचना पर Meerut Police की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेर लिया। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी के सीने में लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।   👮 पुलिस का बयान   Vipin Tada (एसएसपी मेरठ) ने बताया, “शहजाद उर्फ निक्की मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर शकिस्त गांव का रहने वाला था। उस पर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 7 साल की एक बच्ची से रेप के मामले में वह मुख्य आरोपी था। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।”   ⚖️ कई मामलों में था वांछित   पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पर गैंगरेप के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इसके अलावा उस पर छेड़छाड़, चोरी और मारपीट जैसे अपराधों में भी मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। 🚔 मुठभेड़ स्थल से बरामदगी   पुलिस को मौके से एक तमंचा, कारतूस और कुछ निजी सामान बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।   🛡️ पुलिस की सख्ती जारी   एसएसपी ने कहा कि जिले में सक्रिय अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार अपराधियों को या तो गिरफ्तार किया जाएगा या उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ: कार सवार युवक से बीच सड़क पर नाक रगड़वाने वाला BJP नेता गिरफ्तार

मेरठ। सत्ता की हनक में गाली गलौच करते हुए कार सवार युवक से बीच सड़क नाक रगड़वाने वाले छुटभैया नेता (भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) विकुल चपराणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज किया गया है। विकुल  उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर का करीबी है। माना जा रहा है कि घटना का वीडियो वायरल हाेने के बाद मजबूरी में मेरठ पुलिस को एक्शन लेना पड़ा। बता दें कि विकुल चपराणा की दबंगई का वीडियो सामने आया है‚ जिसमें वह कार सवार दो युवको के साथ बेहद क्रूर बरताव करता हुआ नजर आ रहा है। उर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर के दफ्तर के नीचे कार पार्किंग विवाद में विकुल ने अपने साथियों के साथ दो युवकों को घेर लिया था। धमकाया और उनकी कार के शीशे तोड़ डाले। वीडियो में एक युवक हाथ जोड़कर माफी मांगता और सड़क पर सिर झुकाकर नाक रगड़ता दिख रहा है।  पास खड़ा युवक चिल्लाता है...हाथ जोड़कर बोल, सोमेंद्र तोमर तेरा बाप है...गलती हो गई। इस दौरान पुलिसवाले भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने आरोपियों को रोका नहीं। घटना 19 अक्टूबर की रात 10 बजे मेडिकल थाना क्षेत्र के तेजगढ़ी इलाके में हुई, लेकिन वीडियो आज सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पीड़ित युवकों के नाम सिद्धार्थ पॉल निवासी प्रभात नगर और सत्यम रस्तोगी निवासी शास्त्री नगर डी ब्लॉक है। कार के आगे-पीछे के शीशे भी तोड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, 'राज्यमंत्री के ऑफिस के नीचे बलेनो कार खड़ी थी। उसमें दो युवक आगे बैठे थे। एक युवक ड्राइविंग सीट पर था, जबकि दूसरा बगल की सीट पर बैठा था। बाहर काफी भीड़ लगी थी। लोग कार को घेरे हुए खड़े थे। पुलिस भी चुपचाप खड़ी थी। कार के अंदर बैठे युवकों पर बाहर के युवक गाली देकर डांट रहे थे। अंदर से युवक माफी मांग रहे थे। तभी किसी ने कार के पीछे के शीशे पर लाठी मारी और कांच तोड़ दिया। इसके बाद एक युवक ने कार के फ्रंट शीशे को मुक्का मारकर तोड़ दिया। तभी भीड़ से दो पुलिसवाले आए और कार के अंदर पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। बाहर खड़े विकुल चपराणा और अन्य लोग इन दोनों युवकों को धमकाते रहे। बाद में विंडो सीट पर बैठा युवक बाहर आया, उससे माफी मंगवाई गई। 19 सेकेंड में क्या दिख रहा, जानिए वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी है। गाड़ी के साथ एक आदमी मौजूद है, जो हाथ जोड़कर माफी मांगता है। सड़क पर सिर झुकाता और नाक रगड़ता है। आसपास सिक्योरिटी गार्ड भी खड़े हैं। पास खड़ा एक युवक बहुत गुस्से में है, जो बार-बार राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर युवक को गालियां देता और चिल्लाता दिख रहा है। युवक कहता है...हाथ जोड़कर कह, सोमेंद्र तोमर गलती हो गई... तेरा बाप है सोमेंद्र तोमर... तेरी... सोमेंद्र तोमर भइया है मेरा, चल निकल उधर जा...   पूरे मामले में SP ने कहा है कि- जांच के बाद सख्त एक्शन लेंगे इस घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और आरोपियों को रोका तक नहीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।........... इ

दीवाली पर जुगाड़ करके बनाई कार्बाइड गन ने छीनी 14 बच्चों की आँखों की रोशनी

भोपाल। भोपाल में चलन में आई ‘जुगाड़ बंदूक’ ने दीवाली के जश्न को मातम में बदल दिया। महज 150 रुपए में मिलने वाली यह खतरनाक गन अब तक 14 बच्चों की आँखों की रोशनी छीन चुकी है और शहरभर में 200 से ज्यादा लोग इसके शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी आँखों में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों के मुताबिक इस गन से निकलने वाली चिंगारी और धुएं में मौजूद केमिकल्स आँखों की नाजुक झिल्ली को जला देते हैं, जिससे स्थायी रूप से दृष्टि चली जाती है।   कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से यह गन आवाज और रोशनी पैदा करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर बच्चों ने इसे खरीदा और खेल-खेल में खुद को नुकसान पहुंचा बैठे। एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में अब तक 14 से ज्यादा बच्चों की आँखों की रोशनी चली गई है। वहीं 80 से अधिक बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार इस गन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।   कैल्शियम कार्बाइड गन – कैसे करती है काम   यह गन प्लास्टिक, एल्यूमिनियम पाइप और आतिशबाजी के उपकरणों से बनाई जाती है। इसके अंदर कार्बाइड डाला जाता है और पानी की कुछ बूंदें मिलाने पर गैस बनती है, जो विस्फोटक आवाज और तेज़ चमक पैदा करती है। यह गैस बेहद खतरनाक होती है और आँखों, त्वचा व श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस गन के प्रयोग से न केवल आँखों की रोशनी जा सकती है बल्कि गंभीर जलन और दाग भी हो सकते हैं।   42 कार्बाइड गन के साथ युवक गिरफ्तार   शाहजहानाबाद पुलिस ने सड़क किनारे गन बेचते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 42 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर यह गन बनाने का तरीका देखा और दीवाली पर बेचने के लिए बड़ी संख्या में तैयार कर लीं। पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस गन की बिक्री पर सख्त निगरानी के आदेश जारी किए हैं।

देश

View more
मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे
पीएम मोदी का राज्यसभा में संबोधन: "आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा"; होर्मुज स्ट्रेट में फंसे भारतीयों पर जताई चिंता।

संसद में पीएम मोदी का 'रणघोष': पश्चिम एशिया युद्ध को बताया देश की 'सबसे बड़ी परीक्षा'; टीम इंडिया की तरह एकजुट होने की अपील नई दिल्ली | 24 मार्च 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में 21 मिनट का ओजस्वी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने मध्य पूर्व (Middle East) में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। पीएम ने देश को आगाह किया कि यह जंग केवल दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि इसके वैश्विक दुष्परिणाम भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर 'सबसे बड़ी परीक्षा' की तरह आने वाले हैं। यहाँ प्रधानमंत्री के संबोधन, सरकार की रणनीति और राज्यों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. "सबसे बड़ी परीक्षा" और टीम इंडिया का आह्वान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाला समय भारत के लिए चुनौतीपूर्ण है और इससे निपटने का एकमात्र तरीका 'एकजुटता' है: कोविड मॉडल का जिक्र: पीएम ने याद दिलाया कि कैसे कोरोना संकट के समय केंद्र और राज्यों ने 'टीम इंडिया' की भावना से काम किया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट भी वैसा ही गंभीर है, जिसके लिए राज्यों का सहयोग अनिवार्य है। विकास की रफ़्तार: उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध के बावजूद भारत की 'फास्टेस्ट ग्रोथ' को बनाए रखना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। 2. होर्मुज स्ट्रेट का संकट: भारतीय क्रू और सप्लाई चेन प्रधानमंत्री ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीयों और जहाजों पर बयान दिया: भारतीयों की सुरक्षा: होर्मुज जलमार्ग में कई व्यापारिक जहाज फंसे हुए हैं जिनमें भारतीय क्रू (चालक दल) सदस्य मौजूद हैं। सरकार उनके संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। सप्लाई चैन पर चोट: युद्ध के कारण भारत की ओर आने वाले गैस, तेल और विशेषकर फर्टिलाइजर (खाद) के जहाज प्रभावित हुए हैं, जिसका सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। 3. पीएम मोदी के भाषण की 8 बड़ी बातें बिंदु विवरण ऊर्जा संकट पश्चिम एशिया की जंग से भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की सप्लाई चेन पर सीधा दबाव है। होर्मुज में फँसे भारतीय फंसे हुए भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा सरकार के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय है। शांति और संवाद भारत का स्टैंड साफ है—समाधान युद्ध से नहीं, बातचीत से निकले। कमर्शियल जहाजों पर हमला नामंजूर है। वैश्विक संपर्क भारत लगातार गल्फ देशों, अमेरिका, इजराइल और अन्य पश्चिमी देशों के संपर्क में है। एनर्जी डायवर्सिफिकेशन भारत ने अब 41 देशों से तेल और गैस का आयात शुरू कर दिया है (पहले केवल 27 देश थे)। सक्रिय सरकार सप्लाई चेन को सुचारू बनाए रखने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय 24x7 काम कर रहे हैं। भारतीयों की घर वापसी जंग शुरू होने से अब तक 3.75 लाख से ज्यादा भारतीयों और छात्रों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित लाया गया है। दीर्घकालिक असर पीएम ने आगाह किया कि अगर संकट लंबा चला, तो इसके आर्थिक परिणाम अत्यंत गंभीर हो सकते हैं। 4. राज्यों को सख्त निर्देश: कालाबाजारी और जमाखोरी पर एक्शन प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से प्रो-एक्टिव होने का आग्रह किया है: गरीब कल्याण: पीएम ने कहा कि युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों का सबसे बुरा असर गरीबों और श्रमिकों पर पड़ता है। 'पीएम गरीब अन्न कल्याण योजना' का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचे, यह सुनिश्चित करना राज्यों का काम है। बाजार पर नजर: राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि संकट का फायदा उठाकर कोई कालाबाजारी या जमाखोरी न करे। आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। 5. भविष्य की रणनीति: "धीरज और संयम" पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि इस युद्ध के हालात हर पल बदल रहे हैं: "यह संकट अलग प्रकार का है, इसलिए इसके समाधान भी अलग प्रकार के होंगे। हमें धीरज, संयम और शांत मन से इस चुनौती का मुकाबला करना होगा। हर देशवासी को हर चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए।"

रवि चौहान मार्च 24, 2026 0
राहुल वडोदरा में बोले-मोदी 100% ट्रम्प के कंट्रोल में हैं:

राहुल गांधी का वडोदरा में वार: "मोदी ट्रम्प के दबाव में, अडाणी केस के जरिए अमेरिका दे रहा है धमकी"; आदिवासी अधिकारों पर बीजेपी को घेरा।

अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट

ट्रम्प प्रशासन का बड़ा दांव: ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट; 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आने से क्रूड की कीमतों में आएगी गिरावट!

दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें

दिल्ली पालम आग हादसा: साध नगर में 4 मंजिला बिल्डिंग जली, 9 की मौत (3 बच्चे शामिल); PM ने किया मुआवजे का ऐलान।

कंगना बोलीं- राहुल टपोरी की तरह संसद आते हैं
कंगना रनौत vs राहुल गांधी: "टपोरी जैसा व्यवहार, महिलाएं होती हैं अनकम्फर्टेबल"— भाजपा सांसद के बयान पर मचा बवाल।

संसद में तकरार: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर तीखा हमला— "राहुल को देखकर महिलाएं अनकम्फर्टेबल होती हैं"; विपक्ष का पलटवार नई दिल्ली | 18 मार्च 2026 संसद के बजट सत्र के बीच राजनीतिक सरगर्मी अब व्यक्तिगत आरोपों के नए स्तर पर पहुँच गई है। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिससे संसद से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा खड़ा हो गया है। कंगना ने राहुल गांधी की तुलना 'टपोरी' से करते हुए कहा कि उनके आचरण से महिलाओं को असहजता महसूस होती है। यह विवाद 12 मार्च को संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन और वहां चाय-नाश्ता करने की घटना से जुड़ा है। यहाँ इस पूरे राजनीतिक घमासान की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. कंगना रनौत का बयान: "राहुल का व्यवहार टपोरी जैसा" बुधवार को संसद परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा: असहजता का आरोप: "राहुल गांधी को देखकर हम महिलाओं को काफी अनकम्फर्टेबल (असहज) महसूस होता है। वे संसद में जिस तरह से आते हैं, वह किसी नेता जैसा नहीं लगता।" भाषा और आचरण: "वह टपोरी की तरह व्यवहार करते हैं, तू-तड़ाक करते हैं। इंटरव्यू दे रहे लोगों के बीच में आकर उन्हें परेशान करते हैं और 'आजा... आजा' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्हें अपनी बहन (प्रियंका गांधी) से सीखना चाहिए, जिनका व्यवहार बहुत शालीन है।" 2. विवाद की जड़: 12 मार्च का 'चाय-बिस्कुट' प्रदर्शन यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 12 मार्च को राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ LPG संकट को लेकर संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संसदीय मर्यादा: प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने वहां बैठकर चाय और बिस्कुट खाया था। ओपन लेटर: इस घटना की आलोचना करते हुए 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व सैनिक और 4 वकीलों ने एक खुला पत्र लिखकर राहुल गांधी से माफी की मांग की है। उनका तर्क है कि संसद की सीढ़ियों पर पिकनिक जैसा माहौल बनाना लोकतांत्रिक संस्था की गरिमा के खिलाफ है। 3. पूर्व PM देवगौड़ा की सोनिया गांधी को चिट्ठी जनता दल (एस) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। 16 मार्च को उन्होंने सोनिया गांधी को दो पन्नों का पत्र लिखा: नसीहत: 92 वर्षीय देवगौड़ा ने लिखा, "विपक्ष की वरिष्ठ नेता होने के नाते आपको अपने सांसदों, विशेषकर राहुल गांधी को संसदीय मर्यादा बनाए रखने के लिए समझाना चाहिए।" गरिमा का हनन: उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान नारेबाजी, पोस्टर दिखाना और संसद परिसर में बैठकर नाश्ता करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कम करता है। 4. विपक्ष का पलटवार: "कंगना को संसद स्टूडियो लगता है" कंगना के बयान के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उन पर कड़ा प्रहार किया है: नेता दल मुख्य बात ज्योतिमणि कांग्रेस (सांसद) "कंगना की बातें उनके चरित्र को दर्शाती हैं। अच्छे कपड़े पहनने से कोई अच्छा इंसान नहीं बनता।" अमरिंदर सिंह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष "कंगना को लगता है संसद कोई फिल्म स्टूडियो है। राहुल गांधी वहां एक्टिंग करने नहीं जाते।" प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना (UBT) "मैंने 10 साल राहुल के साथ काम किया है, वे महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं। यह आरोप अजीब है।" 📊 विवाद का टाइमलाइन: मार्च 2026 12 मार्च: राहुल गांधी का संसद की सीढ़ियों पर चाय-नाश्ता करते हुए LPG कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन। 14-15 मार्च: पूर्व अधिकारियों और सैनिकों द्वारा माफी की मांग वाला ओपन लेटर जारी। 16 मार्च: पूर्व PM एचडी देवगौड़ा ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर राहुल के आचरण पर चिंता जताई। 18 मार्च: कंगना रनौत का 'टपोरी' और 'असहजता' वाला बयान, जिस पर सियासी बवाल शुरू हुआ। 5. राहुल गांधी का बचाव और तर्क कांग्रेस समर्थकों और सांसदों का कहना है कि राहुल गांधी एक 'जन-नेता' (People's Leader) हैं और उनका व्यवहार अनौपचारिक (Informal) है, जिसे भाजपा 'अभद्रता' के रूप में पेश कर रही है। प्रियंका चतुर्वेदी ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले स्वयं प्रधानमंत्री ने विपक्षी महिला सांसदों के बारे में 'असहज' होने की बात कही थी, तो अब भाजपा सांसद उसी भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।

रवि चौहान मार्च 18, 2026 0
बेगूसराय में CM नीतीश की सुरक्षा में चूक

नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा: बेगूसराय में बैल ने पुलिस को दौड़ाया; मंच से महिलाओं पर बिफरे CM, 'निशांत कुमार' के नारों से मची हलचल।

5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू

LPG Crisis Update: 5 दिन बाद कमर्शियल सिलेंडर से हटी रोक; दिल्ली के होटलों में होगा कचरे से बनी गैस (RDF) का इस्तेमाल, यूपी-कर्नाटक में भारी छापेमारी।

फारूक अब्दुल्ला बोले- ऊपर वाले ने बचाया

जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला; सिर पर तानी रिवॉल्वर, बाल-बाल बचे। हमलावर कमल सिंह 5 दिन की रिमांड पर।

सरकार बोली- जरूरत की 60% LPG आयात करते हैं
LPG Crisis India: सरकार की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस; होर्मुज स्ट्रैट से 90% सप्लाई बाधित, पैनिक बुकिंग न करने की अपील।

ऊर्जा संकट पर सरकार का 'महा-मंथन': 60% LPG आयात पर युद्ध की मार; होर्मुज स्ट्रैट बंद होने से सप्लाई चेन ध्वस्त, कालाबाजारी पर सख्त एक्शन की तैयारी नई दिल्ली | 12 मार्च 2026 मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी भीषण जंग ने भारत की रसोई तक अपनी तपिश पहुँचा दी है। देश में गहराते LPG और कच्चे तेल के संकट को लेकर गुरुवार को भारत सरकार के चार प्रमुख मंत्रालयों— विदेश, शिपिंग, पेट्रोलियम और सूचना प्रसारण ने एक ऐतिहासिक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत की 90% गैस सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आती है, जो युद्ध के कारण फिलहाल 'डेड ज़ोन' बन चुका है। यहाँ इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातों और मंत्रालयों द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है: 1. पेट्रोलियम मंत्रालय: डिमांड-सप्लाई मैनेजमेंट और पैनिक बुकिंग पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने देश को भरोसा दिलाने की कोशिश की: घरेलू उत्पादन में वृद्धि: सरकार ने सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG उत्पादन को अपनी अधिकतम क्षमता तक ले जाएं। इसके परिणामस्वरूप घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। केरोसिन का अतिरिक्त कोटा: ग्रामीण और जरूरतमंद इलाकों के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन जारी किया गया है। पैनिक बुकिंग पर रोक: देश में रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर होते हैं, लेकिन युद्ध के डर से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पैनिक बुकिंग ही किल्लत की असली वजह बन रही है। कमर्शियल सिलेंडर: दिल्ली जैसे महानगरों में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी ताकि छोटे व्यापारियों को राहत मिले। 2. शिपिंग मंत्रालय: समुद्र में फंसे भारतीय और दुखद खबरें शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने पर्शियन गल्फ में फंसे नाविकों का डेटा साझा किया: नाविकों की सुरक्षा: वर्तमान में 28 भारतीय जहाज गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। सरकार सैटेलाइट के जरिए हर मिनट उनकी लोकेशन ट्रैक कर रही है। दुखद हादसे: युद्ध क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुए हमलों में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक अब भी लापता है। 'स्कायलाइट' और 'एमकेडी व्योम' नाम के जहाजों को निशाना बनाया गया था। 3. विदेश मंत्रालय: सुरक्षित निकासी का 'आर्मेनिया-अजरबैजान' रूट MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान में फंसे 9,000 भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की: वैकल्पिक एग्जिट: क्योंकि ईरान का हवाई क्षेत्र असुरक्षित है, इसलिए भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान की जमीनी सीमा पार करने में दूतावास मदद कर रहा है। वहां से वे कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए भारत आ सकते हैं। दूतावास की मदद: तेहरान में भारतीय दूतावास 24/7 वीजा और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है। 📊 सप्लाई संकट के 2 सबसे बड़े कारण कारण प्रभाव वर्तमान स्थिति होर्मुज स्ट्रैट (167 किमी) 54% LNG इसी रास्ते से आती है। युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही पूरी तरह बंद। कतर का प्लांट शटडाउन भारत 40% LNG कतर से लेता है। ईरानी ड्रोन हमलों के डर से कतर ने प्रोडक्शन रोका। 4. कालाबाजारी: ₹900 का सिलेंडर ₹1800 में युद्ध की आड़ में घरेलू स्तर पर जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है। दोगुनी कीमतें: कुछ राज्यों में ₹900 का सिलेंडर ₹1800 तक बिकने की खबरें हैं। सरकार का एक्शन: केंद्र ने राज्यों को Essential Commodities Act (अनिवार्य वस्तु अधिनियम) के तहत कार्रवाई करने और जिला कलेक्टरों को गैस एजेंसियों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। 5. कब तक सुधरेंगे हालात? (भविष्य की रणनीति) इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक के.एम. ठाकुर के अनुसार, सरकार 'प्लान-बी' पर काम कर रही है: वैकल्पिक कार्गो: अमेरिका, अल्जीरिया और रूस से अतिरिक्त तेल और गैस मंगाने के लिए टेंडर जारी किए जा रहे हैं। G7 देशों की मदद: विकसित देश अपने 'इमरजेंसी ऑयल रिजर्व' से तेल छोड़ने पर विचार कर रहे हैं ताकि वैश्विक कीमतें स्थिर हो सकें। स्ट्रीमलाइनिंग डिलीवरी: राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे लाभार्थियों की सूची तैयार करें ताकि सिलेंडर की 'राशनिंग' की जा सके और जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0
राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था

LPG Crisis Lok Sabha: राहुल गांधी का सरकार पर हमला; बोले— "एपस्टीन-अदाणी केस से घबराए हैं पीएम मोदी", सदन में भारी हंगामा।

स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; गौरव गोगोई ने लगाए पक्षपात के आरोप, किरेन रिजिजू ने किया पलटवार।

दिल्ली शराब नीति केस-हाइकोर्ट का सभी 23 आरोपियों को नोटिस

Delhi Excise Policy Case: केजरीवाल और सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस; CBI की अपील पर ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक।

0 Comments

Top week

गिल को क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड देगा BCCI
खेल

BCCI Awards 2026: शुभमन गिल बनेंगे क्रिकेटर ऑफ द ईयर; राहुल द्रविड़ और मिताली राज को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड।

रवि चौहान मार्च 12, 2026 0